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gym heart attack reason: कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया जिम में हार्ट अटैक का कारण, दी मेंबरशिप से पहले 2 टेस्ट कराने की सलाह

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Last Updated:April 11, 2026, 17:08 IST Heart Attacks in Gym: जिम में वर्कआउट अब फिटनेस से ज्यादा शॉ आफ बन गया है. रील को वायरल करने के लिए लोग अपनी बॉडी की कपेसिटी से ज्यादा वेट लिफ्टिंग कर रहे हैं. कार्डियोलॉजिस्ट ने इसे ईगो लिफ्टिंग बताते हुए जिम में हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण बताया है. ऐसे में यहां बताए गए लक्षणों और बचाव के उपायों को ध्यान में रखना जरूरी है. ख़बरें फटाफट Gym Heart Attack Reason: आजकल जिम जाना सिर्फ सेहत की जरूरत नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल स्टेटमेंट बन गया है. लेकिन पिछले कुछ समय में जिम के फर्श पर गिरते और दम तोड़ते युवाओं की खबरों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या हम फिट होने के चक्कर में खुद को खत्म कर रहे हैं? न्यूज 18 की इस खास रिपोर्ट में विशेषज्ञों से समझिए कि आखिर गलती कहां हो रही है. हार्ट डिजीज स्पेशलिस्ट डॉ. रिपेन गुप्ता, वाइस चेयरमैन एवं यूनिट हेड – कार्डियोलॉजी, मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत का मानना है कि युवाओं में बढ़ता ‘ईगो लिफ्टिंग’ (दूसरों को देखकर क्षमता से अधिक वजन उठाना) का चलन सबसे खतरनाक है. सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में युवा अपनी सीमाओं को पार कर रहे हैं. ज्यादा वेट उठाने का शरीर पर असरएक्सपर्ट बताते हैं कि जब आप अचानक भारी वजन उठाते हैं, तो ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है, जिससे दिल की धमनियों में दरार आ सकती है और अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट हो सकता है. क्यों फेल हो रहा है युवाओं का दिल?– बिना जांच के भारी वर्कआउट. ज्यादातर युवा जिम जॉइन करने से पहले बेसिक हार्ट चेकअप नहीं कराते. कई लोगों को जन्मजात दिल की बीमारियां होती हैं जो सामान्य जीवन में पता नहीं चलतीं, लेकिन भारी एक्सरसाइज के दौरान ‘ट्रिगर’ हो जाती हैं. – शॉर्टकट का लालच. रातों-रात मसल्स बनाने के लिए सप्लीमेंट्स, फैट बर्नर और स्टेरॉयड का बढ़ता इस्तेमाल दिल की धड़कन को बिगाड़ता है. -नींद और रिकवरी की कमी. दिन भर की नौकरी का तनाव, रात को देर तक जागना और फिर सुबह उठकर बिना रिकवरी के इंटेंस वर्कआउट करना. ऐसे में थकान के कारण दिल पर प्रेशर पड़ता है, जिससे वो बर्दास्त नहीं कर पाता है. कोविड का साइड इफेक्टडॉक्टर्स चेतावनी दे रहे हैं कि कोविड के बाद कई लोगों की नसों में खून के थक्के जमने या दिल की मांसपेशियों में सूजन की समस्या देखी गई है. ऐसे में बिना ‘ग्रैजुअल प्रोग्रेस’ के भारी जिमिंग जानलेवा साबित हो रही है. क्या हैं खतरे के संकेत? वर्कआउट के दौरान अगर शरीर ये इशारे दे, तो उसे ‘चुनौती’ न समझें, बल्कि तुरंत रुक जाएं-– सीने के बीचों-बीच दबाव या जलन महसूस होना.– बहुत ज्यादा पसीना आना और अचानक घबराहट होना.– गर्दन, जबड़े या बाएं कंधे में खिंचाव महसूस होना.– आंखों के सामने अंधेरा छाना या चक्कर आना. कैसे रहें सुरक्षित?अगर आप जिम की शुरुआत कर रहे हैं, तो पहले कुछ हफ्ते केवल लाइट कार्डियो और बॉडी-वेट एक्सरसाइज करें. 30 की उम्र पार कर चुके हैं, तो जिम जाने से पहले एक TMT और ECG जरूर कराएं. जिम ट्रेनर के कहने पर कोई भी अनकही गोलियां या पाउडर न लें. किसी क्वालीफाइड न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह ही मानें. अगर किसी दिन नींद पूरी नहीं हुई या आप बीमार महसूस कर रहे हैं, तो उस दिन जिम स्किप करना ही समझदारी है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 11, 2026, 17:08 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Exam Language Rules & Full Marks for Wrong Questions

Exam Language Rules & Full Marks for Wrong Questions

Hindi News Career SSC Objection System 2026: Exam Language Rules & Full Marks For Wrong Questions 54 मिनट पहले कॉपी लिंक SSC एग्जाम में इसी साल से अगर कोई सवाल गलत या क्लियर नहीं होगा, तो सभी कैंडिडेट्स को उसके पूरे मार्क्स दिए जाएंगे। साथ ही, फॉर्म भरते वक्त कैंडिडेट्स जो लैंग्वेज चुनेंगे, वे सिर्फ उसी लैंग्वेज में एग्जाम दे सकेंगे। स्टाफ सिलेक्शन कमीशन यानी SSC ने शुक्रवार, 10 अप्रैल को एक नोटिस के जरिए इसकी जानकारी दी। आयोग ने आंसर-की चैलेंज करने को लेकर चैलेंज/ऑब्जेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम 2026 तैयार किया है। इसके तहत आयोग ने नई गाइडलाइंस जारी की है। ये ऑब्जेक्शन सिस्टम आयोग के हर कंप्यूटर बेस्ड एग्जामिनेशन पर लागू होगा। इससे इवैल्युएशन प्रोसेस ज्यादा ट्रांसपरेंट, फेयर और कैंडिडेट फ्रेंडली होगी। नई गाइडलाइन्स के तहत 6 जरूरी बातें : नए नियमों के तहत अगर कोई सवाल गलत या अस्पष्ट है तो सभी कैंडिडेट्स को उस सवाल के पूरे नंबर मिलेंगे। अगर किसी सवाल के ऑप्शंस में से एक से ज्यादा सही जवाब हैं तो सही जवाब चुनने के नंबर मिलेंगे। गलत जवाब देने पर निगेटिव मार्किंग होगी और जवाब नहीं देने पर कोई नंबर नहीं मिलेगा। अगर सवाल सिलेबस से बाहर का है तो सवाल को हटाकर उसके पूरे नंबर दिए जाएंगे। अगर किसी लैंग्वेज में ट्रांसलेशन एरर की वजह से सवाल गलत होता है तो सिर्फ उसी लैंग्वेज के कैंडिडेट्स को उसके नंबर मिलेंगे। SSC ने नई गाइडलाइन में आंसर-की चैलेंज की फीस का जिक्र नहीं किया है। हालांकि, पिछले साल आंसर-की चैलेंज फीस को 100 रुपए से घटाकर 50 रुपए किया गया था। अगर आपका जवाब सही निकलता है तो आपकी आंसर-की चैलेंज फीस नियमों के अनुसार वापस कर दी जाएगी। इसके साथ ही आयोग ने ये साफ किया है कि सिर्फ वैलिड ऑब्जेक्शंस ही कंसिडर किए जाएंगे। साथ ही कैंडिडेट्स से आग्रह किया है कि वे गैर-जरूरी ऑब्जेक्शन दर्ज न कराएं। हर एग्जाम के बाद आयोग एक प्रोविजनल आंसर-की जारी करता है। इसमें गलत सवालों पर दर्ज किए गए ऑब्जेक्शन पर आयोग के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स (SMEs) रिव्यू करते हैं। फिर फाइनल आसंर-की तैयार कर रिलीज की जाती है। इसी के आधार पर रिजल्ट तैयार होता है। आयोग को अब तक आसंर-की में गलत सवाल से जुड़ी कई शिकायतें मिली थीं, यहां तक कि आयोग पर RTI और कोर्ट केसेस भी हुए हैं। इसके बाद आयोग ने आंसर-की चैलेंज को लेकर सभी नियमों को क्लियर करते हुए ये गाइडलाइन तैयार की है। ऐसे करें SSC आंसर-की को चैलेंज: आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं। रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड डालकर रजिस्टर्ड अकाउंट से लॉग इन करें। एग्जाम के नाम के नीचे दी गई आंसर-की चैलेंज लिंक पर क्लिक करें। अपना SSC एग्जाम रिस्पॉन्स शीट देखें। वो क्वेश्चन आईडी सिलेक्ट करें, जिसे चैलेंज करना है। क्वेश्चन का सही आंसर वैलिड प्रूफ के साथ अपलोड करें। हर सवाल के लिए 50 रुपए आंसर-की चैलेंज फी पे करें। रिस्पॉन्स सब्मिट करें और रसीद सेव करके रखें। SSC ऑफिशियल वेबसाइट लिंक —————— ये खबर भी पढ़ें… JEE मेन्स 2026 सेशन-2 की आंसर की आज होगी रिलीज:20 अप्रैल को मिलेगा रिजल्ट; 11.23 लाख कैंडिडेट्स ने दी थी परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आज 11 अप्रैल को JEE मेन्स 2026 सेशन 2 की प्रोविजनल आंसर की और कैंडिडेट्स की मेन आंसर शीट अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर रिलीज करेगा। इससे पहले NTA ने 9 अप्रैल को क्वेश्चन पेपर रिलीज किया था। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक NTA 20 अप्रैल को रिजल्ट जारी कर सकता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

‘धुरंधर 2’ के मेकर्स पर क्रिएटिव चोरी का आरोप:फिल्ममेकर राजीव राय ने कहा- बिना अनुमति गाने रीक्रिएट और इस्तेमाल किए गए

‘धुरंधर 2’ के मेकर्स पर क्रिएटिव चोरी का आरोप:फिल्ममेकर राजीव राय ने कहा- बिना अनुमति गाने रीक्रिएट और इस्तेमाल किए गए

फिल्ममेकर राजीव राय ने ‘धुरंधर 2’ के मेकर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी फिल्म ‘त्रिदेव’ के गाने ‘ओए ओए’ और ‘तिरछी टोपीवाले’ को बिना अनुमति रीक्रिएट कर फिल्म में इस्तेमाल किया गया है। DNA India को दिए इंटरव्यू में राजीव राय ने कहा कि उनकी फिल्म के गानों का इस्तेमाल बिना अनुमति किया गया और इसे क्रिएटिव चोरी माना जाना चाहिए। राजीव राय ने कहा कि उन्होंने ये गाने किसी दूसरी फिल्म में इस तरह इस्तेमाल के लिए नहीं बनाए थे। उनका आरोप है कि डायरेक्टर आदित्य धर और उनकी टीम ने बिना सही लाइसेंस और अधिकार के इन्हें रीमिक्स किया, जिससे मूल रचनाकारों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ। इस मामले में राजीव राय ने ‘धुरंधर 2’ और इसके प्रोडक्शन हाउस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में क्रिएटिव वर्क की चोरी बढ़ रही है और इसे रोकना जरूरी है। उनका कहना है कि रीमेक के नाम पर पुराने गानों की असल पहचान बदली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, विवाद तब बढ़ा जब सामने आया कि ‘धुरंधर 2’ का गाना ‘रंग दे लाल’ त्रिदेव के ट्रैक ‘ओए ओए’ का रीक्रिएटेड वर्जन है। इस पर ट्रिमूर्ति फिल्म्स ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामला अदालत में पहुंच चुका है। राजीव राय ने कहा कि यह सिर्फ एक गाने का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी क्रिएटिव इंडस्ट्री के सम्मान का सवाल है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति पुराने गानों का इस्तेमाल जारी रहा, तो भविष्य में ओरिजिनल क्रिएटर्स का काम खत्म हो जाएगा। इस बीच, ‘धुरंधर 2’ की टीम की तरफ से अभी तक विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन विवाद से इसकी छवि पर असर पड़ने लगा है।

युवती की मौत पर बवाल, परिजनों ने किया चक्काजाम:सड़क पर बैठी महिलाएं बोलीं-खून के बदले खून चाहिए, कार्रवाई के आश्वासन पर खोला जाम

युवती की मौत पर बवाल, परिजनों ने किया चक्काजाम:सड़क पर बैठी महिलाएं बोलीं-खून के बदले खून चाहिए, कार्रवाई के आश्वासन पर खोला जाम

सागर के जरुआखेड़ा-बांदरी रोड पर सड़क दुर्घटना में हुई युवती की मौत के मामले में शनिवार को परिजन ने चक्काजाम कर दिया। महिला और पुरुष सड़क पर बैठ गए। वे वर्ग विशेष के युवक पर आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। साथ ही पीड़ित परिवार को सहायता राशि दिलाने की मांग की। चक्काजाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर लोगों को शांत कराया। दरअसल, शुक्रवार शाम जरुआखेड़ा-बांदरी रोड पर मूड़रा के पास तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से टकरा गई। दुर्घटना में बाइक सवार युवती की मौत हो गई। वहीं बाइक चला रहे युवक को कोई भी गंभीर चोट नहीं आई। मामला सामने आते ही परिजन ने जिला अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने युवक पर मृतका को ब्लैकमेल कर परेशान करने का आरोप लगाया है। परिजन ने बताया कि युवती की 21 अप्रैल को शादी होने वाली थी। परिवार के सदस्य रिश्तेदारों में कार्ड बांट रहे थे। इसी बीच यह घटना हो गई। परिवार का आरोप है कि साजिश के तरह बेटी को मारा गया है। मामले में शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया। 50 लाख परिवार को सहायता राशि दिलाने की मांग परिजन शव लेकर जरुआखेड़ा पहुंचे और सागर-खुरई रोड पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। महिला और पुरुष बड़ी संख्या में सड़क पर बैठ गए। चक्काजाम में बैठी महिलाओं ने कहा कि हमें खून के बदले खून चाहिए। घटना हुई तो परिवार के आने से पहले मृतका को क्यों उठाया गया। चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। समझाइश देकर लोगों को शांत कराया। लेकिन वे मामले में युवक पर कार्रवाई करने की बात पर अड़े रहे। परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए इसी बीच चक्काजाम कर रहे लोगों ने प्रशासन के सामने मांगें रखी। उन्होंने मृतका के परिवार में एक सदस्य को सरकारी नौकरी, चार एकड़ जमीन और 50 लाख रुपए की सहयोग राशि, बंदूक का लाइसेंस, आरोपी का मकान गिराने और पीड़ित परिवार को पक्का आवास दिलाने की मांग की। साथ ही घटना की निष्पक्ष जांच कार्रवाई की बात कही। पुलिस ने मामले के सभी बिंदुओं पर जांच कर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजन माने और चक्काजाम खोला गया। इस दौरान करीब ढाई घंटे सागर-खुरई मार्ग पर यातायात बाधित रहा।

गर्मियों में दिल के मरीज जरूर खाएं ये 5 फल, हेल्दी रहेगा हार्ट, जानें क्या-क्या होंगे फायदे

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  Summer Fruits for healthy heart: गर्मियों के मौसम में शरीर को अंदर से हाइड्रेटेड, शीतल रखना जरूरी है. आग बरसाने वाली धूप, लू के थपेड़े न सिर्फ आपकी स्किन और बालों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि शरीर के अंदर के अंगों को भी हानि पहुंचाते हैं. अगर आप गर्मियों के सीजन में पर्याप्त लिक्विड डाइट नहीं लेते तो डिहाइड्रेशन हो सकता है. शरीर में पानी की कमी से आंतें, लिवर, किडनी सभी प्रभावित होते हैं. गर्मियों में कुछ खास अंगों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी अपनी डाइट पर ध्यान देना जरूरी होता है. बात करें हार्ट पेशेंट की तो उन्हें गर्मियों में कुछ फ्रू्ट्स जरूर खाएं. आप बेरीज खाएं जैसे स्ट्ऱॉबेरी, ब्लैक बेरी, ब्लू बेरी खाएं, क्योंकि ये सभी ब्लड प्रेशर, इंफ्लेमेशन को गर्मियों में कम करते हैं. इसके साथ ही खरबूज, तरबूजा, खीरा, ककड़ी, संतरा आदि पानी, विटामिन सी के साथ ही कई पोषक तत्वों से भरपूर फल खाएं. Dr Navin Agrawal नाम के यू्ट्यूब चैनल पर डॉ. नवीन बता रहे हैं कि गर्मियों में दिल के मरीजों को कौन-कौन से फल खाने चाहिए, इनके फायदे क्या हैं और इन्हें किस तरीके से डाइट में शामिल करें.

Pregnancy Care: गर्भवती महिलाएं सावधान!… प्रेगनेंसी में कुछ भी खा लेना मां और शिशु, दोनों के लिए हो सकता है हानिकारक

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Last Updated:April 11, 2026, 16:35 IST Pregnancy Care: गर्भावस्था के दौरान, पोषण के स्रोतों के संबंध में सही चुनाव करना एक कुशल योजना का हिस्सा है यह न केवल मां के लिए, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए भी ज़रूरी है. खान-पान की गलत आदतों का शिशु के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है; इसलिए, सावधानी बरतना ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है. गर्भावस्था में मां जो खाना खाती है, उसका सीधा असर बच्चे की सेहत पर पड़ता है. इस समय गर्भवती महिलाओं को हेल्दी और सुरक्षित खाना खाना बहुत जरूरी है. क्योंकि खराब खाने की आदतें संक्रमण, जन्म दोष और दूसरी सेहत की समस्याएं पैदा कर सकती हैं. आज हम जानेंगे कि गर्भवती महिलाओं को क्या नहीं खाना चाहिए और कौन सा खाना सुरक्षित है. कच्चा या ठीक से पका हुआ खाना: गर्भावस्था में कच्चा या अधपका मांस, अंडा और सीफूड खाने से बचें. इनमें ऐसे बैक्टीरिया या परजीवी हो सकते हैं जो मां और बच्चे दोनों को संक्रमण दे सकते हैं. खासकर लिस्टेरिया और सैल्मोनेला जैसे संक्रमण भ्रूण में गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं. इसलिए हमेशा अच्छी तरह पका हुआ मांस ही खाएं. बहुत ज्यादा कैफीन और कोला ड्रिंक्स: गर्भावस्था में चाय, कॉफी और कोला जैसे कैफीन वाले पेय का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. ज्यादा कैफीन लेने से पेट में पल रहे बच्चे की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है और समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google शराब और सिगरेट: गर्भावस्था में शराब और सिगरेट से पूरी तरह दूर रहना चाहिए. क्योंकि शराब से होने वाले बच्चे में दिल की बीमारी या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं जैसी गंभीर परेशानियां हो सकती हैं. सिगरेट पीने से बच्चे का वजन कम हो सकता है और गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है. असुरक्षित डेयरी उत्पाद: बिना पाश्चराइज किया हुआ दूध, क्रीम और चीज़ से बचें. ये गर्भावस्था में संक्रमण का कारण बनने वाले बैक्टीरिया हो सकते हैं. हमेशा प्रोसेस्ड और अच्छी क्वालिटी के डेयरी उत्पाद ही चुनें. बहुत ज्यादा तेल वाला और अनहेल्दी खाना जैसे तला हुआ खाना, फास्ट फूड और ज्यादा मसालेदार चीजें गर्भावस्था में आपके लिए नुकसानदायक हैं. ये खाने पेट की समस्या, एसिडिटी और मोटापे की परेशानी बढ़ा सकते हैं. बहुत ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड शुगर: ज्यादा शुगर खाने से गर्भावस्था में डायबिटीज या बच्चे का वजन असामान्य रूप से बढ़ सकता है. इसलिए मीठी चीजें और पैक्ड फूड कम ही खाएं. कुछ फल और जड़ी-बूटियां: कुछ जड़ी-बूटियां और खट्टे फल होने वाले बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. इसलिए डॉक्टर से सलाह लिए बिना कोई जड़ी-बूटी (आयुर्वेदिक) दवा न लें. गर्भावस्था में संतुलित और पौष्टिक खाना खाना बहुत जरूरी है. इसलिए कच्चा खाना, शराब, फास्ट फूड और ज्यादा कैफीन से बचें. हमेशा ताजा, साफ और पौष्टिक खाना ही खाएं. इससे मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहेंगे और गर्भावस्था की समस्याएं भी कम होंगी. (डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध रिपोर्ट्स और जानकारी पर आधारित है. इसका News18 से कोई संबंध नहीं है और News18 इसके लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है.) First Published : April 11, 2026, 16:29 IST

दिल्ली में 50 हजार की इनामी महिला ड्रग तस्कर अरेस्ट:पुलिस ने 200 CCTV और 100 मोबाइल खंगाले; 11 केस दर्ज; अपराध में बेटियां भी शामिल

दिल्ली में 50 हजार की इनामी महिला ड्रग तस्कर अरेस्ट:पुलिस ने 200 CCTV और 100 मोबाइल खंगाले; 11 केस दर्ज; अपराध में बेटियां भी शामिल

दिल्ली पुलिस ने शाहदरा से ‘ड्रग्स क्वीन’ के नाम से मशहूर कुसुम को अरेस्ट किया। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था। शाहदरा पुलिस के मुताबिक, वह दो महीने से कुसुम की तलाश कर रही थी और गुरुवार को जब वह शाहदरा आई, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मीडिया को जानकारी शनिवार को दी। इसे अरेस्ट करने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक CCTV और 100 से ज्यादा मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड तलाशे। कुसुम पर 2003 से 2024 के बीच NDPS एक्ट (ड्रग्स से जुड़े मामलों) के तहत 11 केस दर्ज हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि कुसुम लगातार ठिकाने बदलती रहती थी। कई बार पुलिस के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही वह फरार हो जाती थी। वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करती थी और बार-बार सिम कार्ड बदलती रहती थी। बेटियां भी ड्रग्स व्यापार में शामिल ड्रग्स के व्यापार में कुसुम के साथ उसकी बेटियां भी शामिल थीं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी बेटियां दीपा और चीकू को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा उसका भाई हरिओम और सहयोगी रवि भी उसके साथ पकड़े गए। कुसुम ने दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके से छोटे स्तर पर ड्रग्स बेचने का काम शुरू किया था। रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। कुसुम दिल्ली से कई राज्यों में ड्रग्स का नेटवर्क चला रही थी। गिरफ्तारी के बाद भी उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। NDPS एक्ट के तहत 20 साल तक की सजा NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) के जरिए नशीली दवाओं और ड्रग्स के सेवन, उत्पादन, बिक्री और तस्करी पर कार्रवाई की जाती है। ये कानून गांजा, अफीम,चरस और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। इस कानून तहत दोषी साबित होने तक निर्दोष मानने के बजाय, यह मान लिया जाता है कि आरोपी को नशीले पदार्थ की जानकारी थी, और खुद को बेगुनाह साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी की होती है। NDPS एक्ट के तहत 1 साल से 20 साल की जेल, जुर्माना और फांसी की सजा हो सकती है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… पंजाब में CCTV, लाइव फीड पाकिस्तान में दिख रही:दिल्ली पुलिस ने 11 आरोपी पकड़े, ISI एजेंटों ने सैन्य ठिकानों के पास लगवाए थे कैमरे पंजाब में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) के इशारे पर सेना और बीएसएफ के संवेदनशील ठिकानों की जानकारी इस्लामाबाद भेजने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंटों ने पंजाब के सैन्य और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगा रखे थे। इसका लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजा जा रहा था। पूरी खबर पढे़ं…

महाराष्ट्र के मंत्री का हेलिकॉप्टर कार पार्किंग में उतरा:पायलट ने गलती से हेलिपैड से 1km दूर लैंडिग की; भुजबल पुणे में पहुंचे थे

महाराष्ट्र के मंत्री का हेलिकॉप्टर कार पार्किंग में उतरा:पायलट ने गलती से हेलिपैड से 1km दूर लैंडिग की; भुजबल पुणे में पहुंचे थे

महाराष्ट्र में मंत्री छगन भुजबल के हेलिकॉप्टर की लैंडिंग एक कार पार्किंग में हुई। पायलट ने गलती से हेलिकॉप्टर को हेलिपैड से करीब 1 किलोमीटर दूर एक पार्किंग में उतार दिया गया। यह जगह हेलिपैड के लिए तय नहीं थी, जिससे सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब भुजबल पुणे में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। घटना की सटीक तारीख रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं बताई गई है। मंत्री के हेलिकॉप्टर की गलत जगह लैंडिंग ने सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पायलट के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। इसी बीच, अधिकारियों ने कहा है कि इस मामले में पायलट की जिम्मेदारी तय की जाएगी। नियमों का पालन न करने को गंभीर चूक माना जा रहा है और पायलट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर हेलिकॉप्टर तय जगह से हटकर दूसरी जगह क्यों उतरा। इससे पहले भी वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने या अन्य नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

नौरादेही से रेडियो कॉलर वाली बाघिन लापता:वन अफसर मुनादी कराकर गांव वालों को कर रहे सुरक्षित; वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट ने उठाए सवाल

नौरादेही से रेडियो कॉलर वाली बाघिन लापता:वन अफसर मुनादी कराकर गांव वालों को कर रहे सुरक्षित; वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट ने उठाए सवाल

नौरादेही अभयारण्य से एक बाघिन लापता हो गई है। इस बाघिन के गले में रेडियो कॉलर लगा है, इसके बाद भी वन विभाग के अधिकारियों की टीम उसे तलाश नहीं कर पा रही है। अब गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है, लेकिन बाघिन कहां है, यह विभाग की जानकारी में नहीं है। इस मामले में वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट ने जांच की मांग की है और कहा है कि मध्य प्रदेश में रेडियो कॉलर वाले बाघों का गायब होना राष्ट्रीय चिंता का विषय है। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट अजय दुबे के अनुसार, नौरादेही में एक बाघिन के लापता होने और माधव राष्ट्रीय उद्यान, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में रहस्यमय ढंग से बाघों के गायब होने के बाद एमपी का “बाघ राज्य” का दर्जा खतरे में है। अगर रेडियो कॉलर सुरक्षा प्रदान नहीं कर रहे हैं, तो फिर विभाग क्या कर रहा है? उन्होंने कहा कि बाघिन को सुरक्षित न तलाश पाए विभाग के अफसर अब मुनादी कराकर अपनी जिम्मेदारी खत्म मान रहे हैं। बाघिन के अलावा एक बाघ भी गायब है। रेडिया कॉलर लगे होने के बाद भी इनका पता नहीं चल पाना गंभीर विषय है। दुबे ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा है कि सभी फील्ड डायरेक्टरों से लापता बाघों की स्थिति का अनिवार्य प्रमाण पत्र लिया जाए। साथ ही सैटेलाइट कॉलर निगरानी प्रणाली का व्यापक प्रदर्शन ऑडिट कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही हमारे बाघों की तरह “लापता” नहीं हो सकती।

यूएन प्रमुख की रेस में 4 नाम, 2 महिलाएं:जेल में पिटाई, बिजली के झटके सहे, नहीं झुकीं मिशेल; रेबेका ने अनाज संकट से बचाया

यूएन प्रमुख की रेस में 4 नाम, 2 महिलाएं:जेल में पिटाई, बिजली के झटके सहे, नहीं झुकीं मिशेल; रेबेका ने अनाज संकट से बचाया

संयुक्त राष्ट्र के 80 साल के इतिहास में पहली बार शीर्ष पद पर महिला नेतृत्व की उम्मीद बनी है। मौजूदा प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस का कार्यकाल दिसंबर में खत्म होगा। इस बार चार उम्मीदवार शार्ट लिस्ट हुए हैं। इनमें दो महिलाएं मिशेल बैचलेट (74) व रेबेका ग्रिनस्पैन (70) हैं। न्यूयॉर्क में 21-22 अप्रैल को दोनों की डिबेट होगी। मिशेल चिली की पहली महिला राष्ट्रपति रहीं जबकि रेबेका कोस्टा रिका की उप राष्ट्रपति रह चुकी हैं। मिशेल – संसाधनों की कमी से मरीज को तड़पते देख डॉक्टरी की पढ़ाई की 1973 में चिली में जनरल ऑगस्टो पिनोशे ने सैन्य तख्तापलट किया, तब मिशेल पैडिएट्रिक्स की पढ़ाई कर रही थीं। उस दौरान राष्ट्रपति सल्वाडोर से करीबी संबंध के चलते मिशेल के परिवार को बंधक बनाकर यातनाएं दी गईं। जेल में हाथ बांध लात-घूसे मारे गए। तब बंदियों को लोहे की ग्रिल से बिजली के झटके तक दिए जाते। यातनाओं से पिता की मौत के बाद भी मिशेल नहीं झुकीं। स्वास्थ्य मंत्री व रक्षा मंत्री के बाद 2006 में पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। तब शॉपिंग के लिए मॉल जाती तो प्रशंसक घेर लेते। उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई का फैसला क्लीनिक में संसाधनों की कमी से तड़पते मरीज को देखकर ली। रेबेका – एक कॉल से कोस्टा रिका के उपराष्ट्रपति पद तक पहुंची थीं 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होते ही वैश्विक खाद्य संकट गहराने लगा। यूक्रेन से गेहूं, मक्का, जौ का निर्यात ठप हुआ, दाम बढ़े व भुखमरी का खतरा पैदा हुआ। तब रेबेका यूएन व्यापार-विकास सम्मेलन की महासचिव थीं। उन्होंने मुख्य वार्ताकार बन रूस, तुर्किए व यूक्रेन में बातचीत कराई। नतीजा काला सागर से निर्यात का समझौता हुआ, जिससे 3.3 करोड़ टन अनाज बाजार पहुंचा। कीमतें 23% तक घटीं। उनकी राजनीति 80 के दशक में राष्ट्रपति ऑफिस से एक फोन कॉल से शुरू हुई, जिसने उन्हें आर्थिक सलाहकार बनाया फिर वित्त उप मंत्री होते हुए 1994 में मध्य अमेरिकी देश कोस्टा रिका की उपराष्ट्रपति बनीं।