Tuesday, 26 May 2026 | 03:51 PM

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धुरंधर 2 ने 23वें दिन कमाए ₹10.03 करोड़:फिल्म डकैत का ओपनिंग कलेक्शन हुआ ₹15 करोड़, अदिवि शेष की हाईएस्ट ओपनिंग फिल्म बनी

धुरंधर 2 ने 23वें दिन कमाए ₹10.03 करोड़:फिल्म डकैत का ओपनिंग कलेक्शन हुआ ₹15 करोड़, अदिवि शेष की हाईएस्ट ओपनिंग फिल्म बनी

रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर 2 ने शुक्रवार को दुनिया भर में ₹10.03 करोड़ की कमाई की। वहीं, अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर की फिल्म डकैत: एक प्रेम कथा ने शुक्रवार को यानी रिलीज के पहले दिन दुनिया भर में ₹15 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। जिसके बाद यह फिल्म हिंदी और तेलुगु मार्केट में अदिवि शेष की सबसे बड़ी ओपनिंग बन गई। फिल्म ने पहले दिन ₹15 करोड़+ का कलेक्शन करने के बाद डकैत: एक प्रेम कथा को बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत मिली है। बता दें कि फिल्म में अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर के अलावा अनुराग कश्यप, प्रकाश राज, अतुल कुलकर्णी और जैन मैरी खान सहित अन्य कलाकार भी हैं। फिल्म के म्यूजिक और वर्ड ऑफ माउथ को इसके शुरुआती कलेक्शन का अहम कारण माना जा रहा है। अब शनिवार और रविवार को वीकेंड में कलेक्शन और बढ़ सकता है। धुरंधर 2 का कुल कलेक्शन 1671 करोड़ पार दूसरी ओर, धुरंधर 2 ने रिलीज के 23वें दिन (चौथे शुक्रवार) ₹6.70 करोड़ का इंडिया नेट कलेक्शन किया। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म का कुल इंडिया ग्रॉस ₹1,263.26 करोड़ और नेट ₹1,055.12 करोड़ हो चुका है। ओवरसीज में 23वें दिन ₹2.00 करोड़ जोड़ते हुए कुल ₹408.00 करोड़ का कलेक्शन हुआ। इसके साथ फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस ₹1,671.26 करोड़ पहुंच गया है। भाषा के हिसाब से 23वें दिन हिंदी से ₹6.50 करोड़, तमिल ₹0.07 करोड़, तेलुगु ₹0.09 करोड़, कन्नड़ ₹0.03 करोड़ और मलयालम ₹0.01 करोड़ की कमाई हुई। बता दें कि धुरंधर 2 भारतीय सिनेमा के इतिहास में चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। अब यह केवल दंगल (2070 करोड़ रुपए), बाहुबली 2 (1788 करोड़ रुपए) और पुष्पा 2 (1742 करोड़ रुपए) से पीछे है।

धुरंधर 2 ने 23वें दिन कमाए ₹10.03 करोड़:फिल्म डकैत का ओपनिंग कलेक्शन हुआ ₹15 करोड़, अदिवि शेष की हाईएस्ट ओपनिंग फिल्म बनी

धुरंधर 2 ने 23वें दिन कमाए ₹10.03 करोड़:फिल्म डकैत का ओपनिंग कलेक्शन हुआ ₹15 करोड़, अदिवि शेष की हाईएस्ट ओपनिंग फिल्म बनी

रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर 2 ने शुक्रवार को दुनिया भर में ₹10.03 करोड़ की कमाई की। वहीं, अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर की फिल्म डकैत: एक प्रेम कथा ने शुक्रवार को यानी रिलीज के पहले दिन दुनिया भर में ₹15 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। जिसके बाद यह फिल्म हिंदी और तेलुगु मार्केट में अदिवि शेष की सबसे बड़ी ओपनिंग बन गई। फिल्म ने पहले दिन ₹15 करोड़+ का कलेक्शन करने के बाद डकैत: एक प्रेम कथा को बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत मिली है। बता दें कि फिल्म में अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर के अलावा अनुराग कश्यप, प्रकाश राज, अतुल कुलकर्णी और जैन मैरी खान सहित अन्य कलाकार भी हैं। फिल्म के म्यूजिक और वर्ड ऑफ माउथ को इसके शुरुआती कलेक्शन का अहम कारण माना जा रहा है। अब शनिवार और रविवार को वीकेंड में कलेक्शन और बढ़ सकता है। धुरंधर 2 का कुल कलेक्शन 1671 करोड़ पार दूसरी ओर, धुरंधर 2 ने रिलीज के 23वें दिन (चौथे शुक्रवार) ₹6.70 करोड़ का इंडिया नेट कलेक्शन किया। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म का कुल इंडिया ग्रॉस ₹1,263.26 करोड़ और नेट ₹1,055.12 करोड़ हो चुका है। ओवरसीज में 23वें दिन ₹2.00 करोड़ जोड़ते हुए कुल ₹408.00 करोड़ का कलेक्शन हुआ। इसके साथ फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस ₹1,671.26 करोड़ पहुंच गया है। भाषा के हिसाब से 23वें दिन हिंदी से ₹6.50 करोड़, तमिल ₹0.07 करोड़, तेलुगु ₹0.09 करोड़, कन्नड़ ₹0.03 करोड़ और मलयालम ₹0.01 करोड़ की कमाई हुई। बता दें कि धुरंधर 2 भारतीय सिनेमा के इतिहास में चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। अब यह केवल दंगल (2070 करोड़ रुपए), बाहुबली 2 (1788 करोड़ रुपए) और पुष्पा 2 (1742 करोड़ रुपए) से पीछे है।

Diabetes Symptoms : शरीर में दिख रहे हैं ये 7 बदलाव? हो सकता है आप डायबिटीज के शिकार हों, आज ही कराएं जांच!

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Last Updated:April 11, 2026, 13:17 IST Diabetes Symptoms : आपका शरीर जो संकेत भेजता है, उन्हें सही समय पर पहचानना आपके स्वास्थ्य संसाधनों की सबसे कुशल योजना का एक अभिन्न अंग है. मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसके शुरुआती लक्षणों को लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, और उन्हें सामान्य थकान समझ लेते हैं. लेकिन लिए सही समय पर इसकी पहचान करना ही सबसे सटीक तरीका है. पहले डायबिटीज को उम्र बढ़ने के बाद होने वाली बीमारी माना जाता था. लेकिन अब बदलती लाइफस्टाइल, तनाव और खाने की आदतों की वजह से ये समस्या कम उम्र में भी बढ़ रही है. खास बात ये है कि डायबिटीज अचानक नहीं आती. ये प्री-डायबिटीज स्टेज से धीरे-धीरे बढ़ती है. अगर इस दौरान शरीर के दिए संकेतों को पहचान लिया जाए तो हालात को कंट्रोल किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि खासकर ये 7 संकेत पहले ही बता देते हैं कि आपको डायबिटीज हो सकती है. घाव धीरे-धीरे भरना जब खून में ग्लूकोज का स्तर ज्यादा होता है तो रक्त नलिकाएं कमजोर हो जाती हैं. इससे खून का संचार सही से नहीं होता. इसी वजह से छोटे घाव भी सामान्य से ज्यादा समय लेते हैं ठीक होने में. इसे शरीर में शुगर लेवल बढ़ने का संकेत मानना चाहिए. बार-बार पेशाब आना. द इकनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक, जब खून में शुगर ज्यादा हो जाती है तो किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है. इससे बार-बार पेशाब आती है, खासकर रात में कई बार उठना पड़ता है. ये शरीर के शुगर को कंट्रोल न कर पाने का संकेत है. (प्रतीकात्मक तस्वीर). Add News18 as Preferred Source on Google इन्फेक्शन ज्यादा होना हाई ब्लड शुगर की वजह से शरीर में बैक्टीरिया और यीस्ट बढ़ जाते हैं. इससे बार-बार सर्दी, यूरिन इन्फेक्शन (UTI), स्किन प्रॉब्लम्स और मसूड़ों की दिक्कतें हो सकती हैं. अगर आपकी इम्युनिटी कम हो रही है तो ध्यान देना चाहिए. बहुत ज्यादा प्यास लगना बार-बार पेशाब जाने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इससे डिहाइड्रेशन होता है और हमेशा प्यास लगती रहती है. बार-बार पानी पीने का मन करना भी खून में शुगर बढ़ने का संकेत है. लगातार थकान महसूस होना जब शरीर ग्लूकोज को एनर्जी में नहीं बदल पाता तब थकान आती है. अगर अच्छी नींद लेने के बाद भी आपको कमजोरी या थकावट महसूस हो रही है, तो इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस या प्री-डायबिटीज का संकेत मानना चाहिए. वजन में अचानक बदलाव अगर हमारी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं है फिर भी अचानक वजन बढ़ना या कम होना हो रहा है तो यह चिंता की बात हो सकती है. जब शरीर ग्लूकोज को सही से नहीं ले पाता तो मांसपेशियां और फैट टूटने लगते हैं. इससे वजन में बहुत ज्यादा बदलाव आ सकते हैं. दृष्टि धुंधली होना. ज्यादा ब्लड शुगर आंखों के लेंस पर असर डालता है जिससे नजर धुंधली हो सकती है. शुरू में ये थोड़े समय के लिए हो सकता है, लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी गंभीर आंखों की समस्या हो सकती है. आखिर में याद रखने वाली बात यह है कि इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि आपको जरूर डायबिटीज है. लेकिन ये शुरुआती चेतावनी संकेत हैं. इसी समय ब्लड शुगर टेस्ट करवाना, हेल्दी खाना खाना, एक्सरसाइज करना और तनाव कम करना बहुत जरूरी है. First Published : April 11, 2026, 13:17 IST

एम्स भोपाल में चूहों का खतरा:AC डक्ट से निकलकर वार्ड-एनआईसीयू तक पहुंचे, 20 नवजात भर्ती; स्टाफ बोला- एमवाय जैसी घटना हुई तो जिम्मेदार कौन

एम्स भोपाल में चूहों का खतरा:AC डक्ट से निकलकर वार्ड-एनआईसीयू तक पहुंचे, 20 नवजात भर्ती; स्टाफ बोला- एमवाय जैसी घटना हुई तो जिम्मेदार कौन

एम्स भोपाल में इन दिनों चूहों की बढ़ती मौजूदगी ने मरीजों और स्टाफ दोनों की चिंता बढ़ा दी है। सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम के डक्ट में पनपे चूहे अब वार्ड, कॉरिडोर और यहां तक कि एनआईसीयू तक पहुंच गए हैं। बीते तीन दिनों में 25 से ज्यादा मृत चूहे अलग-अलग क्षेत्रों में मिले हैं। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीते साल एमवाय अस्पताल इंदौर में चूहों के कारण दो नवजातों की मौत हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। एम्स भोपाल में सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम लगा हुआ है, जिसके डक्ट में चूहों की भरमार पाई गई है। जानकारी के अनुसार, अब तक पेस्ट कंट्रोल केवल वार्ड और निचले हिस्सों तक सीमित था, जिससे एसी डक्ट में चूहों की संख्या लगातार बढ़ती रही। अप्रैल की शुरुआत में जब एसी मेंटेनेंस के दौरान रियरिंग टीम ने जांच की, तो डक्ट के अंदर बड़ी संख्या में चूहे पाए गए। इसी के बाद प्रबंधन ने वहां पेस्ट कंट्रोल कराने का फैसला लिया। पेस्ट कंट्रोल के बाद नई समस्या तीन दिन तक चले पेस्ट कंट्रोल अभियान के बाद अब चूहे डक्ट से बाहर निकलकर वार्ड और कॉरिडोर में आने लगे हैं। बीते तीन दिनों में सफाई कर्मचारियों को 25 से ज्यादा मृत चूहे विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में मिले हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है और अस्पताल का वातावरण प्रभावित हो रहा है। एम्स के एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) में इस समय करीब 20 नवजात भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से यहां भी चूहों की आवाजाही देखी जा रही है। शिशु रोग विभाग के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चूहे एनआईसीयू में घूमते नजर आते हैं और कुछ समय बाद मर जाते हैं। इससे नवजातों को काटने का खतरा तो है ही, साथ ही संक्रमण का जोखिम भी बहुत अधिक है। यदि यहां कोई घटना होती है तो एमवाय अस्पताल की तहर जिम्मेदार डॉक्टरों और स्टाफ को माना जाएगा। जबकि इस स्थिति को लेकर प्रबंधन को कई बार अवगत कराया गया है। संक्रमण का सबसे बड़ा खतरा विशेषज्ञों के अनुसार, चूहों के शरीर, बाल, पैरों और मल-मूत्र में कई खतरनाक बैक्टीरिया होते हैं। ये बैक्टीरिया गंभीर संक्रमण फैला सकते हैं। एनआईसीयू में भर्ती बच्चे पहले से ही कमजोर होते हैं, ऐसे में मामूली संक्रमण भी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। मामले में एम्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो पेस्ट कंट्रोल के दौरान का है। उनके अनुसार, पेस्ट कंट्रोल के समय चूहे दवा के असर से इधर-उधर भागते हैं और कुछ समय बाद मर जाते हैं। प्रबंधन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया प्रशिक्षित कर्मियों की निगरानी में की जा रही है। मृत चूहों को तुरंत हटाया जाता है और संबंधित क्षेत्र को वैज्ञानिक तरीके से साफ किया जाता है। इंदौर में दो मौतें हुई थीं 31 अगस्त-1 सितंबर 2025 की रात इंदौर के एमवाय अस्पताल के एनआईसीयू में दो नवजातों को चूहों ने काट लिया था, जिनकी बाद में मौत हो गई थी। हाई कोर्ट तक मामला पहुंचा। कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही माना और एक डॉक्टर सहित 8 लोगों को सस्पेंड किया गया था।

इस्तीफे से पहले CM हाउस खाली कर रहे नीतीश:7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट हो रहा सामान; लालू के पड़ोसी बनेंगे नीतीश कुमार

इस्तीफे से पहले CM हाउस खाली कर रहे नीतीश:7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट हो रहा सामान; लालू के पड़ोसी बनेंगे नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफे से पहले CM हाउस खाली कर रहे हैं। 1 अणे मार्ग से सामान 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट हो रहा है। मुख्यमंत्री आवास से ट्रैक्टर में सामान बाहर ले जाया जा रहा है। नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद की शपथ ली है। सूत्रों की माने तो नीतीश 14 अप्रैल को CM पद से इस्तीफा दे सकते हैं। 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार बन सकती है। CM पद से हटने के बाद नीतीश कुमार लालू यादव के पड़ोसी बन जाएंगे। वह दिल्ली तो जा रहे हैं, लेकिन बिहार में अपना ठिकाना नहीं छोड़ेंगे। 7 सर्कुलर रोड आवास का इस्तेमाल अभी नीतीश कुमार ही कर रहे हैं। इसे CM कार्यालय के तौर पर यूज किया जा रहा है। नीतीश ने अपनी देखरेख में इस बंगले को बनावाया था। ये इतना मजबूत है कि भूकंप के झटके झेल सके। इसके लॉन में कोलकाता से मंगाकर घास लगाई गई है। नीतीश कुमार का 7 सर्कुलर रोड वाले आवास से क्या नाता है? इस बंगले की क्या खासियत है? पढ़िए रिपोर्ट…। नीतीश कुमार को पसंद है 7 सर्कुलर रोड बंगला नीतीश कुमार को 7 सर्कुलर रोड बंगला पसंद है। लोकसभा चुनाव 2014 हारने के बाद उन्होंने CM पद छोड़ दिया था। जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था। इसके बाद रहने के लिए 7 सर्कुलर आ गए थे। इसी बंगले में रहते हुए नीतीश ने जीतन राम से मुख्यमंत्री की कुर्सी वापस ले ली थी। विधानसभा 2015 में जीत दर्ज की और मुख्यमंत्री बने थे। CM बनने के बाद नीतीश एक अणे मार्ग गए, लेकिन 7 सर्कुलर बंगला अपने पास बनाए रखा। विपक्ष ने 2-2 बंगला रखने का आरोप लगाया तो इसे मुख्य सचिव के नाम अलॉट किया गया। नीतीश ने अपनी देखरेख में इस बंगले का भूकंप रोधी निर्माण कराया था। लालू यादव के पड़ोसी बनेंगे नीतीश कुमार नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट हो रहे हैं। अब वे लालू यादव के पड़ोसी बन जाएंगे। यहां से राबड़ी आवास बस दो घर बाद है। दोनों बंगलों के बीच की दूरी करीब 200 मीटर होगी। दोनों घर सर्कुलर रोड के दक्षिण तरफ है। 7 सर्कुलर रोड वाले बंगले की खास बातें नंबर 7 से है नीतीश कुमार को प्रेम नीतीश कुमार अपने लिए नंबर 7 को लकी मानते हैं। वह केंद्र सरकार में रेल मंत्री बने थे तब उनके फोन नंबर का अंतिम अंक 7 था। नीतीश जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो उन्हें जो गाड़ी मिली थी उसका नंबर 777 था। नीतीश ने 1977 में राजनीति शुरू की थी। 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने थे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को 7 निश्चय नाम दिया। अभी बिहार सरकार 7 निश्चय पार्ट 3 पर काम कर रही है। 19 वर्षों से बिहार की सत्ता का केंद्र रहा है 1 अणे मार्ग नीतीश अभी सीएम आवास एक अणे मार्ग में रह रहे हैं। यह घर लगभग 19 वर्षों से बिहार की सत्ता का केंद्र रहा है। जहां से नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति और प्रशासन को दिशा दी। अब राज्यसभा जाने के बाद उनका 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट होना एक तरह से बिहार की राजनीति में नई भूमिका की शुरुआत माना जा रहा है।

Vidisha Police Challan Rs 5000 For Bike Stunt

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विदिशा में मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट बाइक से स्टंट करना दो युवकों को भारी पड़ गया। रात के समय कोतवाली थाना क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा खतरनाक स्टंट करने और तेज आवाज निकालने वाले साइलेंसर के इस्तेमाल की सूचना पुलिस को मिली थी। इस शिकायत के बाद पुल . बाइक में मिला मॉडिफाइड साइलेंसर जांच के दौरान पुलिस को उनकी बुलेट मोटरसाइकिल में मॉडिफाइड साइलेंसर लगा हुआ मिला। इसके साथ ही यातायात नियमों के अन्य उल्लंघन भी सामने आए, जिससे मामला और गंभीर हो गया। थाना प्रभारी आनंद राज के नेतृत्व में पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोनों युवकों पर ₹5000 का चालान किया। यह कार्रवाई नियमों के उल्लंघन को देखते हुए की गई। पूछताछ में युवकों ने मानी गलती थाने में पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उन्होंने माना कि वे स्टंट कर रहे थे और बाइक में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाया हुआ था। पुलिस ने युवकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के स्टंट करना और मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करना कानून के खिलाफ है। इससे न केवल उनकी खुद की जान को खतरा होता है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। आम लोगों की सुरक्षा को बताया खतरा पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियां सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। तेज आवाज और तेज रफ्तार से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। विदिशा पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें और सड़क पर किसी भी तरह के स्टंट से बचें। मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्ती के संकेत पुलिस ने साफ कर दिया है कि शहर में मॉडिफाइड साइलेंसर और स्टंट करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने कहा कि शहर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है।

JEE Mains 2026 Session 2 Question Paper Released; Answer Key April 11

JEE Mains 2026 Session 2 Question Paper Released; Answer Key April 11

Hindi News Career JEE Mains 2026 Session 2 Question Paper Released; Answer Key April 11 30 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आज 11 अप्रैल को JEE मेन्स 2026 सेशन 2 की प्रोविजनल आंसर की और कैंडिडेट्स की मेन आंसर शीट अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर रिलीज करेगा। इससे पहले NTA ने 9 अप्रैल को क्वेश्चन पेपर रिलीज किया था। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक NTA 20 अप्रैल को रिजल्ट जारी कर सकता है। क्वेश्चन पेपर और प्रोविजनल आंसर की ऐसे करें डाउनलोड: NTA JEE मेन की ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं। क्वेश्चन पेपर या आंसर की के लिंक पर क्लिक करें। जरूरी जानकारी डालकर वेबसाइट पर लॉग इन करें। आंसर की और क्वेश्चचन पेपर चेक और डाउनलोड करें। 11 अप्रैल को पेपर 1 के लिए प्रोविजनल आंसर की और कैंडिडेट्स की मेन आंसर शीट जारी करेगा। इसके जारी होने के बाद तय समय सीमा के भीतर कैंडिडेट्स प्रोविजनल आंसर की को चैलेंज कर सकते हैं। हर एक क्वेश्चन के लिए नॉर्म्स के मुताबिक 200 रुपए की फीस लगेगी। आंसर की को चैलेंज करने की लास्ट डेट फिलहाल नहीं बताई गई है। आंसर की को ऐसे करें चैलेंज: JEE मेन की ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं। एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड डालकर लॉग इन करें। ‘आंसर की चैलेंज’ लिंक पर क्लिक करें। क्वेश्चन आईडी सिलेक्ट करें। सही आंसर का वैलिड प्रूफ अपलोड करें। हर क्वेश्चन के लिए 200 रुपए पे करें। रिस्पॉन्स सब्मिट कर रसीद सेव करें। चैलेंज विंडो बंद होने के बाद NTA JEE मेन्स की फाइनल आंसर की रिलीज करेगा। इसके बाद JEE मेन 2026 के रिजल्ट और कट-ऑफ जारी होंगे। रिजल्ट में JEE एडवांस के लिए कट-ऑफ, ऑल इंडिया रैंक होल्डर्स और स्टेट टॉपर्स जैसी जानकारी भी शामिल होगी। रिजल्ट 20 अप्रैल को जारी होने की उम्मीद है। 2 से 8 अप्रैल के बीच 11.23 लाख कैंडिडेट्स शामिल हुए NTA के ऑफिशियल नोटिस के मुताबिक, JEE मेन्स 2026 सेशन 2 में लगभग 11.23 लाख कैंडिडेट्स शामिल हुए। NTA ने 2 से 8 अप्रैल के बीच देश के 304 शहरों और देश के बाहर की 14 शहरों में लगभग 566 एग्जामिनेशन सेंटर पर कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम हुए थे। कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in से अपनी प्रोविजनल आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक —————————– ये खबर भी पढ़ें… छठी क्लास में इसी सेशन से 3 भाषाएं पढ़ाई जाएंगी:अभी किताबें उपलब्ध नहीं; CBSE ने फिर भी कहा- निर्देश 7 दिन में लागू करें सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने छठी क्लास में तीसरी भाषा लागू करने को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने 9 अप्रैल को जारी सर्कुलर में सभी स्कूलों को 7 दिन के अंदर इसे लागू करने का निर्देश दिया है। इसे urgent & mandatory बताते हुए तुरंत पढ़ाई शुरू करने को कहा गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

डेलनाज ईरानी ने तलाक के बाद नहीं ली थी एलिमनी:एक्ट्रेस बोलीं- शांति को प्राथमिकता दी, पूर्व पति ने कद्र नहीं की थी

डेलनाज ईरानी ने तलाक के बाद नहीं ली थी एलिमनी:एक्ट्रेस बोलीं- शांति को प्राथमिकता दी, पूर्व पति ने कद्र नहीं की थी

एक्ट्रेस डेलनाज ईरानी ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में पूर्व पति राजीव पॉल से तलाक (2012) के बाद एलिमनी न लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि शादी 1998 में हुई थी, 2010 में सेपेरेशन हुआ और उन्होंने लीगल बैटल से ज्यादा मेंटल पीस को प्रायोरिटी दी। डेलनाज ईरानी ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके लिए तलाक आसान फैसला नहीं था, क्योंकि वह एक पारसी मिडिल क्लास परिवार से आती हैं, जहां तलाक आम बात नहीं रही। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में लंबे समय तक रिश्ते निभाए गए हैं, इसलिए यह इमोशनली उनके लिए मुश्किल समय था। डेलनाज के अनुसार, मीडिया में 2010 में सेपेरेशन की खबर आई, लेकिन उनके रिश्ते में दरार काफी पहले आ चुकी थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता से शादी में चल रही समस्याओं को छुपाकर रखा था। उनके पिता को 2010 में हार्ट अटैक आया था और 2011 में उनका निधन हो गया। एलिमनी को लेकर डेलनाज ने कहा, “मुझे कुछ भी नहीं मिला। असल में, जो मेरा था, मैंने उसे जाने दिया। ऐसा नहीं है कि मैंने किसी चीज को अपने पास रखा हो,” एक्ट्रेस ने कहा कि तलाक काफी उलझा हुआ था क्योंकि एक पार्टनर तलाक चाहता था और दूसरा नहीं। उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मैंने इसे ऐसे ही छोड़ दिया। मैंने इसे जाने दिया क्योंकि मैंने हर चीज से ऊपर अपनी शांति को चुना।” बता दें कि डेलनाज और राजीव पॉल की मुलाकात 1993 में टीवी शो परिवर्तन के सेट पर हुई थी, जिसके बाद 1998 में शादी हुई। हालांकि, आपसी मतभेदों के चलते 14 साल बाद उनका रिश्ता खत्म हो गया। तलाक के बाद डेलनाज ईरानी लंबे समय से डीजे पर्सी करकरिया के साथ रिलेशनशिप में हैं। वहीं, राजीव पॉल फिलहाल सिंगल लाइफ जी रहे हैं।

मंडला में अंजनिया बाईपास पर पेपर लोड ट्रक पलटा:NH-30 पर हादसे में ड्राइवर मामूली घायल

मंडला में अंजनिया बाईपास पर पेपर लोड ट्रक पलटा:NH-30 पर हादसे में ड्राइवर मामूली घायल

मंडला जिले के अंजनिया बाईपास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर एक ट्रक पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आई हैं। रायपुर से जबलपुर की ओर जा रहा यह ट्रक (नंबर एमपी 20 जी आर 9323) फोटो कॉपी पेपर से लदा था और अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। चालक ने बताया कि सामने अचानक एक मोटरसाइकिल सवार के आ जाने से उसे बचाने की कोशिश में ट्रक अनियंत्रित हो गया। इसी कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद ट्रक में लदे पेपर के बंडल सड़क पर बिखर गए। स्थानीय लोगों ने ट्रक चालक के नशे में होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ट्रक के भीतर शराब की खाली बोतलें भी मिली हैं। स्थानीय निवासियों ने अंजनिया बाईपास पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही अंजनिया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चालक को ट्रक से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया और वाहन मालिक को सूचित किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बच्चों में तेजी से बढ़ रही दांतों की सड़न, यहां डॉक्टर से जानिए कारण और बचाव के देसी तरीके

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अंबाला: अंबाला शहर के लोगों के लिए एक खामोश खतरा तेजी से पनप रहा है और यह खतरा कहीं बाहर नहीं, बल्कि उनके अपने मुंह के भीतर छिपा हुआ है. दरअसल, दांतों की बीमारियां अब धीरे-धीरे नहीं, बल्कि खतरनाक रफ्तार से बढ़ रही हैं. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अस्पतालों में रोज आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो दांतों के दर्द, सड़न और खून आने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इस पूरे खतरे की जड़ मुंह में पनपने वाले बैड बैक्टीरिया हैं, जो हर बार खाने के बाद एसिड बनाते हैं. यही एसिड धीरे-धीरे दांतों की मजबूत परत को घिसता है और उन्हें अंदर से खोखला बना देता है. तेजी से खराब हो रहे हैं बच्चों के दांत बता दें कि शुरुआत में यह नुकसान नजर नहीं आता, लेकिन समय के साथ दांतों में छोटे-छोटे छेद बनने लगते हैं, जिन्हें आम भाषा में कीड़ा लगना कहा जाता है, क्योंकि जब तक लोगों को इसका एहसास होता है तब तक सड़न दांतों की जड़ों तक पहुंच चुकी होती है और कई बार दांत निकालने तक की नौबत आ जाती है. खराब आदतें हैं वजह सबसे चिंताजनक बात यह है कि अब बच्चे भी इस खतरे से अछूते नहीं हैं. 3 से 5 साल के मासूम बच्चों में रात को दूध की बोतल मुंह में लेकर सोने की आदत उनके दांतों को तेजी से खराब कर रही है. इससे जहां उनके आगे के दांत सड़ने लगते हैं, वहीं कई बार कम उम्र में ही टूट भी जाते हैं. वहीं, 8 साल तक के बच्चों में पीछे के दूध के दांत खराब होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो आगे चलकर स्थायी दांतों के लिए भी खतरा बन सकते हैं. इस बारे में जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला नागरिक अस्पताल के आयुर्वेदाचार्य डॉ. जितेंद्र वर्मा से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि आजकल छोटे बच्चों में यह आम समस्या बन चुकी है, जिसमें दांत टूटना, कीड़े लगना या फिर दांत देर से आना शामिल है. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में बच्चों के दांतों की देखभाल के कुछ उपाय बताए गए हैं, जिनमें मां का दूध पीने वाले छोटे बच्चों के लिए मां की डाइट बहुत अहम भूमिका निभाती है. मां को अपनी डाइट में गाय का दूध और हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए, क्योंकि इनके पोषक तत्व मां के दूध के जरिए बच्चों तक पहुंचते हैं, जो दांतों के लिए लाभदायक होते हैं. दांतों की सही सफाई न करने के कारण कीड़ा लगना उन्होंने कहा कि जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाता है, तो वह बाहर की चीजें खाना पसंद करने लगता है, लेकिन यह आदत कम उम्र के बच्चों के लिए नुकसानदायक होती है. दांतों की सही सफाई न करने के कारण कीड़ा लगने का खतरा बढ़ जाता है. आजकल कई प्रकार के टूथपेस्ट उपलब्ध हैं, लेकिन आयुर्वेदिक दातून को सबसे ज्यादा फायदेमंद माना गया है. इसलिए नीम, बबूल, अर्जुन और खदिर की दातून का उपयोग करना चाहिए. सुबह और रात के समय खाना खाने के बाद ब्रश जरूर करना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि सुबह और रात के समय खाना खाने के बाद ब्रश जरूर करना चाहिए, क्योंकि इससे दांतों में फंसे भोजन के कण साफ हो जाते हैं. जरूरत पड़ने पर उंगलियों से भी दांतों की सफाई की जा सकती है या किसी आयुर्वेदिक टूथपेस्ट से अच्छी तरह ब्रश किया जा सकता है. दांतों को मजबूत करने के देसी उपाय आयुर्वेद में एक और उपाय बताया गया है, जिसमें अमरूद और सफेदे के पत्तों को चबाने से दांत मजबूत होते हैं और कीड़े खत्म करने में मदद मिलती है. इसके साथ ही पैक्ड फूड, फास्ट फूड और मीठे स्नैक्स का बढ़ता सेवन इस समस्या को और गंभीर बना रहा है. ये चीजें दांतों से चिपक जाती हैं और बैक्टीरिया को पनपने का मौका देती हैं, इसलिए बच्चों को इनका सेवन कम करना चाहिए. उन्होंने बताया कि 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में संक्रमण दांतों की जड़ों तक पहुंच रहा है. मसूड़ों से खून आना, दांतों में तेज दर्द और दांतों का हिलना ये सभी संकेत हैं कि बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी है. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.