बरखेड़ी, शारदाकुंज-भवानीधाम में कल बिजली कटौती:भोपाल के 35 इलाकों में असर; मक्सी-बागली में भी सप्लाई नहीं

भोपाल के करीब 35 इलाकों में सोमवार को 2 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें बरखेड़ी, शारदाकुंज, भवानीधाम, मक्सी, बागली, रापड़िया, कस्तूरी विहार समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
खेलते-खेलते पानी के टैंक में गिरी मासूम की मौत:राजगढ़ में घर पर अकेली थी 4.5 साल की बच्ची; परिजन शादी में गए थे

राजगढ़ के देवझिरी गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में साढ़े चार साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची खेलते-खेलते घर के अंदर बने पानी के टैंक में गिर गई, जिससे उसकी जान चली गई। मृतक बच्ची की पहचान माहीरा (4.5 वर्ष) के रूप में हुई, जो अपने मामा बद्रीलाल गुर्जर के घर रह रही थी। पुलिस के अनुसार, घटना के समय परिजन एक शादी समारोह में गए हुए थे और बच्ची घर में अकेली खेल रही थी। इसी दौरान वह अनजाने में टैंक में गिर गई। परिजनों को घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत बच्ची को बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
Shubman Gill Youngest Indian 4K IPL Runs

Hindi News Sports Cricket Shubman Gill Youngest Indian 4K IPL Runs | Kohli Record Smashed; Butler 100th T20 Fifty & 14K Runs लखनऊ5 मिनट पहले कॉपी लिंक गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के 19वें मैच में लखनऊ सुपर जाएंट्स को 7 विकेट से हराया। इकाना क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को शुभमन गिल ने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा। वे 4000 रन पूरे करने वाले सबसे युवा भारतीय बल्लेबाज बने। मैच में एक और बड़ा रिकॉर्ड जोस बटलर के नाम रहा। उन्होंने 100वीं टी-20 फिफ्टी पूरी की और इसी दौरान टी-20 क्रिकेट में 14 हजार रन का आंकड़ा पार किया। GT Vs LSG मैच के रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स 1. गिल के 26 साल में 4 हजार IPL रन पूरे शुभमन गिल IPL में 4000 रन पूरे किए। उन्होंने 26 साल 216 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की और उम्र के मामले में विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा। गिल ने यह आंकड़ा 118 पारियों में छुआ और वे सबसे तेज भारतीयों में दूसरे स्थान पर हैं। केएल राहुल ने यह रिकॉर्ड 105 पारियों में बनाया था। तीसरे नंबर पर विराट कोहली (128 पारियां) हैं, जबकि शिखर धवन और सुरेश रैना भी शामिल हैं। 2. पूरन बने लखनऊ के टॉप रन स्कोरर निकोलस पूरन लखनऊ के लिए IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने 47 मैचों में 1422 रन बनाकर केएल राहुल (1410 रन) को पीछे छोड़ा। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर आयुष बडोनी (1038 रन) हैं। 3. बटलर ने 468 इनिंग में 14 हजार रन बनाए 13वें ओवर की तीसरी गेंद पर जोस बटलर ने सिंगल लेकर अर्धशतक पूरा किया, जो उनके टी-20 करियर की 100वीं फिफ्टी रही। इसी के साथ उन्होंने टी-20 क्रिकेट में 14 हजार रन पूरे किए। बटलर ने यह उपलब्धि 468 पारियों में हासिल की और वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले तीसरे सबसे तेज बल्लेबाज बने। पहले नंबर पर क्रिस गेल (423 पारियां) और दूसरे नंबर पर डेविड वॉर्नर (431 पारियां) हैं। 4. 250 टी-20 के बाद लिंडे का IPL डेब्यू जॉर्ज लिंडे सबसे ज्यादा टी-20 खेलकर IPL डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने 250 टी-20 के बाद पहला मैच खेला। इस मामले में वे डेविड पेन (233 मैच) और डेविड मलान (227 मैच) से आगे हैं। विकेट के आंकड़ों में डेविड पेन 304 विकेट के साथ टॉप पर हैं, जबकि आदिल रशीद (232 विकेट) दूसरे और जॉर्ज लिंडे (218 विकेट) तीसरे स्थान पर हैं। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स… 1. तेवतिया के डाइविंग कैच से पंत आउट चौथे ओवर की पहली गेंद पर ऋषभ पंत का विकेट गिरा। उन्होंने कगिसो रबाडा के खिलाफ चौका लगाकर खाता खोला था और 18 रन की पारी में 2 चौके व 1 सिक्स लगाए। हालांकि, मोहम्मद सिराज की गेंद पर पंत ने ऑफ साइड में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन टाइमिंग सही नहीं रही और गेंद हवा में ऊंची गई। कवर में राहुल तेवतिया ने बाईं ओर डाइव लगाकर कैच पकड़ा और पंत की पारी का अंत किया। तेवतिया ने 18 रन पर ऋषभ पंत का कैच लपका। 2. मार्करम को जीवनदान मिला, अगली ही गेंद पर आउट छठे ओवर की चौथी गेंद पर ऐडन मार्करम को जीवनदान मिला। ग्लेन फिलिप्स ने आसान कैच छोड़ा। मार्करम ने अगली गेंद पर चौका जड़ा। हालांकि, ओवर की आखिरी गेंद पर प्रसिद्ध कृष्णा ने वापसी की और मार्करम को बड़ा शॉट खेलने पर मजबूर किया। इस बार वॉशिंगटन सुंदर ने कैच लपककर मार्करम की 30 रन की पारी खत्म की। ग्लेन फिलिप्स ने हवा में छलांग लगाकर कैच लेने की कोशिश की। 3. अशोक की 151 की रफ्तार, मुकुल के हेलमेट पर लगी गेंद 16वें ओवर की पहली गेंद पर मुकुल चौधरी को बाउंसर का सामना करना पड़ा। अशोक शर्मा ने 151 किमी/घंटा की रफ्तार से शॉर्ट गेंद फेंकी, जिस पर मुकुल समय से झुक नहीं पाए। गेंद उनके हेलमेट के ऊपरी हिस्से से टकराई और थर्ड मैन की दिशा में गई। इसके बाद फिजियो मैदान पर आया और मुकुल की जांच की गई। अशोक शर्मा ने 32 रन देकर 2 विकेट लिए। 4. राशिद से शमी का आसान कैच छूटा 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर मोहम्मद शमी को जीवनदान मिला। इससे एक गेंद पहले शमी ने सिक्स लगाया था। अशोक शर्मा की शॉर्ट गेंद पर शमी ने कट शॉट खेला, लेकिन गेंद सीधे डीप पॉइंट पर खड़े राशिद खान के हाथों में गई। यह आसान कैच था, लेकिन राशिद सूरज की रोशनी में गेंद को ठीक से जज नहीं कर पाए और गेंद हाथों से निकल गई। मोहम्मद शमी 5 बॉल पर 12 रन बनाकर नाबाद रहे। 5. प्रिंस यादव के अंगूठे पर बॉल लगी, गिल का कैच छूटा चौथे ओवर में प्रिंस यादव के अंगूठे पर बॉल लगी। उनसे गिल का कैच ड्रॉप हो गया। गिल ने फुलर लेंथ बॉल को गेंदबाजी की दिशा में खेला था, प्रिंस यादव ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन बॉल अंगूठे पर लगकर चली गई। कुछ देर के लिए मेडिकल टीम आई। कैच लेने की कोशिश में प्रिंस यादव चोटिल हो गए। 6. पंत से बटलर का कैच छूटा सातवें ओवर की तीसरी गेंद पर जोस बटलर को जीवनदान मिला। दिग्वेश सिंह राठी की गेंद पर बटलर ने बैकफुट पर जाकर शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर ऋषभ पंत की ओर गई। पंत गेंद को सही से जज नहीं कर पाए। गेंद पहले उनके दाएं पैर से टकराई, फिर उछलकर ऊपर से निकल गई और जमीन पर गिर गई। इस तरह बटलर का कैच छूट गया और उन्हें एक रन मिला। पंत ने बटलर को जीवनदान दिया। वे 60 रन बनाकर आउट हुए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Toilet Cleaning Tips: फ्लश से पहले टॉयलेट सीट का ढक्कन गिराना जरूरी? जानें सच

Last Updated:April 12, 2026, 19:13 IST Right Way To Flush: वेस्टर्न टॉयलेट में फ्लश करने से पहले इसकी लीड बंद करना हाइजीन के लिए जरूरी माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं हालिया स्टडी में बताया गया कि इससे बैक्टीरिया के फैलाव पर कोई असर नहीं होता है. यदि आप अपने बाथरूम को बैक्टीरिया फ्री रखना चाहते हैं, तो रेगुलर सफाई को सुनिश्चत करना न भूलें. टॉयलेट की सफाई का सही तरीका यहां आप जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट सालों से हमें टॉयलेट फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करने की सलाह दी जाती रही है. यह बात सही भी है, क्योंकि टॉयलेट फ्लश करने पर छोटे-छोटे बैक्टीरिया का एक समूह निकलता है जिसे “टॉयलेट प्लूम” कहा जाता है. इस समूह में ई. कोलाई जैसे जीवाणु भी हो सकते हैं और यह बहुत खतरनाक होता है. यह न केवल छह घंटे तक हवा में रह सकता है , बल्कि पूरे बाथरूम में फैलकर सतहों पर चिपक भी सकता है. फ्लश करने से पहले ढक्कन बंद करना इन कीटाणुओं को दूर रखने और इनके फैलाव को रोकने के लिए एक सही उपाय लगता है. हालांकि, नए शोध बताते हैं कि ढक्कन बंद रखना उतना कारगर नहीं हो सकता जितना हमने सोचा था. स्टडी में हुआ खुलासा अमेरिकन जर्नल ऑफ इंफेक्शन कंट्रोल में प्रकाशित एक नए अध्ययन में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या बंद टॉयलेट सीट, खुली टॉयलेट सीट की तुलना में, बाथरूम में वायरल एरोसोल और क्रॉस-कंटैमिनेशन को रोकने में ज्यादा कारगर होते है. इसके लिए, फ्लश करने से पहले टॉयलेट बाउल में एक प्रकार का आरएनए वायरस डाला गया. फिर टॉयलेट पर पाए गए वायरल इंफेक्शन को रिकॉर्ड किया गया. अध्ययन के परिणामों से पता चला कि बाथरूम की सतहों पर वायरल संक्रमण के मामले में, टॉयलेट को फ्लश करते समय ढक्कन ऊपर हो या नीचे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. हर फ्लश के बाद टॉयलेट क्लीनिंग जरूरीस्टडी में ये बात सामने आयी कि टॉयलेट को बैक्टीरिया फ्री रखने के लिए डिसइंफेक्टेंट का इस्तेमाल हर बार फ्लश के बाद कारगर साबित हो सकता है. ऐसे में चाहे आप हर बार फ्लश करने के बाद ढक्कन खुला रखें या बंद, इस स्टडी से ये बात साफ होती है कि अपने बाथरूम को कीटाणुरहित रखने के लिए अपने टॉयलेट को साफ करना जरूरी है. हफ्ते में कितनी बार टॉयलेट पॉट साफ करना चाहिएटॉयलेट हाइजीन की शुरुआत टॉयलेट बाउल को नियमित रूप से साफ करने से होती है. स्टडी में पाया गया कि हर बार फ्लश करने के बाद सफाई करने से सबसे ज्यादा कीटाणु खत्म होते हैं, लेकिन अगर यह संभव न हो तो कम से कम सप्ताह में एक बार टॉयलेट की सफाई जरूर करें. अगर आप या घर में कोई बीमार है, तो और भी ज्यादा बार सफाई करना जरूरी है. टॉयलेट साफ करने का सही तरीकाटॉयलेट बाउल को साफ करने के लिए, ब्लीच वाले कमर्शियल क्लीनर आमतौर पर एक अच्छा विकल्प होता है. साथ ही, टॉयलेट के किनारे और अंदरूनी हिस्से को साफ करने के लिए लंबे हैंडल वाले ब्रिसल ब्रश का इस्तेमाल करें. टॉयलेट के बाहरी हिस्से को बाथरूम क्लीनर से साफ करें और फिर वाइप्स या स्प्रे से कीटाणुरहित करें. इस बात का ध्यान रखेंबाथरूम की सफाई में सिर्फ टॉयलेट सीट नहीं बल्कि इसमें सिंक, काउंटरटॉप्स, दीवार, शावर कर्टन की भी शामिल है. साथ ही, हर बार इस्तेमाल के बाद टॉयलेट ब्रश जैसे बाथरूम की सफाई के सभी चीजों को ब्लीच से साफ करना न भूलें ताकि बचे हुए बैक्टीरिया खत्म हो जाएं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 12, 2026, 19:13 IST
देवास में उपमुख्यमंत्री, अंबेडकर जयंती पर दिया समानता का संदेश:वंदे मातरम विवाद और ब्लैकमेलिंग-भ्रूण हत्या मामले पर बोले- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी

मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा रविवार को देवास पहुंचे। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हितग्राही सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि बाबा साहब का जन्म मध्यप्रदेश की धरती पर हुआ। उन्होंने बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए समाज में समानता और न्याय के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर, उपमुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम के सदन में वंदे मातरम गायन को लेकर हुए विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने इस घटना को गलत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। देवास में सामने आए ब्लैकमेलिंग और कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े वायरल वीडियो मामले पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून अपना काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने न्याय का आश्वासन देते हुए कहा कि गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा।
धार में अंबेडकर जयंती समारोह कल, प्रभारी मंत्री विजयवर्गीय आएंगे:पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में होगा जिला स्तरीय कार्यक्रम

मध्य प्रदेश शासन के अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के निर्देशानुसार धार जिले में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती कल (13 अप्रैल) मनाई जाएगी। जिला स्तरीय मुख्य समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह जिला स्तरीय कार्यक्रम पीजी कॉलेज धार के ऑडिटोरियम हॉल में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। इसमें बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन, विचारों और समाज में उनके योगदान पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। जिला मुख्यालय के साथ-साथ धार जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों पर भी डॉ. अम्बेडकर जयंती समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रबुद्धजन उपस्थित रहेंगे। जिले की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में डॉ. अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में साप्ताहिक कार्यक्रमों की श्रृंखला 8 अप्रैल से जारी है। ये कार्यक्रम 14 अप्रैल तक चलेंगे, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को बाबा साहब के विचारों और आदर्शों से अवगत कराया जा रहा है। जिले में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। समारोह को सफल बनाने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
कहीं भी सूजन हो या दांत दर्द…चुटकियों में आराम दिलाएगा संगजराहत, आयुष डॉक्टर से जानिए तरीका

Last Updated:April 12, 2026, 18:50 IST Sanjrahat benefits : संगजराहत के फायदे जादुई हैं. लोकल 18 से बागपत के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी बताते हैं कि संगजराहत न सिर्फ पेट की बीमारियों में राहत देती है, दांत, त्वचा, बाल और शरीर की सूजन जैसी परेशानियों में भी बेहद फायदेमंद है. इसका पाउडर दर्द में राहत देता है. मसूड़ों को मजबूत करता है. यह शरीर में कहीं भी आई सूजन को भी कम करने में आगे है. हालांकि इसका उपयोग चिकित्सक की देखरेख में जरूरी मात्रा में ही करना चाहिए. बागपत. संगजराहत एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो कई रोगों में शरीर के लिए रामबाण है. इसका उपयोग करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है. पाचन शक्ति बढ़ने से शरीर को ताकत मिलती है. ये हड्डियों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. हालांकि इसका उपयोग चिकित्सक की देखरेख में जरूरी मात्रा में ही करना चाहिए. लोकल 18 से बागपत के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी बताते हैं कि संगजराहत का इस्तेमाल करने से शरीर पर चौंकाने वाले फायदे देखने को मिलते हैं. इनमें भी आराम डॉ. राघवेंद्र के मुताबिक, संगजराहत से पेट की गंभीर से गंभीर बीमारी में तेजी से राहत मिलती है. पेट में होने वाले अल्सर और किसी भी तरह के इन्फेक्शन में तेजी से आराम मिलता है, जिससे पाचन शक्ति मजबूत होती है और शरीर ताकतवर बनता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी बढ़ती है. संगजराहत का उपयोग करने से हड्डी मजबूत होती है. शरीर में किसी भी हिस्से में सूजन ठीक हो जाती है. कील-मुंहासों की छुट्टी डॉ. राघवेंद्र कहते हैं कि संगजराहत से त्वचा चमकदार बनती है. त्वचा पर होने वाले विकारों में तेजी से आराम मिलता है. कील-मुंहासे जैसी समस्या चेहरे पर नहीं पनपती और चेहरा चमकदार बना रहता है. दांतों में होने वाली समस्या में भी तेजी से आराम मिलता है. दांतों में में संक्रमण और पायरिया तेजी से ठीक होती है. संगजराहत का तासीर ठंडा होता है. इसका गर्मियों में उपयोग लाभकारी है. डॉ. राघवेंद्र के मुताबिक, संगजराहत का इस्तेमाल आप चूर्ण बनाकर, दही या मक्खन में मिलाकर कर सकते हैं. हालांकि इसका इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर लें. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Baghpat,Uttar Pradesh First Published : April 12, 2026, 18:50 IST
मामूली नहीं है यह फल! आंखों की रोशनी और शुगर के लिए है रामबाण; सिर्फ इतने दिन ही रहेगा उपलब्ध – News18 हिंदी

X मामूली नहीं है यह फल! आंखों की रोशनी और शुगर के लिए है रामबाण Cape Gooseberry Benefits: लौहनगरी के बाजारों में इन दिनों पीले रंग के नन्हे रसभरी (Cape Gooseberry) फल ने धूम मचा रखी है. बिष्टुपुर और साकची जैसे प्रमुख फल बाजारों में इसकी डिमांड इतनी ज्यादा है कि ₹200 प्रति किलो होने के बावजूद यह हाथों-हाथ बिक रहा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह साल में केवल 40 से 45 दिनों के लिए ही बाजार में नजर आता है. फल विक्रेताओं के अनुसार इस खास फल की खेप विशेष रूप से बिहार से मंगवाई जा रही है. खट्टे-मीठे स्वाद वाली रसभरी में विटामिन A और C की प्रचुर मात्रा होती है. जो आंखों की रोशनी बढ़ाने और इम्यूनिटी को लोहे जैसा मजबूत बनाने में कारगर है. यह फल केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि दवा के रूप में भी पसंद किया जा रहा है. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह रामबाण माना जाता है. साथ ही भीषण गर्मी में यह शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाकर त्वचा पर प्राकृतिक निखार लाता है. अगर आप भी इसका स्वाद चखना चाहते हैं, तो जल्दी करें, क्योंकि इसका सीजन जल्द ही खत्म होने वाला है.
अद्भुत है पेड़ों पर फलने वाली ‘जंगल जलेबी’, खाने से हड्डियां रहती हैं बुढ़ापे तक मजबूत, ये बड़े फायदे भी जान लें

Last Updated:April 12, 2026, 18:38 IST jungle jalebi ke fayde: आप चीनी की चाशनी में डूबी जलेबी तो खूब खाते होंगे, लेकिन क्या जंगलों में पेड़ों पर फलने वाली जंगल जलेबी का स्वाद कभी चखा है? वैसे तो ये आसानी से नहीं मिलती है, लेकिन कहीं दिख जाए तो जरूर खरीद कर खाएं. स्वाद के साथ ही ये सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होती है. इसके सेवन से इम्यूनिटी बूस्ट होती है. हड्डियां मजबूत होती हैं. जानिए, जंगल जलेबी में मौजूद पोषक तत्वों और इसके फायदों के बारे में यहां… जंगल जलेबी के फायदे. Jungle jalebi ke fayde: मीठी-मीठी मिठाई जलेबी तो आपने खूब खाई होगी. लेकिन पौष्टिक तत्वों से भरपूर पेड़ों पर फलने वाली जंगल जलेबी के बारे में शायद ही सुना हो. इस अनोखे फल का आयुर्वेद में खासा स्थान है. इसका स्वाद मीठे-खट्टे का मिश्रण है, जो सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है. आयरन, कैल्शियम, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह फल इम्युनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और हड्डियों को मजबूत बनाने में खासा मददगार है. जंगल जलेबी का वैज्ञानिक नाम पीथेसेलोबियम डल्स है. इसे मनीला तमरिंद या मद्रास थॉर्न के नाम से भी जाना जाता है. यह एक मध्यम आकार का सदाबहार पेड़ है, जिसकी फलियां मुड़ी हुई और जलेबी की तरह दिखती हैं. पकने पर ये फलियां लाल या गुलाबी रंग की हो जाती हैं. अंदर सफेद गूदेदार पल्प होता है, जिसमें मीठा-खट्टा स्वाद होता है. एक फली में करीब 10 बीज होते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. यह फल पौष्टिक तत्वों का खजाना है. इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जो एनीमिया से बचाता है और एनर्जी बढ़ाता है. कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं. विटामिन सी से भरपूर होने के कारण यह इम्युनिटी बूस्ट करता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. एंटीऑक्सीडेंट्स (फ्लेवोनॉयड्स, पॉलीफेनॉल्स) शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करते हैं, सूजन घटाते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं. पाचन की दृष्टि से भी यह फल बेहद उपयोगी है. इसमें डाइटरी फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो कब्ज दूर करता है, आंतों को स्वस्थ रखता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है. कई अध्ययनों में इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और ब्लड डायबिटीज नियंत्रित करने वाले गुण भी पाए गए हैं. पारंपरिक चिकित्सा में इसका इस्तेमाल पेट की समस्याओं, बुखार और त्वचा संबंधी परेशानियों में किया जाता है. इसके अलावा, कांटेदार होने के कारण यह पेड़ फेंसिंग और बाड़ के रूप में भी उपयोगी है. यह तेजी से बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी मदद करता है. गर्मियों में सड़क किनारे या बाजार में आसानी से उपलब्ध यह फल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद है. खास बात है कि इसे कच्चा खाया जा सकता है या जूस बनाकर पिया जा सकता है. हालांकि, ज्यादा मात्रा में सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 18:38 IST
सागर में 20 फीट गहरे कुएं में गिरा चीतल:मर्गा दरारिया का मामला, वन विभाग ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला, इलाज जारी

सागर जिले के गढ़ाकोटा क्षेत्र के ग्राम मुर्गा दरारिया में एक चीतल कुएं में गिर गया। करीब 20 फीट गहरे कुएं में वह पानी में तैरता नजर आया, जिसे देखकर ग्रामीणों में हलचल मच गई। चीतल को कुएं में गिरा देख ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही गढ़ाकोटा वन रेंज की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद रस्सियों की मदद से चीतल को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया। गिरने से घायल हुआ चीतल कुएं में गिरने के कारण चीतल घायल हो गया। वन अधिकारियों ने उसे इलाज के लिए गढ़ाकोटा पशु चिकित्सालय भेजा है, जहां उसका उपचार जारी है। वन विभाग के अनुसार, चीतल के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया जाएगा।







