Wednesday, 27 May 2026 | 04:14 PM

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राजगढ़ अस्पताल में हाईटेक ओटी शुरू, मंत्री ने शुभारंभ किया:बुलाए नहीं जाने पर विधायक अमरसिंह बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं, CM से शिकायत करूंगा

राजगढ़ अस्पताल में हाईटेक ओटी शुरू, मंत्री ने शुभारंभ किया:बुलाए नहीं जाने पर विधायक अमरसिंह बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं, CM से शिकायत करूंगा

राजगढ़ जिला अस्पताल में तैयार चार हाईटेक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का रविवार को राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने विधिवत फीता काटकर शुभारंभ किया। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से यह बड़ी सौगात मानी जा रही है, लेकिन कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने से सियासी विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में राजगढ़ विधायक अमरसिंह यादव और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू को नहीं बुलाया गया। इसे लेकर दोनों जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। विधायक ने इसे जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए सीधे उच्च स्तर पर शिकायत की चेतावनी दी। विधायक बोले- प्रशासन की तानाशाही मामले को लेकर विधायक अमरसिंह यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आज राजगढ़ जिला मुख्यालय पर एक मॉड्यूलर ओ.टी. का लोकार्पण मध्य प्रदेश शासन के लोकप्रिय मंत्री गौतम टेटवाल द्वारा किया गया है। उसमें क्षेत्रीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को सूचना नहीं दी गई। प्रशासन द्वारा यहां तानाशाही की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और मैं उसी पार्टी का विधायक हूं, फिर भी मुझे कानों-कान खबर नहीं हुई। मंत्री जी और मैं एक ही कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भी मुझे नहीं बताया और वहां चुपचाप चले गए। मैं प्रशासन की घोर निंदा करता हूं और इस मामले को लेकर संगठन में तथा मुख्यमंत्री मोहन यादव से शिकायत भी करूंगा। इस प्रकार एक जनप्रतिनिधि का अपमान यहां कराया जा रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में इतने बड़े कार्यक्रम की जानकारी तक न देना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सीएमएचओ और सिविल सर्जन के खिलाफ शिकायत की जाएगी। नपाध्यक्ष बोले- अस्पताल प्रबंधन की मनमानी, शिकायत करेंगे नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय स्तर का कार्यक्रम था, इसके बावजूद न विधायक को बुलाया गया, न उन्हें और न ही मंडल अध्यक्ष को सूचना दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन मनमानी कर रहा है और जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने भी मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से शिकायत करने की बात कही। मंत्री बोले- अब गंभीर सर्जरी के लिए बाहर नहीं जाना होगा राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि नए मॉड्यूलर ओटी शुरू होने से अब जिले के मरीजों को इंदौर या भोपाल जैसे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां मेजर, माइनर, ऑर्थोपेडिक और अन्य जटिल सर्जरी की सुविधा मिलेगी। उन्होंने ओटी का निरीक्षण कर मशीनों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं ओटी इन मॉड्यूलर ओटी में आधुनिक एयर फिल्टर सिस्टम और एंटी-बैक्टीरियल कोटिंग की सुविधा है, जिससे सर्जरी के दौरान संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इन ओटी के माध्यम से गंभीर बीमारियों की सर्जरी और अधिक सुरक्षित व सुलभ हो सकेगी। कार्यक्रम में एसपी अमित कुमार तलोनी, सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल, सिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा सहित चिकित्सा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

रायसेन सहित 4 जिलों का कृषि रोडमैप जारी:सही फसल और टिकाऊ खेती पर जोर; प्रत्येक ब्लॉक में 'बीज ग्राम' विकसित किए जाएंगे

रायसेन सहित 4 जिलों का कृषि रोडमैप जारी:सही फसल और टिकाऊ खेती पर जोर; प्रत्येक ब्लॉक में 'बीज ग्राम' विकसित किए जाएंगे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव के दौरान रविवार शाम को सीहोर, विदिशा, देवास और रायसेन जिले के लिए एक समग्र कृषि रोडमैप जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का अवलोकन किया और किसानों से संवाद करते हुए कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण, नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियां अपनाना आवश्यक है। गेहूं-धान पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य मंत्री चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि केवल उत्पादन बढ़ाने के बजाय मिट्टी, जलवायु और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सही फसल का चयन करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस रोडमैप में जल प्रबंधन, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन), बाजार से जुड़ाव और जलवायु-सहिष्णु खेती पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। रोडमैप में गेहूं और धान पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बजाय, टमाटर, प्याज, लहसुन, अनार जैसी सब्जियों और फलों के साथ-साथ ड्रैगन फ्रूट और एवोकाडो जैसी नई फसलों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। किसानों के लिए ‘सॉइल मोबाइल ऐप’ लॉन्च वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सॉइल मोबाइल ऐप’ लॉन्च किया गया है। यह ऐप किसानों को खेत पर ही खाद की सही मात्रा जानने में मदद करेगा। इसके अतिरिक्त, सॉइल हेल्थ कार्ड के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। चौहान ने घोषणा की कि प्रत्येक ब्लॉक में ‘बीज ग्राम’ विकसित किए जाएंगे, जहां किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे कृषि उत्पादन में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना है। किसानों को रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराने के लिए क्लीन प्लांट सेंटर, तथा कृषि मशीनों की सुविधा के लिए मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और प्रोसेसिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी बल दिया। साथ ही, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करके किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे खेती को टिकाऊ और अधिक लाभकारी बनाया जा सके। कार्यक्रम के बाद, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से भी चर्चा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह रोडमैप चारों जिलों के किसानों के लिए अत्यधिक फायदेमंद साबित होगा। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा भी उपस्थित थे।

ग्वालियर में बेटे ने मां में मारा चाकू, घायल:खाना मांगा था, मां ने कहा- अभी देती हूं, देर हुई तो गुस्से में कर दिया हमला

ग्वालियर में बेटे ने मां में मारा चाकू, घायल:खाना मांगा था, मां ने कहा- अभी देती हूं, देर हुई तो गुस्से में कर दिया हमला

ग्वालियर में एक बेटे ने अपनी मां पर चाकू से कातिलाना हमला कर दिया। चाकू महिला के हाथ (बाजू) में लगा, जिससे वह घायल हो गईं। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान आरोपी बेटा हत्या की धमकी देकर फरार हो गया। घटना बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सदाशिव नगर में गौरी शंकर स्कूल के पास की है। घायल महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल से सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। पुलिस ने घायल महिला की शिकायत पर उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, सदाशिव नगर निवासी धनेंद्र कुमार झा एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी नूतन (50) और बेटा रणदीप कुमार झा साथ रहते हैं। रणदीप शराब पीने का आदी है। गर्म रोटी बनाकर देने की बात कही शनिवार रात करीब 11:30 बजे नूतन घर का काम कर रही थीं। तभी उनका बेटा रणदीप घर आया और आते ही खाना देने को कहा। मां ने उसे थोड़ी देर इंतजार करने और गर्म रोटी बनाकर देने की बात कही। इस पर नाराज होकर रणदीप ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर वह किचन में गया और खाना देने में देरी से नाराज होकर पास में रखा चाकू उठाकर मां पर हमला कर दिया। इस दौरान चाकू महिला के हाथ में लगा, जिससे गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पहले FIR नहीं कराना चाहती थी महिला चाकू लगने के बाद भी घायल महिला शुरू में बेटे के खिलाफ FIR दर्ज नहीं कराना चाहती थी। पुलिस के पहुंचने पर उन्होंने पहले कहा कि किचन में काम करते समय उन्हें चोट लगी है, लेकिन पूछताछ में सच्चाई सामने आई और उन्होंने स्वीकार किया कि बेटे ने ही चाकू मारा है। इसके बाद पुलिस की समझाइश पर महिला ने आरोपी बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार ने बताया एक युवक ने सिर्फ खाना बनाने में देरी होने पर अपनी मां को चाकू मारा है। मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

सांभर का मांस खरीदने वाला तीसरा आरोपी गिरफ्तार:शिकार करने वाले युवकों ने 100 रुपए और एक बोतल शराब के बदले दिया था

सांभर का मांस खरीदने वाला तीसरा आरोपी गिरफ्तार:शिकार करने वाले युवकों ने 100 रुपए और एक बोतल शराब के बदले दिया था

दक्षिण पन्ना वन मंडल के मोहन्द्रा इलाके में सांभर के शिकार मामले में वन विभाग ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 9 अप्रैल को मोतीडोल बीट में हुए इस शिकार के बाद विभाग लगातार आरोपियों की धरपकड़ में जुटा था। इसी कड़ी में अब मांस खरीदने वाले शख्स को भी पकड़ लिया गया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब मुख्य आरोपी सोने सिंह और मलखान ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने शिकार किए गए सांभर का करीब 3-4 किलो मांस महेश चौधरी को बेचा था। यह सौदा सिर्फ 100 रुपए और एक बोतल शराब के बदले किया गया था। जानकारी मिलते ही टीम ने सोनमऊ खुर्द में दबिश देकर महेश को पकड़ लिया। भेजा गया जेल वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों का शिकार करना या उनका मांस खरीदना, दोनों ही जुर्म हैं और इस मामले में शामिल अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है।

‘सभी को पूछने का अधिकार है’: कर्नाटक के विधायक कैबिनेट फेरबदल को लेकर कांग्रेस आलाकमान से मिलेंगे | राजनीति समाचार

RCB Captain Rajat Patidar. (AP Images)

आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 20:50 IST कम से कम 40 वरिष्ठ विधायकों का एक समूह कांग्रेस आलाकमान से मिलने और नए चेहरों को मौका देने का आग्रह करने के लिए दिल्ली जा रहा है। सूत्रों ने कहा कि जहां कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया (आर) कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं, वहीं उनके डिप्टी डीके शिवकुमार (केंद्र) चाहते हैं कि कांग्रेस पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। (छवि: @सिद्धारमैया/एक्स/फ़ाइल) फेरबदल के बाद कर्नाटक कैबिनेट में प्रतिनिधित्व पाने के लिए कांग्रेस विधायकों का एक समूह नई दिल्ली में अपने शीर्ष नेतृत्व से मिलने के लिए तैयार है। कर्नाटक की मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर ने कहा कि विधायकों का एक समूह दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात करेगा, ताकि आलाकमान यह तय कर सके कि चीजों को कैसे आगे बढ़ाया जाए। हेब्बालकर ने कहा, “सभी विधायकों को मंत्री पद मांगने का अधिकार है; इस पर फैसला आलाकमान को करना है।” वह वीडियो देखें: वीडियो | बेंगलुरू: कर्नाटक की मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर का कहना है, “सभी विधायकों को मंत्री पद मांगने का अधिकार है; इस पर फैसला आलाकमान को करना है।” क्योंकि विधायकों का एक समूह राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल में प्रतिनिधित्व की मांग करते हुए दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मिल रहा है। (पूरा वीडियो पीटीआई पर उपलब्ध है…) pic.twitter.com/qKdzhKy0iI– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 12 अप्रैल 2026 कांग्रेस विधायक टीबी जयचंद्र ने कहा कि समूह तीन से अधिक कार्यकाल वाले विधायकों को शामिल करने का अनुरोध करने के लिए दिल्ली में बैठक करेगा। जयचंद्र ने कहा, “हम कैबिनेट फेरबदल के दौरान तीन कार्यकाल से अधिक समय तक सेवा दे चुके विधायकों को शामिल करने का अनुरोध करने के लिए दिल्ली में आलाकमान से मिलने जा रहे हैं।” वह वीडियो देखें: वीडियो | बेंगलुरु: कर्नाटक कांग्रेस विधायक टीबी जयचंद्र का कहना है, “हम कैबिनेट फेरबदल के दौरान तीन कार्यकाल से अधिक समय तक सेवा कर चुके विधायकों को शामिल करने का अनुरोध करने के लिए दिल्ली में आलाकमान से मिलने जा रहे हैं।” (पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/5BIGqTaojV– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 12 अप्रैल 2026 कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर कैबिनेट फेरबदल के लिए दबाव बढ़ रहा है। वरिष्ठ विधायकों का एक समूह दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान से मुलाकात करेगा और नए चेहरों को मौका देने का आग्रह करेगा. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, समूह में नई दिल्ली में राज्य सरकार के विशेष प्रतिनिधि जयचंद्र और विधानसभा के मुख्य सचेतक अशोक पट्टन शामिल होंगे। उनके कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला से मिलने की संभावना है। शनिवार (11 अप्रैल) को, जयचंद्र ने कहा कि दिल्ली यात्रा किसी के विशिष्ट नेतृत्व में नहीं है और हाल के विधानसभा सत्र के दौरान, तीन, चार और पांच बार जीतने वाले वरिष्ठ विधायकों ने मुलाकात की, चर्चा की और कुछ मामलों को उनके ध्यान में लाने के लिए पार्टी नेतृत्व से मिलने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “उपचुनाव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब जब संसद फिर से बैठ रही है और सभी नेता दिल्ली में होंगे, तो हमने सर्वसम्मति से उनसे मिलने का फैसला किया है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने खड़गे, वेणुगोपाल और सुरजेवाला के साथ-साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी मिलने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा, “पिछले तीन वर्षों के दौरान कई युवाओं को मौका दिया गया। अब हम अनुरोध करते हैं कि फेरबदल के दौरान प्रशासनिक अनुभव वाले वरिष्ठ विधायकों पर भी विचार किया जाए। यही हमारा मुख्य उद्देश्य है।” उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे करने वाली है। तीन से अधिक बार विधायक रह चुके 40 लोगों के इस समूह ने पिछले महीने सिद्धारमैया से मुलाकात की थी और उनसे अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करने का आग्रह किया था ताकि उन्हें मंत्री के रूप में सेवा करने का मौका मिल सके। उनसे मिलने के बाद, उन्होंने कहा कि वे 9 अप्रैल के उपचुनाव के बाद एक साथ दिल्ली जाएंगे, और कांग्रेस आलाकमान से मिलेंगे और फेरबदल में उनमें से कम से कम 20 को शामिल करने का अनुरोध करेंगे। सीएम पद को लेकर सत्ताधारी पार्टी के भीतर चल रही खींचतान के बीच कैबिनेट में फेरबदल की मांग सामने आई है. पार्टी सूत्रों ने कहा कि सिद्धारमैया कैबिनेट में फेरबदल के पक्ष में हैं, वहीं उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के कई अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि अगर कांग्रेस आलाकमान कैबिनेट फेरबदल को मंजूरी दे देता है, तो यह संकेत होगा कि मौजूदा मुख्यमंत्री पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, जिससे शिवकुमार की प्रतिष्ठित पद पर कब्जा करने की संभावना कम हो जाएगी। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित 34 मंत्रियों की स्वीकृत शक्ति है। वर्तमान में दो कैबिनेट स्थान खाली हैं – कर्नाटक महर्षि वाल्मिकी एसटी विकास निगम में गबन के आरोपों पर बी नागेंद्र के इस्तीफे और पार्टी आलाकमान के निर्देश पर केएन राजन्ना को बर्खास्त करने के बाद। (पीटीआई इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 20:50 IST समाचार राजनीति ‘सभी को पूछने का अधिकार है’: कर्नाटक के विधायक कैबिनेट फेरबदल को लेकर कांग्रेस आलाकमान से मिलेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल(टी)कर्नाटक कांग्रेस की राजनीति(टी)कांग्रेस विधायकों की दिल्ली बैठक(टी)लक्ष्मी हेब्बलकर का बयान(टी)टीबी जयचंद्र वरिष्ठ विधायक(टी)सिद्धारमैया बनाम डीके शिवकुमार(टी)कांग्रेस आलाकमान का फैसला(टी)कर्नाटक में मंत्री पद

मोहन बड़ोदिया कॉलेज के पास मिला बुजुर्ग का शव:मृतक सिकलीगर समाज के बताए गए, पुलिस ने लाश कब्जे में ली

मोहन बड़ोदिया कॉलेज के पास मिला बुजुर्ग का शव:मृतक सिकलीगर समाज के बताए गए, पुलिस ने लाश कब्जे में ली

शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया इलाके में रविवार दोपहर एक बुजुर्ग का शव मिला। कॉलेज के पास शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को करीब 3 बजे मिली थी। खबर मिलते ही थाना प्रभारी अरविंद तोमर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस की शुरुआती जांच में मृतक की शिनाख्त मोहन बड़ोदिया के रहने वाले 65 वर्षीय सिद्दूलाल के रूप में हुई है। वे सिकलीगर समाज के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद खुलेगा राज थाना प्रभारी अरविंद तोमर का कहना है कि अभी मौत की असली वजह सामने नहीं आई है। शव को सुरक्षित रखवा दिया गया है और सोमवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि बुजुर्ग की मौत कैसे हुई। पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

Pakistan Debt Payment Prep | Saudi Qatar Aid Eases UAE Pressure

Pakistan Debt Payment Prep | Saudi Qatar Aid Eases UAE Pressure

16 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान को सऊदी अरब और कतर से 5 अरब डॉलर (लगभग 46,500 करोड़ रुपए) की वित्तीय मदद मिलेगी। यह मदद ऐसे समय में आ रही है, जब देश को इस महीने के अंत तक UAE को 3.5 अरब डॉलर (लगभग 29,000 करोड़ रुपए) चुकाने हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की कमजोर विदेशी मुद्रा स्थिति संभालने के लिए यह मदद अहम मानी जा रही है। UAE ने हाल ही में कर्ज रोलओवर की नीति में बदलाव किए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने अप्रैल तक UAE का 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने का फैसला किया। तय शेड्यूल के मुताबिक 23 अप्रैल तक पाकिस्तान को इस कर्ज की आखरी किस्त देनी है। इसका मतलब कर्ज चुकाने के लिए सिर्फ 11 दिन का समय बाकी है। इसके अलावा, अप्रैल में पाकिस्तान को कुल करीब 4.8 अरब डॉलर चुकाने हैं, जिसमें एक बड़ा बॉन्ड भी शामिल है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दोहा में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात करते हुए। फोटो 31 अक्टूबर, 2024 की है। IMF की पाकिस्तान में पैसे बनाए रखने की शर्त IMF ने पाकिस्तान की खराब आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए 3 साल का प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत उसे करीब 7 अरब डॉलर की मदद मिलेगी। इसके बदले IMF ने शर्त रखी है कि पाकिस्तान के बड़े कर्जदाता सऊदी अरब, चीन और UAE अपने कर्ज के पैसे 3 साल तक तक पाकिस्तान में ही रखेंगे, यानी वे पैसा वापस नहीं निकालेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगे चलकर कतर, UAE की जगह ले सकता है। अप्रैल अंत तक UAE का पैसा चुकाना है UAE ने हाल में कर्ज रोलओवर की नीति बदलकर शॉर्ट-टर्म एक्सटेंशन शुरू कर दिया है, जिससे पाकिस्तान पर जल्दी भुगतान का दबाव बढ़ा। इसके बाद पाकिस्तान ने UAE का 3.5 अरब डॉलर यानी करीब 29,000 करोड़ रुपए का कर्ज 11, 17 और 23 अप्रैल को अलग-अलग किस्तों में लौटाने का फैसला लिया। ये फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब देश के विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा हिस्सा पहले ही दूसरे देशों की मदद पर टिका है। ये कर्ज पाकिस्तान को अलग-अलग समय पर मिला था। UAE ने 2018 में 2 अरब डॉलर का लोन दिया था, जिसे बार-बार बढ़ाया गया। 2023 में 1 अरब डॉलर और दिया गया था, ताकि पाकिस्तान IMF की शर्तें पूरी कर सके। शहबाज शरीफ UAE के शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ। फोटो 12 जून 2025 की है। साऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच साझेदारी साऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच साझेदारी काफी समय से चल रही है। इससे पहले औरंगजेब ने इस्लामाबाद में सऊदी वित्त मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जादान से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की। इस बैठक के बाद अधिकारियों ने इसे सकारात्मक बताया था। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंध और आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। औरंगजेब ने वॉशिंगटन में फिर से मुलाकात की इच्छा भी जताई। सऊदी अरब पहले से ही पाकिस्तान को आर्थिक मदद देता रहा है। अब तक वह 5 अरब डॉलर के डिपॉजिट को आगे बढ़ा चुका है। इस बीच सऊदी अरब ने शनिवार को पुष्टि की कि पाकिस्तान एयरफोर्स के पहले बैच का स्टॉफ, फाइटर जेट्स और सपोर्ट विमान सऊदी अरब के किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पहुंच चुके हैं। यह तैनाती दोनों देशों के बीच हुए एक जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत की गई है। शहबाज शरीफ सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के साथ। पाकिस्तान के वित्त मंत्री IMF मीटिंग के लिए वॉशिंगटन दौरे पर इसी बीच पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब वॉशिंगटन दौरे पर हैं। वह 13 से 18 अप्रैल तक होने वाली IMF और वर्ल्ड बैंक की स्प्रिंग मीटिंग में हिस्सा लेंगे। वह अपने दौरे में 50 से ज्यादा उच्च स्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। इनमें IMF, वर्ल्ड बैंक, निवेशक और कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। डॉन के मुताबिक, औरंगजेब चीन, सऊदी अरब, UAE, तुर्किये और ब्रिटेन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। वे G24 फाइनेंस मिनिस्टर्स मीटिंग और क्लाइमेट एक्शन फोरम में भी हिस्सा लेंगे। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी PM बोले- कर्ज मांगने में अब शर्म आती है: दूसरे देशों के सामने हमारा सिर झुका रहता है, उनकी शर्तें मानना हमारी मजबूरी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज ने विदेशी कर्ज पर देश की बढ़ती निर्भरता को लेकर नाराजगी जताई है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, शहबाज ने शुक्रवार को माना कि देश की बदहाल आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें बार‑बार विदेशी दौरों पर जाकर कर्ज मांगना पड़ा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजधानी इस्लामाबाद में कारोबारी नेताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको बताना चाहता हूं कि जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मैं दुनियाभर में पैसे मांगने जाते हैं तो हमें शर्म आती है।’ पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pakistan Debt Payment Prep | Saudi Qatar Aid Eases UAE Pressure

Pakistan Debt Payment Prep | Saudi Qatar Aid Eases UAE Pressure

1 घंटे पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान को सऊदी अरब और कतर से 5 अरब डॉलर (लगभग 46,500 करोड़ रुपए) की वित्तीय मदद मिलेगी। यह मदद ऐसे समय में आ रही है, जब देश को इस महीने के अंत तक UAE को 3.5 अरब डॉलर (लगभग 29,000 करोड़ रुपए) चुकाने हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की कमजोर विदेशी मुद्रा स्थिति संभालने के लिए यह मदद अहम मानी जा रही है। UAE ने हाल ही में कर्ज रोलओवर की नीति में बदलाव किए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने अप्रैल तक UAE का 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने का फैसला किया। तय शेड्यूल के मुताबिक 23 अप्रैल तक पाकिस्तान को इस कर्ज की आखरी किस्त देनी है। इसका मतलब कर्ज चुकाने के लिए सिर्फ 11 दिन का समय बाकी है। इसके अलावा, अप्रैल में पाकिस्तान को कुल करीब 4.8 अरब डॉलर चुकाने हैं, जिसमें एक बड़ा बॉन्ड भी शामिल है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दोहा में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात करते हुए। फोटो 31 अक्टूबर, 2024 की है। IMF की पाकिस्तान में पैसे बनाए रखने की शर्त IMF ने पाकिस्तान की खराब आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए 3 साल का प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत उसे करीब 7 अरब डॉलर की मदद मिलेगी। इसके बदले IMF ने शर्त रखी है कि पाकिस्तान के बड़े कर्जदाता सऊदी अरब, चीन और UAE अपने कर्ज के पैसे 3 साल तक तक पाकिस्तान में ही रखेंगे, यानी वे पैसा वापस नहीं निकालेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगे चलकर कतर, UAE की जगह ले सकता है। अप्रैल अंत तक UAE का पैसा चुकाना है UAE ने हाल में कर्ज रोलओवर की नीति बदलकर शॉर्ट-टर्म एक्सटेंशन शुरू कर दिया है, जिससे पाकिस्तान पर जल्दी भुगतान का दबाव बढ़ा। इसके बाद पाकिस्तान ने UAE का 3.5 अरब डॉलर यानी करीब 29,000 करोड़ रुपए का कर्ज 11, 17 और 23 अप्रैल को अलग-अलग किस्तों में लौटाने का फैसला लिया। ये फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब देश के विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा हिस्सा पहले ही दूसरे देशों की मदद पर टिका है। ये कर्ज पाकिस्तान को अलग-अलग समय पर मिला था। UAE ने 2018 में 2 अरब डॉलर का लोन दिया था, जिसे बार-बार बढ़ाया गया। 2023 में 1 अरब डॉलर और दिया गया था, ताकि पाकिस्तान IMF की शर्तें पूरी कर सके। शहबाज शरीफ UAE के शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ। फोटो 12 जून 2025 की है। साऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच साझेदारी साऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच साझेदारी काफी समय से चल रही है। इससे पहले औरंगजेब ने इस्लामाबाद में सऊदी वित्त मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जादान से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की। इस बैठक के बाद अधिकारियों ने इसे सकारात्मक बताया था। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंध और आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। औरंगजेब ने वॉशिंगटन में फिर से मुलाकात की इच्छा भी जताई। सऊदी अरब पहले से ही पाकिस्तान को आर्थिक मदद देता रहा है। अब तक वह 5 अरब डॉलर के डिपॉजिट को आगे बढ़ा चुका है। इस बीच सऊदी अरब ने शनिवार को पुष्टि की कि पाकिस्तान एयरफोर्स के पहले बैच का स्टॉफ, फाइटर जेट्स और सपोर्ट विमान सऊदी अरब के किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पहुंच चुके हैं। यह तैनाती दोनों देशों के बीच हुए एक जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत की गई है। शहबाज शरीफ सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के साथ। पाकिस्तान के वित्त मंत्री IMF मीटिंग के लिए वॉशिंगटन दौरे पर इसी बीच पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब वॉशिंगटन दौरे पर हैं। वह 13 से 18 अप्रैल तक होने वाली IMF और वर्ल्ड बैंक की स्प्रिंग मीटिंग में हिस्सा लेंगे। वह अपने दौरे में 50 से ज्यादा उच्च स्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। इनमें IMF, वर्ल्ड बैंक, निवेशक और कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। डॉन के मुताबिक, औरंगजेब चीन, सऊदी अरब, UAE, तुर्किये और ब्रिटेन के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। वे G24 फाइनेंस मिनिस्टर्स मीटिंग और क्लाइमेट एक्शन फोरम में भी हिस्सा लेंगे। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी PM बोले- कर्ज मांगने में अब शर्म आती है: दूसरे देशों के सामने हमारा सिर झुका रहता है, उनकी शर्तें मानना हमारी मजबूरी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज ने विदेशी कर्ज पर देश की बढ़ती निर्भरता को लेकर नाराजगी जताई है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, शहबाज ने शुक्रवार को माना कि देश की बदहाल आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें बार‑बार विदेशी दौरों पर जाकर कर्ज मांगना पड़ा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजधानी इस्लामाबाद में कारोबारी नेताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको बताना चाहता हूं कि जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मैं दुनियाभर में पैसे मांगने जाते हैं तो हमें शर्म आती है।’ पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कई मसालों पर भारी है यह अकेला पत्ता, खाने के बाद नहीं होती गर्मी और एसिडिटी

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Last Updated:April 12, 2026, 20:10 IST आज के दौर में जहां लोग मिलावटी मसालों और प्रोसेस्ड फूड के कारण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, वहां ऑल स्पाइस जैसे प्राकृतिक विकल्प की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है. यह पौधा न केवल गृहिणियों के लिए रसोई के बजट को संतुलित करने में सहायक है, बल्कि यह शरीर को भारी मसालों की गर्मी और एसिडिटी से भी बचाता है. सीतामढ़ी: ऑल स्पाइस एक ऐसा मसाला पौधा है जो अपनी बहुमुखी सुगंध और औषधीय गुणों के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इस पौधे की सबसे बड़ी विशेषता इसके नाम में ही है. इसमें लौंग, दालचीनी और जायफल जैसे कई मसालों की मिली-जुली खुशबू आती है. रसोई में सब्जी बनाते समय यदि केवल इसके पत्तों का छौंक लगा दिया जाए तो किसी अन्य मसाले की जरूरत नहीं रहती. यह भोजन की महक और स्वाद बढ़ाने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है. यह उन लोगों के लिए भी बेहतरीन है जिन्हें खाने में ज्यादा मसाला पसंद नहीं होता. उनके लिए ऑल स्पाइस बेहतरीन मसाला साबित हो रहा है. हमने इस मसाले के बारे में उनसे जानकारी ली जो लंबे समय से इसका सेवन कर रहे हैं. सीतामढ़ी के भाग्यनारायण सिंह करीब 10 वर्षों से लगातार ऑल स्पाइस का सेवन कर रहे हैं. वह इसे अपने दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं. उनके अनुसार, इस पौधे के इस्तेमाल से न केवल पाचन तंत्र बेहतर रहता है, बल्कि यह मसालों से होने वाले नुकसान से भी बचाता है. यह एक ही मसाला कई मसालों का स्वाद और महक दे देता है. भाग्यनारायण सिंह बताते हैं कि इसके नियमित उपयोग से सब्जी का स्वाद इतना बढ़िया हो जाता है कि बाजार के मिलावटी पिसे मसालों की कभी कमी महसूस ही नहीं होती. 10 साल का यह लंबा अनुभव बताता है कि यह पौधा टिकाऊ और स्वास्थ्यवर्धक है. तेजपत्ते की तरह करें इस्तेमालदेखने में यह पौधा काफी आकर्षक होता है और लगभग 7-8 फीट ऊंचा जाता है. इसकी पत्तियों का उपयोग ठीक उसी तरह किया जाता है जैसे भारतीय रसोई में तेजपत्ते का इस्तेमाल होता है. भाग्यनारायण सिंह ने बताया कि इसके पत्तों को सुखाकर या सीधे तोड़कर छौंक में डाला जा सकता है. दालचीनी के पौधे की तरह दिखने वाला यह पौधा घर के बगीचे में आसानी से लगाया जा सकता है. रिपोर्टर से बात करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसकी महक इतनी तेज और बेहतरीन है कि यह पूरे घर को अपनी खुशबू से भर देता है और भोजन को पौष्टिक बनाता है. स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का नया विकल्पआज के दौर में जहां लोग मिलावटी मसालों और प्रोसेस्ड फूड के कारण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, वहां ऑल स्पाइस जैसे प्राकृतिक विकल्प की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है. यह पौधा न केवल गृहिणियों के लिए रसोई के बजट को संतुलित करने में सहायक है, बल्कि यह शरीर को भारी मसालों की गर्मी और एसिडिटी से भी बचाता है. यदि आप भी अपनी रसोई में स्वाद के साथ-साथ सेहत का तड़का लगाना चाहते हैं, तो आप भी भाग्यनारायण सिंह की तरह ऑल स्पाइस के पौधे को अपने बगीचे का हिस्सा बना सकते हैं. यह भविष्य की स्मार्ट कुकिंग की ओर एक बड़ा कदम है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar First Published : April 12, 2026, 20:10 IST

धार के 3.86 करोड़ के स्विमिंग पूल में लापरवाही:दो दिन से कोच नहीं, बच्चे बिना प्रशिक्षण पानी में उतर रहे

धार के 3.86 करोड़ के स्विमिंग पूल में लापरवाही:दो दिन से कोच नहीं, बच्चे बिना प्रशिक्षण पानी में उतर रहे

धार के उदय रंजन मैदान स्थित 3.86 करोड़ रुपए की लागत से बने स्विमिंग पूल में अव्यवस्था और लापरवाही सामने आई है। दावा किया गया था कि यहां 10 कोच होंगे, लेकिन पिछले दो दिनों से एक भी कोच मौजूद नहीं है, फिर भी पूल का संचालन जारी है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को पूल पर कुछ युवकों और कोचों के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान युवकों ने कोचों के साथ मारपीट की, जिसके बाद सभी कोच वहां से चले गए और तब से ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। हैरानी की बात यह है कि शनिवार को बिना किसी कोच की उपस्थिति में बच्चों को स्विमिंग कराई गई। रविवार को भी पूल पर कोई कोच मौजूद नहीं था, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वीमिंग के नाम पर 2500 रुपए महीने लिए जा रहे स्थानीय लोगों का कहना है कि स्विमिंग के नाम पर कोचिंग के साथ 2500 रुपए प्रति माह की फीस ली जा रही है। कोचों की अनुपस्थिति में लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, क्योंकि मोटी फीस देने के बावजूद उन्हें उचित प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास सावित्री ठाकुर ने आमजनों की सुविधा को देखते हुए स्विमिंग पूल की फीस कम कराने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है। मंत्री ने कहा कि इतनी अधिक फीस आम लोग नहीं दे सकते, इसलिए इसे कम किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि स्विमिंग पूल का निर्माण लोगों की सुविधा और बेहतर खिलाड़ियों को तैयार करने के उद्देश्य से किया गया है। वर्तमान अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन से चर्चा कर जल्द समाधान निकालने की बात भी उन्होंने कही। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, लोगों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।