बंगाल चुनाव 2026: ‘पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं…’, हुसैन दलवाई का बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर मोदी की सिलीगुड़ी में हुई चुनावी सभा के बाद बीजेपी ने दावा किया कि 4 मई को बंगाल में सरकार बनाई जा रही है. बीजेपी के दावे पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने तंजानिया कासा और कहा कि बीजेपी भले ही बहुत कोशिश कर ले, लेकिन बंगाल में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी. मुंबई में कांग्रेस नेताओं ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इससे बंगाल की जनता प्रभावित नहीं हो रही है। आरोप पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त बीजेपी कुछ भी आरोप लगाती रहती है. बंगाल में भाजपा को अपनी सरकार लानी है। एस मजबूत के माध्यम से लोगों से वोट देने का अधिकार छीना गया। चुनाव आयोग अपने संस्थापक पर काम करता है, लेकिन फिर भी बंगाल में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी। दलवाई ने मशहूर गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा पूरे देश और पूरी दुनिया में एक ब्रांड का नाम थीं। हिंदी सिनेमा उनकी कारण सेवा थी। उन्होंने हजारों गाने गाए और लगभग हर गाना हिट हो गया। आने वाली कई पीढ़ियां उनके गाने गुनगुनाती हैं। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों ने देश के सिनेमा क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है। उनके गाने पूरी दुनिया में गाए जाते हैं, यहां तक कि जहां तक हिंदी समझ में नहीं आती, वहां भी लोग उनके गाने रिकॉर्ड करते हैं और गाते हैं। दलवेई ने कहा कि यह बहुत ही अजीब खबर है। हम उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति मिले। गैसोलीन की कमी को लेकर हुसैन दलवाई ने केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि पूरे देश में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन हकीकत ठीक है। दलवाई ने कहा कि जहां भी जाएं, लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं। चार-चार दिन में भी गैस नहीं मिल रही. लोग डिज़ाइन में खाना खाने को मजबूर हैं। कैमरा लेकर कहीं भी जाएं, स्केल्स दिखते हैं। सरकारी झूठ बोल रही है. समस्याएँ हैं, लेकिन झूठ नहीं बोलना चाहिए। यह भी पढ़ें- ‘आप हमारी टीम की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं’, 15 साल पूरे करने के साथ-साथ पूरे रोहित शर्मा को हार्दिक शुभकामनाएं’
Asha Bhosle Profile: Singers Biography, Love Story

15 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलिवुड की दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। 1960-70 के दशक की इंडियन पॉप और कैबरे आर्टिस्ट कही जाने वाली आशा ने 8 दशक के करियर में 12,000 से भी ज्यादा गाने गाए हैं। भारतीय संगीत जगत में अगर किसी आवाज ने हर दौर, हर जॉनर और हर इमोशन को जिया है, तो वो हैं आशा भोसले। उन्होंने म्यूजिक इंटस्ट्री में अपनी अलग छाप छोड़ी है। कैबरे से गजल तक, डिस्को से क्लासिकल तक, ऐसा कुछ नहीं जो उनसे अनछुआ रह गया हो। उनके सबसे पॉपुलर गानों में ‘उड़े जब-जब जुल्फें तेरी’, ‘दम मारो दम’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘दिल चीज क्या है’ और ‘इन आंखों की मस्ती’ शामिल है। बॉलिवुड प्लेबैक सिंगर आशा भोसले का जन्म म्यूजिक और थिएटर में अपनी पैठ जमा चुके परिवार में हुआ। पिता दीनानाथ मंगेशकर मराठी स्टेज एक्टर और हिंदुस्तानी क्लासिकल सिंगर थे। मां गृहिणी और परिवार में और 4 भाई-बहन थे। सबसे बड़ी बहन लता मंगेशकर थीं। सिंगर्स को मिमिक कर गाना सीखा आशा 9 साल की थी जब तंग हाल में पिता का देहांत हो गया। गुजर-बसर करने के लिए परिवार पहले पुणे से कोल्हापुर फिर मुंबई आ गया। तब घर की जिम्मेदारियां उठाने के लिए सिर्फ 13 साल की उम्र में बड़ी बहन लता मंगेशकर ने फिल्मों में गाना शुरू कर दिया। जल्द आशा भी उनके साथ हो लीं। गाने की कोई फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं हुई थी, पर पिता से मिली विरासत ने उन्हें हमेशा क्लासिकल म्यूजिक के करीब रखा था। बचपन में अक्सर गानें सुनकर खुद की आवाज में उसे गाने की कोशिश करतीं। सिंगर्स को मिमिक कर उन्हें कॉपी करतीं। इसकी वजह से उनकी आवाज में वो लचीलापन आया जिसकी बदौलत उन्होंने गजल, पॉप, कैबरे, भजन से लेकर फोक तक, लगभग हर जॉनर में गाया है। वेस्टर्न म्यूजिक और इंग्लिश फिल्मों की दीवानी थीं इंडिन क्लासिकल म्यूजिक के अलावा उन पर वेस्टर्न जैज और लैटिन अमेरिन म्यूजिक का भी खासा प्रभाव रहा। आशा 9 साल की उम्र से ‘गॉन विद द विंड’ और ‘फॉर हुम द बेल टोल्स’ जैसी इंग्लिश फिल्मों की दीवानी थीं। उन्हें फ्रेड एस्टेयर की सारी फिल्में पसंद थी। उन्हें खासकर पुर्तगाली-ब्राजीलियन एक्ट्रेस और सांबा सिंगर कारमेन मिरांडा की सल्ट्री वॉइय बहुत पसंद थी। वो अक्सर घर में दुपट्टा ओढ़कर ‘Mama yo quiero’ गाते हुए कारमेन मिरांडा की तरह डांस किया करतीं। ये सब देख उनकी मां को लगता कि ये लड़की पागल है। 1986 में आई डॉक्यूमेंट्री ‘आशा’ में उन्होंने ये सब बताया था। 10 साल में सिंगिंग डेब्यू किया आशा भोसले ने महज 10 साल की उम्र में मराठी फिल्मों में गाकर अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की। 1943 में आई फिल्म ‘माझा बल’ में गीत गाकर सिंगिंग डेब्यू किया। फिर 1949 में आई जगदीश सेठी की फिल्म ‘रात की रानी’ में उन्हें पहला सोलो हिंदी सॉन्ग मिला। इसी साल ‘महल’ फिल्म के गीत के सक्सेस ने लता को रातों-रात स्टार बना दिया। ऐसे में आशा के लिए मुश्किलें बढ़ीं जब हर गीत के लिए प्रोड्यूसर्स की पहली पसंद लता मंगेशकर हो गईं। लता नहीं तो गीता दत्त या शमशाद बेगम उनकी दूसरी पसंद होती। ऐसे में आशा का नाम उस लिस्ट में दूर तक नहीं आता। आशा को बी-ग्रेड या कम बजट फिल्मों में ही गाने मिलते। वे भी जो मिला वो करती गईं। फिर 1957 में फिल्म आई ‘नया दौर’। उसमें उन्हें बड़ा ब्रेक मिला। फिल्म के गीत ‘उड़े जब-जब जुल्फें तेरी’ से वो हर घर में जानी जाने लगीं। अपनी उम्र से दोगुने उम्र के गणपतराव से भागकर शादी की 1949 में 16 साल की उम्र में आशा ने 31 साल के गणपतराव भोसले के साथ घर से भागकर, परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली। गणपतराव भोसले लता मंगशकर के सेक्रेटरी थे। इससे नाराज आशा के परिवार ने उनसे बातचीत बंद कर दी। इससे दोनों बहनों के बीच भी दरार आ गई। एक-दूसरे के साथ साए की तरह रहने वाली बहनों के बीच ऐसी दरार आई कि भरने में सालों लगे। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि एक दौर ऐसा भी था जब उनके रिश्ते बहुत कड़वे हो गए थे और सालों तक बातचीत तक बंद रही। लता को लगता था कि वो इंसान आशा के लिए सही नहीं है। ससुराल वालों को गायक बहू पसंद नहीं थी लता की ये सोच सही साबित हुई। गणपतराव से आशा की शादी किसी भयावह सपने से कम नहीं थी। उन्होंने कई बार इंटरव्यूज में बताया कि उनका ससुराल बहुत ऑर्थोडॉक्स था जिन्हें एक गायक बहू पसंद नहीं थी। पति अक्सर पीटा करता था और शक करता था। इस शादी में आशा का दम घुटने लगा। एक ओर निजी जिंदगी तबाह हो रही थी तो दूसरी ओर पेशेवर जिंदगी भी बेहद उतार-चढ़ाव और मुश्किलों से गुजर रही थी। आखिरकार, 1960 में आशा ने पति गणपतराव को तलाक दिया और अपने बच्चों को अपने साथ ले गईं। हालांकि, उन्होंने गणपतराव भोसले को अपनी जिंदगी से तो निकाल दिया लेकिन अपना सरनेम नहीं बदला। ऐसा इसलिए कि वो तब तक हर भारतीय घर में इसी नाम से पहचान बना चुकी थीं। लता हिरोइन तो आशा वैम्प की आवाज बनीं लिजेंड्री म्युजिकल डुओ कल्याणजी-आनंदजी ने 2013 के एक इंटरव्यू में बताया था कि लता को शुरुआती करियर में ऐसे गाने मिलते जो सच्ची और अच्छी भारतीय औरत पर फिल्माए गए हों। वहीं आशा को बचे-खुचे या फिर वैम्प (फिमेल विलेन) के और कैबरे सिंगर के ही गाने मिलते। ऐसे गाने जो सेंसुअस और सल्ट्री हो। इसके साथ ही एक ओर एक गाना गाने के लिए लता को उस समय में करीब 500 रुपए मिलते वहीं आशा को 100 रुपए मिलते। लता के पास इतना काम आता कि उसमें से उन्हें चुनना पड़ता लेकिन आशा को बमुश्किल जो मिलता वही गाना पड़ता। बहन से आगे निकलना चाहती थीं ऐसे में आशा के मन में लता से प्रतिस्पर्धा की भावना जागी। आशा ने ठान लिया कि वे खुद को साबित करके रहेंगी। वो आगे बढ़ने के लिए बेताब थीं कि तभी O.P. नैयर से आशा की मुलाकात हुई। O.P. नैयर ने उन्हें सिंगिंग करियर का बड़ा ब्रेक दिया। आशा
Japanese Walking : 10,000 कदम की जरूरत नहीं, तेजी से वजन घटाना है तो इस जापानी सीक्रेट को जान लीजिए

Last Updated:April 13, 2026, 11:27 IST Japanese Secret to Weight Loss: अक्सर आपने सुना होगा कि रोज 10 हजार कदम चलेंगे तो यह वेट लॉस का सबसे अच्छा साधन साबित होगा. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जापान के लोग खुद को फिट रखने के लिए 10 हजार कदम को उतना अहमियत नहीं देते. इसके बजाय वे अपना खास सीक्रेट अपनाते हैं जो उनके देश में सदियों पुरानी संस्कृति का हिस्सा है. यही कारण है कि जापान के लोगों में मोटापा न के बराबर होता है. शायद ही किसी जापानी इंसान को आप मोटे देखे होंगे. तो आइए जानते हैं कि जापानी लोग किस तरह का सीक्रेट अपनाते हैं. सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से लोकप्रिय हो रही ‘जापानी वॉकिंग मेथड’ वॉकिंग करने वालों को खूब आकर्षित कर रही है. इसे ‘इंटरवल वॉकिंग ट्रेनिंग’ (Interval Walking Training – IWT) भी कहा जाता है. इसके बारे में विस्तार से इस लेख में जान सकते हैं. जापान के शिन्शु विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों द्वारा विकसित यह तरीका कम समय में अधिक लाभ देने के कारण दुनिया भर में ट्रेंड बन रहा है. सामान्य वॉकिंग में हम एक ही गति से चलते हैं, लेकिन इस जापानी पद्धति में चलने की स्पीड को बदलते रहना होता है. इसका बेसिक फॉर्मूला 3:3 होता है. यानि पहले 3 मिनट तक आपको जितना तेज चल सकते हैं, उतनी तेज चाल से चलना चाहिए. इस दौरान आपको अपनी धड़कन तेज होती हुई महसूस होनी चाहिए. इसका मतलब यह नहीं कि आप पहले ही दिन से बहुत तेज दौड़ 3 मिनट तक लगा लें. पहले दिन 30 सेकेंड तक तेज दौड़ लगाएं फिर इस समय को धीरे-धीरे बढ़ाएं. तीन मिनट तक तेज दौड़ या वॉकिंग के बाद आप 3 मिनट तक आराम करें. गहरी सांस लें. इसके बाद दोबारा से 3 मिनट उसी तरह वॉक या रनिंग करें. यह क्रम आधे घंटे तक दोहराते रहें. यानी आराम के साथ रनिंग. इसमें आपको ज्यादा परेशानी नहीं होती है और आप आराम से इसे कर पाते हैं. लागातार वॉक करने की स्टेमिना सबमें नहीं होती है. आप 3 मिनट की जगह एक या दो मिनट के अंतराल पर भी ऐसा कर सकते हैं. यानी 1 मिनट तेज वॉक या रनिंग और अगले 1 मिनट तक आराम. Add News18 as Preferred Source on Google आमतौर पर हम 10,000 कदम चलने को बेहतर मानते हैं, लेकिन शोध बताते हैं कि यह 30 मिनट की इंटरवल वॉकिंग उससे ज्यादा फायदे देती है. जापान में ऐसा काम लोग सदियों से करते रहे हैं. इस पर रिसर्च भले ही कुछ साल से हो रही हो लेकिन यह क्रम जापान की संस्कृति में रची बसी है. वहां के लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं. आजकल फिटनेस के शौकीनों के बीच इसे एक महत्वपूर्ण ‘लाइफ हैक’ के रूप में देखा जा रहा है. जापानी वॉकिंग तरीके में चलते समय हार्ट रेट को बढ़ाने और घटाने से हार्ट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और ब्लड प्रेशर भी कम होता है. अब सवाल यह है कि इससे वजन कैसे कम होता है. इसका सिंपल फंडा है. यदि आप सिर्फ वॉक करेंगे तो इससे कैलोरी उतनी नहीं बर्न होगी. इसके बजाय यदि आप तेज वॉक या रनिंग करते हैं तो सामान्य वॉकिंग की तुलना में इसमें 20% से 30% तक अधिक कैलोरी बर्न होती है. इससे वजन तेजी से कम होता है. इसकी एक खास बात यह भी है कि बुजुर्ग और जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोग भी इसे आसानी से कर सकते हैं. क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा मेहनत और स्टेमिना की जरूरत नहीं होती है. साथ ही ऐसा करने से शरीर के लचीलापन और स्टेमिना को भी आसानी से बढ़ाया जा सकता है. फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग इसे रोजाना नहीं कर सकते हैं उसे भी ज्यादा फायदा है. अगर इसे हफ्ते में 4 या 5 दिन भी किया जाए, तो शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगते हैं. इससे हार्ट और लंग्स की क्षमता बढ़ती है और लंग्स फंक्शन बेहतर होता है. आपके फेफड़े में ऑक्सीजन को ज्यादा ग्रहण करने की क्षमता बढ़ेगी. जो युवा अपनी दिनचर्या में रोज 10 हजार कदम वॉकिंग को शामिल करते हैं, उनके लिए यह विकल्प बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. युवा ही नहीं जो लोग ऑफिस जाने वाले हैं उनके लिए भी यह कम समय में काम निकलने वाली एक्सरसाइज है. इससे मन की एकाग्रता भी बढ़ सकती है. First Published : April 13, 2026, 11:27 IST
तमिलनाडु चुनाव 2026: तमिलनाडु चुनाव 2026: नमो ऐप के जरिए आज मोदी रैली संवाद करेंगे।

विधानसभा चुनाव 2026: जैसे-जैसे टेम्प्लेट में विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक नमूने भी तेज़ होते जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम 4 बजे तमिलनाडु भाजपा प्रवचन से वर्चुअल संवाद करेंगे। यह संवाद ‘मेरा पोलिंग बूथ, दलित पोलिंग बूथ’ कार्यक्रम के तहत होगा, जिसका मकसद ग्राउंड लेवल पर पार्टियों को बढ़ावा देना और संगठन को मजबूत करना है। नमो ऐप के माध्यम से होगी वर्चुअल असेंबली यह बातचीत ‘नमो’ ऐप के माध्यम से होगी, जिसमें बूथ स्तर के कार्यकर्ता की भर्ती में वित्तीय सहायता शामिल होगी। पार्टी के दस्तावेजों के मुताबिक, तमिलनाडु में बीजेपी के करीब पांच लाख बूथ समिति के सदस्य हैं, जिनमें इस संवाद में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में तमिलनाडु के सोशियल प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि स्टेट के लॉजिक ने स्कूल ऑफ एजुकेशन के पेशेवरों को शामिल किया है और उनके साथ ही प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट विजन को भी सामने रखा है। इस कार्यक्रम को चुनावी प्रचार के अंतिम चरण में एक अहम लक्ष्य माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर स्थिरता हासिल करना और सामग्री का लक्ष्य बढ़ाना है। इधर, राज्य के अन्य प्रमुख नेता भी चुनावी प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और एआईए एमएके स्टालिन के। पलानीस्वामी कांस्टेंट अलग-अलग क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं। तमिल में दो दिव्य यात्रा वहीं, आईएआइए आईएमके-भाजपा गठबंधन को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी इस सप्ताह तमिल के दो दिवसीय दौरे पर भी जाएंगे। इस दौरान वह 15 अप्रैल को कोयम्बटूर में एक और अहम रैली करेंगे। कोयम्बटूर की रैली में कोंगु क्षेत्र के कई प्रमुख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसे राज्य की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने भी तेजी से प्रचार अभियान चलाया. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नॉमिनेट नवीन सोमवार को गंधर्वकोटई में एक दरवाजे का जिक्र करेंगे। साथ ही, वह टोकावुर में बूथ समिति की उत्पादक बैठक में भाग लेकर अर्थशास्त्र रणनीति सिद्धांत में भाग लेता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जल्द ही तमिलनाडु में चुनाव प्रचार की संभावना है, जिसका विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, कई केंद्रीय मंत्री भी आने वाले दिनों में राज्य का दौरा कर साम्राज्यवादी गठबंधन के पक्ष में लोकतांत्रिक बनाने की कोशिश करेंगे।
सूदखोरी से परेशान युवक ने खाया जहर:5 हजार का कर्ज 1 लाख पहुंचा, परिजन ने झोलाछाप डॉक्टर पर लगाया आरोप

पन्ना जिले के अमानगंज में सूदखोरी से परेशान होकर एक 30 वर्षीय युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के लिए सतना ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान मझगवां शेख निवासी कल्याण सिंह राजपूत के रूप में हुई है। परिजनों ने एक झोला छाप डॉक्टर पर सूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। मृतक के पिता पहलवान सिंह ने बताया कि कल्याण सिंह ने कुछ समय पहले अमानगंज निवासी झोलाछाप डॉक्टर राघव ताम्रकार से 5 हजार रुपए उधार लिए थे। आरोप है कि राघव ने ब्याज पर ब्याज लगाकर इस राशि को 1 लाख रुपए में बदल दिया था। मानसिक दवाब में था पहलवान सिंह के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से राघव ताम्रकार लगातार कल्याण सिंह पर पैसे चुकाने का दबाव बना रहा था और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। इसी प्रताड़ना से तंग आकर कल्याण सिंह ने यह कदम उठाया। यह घटना 12 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे की है। कल्याण सिंह अमानगंज बाईपास पहुंचा, जहां उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जहर खाने के बाद उसने अपने परिजनों को फोन पर इसकी जानकारी दी। सतना ले जाते समय हुई मौत सूचना मिलते ही उसका बड़ा भाई मौके पर पहुंचा, जहां कल्याण सिंह गंभीर हालत में मिला। परिजन उसे तत्काल अमानगंज स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया। पन्ना में भी स्थिति में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उसे सतना ले जाने की सलाह दी। हालांकि, सतना ले जाते समय रास्ते में ही कल्याण सिंह की मौत हो गई। कल्याण सिंह की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। उसके परिवार में एक 9 वर्षीय बच्चा भी है। सूदखोर पर कार्रवाई की मांग मृतक के परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी सूदखोर के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी और का परिवार इस तरह तबाह न हो। फिलहाल पुलिस ने आज सोमवार 13 अप्रैल सुबह शव का पंचनामा कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
Summer Baby Care Tips: गर्मियों के मौसम में ऐसे करें छोटे बच्चों की देखभाल, कभी नहीं होगे बीमार, डॉक्टर से जानिए

Last Updated:April 13, 2026, 11:00 IST Baby Summer Care Tips: बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उनके आसपास का वातावरण संतुलित रखना बेहद जरूरी है. न ज्यादा गर्म और न ही ज्यादा ठंडा माहौल होना चाहिए क्योंकि दोनों ही स्थितियां बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं. विशेषज्ञों ने गर्मियों में बच्चों की देखभाल के लिए ट्रिपल H फॉर्मूला को सबसे प्रभावी बताया है, जिसमें हाइड्रेशन, हेल्थी डाइट और हाइजीन शामिल हैं. (रिपोर्ट: शिवांक द्विवेदी/सतना) गर्मी का मौसम शुरू होते ही बच्चों की सेहत पर खतरा मंडराने लगता है. तेज धूप, बढ़ता तापमान और बदलता खानपान बच्चों को जल्दी बीमार कर सकता है. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो डिहाइड्रेशन, लू और पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं. खासकर छोटे बच्चों में यह खतरा और ज्यादा होता है क्योंकि उनकी इम्युनिटी बाकियों के अपेक्षाकृत कमजोर होती है, इसलिए माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चों के खानपान, रहन-सहन और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. सतना जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश खरे ने बताया कि जैसे ही गर्मी बढ़ती है, वैसे ही अस्पतालों में बच्चों की संख्या भी बढ़ने लगती है. इस मौसम में बच्चों में वायरल इन्फेक्शन, उल्टी-दस्त और कमजोरी के मामले अधिक सामने आते हैं. कई बार माता-पिता इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं. डॉक्टर के अनुसार, बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उनके आसपास का वातावरण संतुलित रखना बेहद जरूरी है. न ज्यादा गर्म और न ही ज्यादा ठंडा माहौल होना चाहिए क्योंकि दोनों ही स्थितियां बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं. विशेषज्ञों ने गर्मियों में बच्चों की देखभाल के लिए ट्रिपल H फॉर्मूला को सबसे प्रभावी बताया है, जिसमें हाइड्रेशन, हेल्थी डाइट और हाइजीन शामिल हैं. Add News18 as Preferred Source on Google डॉक्टर ने कहा कि हाइड्रेशन जरूरी है, जिसमें बच्चों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना अनिवार्य है. इसके साथ ही नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और फलों का सेवन भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है. दूसरा आता है हेल्थी डाइट, जिसमें बच्चों को हल्का और पौष्टिक भोजन देना चाहिए. हरी सब्जियां, मौसमी फल जैसे- संतरा, मौसंबी, खरबूजा और खीरा शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल देते हैं. तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना इस मौसम में नुकसानदायक हो सकता है. फिर आता है हाइजीन, जिसमें नाम के ही मुताबिक साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. बच्चों को खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथ धोने की आदत डालें. साफ सुथरा खाना और स्वच्छ वातावरण बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभाता है. डॉक्टर का कहना है कि आजकल बच्चे बाहर का खाना, चौपाटी आइटम्स और पैकेज्ड ड्रिंक्स ज्यादा पसंद करते हैं, जो गर्मियों में सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं. ऐसे फूड्स में बैक्टीरिया और अनहाइजीनिक एलिमेंट्स होने का खतरा रहता है, जिससे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को घर का बना ताजा और साफ खाना ही दें. साथ ही बच्चों की पसंद का हेल्दी खाना तैयार करके उन्हें बाहर के खाने से दूर रखा जा सकता है. गर्मी के दिनों में बच्चों को तेज धूप में खेलने से बचाना चाहिए. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो उन्हें हल्के कपड़े पहनाएं, टोपी लगाएं और पर्याप्त पानी साथ रखें. दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना सबसे बेहतर उपाय है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर माता-पिता बच्चों के खानपान, साफ-सफाई और दिनचर्या पर ध्यान दें, तो गर्मियों में होने वाली अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है. छोटी-छोटी सावधानियां बच्चों को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस मौसम में बच्चों की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है. First Published : April 13, 2026, 11:00 IST
PM Modi to Address Women Leadership; Parliament Special Session

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ को लागू करने के लिए प्रस्तावित संशोधन के समर्थन में किया जा रहा है। PM मोदी ने कहा कि यह कार्यक्रम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के विषय पर चर्चा को आगे बढ़ाएगा। PMO के अनुसार, सम्मेलन में सरकार, एजुकेशन, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, समाज सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधि एक साथ जुटेंगे। गौरतलब है कि सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें रिजर्व करने का प्रावधान है। संसद में 16 अप्रैल से विशेष सत्र भी होगा महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करने के उद्देश्य से 16 अप्रैल को संसद का एक सत्र बुलाया जा रहा है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ ने महिलाओं के लिए आरक्षण को नई जनगणना और परिसीमन (सीमांकन) से जोड़ दिया था। जनगणना में हुई देरी के चलते, अब 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही आगे बढ़ने की योजना है। संशोधन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में 2 बड़े संशोधन की प्लानिंग सरकार ने दो बड़े संशोधनों की योजना बनाई है, जिसमें एक अलग परिसीमन विधेयक भी शामिल है। महिलाओं के लिए रिजर्वेशन तय करने के लिए इन दोनों विधेयकों को संवैधानिक संशोधन के तौर पर पारित किया जाना जरूरी है। मौजूदा स्थिति को बरकरार रखते हुए, OBC आरक्षण के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि SC/ST आरक्षण पहले की तरह ही जारी रहेगा। ———————– ये खबर भी पढ़ें… सोनिया गांधी का दावा- महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन असली मुद्दा: पूछा- चुनाव प्रचार के बीच विशेष सत्र की क्या जरूरत सोनिया गांधी ने सोमवार को महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने द हिन्दू (अखबार) में लिखा कि पीएम विपक्षी दलों से उन बिलों का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं, जिन्हें सरकार संसद के विशेष सत्र में जबरदस्ती पास कराना चाहती है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
PM Narendra Modi Update; Nari Shakti Vandan Sammelan

Hindi News National PM Narendra Modi Update; Nari Shakti Vandan Sammelan | Women Reservation Bill नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ को लागू करने के लिए प्रस्तावित संशोधन के समर्थन में किया जा रहा है। PM मोदी ने कहा कि यह कार्यक्रम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के विषय पर चर्चा को आगे बढ़ाएगा। PMO के अनुसार, सम्मेलन में सरकार, एजुकेशन, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, समाज सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधि एक साथ जुटेंगे। गौरतलब है कि सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें रिजर्व करने का प्रावधान है। संसद में 16 अप्रैल से विशेष सत्र भी होगा महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करने के उद्देश्य से 16 अप्रैल को संसद का एक सत्र बुलाया जा रहा है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ ने महिलाओं के लिए आरक्षण को नई जनगणना और परिसीमन (सीमांकन) से जोड़ दिया था। जनगणना में हुई देरी के चलते, अब 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही आगे बढ़ने की योजना है। संशोधन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में 2 बड़े संशोधन की प्लानिंग सरकार ने दो बड़े संशोधनों की योजना बनाई है, जिसमें एक अलग परिसीमन विधेयक भी शामिल है। महिलाओं के लिए रिजर्वेशन तय करने के लिए इन दोनों विधेयकों को संवैधानिक संशोधन के तौर पर पारित किया जाना जरूरी है। मौजूदा स्थिति को बरकरार रखते हुए, OBC आरक्षण के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि SC/ST आरक्षण पहले की तरह ही जारी रहेगा। ———————– ये खबर भी पढ़ें… सोनिया गांधी का दावा- महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन असली मुद्दा: पूछा- चुनाव प्रचार के बीच विशेष सत्र की क्या जरूरत सोनिया गांधी ने सोमवार को महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने द हिन्दू (अखबार) में लिखा कि पीएम विपक्षी दलों से उन बिलों का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं, जिन्हें सरकार संसद के विशेष सत्र में जबरदस्ती पास कराना चाहती है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
हिमाचल में युवती का गला काटकर मर्डर, आरोपी गिरफ्तार:ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पिटाई की, नशे में वारदात की आशंका, कॉलेज जाते वक्त हमला

हिमाचल प्रदेश के मंडी में सोमवार सुबह एक 19 वर्षीय युवती की गला और बाजू काटकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने के बाद फरार आरोपी को पुलिस ने साढ़े तीन घंटे बाद गिरफ्तार किया। इससे पहले ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से आरोपी की जमकर धुनाई की। पुलिस ने उसे घटनास्थल से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर ग्रामीणों की मदद से जंगल में पकड़ा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी विकास पटियाल (36) नशे का आदि बताया जा रहा है। वह, सरकाघाट के गोपालपुर के पतयालग गांव का रहने वाला है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार- आरोपी ने नशे में ही युवती का मर्डर कर डाला। अब तक की जांच में हत्या की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई और सनक में मर्डर बताया जा रहा है। मंडी के गोपालपुर में मर्डर यह घटना मंडी जिले के सरकाघाट के गोपालपुर क्षेत्र की है। युवती सुबह के समय अपने घर से कॉलेज को निकली थी। रास्ते में विकास पटियाल ने उसकी हत्या कर दी और खुद मौके से फरार हो गया। मृतक युवती की पहचान 19 वर्षीय सिया गुलेरिया पुत्री जोगिंद्र कुमार गांव नैण सरकाघाट मंडी के तौर पर हुई है। वह बीकॉम सेकेंड ईयर की स्टूडेंट थी। घर से एक किलोमीटर दूरी पर मर्डर सिया गुलेरिया अपने घर से करीब एक किलोमीटर दूर ही पहुंची थी। इस दौरान रास्ते में सिया गुलेरिया पर आरोपी ने हमला कर दिया और किसी तेजधार हथियार से गला व बाजू काट दी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल है। ग्रामीण आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित फरार हो गया था। इसके बाद, पुलिस ने टीमें गठित की और आरोपी को सरकाघाट के जंगल में दबोचा लिया। गुस्साएं ग्रामीणों ने आरोपी को पीटने की कोशिश की। पुलिस ने मुश्किल से ग्रामीणों को समझाया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुआ। पुलिस-फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी वहीं मंडी पुलिस को सुबह करीब साढ़े नौ बजे मर्डर की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर साक्ष्य जुटा रही है। इसके बाद युवती का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी गिरफ्तार: SP SP मंडी विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम मौके पर है और जांच में जुटी है। शव कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।
ग्वालियर स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते वक्त गिरी महिला:RPF जवान ने बचाया, घटना का सीसीटीवी वीडियो आया सामने

ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर शनिवार देर रात जीटी एक्सप्रेस में चढ़ते समय एक महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई। मौके पर तैनात RPF आरक्षक ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोमवार सामने आया है। सुनीता नाम की महिला ग्वालियर से आगरा जाने के लिए जीटी एक्सप्रेस में सवार होने आई थी। ट्रेन चलने लगी तो उसने जल्दबाजी में चढ़ने का प्रयास किया, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया। प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरी महिला पैर फिसलने से महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई। घटना के बाद वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात RPF जवान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को खींचकर बाहर निकाला। कुछ सेकंड की देरी से बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने से बचने की अपील की है। घटना के बाद महिला की हालत सामान्य बताई गई है।








