Saturday, 18 Apr 2026 | 07:26 AM

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Gold Down ₹8K, Silver ₹19K in 49 Days

Gold Down ₹8K, Silver ₹19K in 49 Days

नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-ईरान जंग के बीच आज सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,748 रुपए घटकर 1.51 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले गुरुवार को यह 1.53 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी 3,362 रुपए घटकर 2.48 लाख रुपए रह गई, जो 16 अप्रैल को 2.51 लाख रुपए पर थी। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 49 दिन में 7,739 और चांदी 18,770 सस्ती हुई है। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना ऑल टाइम हाई से ₹25 हजार सस्ता हुआ साल की शुरुआत में सोने में तेजी थी, लेकिन हाल के हफ्तों में मुनाफावसूली और ईरान जंग से गिरावट आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख मौजूदा स्थिति: उच्चतम स्तर से सोना ₹25 हजार सस्ता होकर अब 1.51 लाख/10 ग्राम आ चुका है। चांदी में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.48 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा और यह ऑल टाइम हाई से तेजी से नीचे आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख गिरावट का आंकड़ा: पिछले 78 दिन में चांदी ₹1.38 लाख गिरकर ₹2.48 लाख/किलो पर आई। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Google AI Gemini Blocks 48 Cr Ads in India (2025)

Google AI Gemini Blocks 48 Cr Ads in India (2025)

Hindi News Business Google AI Gemini Blocks 48 Cr Ads In India (2025) | 17 Lakh Accounts Suspended नई दिल्ली54 मिनट पहले कॉपी लिंक गूगल ने 2025 में दुनिया भर में 8.3 बिलियन यानी 830 करोड़ से ज्यादा खराब विज्ञापनों को हटाया है। टेक कंपनी गूगल ने 2025 में भारत में 48.37 करोड़ नियमों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों को हटाया या ब्लॉक किया है। इसी दौरान कंपनी ने अपने AI प्लेटफॉर्म जेमिनी की मदद से 17 लाख एडवरटाइजर अकाउंट्स भी सस्पेंड किए हैं। गुरुवार को जारी गूगल की 2025 एड्स सेफ्टी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। गूगल की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल लेवल पर कार्रवाई और भी बड़े पैमाने पर हुई है। पिछले साल दुनिया भर में 8.3 बिलियन यानी 830 करोड़ से ज्यादा खराब विज्ञापनों को हटाया गया। इसके साथ ही 2.49 करोड़ एडवरटाइजर अकाउंट्स को भी सस्पेंड किया गया है। कंपनी का दावा है कि हटाए गए कुल विज्ञापनों में से 99% को यूजर्स के देखने से पहले ही रोक दिया गया था। जेमिनी AI ने गूगल की ताकत बढ़ाई गूगल ने बताया कि जेमिनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल के जुड़ने से उसकी क्षमता में जबरदस्त सुधार हुआ है। आजकल स्कैमर्स भ्रामक विज्ञापन बनाने के लिए जेनेरेटिव एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। जेमिनी की मदद से ऐसे धोखेबाजों को रियल-टाइम में पहचानना और रोकना आसान हो गया है। इसकी कार्यकुशलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2024 के मुकाबले 2025 में यूजर्स की रिपोर्ट पर चार गुना तेजी से एक्शन लिया गया। की-वर्ड्स की जगह अब ‘इरादा’ समझता है सिस्टम गूगल के एड्स प्राइवेसी एंड सेफ्टी विभाग के वीपी और जनरल मैनेजर कीरत शर्मा ने बताया कि उनकी टीमें 24 घंटे काम करती हैं। कंपनी के नए मॉडल्स अब केवल कीवर्ड्स पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे विज्ञापनों के पीछे के इंटेंट यानी इरादे को भी समझते हैं। ये मॉडल अकाउंट की उम्र और व्यवहार जैसे अरबों संकेतों का एनालिसिस करते हैं। जिससे पकड़ में आने से बचने के लिए डिजाइन किए गए विज्ञापनों को भी पहले ही ब्लॉक कर दिया जाता है। भारत में 5 वजहों से सबसे ज्यादा विज्ञापन हटाए गए रिपोर्ट में भारत का विशेष जिक्र करते हुए बताया गया है कि यहां विज्ञापन हटाने की मुख्य वजहें क्या रहीं। टॉप 5 उल्लंघन इस प्रकार हैं… ट्रेडमार्क: दूसरे ब्रांड के नाम का गलत इस्तेमाल। फाइनेंशियल सर्विसेज: बैंकिंग या निवेश से जुड़े नियमों का उल्लंघन। कॉपीराइट: दूसरों के कंटेंट का बिना अनुमति उपयोग। पर्सनलाइजेशन: निजी जानकारी से जुड़ी नीतियों का उल्लंघन। एड नेटवर्क का दुरुपयोग: गूगल के विज्ञापन नेटवर्क के नियमों को तोड़ना। क्या होता है जेनेरेटिव एआई और एड्स सेफ्टी? जेनेरेटिव एआई: यह ऐसी तकनीक है जो टेक्स्ट, इमेज और वीडियो खुद बना सकती है। स्कैमर्स इसका उपयोग असली दिखने वाले फर्जी विज्ञापन बनाने में करते हैं। एड्स सेफ्टी रिपोर्ट: गूगल हर साल यह रिपोर्ट जारी करता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे कि उसने अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए हैं। ये खबर भी पढ़ें… चीन; अब पैंथर संभालेगा घर की कमान: सारे घरेलू काम करने को तैयार है ह्यूमनॉइड रोबोट, डिलीवरी शुरू अगर आप हाउस हेल्प या मेड की समस्या से परेशान हैं तो चिंता न करें। ह्यूमनॉइड रोबोट आपकी मदद के लिए बाजार में आ रहे हैं। चीनी रोबोटिक्स कंपनी यूनिक्स एआई ने पैंथर नाम का एक मानवाकार (ह्यूमनॉइड) रोबोट लॉन्च किया है। इसे खासतौर पर घरेलू कामों में मदद के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह घरों में उपयोग के लिए तैयार है। इसकी ग्लोबल डिलीवरी भी शुरू हो चुकी है। इसकी कीमत करीब 1 लाख डॉलर (करीब 90 लाख रुपए) बताई जा रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

फुटवियर ब्रांड के नाम में जुड़ा ‘एआई’, शेयर उछले 582%:सिलिकॉन वैली का स्टेटस सिंबल रहा ऑलबर्ड्स ब्रांड अब ‘जीपीयू’ के कारोबार में उतरा

फुटवियर ब्रांड के नाम में जुड़ा ‘एआई’, शेयर उछले 582%:सिलिकॉन वैली का स्टेटस सिंबल रहा ऑलबर्ड्स ब्रांड अब ‘जीपीयू’ के कारोबार में उतरा

कभी दुनिया के सबसे आरामदायक और ‘इको-फ्रेंडली’ जूते बनाने वाली कंपनी ऑलबर्ड्स ने बुधवार को कॉरपोरेट जगत का सबसे चौंकाने वाला ‘यू-टर्न’ लिया। कंपनी अपने जूतों के बिजनेस समेटेगी और एआई चिप बनाने के काम में उतरेगी। इस घोषणा के बाद वॉल स्ट्रीट पर कंपनी के शेयरों में 582% से अधिक की ऐतिहासिक उछाल देखी गई। नवंबर 2021 के बाद से ऑलबर्ड्स का शेयर लगातार दबाव में था। लेकिन बुधवार को जैसे ही कंपनी ने ‘जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर’ में उतरने का ऐलान किया, इसके शेयर रॉकेट की तरह चढ़े। मंगलवार की क्लोजिंग (2.5 डॉलर) के मुकाबले यह शेयर 14.5 डॉलर पर बंद हुआ। हालांकि, उछाल के बावजूद कंपनी की मार्केट वैल्यू 15 करोड़ डॉलर (करीब 1,397 करोड़ रुपए) से कम है, जो कभी 4 अरब डॉलर (37,245 करोड़ रुपए) थी। पर 2021 की लिस्टिंग के मुकाबले इसकी वैल्यू अब भी 90% कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑलबर्ड्स अब ‘न्यूबर्ड एआई’ के नाम से अपनी नई पहचान बनाएगी। कंपनी ने हाल ही में अपने फुटवियर एसेट्स और ब्रांडिंग को महज 39 मिलियन डॉलर में ‘अमेरिकन एक्सचेंज ग्रुप’ को बेच दिया। अब कंपनी गुप्त निवेशक के साथ 5 करोड़ डॉलर (करीब 465 करोड़ रुपए) का सौदा करके ‘हाई-परफॉरमेंस जीपीयू एसेट्स’ खरीदेगी। यानी जो कंपनी कभी ऊन से बने टिकाऊ जूते बेचती थी, अब वह टेक स्टार्टअप को कंप्यूटिंग पावर किराए पर देने का काम करेगी। ऑलबर्ड्स की पहचान ऊन से बने इको-फ्रेंडली जूतों से थी ऑलबर्ड्स की पहचान दुनिया भर में ऊन से बने इको-फ्रेंडली जूतों और ‘बी कॉर्प’ सर्टिफिकेशन (पर्यावरण मानकों वाली कंपनी) से थी। लेकिन एआई डेटा सेंटर्स चलाने में भारी बिजली व पानी की खपत होती है। इसीलिए कंपनी ने चार्टर से ‘पर्यावरण संरक्षण’ व ‘पब्लिक बेनिफिट’ जैसे शब्दों को हटाने का फैसला किया है। अगले माह शेयरधारकों से मंजूरी ली जाएगी। रिटेल एनालिस्ट हिथा हर्जोग का कहना है कि सिर्फ नाम में एआई जोड़ने से शेयर का इतना उछलना इसे एक ‘मीम स्टॉक’ जैसा बनाता है। अभी तक कंपनी ने कोई एआई उत्पाद या कमाई नहीं दिखाई है। बराक ओबामा की पहली पसंद थे कभी ये जूते 2014 में शुरू हुई ऑलबर्ड्स एक समय सिलिकॉन वैली के टेक वर्कर्स और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पहली पसंद थी। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी का नया तरीका बिजनेस बदलाव से ज्यादा उसे खत्म करने का तरीका है। जब भी कोई कंपनी डूबने लगती है, वह नई तकनीक का सहारा लेती है। 2017 में सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली ‘लॉन्ग आइलैंड आइस्ड टी’ ने नाम बदलकर ‘लॉन्ग ब्लॉकचेन’ रखा था, जिससे शेयर 380% उछले थे। बाद में कंपनी डीलिस्ट हुई और इनसाइडर ट्रेडिंग की बात सामने आई।

सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर की याचिका खारिज की:हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, नीतू परमार बन सकेंगी बैतूल नगर पालिका अध्यक्ष

सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर की याचिका खारिज की:हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, नीतू परमार बन सकेंगी बैतूल नगर पालिका अध्यक्ष

बैतूल। मुलताई। नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने वर्षा गढ़ेकर की याचिका प्रारंभिक सुनवाई में ही खारिज कर दी है। इस फैसले से हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने की उनकी कोशिश को झटका लगा है और नीतू परमार के अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारी के अनुसार, वर्षा गढ़ेकर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 6 अप्रैल 2026 के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। उन्होंने अपर जिला न्यायाधीश के पूर्व आदेश को सही ठहराते हुए धारा 92 के तहत अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका को स्वीकार नहीं किया और प्रारंभिक स्तर पर ही इसे खारिज कर दिया। वर्षा गढ़ेकर को इस दौरान किसी भी प्रकार की स्थगन राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती बताया जा रहा है कि इससे पहले भी वर्षा गढ़ेकर सुप्रीम कोर्ट गई थीं, जहां से मामले को सुनवाई के लिए हाईकोर्ट भेजा गया था। इसके बाद लगभग 90 दिनों तक विचार-विमर्श के बाद हाईकोर्ट ने 50 पेज का विस्तृत आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में नीतू परमार के पक्ष में निर्णय सुनाया था और उन्हें पुनः अध्यक्ष पद संभालने की अनुमति दी थी। वहीं, नीतू परमार की ओर से पहले ही सुप्रीम कोर्ट में केविएट दायर कर दी गई थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बिना उनका पक्ष सुने कोई अंतरिम आदेश जारी न हो। सुप्रीम कोर्ट में नीतू परमार की ओर से अधिवक्ता जयवीर नागर और आकाश नागर ने पैरवी की। नीतू परमार ने पदभार सौंपने की मांग की इधर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद नीतू परमार ने मुलताई पहुंचकर नगर पालिका अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को आवेदन देकर चार्ज सौंपने की मांग की है। हालांकि, अभी तक उन्हें पदभार नहीं दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे से भी शिकायत की है। उनके समर्थकों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते आदेश के क्रियान्वयन में देरी की जा रही है।

सेहत के लिये ताजे फ्रूट या जूस क्या है ज्यादा बेहतर? जानिये दोनों में अंतर

अब उदयपुर में भी दिखेंगे जिराफ! सज्जनगढ़ पार्क में शुरू हुई नई सफारी

आजकल सेहत को लेकर लोग काफी ज्यादा सजग हो गए हैं और इसी वजह से “फल खाएं या जूस पिएं?” यह सवाल अक्सर ज्यादातर लोगों के मन में उठता है. दोनों ही फलों से बने होते हैं और पोषण देते हैं, लेकिन सेहत के लिहाज़ से दोनों के फायदे और फर्क समझना ज़रूरी है. आइए विस्तार से जानते हैं कि ताजे फल बेहतर हैं या उनका बना हुआ जूस. ताजे फल: सेहत का संपूर्ण पैकेजताजे फल प्राकृतिक रूप में होते हैं और इनमें फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ताजे फल खाने के फायदे:फलों में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर करता है और कब्ज से बचाता है.फाइबर ब्लड शुगर को धीरे‑धीरे बढ़ने देता है, जिससे डायबिटीज का खतरा कम रहता है.फल खाने से पेट देर तक भरा रहता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है.चबाने की प्रक्रिया से दिमाग को तृप्ति का संदेश मिलता है, ओवरईटिंग नहीं होती.विटामिन C, A, पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पूरी मात्रा में मिलते हैं. यानी ताजे फल शरीर को संतुलित पोषण देते हैं और लंबे समय तक फायदा पहुंचाते हैं. फ्रूट जूस: तुरंत ऊर्जा लेकिन कुछ सीमाएंफ्रूट जूस खासतौर पर उन लोगों को पसंद आता है, जिन्हें जल्दी ऊर्जा चाहिए या फल चबाने में परेशानी होती है. जूस के फायदे:शरीर को तुरंत तरल और एनर्जी मिलती है.बीमार या कमजोर व्यक्ति के लिए आसानी से पचने वाला.गर्मियों में डिहाइड्रेशन से कुछ हद तक राहत. लेकिन जूस के नुकसान भी हैं: जूस निकालते समय फलों का फाइबर निकल जाता है.जूस में प्राकृतिक शुगर की मात्रा ज्यादा हो जाती है.बार‑बार जूस पीने से वजन बढ़ और ब्लड शुगर असंतुलित हो सकता है.पैकेट वाले जूस में प्रिज़र्वेटिव और अतिरिक्त चीनी हो सकती है. एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं?अधिकांश डाइट एक्सपर्ट्स के अनुसार, पूरा फल खाना जूस पीने से ज्यादा बेहतर है.अगर जूस पीना हो, तो घर का ताजा जूस लें, बिना चीनी मिलाए.स्मूदी (ब्लेंड किया हुआ फल) जूस से बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसमें फाइबर बना रहता है. अगर आपकी प्राथमिकता लंबी उम्र, अच्छा पाचन, संतुलित वजन और बेहतर शुगर कंट्रोल है, तो ताजे फल जूस से कहीं ज्यादा फायदेमंद होते हैं. जूस को कभी‑कभार लिया जा सकता है, लेकिन रोज़मर्रा की डाइट में पूरे फल ही शामिल करना सबसे समझदारी भरा विकल्प हो सकता है.

राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर 2 को लेकर कहा कि इसमें दाऊद इब्राहिम का किरदार सही तरीके से नहीं दिखाया गया। फिल्म धुरंधर 2 के रिलीज के बाद से ही राम गोपाल वर्मा इसकी क्राफ्ट और स्टोरीटेलिंग की तारीफ कर रहे हैं। हाल ही में राइटर हुसैन जैदी के साथ उनके यूट्यूब चैनल पर बातचीत में उन्होंने विस्तार से फिल्म को लेकर अपनी राय रखी। वर्मा ने कहा कि उन्हें फिल्म के कई पहलू प्रभावित करते हैं, लेकिन दाऊद इब्राहिम के किरदार को लेकर वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बस एक बात से असहमति है। मुझे लगता है कि दाऊद इब्राहिम को जिस तरह दिखाया गया है, वह सही नहीं है। उनके पास अपने सोर्स हो सकते हैं, लेकिन मेरी नजर में इसे गलत तरीके से दिखाया गया है।’ बता दें कि फिल्म में दाऊद को ‘बड़े साहब’ के रूप में दिखाया गया है, जो पाकिस्तान से भारत में आतंकी ऑपरेशन चलाने वाला मास्टरमाइंड है। दाऊद अब एक्टिव नहीं है: राम गोपाल वर्मा ने साफ किया कि वह इस विषय पर अंतिम अधिकार का दावा नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार दाऊद लंबे समय से इनएक्टिव है। वर्मा ने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक, दाऊद करीब 20 साल पहले आपराधिक गतिविधियों से दूर हो चुका है। उन्होंने यह भी माना कि इस मुद्दे पर पूरी सच्चाई कोई भी कन्फर्म नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “मैं इसे गलत साबित नहीं कर सकता और डायरेक्टर भी इसे सही साबित नहीं कर सकते।”

राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

राम गोपाल ने धुरंधर 2 पर उठाया सवाल:कहा- फिल्म में दाऊद इब्राहिम का रोल सही तरीके से नहीं दिखाया

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर 2 को लेकर कहा कि इसमें दाऊद इब्राहिम का किरदार सही तरीके से नहीं दिखाया गया। फिल्म धुरंधर 2 के रिलीज के बाद से ही राम गोपाल वर्मा इसकी क्राफ्ट और स्टोरीटेलिंग की तारीफ कर रहे हैं। हाल ही में राइटर हुसैन जैदी के साथ उनके यूट्यूब चैनल पर बातचीत में उन्होंने विस्तार से फिल्म को लेकर अपनी राय रखी। वर्मा ने कहा कि उन्हें फिल्म के कई पहलू प्रभावित करते हैं, लेकिन दाऊद इब्राहिम के किरदार को लेकर वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बस एक बात से असहमति है। मुझे लगता है कि दाऊद इब्राहिम को जिस तरह दिखाया गया है, वह सही नहीं है। उनके पास अपने सोर्स हो सकते हैं, लेकिन मेरी नजर में इसे गलत तरीके से दिखाया गया है।’ बता दें कि फिल्म में दाऊद को ‘बड़े साहब’ के रूप में दिखाया गया है, जो पाकिस्तान से भारत में आतंकी ऑपरेशन चलाने वाला मास्टरमाइंड है। दाऊद अब एक्टिव नहीं है: राम गोपाल वर्मा ने साफ किया कि वह इस विषय पर अंतिम अधिकार का दावा नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार दाऊद लंबे समय से इनएक्टिव है। वर्मा ने कहा कि उनकी समझ के मुताबिक, दाऊद करीब 20 साल पहले आपराधिक गतिविधियों से दूर हो चुका है। उन्होंने यह भी माना कि इस मुद्दे पर पूरी सच्चाई कोई भी कन्फर्म नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “मैं इसे गलत साबित नहीं कर सकता और डायरेक्टर भी इसे सही साबित नहीं कर सकते।”

हिमाचल CM पश्चिम बंगाल में करेंगे चुनाव प्रचार:जयराम बोले-सुक्खू का जाना अच्छी खबर, बिहार भी गए थे; वहां बोलेरो में फिट हुई कांग्रेस

हिमाचल CM पश्चिम बंगाल में करेंगे चुनाव प्रचार:जयराम बोले-सुक्खू का जाना अच्छी खबर, बिहार भी गए थे; वहां बोलेरो में फिट हुई कांग्रेस

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दोपहर बाद शिमला से दिल्ली रवाना हुए। वह, कल दिल्ली से कोलकाता जाएंगे। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को स्टार प्रचारक बना रखा है। सीएम सुक्खू शनिवार को कल सुबह दिल्ली से कोलकाता रवाना होंगे। वहीं सीएम सुक्खू के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि सीएम सुक्खू बिहार भी गए थे और वहां कांग्रेस विधायक दल बोलेरो गाड़ी में फिट हो गया। राजस्थान भी गए थे। वहां भी कांग्रेस की करारी हार हुई। दरअसल, बिहार में कांग्रेस कुल 6 सीटें जीत पाई थी। इस वजह से नेता प्रतिपक्ष ने सीएम सुक्खू पर यह तंज कसा। असम चुनाव में भी सुक्खू ने झूठ बोला: जयराम जयराम ने कहा कि कुछ दिन पहले सीएम सुक्खू असम भी गए थे। वहां पर भी सुक्खू ने 10 की 10 गारंटी पूरी करने का बहुत बड़ा झूठ बोला। कहा कि सभी महिलाओं को 1500-1500 रुपए, पांच लाख युवाओं को नौकरी जैसी सभी गारंटी पूरी कर दी है। सुक्खू का पश्चिम बंगाल जाना बीजेपी के लिए अच्छी खबर: नेता प्रतिपक्ष जयराम ने तंज भरे लहजे में कहा कि सीएम सुक्खू का पश्चिम बंगाल जाना बीजेपी के लिए अच्छी खबर है और वहां बीजेपी की सरकार बननी तय है। कल शाम कोलकाता रुकेंगे सीएम वहीं मुख्यमंत्री सुक्खू कल कोलकाता पहुंचकर कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। सीएम के वहां विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हुए जनसभाओं को संबोधित करने की संभावना है। शाम को सीएम कोलकाता में ही रुकेंगे। उनकी वापसी का कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।

उज्जैन में घर-गाड़ियों पर पत्थरबाजी:रहवासी बोले- लाठी-डंडे, चाकू-तलवार लेकर आए थे बदमाश; पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी

उज्जैन में घर-गाड़ियों पर पत्थरबाजी:रहवासी बोले- लाठी-डंडे, चाकू-तलवार लेकर आए थे बदमाश; पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी

उज्जैन के ढांचा भवन क्षेत्र में गुरुवार देर रात 10-12 अज्ञात बदमाशों ने घरों पर हमला कर पत्थरबाजी की और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। घटना रात करीब एक बजे की है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बदमाश ढांचा भवन के पास स्थित बाफना पार्क कॉलोनी पहुंचे और अचानक घरों के बाहर जमा होकर गाली-गलौज करने लगे। लाठी-डंडे, चाकू और तलवार से लैस थे हमलावर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर लाठी-डंडे, चाकू और तलवार जैसे हथियारों से लैस थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। बदमाशों ने पत्थरबाजी कर कई घरों की खिड़कियां तोड़ दीं। बाहर खड़ी गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त किया गया। डॉक्टर की कार और अन्य मकानों को नुकसान हमले में डॉ. प्रदीप अग्रवाल की कार के शीशे तोड़ दिए गए। एक सेवानिवृत्त शिक्षिका के घर पर भी पत्थर फेंके गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार बाहर गए हुए थे, जिससे घरों में केवल महिलाएं और बुजुर्ग ही मौजूद थे। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची घटना की जानकारी 112 के जरिए पुलिस को दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश:उन पर ब्रिटिश नागरिकता का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- CBI जांच करे

राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश:उन पर ब्रिटिश नागरिकता का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- CBI जांच करे

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। जज ने कहा, FIR दर्ज करके मामले को CBI को ट्रांसफर किया जाए। कोर्ट ने यह आदेश कर्नाटक भाजपा के कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता लेने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट को लगाए गए आरोपों की सत्यता पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं थी। कोर्ट ने CBI से मामले की जांच के आदेश भी दिए। 28 जनवरी, 2026 को MP-MLA कोर्ट ने विग्नेश शिशिर की याचिका को खारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा था- ‘मामले में हाईकोर्ट- सुप्रीम कोर्ट से अब तक कोई आदेश पारित नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता की ओर से नागरिकता (सिटीजनशिप) के संबंध में कोई नया या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।’ कोर्ट ने मंत्रालय से ‘टॉप सीक्रेट’ फाइलें ली सुनवाई के दौरान जज सुभाष विद्यार्थी ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन को निर्देश दिए थे कि मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज पेश करें। मंत्रालय ने केस से जुड़ी सभी फाइलें हाईकोर्ट में पेश कीं। विग्नेश शिशिर का दावा है कि उन्होंने कोर्ट के समक्ष ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं। वहां चुनावों में भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की मांग याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, पासपोर्ट एक्ट 1967 और फॉरेनर्स एक्ट 1946 के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता से जुड़ा गंभीर विषय है। शुक्रवार को सुनवाई में यूपी सरकार की तरफ से वकील डॉ. बीके सिंह पेश हुए थे। जबकि केंद्र सरकार का पक्ष वकील एसबी पांडेय ने रखा। याचिकाकर्ता विग्नेश पांडेय की तरफ से बिंदेश्वरी पांडेय कोर्ट में पहुंचे थे। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए। सीजेआई गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था- ‘हम यह याचिका खारिज करते हैं। इसमें कोई आधार नहीं है। ‘याचिका में कहा गया था, ‘कोर्ट राहुल की नागरिकता के बारे में मिली शिकायत पर जल्द फैसला करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश दे।’ याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता जय भगवान गोयल ने ब्रिटेन की कंपनी के 2005-06 के सालाना ब्योरे का जिक्र किया था। इसमें कथित तौर पर राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 बड़े मामले मोदी सरनेम केस में गई थी संसद की सदस्यता मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद 24 मार्च 2023 को राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त 2023 को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। …………………………… यह खबर भी पढ़ें जदयू के ललन सिंह बोले- अखिलेश मेरे मित्र हैं, कांग्रेस के चक्कर में मत पड़िए, सपा प्रमुख मुस्कुराते रहे लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने और सीटों के परिसीमन के लिए तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। इसी बीच, जदयू से मोदी सरकार में मंत्री ललन सिंह ने कहा- अखिलेश जी हमारे मित्र हैं। उनके (कांग्रेस) चक्कर में मत पड़िए, उनको झटका मारिए। बिहार में उनका क्या हुआ, जानते हैं न। लगातार कांग्रेस की सीटें घटती गईं। यह सुनकर अखिलेश यादव मुस्कुराने लगे। पढ़ें पूरी खबर…