प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में घातक रसायनों वाली डायलिसिस किट सप्लाई के मामले में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन और मप्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की टीम ने देवास नाका स्थित एमके ब्रदर्स से दवाओं के सैंपल जब्त किए। इधर, भास्कर पड़ताल में खुलासा हुआ कि करीब दो साल पहले सस्पेंड हो चुके लाइसेंस से थाइलैंड से संदिग्ध डायलिसिस किट भेजी गई। इसके अलावा बिना वैध इम्पोर्ट लाइसेंस के सिंगापुर से भी डायलिसिस किट मंगाने के दस्तावेज मिले हैं। भास्कर को मिले दस्तावेजों के मुताबिक थाइलैंड की बक्सटर कंपनी ने किडनी केयर बिजनेस अलग कर 10 जनवरी 2024 को ‘वैनटिव हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड’ बनाई। नियमों के मुताबिक- कंपनी के गठन या पते में बदलाव होता है, तो मौजूदा सर्टिफिकेट 90 दिन तक ही वैध माना जाता है। मप्र में किट सप्लाई करने वाली एमके ब्रदर्स ने 25 अगस्त 2025 को स्वीकार किया था कि वैनटिव कंपनी के पास आयात लाइसेंस नहीं है। वे पुराने लाइसेंस पर ही काम कर रही हैं। मतलब अप्रैल 2024 के बाद मप्र में सप्लाई की गई सभी डायलिसिस किट, फ्लुइड और उपकरण बिना वैध लाइसेंस के बेचे गए। ये सैंपल लिए गए
1.Peritoneal Dialysis Solution (2.5% Dextrose – IP): बैच नंबर A25D035, मैन्युफैक्चरर- बक्सटर थाईलैंड
2.Peritoneal Dialysis Solution (1.5% Dextrose – IP): बैच नंबर A25E049, मैन्युफैक्चरर- बक्सटर थाईलैंड
3.Extraneal (7.5% Icodextrin): बैच नंबर S25L08009, मैन्युफैक्चरर- वैनटिव मैन्युफैक्चरिंग, सिंगापुर
















































