T20 World Cup NZ vs Canada Match Under Scanner Amidst ICC Cricket Canada Probe

Hindi News Sports T20 World Cup NZ Vs Canada Match Under Scanner Amidst ICC Cricket Canada Probe स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा और न्यूजीलैंड के कप्तान डेरियल मिचेल टी-20 वर्ल्ड कप में टॉस के दौरान। , ICC की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) क्रिकेट कनाडा से जुड़े भ्रष्टाचार के दो मामलों की जांच कर रही है। इस जांच के दायरे में हाल ही में भारत और श्रीलंका में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप का एक मैच भी शामिल है। इसके अलावा, इंटरनेशनल और घरेलू लेवल पर एंटी-करप्शन कोड के संभावित उल्लंघनों की भी पड़ताल की जा रही है। ICC ने यह जांच कनाडा के पब्लिक ब्रॉडकास्टर CBC के कार्यक्रम में प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘करप्शन, क्राइम एंड क्रिकेट’ में लगाए गए आरोपों के बाद शुरू की। 43 मिनट की इस फिल्म में कनाडा क्रिकेट के प्रशासन और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच का एक ओवर शक के घेरे में डॉक्यूमेंट्री में टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच हुए मैच का जिक्र किया गया है। मैच में कनाडा ने तेज गेंदबाजों से शुरुआत की थी, लेकिन तीसरे ओवर में ही स्पिनर साद बिन जफर को ले आए। इसके बाद अगले स्पिनर के तौर पर रविंदरपाल सिंह बाजवा आए। बाजवा ने अपने ओवर की शुरुआत नो-बॉल से की, फिर लेग साइड पर एक वाइड फेंकी और अंत में उस ओवर में 15 रन दिए। बाजवा बल्लेबाज हैं जो पार्ट-टाइम ऑफ स्पिन करते हैं। उनके इसी ओवर की गेंदबाजी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह मैच भारत में 17 फरवरी को चेन्नई में खेला गया था। इस मैच में कनाडा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। कनाडा ने 4 विकेट पर 173 रन बनाए थे। इस मैच को न्यूजीलैंड ने 28 गेंद शेष रहते हुए टारगेट हासिल कर लिया और मैच को 8 विकेट से जीत लिया था। पूर्व कोच का दावा- ‘पसंदीदा प्लेयर्स को चुनने का दबाव था’ ICC की एंटी-करप्शन यूनिट जिस दूसरे मामले की जांच कर रही है, वह टीम चयन को लेकर कोच पर कथित दबाव से जुड़ा है। आरोप है कि टीम मैनेजमेंट की ओर से कोच पर कुछ खास खिलाड़ियों को चुनने के लिए दबाव बनाया गया। ICC एक लीक हुए ऑडियो कॉल की भी जांच कर रही है, जिसमें तत्कालीन कोच खुर्रम चौहान यह दावा करते सुनाई देते हैं कि बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य उन पर पसंदीदा खिलाड़ियों को नेशनल टीम में शामिल करने का दबाव बना रहे थे। यह ऑडियो पिछले साल सामने आया था। इसके अलावा, पूर्व कोच पुबुदु दसानायके ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 2024 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम चयन के दौरान उन पर दबाव डाला गया और बात न मानने पर उन्हें बर्खास्त करने की धमकी दी गई। ICC ने कहा- मामले की जानकारी है, जांच जारी है ICC की इंटीग्रिटी यूनिट के अंतरिम जनरल मैनेजर एंड्रयू एफग्रेव ने कहा कि वे इस डॉक्यूमेंट्री में दिखाए गए मामलों से वाकिफ हैं। हालांकि, अपनी कार्यप्रणाली के तहत वे फिलहाल किसी भी आरोप पर विस्तार से टिप्पणी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ICC की एंटी करप्शन यूनिट इंटेलिजेंस और प्रिवेंशन पर काम कर रही है और जहां भी खेल की गरिमा को खतरा लगेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। CEO पर चोरी और धोखाधड़ी के आरोप कनाडा क्रिकेट पिछले एक साल से प्रशासनिक उथल-पुथल से जूझ रहा है। पूर्व CEO सलमान खान की नियुक्ति पहले से ही विवादों में थी क्योंकि उन्होंने अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छिपाई थी। उन पर कैलगरी पुलिस ने चोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है। हाल ही में अमजद बाजवा की जगह अरविंदर खोसा को बोर्ड का नया अध्यक्ष चुना गया है। खिलाड़ियों को सैलरी और इनामी राशि मिलने में देरी डॉक्यूमेंट्री में यह भी दावा किया गया है कि टी-20 वर्ल्ड कप 2024 में हिस्सा लेने वाले कनाडा के खिलाड़ियों को इनामी राशि मिलने में काफी देरी हुई। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी जुलाई 2023 से बिना किसी कॉन्ट्रैक्ट के थे और वर्ल्ड कप से ठीक चार महीने पहले उन्हें बहुत कम रिटेनर फीस पर रखा गया था। इसमें संगठित अपराध के लिंक होने की बात भी सामने आई है, जिस पर आईसीसी का कहना है कि यह स्थानीय पुलिस और कानून व्यवस्था का मामला है। ———————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज गुजरात vs कोलकाता:KKR ने अब तक एक भी मैच नहीं जीता, GT ने दिल्ली-लखनऊ को हराया IPL 2026 का 25वां मुकाबला आज गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला जाएगा। मैच गुजरात के होम ग्राउंड अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। मुकाबले का टॉस शाम 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
CDS Anil Chauhan Visits Pauri, Uttarakhand; CharDham Ground Reality Check

सीडीएस अनिल चौहान पौड़ी गढ़वाल में अपने पैतृक गांव पहुंचे। सीडीएस बनने के बाद पहली बार अनिल चौहान आज सुबह पौड़ी गढ़वाल में अपने पैतृक गांव गवाणा पहुंचे। यहां उन्होंने रास्ते में देवलगढ़ स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। वे यहां अपने परिवार के साथ गांव में चल रही पूजा में शामिल हु . जानकारी के मुताबिक, CDS का हेलिकॉप्टर सुबह करीब 10 बजे श्रीनगर में उतरा। वे गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित हेलीपैड पर उतरे, जहां स्थानीय लोगों ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया। CDS ने ग्रामीणों के साथ चाय पी और अपने पुराने दोस्ते से मुलाकात की। इस दौरान वे करीब दो घंटे तक गांव में ही रहे। इस दौरे पर उनकी पत्नी अनुपमा चौहान भी साथ मौजूद रहीं। इसके बाद CDS वापस लौट गए। अनिल चौहान की PHOTOS… राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा करते सीडीएस अनिल चौहान। गांव गवाणा में फोटो खिंचवाते सीडीएस। गांव से लौटते समय अनिल चौहान। एक दिन पहले बद्रीनाथ गए इससे पहले यानी गुरुवार को वे बद्रीनाथ पहुंचे। यहां उन्होंने चारधाम यात्रा की तैयारियों की ग्राउंड रियलिटी जांची। इस दौरान मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद हाई लेवल मीटिंग की। मीटिंग में CDS ने कहा कि यात्रा में आने वाले किसी भी श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं आनी चाहिए। सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। गुरुवार को CDS चौहान बद्रीनाथ पहुंचे थे। ‘बॉर्डर के गांवों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधा जुड़ा’ इसके बाद CDS ने उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों चमोली के माणा और हर्षिल का दौरा किया। हर्षिल में उन्होंने हेरिटेज एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय परंपराओं और इतिहास को संरक्षित करना व पर्यटन को बढ़ावा देना है। चीन सीमा के पास स्थित इन दुर्गम गांवों में तैनात सैनिकों और स्थानीय लोगों से मुलाकात के दौरान जनरल चौहान ने कहा सीमावर्ती गांव केवल भौगोलिक इकाई नहीं हैं, बल्कि देश की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन गांवों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधा जुड़ा हुआ है। हर्षिल पहुंचने पर डीएम प्रशांत आर्य ने सीडीएस का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी। हर्षिल में हेरिटेज एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखते CDS। ‘सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोग देश के पहले नागरिक’ चौहान ने केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याएं व सुझाव सुनें। जनरल चौहान ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोग देश के पहले नागरिक हैं। उनकी भूमिका सुरक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी यदि ये गांव खाली होते हैं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है। अपने दौरे के दौरान जनरल चौहान ने बागोरी और मुखवा गांव का भी भ्रमण किया। मुखवा स्थित प्रसिद्ध मंदिर में उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं के संरक्षण की सराहना की। उन्होंने स्थानीय लोगों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सीमाओं पर बसने वाले ये गांव देश की आत्मा और शक्ति दोनों का प्रतीक हैं। अभी तक बने दोनों CDS उत्तराखंड से भारत के अब तक के दोनों चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले से हैं। देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत पौड़ी के ग्राम सैंज के निवासी थे। उन्होंने 1 जनवरी 2020 को पदभार संभाला और तीनों सेनाओं के एकीकरण की शुरुआत की। 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में वायुसेना का Mi-17V5 हेलिकॉप्टर क्रैश होने से उनका निधन हो गया। इस हादसे में उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्य अधिकारी भी शहीद हुए थे। मरणोपरांत उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया। देश के दूसरे और वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान पौड़ी के ग्राम गवाणा के रहने वाले हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2022 को यह जिम्मेदारी संभाली। जनरल चौहान सैन्य अभियानों के विशेषज्ञ माने जाते हैं और वे भी जनरल रावत की तरह ही 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेंट से हैं। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… बद्रीनाथ पहुंचे CDS, तैयारियों की ग्राउंड रियलिटी जांची: 3 दिन बाद शुरू हो रही चारधाम यात्रा; नीरज चोपड़ा बोले- कल से यहां 113km की दौड़ चारधाम यात्रा के शुरू होने से तीन दिन पहले सीडीएस अनिल चौहान आज चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। (पढे़ें पूरी खबर)
ग्वालियर के घाटीगांव में चीते की मूवमेंट VIDEO:मवेशियों के बीच खेतों में घूम रहा चीता, वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल जाने से रोका

कूनो नेशनल पार्क से लौटकर आए चीता KGP-1 का मूवमेंट घाटीगांव स्थित सोनचिरैया अभयारण्य, आसपास लगे जंगलों और जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में देखा जा रहा है। वह यहां आसान शिकार के चलते आया है। दरअसल, यह चीता इसी क्षेत्र में करीब तीन महीने रह चुका है। वन कर्मचारी कॉलर आईडी से चीता को ट्रेक कर रहे हैं। वहीं लोगों को जंगल नहीं जाने की सलाह दी है। नेशनल पार्क से लगभग 15 दिन पहले निकला यह चीता आरोन व सिमरैया क्षेत्रों से होते हुए घाटीगांव के जंगलों तक पहुंचा है। हालांकि अब तक उसने किसी भी ग्रामीण या उनके मवेशियों पर हमला नहीं किया है, लेकिन अहतियात के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों से अपने मवेशियों का खुद ख्याल रखने को कहा है। मवेशियों के बीच घूम रहा चीता ग्रामीणों ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है, जिसमें चीता खेत पर चारा खा रहे मवेशियों के बीच में घूम रहा है। आसपास ग्रामीण भी मौजूद हैं। हालांकि चीता ने इस दौरान भी कुछ नहीं किया। लगातार ट्रेक कर रहे कर्मचारी चीता को कॉलर आईडी लगी है। जिसके माध्यम से वन विभाग की टीम चीता को ट्रेक कर रही है। टीम के सदस्य चीता से कुछ दूरी पर ही चल रहे हैं।
AAP मंत्री के घर रेड से भड़के पंजाब CM:बोले- नॉन BJP सरकार को तंग कर रहे, बिल लटकाकर रखते हैं; सरकार ट्रंप चला रहे

पंजाब राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के घर ईडी की कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ईडी रेड के मामले से राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर सीधा मोर्चा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संभाला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 2027 चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके तहत ईडी और सीबीआई के माध्यम से डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पूरे देश में नॉन बीजेपी सरकारों को तंग किया जा रहा है। गवर्नर जानबूझकर दो-दो साल तक बिलों को लटकाकर रखते हैं, जिससे सरकार को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार डोनाल्ड ट्रंप चला रहे हैं। साथ ही उन्होंने एसआईआर और सरकार द्वारा पास किए जा रहे बिलों पर भी सवाल उठाए हैं। अब 9 प्वाइंटों में जानिए सीएम ने कैसे केंद्र सरकार पर निशाना साधा लोकतंत्र का गला काटा जा रहा है सीएम भगवंत मान ने कहा, हमारे देश को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है। यहां पर लोग अपनी पसंद की सरकारें चुनते हैं। केंद्र सरकार उन्हें बनने का हक देती है। पिछले कुछ समय से लोकतंत्र का गला धीरे-धीरे काटा जा रहा है। नॉन-बीजेपी सरकारों को तंग किया जा रहा है। उनके फंड सीधे केंद्र द्वारा रोके जा रहे हैं या गवर्नर के माध्यम से तंग किया जाता है। आम आदमी पार्टी निशाने पर आम आदमी पार्टी को विशेष तरीके से निशाने पर लिया गया है। पार्टी तेजी से बढ़ रही है। दस साल में पार्टी नेशनल पार्टी बन गई है। ऐसे में बीजेपी का यह सोचना है कि कांग्रेस को झेल लेंगे। कांग्रेस के साथ तो यह मिले हुए हैं, लेकिन तीसरा कोई पैदा न हो जाए। इसलिए दिल्ली में ईडी और शराब घोटाले के पर्चे बनाए गए। अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम और संजय सिंह को जेल में डाला गया। बीजेपी जॉइन करवाने का काम किया जा रहा है। डराने-धमकाने की राजनीति जारी है। सीबीआई, ईडी या चुनाव आयोग से चुनाव जीतते हैं सीएम ने कहा कि बंगाल में डीजीपी से लेकर सारे अफसर बदल दिए गए, क्योंकि चुनाव है। यह चुनाव लोगों से नहीं जीतते हैं। यह चुनाव सीबीआई, ईडी, चुनाव आयोग या डराने वाले दफ्तरों के जरिए जीतते हैं। पिछले दिनों पंजाब के राज्यसभा मेंबर मित्तल के घर पर ईडी रेड हुई, क्योंकि वह हमारे सांसद हैं, इसलिए वह दागी हो गए। आज संजीव अरोड़ा के घर ईडी रेड चल रही है। वह हमारे बिजली और लोकल बॉडी मंत्री हैं। उपचुनाव में उन्होंने बीजेपी को बुरी तरह हराया था। 2027 चुनाव की तैयारी में बीजेपी बीजेपी ने 2027 चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। ईडी, इनकम टैक्स, नोटिस भेजो और डराओ, क्योंकि इन्हें चुनाव के लिए 117 लोग नहीं मिल रहे हैं। यह कह रहे हैं कि या तो तुम चुनाव न लड़ो या हमारी वॉशिंग मशीन से निकलो। इसकी हम निंदा करते हैं। ऐसे केसों में निकलता कुछ नहीं है। केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया गया। इन पर मुकदमा शुरू ही नहीं हो सकता था। पहले कहते हैं अंदर कर दो, चुनाव के बाद देख लेंगे। जिसने इनकी बात मान ली, वह इनकी वॉशिंग मशीन से निकल जाता है और दूध का धुला हो जाता है। यह डेमोक्रेसी नहीं, यह डिक्टेटरशिप है। यह लोकतंत्र नहीं है। बिहार में कौन सा राज है अब सीएम ने कहा कि यह जंगलराज की बात करते हैं, लेकिन अब बिहार में कौन सा राज चल रहा है। बिहार का जो अब सीएम सम्राट चौधरी बनाया गया है, उसने तीन बार अपनी उम्र गलत बताई। विज्ञापन आता है- दाम अच्छे हैं, लेकिन बीजेपी वाले कहते हैं दाग अच्छे हैं। पंजाब बीजेपी में कांग्रेस विंग सीएम ने कहा, हम वह पत्ते नहीं हैं जो गिर जाएंगे, हम डरने वाले नहीं हैं। पंजाब में इन्हें एक-दो सीटें ही आती हैं, यहां इनका कोई कैडर नहीं है। कांग्रेस का प्रधान, पूर्व सीएम, वित्त मंत्री, एमपी और मंत्री तक बीजेपी में आ चुके हैं। बीजेपी ने पंजाब में कांग्रेस का विंग बना रखा है। इन नेताओं पर केस होते हैं और उन केसों को दबाना भी होता है। उन्हें फाइल दिखाकर दबाया जाता है। सरकार तो ट्रंप चला रहे हैं सरकार तो डोनाल्ड ट्रंप चला रहे हैं। सरकार चलाने की बात आती है तो व्हाइट हाउस और वॉशिंगटन से आदेश आते हैं। एक महीने की तेल खरीदने की मोहलत देते हैं। विश्व गुरु बनने चले थे, विश्व चेले बन गए। हमारे 90 फीसदी नेताओं को जेल दिखा दी, लेकिन किया कुछ नहीं था। यह ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग का हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। बंगाल में चुनाव आयोग एक राजनीतिक पार्टी को आदेश दे रहा है। इन्हें बंगाल और केरल जीतना है, भले ही परिसीमन करना पड़े। सीएम ने कहा कि हमें लोकतंत्र बचाना है, इसलिए सबको आगे आना होगा। इनके भी अंबानी-अडानी दो हैं सीएम भगवंत मान ने कहा कि पहले हमने सुना था- हम दो, हमारे दो। यह परिवार कल्याण का नारा था। बच्चे दो ही अच्छे। अब दो हैं, उनके भी आगे दो हैं। यहां अमित शाह व नरेंद्र मोदी और आगे उनके दो- अंबानी और अडानी हैं। हम इसकी सख्त शब्दों में निंदा करते हैं। 140 लोगों की कोई नहीं सुनता है। अपने ही वोटर बना लिए हैं राज्यपाल राजनीतिक रैलियां कर रहे हैं। वह दो-दो साल तक बिल रोककर रखते हैं। इसलिए सरकार को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ता है। इस तरह एसआईआर कर रहे हैं। एसआईआर से वोट काट दिए जाते हैं। इनके पन्ना प्रमुख बता देते हैं कि इतने घर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के हैं, उनकी वोट काट दी जाती है। अपने वोटरों की फौज तैयार कर ली है। वही वोटर हरियाणा, असम और मुंबई में वोट करते हैं। दो राज्यों में चुनाव एक समय पर क्यों नहीं करवाते हैं? क्योंकि पहले एक जगह वोट डलवाते हैं, फिर उन्हें दूसरी जगह ले जाते हैं। एक दिन इनका भी आएगा ऐसे बिल लाते हैं, जिससे डेमोक्रेसी का नुकसान होता है। बीजेपी का नारा है कि उनकी मशीन में आने से सारे दाग धुल जाते हैं, लेकिन एक दिन ज्यादा
किचन कूलिंग टिप्स: रसोई की भीषण गर्मी से मिलेगी राहत? बिना AC-कूलर अपनाएं ये 6 देसी जुगाड़; आपका पुराना, बिल्कुल पुराना

रसोई को ठंडा रखने की युक्तियाँ: भारत में गर्मी का मौसम आते ही घर का सबसे पसंदीदा हिस्सा किचन बन जाता है। चूल्हे की आग और ऊपर से बाहर का पारा, दोनों मिलकर रसोई को किसी भट्टी जैसा बना देते हैं। चौदह में तरबूज़ तरबतर खाना बनाना न केवल थकान से भरा होता है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी भारी मात्रा होती है।अक्सर लोगों को पता चलता है कि किचन को ठंडा रखने के लिए एसी या महंगी लागत ही एकमात्र विकल्प है, लेकिन भारतीय घरों के कुछ पारंपरिक और स्मार्ट तरीके आज भी सामान ही हैं। अगर आप भी इस ताप्ती गर्मी से परेशान हैं तो हम आपको बता रहे हैं 6 ऐसे देसी जुगाड़ जो आपकी रसोई के लिए बिना किसी एक्स्ट्रा बिजली बिल के बेहतरीन विकल्प हैं। आप इन टिप्स को जरूर फॉलो करें। क्रॉस रिवाइज़ का सही उपयोग किया गया किचन की गर्मी को बाहर निकालने का सबसे आसान तरीका है हवा का सही बहाव। स्टॉकहोम फैन (एग्जॉस्ट फैन) साभार। अगर आपके किचन में खिड़की है, तो उसे मोशन पिक्चर्स और सामने वाले कमरे की खिड़की भी खोल दें। इससे क्रॉस वेंटिलेशन होगा और गर्म हवा की जगह बाहर निकलेगी। खाना पकाने के समय में बदलाव गर्मियों में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सूरज की तपिश सबसे ज्यादा होती है। कोशिश करें कि सुबह जल्दी या शाम को सूरज ढलने के बाद भारी खाना जैसे राजमा, छोले या तड़का वाली चीजें खाएं। दोपहर के समय केवल प्रभाव खाना या कुछ ऐसे रखें ताकि चूल्हा कम से कम समय के लिए जले। इस तरह की किचन भट्टी की तरह नहीं तपेगी। ‘लो हिट’ कुकिंग और स्मार्ट अप्लायन्सेज फॉलो करें पुराने मॉडलों में ही गर्म होगा। कोशिश करें कि चॉकलेट कुकर का उपयोग अधिक से अधिक किया जाए, क्योंकि यह खाने में जल्दी पकता है और गर्मी को भी अंदर से बंद कर देता है। अगर खरीदारी हो, तो इन-डेलाइट कुकटॉप का उपयोग करें। यह गैस चूल्हे की तुलना में वातावरण को कम गर्म करता है। परम्परागत पर खास या अनाड़ी पोशाकें पुराने समय में ‘खस’का का प्रयोग होता था। आप अपने किचन की खिड़की पर सूती स्कर्ट का फर्नीचर या फिर सूती की कोई भी प्रयोग न करें। उसे रसोईघर की खिड़की पर स्थापित करके नष्ट कर दिया गया। जब बाहर की गर्म हवा इन ठंडी पर्दों से टकराकर अंदर आएगी, तो वह काफी हद तक बेकार हो जाएगी। यह नैचरल एयर एनीच की तरह काम करता है। प्रस्तावित प्लांट कमाल के हैं एलोवेरा, स्नेक प्लांट या मनी प्लांट जैसे छोटे-छोटे उपचारों पर किचन की खिड़की या खिड़की। ये प्रयोग न केवल रसोई के हवा को शुद्ध करते हैं, बल्कि प्राकृतिक रूप से तापमान को 1-2 डिग्री कम बनाए रखने में भी मदद करते हैं। हरियाली देखने से मन को भी सार्वभौम दृष्टि मिलती है और गर्मी का पता चलता है। ध्यान पर ध्यान क्या आप जानते हैं कि पुराने पीले बल्बों में काफी गर्मी पैदा होती है? अगर आपके किचन में अभी भी ऐसे बल्ब हैं, तो उन्हें तुरंत LED लाइट्स से बदल लें। LED न केवल बिजली बचाती हैं, बल्कि बहुत कम गर्मी पैदा करती हैं, जिससे किचन का तापमान स्थिर रहता है। ये भी पढ़ें – बाजार वाले प्रोटीन पाउडर को भूल जाइए, गेहूं के आटे में मिलाइए ये 1 गुप्त चीज; झटके से वजन कम होगा और मांसपेशियाँ बढ़ेंगी
Bisauli Accident | Youth Electrocuted High Tension Current, Police Probe

बदायूं2 घंटे पहले कॉपी लिंक बदायूं में बिजली के खंभे पर चढ़े एक युवक की करंट लगने से जिंदा जलकर मौत हो गई। करंट लगते ही युवक जोर-जोर से चिल्लाने लगा। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश करते रहे। लोग बिजली विभाग को फोन कर लाइन कटवाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन सप्लाई समय पर बंद नहीं हुई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। मां और पत्नी रोते हुए लोगों से मदद की गुहार लगाती रहीं। इसी बीच युवक बुरी तरह जल गया। उसका शरीर तारों में फंसा रहा। जलते-जलते उसका सिर धड़ से अलग होकर नीचे गिर गया, जबकि धड़ तारों में फंसा जलता रहा। यह देखकर मां-पत्नी बेहोश हो गईं। मृतक की पहचान अरविंद के रूप में हुई है। वह प्राइवेट ट्यूबवेल के लिए लाइन शिफ्टिंग का काम करता था। घटना शुक्रवार सुबह वजीरगंज थाना क्षेत्र के धीमरपुर गांव की है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… युवक तारों के बीच फंसकर जलता रहा, काफी देर तक धुआं दिखाई देता रहा। बच्चे को बचाने के लिए मां और पत्नी इधर-उधर दौड़ती रहीं, लेकिन युवक को बचाया नहीं जा सका। परिजन बोले- लाइनमैन ने शटडाउन लेकर पोल पर चढ़ाया था धिमरपुरा गांव निवासी 30 वर्षीय अरविंद, रजपाल के बेटे थे। वह खेती के साथ-साथ बिजली का काम भी करते थे। बड़े भाई देवेंद्र ने बताया- अरविंद की शादी 8 साल पहले अनीता से हुई थी। उनके शिल्पी (7) और आशीष (5) दो बच्चे हैं। घर में करीब 8 बीघा जमीन है। दोनों भाई मिलकर खेती करते थे। परिजनों के मुताबिक, अरविंद प्राइवेट ट्यूबवेल के लिए लाइन शिफ्टिंग का काम भी कर लेता था। बिजली का काम जानने की वजह से गांव के लोग उसे बुला लेते थे। फॉल्ट चेक करते लगा करंट शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गांव का लाइनमैन यशवीर अरविंद के पास आया। वह उसे अपने साथ ले गया। आरोप है कि यशवीर ने शटडाउन लेने की बात कही और अरविंद को हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़ा दिया। अरविंद खंभे पर चढ़कर फॉल्ट चेक कर रहा था। इसी दौरान अचानक तारों में करंट दौड़ गया। परिजनों का कहना है कि किसी ने शटडाउन के बाद सप्लाई चालू कर दी, जिससे यह हादसा हुआ। परिजन लगातार लाइनमैन की लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि शटडाउन के भरोसे ही अरविंद खंभे पर चढ़ा था। वहीं, एक्सईएन का कहना है कि हाईटेंशन लाइन पर बाहरी युवक के चढ़ने की पूरे मामले में जांच की जा रही है। युवक का धड़ तारों के बीच फंसा रहा। घटनास्थल पर कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। करंट लगते ही तारों पर गिरा अरविंद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- करंट का तेज झटका लगते ही अरविंद का संतुलन बिगड़ गया। वह खंभे से फिसलकर सीधे बिजली के तारों पर गिर पड़ा। उसका सिर तारों में फंस गया। कुछ ही सेकेंड में शरीर में आग लग गई। देखते-ही-देखते सिर और धड़ धू-धूकर जलने लगा। अरविंद दर्द से चीखता रहा। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन कुछ कर नहीं सके। लोग लगातार बिजली विभाग को फोन कर सप्लाई बंद कराने की गुहार लगाते रहे। जब तक लाइन काटी गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अरविंद बुरी तरह जल चुका था। आग की तेज लपटों के बीच उसका सिर धड़ से अलग होकर नीचे गिर गया। वहीं, धड़ तारों में फंसा हुआ जलता रहा। युवक का धड़ तारों से नीचे उतारने में टीम को करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल घटना की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां राजो और पत्नी अनीता मौके पर पहुंचीं। सामने का मंजर देखकर दोनों चीख पड़ीं। अरविंद तारों में जल रहा था और लोग दूर बेबस खड़े थे। मां और पत्नी चीख-चीखकर लोगों से उसे बचाने की गुहार लगाती रहीं। लेकिन कोई मदद नहीं कर पा रहा था। जैसे ही जलता हुआ सिर धड़ से अलग होकर नीचे गिरा, दोनों बेसुध होकर गिर पड़ीं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद युवक का धड़ नीचे उतारा जा सका। युवक का सिर जलकर जमीन पर गिर गया, जबकि धड़ तारों के बीच फंसा रहा। एक्सईएन बोले- बाहरी व्यक्ति कैसे चढ़ा, जांच जारी एक्सईएन नरेंद्र ने बताया- दिसौलीगंज बिजलीघर के लिए ज्ञानेंद्र नाम के व्यक्ति ने शटडाउन लिया था। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के दोनों युवक खंभे पर कैसे चढ़े, इसकी जांच कराई जा रही है। उधर, सूचना मिलते ही सीओ बिसौली संजीव कुमार और वजीरगंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। ——————– यह खबर भी पढ़िए…. झांसी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने से छत उड़ी:बहू ने मंदिर में दीया जलाया तो आग भड़की, धमाका सुन चौकी से भागे पुलिसकर्मी झांसी में गुरुवार रात एक मकान में आग लगने के बाद गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इससे कमरे की छत उड़ गई और कॉलोनी में दहशत का माहौल हो गया। धमाका सुनकर पड़ोस में बनी चौकी के पुलिसकर्मी बाहर निकल आए। पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। पुलिस के फोन करने पर फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
टीवी के प्रमुख विजय ने चुनावी घोषणा पत्र जारी किया, महिलाओं को 2500 रुपये की मासिक सहायता देने का वादा,

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: तमिलगा वेत्री कशगम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए तमिलनाडु की पार्टी का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें महिलाओं के कल्याण पर जोर दिया गया है। विजय की घोषणापत्र में ये वादा शामिल घोषणापत्र में 60 साल से कम उम्र की महिलाओं को 2,500 रुपये की मासिक सहायता और गरीब तबके की महिलाओं की शादी के लिए आठ ग्राम सोना देने का वादा किया गया है। विक्ट्री ने इन महिलाओं की शादी के लिए सोने के अलावा उच्च गुणवत्ता वाली रेशम की एक बेरोजगारी का भी वादा किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित महिलाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मुक्ति दी। यह भी पढ़ें: टेम्प्लेट इलेक्शन: विक्ट्री की पार्टी टीवीके सभी 234 रेस अकेले रैली इलेक्शन, कर दी बड़ी घोषणा घोषणापत्र में शिक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। 15,000 रुपये का वादा किया गया है। उन्होंने सत्य में आने पर मुक्ति सुशासन का भी आधिपत्य दिया। बेरोजगारी भत्ता, उच्च शिक्षा का वादा विजय ने प्रतिष्ठित नेता कामराज के नाम पर 100 विशेष आवासीय भवनों और 20 लाख रुपये तक के उच्च शिक्षा ऋण का वादा किया। उन्होंने आर्टिफिशियल (स्मारक) मंत्रालय, आर्टिफिशियल यूनिवर्सिटी और आर्टिफिशियल सिटी की स्थापना की भी अनुमति दी। घोषणापत्र में कृषि कल्याण पर भी विशेष बल दिया गया है। टीवीके प्रमुख ने कहा कि पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों के कृषि संघ पर कृषि ऋण पूरी तरह से माफ कर दिया जाएगा, जबकि पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को 50 प्रतिशत कर्ज माफ कर दिया जाएगा। इसके अलावा, पार्टी ने धान के लिए 3,500 रुपये प्रति टन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएस) का वादा किया। बेरोजगारी की समस्या से नामांकन के लिए विजय ने पांच लाख नई सरकारी बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया। घोषणापत्र में वादा किया गया है कि स्नातक स्तर के स्नातकों को प्रति माह 4,000 रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। पार्टी ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना पर विचार करने और नर्सों सहित सहायक कर्मचारियों को नियमित करने की अनुमति दी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने तमिल को नशामुक्ति बनाने का वादा किया। विजय ने प्रोजेक्ट आधुनिकीकरण, मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच और 25 लाख लोगों की पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा योजना की भी शुरुआत की। घोषणापत्र में बुजुर्गों और उद्यमियों को 3,000 रुपये की मासिक पेंशन, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, पट्टे पर नियमितता और सभी घरों के लिए पाइप से शत-प्रतिशत की मासिक पेंशन का वादा भी शामिल है। विजय ने राशन जैसी सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था लागू करने का भी वादा किया है। उन्होंने कहा कि व्यापार करने में सहजता उनकी सरकार के लिए सर्वोपरि होगी और उन्होंने यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि व्यावसायिक लाइसेंस 21 दिनों के अंदर जारी किया जाएगा। तमिलनाडु के 234 केरल विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा और तमिलनाडु चार मई को होगा। यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बंगाल चुनाव से पहले EC की सख्ती! बर्नोल-बोरोलीन का ज़िक्र क्या कहा जानिए (टैग्सटूट्रांसलेट)विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)विजय(टी)तमिलगा वेत्री कड़गम(टी)विजय घोषणापत्र(टी)विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)विजय(टी)तमिलागा वेत्री कषगम(टी)विजय मेनिफेस्टो
कचरा समझकर न फेंके तरबूज के टुकड़े, आसान तरीकों से बताएं ये 5 शाही व्यंजन, नोट करें ‘जीरो वेस्ट’ रेसिपीज

17 अप्रैल 2026 को 11:24 IST पर अपडेट किया गया तरबूज के छिलके का उपयोग: क्या आप भी तरबूज के छिलके को वेस्ट समझकर फेंक देते हैं, तो अब से ऐसा करना बंद कर दें। क्योंकि इन खाद्य पदार्थों से पांच शाही व्यंजन बन सकते हैं। नोट कर लें ये जीरो वेस्ट रेसिपीज। (टैग्सटूट्रांसलेट)तरबूज के छिलके का उपयोग(टी)तरबूज के छिलके की रेसिपी(टी)तरबूज के छिलके के फायदे(टी)गर्मियों में स्वस्थ रेसिपी(टी)शून्य अपशिष्ट खाना बनाना(टी)स्वस्थ भारतीय रेसिपी(टी)तरबूज के छिलके की रेसिपी(टी)प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ(टी)फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ(टी)ग्रीष्म जलयोजन खाद्य पदार्थ
दमोह के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट गिरी, एक की मौत:तेंदूखेड़ा में नपा का कर्मचारी था मृतक, दो लोग घायल

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में गुरुवार रात एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम की लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई। इस हादसे में नगर पालिका के एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि शोरूम संचालक के बेटे सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, तेंदूखेड़ा के मुख्य बाजार में प्रहलाद सोनी का दो मंजिला इलेक्ट्रॉनिक शोरूम है। गुरुवार रात नगर पालिका कर्मचारी कमलेश लोधी, बांदीपुरा गांव के देवेंद्र लोधी के साथ शोरूम में खरीदारी करने पहुंचे थे। देवेंद्र के घर में शादी थी। उनके साथ शोरूम संचालक का बेटा भी मौजूद था। तीनों युवक शादी का सामान लेकर लिफ्ट के जरिए ऊपर से नीचे आ रहे थे। तभी अचानक लिफ्ट का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज गति से नीचे आ गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कमलेश लोधी, शोरूम संचालक का छोटा बेटा और देवेंद्र लोधी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को गंभीर हालत में तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। जबलपुर में इलाज के दौरान नगर पालिका कर्मचारी कमलेश लोधी की मौत हो गई। अन्य दो घायलों का इलाज जारी है। इस मामले में अभी तक कोई भी फरियादी पुलिस थाने नहीं पहुंचा है, इसलिए पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है। फरियादी के थाने पहुंचने पर ही पुलिस मामले की आगे की जांच शुरू करेगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक मॉल में लगाई गई लिफ्ट एक लोडिंग लिफ्ट है,जिसका इस्तेमाल सामान ढोने के लिए किया जाना था। बताया जा रहा है इसका उपयोग ग्राहकों को ऊपर-नीचे लाने के लिए किया जा रहा था। शिकायत पर एक्शन लेंगे तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया की रात में उन्हें इस बात की जानकारी नहीं लगी। सुबह थाने से जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक कोई भी फरियादी थाने नहीं पहुंचा है। जैसे ही फरियादी थाने पहुंचते हैं मामले में जांच शुरू की जाएगी।
गर्मियों में खीरा या ककड़ी, आपकी सेहत के लिये क्या खाना है ज्यादा फायदेमंद? जानें

गर्मियों का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में खीरा और ककड़ी दोनों ही ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जो पानी से भरपूर होते हैं और गर्मी से राहत दिलाते हैं. अक्सर लोग इन्हें एक‑दूसरे का विकल्प मान लेते हैं, लेकिन असल में दोनों के गुण और फायदे थोड़े अलग‑अलग हैं. आइए जानते हैं कि गर्मियों में आपकी सेहत के लिए क्या ज्यादा फायदेमंद है. खीरा: तेज गर्मी में ठंडक का साथीखीरा लगभग 95% पानी से बना होता है. यह शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. खीरे के प्रमुख फायदे:शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता है.पाचन को दुरुस्त करता है और कब्ज से भी राहत देता है.त्वचा को हाइड्रेट रखता है और सनबर्न से भी बचाव में मदद करता है.वजन घटाने वालों के लिए बेहतरीन, क्योंकि इसमें कैलोरी बहुत कम होती है.ब्लड प्रेशर और शरीर की सूजन को भी कम करता है. खीरा सलाद, रायता या सीधे नमक के साथ खाने में बेहद लोकप्रिय है और ज्यादा पसीना आने पर तुरंत राहत भी देता है. ककड़ी: हल्की और पाचन के लिए ज्यादा बेहतरककड़ी स्वाद में खीरे से हल्की और थोड़ी मीठी होती है. इसमें भी पानी की मात्रा अधिक होती है, लेकिन खीरे की तुलना में यह पाचन के लिए ज्यादा हल्की मानी जाती है. ककड़ी के लाभ:पेट को ठंडा और शांत रखती है.एसिडिटी और जलन की समस्या में आराम देती है.शरीर की गर्मी को कम करने में मददगार.लू से बचाव में मदद करती है.बच्चों और बुजुर्गों को आसानी से पच जाती है. खासकर जिन लोगों को खीरा खाने से गैस, भारीपन या डकार की समस्या होती है, उनके लिए ककड़ी बेहतर विकल्प मानी जाती है. आखिर गर्मियों में क्या ज्यादा फायदेमंद? अगर आपको ज्यादा पसीना, थकान और पानी की कमी महसूस होती है, तो आपके लिये खीरा ज्यादा बेहतर है.अगर आपको पेट की गर्मी, एसिडिटी या पाचन समस्या रहती है, तो आपके लिये ककड़ी ज्यादा फायदेमंद होगी. गर्मी में खीरा और ककड़ी दोनों ही सेहत के लिए लाभकारी होते हैं. सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप दोनों को अपनी डाइट में शामिल करें और अपने शरीर की जरूरत के अनुसार इनका चुनाव करें. इससे गर्मी भी कम लगेगी और आपकी सेहत भी बनी रहेगी.









