Saturday, 18 Apr 2026 | 03:05 PM

Trending :

EXCLUSIVE

तरबूज के साथ बीज चबाकर खाएंगे, तो क्या होगा? सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक, एक्सपर्ट से समझिए

authorimg

Last Updated:April 17, 2026, 09:16 IST Watermelon Seeds Health Benefits: कुछ लोग तरबूज खाते वक्त उसके बीज नहीं निकालते हैं और बीज भी चबाकर खा लेते हैं. डाइटिशियन रंजना सिंह के अनुसार तरबूज के बीज चबाकर खाने से शरीर को प्रोटीन, मिनरल्स और फाइबर मिलते हैं, जो पाचन और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद हैं. सही मात्रा में इनका सेवन सुरक्षित है और ये स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक तरबूज के बीच खाने से शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं. Are Watermelon Seeds Safe to Eat: गर्मी के मौसम में तरबूज को सुपरफूड माना जाता है. आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटीज भी गर्मी में तरबूज का आनंद लेते हुए नजर आते हैं. तरबूज बेहद रसीला फल है और इसमें पानी की भरपूर मात्रा होती है. तरबूज खाने से शरीर को अनगिनत पोषक तत्व मिलते हैं और पानी की कमी दूर हो जाती है. अक्सर लोग तरबूज खाते वक्त इसके बीज निकालकर फेंक देते हैं, जबकि कुछ लोग तरबूज के साथ बीज भी चबाकर खा जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि तरबूज के बीज चबाकर खा लिए जाएं, तो सेहत को फायदा होगा या नुकसान? इस बारे में एक्सपर्ट से जान लेते हैं. गाजियाबाद के रंजना न्यूट्रीग्लो क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया तरबूज के बीजों में प्रोटीन, हेल्दी फैट, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये शरीर की एनर्जी बढ़ाने, मसल्स मजबूत बनाने और इम्यूनिटी सुधारने में मदद करते हैं. जब आप इन्हें चबाकर खाते हैं, तभी शरीर इन पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित कर पाता है. अगर बीजों को बिना चबाए निगल लिया जाए, तो उनका पूरा फायदा नहीं मिल पाता है. पाचन के लिए तरबूज के बीज फायदेमंद हो सकते हैं. इनमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या कम करने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डाइटिशियन ने बताया कि सामान्य मात्रा में तरबूज के बीज खाना सुरक्षित होता है और इससे कोई गंभीर नुकसान नहीं होता है. अगर किसी को पहले से पाचन संबंधी समस्या है, तो उसे सावधानी बरतनी चाहिए. तरबूज के बीजों को आप सीधे चबाकर खा सकते हैं या फिर उन्हें सुखाकर भूनकर स्नैक की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं. भुने हुए बीज स्वादिष्ट होने के साथ-साथ और भी ज्यादा पचने में आसान होते हैं. तरबूज के बीज फेंकने की बजाय उन्हें सही तरीके से खाना ज्यादा फायदेमंद है. ये छोटे-छोटे बीज पोषण से भरपूर होते हैं और शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक तरबूज के बीज वैसे तो ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद होते हैं, लेकिन कुछ लोगों को इन्हें सावधानी से या सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. जिन लोगों को पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी या कमजोर डाइजेशन है, उन्हें बीज ज्यादा मात्रा में नहीं खाने चाहिए, क्योंकि इससे पेट में भारीपन या असहजता हो सकती है. छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी बिना चबाए बीज निगलने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन में दिक्कत हो सकती है. इसके अलावा जिन लोगों को किडनी स्टोन या मिनरल बैलेंस से जुड़ी समस्या है, उन्हें भी डॉक्टर की सलाह पर ही बीजों का सेवन करना चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 17, 2026, 09:16 IST

आम ही नहीं इसकी गुठली में भी छिपे हैं बेशुमार फायदे, जान लेंगे तो भूलकर भी नहीं फेकेंगे गुठलियां

ask search icon

Last Updated:April 17, 2026, 09:12 IST गर्मियों में आम आते ही सभी उसकी अलग-अलग डिश बनाकर खाना शुरू कर देते हैं, लेकिन उसकी गुठली फेंक देते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि क्यों इसकी गुठली फेंकना गलती हो सकती है. आम फलों का राजा यूं ही नहीं कहलाता, उसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि बच्चे-बूढ़े सभी उसे खाना पसंद करते हैं. इसके मीठे स्वाद के सभी दीवाने होते हैं. कुछ इसे साबुत खाना पसंद करते हैं, तो कुछ को इसका शेक बनाकर पीना ज्यादा रास आता है, तो कुछ को आम रस भाता है. एक आम के अनेकों रूप आपको हमारे घरों में मिल जाएंगे, लेकिन एक बात कॉमन है. वह है, आम खाकर सभी उसकी गुठली फेंक देते हैं, लेकिन आज हम आपको इसके कुछ ऐसे फायदे बताने वाले हैं, जो आपने पहले शायद ही सुने हो. आम की गुठली में कई विटामिन, मिनरल और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जिसकी वजह से यह सेहत के लिए इतना फायदेमंद होता है. इसे सुखाकर, उसका पाउडर बना सकते हैं, उसका बटर या ऑयल भी बना सकते हैं, जो आपको कई हैरान करने वाले फायदे पहुंचा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google डैंड्रफ की समस्या सिर्फ सर्दी ही नहीं बल्कि, गर्मियों में भी आपको परेशान कर सकती है. इससे छुटकारा दिलाने में आम की गुठली काफी मददगार हो सकती है. इससे बने बटर को बालों और स्कैल्प पर लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें. इससे स्कैल्प मॉइस्चराइज होगी और बालों में चमक भी आएगी. कोलेस्ट्रॉल की ज्यादा मात्रा जानलेवा भी साबित हो सकती है. इसलिए बैंड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है. इसे कंट्रोल करने में आम की गुठली फायदेमंद हो सकती है. इसके पाउडर की मदद से कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के साथ-साथ ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है. मोटापा कई बीमारियों के खतरे को दोगुना कर देता है. इसलिए हेल्दी वजन होना बहुत जरूरी है. वजन कम करने में आम की गुठली मददगार हो सकती है. यह मेटाबॉलिक रेट तेज करता है, जिससे फैट बर्न होता है और वजन कम होता है. आम की गुठली दस्त की समस्या को ठीक करने में भी मदद कर सकती है. इससे बने पाउडर से दस्त से आराम मिलता है, लेकिन इसे खाने की मात्रा का ध्यान रखें. वहीं, दांतो की ठीक से सफाई न होने पर उनमें सड़न और दर्द की समस्या हो सकती है, ऐसे में आम की गुठली से बना पाउडर दांतों से प्लेग साफ करने में मदद कर सकता है. इसके पाउडर से ब्रश करने से दांत मजबूत और हेल्दी बनते हैं. आम की गुठली कोलेस्ट्रॉल तो कम करती ही है. साथ ही यह हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को भी कम करने में कारगर हो सकती है. हाई ब्लड प्रेशर की वजह से स्ट्रोक का भी खतरा रहता है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है. इसलिए आम की गुठली दिल को हेल्दी बनाए रखने में मददगार होती है. एक्ने की वजह से चेहरे पर दाग-धब्बे और निशान हो सकते हैं. आम की गुठली एक्ने की समस्या को कम करने में मददगार हो सकती है. इसके पाउडर में टमाटर का रस मिलाएं और स्क्रब करें. इससे डेड स्किन सेल्स हटेंगे और त्वचा निखरी हुई नजर आएगी. वहीं, आम की गुठली से बना तेल स्किन को मॉइस्चराइज करता है, जिससे त्वचा रूखी और खिंची-खिंची नजर नहीं आती. यह स्किन को बहुत ऑयली भी नहीं बनाता, जो इसकी खास बात है. आम की गुठली होठों की ड्राईनेस दूर करने में भी मदद करते हैं. इससे बने बटर को लिप बाम के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे होंठ मॉइस्चराइज होते हैं और फटते नहीं है. साथ ही यह प्राकृतिक होता है, जिससे नुकसान का खतरा भी कम होता है. आम की गुठली न केवल डैंड्रफ कम करने में मददगार है, बल्कि यह बालों को मजबूती और पोषण भी देता है. इसमें मौजूद फैटी एसिड्स बालों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इससे बाल मजबूत बनते हैं और उनका टूटना व झड़ना कम होता है. First Published : April 17, 2026, 09:12 IST

अवैध हथियार समेत चार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े:कार में बैठे थे कट्टा कारतूस बरामद, अरोपियों में दो बाल अपाचारी

अवैध हथियार समेत चार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े:कार में बैठे थे कट्टा कारतूस बरामद, अरोपियों में दो बाल अपाचारी

मुरैना में नगरा पुलिस ने एक कार से चार युवकों को गिरफ्तार किया है कार की तलाशी लेने पर उसमें एक कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने चारों युवकों को पकड़ पूछताछ की तो उसमें दो बाल आपाचारी निकले। पुलिस ने चारों पर मामला दर्ज कर लिया है। कार और हथियार को जब्त कार्रवाई शुरू कर दी है। वारदात की फिराक में थे नगरा थाना पुलिस को सूचना मिली कि बस स्टैंड के पास एक कार क्रमांक HR 55 AD 0549 खड़ी है उसमें चार युवक बैठे हैं जिनके पास हथियार भी हैं। किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस पर पुलिस के द्वारा दो टीम बनाकर घेरा बंदी की और कार में बैठे चारों युवकों को पकड़ा और कार की तलाशी ली तो उसमें अवैध हथियार कट्टा और चार कारतूस बरामद हुए। कार और हथियार जब्त कर आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ़्तार किया गया। थाने में पूछताछ में इनमें दो बाला आपाचारी निकले। एसडीओपी रवी भदौरिया के अनुसार मुखबिर की सूचना पर कार में चार युवक पकड़े पूछताछ में दो बाल आपाचारी निकले। सभी को गिरफ्तार किया गया है

पंजाब- AAP मंत्री-2 पार्टनरों पर ED रेड:लुधियाना-जालंधर, गुरुग्राम-चंडीगढ़ में 13 ठिकाने खंगाल रही टीमें; CM बोले- लोकतंत्र की हत्या

पंजाब- AAP मंत्री-2 पार्टनरों पर ED रेड:लुधियाना-जालंधर, गुरुग्राम-चंडीगढ़ में 13 ठिकाने खंगाल रही टीमें; CM बोले- लोकतंत्र की हत्या

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के दिग्गज मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED की रेड हुई है। जांच एजेंसी की टीमें शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे ही लुधियाना के गुरदेव नगर स्थित उनके घर (कोठी नंबर- 3311) में पहुंच गईं। इसके बाद बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर अंदर-बाहर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई। जिस वक्त रेड हुई, मंत्री घर पर नहीं थे। लुधियाना के अलावा जालंधर में भी रियल एस्टेट कारोबारी हेमंद सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के ठिकानों पर ED ने रेड की है। सूद हैम्पटन होम्स के डायरेक्टर हैं और संजीव अरोड़ा के करीबी माने जाते हैं। हेमंत सूद के लुधियाना में सराभा नगर स्थित कोठी नंबर 175-I पर भी रेड चल रही है। अग्रवाल की भी अरोड़ा के रियल एस्टेट कारोबार में पार्टनरशिप है। मंत्री और उनके पार्टनर्स के लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ स्थित कुल 13 ठिकानों पर ED की टीमें जांच कर रही हैं। ED से जुड़े सोर्सेज के अनुसार मंत्री पर यह रेड जमीन सौदे को लेकर हुई है। सोर्सेज के मुताबिक ED को शक है कि मंत्री अरोड़ा ने सूद के साथ मिलकर हैम्पटन होम्स वाली जमीन का चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) गलत तरीके से किया। जिसके बाद इंडस्ट्रियल जमीन को रेजिडेंशियल में बदल दिया गया। इसमें नियमों को अनदेखा किया गया। ED की रेड होते ही केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने सोशल मीडिया पर मंत्री संजीव अरोड़ा की फोटो लगाकर लिखा- सब फड़े जाणगे (सब पकड़े जाएंगे)। रेड के बाद CM भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर कहा- पिछले कुछ समय से लोकतंत्र का गला धीरे-धीरे काटा जा रहा है। नॉन बीजेपी सरकारों को तंग किया जा रहा है। डराने-धमकाने की राजनीति जारी है। BJP लोगों से नहीं बल्कि सीबीआई, ED, चुनाव आयोग या डराने वाले दफ्तरों के जरिए चुनाव जीतती है। मैं कहना चाहता हूं कि 2027 की तैयारी करनी है तो लोगों के बीच जाकर करो, ED या CD से नहीं। वहीं, मंत्री संजीव अरोड़ा ने अपने X हैंडल पर लिखा- मैं देश का जिम्मेदार नागरिक हूं और एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगा। मुझे विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी। नीदरलैंड के दौरे पर मंत्री अरोड़ा सूत्रों के मुताबिक संजीव अरोड़ा गुरुवार रात को इन्वेस्ट पंजाब के तहत निवेशकों से मुलाकात करने के लिए नीदरलैंड के दौरे पर रवाना हुए। वह एम्स्टर्डम में वहां के उद्यमियों से मुलाकात करेंगे और पंजाब में निवेश करने को लेकर चर्चा करेंगे। ED रेड से जुड़े बड़े अपडेट्स… मंत्री पर ED रेड से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

होटल रूम तौलिया: होटल के कमरे में रखें हर तौलिये का खास मतलब, इस्तेमाल का ये नियम जान लें; नहीं तो उड़ सकता है मजाक

होटल रूम तौलिया: होटल के कमरे में रखें हर तौलिये का खास मतलब, इस्तेमाल का ये नियम जान लें; नहीं तो उड़ सकता है मजाक

17 अप्रैल 2026 को 08:46 IST पर अपडेट किया गया होटल के कमरे का तौलिया: विला के होटल में प्रवेश करते समय ही सफेद तौलिये का ढेर दिखाई देता है। अक्सर लोग केवल सजावट या साधारण तटस्थता समझकर किसी भी काम में इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन होटल के ढहने के अनुसार, हर आकार के शोलिये का एक खास मतलब होता है। आइए जानते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)होटल तौलिया शिष्टाचार(टी)होटलों में तौलिये के प्रकार(टी)स्नान चटाई बनाम स्नान तौलिया(टी)होटल तौलिये का उपयोग कैसे करें(टी)होटल के कमरे की स्वच्छता युक्तियाँ(टी)स्नान शीट बनाम स्नान तौलिया(टी)चेहरा तौलिया क्या है(टी)होटल हाथ तौलिया का उपयोग(टी)होटलों में अलग तौलिये का महत्व(टी)होटल बाथरूम शिष्टाचार

कर्नाटक कांग्रेस में एक और दरार, इस बार अल्पसंख्यक एमएलसी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर | राजनीति समाचार

Congress President Mallikarjun Kharge and party leaders Rahul Gandhi, Jairam Ramesh and KC Venugopal, Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut, NCP(SP) leader Supriya Sule, AAP leader Sanjay Singh, RJD leader Tejashwi Yadav, DMK leader TR Baalu and others during INDIA bloc meeting at Kharge's residence, in New Delhi. (File IMAGE: PTI)

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 08:45 IST आरडीपीआर और आईटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने मामला उठाते हुए तर्क दिया कि जब्बार और नसीर अहमद के खिलाफ उठाए गए कदम “जल्दबाजी” और “कठोर” थे। प्रियांक खड़गे (बाएं) और ईश्वर खंड्रे (दाएं)। (छवि: पीटीआई) दो एमएलसी, जो प्रमुख अल्पसंख्यक नेता भी हैं, के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के बाद कर्नाटक कांग्रेस के भीतर एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, जिससे सिद्धारमैया कैबिनेट में तीव्र विभाजन शुरू हो गया। एमएलसी अब्दुल जब्बार को हाल ही में दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव से जुड़ी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए 15 अप्रैल को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। पार्टी सूत्रों ने कहा कि जब्बार पर चुनाव के दौरान आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया था, स्थानीय नेताओं की शिकायतों और आलाकमान को सौंपी गई रिपोर्ट में अंदर से “तोड़फोड़” की ओर इशारा किया गया था। उसी समय, एमएलसी नसीर अहमद को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के पद से हटा दिया गया, यह कदम उसी अनुशासनात्मक कार्रवाई के हिस्से के रूप में देखा गया। हालांकि किसी भी औपचारिक सार्वजनिक स्पष्टीकरण में आरोपों की पूरी सीमा का विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया कि कार्रवाई आंतरिक असंतोष और अनुशासनहीनता के खिलाफ एक मजबूत संदेश भेजने के लिए थी। हालाँकि, दोनों निर्णय निर्विरोध नहीं हुए। मामला कैबिनेट में फैल गया, जहां कार्रवाई के समय और तरीके दोनों पर बड़ी असहमति हो गई। आरडीपीआर और आईटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने मामला उठाते हुए तर्क दिया कि जब्बार और नसीर अहमद के खिलाफ उठाए गए कदम “जल्दबाजी” और “कठोर” थे। उन्होंने आगाह किया कि इस तरह की कार्रवाई को अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को निशाना बनाने के रूप में देखा जा सकता है, जिन्होंने पारंपरिक रूप से कांग्रेस का समर्थन किया है, और राज्य भर में संभावित राजनीतिक नतीजों की चेतावनी दी। खड़गे का समर्थन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि पार्टी को “जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए जिससे अल्पसंख्यक समर्थन खो सकता है।” उन्होंने सवाल किया कि क्या दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के निहितार्थों पर पूरी तरह से विचार किया गया था। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि फैसले के पहलू मुस्लिम समुदाय को गलत संकेत भेज सकते हैं और वहां पहले से ही असंतोष बढ़ रहा है। इसका उत्तर कर्नाटक के मंत्रियों ईश्वर खंड्रे और एसएस मल्लिकार्जुन, जो चुनाव प्रचार में शामिल थे, के तीव्र प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। मल्लिकार्जुन के बेटे शमंत को टिकट दिया गया और स्थानीय मुस्लिम नेताओं ने यह कहते हुए विरोध किया कि दावणगेरे दक्षिण में मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा अल्पसंख्यक हैं और तत्कालीन विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा ने अगली बार सीट से एक मुस्लिम को टिकट देने का वादा किया था। हाल ही में शमनूर के निधन के बाद दावणगेरे उपचुनाव जरूरी हो गया था। खंड्रे और मल्लिकार्जुन ने खड़गे और राव का विरोध करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि नेता की पृष्ठभूमि कुछ भी हो, अनुशासन बरकरार रखा जाना चाहिए और कार्य करने में विफलता से संगठनात्मक अधिकार कमजोर हो जाएगा। चर्चा के दौरान व्यक्त की गई भावना यह थी, “एक स्पष्ट संदेश जाना चाहिए।” एक अन्य वरिष्ठ मंत्री सतीश जारकीहोली ने हस्तक्षेप किया, जिससे बहस में एक और आयाम जुड़ गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अब्दुल जब्बार से बात की है और मुस्लिम समुदाय के वर्गों के बीच यह धारणा बढ़ रही है कि कार्रवाई में अल्पसंख्यक नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी टिप्पणियों ने इस बात पर चिंता जताई कि ज़मीनी स्तर पर विकास को किस तरह से स्वीकार किया जा रहा है, यहां तक ​​कि स्थानीय मुस्लिम नेता भी बेहद निराश हैं और इस समय कांग्रेस का विरोध कर रहे हैं। जैसे-जैसे कैबिनेट की चर्चा तेज होती गई, बैठक तनावपूर्ण होती गई। मंत्री अपने रुख पर अड़े रहे, खड़गे और राव ने अपनी आपत्तियां दोहराईं, जबकि खंड्रे और मल्लिकार्जुन अनुशासन लागू करने पर अड़े रहे। असहमति इस हद तक बढ़ गई कि मल्लिकार्जुन और खंड्रे दोनों कथित तौर पर चर्चा के बीच में ही बैठक से बाहर चले गए। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी बैठक बीच में छोड़कर चले गए, जिससे आंतरिक कलह बढ़ने की आशंका बढ़ गई। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 08:45 IST समाचार राजनीति कर्नाटक कांग्रेस में एक और दरार, इस बार अल्पसंख्यक एमएलसी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस अनुशासनात्मक कार्रवाई(टी)कर्नाटक राजनीतिक संकट(टी)कांग्रेस आंतरिक असंतोष(टी)अब्दुल जब्बार निलंबन(टी)नसीर अहमद को हटाना(टी)सिद्धारमैया कैबिनेट में दरार(टी)अल्पसंख्यक नेता विवाद(टी)दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव

सुबह खाली पेट ‘तुलसी और शहद’ का पानी पीने के 5 जबरदस्त फायदे, शरीर बनेगा अंदर से मजबूत

authorimg

Morning Detox Drink : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते खान-पान के बीच खुद को फिट रखना किसी चुनौती से कम नहीं है. अक्सर हम महंगे सप्लीमेंट्स और दवाओं के पीछे भागते हैं, जबकि सेहत का असली खजाना हमारी रसोई और आंगन में ही छिपा होता है. भारतीय संस्कृति में ‘तुलसी’ और मिठास से भरपूर ‘शहद’ का मेल एक ऐसा ही जादुई नुस्खा है. अगर आप रोज सुबह खाली पेट तुलसी और शहद के पानी का सेवन करते हैं, तो यह आपके शरीर के लिए एक ‘नेचुरल डिटॉक्स’ की तरह काम करता है. आयुर्वेद और आधुनिक शोध (Health Experts) भी मानते हैं कि इन दोनों का मिश्रण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कई गुना बढ़ा देता है. आइए जानते हैं इसके 5 बेमिसाल फायदे: 1. इम्युनिटी को बनाता है मजबूतहेल्‍थलाइन के मुताबिक, तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, वहीं शहद एंटी-ऑक्सीडेंट्स का भंडार है. जब आप सुबह सबसे पहले इसका सेवन करते हैं, तो यह शरीर को मौसमी बीमारियों, सर्दी-जुकाम और फ्लू से लड़ने की ताकत देता है. बदलते मौसम में यह पानी किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है. 2. नेचुरल डिटॉक्स और वेट लॉसशरीर में जमा टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) कई बीमारियों की जड़ होते हैं. तुलसी और शहद का पानी मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, जिससे फैट बर्न करने में मदद मिलती है. अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह ड्रिंक आपके पाचन तंत्र को साफ कर वजन घटाने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है. 3. तनाव और स्ट्रेस से राहततुलसी को एक शक्तिशाली ‘एडेप्टोजेन’ (Adaptogen) माना जाता है, जो शरीर को तनाव से निपटने में मदद करती है. शहद के साथ मिलकर यह नसों को शांत करती है और कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) के स्तर को कम करती है. सुबह-सुबह इसे पीने से आप दिनभर मानसिक रूप से शांत और फोकस्ड महसूस करेंगे. इन दोनों का मिश्रण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कई गुना बढ़ा देता है. 4. ग्लोइंग स्किन और साफ रंगतमहंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स के बजाय अपनी स्किन को अंदर से निखारें. तुलसी खून को साफ करने में मदद करती है, जिससे चेहरे पर होने वाले कील-मुंहासे कम होते हैं. शहद त्वचा में नमी बनाए रखता है. नियमित सेवन से आपकी त्वचा में प्राकृतिक चमक आने लगती है. 5. पाचन तंत्र में सुधारअगर आपको एसिडिटी, कब्ज या पेट फूलने की समस्या रहती है, तो यह मिश्रण आपके लिए वरदान है. यह पेट के पीएच स्तर को संतुलित करता है और पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे खाना आसानी से पचता है. कैसे तैयार करें यह ‘मैजिक ड्रिंक’?स्टेप 1: एक गिलास पानी में 4-5 ताजी तुलसी की पत्तियां डालकर उसे अच्छी तरह उबाल लें.स्टेप 2: जब पानी हल्का गुनगुना (Luke warm) रह जाए, तो उसे छान लें.स्टेप 3: अब इसमें एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाएं. (ध्यान रहे: उबलते पानी में शहद कभी न डालें, इससे उसके औषधीय गुण खत्म हो जाते हैं).यह जानकारी सामान्य आयुर्वेदिक सिद्धांतों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों पर आधारित है. किसी भी बड़े बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति की सराहना की | पीएम मोदी: यह बिल लोकतंत्र के पक्ष में होगा | News18 अपडेट

नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति की सराहना की | पीएम मोदी: यह बिल लोकतंत्र के पक्ष में होगा | News18 अपडेट

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी। सर्वाधिकार सुरक्षित। सीएनएन और सीएनएन लोगो केबल न्यूज नेटवर्क, एलपी एलएलएलपी के पंजीकृत चिह्न हैं, जिन्हें अनुमति के साथ प्रदर्शित किया गया है। NEWS18.com पर या उसके हिस्से के रूप में CNN नाम और/या लोगो का उपयोग उनके संबंध में केबल न्यूज नेटवर्क के बौद्धिक संपदा अधिकारों का हनन नहीं करता है। © कॉपीराइट नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 2026। सर्वाधिकार सुरक्षित। (टैग्सटूट्रांसलेट)अमित शाह(टी)अर्जुन राम मेघवाल(टी)ब्रेकिंग न्यूज इंडिया(टी)सीएनएन-न्यूज18(टी)लोक सभा लाइव(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)लोकसभा में मोदी(टी)न्यूज18(टी)न्यूज18 लाइव(टी)पीएम मोदी लाइव(टी)पीएम मोदी भाषण(टी)राहुल गांधी

छिंदवाड़ा में 'छोटा हाथी’ ने मां-बेटे को रौंदा, मौत:तेज रफ्तार ‘छोटा हाथी’ ने मां-बेटे को रौंदा, दोनों की मौत

छिंदवाड़ा में 'छोटा हाथी’ ने मां-बेटे को रौंदा, मौत:तेज रफ्तार ‘छोटा हाथी’ ने मां-बेटे को रौंदा, दोनों की मौत

छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में मां-बेटे की जान चली गई। ग्राम रिछेड़ा के पास तेज रफ्तार टाटा एस (छोटा हाथी) वाहन ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रिछेड़ा निवासी गणेश यदुवंशी के अनुसार, वह गुरुवार कों बाजार से लौट रहा था। इसी दौरान सामने चल रहे छोटा हाथी वाहन ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार निकुंज यदुवंशी (18) और उसकी मां सपना यदुवंशी (36) सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुन्नारदेव पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सपना यदुवंशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल निकुंज को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, हादसे को अंजाम देने वाले वाहन चालक की पहचान अम्बाड़ा निवासी शुभम पिता राजू उईके के रूप में हुई है। घटना के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 125 (ए) और 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

जबलपुर में एक घर से मिले 50 चाइनीज चाकू:पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया; अवैध चाकू कारोबार पर रोक लगाने एसपी के निर्देश

जबलपुर में एक घर से मिले 50 चाइनीज चाकू:पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया; अवैध चाकू कारोबार पर रोक लगाने एसपी के निर्देश

जबलपुर में अवैध चाकू सप्लाई के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार रात कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच और माढ़ोताल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर मदर टेरेसा क्षेत्र में दबिश देकर पारस जैन को पकड़ा और उसके पास से करीब 50 चाइनीज चाकू बरामद किए। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि माढ़ोताल के एक घर में बड़ी संख्या में चाकू रखकर सप्लाई की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने मौके पर घेराबंदी कर कार्रवाई की। घर की तलाशी में 50 चाइनीज चाकू मिले दबिश के दौरान घर में मौजूद पारस जैन को हिरासत में लिया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से करीब 50 चाइनीज चाकू बरामद हुए, जिन्हें बेचने की तैयारी थी। आरोपी को गिरफ्तार कर माढ़ोताल थाना पुलिस के हवाले किया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि चाकू कहां से लाए गए और किन लोगों को सप्लाई किए जाने थे। एसपी के निर्देश पर चल रही सख्त कार्रवाई जिले में अवैध चाकू कारोबार पर रोक लगाने के लिए एसपी संपत उपाध्याय ने सख्ती के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। गढ़ा थाना में पहले भी हुआ था चाकू बरामदगी मामला करीब तीन महीने पहले गढ़ा थाना पुलिस ने एक जनरल स्टोर से 50 चाइनीज चाकू बरामद किए थे। मामले में ब्रजेश यादव को गिरफ्तार किया गया था, जिसने ओमती के एक व्यक्ति से थोक में चाकू खरीदने की जानकारी दी थी। वर्तमान मामले को उसी नेटवर्क से जोड़कर जांच की जा रही है।