Udaipur Divyang Student Lakshit Scores 100100 in 10th Class

सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित लक्षित परमार ने RBSE 10वीं की दिव्यांग कैटेगरी में 100 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं। 18 साल के लक्षित को लिखने में दिक्कत होती है। वह खुद का नाम भी नहीं लिख पाता। . बोर्ड के नियमों के अनुसार उसे परीक्षा में एक राइटर मिला। राइटर एक क्लास जूनियर होना चाहिए यानी लक्षित का पेपर 9वीं कक्षा के एक छात्र ने लिखा। RBSE ने लक्षित का रिजल्ट गुरुवार दोपहर जारी किया। उसका रिजल्ट होल्ड पर था। बेटे की इस उपलब्धि पर उनके पिता दिनेश कुमार परमार भावुक हो गए। पिता दिनेश कुमार ने कहा- परिवार के कुछ लोग मेरे बेटे की शारीरिक क्षमता पर सवाल करते थे। आज वही मुझे फोन कर बधाई दे रहे हैं। वह अपने हाथ-पैर से कुछ काम नहीं कर सकता। अपनी मर्जी से ज्यादा हिल भी नहीं पाता। ज्यादा देर बैठ भी नहीं सकता। उसे मैं गोद में उठाकर स्कूल लेकर जाता था। उसका सपना है कि वह सिविल सर्विसेज की तैयारी कर कलेक्टर बने। माता-पिता और छोटी बहनों के साथ छात्र लक्षित परमार। दिक्कतों को छोड़कर खुद पर फोकस करना चाहिए लक्षित ने बताया- मैं रोजाना 3 से 4 घंटे पढ़ता था। रोज सारे सब्जेक्ट पढ़ता था। फेवरेट सब्जेक्ट साइंस है। फिलॉसफी पढ़ने में भी बहुत मजा आता था। स्कूल में हमेशा नॉर्मल व्यवहार रहा है। कभी अलग महसूस नहीं हुआ। दोस्त बहुत सपोर्ट करते थे। मुझे अपनी हालत पर कभी दुख नहीं होता, क्योंकि मैं जो हूं, उसमें बहुत खुश हूं। मैं हमेशा लेटे-लेटे पढ़ता था। ज्यादातर टाइम मैंने ऑनलाइन पढ़ाई की। फैमिली का बहुत सपोर्ट रहा। हर चीज में माता-पिता और बहनों का सपोर्ट रहा। कभी मुझे इस बीमारी के बारे में महसूस नहीं होने दिया। मुझे हमेशा लगता है कि जो फैमिली मेरे लिए इतना कर रही है, उसके लिए मुझे कुछ करना चाहिए। लक्षित ने बताया- दिक्कतें तो सभी के जीवन में आती हैं। मेरी भले ही यह दिक्कत है, किसी और को मुझसे भी ज्यादा दिक्कत होगी। हमें दिक्कतों को छोड़कर खुद पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आगे बढ़ो और पढ़ो। लक्षित का कहना है कि हमें हमेशा आगे बढ़ने पर फोकस करना चाहिए। पिता बोले- बेटे ने नाम रोशन किया पिता दिनेश ने बताया- हम पुरोहितों की मादड़ी के रहने वाले हैं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरे बेटे ने सचमुच वो कर दिखाया है, जो वो रोजाना करने को कहा करते थे। 18 साल से जिस बेटे को रोजाना गोद में उठाकर उसके हर काम और मूवमेंट में मदद करते थे। उसे स्कूल तक लेकर जाते थे, उस बेटे ने वाकई उनके नाम को बढ़ा दिया है। बीमारी का इलाज नहीं हो पाया लक्षित की मां रेखा परमार ने बताया- बचपन से उसे मूवमेंट करने में दिक्कत थी। देशभर के अस्पतालों में इलाज करवाया, लेकिन इस बीमारी का कोई इलाज नहीं हो पाया। लक्षित की 2 छोटी बहनें हैं, जो लगातार उसके हर काम में मदद करती हैं। रेखा ने बताया- लक्षित ज्यादा देर बैठ नहीं पाता, ऐसे में वह लेटे हुए लगातार कभी मोबाइल फोन से तो कभी किताबों से पढ़ता रहता था। लक्षित स्कूल में नॉर्मल बच्चों के साथ पढ़ता था। वह नॉर्मल बच्चों के साथ पढ़ाई कर उनसे भी ज्यादा नंबर लाने में कामयाब रहा है। लगातार कुछ न कुछ पढ़ते रहना और स्कूल की स्टडी को रोजाना 3 से 4 घंटे तक दोहराना उसकी आदत में था। स्कूल टीचर्स के साथ लक्षित। टीचर्स ने घर पहुंचकर बधाई दी और मिठाई खिलाई। नॉवेल्स पढ़ने का बहुत शौक रेखा ने बताया- लक्षित को नॉवेल्स पढ़ने का बहुत शौक है। वह आए दिन नए नॉवेल्स मंगवाकर पढ़ता है। उसे एटॉमिक हैबिट्स, साइकोलॉजी ऑफ मनी, डीप वर्क जैसे नॉवेल्स में बहुत दिलचस्पी है। लक्षित को 8वीं क्लास में ए ग्रेड (91-100) मिली, जबकि 9वीं क्लास में भी उसके 86% बने थे। लक्षित की क्लास टीचर निर्मला सालवी ने बताया- वह काफी जिज्ञासु बच्चा है। उसे एक बार समझाने पर कोई भी टॉपिक समझ आ जाता है। वह बहुत सवाल करने के बजाय सेल्फ लेवल पर उसे हल करने की कोशिश करता रहता था। यूनीक सवाल पूछते हैं लक्षित की बहन दीया 9वीं क्लास में पढ़ती है। दीया ने बताया कि हर छोटे काम में उनके भाई यूनीक सवाल पूछते हैं। वह हमें कभी डांटते नहीं हैं। सिर्फ पढ़ाई को अपना हथियार बनाने की बात कहते हैं। पढ़कर हर वो काम किया जा सकता है, जो भले ही सोचने में असंभव लगता हो।
नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी जांच शुरू:7 पूर्व PM, 3 राष्ट्रपति, राजा की संपत्ति की जांच, 100 मंत्री अधिकारी भी दायरे में

नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार ने 5 सदस्यीय न्यायिक पैनल बनाया है, जो 2006 से लेकर 2025-26 तक सार्वजनिक पदों पर रहे लोगों की संपत्ति की जांच करेगा। इस जांच के दायरे में 2005-06 के बाद के सभी 7 प्रधानमंत्रियों को भी इसमें शामिल किया गया है। इनमें गिरिजा प्रसाद कोईराला, पुष्प कमल दहल, माधव कुमार नेपाल, झलनाथ खनाल, बाबूराम भट्टराई, केपी शर्मा ओली और शेर बहादुर देउबा शामिल हैं। इसके साथ ही दो अंतरिम सरकारों के प्रमुख खिलराज रेग्मी और सुशीला कार्की भी जांच के दायरे में आएंगे। इसमें पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह भी आएंगे। इसके अलावा तीन राष्ट्रपति राम बरन यादव, विद्या देवी भंडारी और मौजूदा राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल भी जांच के घेरे में होंगे। यह जांच सिर्फ बड़े नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मंत्री, संवैधानिक पदों पर बैठे 100 से ज्यादा लोग और वरिष्ठ नौकरशाह भी शामिल होंगे। मृत नेताओं के संपत्ति की भी जांच यह जांच नेपाल में राजशाही खत्म होने के बाद के पूरे दौर को कवर करेगी। इसका मतलब 2006 के बाद का लगभग पूरा राजनीतिक नेतृत्व अब जांच के दायरे में आ गया है। खास बात यह है कि यह जांच शाह सरकार के अपने राजनीतिक दायरे तक भी जा सकती है। पोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा स्पीकर डोल प्रसाद अर्याल, मंत्री बिराजभक्त श्रेष्ठ और शिशिर खानाल, और अपनी ही पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख रवि लामिछाने भी जांच के दायरे में आ सकते हैं, क्योंकि वे पहले भी सार्वजनिक पदों पर रह चुके हैं। खास बात यह है कि यह जांच उन नेताओं तक भी पहुंचेगी जो अब जीवित नहीं हैं। ऐसे में उनके परिवार और राजनीतिक वारिसों की संपत्ति भी जांची जा सकती है। इसमें गिरिजा प्रसाद कोईराला और सुषिल कोईराला जैसे नेताओं के परिवार शामिल हो सकते हैं। 2006 के जनआंदोलन के बाद देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था शुरू हुई। इसके बाद से लगातार भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के आरोप सामने आते रहे हैं। इनकी जांच अक्सर सीमित दायरे में होती थी या राजनीतिक विरोधियों तक ही सीमित रहती थी। लेकिन इस बार सत्ता, विपक्ष, पूर्व राजा और मौजूदा सिस्टम सब एक साथ शामिल हैं। नेपाल में लगातार गठबंधन सरकारें रही हैं। किसी के पास इतना मजबूत जनादेश नहीं था कि बड़े स्तर पर जांच शुरू कर सके। इस बार बालेन शाह के पास प्रचंड बहुमत है। रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज करेंगे आयोग की अध्यक्षता इस 5 सदस्यीय आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज राजेंद्र कुमार भंडारी कर रहे हैं। यह पैनल 5 मार्च के चुनाव के कुछ हफ्तों बाद बनाया गया है, जिसमें शाह की पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की थी। यह जीत पिछले साल हुए युवाओं के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद मिली थी। सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह सबूतों और कानून के आधार पर निष्पक्ष तरीके से होगी। माना जा रहा है कि इस फैसले से नेपाल की राजनीति में हलचल बढ़ेगी और आने वाले समय में बड़े खुलासे हो सकते हैं। बालेन शाह ने सत्ता में आने से पहले जनता से यह वादा किया था कि नेपाल से भ्रष्टाचार मिटाएंगे, दोषी अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 27 मार्च को कैबिनेट ने 15 दिनों के अंदर ऐसा तंत्र बनाने का फैसला किया था, जिसे अब पूरा कर लिया गया है। नेपाल में जांच आयोग कैसे काम करेगा? नेपाल सरकार ने जिस 5 सदस्यीय न्यायिक पैनल का गठन किया है, उसका काम सिर्फ आरोप देखना नहीं, बल्कि संपत्ति की वैधता साबित करना होगा। 1. संपत्ति का डाटा जुटाया जाएगा सभी नेताओं, मंत्रियों, अधिकारियों द्वारा पहले दिए गए एसेट डिक्लेरेशन (संपत्ति विवरण) को आधार बनाया जाएगा चुनाव आयोग, टैक्स विभाग और सरकारी रिकॉर्ड से डेटा लिया जाएगा बैंक अकाउंट, जमीन, कंपनियों में हिस्सेदारी, विदेशों में संपत्ति की जानकारी भी जुटाई जाएगी 2. क्रॉस-वेरिफिकेशन आयोग देखेगा कि घोषित आय (सैलरी, बिजनेस, विरासत) के मुकाबले संपत्ति कितनी बढ़ी अगर आय से ज्यादा संपत्ति पाई जाती है, तो उसे अवैध संपत्ति माना जा सकता है शेल कंपनियों, बेनामी संपत्ति और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई संपत्ति भी जांच में शामिल होगी 3. समन और पूछताछ की शक्ति पैनल को कोर्ट जैसी शक्तियां दी जा सकती हैं किसी भी व्यक्ति को समन भेजकर बुलाया जा सकता है दस्तावेज पेश करने, जवाब देने और गवाही देने के लिए बाध्य किया जा सकता है नेपाल के बड़े भ्रष्टाचार मामले भूटानी शरणार्थी घोटाला (2023): इस मामले में आरोप है कि कुछ नेताओं, अधिकारियों और बिचौलियों ने मिलकर एक रैकेट चलाया। इस रैकेट के तहत नेपाल के आम नागरिकों को फर्जी तरीके से भूटानी शरणार्थी दिखाया जाता था, ताकि उन्हें अमेरिका जैसे देशों में बसाया जा सके। इसमें लोगों से 50 लाख रुपए तक वसूले जाते थे। इस मामले में पूर्व गृह मंत्री बालकृष्ण खाण तक का नाम आया था। ललिता निवास भूमि घोटाला (2021): काठमांडू के बालुवाटार क्षेत्र में सरकारी और राजकीय जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी लोगों के नाम ट्रांसफर किया गया। इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल और बाबूराम भट्टराई सहित कई नेताओं और नौकरशाहों पर आरोप लगे। वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट डील घोटाला (2018): नेपाल एयरलाइंस द्वारा एयरबस विमान खरीद में करीब अरबों रुपए की अनियमितताओं का आरोप लगा। इसमें तत्कालीन पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों और एयरलाइंस प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठे। भूकंप राहत घोटाला (2015): 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद राहत और पुनर्वास के लिए आए फंड और सामग्री के वितरण में गड़बड़ी के आरोप लगे। स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक नेटवर्क पर मदद के दुरुपयोग के आरोप सामने आए। सुदूर दूरसंचार/टेलीकॉम लाइसेंस घोटाला (2009): टेलीकॉम लाइसेंस जारी करने में नियमों की अनदेखी और घूसखोरी के आरोप लगे। इसमें उच्च स्तर के सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों की मिलीभगत की बात सामने आई।
भिंड में आज से संत कालिदास महाराज की पदयात्रा:गौ रक्षा, बेटी का सम्मान और नदियों के संरक्षण का देंगे संदेश, गांव-गांव पहुंचेंगे संत

भिंड में सामाजिक जागरूकता और जनसंदेश के उद्देश्य से संत कालिदास महाराज की पदयात्रा शुक्रवार से शुरू हो गई। संत समिति के जिला अध्यक्ष कालिदास महाराज ने सुबह करीब 11:30 से 12 बजे के बीच अटेर रोड स्थित बड़े हनुमान मंदिर से पैदल यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा, गौ संरक्षण, बेटियों के सम्मान, नशा मुक्ति और नदियों के संरक्षण को लेकर जनजागरण फैलाना है। पदयात्रा का शुभारंभ दंदरौआ हनुमान मंदिर के महंत महामंडलेश्वर रामदास महाराज की मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर जिलेभर के संतों की उपस्थिति रही। यात्रा के दौरान “सबकी बेटी हमारी बेटी” का संदेश देते हुए समाज में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर जागरूक किया जाएगा। यात्रा के पहले दिन संतों का दल भिंड से फूप तक पहुंचेगा। दूसरे दिन यात्रा फूप से उमरी पहुंचेगी, जहां त्रिमूर्ति धाम मंदिर में विश्राम होगा। इसके बाद उमरी से बघेली बहादुरपुर स्थित कालका देवी मंदिर तक यात्रा जाएगी। आगामी चरणों में यह पदयात्रा विभिन्न गांवों से होते हुए बालाजी मंदिर, लहार के वनखंडेश्वर महादेव मंदिर, चौरई और आलमपुर क्षेत्रों तक पहुंचेगी। इस दौरान संत समाज गांव-गांव जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतुओं की रक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करेगा। संत कालिदास महाराज ने स्पष्ट संदेश दिया कि गांव की हर बेटी पूरे समाज की जिम्मेदारी है और उसके प्रति किसी भी प्रकार की गलत नजर नहीं डाली जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने गौवंश को सड़कों पर छोड़ने के बजाय घरों में सुरक्षित रखने और नदियों में हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने की अपील की। गौरतलब है कि कालिदास महाराज पिछले दो वर्षों से नेशनल हाईवे-719 के चौड़ीकरण को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में हुए आंदोलनों के बाद सरकार को इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। हाल ही में टोल प्लाजा पर हुए आंदोलन के दौरान शासन ने हाईवे चौड़ीकरण को लेकर लिखित आश्वासन भी दिया है। परशुराम सेना के अध्यक्ष देवेश शर्मा के अनुसार, यह कालिदास महाराज की दूसरी बड़ी पदयात्रा है, जिसके माध्यम से वे जिले के सुदूर गांवों तक पहुंचकर सात प्रमुख सामाजिक संदेशों का प्रसार करेंगे।
Bangladeshi Migrants Welcome by Mamata Banerjee in West Bengal

Hindi News National Assam CM Sarbananda Sonowal: Bangladeshi Migrants Welcome By Mamata Banerjee In West Bengal नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कूच बिहार की सभा में कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार बीजेपी का सरकार लाना है। क्यों लाना है आप लोग देखिए। मैंने असम में बांग्लादेशी मुसलमान आने बंद करा दिया है। असम में पूरा ताला लगा चुका हूं। एक बांग्लादेशी भी आता है तो मैं लात मारकर रात में ही वापस भेज देता हूं। लेकिन क्या करूं मैं असम से मैं भगा देता हूं तो ममताजी पश्चिम बंगाल में उनको दुल्हन की तरह बुला लेती हैं। इससे पश्चिम बंगाल और असम में धीरे-धीरे हिंदू कम हो जाएगा। तमिलनाडु चुनाव के लिए तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख और एक्टर विजय ने गुरुवार को पार्टी का मेनिफेस्टो जारी किया। इसमें महिलाओं को साल में 6 फ्री गैस सिलेंडर और 60 साल से कम उम्र की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए देने का वादा किया गया है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं की मदद के लिए शादी के समय 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का भी वादा किया गया है। एक्टर विजय ने नुंगमबक्कम में मेनिफेस्टो जारी करने से पहले रोड शो किया। चुनाव से जुड़े कल के 4 अपडेट्स… 1. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक स्थानों को हिंसा-संभावित घोषित किया है। यहां चुनाव और चुनावों के बाद अशांति का इतिहास रहा है। 2. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक स्थानों को हिंसा-संभावित घोषित किया है। यहां चुनाव और चुनावों के बाद अशांति का इतिहास रहा है। 3. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। 4. तमिलनाडु के मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक के विरोध में तिरुचिरापल्ली में अपने आवास पर काला झंडा फहराया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मूवी रिव्यूः भूत बंगला:भूल भुलैया जैसी उम्मीद देकर अक्षय कुमार-प्रियदर्शन की जोड़ी ने किया निराश, डर-कॉमेडी में अधूरापन, कहानी और म्यूजिक भी बेअसर

रेटिंग- 2.5/5 रनटाइम- 174 मिनट 57 सेकंड स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, तबू, परेश रावल, राजपाल यादव डायरेक्टर- प्रियदर्शन अक्षय कुमार और प्रियदर्शन जब भी साथ आते हैं, दर्शकों को भूल भुलैया, हेरा फेरी, भागम भाग जैसी एंटरटेनिंग फिल्मों की उम्मीद होती है। लेकिन फिल्म भूत बंगला में ये जोड़ी इस बार वैसा कमाल नहीं दिखा पाती। फिल्म हॉरर, कॉमेडी और मिस्ट्री का मिक्स तो है, लेकिन इसका असर हर जगह बराबर नहीं दिखता। एक नजर भूत बंगला के रिव्यू पर- कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी की शुरुआत होती है श्रापित गांव मंगलपुर से, जहां यह माना जाता है कि शादी करना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि यहां नई दुल्हन को वधुसुर नाम का राक्षस उठा ले जाता है। अर्जुन आचार्य (अक्षय कुमार) लंदन में अपने पिता वासुदेव और बहन मीरा के साथ रहते हैं। मीरा की शादी तय होती है, तभी उन्हें पता चलता है कि उनके दादा 500 करोड़ की संपत्ति और मंगलपुर की हवेली मीरा के नाम कर गए हैं। अर्जुन, मीरा की शादी उसी पुश्तैनी हवेली में करने के लिए मंगलपुर पहुंचता है। लेकिन जैसे-जैसे शादी करीब आती है, हवेली में अजीब और डरावनी घटनाएं शुरू हो जाती हैं। इसी दौरान अर्जुन के सामने कई पुराने राज खुलते हैं और उसे पता चलता है कि मीरा ही वधुसुर के निशाने पर है, क्योंकि उसे मारकर वधुसुर अमर हो सकता है। अब कहानी इस सवाल पर आकर टिकती है कि क्या अर्जुन अपनी बहन और मंगलपुर को इस खतरे से बचा पाएगा। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? अक्षय कुमार इस बार उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरते। उनकी कॉमिक टाइमिंग, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है, यहां बनावटी और ज्यादा मेहनत करती हुई लगती है। राजपाल यादव फिल्म के असली मजबूत सहारा बनकर उभरते हैं, उनकी कॉमेडी ही कई जगह फिल्म को संभालती है। परेश रावल का काम ठीक-ठाक है, लेकिन उनसे जो उम्मीद रहती है, वो यहां नजर नहीं आती। ऐसा लगता है जैसे उन्होंने आधे मन से अभिनय किया हो। फिल्म की लीड एक्ट्रेस वामिका गब्बी को बहुत कम स्क्रीन टाइम मिला है और अक्षय के साथ उनकी केमिस्ट्री भी जबरदस्ती की लगती है। तब्बू, मिथिला पालकर और जेस्सु सेनगुप्ता जैसे कलाकारों का इस्तेमाल भी सीमित और अधूरा लगता है। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन और टेक्निकल पहलू? प्रियदर्शन इस बार अपने ही बनाए मापदंडों पर खरे नहीं उतरते। फिल्म का स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ महसूस होता है, जहां पहला भाग काफी खिंचा हुआ और उबाऊ लगता है, वहीं दूसरा भाग थोड़ी रफ्तार पकड़ता है और कहानी को कुछ हद तक संभालता है। हॉरर एलिमेंट्स में साउंड का इस्तेमाल कुछ जगह असरदार है, लेकिन डर का माहौल लगातार नहीं बन पाता। VFX कई जगह कमजोर और बनावटी लगता है, जिससे फिल्म का प्रभाव कम हो जाता है। डायलॉग्स औसत हैं और कॉमिक पंच कई बार ऐसे लगते हैं जैसे पहले से सुने हुए हों, जिससे हंसी कम और निराशा ज्यादा होती है। कुल मिलाकर निर्देशन में वो धार और कसावट नहीं दिखती, जिसकी इस जोड़ी से उम्मीद की जाती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक इसका सबसे कमजोर पक्ष है। भूल भुलैया के गाने आज भी लोगों को याद हैं, लेकिन भूत बंगला का एक भी गाना ऐसा नहीं जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट:फिल्म देखें या नहीं? भूत बंगला एक ऐसी फिल्म है जो भूल भुलैया की याद दिलाती है, लेकिन उस स्तर का मनोरंजन नहीं दे पाती। कमजोर स्क्रीनप्ले, फीका म्यूजिक और औसत अभिनय इसे पूरी तरह असरदार बनने से रोकते हैं। अगर आप हल्की-फुल्की हॉरर-कॉमेडी और राजपाल यादव की कॉमेडी के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो एक बार देख सकते हैं।
मूवी रिव्यूः भूत बंगला:भूल भुलैया जैसी उम्मीद देकर अक्षय कुमार-प्रियदर्शन की जोड़ी ने किया निराश, डर-कॉमेडी में अधूरापन, कहानी और म्यूजिक भी बेअसर

रेटिंग- 2.5/5 रनटाइम- 174 मिनट 57 सेकंड स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, तबू, परेश रावल, राजपाल यादव डायरेक्टर- प्रियदर्शन अक्षय कुमार और प्रियदर्शन जब भी साथ आते हैं, दर्शकों को भूल भुलैया, हेरा फेरी, भागम भाग जैसी एंटरटेनिंग फिल्मों की उम्मीद होती है। लेकिन फिल्म भूत बंगला में ये जोड़ी इस बार वैसा कमाल नहीं दिखा पाती। फिल्म हॉरर, कॉमेडी और मिस्ट्री का मिक्स तो है, लेकिन इसका असर हर जगह बराबर नहीं दिखता। एक नजर भूत बंगला के रिव्यू पर- कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी की शुरुआत होती है श्रापित गांव मंगलपुर से, जहां यह माना जाता है कि शादी करना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि यहां नई दुल्हन को वधुसुर नाम का राक्षस उठा ले जाता है। अर्जुन आचार्य (अक्षय कुमार) लंदन में अपने पिता वासुदेव और बहन मीरा के साथ रहते हैं। मीरा की शादी तय होती है, तभी उन्हें पता चलता है कि उनके दादा 500 करोड़ की संपत्ति और मंगलपुर की हवेली मीरा के नाम कर गए हैं। अर्जुन, मीरा की शादी उसी पुश्तैनी हवेली में करने के लिए मंगलपुर पहुंचता है। लेकिन जैसे-जैसे शादी करीब आती है, हवेली में अजीब और डरावनी घटनाएं शुरू हो जाती हैं। इसी दौरान अर्जुन के सामने कई पुराने राज खुलते हैं और उसे पता चलता है कि मीरा ही वधुसुर के निशाने पर है, क्योंकि उसे मारकर वधुसुर अमर हो सकता है। अब कहानी इस सवाल पर आकर टिकती है कि क्या अर्जुन अपनी बहन और मंगलपुर को इस खतरे से बचा पाएगा। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? अक्षय कुमार इस बार उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरते। उनकी कॉमिक टाइमिंग, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है, यहां बनावटी और ज्यादा मेहनत करती हुई लगती है। राजपाल यादव फिल्म के असली मजबूत सहारा बनकर उभरते हैं, उनकी कॉमेडी ही कई जगह फिल्म को संभालती है। परेश रावल का काम ठीक-ठाक है, लेकिन उनसे जो उम्मीद रहती है, वो यहां नजर नहीं आती। ऐसा लगता है जैसे उन्होंने आधे मन से अभिनय किया हो। फिल्म की लीड एक्ट्रेस वामिका गब्बी को बहुत कम स्क्रीन टाइम मिला है और अक्षय के साथ उनकी केमिस्ट्री भी जबरदस्ती की लगती है। तब्बू, मिथिला पालकर और जेस्सु सेनगुप्ता जैसे कलाकारों का इस्तेमाल भी सीमित और अधूरा लगता है। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन और टेक्निकल पहलू? प्रियदर्शन इस बार अपने ही बनाए मापदंडों पर खरे नहीं उतरते। फिल्म का स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ महसूस होता है, जहां पहला भाग काफी खिंचा हुआ और उबाऊ लगता है, वहीं दूसरा भाग थोड़ी रफ्तार पकड़ता है और कहानी को कुछ हद तक संभालता है। हॉरर एलिमेंट्स में साउंड का इस्तेमाल कुछ जगह असरदार है, लेकिन डर का माहौल लगातार नहीं बन पाता। VFX कई जगह कमजोर और बनावटी लगता है, जिससे फिल्म का प्रभाव कम हो जाता है। डायलॉग्स औसत हैं और कॉमिक पंच कई बार ऐसे लगते हैं जैसे पहले से सुने हुए हों, जिससे हंसी कम और निराशा ज्यादा होती है। कुल मिलाकर निर्देशन में वो धार और कसावट नहीं दिखती, जिसकी इस जोड़ी से उम्मीद की जाती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक इसका सबसे कमजोर पक्ष है। भूल भुलैया के गाने आज भी लोगों को याद हैं, लेकिन भूत बंगला का एक भी गाना ऐसा नहीं जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट:फिल्म देखें या नहीं? भूत बंगला एक ऐसी फिल्म है जो भूल भुलैया की याद दिलाती है, लेकिन उस स्तर का मनोरंजन नहीं दे पाती। कमजोर स्क्रीनप्ले, फीका म्यूजिक और औसत अभिनय इसे पूरी तरह असरदार बनने से रोकते हैं। अगर आप हल्की-फुल्की हॉरर-कॉमेडी और राजपाल यादव की कॉमेडी के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो एक बार देख सकते हैं।
सीहोर के ब्लैकलिस्टेड वेयरहाउस में सरकारी अनाज:उसी परिसर में नए नाम से खरीदी केंद्र खोला, सरकार किराया भी दे रही

सीहोर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कलेक्टर द्वारा ब्लैकलिस्ट किए गए चार वेयरहाउसों में अभी भी सरकारी अनाज भरा हुआ है, जिसका किराया सरकारी खजाने से दिया जा रहा है। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि इन्हीं ब्लैकलिस्टेड परिसरों में नए नाम से खरीदी केंद्र खोलकर फिर से अनाज की खरीदी शुरू कर दी गई है। पिछले साल गेहूं उपार्जन के दौरान जिले के चार प्रमुख वेयरहाउसों में बड़ी अनियमितताएं पाई गई थीं। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने इन वेयरहाउसों को वर्ष 2026-27 तक के लिए ब्लैकलिस्ट और निलंबित कर दिया था। नियम- तुरंत खाली किया जाता है ब्लैकलिस्ट वेयरहाउस नियमों के अनुसार, जिन वेयरहाउसों को ब्लैकलिस्ट किया जाता है, उनसे सरकारी माल तुरंत खाली कराया जाना चाहिए। हालांकि, निलंबन के बावजूद इन वेयरहाउसों में अभी भी गेहूं का स्टॉक जमा है और सरकार इन वेयरहाउस मालिकों को किराया दे रही है। यह सवाल उठता है कि जब इन केंद्रों को अपात्र घोषित कर दिया गया है, तो सरकारी खजाने से इन्हें किराया क्यों दिया जा रहा है। उसी परिसर में नए नाम से ले लिया वेयरहाउस इस मामले में चरनाल में सबसे चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिस वेयरहाउस को ब्लैकलिस्ट किया गया था, उसी परिसर में अब एक नया केंद्र खोल लिया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि इस नए नाम वाले वेयरहाउस को इस साल खरीदी के लिए चयनित भी कर लिया गया है और वहां काम भी शुरू हो चुका है। इस पूरे मामले पर जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिए। नोडल अधिकारी इमरतलाल सूर्यवंशी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अलग नाम से वेयरहाउस ले सकता है। समितियों और आपूर्ति विभाग का काम है कि वे इसकी जांच करें। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 का माल उठ चुका है, लेकिन 2025 का माल केंद्र कब उठाएगा, यह तय नहीं है। श्यामपुर वेयरहाउस की शाखा प्रबंधक दीप्ति सिंह ने कहा कि प्रोपराइटर बदलकर आवेदन कर सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर इसमें गड़बड़ी पाई जाती है या नियमों का उल्लंघन होता है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
विद्युत जामवाल की हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ का ट्रेलर रिलीज:इंटेंस और डार्क रोल में नजर आए एक्टर, 16 अक्टूबर को फिल्म रिलीज होगी

पैरामाउंट पिक्चर्स की फिल्म स्ट्रीट फाइटर का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज कर दिया। फिल्म में नोआ सेंटिनियो, जेसन मोमोआ और एंड्रयू कोजी मुख्य भूमिकाओं में हैं। खास बात यह है कि इसमें बॉलीवुड एक्टर विद्युत जामवाल धाल्सिम के रोल में नजर आएंगे। फिल्म 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म से विद्युत हॉलीवुड में डेब्यू कर रहे हैं। ट्रेलर में विद्युत पूरी तरह बाल्ड लुक में दिखाई दे रहे हैं। उनके शरीर पर बने टैटू और रग्ड स्टाइलिंग दिख रही है। इसके साथ ही उनका लीन और मस्कुलर फिजीक धाल्सिम के योगा-आधारित फाइटिंग स्टाइल को बखूबी दर्शाता है। ट्रेलर में धाल्सिम का किरदार पारंपरिक शांत योगी की इमेज से थोड़ा अलग नजर आ रहा है। विद्युत की इंटेंस आंखें और खतरनाक एक्सप्रेशन उनके किरदार को एक डार्क और पावरफुल ट्विस्ट देते हैं। ट्रेलर में फिल्म के एक्शन और फाइट सीक्वेंस की झलक दिखाई गई है। फिल्म को 1993 की पृष्ठभूमि में सेट किया गया है, जहां रयू और केन मास्टर्स फिर से एक बड़े मुकाबले में उतरते हैं। कहानी में चुन-ली उन्हें वर्ल्ड वॉरियर टूर्नामेंट के लिए तैयार करती है। इस टूर्नामेंट के पीछे एक साजिश छिपी है, जो दोनों को आमने-सामने खड़ा करती है और उनके अतीत से जुड़ी चुनौतियों को सामने लाती है। फिल्म की स्टारकास्ट फिल्म का डायरेक्शन किताओ सकुराई ने किया है। इसमें नोआ सेंटिनियो (केन मास्टर्स), एंड्रयू कोजी (रयू), कैलिना लियांग (चुन-ली), जो अनोआई (अकुमा), डेविड डास्टमलचियन (एम. बाइसन), कोडी रोड्स (गाइल), एंड्रयू शुल्ज (डैन हिबिकी), एरिक आंद्रे (डॉन सॉवेज), विद्युत जामवाल (धाल्सिम), ऑरविल पेक (वेगा), ओलिवियर रिच्टर्स (जैंगिफ), हिरोकी गोटो (ई. होंडा), रैना वल्लैंडिंघम (जुली), अलेक्जेंडर वोल्कानोव्स्की (जो), कर्टिस ‘50 सेंट’ जैक्सन (बालरॉग) और जेसन मोमोआ (ब्लांका) शामिल हैं।
Nifty Rallies 35 Points to 24,250; FMCG Shares in Demand

Hindi News Business Nifty Rallies 35 Points To 24,250; FMCG Shares In Demand | Sensex Up 150 Points नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक आज यानी गुरुवार, 16 अप्रैल को सेंसेक्स 150 अंक (0.21%) की तेजी के साथ 78,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.13%) की तेजी है, ये 24,250 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में FMCG में सबसे ज्यादा खरीदारी है, जबकि मेटल के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 16 शेयरों में तेजी और 14 शेयरों में गिरावट है। एशियन मार्केट में तेजी इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 6184 -42 0.67% निक्केई (जापान) 58931 -587 0.99% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 26029 -366 1.38% 16 अप्रैल को अमेरिकी मार्केट में तेजी रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 48579 115 0.24% नैस्डैक 24103 87 0.36% S&P 500 7041 18 0.26% सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,940 | 23,850 | 23,462 | 23,330 | 22,857 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,143 | 24,387 | 24,450 | 24,538 | 24,650 | 25,002 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। गुरुवार को सेंसेक्स 123 अंक चढ़कर बंद हुआ था शेयर बाजार में 15 अप्रैल को गिरावट रही। सेंसेक्स 123 अंक (0.16%) गिरकर 77,989 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 35 अंक (0.14%) बढ़कर 24,197 पर आ गया। कारोबार में मेटल और आईटी शेयरों में खरीदारी रही, जबकि ऑटो और प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News Business Nifty Rallies 35 Points To 24,250; FMCG Shares In Demand | Sensex Up 150 Points नई दिल्ली26 मिनट पहले कॉपी लिंक आज यानी गुरुवार, 16 अप्रैल को सेंसेक्स 150 अंक (0.21%) की तेजी के साथ 78,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.13%) की तेजी है, ये 24,250 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में FMCG में सबसे ज्यादा खरीदारी है, जबकि मेटल के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 16 शेयरों में तेजी और 14 शेयरों में गिरावट है। एशियन मार्केट में तेजी इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 6184 -42 0.67% निक्केई (जापान) 58931 -587 0.99% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 26029 -366 1.38% 16 अप्रैल को अमेरिकी मार्केट में तेजी रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 48579 115 0.24% नैस्डैक 24103 87 0.36% S&P 500 7041 18 0.26% सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,940 | 23,850 | 23,462 | 23,330 | 22,857 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,143 | 24,387 | 24,450 | 24,538 | 24,650 | 25,002 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। गुरुवार को सेंसेक्स 123 अंक चढ़कर बंद हुआ था शेयर बाजार में 15 अप्रैल को गिरावट रही। सेंसेक्स 123 अंक (0.16%) गिरकर 77,989 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 35 अंक (0.14%) बढ़कर 24,197 पर आ गया। कारोबार में मेटल और आईटी शेयरों में खरीदारी रही, जबकि ऑटो और प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









