अगले हफ्ते धोनी IPL में वापसी कर सकते हैं:वानखेड़े या चेपॉक में खेल सकते हैं;अभी काफ इंजरी से रिकवरी कर रहे हैं

चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अगले हफ्ते IPL में वापसी कर सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने टीम सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि उनकी चोट में तेजी से सुधार हो रहा है और वह आने वाले बड़े मुकाबलों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। धोनी को IPL शुरू होने से करीब एक हफ्ते पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान पिंडली में खिंचाव आ गया था। इसी वजह से वह टूर्नामेंट के शुरुआती तीन हफ्तों में नहीं खेल पाए। अब उनकी वापसी को लेकर कयास तेज हो गए हैं। संभावना है कि धोनी 23 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में मैदान पर उतर सकते हैं। अगर ऐसा नहीं होता, तो वह 26 अप्रैल को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ चेपॉक स्टेडियम में खेलते नजर आ सकते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में नहीं खेलेंगे चेन्नई सुपर किंग्स का अगला मुकाबला शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होना है। हालांकि, इस मैच में धोनी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं होंगे। टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। CSK के सूत्रों ने कहा,’धोनी अभी रिहैब प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। हम उनकी फिटनेस के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहते, इसलिए उन्हें पूरी तरह फिट होने का समय दिया जा रहा है।’ प्रैक्टिस सेशन में की लंबी बल्लेबाजी, रेंज हिटिंग पर फोकस भले ही धोनी मैच नहीं खेल रहे हैं, लेकिन वे नेट प्रैक्टिस में लगातार पसीना बहा रहे हैं। धोनी ने हाल ही में नेट्स पर लंबी बल्लेबाजी की है। इस दौरान उन्होंने अपनी ‘रेंज हिटिंग’पर खास काम किया। नेट सेशन के दौरान धोनी पुराने अंदाज में लंबे छक्के लगाते दिखे, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि वे अपनी लय हासिल कर चुके हैं। इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर हो सकता है इस्तेमाल धोनी की वापसी के बाद CSK उन्हें किस भूमिका में रखेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। वर्तमान में संजू सैमसन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और संभावना है कि वे ही इसे जारी रखेंगे। ऐसे में टीम धोनी को ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। इससे धोनी पर विकेटकीपिंग और दौड़ने का अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और टीम उनकी पावर-हिटिंग का फायदा उठा सकेगी। चेन्नई ने 5 में से 2 मैच जीते हैं चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक 5 मैचों में से 2 में जीत दर्ज की है और वह अंक तालिका में फिलहाल 8वें स्थान पर है। धोनी की वापसी न केवल टीम के मध्यक्रम को मजबूती देगी, बल्कि उनकी रणनीतिक सूझबूझ से CSK को प्लेऑफ की दौड़ में वापस आने में मदद मिलेगी।
अगले हफ्ते धोनी IPL में वापसी कर सकते हैं:वानखेड़े या चेपॉक में खेल सकते हैं;अभी काफ इंजरी से रिकवरी कर रहे हैं

चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अगले हफ्ते IPL में वापसी कर सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने टीम सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि उनकी चोट में तेजी से सुधार हो रहा है और वह आने वाले बड़े मुकाबलों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। धोनी को IPL शुरू होने से करीब एक हफ्ते पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान पिंडली में खिंचाव आ गया था। इसी वजह से वह टूर्नामेंट के शुरुआती तीन हफ्तों में नहीं खेल पाए। अब उनकी वापसी को लेकर कयास तेज हो गए हैं। संभावना है कि धोनी 23 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में मैदान पर उतर सकते हैं। अगर ऐसा नहीं होता, तो वह 26 अप्रैल को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ चेपॉक स्टेडियम में खेलते नजर आ सकते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में नहीं खेलेंगे चेन्नई सुपर किंग्स का अगला मुकाबला शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होना है। हालांकि, इस मैच में धोनी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं होंगे। टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। CSK के सूत्रों ने कहा,’धोनी अभी रिहैब प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। हम उनकी फिटनेस के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहते, इसलिए उन्हें पूरी तरह फिट होने का समय दिया जा रहा है।’ प्रैक्टिस सेशन में की लंबी बल्लेबाजी, रेंज हिटिंग पर फोकस भले ही धोनी मैच नहीं खेल रहे हैं, लेकिन वे नेट प्रैक्टिस में लगातार पसीना बहा रहे हैं। धोनी ने हाल ही में नेट्स पर लंबी बल्लेबाजी की है। इस दौरान उन्होंने अपनी ‘रेंज हिटिंग’पर खास काम किया। नेट सेशन के दौरान धोनी पुराने अंदाज में लंबे छक्के लगाते दिखे, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि वे अपनी लय हासिल कर चुके हैं। इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर हो सकता है इस्तेमाल धोनी की वापसी के बाद CSK उन्हें किस भूमिका में रखेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। वर्तमान में संजू सैमसन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और संभावना है कि वे ही इसे जारी रखेंगे। ऐसे में टीम धोनी को ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। इससे धोनी पर विकेटकीपिंग और दौड़ने का अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा और टीम उनकी पावर-हिटिंग का फायदा उठा सकेगी। चेन्नई ने 5 में से 2 मैच जीते हैं चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक 5 मैचों में से 2 में जीत दर्ज की है और वह अंक तालिका में फिलहाल 8वें स्थान पर है। धोनी की वापसी न केवल टीम के मध्यक्रम को मजबूती देगी, बल्कि उनकी रणनीतिक सूझबूझ से CSK को प्लेऑफ की दौड़ में वापस आने में मदद मिलेगी।
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Hindi News International World Update| Trump, America, Russia, Putin, Israel, Iran, War, Updates, World News| Virginia Ex Governor Kills Wife, Then Self | Fairfax Tragedy 17 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के वर्जीनिया में पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर जस्टिन फेयरफैक्स ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। यह घटना गुरुवार रात एनानडेल स्थित उनके घर में हुई। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय दंपती के दोनों बेटे घर में मौजूद थे, जिन्होंने कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जस्टिन फेयरफैक्स (47) और उनकी पत्नी सेरीना को मृत पाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच तलाक को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस घर में लगे कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। घटना को लेकर पुलिस प्रमुख ने कहा कि यह बेहद दुखद है, खासकर इसलिए क्योंकि बच्चे उसी समय घर में मौजूद थे। फिलहाल बच्चों को परिजनों की देखरेख में रखा गया है और उन्हें काउंसलिंग दी जा रही है। इससे पहले जनवरी में फेयरफैक्स ने पत्नी पर हमले का आरोप लगाया था, लेकिन जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News International World Update| Trump, America, Russia, Putin, Israel, Iran, War, Updates, World News| Virginia Ex Governor Kills Wife, Then Self | Fairfax Tragedy 53 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के वर्जीनिया में पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर जस्टिन फेयरफैक्स ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद भी सुसाइड कर लिया। यह घटना गुरुवार रात एनानडेल स्थित उनके घर में हुई। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय दंपती के दोनों बेटे घर में मौजूद थे, जिन्होंने कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जस्टिन फेयरफैक्स (47) और उनकी पत्नी सेरीना को मृत पाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच तलाक को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस घर में लगे कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। घटना को लेकर पुलिस प्रमुख ने कहा कि यह बेहद दुखद है, खासकर इसलिए क्योंकि बच्चे उसी समय घर में मौजूद थे। फिलहाल बच्चों को परिजनों की देखरेख में रखा गया है और उन्हें काउंसलिंग दी जा रही है। इससे पहले जनवरी में फेयरफैक्स ने पत्नी पर हमले का आरोप लगाया था, लेकिन जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Sambhal Bulldozer Action LIVE Video Update; Mubarakpur Band Masjid

संभल5 मिनट पहले कॉपी लिंक संभल में शुक्रवार सुबह साढ़े 9 बजे से मस्जिद और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई चल रही है संभल में मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे गिरा दी गई। अब बुलडोजर मस्जिद के बाकी हिस्सों को तोड़ रहा है। इससे पहले, सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर की पांच दुकानों को तोड़ा गया। मस्जिद की मीनार तोड़ने के लिए प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनें बुलाईं। एक मजदूर मीनार पर चढ़कर रस्सी को बांधा, फिर उसके दूसरे सिरे को दोनों हाइड्रा मशीनों से बांधा। इसके बाद मशीनों से खींचकर मीनार को गिरा दिया। मामला मुबारकपुर बंद गांव का है। प्रशासन के मुताबिक, 15 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण कराया गया था। फिलहाल, डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई समेत 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौके पर हैं। गांव वाले जुटने लगे तो विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। 12 दिन पहले, यानी 5 अप्रैल को मस्जिद पर कार्रवाई होनी थी, लेकिन उस समय बुलडोजर चालक ने मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार तोड़ने से मना कर दिया था। तर्क दिया था कि मीनार बुलडोजर के ऊपर गिर सकती है। हालांकि उस दिन मदरसा, पांच दुकानें और मस्जिद का गेट तोड़ दिया गया था। दुकानों का करीब 20 फीसदी हिस्सा बच गया था, जिसे आज गिराया गया। बुलडोजर एक्शन की तस्वीरें देखिए- एक मजदूर मीनार पर चढ़कर रस्सी को बांधा, फिर उसके दूसरे सिरे को दोनों हाइड्रा मशीनों से बांधा। हाइड्रा ने खींचकर मीनार को गिरा दिया। मस्जिद की छत पर मीनार जा गिरी। सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर की 5 दुकानों को तोड़ा गया। गांव वाले जुटने लगे तो विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। ग्राम समाज की जमीन पर बने दो मकान भी बने हैं। प्रशासन ने कब्जेदारों को इन्हें तोड़ने को कहा है। दो ग्रामीण अपने मकान खुद तोड़ रहे मुबारकपुर बंद गांव गुलाम रसूल और आसमा के मकानों के कुछ हिस्से सरकारी जमीन पर बने हैं। प्रशासन ने दोनों से खुद ही कब्जा हटाने को कहा है। इसके बाद आसमा ने घर के आगे बने हिस्से को और गुलाम ने घर के गेट को छैनी-हथौड़ी से तोड़ना शुरू कर दिया है। गुलाम ने कहा- अब क्या कहें साहब..यह जमीन प्रधान के चाचा से 30 हजार में खरीदी थी, हमें कोई जानकारी नहीं थी कि यह ग्राम समाज की जमीन है। बहुत नुकसान हो गया है। वहीं, आशा कार्यकर्ता आसमा ने कहा- अगर यह सरकारी जमीन थी, तो प्रधानों ने इसे क्यों बेचा? हमने 30 साल पहले जमीन खरीद थी। अगर उन्हें जमीन खाली करनी पड़ रही है तो उन्हें दी गई राशि वापस मिलनी चाहिए। जानिए पूरा मामला मुबारकपुर बंद गांव में करीब 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। 15 साल पहले खेल मैदान पर 150 वर्गमीटर में मस्जिद का निर्माण किया गया। इसके साथ ही पांच दुकानें और आठ मकान भी बना लिए गए। हैरानी की बात यह है कि इसी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी बने हुए हैं। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत डीएम को मिली थी। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया। उसी दिन जमीन की नाप कराई गई। 30 मार्च से स्थानीय मजदूरों के जरिए निर्माण हटाने का काम शुरू हुआ। 31 मार्च से मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुद ही मदरसा गौसुल और पांच दुकानों को तोड़ना शुरू किया, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। मस्जिद कमेटी और ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर की मांग पर 5 अप्रैल को प्रशासन ने 2100 रुपए शुल्क लेकर करीब दो घंटे में मदरसा और दुकानों को ध्वस्त करा दिया। ग्रामीणों ने मस्जिद को खुद नहीं तोड़ा और प्रशासन से इसे हटाने की मांग की थी। ग्राम प्रधानपति का कहना है कि स्कूलों को छोड़कर बाकी अवैध संपत्तियों को हटाया जाए। बुलडोजर एक्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 50 मिनट पहले कॉपी लिंक संभल डीएम बोले- सरकारी जमीन पर हुआ था अवैध निर्माण संभल डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा- मुबारकपुर बंद गांव में ग्राम प्रधान ने 3 महीने पहले सरकारी जमीन पर निर्माण की शिकायत की थी। तहसील में मुकदमा दायर किया गया। सुनवाई के बाद 30 दिन अपील का समय भी दिया गया। यह अवैध निर्माण एक प्राथमिक विद्यालय और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के बीच स्थित खेल के मैदान और खाद के गड्ढे की 600 वर्ग मीटर भूमि पर था। इस कब्जे के कारण दोनों विद्यालय एक-दूसरे से अलग हो गए थे। अब कब्जा हटने से दोनों स्कूल खेल के मैदान के माध्यम से आपस में जुड़ जाएंगे। हम लगातार ‘लैंड बैंक’ तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। सरकारी या सुरक्षित भूमि पर जहां भी अवैध कब्जे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से हटाया जा रहा है। 08:31 AM17 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एसपी बोले- जिन्होंने भी कब्जा किया, वे हटा लें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा- सरकार के निर्देश पर जिले के एसडीएम, तहसीलदार और सीओ गांव-गांव में सरकारी संपत्तियों और सरकारी जमीनों को चिह्नित करने का काम कर रहे हैं। इसी क्रम में मुबारकपुर बंद गांव में खेल के मैदान और खाद के गड्ढों की जमीन पर बने दो स्ट्रक्चरों को ढहाया जा रहा है। इस कार्रवाई के लिए दो प्लाटून पीएसी, एक कंपनी आरआरएफ और असमोली सर्किल के चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन्होंने भी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, वे खुद ही हटा लें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। 08:00 AM17 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार ढहाई गई 07:40 AM17 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक पुलिस से मस्जिद के आसपास इकट्ठा भीड़ को हटाया मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन देखने के लिए काफी संख्या में भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया है। 07:33 AM17 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक मस्जिद के आसपास छतों पर जवान तैनात
स्पेस में 18 बार खतरे में आए भारतीय उपग्रह:इसरो ने रास्ता बदलकर मलबे से बचाया; 2025 में 1.5 लाख बार अलर्ट जारी

इसरो की ‘इंडियन स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस रिपोर्ट-2025’ के मुताबिक, 2025 में भारत को अपने सैटेलाइट्स को सुरक्षित रखने के लिए बहुत सतर्कता बरतनी पड़ी। 2025 में इसरो के सैटेलाइट्स के लिए करीब डेढ़ लाख से ज्यादा क्लोज अप्रोच अलर्ट जारी हुए। ये अलर्ट अमेरिकी स्पेस कमांड से मिले, जिनका विश्लेषण भारतीय वैज्ञानिकों ने अधिक सटीक ऑर्बिटल डेटा के साथ किया। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि लो-अर्थ ऑर्बिट (लियो) अब खतरनाक रूप से भीड़भाड़ वाला हो चुका है। अंतरिक्ष में मलबों के आपस में टकराने के खतरों से बचने के लिए इसरो को कुल 18 बार ‘कोलोजन अवॉइडेंस मैन्यूवर’ करना पड़ा जो 14 बार लियो सैटेलाइट्स के लिए और 4 बार जियो सैटेलाइट्स के लिए किया गया। इन मैन्यूवर्स में सैटेलाइट की गति और ऊंचाई में बदलाव कर संभावित टकराव को टाला जाता है। चिंता: चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर भविष्य के जोखिम को देखते हुए भी इसरो को 84 बार अपनी ऑर्बिट मैन्यूवर प्लानिंग बदलनी पड़ी। गहरे अंतरिक्ष में चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के लिए 2 बार प्लान बदला गया, ताकि नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर से टकराव से बचा जा सके। अकेले चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर किए गए। इसरो ने 2025 में अपने सभी 5 लॉन्च के लिए लिफ्ट-ऑफ से पहले कोलोजन अवॉइडेंस एनालिसिस किया। एक मामले में एलवीएम3-एम6 मिशन की लॉन्चिंग को 41 सेकंड तक टालना पड़ा, ताकि मलबे से दूरी सुनिश्चित की जा सके। 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 मलबों से खतरा अंतरिक्ष अब कचरे का डिब्बा: आईएसएसएआर 2025 और डब्ल्यूईएफ 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष अब ‘कचरे का डिब्बा’ बनता जा रहा है। डराने वाले हैं ये आंकड़े: शोध के अनुसार, अंतरिक्ष में 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 और 1 सेंटीमीटर से बड़े करीब 12 लाख मलबे के टुकड़े मौजूद हैं। तेजी से बढ़ रही स्पेस में भीड़: 2025 में 328 लॉन्च प्रयास हुए जिससे 4,198 सैटेलाइट्स स्थापित हुए और कुल 4,651 नए स्पेस ऑब्जेक्ट्स जुड़ गए। बुलेट से भी होती है तेज रफ्तार: स्पेस में कचरा 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से घूम रहा है। एक छोटा सा पेंच भी सैटेलाइट को तबाह कर सकता है। दूसरे देश कैसे कर रहे सैटेलाइट की सुरक्षा अमेरिका: उन्नत रडार नेटवर्क और सेंसर से से 40 हजार मलबों की रियल-टाइम ट्रैकिंग। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी: अत्याधुनिक कोलिजन अवॉइडेंस सॉफ्टवेयर। चीन: विशाल ग्राउंड-बेस्ड टेलीस्कोप और अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स को एक कक्षा से दूसरी में ले जाने वाली ‘ऑन-ऑर्बिट रीफ्यूलिंग’ तकनीक। जापान: निजी कंपनियों के साथ मिलकर चुंबकीय और बिजली के तारों जैसी तकनीकों से मलबे को खींचकर वापस धरती के वातावरण में लाने का प्रयोग। —————————— ये खबर भी पढ़ें… गगनयान मिशन का दूसरा क्रू मॉड्यूल टेस्ट सफल:चिनूक हेलिकॉप्टर से 3 किमी ऊंचाई से छोड़ा गया; पैराशूट के साथ समुद्र में सेफ लैंडिंग भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी में बड़ी कामयाबी मिली है। ISRO ने शुक्रवार को दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक पूरा किया। पूरी खबर पढ़ें…
स्पेस में 18 बार खतरे में आए भारतीय उपग्रह:इसरो ने रास्ता बदलकर मलबे से बचाया; 2025 में 1.5 लाख बार अलर्ट जारी

इसरो की ‘इंडियन स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस रिपोर्ट-2025’ के मुताबिक, 2025 में भारत को अपने सैटेलाइट्स को सुरक्षित रखने के लिए बहुत सतर्कता बरतनी पड़ी। 2025 में इसरो के सैटेलाइट्स के लिए करीब डेढ़ लाख से ज्यादा क्लोज अप्रोच अलर्ट जारी हुए। ये अलर्ट अमेरिकी स्पेस कमांड से मिले, जिनका विश्लेषण भारतीय वैज्ञानिकों ने अधिक सटीक ऑर्बिटल डेटा के साथ किया। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि लो-अर्थ ऑर्बिट (लियो) अब खतरनाक रूप से भीड़भाड़ वाला हो चुका है। अंतरिक्ष में मलबों के आपस में टकराने के खतरों से बचने के लिए इसरो को कुल 18 बार ‘कोलोजन अवॉइडेंस मैन्यूवर’ करना पड़ा जो 14 बार लियो सैटेलाइट्स के लिए और 4 बार जियो सैटेलाइट्स के लिए किया गया। इन मैन्यूवर्स में सैटेलाइट की गति और ऊंचाई में बदलाव कर संभावित टकराव को टाला जाता है। चिंता: चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर भविष्य के जोखिम को देखते हुए भी इसरो को 84 बार अपनी ऑर्बिट मैन्यूवर प्लानिंग बदलनी पड़ी। गहरे अंतरिक्ष में चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के लिए 2 बार प्लान बदला गया, ताकि नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर से टकराव से बचा जा सके। अकेले चंद्रयान-2 के लिए 2025 में 16 ऑर्बिट मैन्यूवर किए गए। इसरो ने 2025 में अपने सभी 5 लॉन्च के लिए लिफ्ट-ऑफ से पहले कोलोजन अवॉइडेंस एनालिसिस किया। एक मामले में एलवीएम3-एम6 मिशन की लॉन्चिंग को 41 सेकंड तक टालना पड़ा, ताकि मलबे से दूरी सुनिश्चित की जा सके। 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 मलबों से खतरा अंतरिक्ष अब कचरे का डिब्बा: आईएसएसएआर 2025 और डब्ल्यूईएफ 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष अब ‘कचरे का डिब्बा’ बनता जा रहा है। डराने वाले हैं ये आंकड़े: शोध के अनुसार, अंतरिक्ष में 10 सेंटीमीटर से बड़े 40,000 और 1 सेंटीमीटर से बड़े करीब 12 लाख मलबे के टुकड़े मौजूद हैं। तेजी से बढ़ रही स्पेस में भीड़: 2025 में 328 लॉन्च प्रयास हुए जिससे 4,198 सैटेलाइट्स स्थापित हुए और कुल 4,651 नए स्पेस ऑब्जेक्ट्स जुड़ गए। बुलेट से भी होती है तेज रफ्तार: स्पेस में कचरा 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार से घूम रहा है। एक छोटा सा पेंच भी सैटेलाइट को तबाह कर सकता है। दूसरे देश कैसे कर रहे सैटेलाइट की सुरक्षा अमेरिका: उन्नत रडार नेटवर्क और सेंसर से से 40 हजार मलबों की रियल-टाइम ट्रैकिंग। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी: अत्याधुनिक कोलिजन अवॉइडेंस सॉफ्टवेयर। चीन: विशाल ग्राउंड-बेस्ड टेलीस्कोप और अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स को एक कक्षा से दूसरी में ले जाने वाली ‘ऑन-ऑर्बिट रीफ्यूलिंग’ तकनीक। जापान: निजी कंपनियों के साथ मिलकर चुंबकीय और बिजली के तारों जैसी तकनीकों से मलबे को खींचकर वापस धरती के वातावरण में लाने का प्रयोग। —————————— ये खबर भी पढ़ें… गगनयान मिशन का दूसरा क्रू मॉड्यूल टेस्ट सफल:चिनूक हेलिकॉप्टर से 3 किमी ऊंचाई से छोड़ा गया; पैराशूट के साथ समुद्र में सेफ लैंडिंग भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी में बड़ी कामयाबी मिली है। ISRO ने शुक्रवार को दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक पूरा किया। पूरी खबर पढ़ें…
तेलंगाना में SC-ST सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े:राज्य की 242 में से 135 बहुत पिछड़ी; 3.55 लाख लोगों पर सर्वे

तेलंगाना में पिछले साल हुए जातिगत सर्वे की रिपोर्ट में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोग सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े हैं। वहीं, ओबीसी वर्ग 2.7 गुना पिछड़ा है। एससी का पिछड़ापन सूचकांक स्कोर 96, एसटी का 95 और ओबीसी का 86 है। नियम कहता है कि स्कोर जितना ज्यादा होगा, पिछड़ापन उतना ही अधिक होगा। यानी तेलंगाना में इन जाति वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक स्थिति बहुत पिछड़ी है। सामान्य वर्ग का स्कोर 31 है, जो बेहतर स्थिति है। राज्य में 242 जातियां हैं। इनमें से 67% आबादी यानी 135 जातियां बहुत पिछड़ी हैं। यह रिपोर्ट पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाले पैनल ने सर्वे के बाद तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी है। सर्वे पिछले साल राज्य के 3.55 करोड़ लोगों के बीच कराया गया था। सर्व की 7 बड़ी बातें सबसे पिछड़ा, सबसे संपन्न समुदाय कौन सा? सबसे पिछड़ा है एससी वर्ग का दक्कल समुदाय (स्कोर 116)। सामान्य वर्ग का कापु समुदाय सबसे संपन्न (12) है। जैन का स्कोर 13 और ब्राह्मण का 22 है। 1 लाख से कम कमाने वाले एससी परिवार का पिछड़ापन स्कोर 49 है, जबकि उतनी ही आय वाले सामान्य परिवार का स्कोर केवल 16 है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत ने 17 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला:10 साल में गरीबी दर 14% घटी; वर्ल्ड बैंक ने हालिया रिपोर्ट में बताया वर्ल्ड बैंक ने अपनी ‘पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ’ रिपोर्ट में बताया कि भारत बीते एक दशक में गरीबी को कम करने में सफल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक- भारत ने 2011-12 से 2022-23 के बीच बेहद गरीबी में रह रहे 17.1 करोड़ लोगों को बाहर निकाला। पूरी खबर पढ़ें…
Displaced Demand Justice | Officer Bribe Scam; Compensation Cheating

45 हजार करोड़ रुपए के केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का सेंटर पॉइंट-डौढ़न (दौधन) बांध। सरकार इसे बुंदेलखंड के लिए ‘अमृत’ बता रही है। लेकिन इस बांध को बनाने के लिए जिन लोगों को उजाड़ा जा रहा है, वे 42 डिग्री की तपिश में अधनंगे हाल में 12 दिनों से पंच तत्व सत्य . ये लोग नदी के बीच फांसी का फंदा लगाकर खड़े हो जाते हैं और चिताओं पर लेटकर विरोध जताते हैं। इनकी जुबान पर सरकारी धोखे की अलग-अलग कहानियां हैं। किसी को मकान के बदले 25 हजार रुपए का मुआवजा मिला है, तो किसी को 14 हजार। राहत पैकेज के 12.5 लाख रुपए हासिल करने के लिए 2 लाख रुपए एडवांस देना पड़ा है। अजोध्या प्रसाद कहते हैं- हम जिंदा हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में हमारी मौत हो चुकी है। रिश्वत नहीं दी, तो हमें कागजों पर मरा हुआ घोषित कर दिया गया। दैनिक भास्कर ने ग्राउंड पर पहुंचकर समझा कि ये लोग कौन हैं? क्या ये महज प्रतीकात्मक प्रदर्शन है या वाकई इनसे इनके हिस्से का हक छीना गया है? केन और बेतवा नदी को 220 किमी लंबी नहर से जोड़ने का प्रोजेक्ट है। छतरपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर है दौधन। पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में केन नदी पर ये डैम बन रहा है। इसके लिए यहां आसपास के करीब 20 गांव को हटाया जाना है। जाहिर है गांव हैं तो यहां इंसान भी हैं और उनकी पीढ़ियों की निशानी भी। जमीन भी, जायदाद भी, जानवर भी और पुरखों की यादें भी। लेकिन सरकारी अफसरों के लिए ये सिर्फ चंद रुपयों के पैकेज हैं। विस्थापितों के हिस्से में सरकारी मुलाजिमों का हिस्सा पहले से रिजर्व है। ज्यादातर विस्थापित आदिवासी हैं। कम पढ़े-लिखे हैं। इन्हें न समग्र आईडी का मतलब समझ आता है न मार्कशीट पर अंकित जन्मतिथि का। लेकिन मुआवजा हासिल करने के लिए ये सब जरुरी है। इन्हीं दस्तावेजों की दरकार सरकारी बाबुओं के लिए कमाई की पक्की गारंटी है। प्रदर्शन में बड़ी तादाद में प्रभावित शामिल हो रहे हैं। आरोप-पहले भ्रष्टाचार किया अब अत्याचार कर रहे अफसर अनशन का सबसे प्रमुख चेहरा है-35 साल का नौजवान अमित भटनागर। पानी के बीच घंटों से फांसी का फंदा लटकाकर खड़े अमित कहते हैं- प्रशासन ने यहां खूब भ्रष्टाचार किया है। भ्रष्टाचार को छिपाने अब हम पर अत्याचार कर रहे हैं। यदि आपको समग्र आईडी चाहिए या वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना है तो पैसा लगता है। मुआवजे के लिए सूची में नाम जुड़वाने का भी पैसा लगता है। फिर पैसा आ जाए तो पैसा लेने के लिए फिर रिश्वत देनी पड़ती है। दलालों का गिरोह काम कर रहा, लोग कर्जदार हो गए अमित ने बताया कि यहां लोग कर्जदार हो गए हैं। उनका घर भी गया और कर्ज भी चढ़ गया। सत्ता दल के नेताओं और दलालों का यहां एक गिरोह है। लोकायुक्त ने हाल ही में एक पटवारी को यहां एक आदिवासी महिला से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। मुआवजे में चार तरह की गड़बड़ी 1. राहत पैकेज के लिए 2.50 लाख एडवांस रिश्वत विस्थापितों को राहत पैकेज के तहत 12.50 लाख रुपए देने का प्रावधान है। लेकिन पटवारी और ग्राम सचिव इसके लिए लोगों से 2 से 4 लाख रुपए तक एडवांस रिश्वत मांग रहे हैं। जिन्होंने रिश्वत नहीं दी, उनके नाम मुआवजा सूची में शामिल ही नहीं किए गए। 2. गांव वालों को प्रति एकड़ 3 लाख, बाहरियों को 80 लाख दूसरी बड़ी गड़बड़ी यह है कि जिस गांव में स्थानीय लोगों को 3 लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया गया, वहीं बाहरी लोगों ने किसानों से जमीन खरीदकर उसे डायवर्टेड करा लिया। इसके बाद उसी जमीन को आवासीय प्लॉट मानकर 80 लाख रुपए के हिसाब से मुआवजा दिया गया। सब प्रशासन की मिलीभगत से हुआ। विरोध के बीच प्रोजेक्ट का काम जारी है। 3. आदमी जिंदा है, लेकिन सरकार की सूची में मृत कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें जिंदा व्यक्ति खुद को जिंदा साबित करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। उसे बताया गया कि उसका नाम सूची में नहीं है, बल्कि उसे मृत घोषित कर दिया गया है। 4. चार बच्चों के पिता कहां से लाएं बालिग होने का प्रमाण पत्र ये आदिवासी गांव हैं। यहां जन्म प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड मान्य नहीं है। जो लोग कभी स्कूल ही नहीं गए, वे स्कूल का रिकॉर्ड कहां से लाएं? चार बच्चों के पिता से भी बालिग होने का प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। ऐसे लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने साल बाद अब ऐसा प्रमाण पत्र कहां से लाएं? पलकुंआ गांव के अनिल कहते हैं कि 4 एकड़ के लिए 20 लाख मिले। हम यही जमीन यदि बमीठा में या छतरपुर में लें तो हम इतने में एक एकड़ जमीन भी नहीं मिल पाएगी। सरकार कह रही थी कि 4 गुना देंगे। महिलाएं भी प्रदर्शन के दौरान पानी में खड़ी नजर आईं। अब समझिए लोगों का दर्द- रिश्वत देने के पैसे नहीं, इसलिए मुआवजा नहीं मिला आंदोलन में शामिल होने आईं पन्ना जिले के खमरी गांव की कमला आदिवासी कहती हैं कि हमारे पास 5 एकड़ जमीन थी। उसका 14 लाख रुपए मुआवजा मिला है। जहां भी जाते हैं, वहां 8 से 10 लाख रुपए प्रति एकड़ से कम में जमीन नहीं मिलती। हमारे पति चार भाई हैं। हम कैसे जीवन चला पाएंगे? घर-मकान का कोई मुआवजा नहीं मिला। हमने बाल-बच्चों को छोड़कर धूप-पानी में मेहनत कर मकान बनाया था, सब बेकार हो गया। छतरपुर के मैनारी गांव की कल्लू बाई कहती हैं कि हमारे ससुर जी तीन भाई हैं। 18 एकड़ जमीन जा रही है। अभी तक कोई पैसा नहीं मिला है। हमारे पास रिश्वत देने के लिए पैसा ही नहीं है। कहा गया है कि काम बन जाएगा तो पैसा देना पड़ेगा। कहा गया दिल्ली जाओगे तो जेल भेज देंगे हिसाबी राजपूत कहती हैं कि हम दिल्ली जा रहे थे, लेकिन हमें वहां भी नहीं जाने दिया गया। कहा गया कि अगर दिल्ली जाओगे तो जेल भेज दिया जाएगा। वहां से लौटे तो फिर यहीं बांध पर अनशन पर बैठ गए। धीरज बाई कहती हैं कि 11 दिन से यहीं हैं। नमक-रोटी खाकर दिन गुजार रहे हैं।
विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: केरल में स्टंट से पहले ही सीएम पद को लेकर कांग्रेस में बड़ी गुटबाजी! सरकार बनीं तो कौन होगा मुख्यमंत्री

23 और 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा जबकि 23 अप्रैल को सभी विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान होगा। असम, केरल, पुडुचेरी सहित पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के नतीजे चार मई को एक साथ आएंगे। दो राज्यों में वोटिंग से पहले बयान और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. असम सीएम ममता बनर्जी पर हमलाअसम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उनके भाषण शासन से बड़े पैमाने पर राजनीतिक रणनीति की आलोचना पर केंद्रित हैं। सरमा ने कहा कि बिहार के एक जिले में एक रहस्यमयी शख्सियत का जिक्र करते हुए सरमा ने कहा कि ममता बनर्जी अपने भाषणों में बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करती हैं और लोगों में भय का माहौल बनाने की कोशिश करती हैं। उन्होंने कहा, “उनके भाषण विकास कार्य पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह पर बड़े पैमाने पर हमले हो रहे हैं।” परिसीमन के मुद्दे पर असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर यह प्रक्रिया लागू होती है तो पूर्वी राज्यों को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में पात्रता की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। सरमा ने कहा, “अगर परिसीमन होता है तो पूर्वी क्षेत्र को आरक्षित के दावों से सबसे अधिक लाभ होगा,” और कहा कि इसी जनसंख्या वाले राज्यों के पक्ष में प्रतिनिधित्व का संतुलन बना रह सकता है। तमिलनाडु में अंतिम चुनाव का आंशिक पूरा चुनाव आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र, नागरिक और मेक्सिको के तरीकों से हटाने के लिए सख्ती की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डाॅ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर राज्य में सभी केंद्रीय पर्यवेक्षकों की समीक्षा बैठक की। तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को एक चरण में 234 विधानसभा पर मतदान होगा। शुक्रवार को आयोजित बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुल 326 केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया. इनमें 136 सामान्य पर्यवेक्षक, 40 पुलिस पर्यवेक्षक और 150 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। तमिलनाडु के मुख्य अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए. तमिलगा वेट्ट्री कशगम के घोषणापत्र में क्या-क्या भाजपा नेता ए.एन.एस. प्रसाद ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कशगम (टीवीके) के घोषणापत्र में गुरुवार को तीखा हमला बोला और इसे “वास्तविक और वित्तीय रूप से गैर-जिम्मेदार” करार दिया। प्रसाद ने एक बयान में कहा कि पत्र में घोषणा की गई है कि डीजे वादों को लागू करने के लिए कम से कम 6 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी, जबकि तेल का कर्ज़ 2026-27 तक 10.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में इन वादों की व्यवहारिकता पर गंभीर प्रश्न उठते रहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि स्पष्ट वित्तीय संस्थानों के इतने बड़े वादे के बिना राज्य की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाला जा सकता है और भविष्य के विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ सकता है।








