Saturday, 18 Apr 2026 | 04:29 AM

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सुकेश के खिलाफ जैकलीन सरकारी गवाह बनेंगी:₹200 करोड़ की ठगी केस में सहयोग को तैयार; इन्हीं पैसों से लग्जरी गिफ्ट लिए थे

सुकेश के खिलाफ जैकलीन सरकारी गवाह बनेंगी:₹200 करोड़ की ठगी केस में सहयोग को तैयार; इन्हीं पैसों से लग्जरी गिफ्ट लिए थे

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने जानकारी दी कि वे इस मामले में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। कोर्ट ने एक्ट्रेस की बात सुनने के बाद उन्हें निर्देश दिया है कि इसके लिए उन्हें सबसे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पास एक औपचारिक अर्जी दाखिल करनी होगी। यह मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। सुकेश पर आरोप है कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी की थी। ED की जांच में सामने आया था कि सुकेश ने ठगी के इन पैसों से जैकलीन फर्नांडिस को करोड़ों रुपए के कीमती गिफ्ट्स दिए थे। इसमें लग्जरी बैग, हीरे की ज्वेलरी, महंगे घोड़े और बिल्लियां शामिल थीं। इस वजह से ED ने जैकलीन को भी इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया था। सरकारी गवाह बनने से क्या बदलेगा? जैकलीन फर्नांडिस काफी समय से इस हाई-प्रोफाइल केस में आरोपी के तौर पर जांच का सामना कर रही हैं। अब उन्होंने कोर्ट के सामने प्रस्ताव रखा है कि वे सरकारी गवाह बनकर सच्चाई सामने लाना चाहती हैं। अगर ED उनकी अर्जी स्वीकार कर लेती है और कोर्ट इसकी अनुमति देता है, तो जैकलीन इस केस में आरोपी से गवाह बन जाएंगी। कानूनी जानकारों के मुताबिक, इससे उन्हें सजा में छूट या कानूनी कार्रवाई से राहत मिल सकती है, बशर्ते वे सुकेश के खिलाफ पुख्ता जानकारी दें। जैकलीन ने लिए थे कई महंगे गिफ्ट ED के मुताबिक, जैकलीन से दोस्ती हो जाने के बाद सुकेश ने उनके ऊपर 7 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए थे। सुकेश ने जैकलीन को ये चीजें गिफ्ट की थीं… मामले की पूरी टाइमलाइन करियर और इमेज पर पड़ा है असर सुकेश चंद्रशेखर केस की वजह से जैकलीन फर्नांडिस को पिछले तीन-चार सालों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। उन्हें विदेश जाने के लिए हर बार कोर्ट से परमिशन लेनी पड़ती थी। उनके कई ब्रांड एंडोर्समेंट और फिल्में भी प्रभावित हुईं। माना जा रहा है कि सरकारी गवाह बनकर जैकलीन खुद को इस कानूनी पेच से बाहर निकालना चाहती हैं ताकि वे अपने एक्टिंग करियर पर दोबारा ध्यान दे सकें।

सुकेश के खिलाफ जैकलीन सरकारी गवाह बनेंगी:₹200 करोड़ की ठगी केस में सहयोग को तैयार; इन्हीं पैसों से लग्जरी गिफ्ट लिए थे

सुकेश के खिलाफ जैकलीन सरकारी गवाह बनेंगी:₹200 करोड़ की ठगी केस में सहयोग को तैयार; इन्हीं पैसों से लग्जरी गिफ्ट लिए थे

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्ट्रेस ने जानकारी दी कि वे इस मामले में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। कोर्ट ने एक्ट्रेस की बात सुनने के बाद उन्हें निर्देश दिया है कि इसके लिए उन्हें सबसे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पास एक औपचारिक अर्जी दाखिल करनी होगी। यह मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। सुकेश पर आरोप है कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी की थी। ED की जांच में सामने आया था कि सुकेश ने ठगी के इन पैसों से जैकलीन फर्नांडिस को करोड़ों रुपए के कीमती गिफ्ट्स दिए थे। इसमें लग्जरी बैग, हीरे की ज्वेलरी, महंगे घोड़े और बिल्लियां शामिल थीं। इस वजह से ED ने जैकलीन को भी इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया था। सरकारी गवाह बनने से क्या बदलेगा? जैकलीन फर्नांडिस काफी समय से इस हाई-प्रोफाइल केस में आरोपी के तौर पर जांच का सामना कर रही हैं। अब उन्होंने कोर्ट के सामने प्रस्ताव रखा है कि वे सरकारी गवाह बनकर सच्चाई सामने लाना चाहती हैं। अगर ED उनकी अर्जी स्वीकार कर लेती है और कोर्ट इसकी अनुमति देता है, तो जैकलीन इस केस में आरोपी से गवाह बन जाएंगी। कानूनी जानकारों के मुताबिक, इससे उन्हें सजा में छूट या कानूनी कार्रवाई से राहत मिल सकती है, बशर्ते वे सुकेश के खिलाफ पुख्ता जानकारी दें। जैकलीन ने लिए थे कई महंगे गिफ्ट ED के मुताबिक, जैकलीन से दोस्ती हो जाने के बाद सुकेश ने उनके ऊपर 7 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए थे। सुकेश ने जैकलीन को ये चीजें गिफ्ट की थीं… मामले की पूरी टाइमलाइन करियर और इमेज पर पड़ा है असर सुकेश चंद्रशेखर केस की वजह से जैकलीन फर्नांडिस को पिछले तीन-चार सालों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। उन्हें विदेश जाने के लिए हर बार कोर्ट से परमिशन लेनी पड़ती थी। उनके कई ब्रांड एंडोर्समेंट और फिल्में भी प्रभावित हुईं। माना जा रहा है कि सरकारी गवाह बनकर जैकलीन खुद को इस कानूनी पेच से बाहर निकालना चाहती हैं ताकि वे अपने एक्टिंग करियर पर दोबारा ध्यान दे सकें।

‘पीएम मोदी और मेरे बीच पत्नी का मुद्दा नहीं है’: महिला आरक्षण पर बहस के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में चुटकी ली | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 14:57 IST महिला आरक्षण बिल को परिसीमन से जोड़ने पर बहस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने उनके और पीएम मोदी के पत्नियां न होने का मजाक उड़ाया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को लोकसभा में। (संसद टीवी) परिसीमन विधेयक को महिला कोटा अधिनियम से जोड़ने पर विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष की बहस का नेतृत्व किया, जहां उन्होंने मजाक में कहा कि उनकी और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी दोनों की पत्नियां नहीं हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “महिलाएं हमारी राष्ट्रीय कल्पना में, हमारे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में एक केंद्रीय और प्रेरक शक्ति हैं। हम सभी, इस कमरे में मौजूद हर व्यक्ति, अपने जीवन में महिलाओं से बहुत कुछ प्रभावित हुआ है, सिखाया है और सीखा है, चाहे वह माताएं, बहनें और पत्नियां हों।” उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “बेशक, प्रधानमंत्री और मेरे बीच ‘पत्नी’ वाला मुद्दा नहीं है। इसलिए हमें वह इनपुट नहीं मिलता। इसके लिए हमारी मां और बहनें हैं।” “कल, मेरी बहन ने कुछ ऐसा हासिल किया जो मैं शायद अपने 20 साल के राजनीतिक करियर में नहीं कर पाया, वह था अमित शाह जी को मुस्कुराना।” दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कहते हैं, “महिलाएं एक केंद्रीय शक्ति हैं, हमारी राष्ट्रीय कल्पना और हमारे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में एक प्रेरक शक्ति हैं। हम सभी – इस कमरे में मौजूद हर एक व्यक्ति – ने अपने जीवन में महिलाओं से बहुत कुछ प्रभावित किया है, सिखाया है और सीखा है: माताएं,… pic.twitter.com/HBtu9g1bkZ– आईएएनएस (@ians_india) 17 अप्रैल 2026 हल्के-फुल्के क्षण के बाद, गांधी ने महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, “यह महिला विधेयक नहीं है; इसका महिला सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह चुनावी मानचित्र को बदलने का एक प्रयास है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 14:51 IST न्यूज़ इंडिया ‘पीएम मोदी और मेरे बीच पत्नी का मुद्दा नहीं है’: महिला आरक्षण पर बहस के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में चुटकी ली अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी लोकसभा भाषण(टी)राहुल गांधी टिप्पणी(टी)परिसीमन विवाद(टी)समाज में महिलाओं की भूमिका(टी)लोकसभा बहस(टी)विपक्षी नेता का भाषण(टी)नरेंद्र मोदी तुलना(टी)भारतीय राजनीति समाचार

प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा

प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा

एक्टर प्रकाश राज रामायण और भगवान को लेकर दिए बयान को लेकर विवादों में घिर गए और उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर प्रकाश राज का केरल लिटरेचर फेस्टिवल (KLF) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक्टर बच्चों द्वारा लिखी एक काल्पनिक रामायण की कहानी सुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। राज ने कहा कि भगवान राम, लक्ष्मण और सीता दक्षिण की ओर जा रहे थे। रास्ते में जंगल देखकर लक्ष्मण ने खुशी जताई। इस पर राम ने कहा कि यह किसी का खेत है। लक्ष्मण ने पूछा कि वहां लगे फल खाए जा सकते हैं या नहीं। राम ने जवाब दिया कि भूख लगने पर फल खा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब वे फल खाने लगे, तब शूर्पणखा और रावण वहां पहुंचे। शूर्पणखा ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन रावण ने कहा कि वे भूखे हैं, उन्हें खाने दिया जाए और बाद में बात की जाएगी। प्रकाश राज के मुताबिक, फल खाने के बाद राम ने लक्ष्मण से कहा कि कुछ आदिवासी आए हैं। इस पर रावण ने जवाब दिया कि वो मालिक हैं। इसके बाद बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा। कहानी में GST और छूट का जिक्र प्रकाश राज ने अपनी कहानी में GST का संदर्भ भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि राम ने फल खाने के बाद पैसे देने की बात कही। इस पर शूर्पणखा ने हिसाब लगाकर 2000 डॉलर GST सहित बताए। राम और लक्ष्मण ने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं। इसके बाद रावण ने 20% छूट देने की बात कही, लेकिन तब भी उनके पास पैसे नहीं थे। इस पर रावण ने कहा कि अगर पैसे नहीं दे सकते तो काम करके इसकी भरपाई करें। उनसे कहा गया कि जो फल खाए हैं, उनके बीज लगाएं, पेड़ तैयार करें और फिर लौटें। वीडियो में प्रकाश राज ने आगे कहा कि रावण ने पूछा, ‘आपका नाम क्या है?’ इस पर जवाब मिला, ‘मैं नॉर्थ से राम हूं, और रावण ने कहा, ’मैं साउथ से रावण हूं, आपसे मिलकर अच्छा लगा।’ हिंदी भाषा और खान-पान पर टिप्पणी वीडियो प्रकाश राज ने नॉर्थ-साउथ मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत से आने वाले लोग दक्षिण भारत में हिंदी थोपने की कोशिश न करें। साथ ही उन्होंने खान-पान को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि किसी को यह नहीं बताना चाहिए कि क्या खाना है। वकील ने दर्ज कराई शिकायत प्रकाश राज के इस बयान पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। वकील अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस के साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल में एक्टर के खिलाफ बयान को लेकर शिकायत दर्ज कराई। सचदेवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299, 302, 196, 352 और 353 के तहत आईटी एक्ट के साथ शिकायत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान प्रकाश राज ने भगवान श्रीराम और पवित्र रामायण का मजाक उड़ाया है। सचदेवा ने अपने पोस्ट में कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाएंगी और ऐसे मामलों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक भावनाओं के अपमान की एक सीमा होती है और इसे समझना जरूरी है।

प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा

प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा

एक्टर प्रकाश राज रामायण और भगवान को लेकर दिए बयान को लेकर विवादों में घिर गए और उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर प्रकाश राज का केरल लिटरेचर फेस्टिवल (KLF) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक्टर बच्चों द्वारा लिखी एक काल्पनिक रामायण की कहानी सुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। राज ने कहा कि भगवान राम, लक्ष्मण और सीता दक्षिण की ओर जा रहे थे। रास्ते में जंगल देखकर लक्ष्मण ने खुशी जताई। इस पर राम ने कहा कि यह किसी का खेत है। लक्ष्मण ने पूछा कि वहां लगे फल खाए जा सकते हैं या नहीं। राम ने जवाब दिया कि भूख लगने पर फल खा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब वे फल खाने लगे, तब शूर्पणखा और रावण वहां पहुंचे। शूर्पणखा ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन रावण ने कहा कि वे भूखे हैं, उन्हें खाने दिया जाए और बाद में बात की जाएगी। प्रकाश राज के मुताबिक, फल खाने के बाद राम ने लक्ष्मण से कहा कि कुछ आदिवासी आए हैं। इस पर रावण ने जवाब दिया कि वो मालिक हैं। इसके बाद बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा। कहानी में GST और छूट का जिक्र प्रकाश राज ने अपनी कहानी में GST का संदर्भ भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि राम ने फल खाने के बाद पैसे देने की बात कही। इस पर शूर्पणखा ने हिसाब लगाकर 2000 डॉलर GST सहित बताए। राम और लक्ष्मण ने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं। इसके बाद रावण ने 20% छूट देने की बात कही, लेकिन तब भी उनके पास पैसे नहीं थे। इस पर रावण ने कहा कि अगर पैसे नहीं दे सकते तो काम करके इसकी भरपाई करें। उनसे कहा गया कि जो फल खाए हैं, उनके बीज लगाएं, पेड़ तैयार करें और फिर लौटें। वीडियो में प्रकाश राज ने आगे कहा कि रावण ने पूछा, ‘आपका नाम क्या है?’ इस पर जवाब मिला, ‘मैं नॉर्थ से राम हूं, और रावण ने कहा, ’मैं साउथ से रावण हूं, आपसे मिलकर अच्छा लगा।’ हिंदी भाषा और खान-पान पर टिप्पणी वीडियो प्रकाश राज ने नॉर्थ-साउथ मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत से आने वाले लोग दक्षिण भारत में हिंदी थोपने की कोशिश न करें। साथ ही उन्होंने खान-पान को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि किसी को यह नहीं बताना चाहिए कि क्या खाना है। वकील ने दर्ज कराई शिकायत प्रकाश राज के इस बयान पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है। वकील अमिता सचदेवा ने दिल्ली पुलिस के साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल में एक्टर के खिलाफ बयान को लेकर शिकायत दर्ज कराई। सचदेवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299, 302, 196, 352 और 353 के तहत आईटी एक्ट के साथ शिकायत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान प्रकाश राज ने भगवान श्रीराम और पवित्र रामायण का मजाक उड़ाया है। सचदेवा ने अपने पोस्ट में कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाएंगी और ऐसे मामलों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक भावनाओं के अपमान की एक सीमा होती है और इसे समझना जरूरी है।

डॉक्टर के पास गया एसिडिटी का इलाज कराने, निकल गया कैंसर, समय रहते बच गई जान, आपके साथ हो ऐसा तो क्या करेंगे

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Last Updated:April 17, 2026, 14:45 IST Early Warning Sign of oesophageal cancer: आमतौर पर जब हमें एसिडिटी या हार्टबर्न होती है तो हम इसका कुछ मामूली इलाज कर इसे छोड़ देते हैं. अगर यह लगातार भी होती है तो भी कुछ इधर-उधर की दवा ले लेते हैं लेकिन इलाज कराने नहीं जाते. लेकिन यह हार्टबर्न और एसिडिटी कभी-कभी गले का कैंसर में भी बदल सकता है. एक व्यक्ति एसिडिटी की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास गया और जांच हुई तो पता चला कि उसे कैंसर है. गनीमत यह थी कि कैंसर एकदम शुरुआती दौर में था, इसलिए उस व्यक्ति का पूरी तरह से इलाज हो गया. लेकिन हर इंसान को सतर्क होने की जरूरत है. एसोफेजल कैंसर. (सांकेतिक तस्वीर) AI Photo 52 साल के एक शख्स को थोड़ी एसिडिटी रहती थी और उसे खाना निगलने में थोड़ी परेशानी महसूस हो रही थी. उसे यह समस्या चार महीने से थी. उन्हें लगा कि यह सिर्फ एसिडिटी है. इसलिए पहले खाने की आदतों में थोड़ा बदलाव किया. छोटे-छोटे कौर लेकर खाना शुरू किया और पानी पीने की मात्रा को बढ़ा दिया. इसके बावजूद भी लक्षण में कोई सुधार नहीं दिखा. फिर उन्हें सीने में जकड़न की तरह महसूस हुआ और वजन भी कम होने लगा. अब डॉक्टरों के पास जाने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा था. इंडियन एक्सप्रेस में डॉ. अक्षत मलिक लिखते हैं कि इसके बाद मरीज मेरे पास आया. मैंने उनसे पूछताछ शुरू की तो पता चला कि वह कभी-कभार स्मोकिंग और शराब भी पीते थे. इसके अलावा वह रेगुलर तंबाकू चबाते थे. ये सारे इशारे एसोफेगल कैंसर की ओर संकेत कर रहा था. मैंने जब उनसे कई तरह की जांच करवाई तो शक सच साबित हुआ. समय रहते हो गया इलाजडॉ. अक्षत मलिक उनकी सारी मेडिकल हिस्ट्री और लगातार बने लक्षणों को देखते हुए हमने अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी की, जिसमें निचले इसोफेगस यानी भोजन की नली में एक संदिग्ध घाव दिखाई दिया. बायोप्सी से शुरुआती स्टेज का इसोफेगल कैंसर कन्फर्म हुआ. लेकिन अच्छी बात यह रही कि समय रहते बीमारी का पता चल गया. इस स्टेज में पूरी तरह इलाज संभव है. मरीज की सबसे पहले सर्जरी के जरिए इसोफेगस के प्रभावित हिस्से को सावधानीपूर्वक हटाया गया. इसके बाद पाचन तंत्र का पुनर्निर्माण किया गया ताकि मरीज धीरे-धीरे सामान्य तरीके से खाना खा सके. सर्जरी के बाद ट्यूमर की प्रकृति के अनुसार टार्गेटेड थेरेपी दी गई, जिससे बीमारी के दोबारा होने का खतरा कम किया जा सके. साथ ही डाइट में सुधार किया गया. तंबाकू, स्मोकिंग, शराब सब कुछ छोड़ने के लिए कहा गया. अच्छी बात यह रही कि मरीज ने इस मल्टीडिसीप्लिरी इलाज पर रिस्पॉन्स दिया. फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ हैं. अगर जांच में थोड़ी भी देर और हो जाती तो फिर पूरी तरह से ठीक होना मुश्किल था. इसलिए सही समय पर जांच के कारण ही मरीज की जान बच गई. इसोफेगल कैंसर के कारण क्या हैं?इसोफेगल का मतलब होता है भोजन नली. यानी भोजन नली में होने वाले कैंसर को इसोफेगल कैंसर कहा जाता है. यह नली मुंह से पेट तक जुड़ी होती है. इसकी अंदरूनी परत बेहद संवेदनशील कोशिकाओं से बनी होती है. अगर इसमें लंबे समय तक जलन हो तो इससे परत को नुकसान हो सकता है. जब यह परत बार-बार हानिकारक चीजों के संपर्क में आती है, तो कोशिकाओं में बदलाव होने लगते हैं और धीरे-धीरे वे प्री-कैंसरस रूप ले सकती हैं. यानी कैंसर से पहले वाली कोशिकाओं में बदल जाती है. तंबाकू इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. चाहे इसे स्मोकिंग के रूप में लिया जाए या चबाया जाए, यह भोजन नली की परत को लगातार नुकसान पहुंचाता है. समय के साथ यह नुकसान बढ़ता जाता है और शरीर इसे ठीक नहीं कर पाता. शराब भी इस खतरे को और बढ़ा देती है. यह एक रासायनिक उत्तेजक की तरह काम करती है, जो इसोफेगस की सुरक्षा परत को कमजोर कर देती है. दोनों का साथ में सेवन खतरे को कई गुना बढ़ा देता है. इसके अलावा लंबे समय तक एसिड रिफ्लक्स भी कैंसर का एक बड़ा कारण बन सकता है. पेट का एसिड बार-बार ऊपर आने से निचली भोजन नली को नुकसान पहुंचता है, जिससे जटिल स्थिति बन सकती है. यह आगे चलकर कैंसर में बदल सकती है. अगर शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो, मोटापा हो, गर्म पेय पीने की आदत हो तो भी कैंसर का खतरा हो सकता है. किन लोगों को इसोफेगल कैंसर का खतराइसोफेगल कैंसर आमतौर पर अचानक से सामने नहीं आता. यह धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआत में सामान्य पाचन संबंधी समस्याओं जैसा लगता है, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है.हालांकि यह किसी को भी हो सकता है लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है. जैसे जो लोग लंबे समय से तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, जो रेगुलर शराब पीते हैं, जिन्हें लंबे समय एसिडिटी है, जिनका खराब खान-पान है, जो लोग अधिक वजन के हैं. भारत में अक्सर ये सभी कारण एक साथ पाए जाते हैं, इसलिए जागरुकता और समय पर जांच बेहद जरूरी है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 17, 2026, 14:45 IST

IPL 2026 DC Vipraj Nigam; State League

IPL 2026 DC Vipraj Nigam; State League

स्पोर्ट्स डेस्क17 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL जैसी दुनिया की सबसे तेज और हाई-प्रेशर लीग में खेलने के लिए यंग प्लेयर्स को मानसिक रूप से मजबूत होना पड़ता है। 21 साल के दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी विपराज ने बताया कि इस लेवल पर परफॉर्म करने के लिए स्टेट लीग का अनुभव और प्रैक्टिस कैंप की प्लानिंग सबसे ज्यादा काम आती है। दिल्ली कैपिटल्स के ऑलराउंडर विपराज निगम ने IPL 2026 के राइवलरी वीक के दौरान गुरुवार को जियोस्टार प्रेस रुम में मीडिया से बात की। विपराज ने अब तक 17 IPL मैचों में 12 विकेट लिए हैं और 154 रन बनाए हैं। प्रैक्टिस सेशन में ही मैच की प्लानिंग विपराज ने कहा, IPL एक बहुत ही फास्ट लीग है, जहां खिलाड़ियों को अपनी तैयारी और खेल के बारे में सोचने के लिए बहुत कम समय मिलता है। इसी वजह से वे अपने प्रैक्टिस सेशन्स और कैंप्स के दौरान ही यह तय कर लेते हैं कि मैच में किस तरह का प्रदर्शन करना है। वे अपनी प्लानिंग के अनुसार ही प्रैक्टिस सेशन में खुद को ढालते हैं। इसके अलावा विपराज ने अपनी सफलता में स्टेट लीग की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा, कौन हैं विपराज निगम? विपराज निगम का जन्म 28 जुलाई, साल 2004 में उत्तर प्रदेश में हुआ था। IPL 2025 के लिए हुए ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स की फ्रेंचाइजी ने उन्हें 50 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा था। विपराज दाहिने हाथ से बल्लेबाजी के साथ-साथ लेगब्रेक गेंदबाजी करने में माहिर हैं। डेब्यू पर सुर्खियां बटोरीं विपराज का डेब्यू शानदार रहा था। उन्होंने IPL 2025 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए डेब्यू करते हुए LSG के खिलाफ मैच में 15 गेंदों में 39 रन की विस्फोटक पारी और एक विकेट (ऐडन मार्करम) लेकर सुर्खियां बटोरीं। विपराज ने यह पारी तब खेली जब दिल्ली कैपिटल्स 13वें ओवर में 113/6 पर थी और 210 के टारगेट का पीछा कर रही थी। विपराज का घरेलू करियर विपराज ने करियर की शुरुआत बतौर बैटिंग-ऑलराउंडर की थी। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब तक 6 मैच खेले हैं। इस बीच उनको 10 पारियों में 20 विकेट लिए हैं। इसके अलावा लिस्ट में 16 मैच में 19, जबकि 31 टी-20 33 विकेट चटकाए हैं। फर्स्ट क्लास की 9 पारियों में 135, लिस्ट ए की 7 पारियों में 48 और टी-20 में 241 रन बनाए हैं। DC का अगला मुकाबला, कल RCB से खेला जाएगा। यह मुकाबला IPL 2026 की राइवलरी वीक का हिस्सा है। मैच 18 अप्रैल को दोपहर 3:30 बजे से जियोहॉस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IPL 2026 DC Vipraj Nigam; State League

IPL 2026 DC Vipraj Nigam; State League

स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL जैसी दुनिया की सबसे तेज और हाई-प्रेशर लीग में खेलने के लिए यंग प्लेयर्स को मानसिक रूप से मजबूत होना पड़ता है। 21 साल के दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी विपराज ने बताया कि इस लेवल पर परफॉर्म करने के लिए स्टेट लीग का अनुभव और प्रैक्टिस कैंप की प्लानिंग सबसे ज्यादा काम आती है। दिल्ली कैपिटल्स के ऑलराउंडर विपराज निगम ने IPL 2026 के राइवलरी वीक के दौरान गुरुवार को जियोस्टार प्रेस रुम में मीडिया से बात की। विपराज ने अब तक 17 IPL मैचों में 12 विकेट लिए हैं और 154 रन बनाए हैं। प्रैक्टिस सेशन में ही मैच की प्लानिंग विपराज ने कहा, IPL एक बहुत ही फास्ट लीग है, जहां खिलाड़ियों को अपनी तैयारी और खेल के बारे में सोचने के लिए बहुत कम समय मिलता है। इसी वजह से वे अपने प्रैक्टिस सेशन्स और कैंप्स के दौरान ही यह तय कर लेते हैं कि मैच में किस तरह का प्रदर्शन करना है। वे अपनी प्लानिंग के अनुसार ही प्रैक्टिस सेशन में खुद को ढालते हैं। इसके अलावा विपराज ने अपनी सफलता में स्टेट लीग की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा, कौन हैं विपराज निगम? विपराज निगम का जन्म 28 जुलाई, साल 2004 में उत्तर प्रदेश में हुआ था। IPL 2025 के लिए हुए ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स की फ्रेंचाइजी ने उन्हें 50 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा था। विपराज दाहिने हाथ से बल्लेबाजी के साथ-साथ लेगब्रेक गेंदबाजी करने में माहिर हैं। डेब्यू पर सुर्खियां बटोरीं विपराज का डेब्यू शानदार रहा था। उन्होंने IPL 2025 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए डेब्यू करते हुए LSG के खिलाफ मैच में 15 गेंदों में 39 रन की विस्फोटक पारी और एक विकेट (ऐडन मार्करम) लेकर सुर्खियां बटोरीं। विपराज ने यह पारी तब खेली जब दिल्ली कैपिटल्स 13वें ओवर में 113/6 पर थी और 210 के टारगेट का पीछा कर रही थी। विपराज का घरेलू करियर विपराज ने करियर की शुरुआत बतौर बैटिंग-ऑलराउंडर की थी। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब तक 6 मैच खेले हैं। इस बीच उनको 10 पारियों में 20 विकेट लिए हैं। इसके अलावा लिस्ट में 16 मैच में 19, जबकि 31 टी-20 33 विकेट चटकाए हैं। फर्स्ट क्लास की 9 पारियों में 135, लिस्ट ए की 7 पारियों में 48 और टी-20 में 241 रन बनाए हैं। DC का अगला मुकाबला, कल RCB से खेला जाएगा। यह मुकाबला IPL 2026 की राइवलरी वीक का हिस्सा है। मैच 18 अप्रैल को दोपहर 3:30 बजे से जियोहॉस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

जेन अल्फा; 31% बचत कर रहे, 70% कमाई की तलाश:भारतीय किशोर अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वित्तीय फैसलों और ब्रांड चयन में भी सक्रिय

जेन अल्फा; 31% बचत कर रहे, 70% कमाई की तलाश:भारतीय किशोर अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वित्तीय फैसलों और ब्रांड चयन में भी सक्रिय

देश के किशोर यानी जेन अल्फा अब सिर्फ खर्च करने वाले नहीं, फैसले लेने वाली ताकत बन रहे हैं। रुकम कैपिटल की ‘जेन अल्फा डिकोडेड’ रिपोर्ट के अनुसार देश के 70% किशोर पैसे कमाने के तरीके तलाश रहे हैं, जबकि 31% बच्चे अपनी पॉकेट मनी का बड़ा हिस्सा बचाते हैं। वहीं 25% खर्च से पहले माता-पिता से सलाह लेते हैं। सबसे बड़ा बदलाव फैसलों में दिखता है। 66% बच्चे घर के रोजमर्रा खर्च और खरीदारी को प्रभावित करते हैं। 50% बच्चे खुद ब्रांड की मांग करते हैं। डिजिटल एक्सेस – यूट्यूब का दबदबा, आधे से ज्यादा बच्चे सोशल मीडिया और 73% की फोन तक पहुंच 73%-स्मार्टफोन 82%-यू-ट्यूब 61%- यू-ट्यूब -किड्स 60%-लैपटॉप 51%-सोशल मीडिया 50%-ओटीटी – 66% बच्चे फूड, कपड़े और मनोरंजन के निर्णयों को प्रभावित करते हैं। – जेन अल्फा – 2010 के बाद जन्मे बच्चे, देश की आबादी के एक चौथाई। 42% बच्चे, नया फीचर आने पर ब्रांड बदल देते हैं आज के बच्चे बाजार में उपलब्ध सामानों को लेकर जागरूक हैं। उनका चुनाव अब सिर्फ आकर्षण पर निर्भर नहीं है। वे प्रोडक्ट के फीचर और उपयोगिता को ध्यान में रखते हैं। 34% बच्चे किसी प्रोडक्ट की उपयोगिता और 34% उसके शैक्षिक मूल्य से प्रभावित होते हैं। 42% बच्चे नए फीचर आने पर पुराने ब्रांड छोड़कर विकल्प को अपनाने के लिए तैयार रहते हैं। 21% जेन अल्फा बॉलीवुड संगीत तो 16% ट्रेंडिंग गानों को सुनते हैं संगीत की पसंद – 21% जेन अल्फा बच्चे बॉलीवुड संगीत सुनना पसंद करते हैं, जबकि 16% सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग गानों को सुनना पसंद करते हैं। डांस का शौक – नृत्य में 26% बच्चे बॉलीवुड स्टाइल को प्राथमिकता देते हैं। दूसरी ओर 16 फीसदी बच्चे भारतीय शास्त्रीय नृत्य की ओर आकर्षित होते हैं। एजुटेक में प्रभाव – ऑनलाइन पढ़ाई और एजुटेक एप्स को चुनने में 40% जेन अल्फा बच्चे अपने माता-पिता के फैसलों को प्रभावित करते हैं। परिवार का समर्थन – 13% बच्चे अपनी मांग को मनवाने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों (जैसे दादा-दादी) का रणनीतिक समर्थन लेते हैं सर्वे – बच्चों, पैरेंट्स सहित 2,000 से अधिक शामिल।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बंदूक की नोक पर लूट:सिंगरौली में पांच हथियारबंद बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बनाया, 35 लाख रुपए लूटे

बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बंदूक की नोक पर लूट:सिंगरौली में पांच हथियारबंद बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बनाया, 35 लाख रुपए लूटे

सिंगरौली जिले के बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े लूट की घटना हुई। पांच हथियारबंद बदमाश बैंक में घुसकर लगभग 30 से 35 लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। घटना शुक्रवार दोपहर तकरीबन 1 बजे की है। 5 हथियारबंद बदमाशों ने कर्मचारियों को बंधक बनाया प्रत्यक्षदर्शी आशीष कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ बैंक में मौजूद थे। इसी दौरान दो हथियारबंद बदमाश अंदर घुसे और बैंक कर्मचारियों को बंधक बना लिया। कुछ ही देर में तीन अन्य बदमाश भी बैंक में पहुंचे। उन्होंने सभी ग्राहकों और कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर डराया-धमकाया। बदमाशों ने बैंक मैनेजर से नकदी की जानकारी मांगी और जानकारी न देने पर उनके साथ मारपीट की और हथियार की बट से हमला किया। नकदी से भरी एक पेटी लेकर फरार हुए बदमाश लगभग 20 मिनट तक बैंक के अंदर बदमाशों ने उत्पात मचाया। इसके बाद वे नकदी से भरी एक पेटी लेकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वे स्वयं मौके पर मौजूद हैं। पुलिस की टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है।