भोपाल में कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। CSIR- एडवांस मटेरियल एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टिट्यूट (एम्प्री)ने देश की पहली ऐसी सड़क विकसित की है, जिसमें सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह सड़क बिजली संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) और जियोपॉलिमर तकनीक की मदद से तैयार की गई है। पहले हो गई थी शुरुआत इस परियोजना की शुरुआत 2 फरवरी को एन कलईसेल्वी द्वारा की गई थी, जबकि इसका औपचारिक शुभारंभ विनोद कुमार की उपस्थिति में हुआ। इस नई तकनीक के कई पर्यावरणीय और तकनीकी फायदे हैं। पारंपरिक सीमेंट सड़कों की तुलना में इसमें कार्बन उत्सर्जन लगभग 83% तक कम होता है और निर्माण के दौरान 80% कम ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है। सबसे खास बात यह है कि इस सड़क को बनाने के बाद पानी से क्योरिंग (तराई) की जरूरत नहीं होती। मजबूती की बात करें तो यह सड़क केवल 21 दिन में 35 से 40 एमपीए तक की ताकत हासिल कर लेती है, जो सामान्य सीमेंट से बनी सड़कों के बराबर मानी जाती है।
















































