Monday, 19 Oct 2026 | 02:42 AM

Trending :

EXCLUSIVE

भोपाल में बनी देश की पहली सीमेंट-रहित राख से सड़क:21 दिन में मजबूत बनने वाली नई तकनीक का सफल प्रयोग

भोपाल में बनी देश की पहली सीमेंट-रहित राख से सड़क:21 दिन में मजबूत बनने वाली नई तकनीक का सफल प्रयोग

भोपाल में कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। CSIR- एडवांस मटेरियल एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टिट्यूट (एम्प्री)ने देश की पहली ऐसी सड़क विकसित की है, जिसमें सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह सड़क बिजली संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) और जियोपॉलिमर तकनीक की मदद से तैयार की गई है। पहले हो गई थी शुरुआत इस परियोजना की शुरुआत 2 फरवरी को एन कलईसेल्वी द्वारा की गई थी, जबकि इसका औपचारिक शुभारंभ विनोद कुमार की उपस्थिति में हुआ। इस नई तकनीक के कई पर्यावरणीय और तकनीकी फायदे हैं। पारंपरिक सीमेंट सड़कों की तुलना में इसमें कार्बन उत्सर्जन लगभग 83% तक कम होता है और निर्माण के दौरान 80% कम ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है। सबसे खास बात यह है कि इस सड़क को बनाने के बाद पानी से क्योरिंग (तराई) की जरूरत नहीं होती। मजबूती की बात करें तो यह सड़क केवल 21 दिन में 35 से 40 एमपीए तक की ताकत हासिल कर लेती है, जो सामान्य सीमेंट से बनी सड़कों के बराबर मानी जाती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
दीया मिर्जा बोलीं-फिल्म फ्लॉप हुई तो लोग पनौती कहने लगे:ऐश्वर्या राय से होती थी तुलना; फिर राजकुमार हिरानी से कॉल पर मांगना पड़ा काम

March 30, 2026/
4:30 am

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा की फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ आज भले ही कल्ट क्लासिक मानी जाती हो, लेकिन...

अमीषा पटेल@51, जन्म पर देखने पहुंचीं इंदिरा गांधी:दादा के नाम पर रोड, कभी झगड़े में ममता कुलकर्णी ने कहा- तुम्हारी औकात क्या है, जानिए करियर स्टोरी

June 9, 2026/
4:30 am

9 जून 1975 अमीषा पटेल का जन्म गुजरात के रईस बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी NRI मां आशा के घर...

रिया चक्रवर्ती बोलीं- 18 की उम्र में चेहरा सही कराया:तब 3 लाख सैलरी मिलती थी, कमाई से ब्यूटी ट्रीटमेंट कराया

August 12, 2026/
2:46 pm

अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। कॉमेडियन तन्मय भट्ट के यूट्यूब...

मां को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन:कहा- मां दुपट्टा गोल कर, सांसों से गर्म कर आंखों पर लगाती थी, तो तुरंत सुकून मिल जाता था

April 18, 2026/
2:07 pm

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में मां तेजी बच्चन को याद कर भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने...

जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने की अर्जी वापस ली:ED ने किया था विरोध; 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला

May 12, 2026/
7:11 pm

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने मंगलवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से अपनी वह अर्जी वापस ले ली है,...

Gold Prices Surge ₹368, Silver ₹2.41 Lakh; 2026 Updates

April 10, 2026/
1:51 pm

नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी के दाम में शुक्रवार को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA)...

होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएलाई राष्ट्रपति भारत आईं:PM मोदी से मिलीं, तेल सप्लाई पर बड़ा समझौता संभव

June 4, 2026/
12:04 pm

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बुधवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

भोपाल में बनी देश की पहली सीमेंट-रहित राख से सड़क:21 दिन में मजबूत बनने वाली नई तकनीक का सफल प्रयोग

भोपाल में बनी देश की पहली सीमेंट-रहित राख से सड़क:21 दिन में मजबूत बनने वाली नई तकनीक का सफल प्रयोग

भोपाल में कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। CSIR- एडवांस मटेरियल एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टिट्यूट (एम्प्री)ने देश की पहली ऐसी सड़क विकसित की है, जिसमें सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह सड़क बिजली संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) और जियोपॉलिमर तकनीक की मदद से तैयार की गई है। पहले हो गई थी शुरुआत इस परियोजना की शुरुआत 2 फरवरी को एन कलईसेल्वी द्वारा की गई थी, जबकि इसका औपचारिक शुभारंभ विनोद कुमार की उपस्थिति में हुआ। इस नई तकनीक के कई पर्यावरणीय और तकनीकी फायदे हैं। पारंपरिक सीमेंट सड़कों की तुलना में इसमें कार्बन उत्सर्जन लगभग 83% तक कम होता है और निर्माण के दौरान 80% कम ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है। सबसे खास बात यह है कि इस सड़क को बनाने के बाद पानी से क्योरिंग (तराई) की जरूरत नहीं होती। मजबूती की बात करें तो यह सड़क केवल 21 दिन में 35 से 40 एमपीए तक की ताकत हासिल कर लेती है, जो सामान्य सीमेंट से बनी सड़कों के बराबर मानी जाती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.