बाजार से इंस्टाग्राम तक छाया ये देसी फल, आखिर क्यों लोग दे रहे हैं 250 रुपये तक? जानिए इसके लाजवाब फायदे

Last Updated:April 17, 2026, 16:19 IST हैदराबाद की तपती गर्मी में एक देसी फल लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है. आइस एप्पल, जिसे ताती मुंजालु भी कहा जाता है, न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि अब यह सोशल मीडिया और बाजार दोनों में ट्रेंड बन चुका है. आइए जानते है इसके फायदे… अप्रैल और मई के महीने में हैदराबाद का पारा जब 40 डिग्री सेल्सियस को पार करने लगता है, तो शहर की सड़कें आग उगलने लगती हैं. कंक्रीट के इस जंगल में लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग अक्सर ठंडे पेय पदार्थों की तलाश करते हैं. ऐसे में शहर के कोनों-कोनों पर बिकने वाला आइस एप्पल यानी ताती मुंजालु हैदराबाद के निवासियों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है. यह फल न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि गर्मी से लड़ने की प्राकृतिक शक्ति भी देता है. तेलंगाना की संस्कृति में ताड़ के फल का विशेष स्थान है. इसे स्थानीय भाषा में ताती मुंजालु और हिंदी के कुछ क्षेत्रों में ताड़गोला कहा जाता है. पारभासी, नरम और जेली जैसा यह फल असल में ताड़ के पेड़ का कच्चा बीज है. इसकी तासीर बेहद ठंडी होती है, जो इसे गर्मियों का सबसे बेहतरीन सुपरफूड बनाती है. हैदराबाद की विरासत में इस फल का जुड़ाव दशकों पुराना है; आइस एप्पल केवल स्वाद में ही लाजवाब नहीं है, बल्कि यह पोषक तत्वों का पावरहाउस भी है. इसमें 90% से अधिक जल तत्व होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखता है. इसमें विटामिन-A, B, C, आयरन, पोटेशियम और जिंक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. यह न केवल शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, बल्कि पाचन संबंधी समस्याओं, थकान और मतली को दूर करने में भी सहायक होता है. Add News18 as Preferred Source on Google इस फल को हम तक पहुंचाने के पीछे विक्रेताओं की जानलेवा मेहनत छिपी होती है. ताड़ के पेड़ अक्सर 60 से 80 फीट ऊंचे होते हैं और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उन पर चढ़ना एक कला और जोखिम भरा काम है. कई विक्रेता खम्मम, नलगोंडा और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश से आकर यहां डेरा डालते हैं. उनके लिए यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि जीवन यापन का एकमात्र साधन है. इस साल बढ़ती मांग और परिवहन खर्च के कारण कीमतों में वृद्धि देखी गई है. वर्तमान में हैदराबाद के पॉश इलाकों जैसे जुबली हिल्स और बंजारा हिल्स में एक दर्जन आइस एप्पल की कीमत 150 से 250 रुपये तक पहुंच गई है. वहीं नामपल्ली और चारमीनार जैसे इलाकों में यह थोड़ा किफायती मिल जाता है. महंगाई के बावजूद सेहत के प्रति जागरूक लोग इसे कोल्ड ड्रिंक्स से बेहतर विकल्प मान रहे हैं. आज का युवा वर्ग भी इस पारंपरिक फल का दीवाना हो रहा है. शहर के कई जूस सेंटर्स और कैफे अब आइस एप्पल मिल्कशेक, मुंजालु पायसम और आइस एप्पल फ्लेवर्ड आइसक्रीम पेश कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी समर रिफ्रेशमेंट के रूप में इसकी तस्वीरें खूब ट्रेंड कर रही हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता नई पीढ़ी के बीच भी बढ़ गई है. आइस एप्पल का बढ़ता चलन यह दर्शाता है कि आधुनिकता के दौर में भी लोग अपनी जड़ों और प्राकृतिक खान-पान की ओर लौट रहे हैं. जहां कार्बोनेटेड ड्रिंक्स शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं यह फल बिना किसी मिलावट के शुद्ध ठंडक प्रदान करता है. हैदराबाद की इस तपती धूप में ताती मुंजालु का एक टुकड़ा न केवल राहत देता है. First Published : April 17, 2026, 16:19 IST
‘साइलेंट किलर’ बन रहा डेस्क जॉब, डॉक्टर ने बताया दिल पर भारी पड़ सकता है कॉर्पोरेट स्ट्रेस, बिना देरी ऐसे करें बचाव

Last Updated:April 17, 2026, 16:04 IST Work Stress And Heart Health: काम हमेशा रहेगा, डेडलाइन्स भी आती-जाती रहेंगी. लेकिन सेहत इतनी आसानी से वापस नहीं आती. यदि आप डेस्क जॉब करते हैं, तो वेक-अप कॉल का इंतजार न करें. वर्क स्ट्रेस आपके दिल पर भारी न पड़े इसके लिए डॉक्टर के सुझाव को आप यहां जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट आजकल हम में से ज्यादातर लोगों का दिन एक ही तरह से गुजरता है, डेस्क पर बैठकर काम करना, ईमेल, कॉल्स और डेडलाइन्स के बीच समय बिताना. यह सब सामान्य लगता है क्योंकि हमारे आसपास हर कोई ऐसा ही कर रहा होता है. लेकिन जो बात अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, वह यह है कि यह दिनचर्या धीरे-धीरे हमारे दिल पर असर डालती है. ऐसे में डॉ. संजय ढल, सीनियर डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, शालीमार बाग बताते हैं कि समस्या सिर्फ तनाव या सिर्फ लंबे समय तक बैठना नहीं है, बल्कि इन दोनों का मेल है. अगर डेस्क जॉब की बात करें, तो लंबे समय तक बैठना अब लगभग हर कॉर्पोरेट नौकरी का हिस्सा बन चुका है. एक बार काम शुरू किया और पता ही नहीं चलता कि 8–10 घंटे कब निकल गए. इस दौरान शरीर की मूवमेंट बहुत कम हो जाती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ता है और कैलोरी बर्न भी कम होती है. धीरे-धीरे यह वजन बढ़ने, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है. काम से स्ट्रेस और फिर हार्ट प्रॉब्लमडॉक्टर बताते हैं कि काम का दबाव हमेशा दिखने वाला नहीं होता. कई बार यह सिर्फ लगातार टारगेट्स, मैसेज का जवाब देना या हर समय ‘ऑन’ रहने की भावना होती है. यहां तक कि जब आप काम नहीं कर रहे होते, तब भी दिमाग काम करता रहता है. यह लगातार तनाव शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ाता है, जो लंबे समय में दिल की सेहत पर असर डालता है और ब्लड प्रेशर व हार्ट रेट को बढ़ा देता है. स्ट्रेस से लाइफस्टाइल में बदलावतनाव हमारी आदतों को भी बदल देता है. हम समय पर खाना नहीं खाते या जो भी जल्दी मिल जाए वही खा लेते हैं. चाय और कॉफी की मात्रा बढ़ जाती है. नींद पूरी नहीं हो पाती, और शारीरिक गतिविधि लगभग खत्म हो जाती है. ये सभी चीजें धीरे-धीरे जुड़ती जाती हैं और यही इसे खतरनाक बनाती हैं. संकेतों को न करें नजरअंदाजबार-बार थकान महसूस होना, सिरदर्द, हल्का सीने में दर्द या थोड़ी सी गतिविधि में सांस फूलना जैसे शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी है. लेकिन अक्सर लोग इन्हें “सिर्फ काम का तनाव” समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि ये शरीर के चेतावनी संकेत हो सकते हैं. बचाव मुमकिन है!डॉक्टर ने कहा कि अच्छी बात यह है कि इस स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता है. इसके लिए बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है. छोटे-छोटे कदम भी काफी असरदार होते हैं. जैसे हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठकर चलना, कॉल्स के दौरान खड़े होकर बात करना या दिन में 20–30 मिनट कोई भी शारीरिक गतिविधि करना जैसे वॉक या एक्सरसाइज दिल के लिए बहुत फायदेमंद है. तनाव को कम करने के लिए लंबी मेडिटेशन जरूरी नहीं है. दिन में छोटे-छोटे ब्रेक लेना, स्क्रीन से दूर रहना या कुछ मिनट गहरी सांस लेना भी काफी मदद करता है. इन बातों का भी रखें ध्यानखान-पान में भी संतुलन जरूरी है. जंक फूड कम करें और हेल्दी खाना बढ़ाएं. साथ ही, पानी पीते रहें और ज्यादा कैफीन लेने से बचें. रेगुलर हेल्थ चेक-अप कराएं. समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाना समस्याओं को शुरुआती दौर में पकड़ने में मदद करता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 17, 2026, 16:04 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
गुना में फसल बेचने आए किसानों का खतरनाक स्टंट, VIDEO:ट्रैक्टर को टायर से बांधकर खींचते नजर आए; दशहरा मैदान में लग रही है गेहूं मंडी

जिले में इन दिनों बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने मंडी पहुंच रहे हैं। शहर की नानाखेड़ी मंडी फुल होने के कारण किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली दशहरा मैदान में खड़े कराए जा रहे हैं। इसी बीच यहां से किसानों द्वारा खतरनाक स्टंट करने का वीडियो सामने आया है। पिछले दो वर्षों से गेहूं बेचने आए किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली दशहरा मैदान में खड़े किए जा रहे हैं। यहीं पर उपज की डाक नीलामी होती है और इसके बाद फसल सीधे व्यापारी के वेयरहाउस में ले जाकर तौली और खाली कराई जाती है। ट्रैक्टर से स्टंट का वीडियो वायरल ताजा मामला शुक्रवार का है, जब दशहरा मैदान में बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। इसी दौरान कुछ किसानों द्वारा ट्रैक्टर से खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो सामने आया, जिसमें वे ट्रैक्टर खींचने की प्रतियोगिता करते नजर आए। वीडियो में दो ट्रैक्टर पीछे की ओर से टायर के सहारे आपस में बंधे दिखाई दे रहे हैं। दोनों के बीच यह चुनौती थी कि कौन किसका ट्रैक्टर अपनी ओर खींच सकता है। एक मिनट तक चला जोर-आजमाइश वीडियो में दो लोग ‘एक, दो, तीन’ बोलकर प्रतियोगिता शुरू कराते हैं, जिसके बाद दोनों चालक अपने-अपने ट्रैक्टर से जोर लगाकर दूसरे को खींचने की कोशिश करते हैं। करीब एक मिनट तक यह खतरनाक खेल चलता रहा। इस तरह के स्टंट से मौके पर हादसे की आशंका बनी रही। हालांकि, अब तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Parliament 2026 Photos; Rahul Gandhi om birla anurag thakur| Women’s Reservation Bill

Hindi News National Parliament 2026 Photos; Rahul Gandhi Om Birla Anurag Thakur| Women’s Reservation Bill नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक संसद के विशेष सत्र में शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन बिल पर चर्चा चल रही थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी स्पीच के दौरान कहा कि उनकी और मोदी की पत्नी नहीं है। वहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल हमेशा भाषण देकर भाग जाते हैं। निशिकांत दुबे ने कहा कि सोनिया, सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं। देखिए लोकसभा के टॉप-5 मोमेंट्स… 1. राहुल बोले- मेरी और मोदी की पत्नी नहीं राहुल ने महिला आरक्षण बिल पर स्पीच शुरू करते हुए कहा कि इस हम सभी इस कमरे में बैठे सभी लोग जानते हैं कि महिलाओं के मुद्दे क्या हैं। घर में मां और बहनें और पत्नियां हैं। हां लेकिन मेरी और मोदी जी की पत्नी नहीं है। इसके बाद सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्य हंसने लगे। 2. राहुल ने जादू और गार्डन का किस्सा सुनाया राहुल ने अपनी स्पीच के दौरान गार्डन और जादू का किस्सा सुनाया। राहुल ने बताया कि जादूगर की कहानी सुनाने के दौरान जगलिंग की और बॉक्स में ताला लगाने की एक्टिंग करके बताई। उन्हें जब ओम बिरला ने फिर टोका तो राहुल बोले सर सुनाने दीजिए मजा आएगा। मैं आर्टिस्ट हूं चित्र बनाता हूं। 3. स्पीकर बिरला बोले- राहुल जी जादू की जगह बिल पर बोल लीजिए राहुल गांधी जब जादूगर से जुड़ा किस्सा सुना रहे थे तो सभी हंस रहे थे। स्पीकर ओम बिरला ने भी हंसते हुए कहा कि राहुल जी आप जादू पर बोलने से अच्छा है बिल पर बोल लीजिए। इसके बाद हंगामा हो गया, और राहुल बैठ गए। स्पीकर ने कहा- आप जो चौराहे पर बोलते हैं वो ही संसद में बोलो, ऐसा नहीं होता, ये संसद की अपनी गरिमा होती है। 4. अनुराग ठाकुर बोले- राहुल भाषण देकर भाग जाते हैं अनुराग ठाकुर ने कहा कि सदन का नियम कहता है कि जिस व्यक्ति ने भाषण समाप्त किया हो उसे सदन में रुकना होता है लेकिन राहुल गांधी हमेशा भाषण देकर भाग जाते हैं। सुनने के लिए कभी तैयार नहीं होते। ये असत्य बोलकर यहां से भाग खड़े होते हैं। 5. निशिकांत बोले- सोनिया, सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस अध्यक्ष बनीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- पिछले दो दिन से हमारी सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए चिंतित है। देर रात तक हम यहां उपस्थित रहे। मुझे लगा कि कांग्रेस के जो लीडर हैं उनका जो भाषण है वो एक शो जैसा था, जैसा कि माइकल जैक्सन का। आज 17 तारीख है वो भी खास है क्योंकि 17 अप्रैल 1987 को राजीव गांधी पर बोफोर्स का आरोप लगा। 17 अप्रैल 1998 को सोनिया गांधी सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष हो गईं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Parliament 2026 Photos; Rahul Gandhi om birla anurag thakur| Women’s Reservation Bill

Hindi News National Parliament 2026 Photos; Rahul Gandhi Om Birla Anurag Thakur| Women’s Reservation Bill नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक संसद के विशेष सत्र में शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन बिल पर चर्चा चल रही थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी स्पीच के दौरान कहा कि उनकी और PM की पत्नी नहीं है। वहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल हमेशा भाषण देकर भाग जाते हैं। निशिकांत दुबे ने कहा कि सोनिया, सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस अध्यक्ष बनी थीं। देखिए लोकसभा के टॉप-7 मोमेंट्स… 1. राहुल बोले- मेरी और PM की पत्नी नहीं राहुल ने महिला आरक्षण बिल पर स्पीच शुरू करते हुए कहा कि इस हम सभी इस कमरे में बैठे सभी लोग जानते हैं कि महिलाओं के मुद्दे क्या हैं। घर में मां, बहनें और पत्नियां हैं। हम इनसे बहुत कुछ सीखते हैं। हालांकि, मेरी और प्रधानमंत्री जी की पत्नी नहीं है। इसके बाद सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्य हंसने लगे। 2. नड्डा ने खड़गे की सीढ़ियां उतरने में मदद की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मदद की। दरअसल जब खड़गे राज्यसभा के अंदर सीढ़ियां चढ़ रहे थे, तब नड्डा ने खड़गे का हाथ पकड़कर उनकी सीढ़ियां उतरने में मदद की। 3. राहुल ने जादूगर और गार्डन का किस्सा सुनाया राहुल ने अपनी स्पीच के दौरान गार्डन और जादूगर का किस्सा सुनाया। राहुल ने बताया कि जादूगर की कहानी सुनाने के दौरान जगलिंग की और बॉक्स में ताला लगाने की एक्टिंग करके बताई। उन्हें जब ओम बिरला ने फिर टोका तो राहुल बोले सर सुनाने दीजिए मजा आएगा। मैं आर्टिस्ट हूं चित्र बनाता हूं। 4. स्पीकर बिरला बोले- राहुल जी जादू की जगह बिल पर बोल लीजिए राहुल गांधी जब जादूगर से जुड़ा किस्सा सुना रहे थे तो सभी हंस रहे थे। स्पीकर ओम बिरला ने भी हंसते हुए कहा कि राहुल जी आप जादू पर बोलने से अच्छा है बिल पर बोल लीजिए। इसके बाद हंगामा हो गया, और राहुल बैठ गए। स्पीकर ने कहा- आप जो चौराहे पर बोलते हैं वो ही संसद में बोलो, ऐसा नहीं होता, ये संसद की अपनी गरिमा होती है। 5. अनुराग ठाकुर बोले- राहुल भाषण देकर भाग जाते हैं अनुराग ठाकुर ने कहा कि सदन का नियम कहता है कि जिस व्यक्ति ने भाषण समाप्त किया हो उसे सदन में रुकना होता है लेकिन राहुल गांधी हमेशा भाषण देकर भाग जाते हैं। सुनने के लिए कभी तैयार नहीं होते। ये असत्य बोलकर यहां से भाग खड़े होते हैं। 6. निशिकांत बोले- सोनिया, सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस अध्यक्ष बनीं भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- पिछले दो दिन से हमारी सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए चिंतित है। देर रात तक हम यहां उपस्थित रहे। मुझे लगा कि कांग्रेस के जो लीडर हैं उनका जो भाषण है वो एक शो जैसा था, जैसा कि माइकल जैक्सन का। आज 17 तारीख है वो भी खास है क्योंकि 17 अप्रैल 1987 को राजीव गांधी पर बोफोर्स का आरोप लगा। 17 अप्रैल 1998 को सोनिया गांधी सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष हो गईं। 7. केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल व्हीलचेयर पर संसद पहुंचे नागरिक उड्डयन और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल पैर में चोट लगने के बाद व्हीलचेयर पर संसद पहुंचे। आज लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीन संसोधन बिलों पर वोटिंग होगी। —————————————- संसद के विशेष सत्र की यह खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- बालाकोट, नोटबंदी, सिंदूर का जादूगर पकड़ा गया:एनडीए बोला- यह पीएम का अपमान 2023 का महिला आरक्षण कानून लागू, आधी रात नोटिफिकेशन जारी, इसमें बदलाव के लिए सरकार 3 नए बिल लाई शाह ने समझाया- कैसे लोकसभा की सीटें 850 होंगी, दक्षिण के 5 राज्यों की सीटें 129 से 195 हो जाएंगी दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘जादूगर पकड़ा गया’: पीएम मोदी पर राहुल गांधी का तंज, लोकसभा में हंगामा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 15:43 IST महिला कोटा विधेयक पर बहस को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को “जादूगर” कहा, जिससे भाजपा सांसदों का विरोध शुरू हो गया। राहुल गांधी की फाइल फोटो. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को निचले सदन में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को “जादूगर” कहकर व्यंग्यात्मक संदर्भ दिया, जिससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विरोध जताया। महिला कोटा विधेयक पर बहस को संबोधित करते हुए गांधी ने भाजपा पर देश का चुनावी नक्शा दोबारा तैयार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आप (भाजपा) जो कर रहे हैं, क्योंकि आप देश की राजनीति में जो हो रहा है उससे डरे हुए हैं, आप अपनी ताकत के क्षरण से डरे हुए हैं, और आप भारतीय राजनीतिक मानचित्र को फिर से बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आपने असम, जम्मू-कश्मीर में ऐसा किया और अब कल्पना कर रहे हैं कि आप इसे भारत में भी कर सकते हैं। आपको ऐसा करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता है।” यहां लाइव अपडेट्स फॉलो करें गांधी ने कहा कि भाजपा जानती थी कि विधेयक सदन में पारित नहीं होगा और वह घबरा रही है। उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। बालाकोट का जादूगर, नोटबंदी का जादूगर, सिन्दूर का जादूगर अचानक पकड़ा गया है।” वीडियो | लोकसभा में बोलते हुए, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कहते हैं, “…यह महत्वपूर्ण है कि हर कोई इसे समझे। भाजपा जानती थी, वे बहुत स्पष्ट रूप से जानते थे कि यह विधेयक वास्तव में पारित नहीं किया जा सकता है। वे यह जानते थे। वे मूर्ख नहीं हैं। वे जानते थे कि हर विपक्षी व्यक्ति इसका विरोध करेगा। यह विधेयक… pic.twitter.com/v5A5nKcvNb– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 17 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि हमारे दोस्त, जादूगर और व्यवसायी के बीच एक साझेदारी है।” बीजेपी ने की राहुल गांधी से माफी की मांग राहुल गांधी की टिप्पणी पर बीजेपी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गांधी प्रधानमंत्री के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे और बालाकोट हमलों और ऑपरेशन सिन्दूर का संदर्भ देकर देश और सेना को बदनाम कर रहे थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राहुल गांधी की टिप्पणी को हटाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता इस देश के प्रधानमंत्री के बारे में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरा मानना है कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।” सिंह ने कहा, “उन्हें बार-बार ‘जादूगर’ कहना वास्तव में देश के लोगों का अपमान है। मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हूं कि उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उन्हें कार्यवाही से हटा दिया जाए। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।” और पढ़ें: ‘पीएम मोदी और मेरे बीच पत्नी का मुद्दा नहीं है’: महिला आरक्षण पर बहस के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा में चुटकी ली स्पीकर बिड़ला ने यह भी कहा कि वह संसद में “ऐसे शब्दों” की अनुमति नहीं देंगे और गांधी को फटकार लगाई, और उन्हें मामले पर कायम रहने का निर्देश दिया। गांधी ने यह कहकर जवाब दिया कि भाजपा नेताओं के बीच “केंद्रीय भ्रम” था, लेकिन बाद में वे “जादूगर” शब्द का उपयोग नहीं करने पर सहमत हुए। उन्होंने आगे टिप्पणी की, “आप (भाजपा) भारत के लोग नहीं हैं, आप सशस्त्र बल नहीं हैं, आप एक राजनीतिक संगठन हैं। हम भारत के लोगों पर हमला नहीं कर रहे हैं, हम सशस्त्र बलों पर हमला नहीं कर रहे हैं, हम आप पर हमला कर रहे हैं। आप सशस्त्र बलों के पीछे छिपे हुए हैं।” गांधी की यह टिप्पणी महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने के सरकार के कदम के बीच आई है। उन्होंने तर्क दिया कि इस प्रस्ताव का उपयोग राज्यों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व को नया स्वरूप देने के लिए किया जा रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 17 अप्रैल, 2026, 15:22 IST न्यूज़ इंडिया ‘जादूगर पकड़ा गया है’: पीएम मोदी पर राहुल गांधी का तंज, लोकसभा में हंगामा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी लोकसभा भाषण(टी)राहुल गांधी(टी)लोकसभा हंगामा(टी)मोदी जादूगर टिप्पणी(टी)बीजेपी विरोध(टी)महिला कोटा बिल बहस(टी)चुनावी मानचित्र फिर से बनाना(टी)संवैधानिक संशोधन भारत
Vikas Khanna TIME100 List 2026

Hindi News Career Vikas Khanna TIME100 List 2026 | Chefs Global Impact & Indian Culture 23 मिनट पहले कॉपी लिंक सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना को TIME मैगजीन ने 2026 में दुनिया के 100 इन्फ्लुएंशल लोगों की लिस्ट में शामिल किया है। वे इस लिस्ट में शामिल 3 भारतीय मूल की हस्तियों में शामिल हैं। TIME मैगजीन ने विकास खन्ना को ‘मैन ऑफ एक्सट्राऑडिनरी हार्ट’ यानी बड़े दिल वाला इंसान बताया है। साथ ही उन्हें समाजसेवा और भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए सराहा गया है। विकास खन्ना ने इसे भारत के लिए गर्व का पल बताया है। फेमस शेफ विकास खन्ना न सिर्फ शेफ हैं बल्कि लेखक, फिल्म प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी हैं। विकास इंडियन क्विजीन को अपने ऑथेंटिक रूप में इंटरनेशनल मंचों पर ले जाने के लिए जाने जाते हैं। क्लबफुट कंडिशन की वजह से स्कूल में बुली हुए विकास खन्ना 1971 में पंजाबी परिवार में क्लबफुट कंडिशन के साथ जन्मे। ये एक तरह का जन्मजात फुट डिफॉर्मिटी है। इसमें पैर की नसें छोटी होने के कारण पैर अंदर और नीचे की ओर मुड़ जाता है, जिससे जमीन पर पैर सीधे नहीं रख पाते। इसे ठीक होने में करीब 13 साल का वक्त लगा। ऐसे में स्कूल और आस-पड़ोस में बच्चे साथ नहीं खेलते। स्कूल में बच्चे उन्हें बुली करते। विकास बोले- ‘बीजी ने भूख बांटना सिखाया’ इन सबसे दूर वे घर में सुकून पाते। घर पर मां और बीजी (दादी) के साथ अपना ज्यादातर समय बिताते। बहुत कम उम्र से ही झाड़ू-बर्तन जैसे घर के छोटे-मोटे काम सीखने लगे थे। बीजी का खाना बनाने के प्रति गहरा लगाव था, जिसकी वजह से खाना बनाने की ओर उनका रुझान बढ़ा। बहुत कम उम्र से ही वे खाना बनाने लगे थे। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘बीजी से मैंने भूख की ताकत सीखी है।’ 1984 में अमृतसर दंगों के बीच पले-बढ़े विकास को भूख और खाने की अहमियत अच्छे से पता थी। ऐसे माहौल ने उन्हें मिल-बांटकर खाना सिखाया। एक इंटरव्यू में वे कहते हैं, ‘बीजी ने मुझे भूख बांटना सिखाया। उन्होंने मुझे शांति और अनुशासन भी सिखाया। जब मेरी दादी खाना बनाती थीं, तो माहौल हमेशा शांत, लगभग ध्यानमग्न जैसा होता था।’ बंगलो रेस्टोरेंट की ओपनिंग से पहले विकास अपनी मां के साथ अमृतसर के गोल्डन टेंपल आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। वहां लंगर में सेवा देते वो और उनकी मां। घर और गुरुद्वारे में काम कर खाना बनाना सीखा बीजी अक्सर उन्हें गुरुद्वारे ले जाती, जहां वे लंगर में सेवा देते। कभी रोटियां बेलते, सब्जियां काटते, तो कभी बर्तन धोकर या लंगर परोसकर सेवा करते। ऐसे खाना खिलाने के प्रति उनका प्यार और गहराता गया। वे 12-13 की उम्र से ही पास के छोटे ढाबों पर काम करने लगे थे, ताकि घर को थोड़ी आर्थिक रूप से सपोर्ट कर सकें। 10वीं क्लास में स्वेटर बुनकर 10 हजार रुपए कमाए, बिजनेस शुरू किया 1990 की बात है, जब वे 10वीं क्लास में थे। तब छुट्टियों में दादी से बुनाई सीखी और लोगों के लिए स्वेटर बुनकर उन्होंने 10 हजार रुपए जमा किए थे। इन्हीं पैसों से शादी-पार्टीज होस्ट करने के लिए ‘लॉरेंस गार्डन्स’ बैंक्वेट्स का बिजनेस शुरू किया था। इन पैसों से 24 कुर्सियां और दो बड़े पतीले खरीदे थे। पापा ने तंदूर दिया था जिसके बाद घर के पिछले हिस्से में खाली जगह पर ये बैंक्वेट्स तैयार किया था। लेकिन पढ़ाई के लिए उन्हें जल्द मुंबई जाना पड़ा। इस दौरान बिजनेस अच्छा चला। हालांकि, विकास इससे खुश नहीं थे क्योंकि मार्केट में इसकी कोई खास ब्रांड वैल्यू नहीं थी। ये सब उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था। विकास ने महज 17 साल की उम्र में अपना केटरिंग बिजनेस शुरू किया था। न्यूयॉर्क में बर्तन धोए, आज वहीं खुद का रेस्टोरेंट 2000 में वे अमेरिका गए। वहां शुरुआत में कोई काम नहीं मिल रहा था। वे शेफ का काम खोज रहे थे लेकिन उन्हें एक छोटे रेस्टोरेंट में बर्तन धोने का काम मिला। ऐसे में सर्वाइव करने के लिए उन्होंने वो काम पकड़ लिया था। यहीं (न्यूयॉर्क) 2010 में उन्होंने रेस्टोरेंट मालिक राजेश भारद्वाज के साथ पार्टनरशिप में रेस्टोरेंट ‘जुनून’ खोला। यहां वे ऑथेंटिक इंडियन फूड परोसते हैं। इस रेस्टोरेंट को 2011 में लॉन्च के तुरंत बाद ही मिशेलिन स्टार मिला था। और ये न्यूयॉर्क का लगातार 8 सालों (2018) तक ये मिशेलिन रेटेड रेस्टोरेंट रहा था। लगातार 8 सालों तक मिशेलिन रेटेड रेस्टोरेंट यहीं (न्यूयॉर्क) 2010 में उन्होंने रेस्टोरेंट मालिक राजेश भारद्वाज के साथ पार्टनरशिप में रेस्टोरेंट ‘जुनून’ खोला। यहां वे ऑथेंटिक इंडियन फूड परोसते हैं। इस रेस्टोरेंट को 2011 में लॉन्च के तुरंत बाद ही मिशेलिन स्टार मिला था। और ये न्यूयॉर्क का लगातार 8 सालों (2018) तक ये मिशेलिन रेटेड रेस्टोरेंट रहा था। मिशेलिन स्टार कलिनरी वर्ल्ड में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो किफायदी दामों पर क्वालिटी फूड के लिए मिलता है। रेस्टोरेंट का डिजाइन भंसाली फिल्म से इंस्पायर्ड जुनून रेस्टोरेंट का डिजाइन संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास से इंस्पायर्ड है। विकास ने एक इंटरव्यू में बताया कि ‘शुरू में जुनून का डिजाइन एक मॉडर्न इंडियन स्टाइल का सोचा था। लेकिन जब मैंने संजय लीला भंसाली की देवदास देखी, तो सच में मैं दंग रह गया। फिल्म देखने के बाद लगा जैसे हर फ्रेम इंडिया के बारे में कुछ नया समझा रहा हो। सब कुछ इतनी बारीकी और खूबसूरती से बनाया गया था।’ इसके बाद उन्होंने तय किया कि रेस्टोरेंट को पूरे भारतीय स्टाइल में सजाएंगे। उन्होंने आगे कहा, ‘जगह ऐसी लगनी चाहिए जैसे कोई शाही महल हो… और अंदर कदम रखते ही लोगों के मुंह से बस एक ही बात निकले-‘ओ माय गॉड!” महामारी में लोगों की मदद के लिए रेस्टोरेंट शुरू किया 2019 में विकास ने दुबई के JA लेक व्यू होटल में ‘किनारा’ रेस्टोरेंट लॉन्च किया। अगस्त 2020 में दुबई के JA द रिजॉर्ट में ‘एलोरा बाय विकास खन्ना’ की शुरुआत की। ये एक सीजनल फाइन-डाइनिंग पॉप-अप रेस्टोरेंट हुआ करता था जो अब बंद हो चुका है। इसे उन्होंने कोविड महामारी के दौर में शुरू किया था ताकि लोगों को सस्ता और अच्छा खाना मिल सके। कोविड में ‘फीड इंडिया इनिशिएटिव’ के तहत सरहद पार से मदद भेजी अप्रैल 2020 में कोविड महामारी के
कंगना ने कांग्रेस पर निशाना साधा:कहा- जब मुझे टिकट मिला, तब मेरे लिए इनके प्रवक्ता ने लिखा, मंडी में क्या भाव चल रहा है

बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर हमला बोला। कंगना ने कहा, ‘2024 में जब मुझे टिकट मिला, तब मेरी एक फोटो लगाकर और उसके नीचे कांग्रेस के प्रवक्ता ने लिखा- मंडी में क्या भाव चल रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘अध्यक्ष जी, मैं एक कलाकार हूं। मैंने रानी लक्ष्मीबाई जैसी योद्धा से लेकर गैंगस्टर में भटकी हुई लड़की, फैशन में ड्रग एडिक्ट, रज्जो में सेक्स वर्कर और थलाइवी में एक लीडर तक हर तरह के किरदार निभाए हैं, जिनके लिए मुझे राष्ट्रीय सम्मान भी मिले हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक कलाकार का धर्म होता है कि वह हर कला और किरदार में पूरी तरह ढल जाए। लेकिन इन्होंने मेरे फिल्मी किरदार और तस्वीर का इस्तेमाल करके नीचे लिखा, मंडी की लड़कियों के क्या भाव हैं।’ कंगना मंडी से सांसद हैं कंगना रनोट हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से 2024 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद हैं। बता दें कि साल 2024 में 24 मार्च को कंगना को प्रत्याशी घोषित किए जाने के अगले दिन कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के इंस्टाग्राम हैंडल से कंगना की तस्वीर के साथ लिखा गया था, ‘क्या भाव चल रहा है, मंडी में कोई बताएगा।’ सुप्रिया की पोस्ट के बाद कंगना ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए X पर लिखा था, ‘प्रिय सुप्रिया जी, एक कलाकार के रूप में मैंने अपने करियर के पिछले 20 साल में हर तरह की महिलाओं का किरदार निभाया। क्वीन में एक भोली-भाली लड़की से लेकर धाकड़ में जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में राक्षस तक।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘रज्जो में एक प्रॉस्टिट्यूट से लेकर थलाइवी में एक क्रांतिकारी नेता तक। हमें अपनी बेटियों को पूर्वाग्रहों के बंधनों से मुक्त करना चाहिए। हमें महिला के शरीर के अंगों के बारे में जिज्ञासा रखने से ऊपर उठना चाहिए। साथ ही हमें यौनकर्मियों के चुनौतीपूर्ण जीवन या परिस्थितियों को लेकर इस प्रकार के अपशब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हर महिला अपनी गरिमा की हकदार है…।’ सुप्रिया ने सफाई दी थी वहीं, इस पोस्ट को लेकर सुप्रिया ने कहा था, ‘मेरे फेसबुक और इंस्टा के अकाउंट पर कई लोगों का एक्सेस है। इसमें से किसी व्यक्ति ने आज एक बेहद घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट किया था। मुझे जैसे ही इसकी जानकारी हुई, मैंने वह पोस्ट हटा दिया। जो भी मुझे जानते हैं, वह यह अच्छी तरह से जानते हैं कि मैं किसी भी महिला के लिए व्यक्तिगत बात नहीं करती हूं।’ ‘मेरी जानकारी में आया है कि यह पोस्ट पहले एक पैरोडी अकाउंट (@Supriyaparody) पर चल रहा था। यहां से किसी ने यह पोस्ट उठाकर मेरे अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। मैं ऐसा करने वाले की पहचान में लगी हूं। मेरे नाम का दुरुपयोग कर बनाए गए पैरोडी अकाउंट को भी X में रिपोर्ट किया है।’
अमेरिकी सेना ने 12 साल बाद सीरिया छोड़ा:जॉर्डन लौट रहे सैनिक, सरकार बोली- अब देश में एक ही प्रशासन चलेगा

करीब 12 साल की सैन्य मौजूदगी के बाद अमेरिका ने सीरिया से अपने सभी सैनिक और ठिकाने खाली कर दिए। अप्रैल 2026 में हसाका के कसराक एयरबेस से आखिरी अमेरिकी काफिला निकल गया। इसके बाद सीरियाई सरकार ने सभी बेस अपने कब्जे में ले लिए। सीरियाई विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम देश को एकजुट करने और पूरे इलाके पर सरकार का नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में बड़ा मोड़ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि करीब 2000 सैनिक जॉर्डन जा रहे है। अमेरिका ने हसाका, रुमैलान और देइर एज-जोर में मौजूद कम से कम सात बड़े ठिकाने खाली किए। आखिरी ठिकाना कसराक एयरबेस था। अब इस पर सीरियाई सेना का नियंत्रण है। सीरियाई सरकार और SDF के बीच समझौता इस बीच, सीरिया सरकार और SDF के बीच हुए समझौते के बाद कुर्द लड़ाकों को राष्ट्रीय सेना में शामिल किया जा रहा है। हसाका और क़ामिशली जैसे शहरों में सरकारी बल तैनात हो चुके हैं और सीमाई इलाकों पर भी दमिश्क का नियंत्रण बढ़ा है। इसी साल दोनों पक्षों के बीच झड़पें भी हुई थीं, जिसके बाद मार्च में एक नया समझौता हुआ। इसके तहत SDF और कुर्द प्रशासनिक ढांचे को धीरे-धीरे राज्य में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई। सीरिया ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय एंटी-ISIL गठबंधन में शामिल होकर अपनी भूमिका बदली है। इससे अमेरिका के लिए सीरिया में सैन्य मौजूदगी का आधार कमजोर हुआ और अब वह क्षेत्र में अपनी रणनीति को नए सिरे से तय कर रहा है। SDF एक कुर्द-नेतृत्व वाला गठबंधन है, जिसे 2015 में बनाया गया था और इसमें कुर्द, अरब और दूसरे स्थानीय समूह शामिल हैं। सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान जब सरकार कमजोर हुई, तब कुर्द लड़ाकों ने उत्तर-पूर्वी इलाकों पर कब्जा कर लिया। बाद में यही SDF के रूप में मजबूत ताकत बन गया। अमेरिका की वापसी से SDF पर असर अमेरिका के हटने के बाद सबसे बड़ा असर सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) पर पड़ा है। पिछले एक दशक में उत्तर-पूर्वी सीरिया के बड़े हिस्से पर इसी संगठन का नियंत्रण रहा था। यह पूरी तरह अमेरिकी समर्थन पर टिका हुआ था। हालांकि SDF और सीरियाई सरकार के बीच रिश्ते बेहतर हो रहे हैं। सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने दमिश्क में SDF के कमांडर मजलूम अब्दी और राजनीतिक प्रमुख इलहम अहमद से मुलाकात की है। विदेश मंत्री असाद हसन अल-शैबानी भी मौजूद थे। यह बैठक SDF को राष्ट्रीय ढांचे में शामिल करने की प्रक्रिया का हिस्सा थी। इससे पहले जनवरी 2025 में दमिश्क और SDF के बीच समझौता हुआ था। इसके तहत कुर्द लड़ाकों को सीरियाई सेना में शामिल किया जा रहा है। सीमा चौकियों और सरकारी संस्थानों का नियंत्रण दमिश्क को सौंपा जाएगा। अमेरिका की वापसी टर्निग पॉइंट साबित हुई अमेरिका की वापसी इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी टर्निंग पॉइंट साबित हुई। जब तक अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद थे, SDF खुद को सुरक्षित मानता था। वह एक तरह से स्वतंत्र ताकत की तरह काम कर रहा था। जैसे ही अमेरिका ने अपने बेस खाली किए, SDF अकेला पड़ गया और उसे सीरियाई सरकार की शर्तें माननी पड़ीं। इसका सीधा असर संसाधनों पर पड़ा। सीरिया के बड़े तेल और गैस क्षेत्र, जैसे अल-उमर और कोनिको, जो पहले SDF के नियंत्रण में थे, अब सरकार के हाथ में आने लगे। इससे उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। तुर्किये का दबाव भी एक बड़ा फैक्टर रहा, क्योंकि तुर्किये SDF को आतंकवादी संगठन मानता है।। अमेरिका की मौजूदगी में तुर्किये खुलकर कार्रवाई नहीं कर पा रहा था। उसके हटते ही SDF को संभावित हमले का खतरा बढ़ गया। इसी दबाव और बदलते हालात ने SDF को सरकार के साथ समझौते की राह पर ला दिया। अमेरिका के जाने के बाद सीरिया में सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार पर है। ISIS के बचे हुए नेटवर्क अब भी सक्रिय हैं और खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अमेरिका और सीरिया के संबंध में सुधार हो रहे अमेरिका और सीरिया के संबंध दशकों तक तनावपूर्ण रहे, लेकिन दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सत्ता गिरने के बाद इनमें तेजी से सुधार हुआ। मई 2025 में सऊदी अरब में ट्रम्प और शरा की पहली मुलाकात हुई, जिसके बाद अमेरिका ने सीरिया पर लगे अधिकांश प्रतिबंध हटाने की घोषणा की। अमेरिका और सीरिया के राजनयिक संबंधों की शुरुआत 1835 में हुई थी। हालांकि, 2011 में शुरू हुए सीरियाई गृहयुद्ध के बाद हालात बदले। 2012 में अमेरिका ने दमिश्क से अपने राजनयिक संबंध तोड़ लिए और सीरिया को आतंकवाद प्रायोजक राज्य घोषित किया। असद सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन, रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल और ईरान और हिजबुल्लाह को समर्थन देने के आरोप लगे। अमेरिका ने सीरियाई विपक्ष का समर्थन किया और 2014 से इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। इसके तहत पूर्वी सीरिया में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक तैनात किए गए। —————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में परमाणु-स्पेस पर रिसर्च करने वाले 5 वैज्ञानिक गायब:5 की रहस्यमय हालत में मौत, ट्रम्प सरकार बोली- मामले की जांच करेंगे अमेरिका में न्यूक्लियर और स्पेस रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों की मौत और गुमशुदगी के मामलों पर अब व्हाइट हाउस सवालों के घेरे में है। 2023 से अब तक ऐसे 10 मामले सामने आए हैं, जिनमें वैज्ञानिक या अधिकारी या तो लापता हो गए या संदिग्ध हालात में मरे। बुधवार को व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में पहली बार प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट से इन घटनाओं पर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा, “मैंने अभी संबंधित एजेंसियों से इस बारे में बात नहीं की है। मैं ऐसा करूंगी और आपको जवाब दूंगी।” पूरी खबर पढ़ें…
सिंगरौली में 38 डिग्री पहुंचा तापमान, स्कूल का समय बदला:कलेक्टर ने आदेश जारी किया, सुबह 7.30 से दोपहर 12.30 तक लगेंगी क्लासेज

सिंगरौली जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया है। कलेक्टर की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, जिले के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में कक्षाएं अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगी। यह व्यवस्था 30 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगी। डेढ़ बजे तक रूकेंगे टीचर्स और स्टाफ इस आदेश के तहत, शिक्षकों और अन्य स्टाफ को दोपहर 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहकर शैक्षणिक कार्य संपादित करना होगा। यह निर्णय विद्यार्थियों को दोपहर की तेज गर्मी से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। जिले में इन दिनों तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। 38°C दर्ज किया गया तापमान तापमान के आंकड़ों की तुलना करें तो, 17 अप्रैल 2025 को सिंगरौली में अधिकतम तापमान लगभग 38°C दर्ज किया गया था। वहीं, 17 अप्रैल 2026 को यह बढ़कर करीब 40-41°C तक पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि इस साल गर्मी का असर अधिक तीव्र है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही संचालित होंगी। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं।









