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PM Modi Nation Address Tonight 8:30 PM

PM Modi Nation Address Tonight 8:30 PM

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक PM ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े बिलों पर स्पीच दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। संबोधन का विषय अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। संभावना है कि PM महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल संसद में पास न हो पाने पर बात कर सकते हैं। यह संबोधन लाइव प्रसारित किया जाएगा। शुक्रवार को केंद्र सरकार लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई थी। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। बिल पर लोकसभा में 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। हालांकि, बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया था। PM मोदी का राष्ट्र के नाम प्रमुख संबोधन 8 नवंबर 2016 (रात 8:00 बजे): नोटबंदी की घोषणा। 8 अगस्त 2019 (रात 8:00 बजे): जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद देश को संबोधित किया। 19 मार्च 2020 (रात 8:00 बजे): कोरोना वायरस पर बात की और 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की। 24 मार्च 2020 (रात 8:00 बजे): पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा। 14 अप्रैल 2020 (सुबह 10 बजे – विशेष उल्लेख): लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा। 12 मई 2020 (रात 8:00 बजे): आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा। 21 सितंबर 2025: PM मोदी ने ‘GST बचत उत्सव’ की घोषणा की, जो 22 सितंबर से लागू हुआ। मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम 12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। अब महिला आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा। सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पहले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है। तीन बिल, जिनके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया 24 साल बाद कोई सरकारी बिल गिरा 2002 के आतंकवाद निवारण बिल (पोटा) के बाद संसद में पराजित होने वाला पहला सरकारी विधेयक है। 1990 के संविधान (64वां संशोधन) बिल के बाद लोकसभा में गिरने वाला पहला संविधान संशोधन विधेयक है। महिला आरक्षण और परिसीमन का कनेक्शन सरकार ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए थे। इसमें संविधान (131वां) संशोधन बिल, परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 शामिल थे। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। हालांकि यह अब 2034 तक लागू होगा। इसके लिए परिसीमन की जरूरत है। परिसीमन का मतलब है कि देश की आबादी के आधार पर लोकसभा और विधानसभा की सीटों की सीमाएं और संख्या तय करना। यह काम एक परिसीमन आयोग करता है। पहले तय होगा कि किस राज्य में कितनी सीटें होंगी। किन इलाकों की सीमाएं क्या होंगी। उसके बाद ही आरक्षण तय हो पाएगा। ——————————– लोकसभा में बिल गिरने से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… प्रियंका बोलीं-सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी:हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकते; खुश हूं कि विपक्ष ने विरोध किया कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा, ‘कल लोकसभा में जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश कर रही थी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया बिल गिर गया। सत्ता पक्ष हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकता।’ पूरी खबर पढ़ें… लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला बिल क्यों गिरा:पीएम मोदी की अपील भी काम न आई; क्या सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया, जानिए पूरी कहानी 17 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील की। पीएम की अपील और तमाम लामबंदियों के बावजूद लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला केंद्र सरकार का बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। भास्कर एक्सप्लेनर में पढ़िए इसके राजनीतिक नफा-नुकसान ही पूरी कहानी… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कोई जनगणना नहीं, कोई परिसीमन नहीं: द्रमुक ने महिला आरक्षण के लिए वैकल्पिक विधेयक के साथ भाजपा का विरोध किया | राजनीति समाचार

RCB vs DC Live Score: Follow latest updates from IPL 2026 match today. (PTI Photo)

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 14:24 IST प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का महिला आरक्षण पर संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में गिर गया। लोकसभा की एक तस्वीर (पीटीआई) भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के संविधान (131वें संशोधन) विधेयक के संसद में बहुमत हासिल करने में असमर्थ रहने के ठीक एक दिन बाद, तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रमुक ने इसके बजाय एक निजी सदस्य विधेयक का प्रस्ताव रखा। विधेयक का उद्देश्य निर्वाचन क्षेत्रों की कुल संख्या और सीमाओं में किसी भी बदलाव से आरक्षण को अलग करना है। डीएमके द्वारा प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, मौजूदा 543 सीटों वाली लोकसभा में अगले चुनाव से 33 प्रतिशत आरक्षण, बिना किसी सीट वृद्धि, परिसीमन या जनगणना डेटा, नए या पुराने के। डीएमके ने विशेष रूप से महिला आरक्षण पर केंद्रित विधेयक पर बहस करने और पारित करने के लिए राज्यसभा में नोटिस दिया। डीएमके सांसद विल्सन ने लोकसभा में 543 सीटों की वर्तमान ताकत में बदलाव किए बिना, और निर्वाचन क्षेत्रों का कोई परिसीमन किए बिना या जनगणना किए बिना, अगले चुनाव से महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान करने के लिए एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है। इससे पहले 2023 में, महिला कोटा मूल रूप से लगभग सभी दलों के समर्थन से पारित किया गया था; हालाँकि, विपक्ष ने सवाल उठाया कि सरकार 2011 की पुरानी जनगणना के आंकड़ों के आधार पर “जल्दबाजी” में परिसीमन कर रही है। परिसीमन बहस DMK विधेयक में कुल सीटों की संख्या बढ़ाए बिना और जनगणना या परिसीमन की प्रतीक्षा किए बिना, 2023 महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करने का प्रस्ताव है। शुक्रवार को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का महिला कोटा पर संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में विफल हो गया क्योंकि यह आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में सक्षम नहीं था। राजनीतिक गतिरोध द्रमुक के इस कदम से राजनीतिक गतिरोध तेज हो गया है, जिसके कारण विशेष संसदीय सत्र शुरू हुआ। सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर बड़े पैमाने पर परिसीमन अभ्यास के साथ महिला आरक्षण को जोड़ने के साथ-साथ लोकसभा को शुरुआत में 816 सीटों तक और भविष्य में 850 तक विस्तारित करने के लिए तीन विधेयकों के पैकेज का प्रस्ताव दिया था। विपक्ष द्वारा इन्हें खारिज करने के बाद, भाजपा की प्रतिक्रिया में कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी पर 700 मिलियन महिलाओं को धोखा देने का आरोप लगाया गया। यह बहस इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हो रही है। विशेष रूप से, पूरे सत्र के दौरान, विपक्षी नेताओं ने तर्क दिया कि मौजूदा 543 सीटों पर बिना किसी विवादित प्रावधान के आरक्षण लागू किया जा सकता है। सरकार ने अभी तक DMK बिल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इसने अतीत में तर्क दिया है कि सदन का पूरी तरह से विस्तार करने से वर्तमान राजनीतिक नेताओं के हितों की रक्षा होगी, साथ ही महिलाओं के लिए अधिक स्थान भी उपलब्ध होगा। शनिवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक भी होनी है. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 14:18 IST समाचार राजनीति कोई जनगणना नहीं, कोई परिसीमन नहीं: द्रमुक ने महिला आरक्षण के लिए वैकल्पिक विधेयक के साथ भाजपा का विरोध किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

42 डिग्री तापमान में निकली रैली:महिलाओं और बच्चों को शामिल करने पर विभाग की कार्यशैली पर सवाल

42 डिग्री तापमान में निकली रैली:महिलाओं और बच्चों को शामिल करने पर विभाग की कार्यशैली पर सवाल

उमरिया जिले के मानपुर में भीषण गर्मी के बीच निकाली गई ‘नारी शक्ति वंदन’ जागरूकता रैली ने महिला बाल विकास विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को आयोजित इस रैली में महिलाओं के साथ बच्चों को भी शामिल किया गया, जबकि उस समय तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रैली के दौरान भीषण धूप के कारण महिलाएं और बच्चे अपनी आंखें भी ठीक से नहीं खोल पा रहे थे। जिले में पिछले कई दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है। 12 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच यह 39 डिग्री से बढ़कर 42.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। स्थानीय लोगों ने तेज धूप और गर्मी में बच्चों और महिलाओं को सड़कों पर घुमाने को उनकी सेहत के लिए जोखिम भरा बताया है। ऐसे हालात में दोपहर के समय रैली निकालना और उसमें बच्चों को शामिल करना लापरवाही माना जा रहा है। जांच के निर्देश जारी मामले की जानकारी मिलने के बाद महिला बाल विकास अधिकारी दिव्या गुप्ता ने जांच के निर्देश दिए हैं। मानपुर के परियोजना अधिकारी राज नारायण सिंह ने कहा कि रैली में केवल महिलाओं को शामिल किया गया था और बच्चे स्वयं ही शामिल हो गए थे। मौसम के आंकड़े 12 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस था, जो 13 अप्रैल को 38 डिग्री और 14 अप्रैल को 39.2 डिग्री रहा। इसके बाद 15 अप्रैल को 40.8 डिग्री, 16 अप्रैल को 41.4 डिग्री और 17 अप्रैल को 42.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी 17 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था।

DTU Dr.Deepshikha developed cheap dna test kit for heart patientsidentifies exact medicine in 3 hours

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Last Updated:April 18, 2026, 14:23 IST Heart Patient DNA Kit: दिल के मरीजों के इलाज में अब ट्रायल एंड एरर का खेल खत्म होगा. डीटीयू की डॉ. दीपशिखा सतीश ने एक ऐसी सस्ती डीएनए किट तैयार की है, जो मात्र 3 घंटे में बता देगी कि मरीज के लिए कौन सी दवा सुरक्षित और असरदार है. 6-7 महीनों में बाजार में आने वाली यह किट हृदय रोगों के इलाज की तस्वीर बदल सकती है. नई दिल्ली: दिल के इलाज में अब एक बड़ा बदलाव आने वाला है. जहां मरीजों को सही दवा ढूंढने के लिए बार-बार प्रयोग नहीं करना पड़ेगा. सोचिए अगर कुछ ही घंटों में यह पता चल जाए कि आपके शरीर पर कौन-सी दवा सबसे बेहतर काम करेगी, तो इलाज कितना आसान और सुरक्षित हो जाएगा. यही संभव कर दिखाया है दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU) की शोधार्थी डॉ. दीपशिखा सतीश ने. जिन्होंने एक ऐसी स्वदेशी DNA टेस्ट किट तैयार की है. जो इलाज को तेज, सटीक और किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. अभी तक डॉक्टर को दवाओं के साथ प्रयोग करना पड़ता था, लेकिन अब यह परेशानी काफी कम हो जाएगी. कैसे काम करती है तकनीकयह टेस्ट फार्माकोजीनोमिक्स पर आधारित है. आसान भाषा में कहें तो यह तकनीक मरीज के DNA को पढ़कर यह समझती है कि उसका शरीर किस दवा पर कैसे प्रतिक्रिया देगा. इससे डॉक्टर पहले ही सही दवा और उसकी सही मात्रा तय कर सकते हैं. इससे इलाज ज्यादा सटीक और सुरक्षित बन जाता है.समय और पैसे दोनों की बचतइस किट की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेजी और कम लागत है. जहां सामान्य जेनेटिक टेस्ट की रिपोर्ट आने में हफ्तों लग जाते हैं. वहीं यह किट सिर्फ 3 घंटे में रिपोर्ट दे देती है. इसके अलावा, यह टेस्ट अन्य तकनीकों के मुकाबले करीब 50% सस्ता है. जिससे आम लोगों के लिए भी यह सुविधा आसान हो जाएगी. मरीजों को क्या फायदाडॉ. दीपशिखा के मुताबिक भारत में करीब 30% लोग कुछ हार्ट दवाओं को सही तरीके से मेटाबोलाइज नहीं कर पाते. ऐसे में यह टेस्ट यह पहले ही बता देगा कि कौन-सी दवा असर करेगी और कौन-सी नहीं. इससे मरीजों को बेवजह दवा लेने से बचाया जा सकेगा और साइड इफेक्ट का खतरा भी कम होगा. गांव तक पहुंचेगी सुविधायह टेस्ट Q-PCR तकनीक पर आधारित है. जिसका इस्तेमाल कोरोना के समय बड़े स्तर पर हुआ था. यही कारण है कि यह तकनीक शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी आसानी से पहुंच सकती है. इससे ज्यादा से ज्यादा मरीज इसका फायदा उठा पाएंगे. कब आएगी बाजार मेंयह किट फिलहाल अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि अगले 6-7 महीनों में यह बाजार में उपलब्ध हो जाएगी. आने वाले समय में इस तकनीक का इस्तेमाल डायबिटीज और अन्य बीमारियों के इलाज में भी किया जा सकता है. यह तकनीक सिर्फ हृदय रोग तक सीमित नहीं रहेगी. भविष्य में डायबिटीज, न्यूरो और यहां तक कि हेयर ट्रीटमेंट जैसी अन्य बीमारियों के लिए भी ऐसे टेस्ट विकसित किए जा रहे हैं. डॉ. दीपशिखा ने Dr Omics Labs के जरिए इसे आम लोगों तक सस्ती दरों पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : East Delhi,Delhi First Published : April 18, 2026, 14:23 IST

मां को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन:कहा- मां दुपट्टा गोल कर, सांसों से गर्म कर आंखों पर लगाती थी, तो तुरंत सुकून मिल जाता था

मां को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन:कहा- मां दुपट्टा गोल कर, सांसों से गर्म कर आंखों पर लगाती थी, तो तुरंत सुकून मिल जाता था

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में मां तेजी बच्चन को याद कर भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने मां के स्पर्श और उनकी बातों पर एक ब्लॉग लिखा है। बिग बी ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘कभी-कभी जिस बात से हम परेशान होते हैं, उसमें बस एक छोटा सा बदलाव कर देने से जिंदगी बहुत आसान हो जाती है। बस उस बदलाव को सही तरह से अपनाना और लगातार करना जरूरी होता है। फिर उसके बाद जो सुकून मिलता है, वो अलग ही होता है और तब लगता है कि क्या सच में इतनी छोटी सी बात के लिए हमने इतना समय, ऊर्जा और तनाव खर्च किया था?’ आगे उन्होंने लिखा, ‘और घर के आसान, देसी तरीके हमेशा सबसे बेहतर काम करते हैं। मां का वो प्यार भरा स्पर्श, उनकी बातों में छुपा भरोसा, उनका दुपट्टा गोल करके, अपनी सांसों से गर्म करके आंखों पर लगाना और तुरंत मिल जाने वाला सुकून और उनके वो शब्द- “सब ठीक हो जाएगा, बेटा।” अब वो हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उन पलों को याद करने भर से वही अपनापन, भरोसा और सुकून फिर से महसूस होने लगता है। मां सच में एक आशीर्वाद होती हैं, जिन्होंने हमें इस दुनिया में लाया।’ बता दें कि अमिताभ बच्चन, मां तेजी बच्चन से बेहद करीब थे। साल 2007 में तेजी बच्चन का 93 साल की उम्र में निधन हुआ था। अमिताभ बच्चन अक्सर अपने मां-बाबूजी से जुड़ी भावुक पोस्ट शेयर करते रहते हैं।

मां को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन:कहा- मां दुपट्टा गोल कर, सांसों से गर्म कर आंखों पर लगाती थी, तो तुरंत सुकून मिल जाता था

मां को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन:कहा- मां दुपट्टा गोल कर, सांसों से गर्म कर आंखों पर लगाती थी, तो तुरंत सुकून मिल जाता था

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में मां तेजी बच्चन को याद कर भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने मां के स्पर्श और उनकी बातों पर एक ब्लॉग लिखा है। बिग बी ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘कभी-कभी जिस बात से हम परेशान होते हैं, उसमें बस एक छोटा सा बदलाव कर देने से जिंदगी बहुत आसान हो जाती है। बस उस बदलाव को सही तरह से अपनाना और लगातार करना जरूरी होता है। फिर उसके बाद जो सुकून मिलता है, वो अलग ही होता है और तब लगता है कि क्या सच में इतनी छोटी सी बात के लिए हमने इतना समय, ऊर्जा और तनाव खर्च किया था?’ आगे उन्होंने लिखा, ‘और घर के आसान, देसी तरीके हमेशा सबसे बेहतर काम करते हैं। मां का वो प्यार भरा स्पर्श, उनकी बातों में छुपा भरोसा, उनका दुपट्टा गोल करके, अपनी सांसों से गर्म करके आंखों पर लगाना और तुरंत मिल जाने वाला सुकून और उनके वो शब्द- “सब ठीक हो जाएगा, बेटा।” अब वो हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उन पलों को याद करने भर से वही अपनापन, भरोसा और सुकून फिर से महसूस होने लगता है। मां सच में एक आशीर्वाद होती हैं, जिन्होंने हमें इस दुनिया में लाया।’ बता दें कि अमिताभ बच्चन, मां तेजी बच्चन से बेहद करीब थे। साल 2007 में तेजी बच्चन का 93 साल की उम्र में निधन हुआ था। अमिताभ बच्चन अक्सर अपने मां-बाबूजी से जुड़ी भावुक पोस्ट शेयर करते रहते हैं।

Green Tea Vs Black Coffee: कन्फ्यूज न हों! तेजी से वजन कम करने के लिए ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी में से कौन है बेस्ट?

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Last Updated:April 18, 2026, 13:57 IST Green Tea Vs Black Coffee: वज़न घटाने और मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाने की कोशिश में, ग्रीन टी और ब्लैक कॉफ़ी दोनों को ही सेहत के लिए अहम माना जाता है. इन दोनों के बीच के सटीक अंतर को समझना आपकी फ़िटनेस के लिए बेहद फ़ायदेमंद साबित हो सकता है. Green Tea Vs Black Coffee: वज़न घटाने के सफ़र में, सही ड्रिंक्स चुनना उतना ही ज़रूरी है जितना कि सही एक्सरसाइज़ चुनना. जब मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने की बात आती है, तो ग्रीन टी और ब्लैक कॉफ़ी दो सबसे असरदार नैचुरल चीज़ों के तौर पर सामने आती हैं. हालांकि दोनों ही वज़न घटाने में मदद करती हैं, लेकिन वे अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं. आपके फ़िटनेस लक्ष्यों के लिए कौन सा विकल्प सही रहेगा? आइए यहां जानते हैं विस्तार से… ग्रीन टी: ग्रीन टी में EGCG (एपिगैलोकैटेचिन गैलेट) नाम का एक कंपाउंड होता है, जो शरीर को फैट जलाने में मदद करता है, खासकर एक्सरसाइज़ के दौरान. इसमें कैफीन की मात्रा कम होती है और आमतौर पर इससे घबराहट या बेचैनी नहीं होती. ब्लैक कॉफी: ब्लैक कॉफी में कैफीन की मात्रा ज़्यादा होती है. एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि कैफीन एनर्जी लेवल को बढ़ा सकता है और शरीर को कैलोरी ज़्यादा तेज़ी से जलाने में मदद कर सकता है. यह एक्सरसाइज़ के दौरान फिजिकल परफॉर्मेंस को भी बेहतर बना सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google मेटाबॉलिज़्म और पाचन: कैफीन नैचुरल फैट को तोड़ने में मदद करता है. चूंकि ब्लैक कॉफी में ग्रीन टी की तुलना में ज़्यादा कैफीन होता है, इसलिए यह मेटाबॉलिज़्म को ज़्यादा असरदार तरीके से तेज़ कर सकती है और आराम करते समय भी कैलोरी जलाने में मदद कर सकती है. ग्रीन टी अलग तरह से काम करती है. इसमें कैफीन की मात्रा कम होती है और इसमें EGCG भी होता है, जो धीरे-धीरे पेट की चर्बी कम करने में मददगार हो सकता है. इसे रेगुलर पीना ही सफलता की कुंजी है. भूख पर कंट्रोल: ये दोनों ड्रिंक्स आपको पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकती हैं. ब्लैक कॉफी कुछ घंटों के लिए भूख को दबा सकती है; इसलिए, खाने से पहले इसे पीने से खाने की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है। ग्रीन टी ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करके लंबे समय तक वज़न कंट्रोल करने में मदद करती है. बहुत ज़्यादा कैफीन लेने से बेचैनी, घबराहट, नींद न आना और दिल की धड़कन तेज़ होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. दिन में देर से ब्लैक कॉफी पीने से नींद में खलल पड़ सकता है. ग्रीन टी में कैफीन की मात्रा कम होती है, जिससे यह पाचन तंत्र के लिए ज़्यादा हल्की होती है और एसिडिटी या अपच से परेशान लोगों के लिए एक सही ऑप्शन है. धीरे-धीरे और लगातार वज़न कम करने के लिए, ग्रीन टी एक बेहतरीन ऑप्शन है. अगर आप अपने मेटाबॉलिज़्म को ज़्यादा तेज़ी से बढ़ाना चाहते हैं, तो ब्लैक कॉफी ज़्यादा असरदार ऑप्शन हो सकती है. First Published : April 18, 2026, 13:54 IST

TCS Nashik Case | Accused Nida Khan Absconding, No POSH Complaint

TCS Nashik Case | Accused Nida Khan Absconding, No POSH Complaint

मुंबई3 मिनट पहले कॉपी लिंक पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन निदा खान अब भी फरार है। नासिक के TCS ऑफिस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी निदा खान अभी भी फरार है। पुलिस के मुताबिक, उसे ढूंढने के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई गईं हैं। जांच के दौरान निदा खान के पति को भी शुक्रवार को पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस स्टेशन के इलाके में हिरासत में लिया गया। पति ने बताया था कि निदा एक रिश्तेदार के घर पर रुकी हुई है लेकिन जब अधिकारी वहां पहुंचे तो घर पर ताला लगा हुआ था। पुलिस ने बताया कि आरोपी और उसके रिश्तेदारों दोनों के मोबाइल फोन भी बंद हैं। उधर TCS कंपनी ने भी इंटरनल जांच शुरू कर दी है। कंपनी ने बताया कि किसी भी पीड़ित ने कंपनी की POSH (प्रिवेंशन ऑफ सेक्शुअल हैरेसमेंट) पॉलिसी के तहत कभी कोई शिकायत नहीं की। पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 लोगों के खिलाफ 9 FIR दर्ज की गई है। 7 लोगों को गिरफ्तार कर किया है। परिवार का दावा- निदा फरार नहीं, वह प्रेग्नेंट है इस बीच फरार आरोपी निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। निदा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ साजिश हुई है। यह मामला नासिक के बाबा अशोक खरात से जुड़े विवाद को दबाने के लिए खड़ा किया गया है। निदा ने शिकायत करने वाली महिला से कभी बात तक नहीं की और न ही किसी को धर्म परिवर्तन के लिए कहा। उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है। परिवार ने बताया कि निदा इस समय गर्भवती है और भिवंडी स्थित अपने ससुराल में रह रही हैं। निदा खान सस्पेंड, कंपनी ने गंभीर मामला बताया TCS ने 9 अप्रैल को निदा को सस्पेंड कर दिया था। सस्पेंड में कहा गया कि उनके खिलाफ गंभीर मामला सामने आया है। कंपनी ने उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया है। सभी कंपनी एसेट्स लौटाने के निर्देश दिए हैं। निदा खान ने दिसंबर 2021 में कंपनी जॉइन की थी। वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम कर रही थीं। नासिक TCS केस में 4 सदस्यीय जांच पैनल चार सदस्यीय जांच समिति ने जांच शुरू कर दी है। वकील मोनिका अरोड़ा ने शनिवार को ANI से कहा कि पैनल सभी पक्षों से बात करेगा और उसके बाद रिपोर्ट तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि अभी कोई निष्कर्ष देना संभव नहीं है। सभीसे बातचीत के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर सिफारिश और रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह समिति चार सदस्यों की है, जिसमें एक रिटायर्ड जज, एक पूर्व IPS अधिकारी, एक वकील और NCW का कोऑर्डिनेटर शामिल है। पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब जानिए क्या है पूरा मामला… TCS के नासिक ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है। 9 में से 3 पीड़ित महिलाओं की FIR मिली… पहली पीड़ित सीनियर पूछते- हनीमून पर कहां गई, क्या-क्या किया पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR कराई है। उसके मुताबिक, जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक वो TCS ऑफिस में एसोसिएट थी। पति काम के सिलसिले में पुणे में रहते हैं। FIR में उसने बताया, ‘24 जून 2025 को मुझे 3 महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया। रजा मेमन का मेरी ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वो मेरे पास आकर पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते। कहते थे कि पति के साथ क्यों नहीं रहती, हनीमून पर कहां गई थी। वहां क्या किया, कैसे किया। रजा मेमन के साथ शाहरुख कुरैशी भी था।‘ ट्रेनिंग में आसिफ अंसारी भी अक्सर मेरे पास आ जाता। सटकर बैठता और गलत तरह से छूता। कभी जांघ या कंधे पर हाथ रख देता। एक दिन लंच के वक्त हाथ गोद में रख दिया। फिर बोला- अगर कोई फिजिकल नीड हो, तो बताओ, पूरा कर दूंगा। महिला ने बताया, ‘सीनियर तौसीफ अत्तार ने भी गलत बर्ताव किया। वो भी टीम में नहीं था, फिर भी पास आकर खाने के लिए पूछता। अश्लील तरीके में पूछता, ‘क्या संतरे लाई हो। छोटे वाले लाई हो या बड़े वाले।’ वो चेहरा सटाता और छूता था। जब सवाल किया, तो कहा, ‘क्या तुम्हें आगे नहीं बढ़ना।‘ पीड़ित के मुताबिक, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया। हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे, जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। उसने HR सेल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने मुंबई नाका थाने में शिकायत की। पुलिस को मिली 9 पीड़ितों की FIR के मुताबिक, 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को टारगेट किया गया। दूसरी पीड़ित ‘ईश्वर वही जो अदृश्य है, हिंदू देवी-देवता झूठे’ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 तक उसका ऑफिस में यौन उत्पीड़न हुआ। महिला कंपनी में क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स की शिकायतें सुनती थी। उसने बताया, ‘तौसीफ अत्तार अपने धर्म को ऊंचा दिखाता और हिंदू धर्म को नीचा। वो कहता कि सच्चा ईश्वर वही है, जो अदृश्य है। हिंदू धर्म में देवता दिखते हैं, इसलिए झूठे हैं।‘ ‘दिसंबर 2025 की बात है। मैं लंच के बाद छाछ पी रही थी, तभी तौसीफ आया और पूछा- ‘क्या पी रही हो?’ मैंने कहा- ‘छाछ पी रही हूं।’ उसने अजीब नजरों से देखा और कहा- मेरे पास भी छाछ है, क्या पीना चाहोगी। ये कहते हुए उसने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा किया।’ ये FIR भी 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई। तीसरी पीड़ित भगवान कृष्ण और शिव को लेकर गलत बातें कीं तीसरी FIR में पीड़ित ने बताया, ‘मैं दिसंबर 2024 में ऑफिस में थी। तब शफी शेख काम के बहाने पास आकर बैठ गया और जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगड़ने की कोशिश की।

हेरा फेरी 3 फिलहाल नहीं बन रही है:अक्षय कुमार ने किया कन्फर्म; बोले- कुछ बातें ऐसी हैं, जो नहीं बता सकते

हेरा फेरी 3 फिलहाल नहीं बन रही है:अक्षय कुमार ने किया कन्फर्म; बोले- कुछ बातें ऐसी हैं, जो नहीं बता सकते

एक्टर अक्षय कुमार ने हाल ही में बताया कि फिल्म हेरा फेरी 3 फिलहाल नहीं बन रही है। यह बात अक्षय ने शुभांकर मिश्रा के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कही। इंटरव्यू में अक्षय ने माना कि इस खबर से फैंस को झटका लगा है और उन्हें खुद भी उतना ही झटका लगा था। अक्षय ने बताया कि फिल्म में देरी की वजह सिर्फ कास्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि कई और समस्याएं हैं, जिनकी वजह से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा। एक्टर ने यह भी साफ किया कि तीनों कलाकारों के साथ आने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वेलकम टू द जंगल में वो, सुनील शेट्टी और परेश रावल एक साथ काम कर रहे हैं। कुछ बातें ऐसी हैं, जो नहीं बता सकते: अक्षय अक्षय ने आगे कहा कि कुछ बातें ऐसी हैं, जिन्हें वो कैमरे पर नहीं बता सकते। उन्होंने समझौतों और दूसरे कारणों का जिक्र किया, जो इस फिल्म को पीछे धकेल रहे हैं। हालांकि, अक्षय ने उम्मीद जताई कि जब सही समय आएगा, तब हेरा फेरी 3 जरूर बनेगी। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि उम्मीद है तब तक वे सभी बहुत बूढ़े नहीं हो जाएंगे। गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट को लेकर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें परेश रावल का फिल्म से अलग होना भी शामिल था। हालांकि बाद में वो फिल्म से जुड़ गए। पहली फिल्म, हेरा फेरी, जिसे प्रियदर्शन ने डायरेक्ट किया था, 2000 में रिलीज हुई थी, जबकि इसके सीक्वल, फिर हेरा फेरी, जिसे नीरज वोरा ने डायरेक्ट किया था, 2006 में रिलीज हुई थी।

Combining studies with business, the teenager is surprising Wall Street and Silicon.

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Hindi News Business Combining Studies With Business, The Teenager Is Surprising Wall Street And Silicon. न्यूयॉर्क45 मिनट पहले कॉपी लिंक कंपनियां एली को मौका देना चाहती हैं, पर ‘चाइल्ड लेबर कानून’ के बारे में सोचने लगती हैं। चर्चित अमेरिकी पत्रकार जैक न्यूशम को सोशल मीडिया पर एक मैसेज मिला। भेजने वाले ने लिखा था कि मैं प्रेडिक्शन मार्केट बीट में आपकी मदद करना चाहता हूं। न्यूशम ने इसे मजाक समझा। पर जब वीडियो कॉल पर दांतों में ‘ब्रेसेस’ लगाए और चेहरे पर मासूमियत लिए 13 साल का एली गोल्डफाइन सामने आया, तो दुनिया दंग रह गई। एली ने इतनी कम उम्र में उस क्षेत्र में धाक जमा ली है, जिसमें 25-30 साल के युवाओं का वर्चस्व माना जाता है। छोटे से कमरे से, किताबों, टेलीस्कोप और लैपटॉप के बीच बैठा यह लड़का प्रेडिक्शन मार्केट की जटिल दुनिया को समझकर किस तरह प्रयोग में जुटा हुए हैं, पढ़िए… एली की शुरुआत बेहद दिलचस्प रही। उसने सबसे पहले पॉलीमार्केट (प्रेडिक्शन मार्केट) के बारे में सीखा और फिर ‘मेनिफोल्ड’ जैसे प्लेटफॉर्म पर खुद प्रयोग शुरू किया। स्कूल में उसने साथियों के बीच छात्र चुनावों पर ‘बेटिंग मार्केट’ बना दिया। हालांकि स्कूल प्रशासन को यह पसंद नहीं आया, पर एली के लिए यह सीखने का अवसर था और उसने इसमें खासा मुनाफा भी कमा लिया। आज एली सिर्फ अनुमान लगाकर पैसे कमाने तक सीमित नहीं हैं। वह ‘बेयसियन सुपर साइकिल’ नाम से ब्लॉग चलाते हैं। और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े एक्सपर्ट से सवाल-जवाब भी करते हैं। हाल ही में उन्होंने 5सी (सी) कैपिटल के संस्थापकों (जो पहले कालशी में काम कर चुके हैं) का लाइव इंटरव्यू लिया। ऐसा इंटरव्यू आमतौर पर बड़े बिजनेस न्यूज चैनल करते हैं। इससे एली की दूरदर्शिता पता चलती है। एली के कमरे की अलमारियां उसकी बहुमुखी प्रतिभा की गवाह हैं। एक तरफ ‘चार्ली ब्राउन’ व ‘कैल्विन एंड हॉब्स’ जैसे कॉमिक्स के सेट हैं, तो बीजगणित और ऑप्टिक्स की भारी-भरकम किताबें भी। एली को टेलिस्कोप बनाने व सितारे देखने का जुनून है। हाल में चर्चित ऑप्टिकल डिजाइनर अल नैगलर का इंटरव्यू भी लिया था। माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च के लोगों से प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की तो वे हैरान रह गए। रोचक बात यह है कि कई कंपनियां एली को मौका देना चाहती हैं, पर ‘चाइल्ड लेबर कानून’ के बारे में सोचने लगती हैं। एली ने एक इंटरव्यू के दौरान इंटर्नशिप मांगी, तो कंपनी के मालिक ने हंसते हुए कहा,‘हमें तुम्हारे पैरेंट्स से बात करनी होगी ताकि हम कानून तोड़ने के दोषी न बन जाएं। ‘थ्राइव कैपिटल’ जैसी बड़ी फर्म भी उन्हें मौका देना चाह रही है। पिता इवान, रियल एस्टेट डेवलपर और मां मनोवैज्ञानिक हैं। दोनों ही एली को प्रोत्साहित करते हैं। वह होमवर्क स्कूल बस में पूरा करता है ताकि वेबसाइट व शोध के लिए समय मिल सके। एली की रणनीति प्रेडिक्शन मार्केट ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां लोग भविष्य की घटनाओं (जैसे चुनाव नतीजे) पर शेयर बाजार की तरह दांव लगाते हैं; ‘सही भविष्यवाणी’ की कीमत बढ़ती है, ‘गलत’ की घटती है।एली रणनीतिकार की तरह काम करते हैं। डेटा विश्लेषण करते हैं, स्कूल चुनाव जैसे खुद के प्रेडिक्शन मार्केट बनाते हैं। जटिल आर्थिक विषयों पर एक्सपर्ट से समझने की कोशिश करते हैं कि भविष्य में क्या होने की संभावना ज्यादा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔