इंदौर में चलती कार में लगी आग:बॉम्बे हॉस्पिटल के पास हादसा, CNG कार में शॉर्ट सर्किट की आशंका, परिवार बाल-बाल बचा

इंदौर में बांबे हॉस्पिटल के पास शुक्रवार रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। घटना रेडिसन से बांबे हॉस्पिटल जाने वाले मार्ग की है। कार में सवार परिवार समय रहते बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। कार में मालिक, उनकी बुजुर्ग मां, पत्नी और बेटी सवार थे। आग लगते ही आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत रही कि किसी को भी चोट नहीं आई। घटना के दौरान मौके से गुजर रहे एक पानी के टैंकर ने आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई। टैंकर से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया, वरना कार पूरी तरह जल सकती थी और आसपास के लोगों के लिए भी खतरा बढ़ सकता था। वीडियो वायरल, लोग बनाते रहे क्लिप घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कार के अगले हिस्से से तेज लपटें उठती नजर आ रही हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते दिख रहे हैं। सड़क पर भीड़ जमा होने से कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। CNG कार में शॉर्ट सर्किट की आशंका पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया है कि कार में CNG किट लगी हुई थी। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने कार को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। तस्वीरों में देखें कार में लगी आग
एसी की खुली हवा वाली आंखों को न कर दे बीमार! आदर्श आई से बचने के लिए अभी से फॉलो करें ये टिप्स

सूखी आँखों की देखभाल संबंधी युक्तियाँ: गर्मियों में राहत देने वाला एसी अब आंखों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। लंबे समय तक एसी रूम में काम करने वाले लोगों की आंखों में सूखापन, जलन और कमजोरी जैसी स्थिति तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञ का कहना है कि इसे नामांकित थकान समझकर खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं कि इस सुविधा से लेकर कौन-कौन सी टिप्स अपना सकते हैं। क्या है आंखों के फर्नीचर की असली वजह हमारी आंखों की सतह पर एक पूर्ण आंसुओं की उपस्थिति होती है, जो आंखों को नाम देती है और सुरक्षित रखने में मदद करती है। एसी रूम की आश्रमशाला को कम कर देता है, जिससे यह प्रारंभिक प्रारंभिक इन्फ़ायर बनता है। इसके कारण आंखों में जलन, जलन, सूखापन और बार-बार सिरदर्द भी महसूस होता है। इन प्रॉडक्ट को कभी भी न खोलें नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत कपूर के अनुसार जब हम लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने से पल झनके की दर लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो जाते हैं। इससे आँखों की किताब जल्दी ख़त्म होने लगती है। इसके अलावा एसी की इच्छा और सूखे बालों से सीधे आंखों पर प्रभाव पड़ता है, जिससे प्लास्टिक तेजी से उड़ता है, जिससे जलन और वृद्धि होती है। शरीर में पानी की कमी और बंद कमरे में कम नमी भी इस समस्या को और गंभीर बना देती है। अगर आंखों में लगातार जलन, लालिमा या सूखापन बना हुआ है, तो इसे बंद नहीं करना चाहिए। यह डॉक्टरी आई की समस्या हो सकती है, जिसके लिए समय पर इलाज जरूरी है। ऐस ही गर्मी से राहत देता है, लेकिन यह आईज़ की वेबसाइट कम कर सकती है। ऐसे में सही आदतें और अपनी जीवनशैली पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। (टैग्सटूट्रांसलेट) सूखी आंखों के लक्षण (टी) आंखों पर एसी के दुष्प्रभाव (टी) आंखों की देखभाल के टिप्स गर्मियों में (टी) स्क्रीन टाइम आंखों की समस्याएं (टी) पलक झपकने की दर में कमी (टी) आंसू फिल्म असंतुलन (टी) आंखों में सूखापन के कारण (टी) हाइड्रेशन और आंखों का स्वास्थ्य (टी) आंखों में जलन के उपाय (टी) नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह
गर्मियों में तरबूज खा रहे हैं? बीज भी रखिए संभालकर, सेहत बनेगी कमाल, जानिए सेवन का तरीका

Last Updated:April 18, 2026, 13:26 IST गर्मी का मौसम आते ही तरबूज हर किसी की पहली पसंद बन जाता है. यह फल न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है. खास बात यह है कि इसके बीज भी उतने ही फायदेमंद होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. गर्मी के मौसम में तरबूज सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला फल है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक पहुंचाता है बल्कि स्वाद में भी बेहद मीठा और रसदार होता है. बच्चे हों या बड़े, हर कोई इसे बड़े चाव से खाता है. इसमें पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और लू से बचाव भी करता है. अक्सर लोग तरबूज खाने के बाद उसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वास्तव में ये बीज पोषण का खजाना होते हैं. इनमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनका नियमित सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) ने बताया कि तरबूज का फल ही नहीं, इसके बीज भी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इनमें कई तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं. तरबूज के फल और बीज दोनों में प्रोटीन, विटामिन ए, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. बुखार की स्थिति में तरबूज भी फायदेमंद माना जाता है. इसके छिलके को पीसकर लेप करने से बुखार और उससे होने वाली शरीर की जलन में राहत मिलती है. वहीं 10-40 मिली तरबूज के रस में चीनी और मधु मिलाकर पीने से बुखार में लाभ होता है. Add News18 as Preferred Source on Google सिर दर्द की समस्या में तरबूज का सेवन फायदेमंद माना जाता है. 30-40 मिली तरबूज के रस में मिश्री मिलाकर पीने से सिर दर्द में आराम मिलता है. पीलिया की समस्या में तरबूज फायदेमंद माना जाता है. इसके फल के रस में समान मात्रा में छाछ और स्वादानुसार नमक मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है. इसके अलावा 10-30 मिली तरबूज के रस का सेवन करने से भी पीलिया में फायदा मिलता है. उल्टी की समस्या में तरबूज का सेवन फायदेमंद माना जाता है. उल्टी को रोकने के लिए 5-10 मिली तरबूज के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से राहत मिलती है. शारीरिक कमजोरी की समस्या में तरबूज का सेवन फायदेमंद माना जाता है. इसके लिए 5-10 ग्राम तरबूज के बीज का चूर्ण बनाकर उसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर सेवन करने से कमजोरी दूर होती है और शरीर में शक्ति आती है. खुजली की समस्या में तरबूज के बीज फायदेमंद माने जाते हैं. इसके लिए तरबूज के बीज को पीसकर खुजली वाले स्थान पर लगाने से राहत मिलती है. First Published : April 18, 2026, 13:26 IST
अशोकनगर में सिलेंडर न मिलने पर लोगों ने किया चक्काजाम:गैस एजेंसी पर सुबह से इंतजार के बाद फूटा गुस्सा

अशोकनगर जिले के तूमैंन गांव में गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को चक्का जाम कर दिया। उन्होंने सड़क पर बैठकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। यह विरोध प्रदर्शन सुबह से गैस एजेंसी पर इंतजार करने के बाद शुरू हुआ, जब एजेंसी नहीं खोली गई। ग्रामीण सुबह से ही गैस एजेंसी पर पहुंच गए थे और उन्होंने खुद ही अपने सिलेंडर रखकर कतारें बना ली थीं। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब एजेंसी नहीं खुली और सिलेंडर नहीं मिले, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनमें से कई लोगों के घरों में एक दिन बाद शादी है। एजेंसी संचालक ने एक दिन पहले आश्वासन दिया था कि शनिवार सुबह उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें टोकन भी दिए गए थे। हालांकि, काफी इंतजार के बाद भी दोपहर तक न तो एजेंसी संचालक पहुंचा और न ही सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। इस स्थिति से नाराज होकर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। चक्का जाम के दौरान लोग कई बार रास्ते से हटे और फिर वापस बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित होता रहा।
स्पॉटिफाई ने एक साल में हटाए 7.5 करोड़ स्पैम ट्रैक:एआई म्यूजिक का खतरा; रोज 50 हजार ट्रैक रिलीज, वर्चुअल बैंड्स के 10 लाख श्रोता

एआई से अब टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से सेकेंड्स में गाना तैयार हो रहा है और उसे किसी भी असली सिंगर के नाम से अपलोड किया जा सकता है। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग न सिर्फ व्यूज बटोर रहे हैं, बल्कि रॉयल्टी भी कमा रहे हैं। गार्डियन न्यूजपेपर के अनुसार स्पॉटिफाई पर एआई से बनाए गए फेक आर्टिस्ट्स की बढ़ती संख्या अब एक बड़े इंडस्ट्री संकट में बदल गई है। अनुमान है कि कुल स्ट्रीम्स में 5% से 10% तक फर्जी हैं, जिससे हर साल 1 से 2 अरब डॉलर तक की रॉयल्टी गलत दिशा में चली जाती है। इस तरह बन रहे एआई से गाने AI टूल (जैसे Suno, Udio) से गाना तैयार हो जाता है। डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए प्लेटफॉर्म पर अपलोड होता है। असली आर्टिस्ट का नाम टैग कर देते हैं और एल्गोरिद्म उसे उसी आर्टिस्ट के फैंस तक पहुंचा देता है। इससे नकली गानों को व्यूज मिलते हैं। द वेलवेट संडाउन- इस AI बैंड के लाखों फैन ‘द वेलवेट संडाउन’ नाम के बैंड के स्पॉटिफाई पर 10 लाख लिसनर्स हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उनका म्यूजिक, प्रमोशनल इमेज और यहां तक कि उनकी पूरी बैकस्टोरी भी एआई से बनाई गई है। समस्या – रोज 50 हजार एआई निर्मित गाने अपलोड हो रहे म्यूजिक प्लेटफॉर्म डीजर पर रोज 50 हजार एआई निर्मित गाने अपलोड होते हैं। वहीं स्पॉटिफाई ने 7.5 करोड़ स्पैम ट्रैक हटाए हैं। एपल म्यूजिक ने 2 अरब फर्जी स्ट्रीम्स को ब्लॉक किया है। समाधान – प्लेटफॉर्म्स में आर्टिस्ट प्रोटेक्शन की तैयारी बढ़ी स्पॉटिफाई अपने प्लेटफॉर्म में Artist Profile Protection टेस्ट कर रहा है। एपल म्यूजिक ने एआई कंटेंट के लिए ट्रांसपेरेंसी टैग शुरू किए हैं।
स्पॉटिफाई ने एक साल में हटाए 7.5 करोड़ स्पैम ट्रैक:एआई म्यूजिक का खतरा; रोज 50 हजार ट्रैक रिलीज, वर्चुअल बैंड्स के 10 लाख श्रोता

एआई से अब टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से सेकेंड्स में गाना तैयार हो रहा है और उसे किसी भी असली सिंगर के नाम से अपलोड किया जा सकता है। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग न सिर्फ व्यूज बटोर रहे हैं, बल्कि रॉयल्टी भी कमा रहे हैं। गार्डियन न्यूजपेपर के अनुसार स्पॉटिफाई पर एआई से बनाए गए फेक आर्टिस्ट्स की बढ़ती संख्या अब एक बड़े इंडस्ट्री संकट में बदल गई है। अनुमान है कि कुल स्ट्रीम्स में 5% से 10% तक फर्जी हैं, जिससे हर साल 1 से 2 अरब डॉलर तक की रॉयल्टी गलत दिशा में चली जाती है। इस तरह बन रहे एआई से गाने AI टूल (जैसे Suno, Udio) से गाना तैयार हो जाता है। डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए प्लेटफॉर्म पर अपलोड होता है। असली आर्टिस्ट का नाम टैग कर देते हैं और एल्गोरिद्म उसे उसी आर्टिस्ट के फैंस तक पहुंचा देता है। इससे नकली गानों को व्यूज मिलते हैं। द वेलवेट संडाउन- इस AI बैंड के लाखों फैन ‘द वेलवेट संडाउन’ नाम के बैंड के स्पॉटिफाई पर 10 लाख लिसनर्स हैं। उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उनका म्यूजिक, प्रमोशनल इमेज और यहां तक कि उनकी पूरी बैकस्टोरी भी एआई से बनाई गई है। समस्या – रोज 50 हजार एआई निर्मित गाने अपलोड हो रहे म्यूजिक प्लेटफॉर्म डीजर पर रोज 50 हजार एआई निर्मित गाने अपलोड होते हैं। वहीं स्पॉटिफाई ने 7.5 करोड़ स्पैम ट्रैक हटाए हैं। एपल म्यूजिक ने 2 अरब फर्जी स्ट्रीम्स को ब्लॉक किया है। समाधान – प्लेटफॉर्म्स में आर्टिस्ट प्रोटेक्शन की तैयारी बढ़ी स्पॉटिफाई अपने प्लेटफॉर्म में Artist Profile Protection टेस्ट कर रहा है। एपल म्यूजिक ने एआई कंटेंट के लिए ट्रांसपेरेंसी टैग शुरू किए हैं।
Futuristic Education Model in Sikar, Rajasthan

46 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र दशकों से अपनी बहादुरी और व्यापारिक सूझबूझ के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस मिट्टी ने देश के नए एजुकेशन हब के रूप में अपनी एक नई पहचान गढ़ी है। कोटा के बाद अगर किसी शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है, तो वह सीकर है। गौरतलब है कि इस बदलाव की कहानी केवल ऊंची इमारतों या विज्ञापनों की नहीं है, बल्कि यह कहानी है उन विजनरी युवाओं की जिन्होंने अपनी करोड़ों की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपने क्षेत्र की शिक्षा के स्तर को बदलने का संकल्प लिया। आज सीकर की इस सफलता के केंद्र में Matrix High School (MHS) जैसे संस्थान खड़े हैं, जो केवल परीक्षा के परिणाम ही नहीं, बल्कि भविष्योन्मुख शिक्षा देकर एक उज्जवल कल का निर्माण कर रहे है। कॉर्पोरेट की ‘चमक-दमक’ छोड़ शिक्षा की अलख जगाने लौटे युवा आमतौर पर देखा जाता है कि IIT और IIM जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवा विदेशों या बड़े महानगरों में करोड़ों के पैकेज चुनते हैं, लेकिन शेखावाटी में Matrix High School की कहानी इसके ठीक उलट है। यहां की कमान उन विजनरी टीम के हाथों में है, जिन्होंने खुद सफलता के शिखर को छुआ और फिर उसे अपनी माटी के लिए ‘रिवर्स माइग्रेशन’ की राह चुनी। JEE में सीकर के सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने के बाद अब इस टीम ने स्कूली शिक्षा की ओर रुख किया है, जिसका एकमात्र उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़कर एक वैश्विक मंच देना है। इस विजनरी टीम में कपिल सिंह ढाका (B.Tech IIT Kharagpur, MBA IIM Ahmedabad), अनिल गोरा (IIT Kharagpur), नरेन्द्र कोक (IIT Kharagpur), अनुपम अग्रवाल (IIT Kanpur) और राजेंद्र बुरडक (B.Tech SIST Chennai) के साथ 200 से अधिक एक्सपर्ट मेंटर्स शामिल हैं। रिजल्ट्स में कंसिस्टेंसी ही MHS की पहचान शिक्षा क्षेत्र में भरोसा केवल बातों से नहीं, बल्कि आंकड़ों से आता है। MATRIX High School ने अपनी स्थापना के बाद से हर साल नए बेंचमार्क सेट किए हैं। RBSE 12th Result 2026 की सफलता इसकी ताजा मिसाल है। संस्थान के दो छात्रों ने 98.40% अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट में स्थान बनाया, वहीं 424 से अधिक छात्रों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए। यह परिणाम दर्शाते हैं कि यहां की शैक्षणिक प्रणाली कितनी मजबूत है। बोर्ड परिणामों की इस अटूट निरंतरता को CBSE कक्षा 10 (2026) के शानदार परिणामों ने और भी पुख्ता कर दिया है। इस वर्ष के परिणाम संस्थान की सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं: 5 विद्यार्थियों ने 98% और उससे अधिक अंक प्राप्त किए। 79 विद्यार्थियों ने 95% और उससे अधिक अंक हासिल किए। 286 विद्यार्थियों ने 90% और उससे अधिक अंकों के साथ अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पिछले वर्षों पर नज़र डालें तो CBSE कक्षा 10 के 2025 के परिणामों में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 29 थी। वहीं CBSE कक्षा 12 के 2024 परिणामों में 106 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। बोर्ड ही नहीं, प्रतिभा परीक्षाओं में भी MATRIX का दबदबा कायम है। STSE (State Talent Search Examination) की राजस्थान टॉप-20 सूची में 10 छात्र इसी संस्थान से होना और NMTC में 158 छात्रों का चयन होना, यहां की शैक्षणिक उत्कृष्टता और गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। यह उत्कृष्ट प्रदर्शन न केवल बोर्ड परीक्षाओं के लिए बल्कि IOQM, NSEJS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं और JEE, NEET, NDA व CLAT जैसी भविष्य की परीक्षाओं के लिए भी एक ठोस आधार तैयार करता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच एक आधुनिक ‘ज्ञान तीर्थ’ सीकर के गोकुलपुरा में स्थित MATRIX High School का नया कैंपस किसी आर्किटेक्चरल मास्टरपीस से कम नहीं है। धूल और शोर से दूर, ऐतिहासिक देवगढ़ किले की तलहटी और अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसा यह कैंपस छात्रों को एक शांत वातावरण देता है। कैंपस का कोना-कोना, चाहे वह अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब्स हों या विशाल लाइब्रेरी- छात्रों को ‘ब्रीद, लर्न एंड ग्रो’ का मंत्र देती है। MATRIX High School की कमान संभाल रहीं प्रिंसिपल राजेश्री सिहाग का शैक्षणिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत द अमेरिकन एम्बेसी स्कूल, नई दिल्ली से की और इसके बाद मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल (अजमेर), पाथवेज वर्ल्ड स्कूल (गुड़गांव) और द इंडियन हाई स्कूल (दुबई) जैसे नामी संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। विशेष रूप से, पिछले सात वर्षों तक द फैबइंडिया स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में उन्होंने कई नवाचारी शैक्षणिक पद्धतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है। दुबई के हाई-टेक इंटरनेशनल बोर्ड्स और भारत के नामी कॉन्वेंट संस्थानों में लीडरशिप भूमिकाएं निभाने के बाद, वे अब सीकर में शिक्षा की नई जमीन तैयार कर रही हैं। उनके अनुसार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर केवल महानगरों का एकाधिकार नहीं होना चाहिए। राजेश्री शिहाग का विजन स्पष्ट है। वे कहती हैं “अक्सर माना जाता है कि वर्ल्ड-क्लास एक्सपोजर सिर्फ बड़े शहरों के बच्चों को मिलता है, लेकिन हमने उस सोच को बदला है। हमारा लक्ष्य उन इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स को सीकर जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्रों के बच्चों तक पहुंचाना है, जो आमतौर पर केवल दुबई या दिल्ली के स्कूलों में दिखते हैं। हम यहां केवल डिग्री बांटने वाले ‘एजुकेशन सेंटर’ नहीं चला रहे, बल्कि हमारा मिशन आत्मविश्वास से लबरेज ऐसे ग्लोबल सिटीजन तैयार करना है, जो दुनिया के किसी भी मंच पर खड़े होकर अपनी बात मजबूती से रख सकें।” पढ़ाई के साथ खेल और ग्लोबल एक्सपोजर MATRIX High School ने इस धारणा को बदल दिया है कि पढ़ाई और खेल साथ-साथ नहीं चल सकते। यहां 20 से अधिक प्रोफेशनल स्पोर्ट्स कोच की देखरेख में छात्र क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेलों में अपना हुनर निखार रहे हैं। ‘सेंफनी – द फ्यूजन ईव’ जैसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देते हैं। संस्थान की एक और बड़ी विशेषता इसका इंटीग्रेटेड कोचिंग प्रोग्राम है। यहाँ छात्रों को स्कूल फीस में ही NDA, CLAT और CUET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। इसके साथ ही MATRIX Olympiad के जरिए मेधावी छात्रों को लंदन, पेरिस और सिंगापुर जैसे देशों के Free International Tour जीतने का मौका मिलता है, जो उनके सपनों को वैश्विक पंख देता है। डिजिटल लर्निंग और
Futuristic Education Model in Sikar, Rajasthan

5 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र दशकों से अपनी बहादुरी और व्यापारिक सूझबूझ के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस मिट्टी ने देश के नए एजुकेशन हब के रूप में अपनी एक नई पहचान गढ़ी है। कोटा के बाद अगर किसी शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी धाक जमाई है, तो वह सीकर है। गौरतलब है कि इस बदलाव की कहानी केवल ऊंची इमारतों या विज्ञापनों की नहीं है, बल्कि यह कहानी है उन विजनरी युवाओं की जिन्होंने अपनी करोड़ों की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपने क्षेत्र की शिक्षा के स्तर को बदलने का संकल्प लिया। आज सीकर की इस सफलता के केंद्र में Matrix High School (MHS) जैसे संस्थान खड़े हैं, जो केवल परीक्षा के परिणाम ही नहीं, बल्कि भविष्योन्मुख शिक्षा देकर एक उज्जवल कल का निर्माण कर रहे है। कॉर्पोरेट की ‘चमक-दमक’ छोड़ शिक्षा की अलख जगाने लौटे युवा आमतौर पर देखा जाता है कि IIT और IIM जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवा विदेशों या बड़े महानगरों में करोड़ों के पैकेज चुनते हैं, लेकिन शेखावाटी में Matrix High School की कहानी इसके ठीक उलट है। यहां की कमान उन विजनरी टीम के हाथों में है, जिन्होंने खुद सफलता के शिखर को छुआ और फिर उसे अपनी माटी के लिए ‘रिवर्स माइग्रेशन’ की राह चुनी। JEE में सीकर के सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने के बाद अब इस टीम ने स्कूली शिक्षा की ओर रुख किया है, जिसका एकमात्र उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़कर एक वैश्विक मंच देना है। इस विजनरी टीम में कपिल सिंह ढाका (B.Tech IIT Kharagpur, MBA IIM Ahmedabad), अनिल गोरा (IIT Kharagpur), नरेन्द्र कोक (IIT Kharagpur), अनुपम अग्रवाल (IIT Kanpur) और राजेंद्र बुरडक (B.Tech SIST Chennai) के साथ 200 से अधिक एक्सपर्ट मेंटर्स शामिल हैं। रिजल्ट्स में कंसिस्टेंसी ही MHS की पहचान शिक्षा क्षेत्र में भरोसा केवल बातों से नहीं, बल्कि आंकड़ों से आता है। MATRIX High School ने अपनी स्थापना के बाद से हर साल नए बेंचमार्क सेट किए हैं। RBSE 12th Result 2026 की सफलता इसकी ताजा मिसाल है। संस्थान के दो छात्रों ने 98.40% अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट में स्थान बनाया, वहीं 424 से अधिक छात्रों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए। यह परिणाम दर्शाते हैं कि यहां की शैक्षणिक प्रणाली कितनी मजबूत है। बोर्ड परिणामों की इस अटूट निरंतरता को CBSE कक्षा 10 (2026) के शानदार परिणामों ने और भी पुख्ता कर दिया है। इस वर्ष के परिणाम संस्थान की सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं: 5 विद्यार्थियों ने 98% और उससे अधिक अंक प्राप्त किए। 79 विद्यार्थियों ने 95% और उससे अधिक अंक हासिल किए। 286 विद्यार्थियों ने 90% और उससे अधिक अंकों के साथ अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पिछले वर्षों पर नज़र डालें तो CBSE कक्षा 10 के 2025 के परिणामों में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 29 थी। वहीं CBSE कक्षा 12 के 2024 परिणामों में 106 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। बोर्ड ही नहीं, प्रतिभा परीक्षाओं में भी MATRIX का दबदबा कायम है। STSE (State Talent Search Examination) की राजस्थान टॉप-20 सूची में 10 छात्र इसी संस्थान से होना और NMTC में 158 छात्रों का चयन होना, यहां की शैक्षणिक उत्कृष्टता और गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। यह उत्कृष्ट प्रदर्शन न केवल बोर्ड परीक्षाओं के लिए बल्कि IOQM, NSEJS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं और JEE, NEET, NDA व CLAT जैसी भविष्य की परीक्षाओं के लिए भी एक ठोस आधार तैयार करता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच एक आधुनिक ‘ज्ञान तीर्थ’ सीकर के गोकुलपुरा में स्थित MATRIX High School का नया कैंपस किसी आर्किटेक्चरल मास्टरपीस से कम नहीं है। धूल और शोर से दूर, ऐतिहासिक देवगढ़ किले की तलहटी और अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसा यह कैंपस छात्रों को एक शांत वातावरण देता है। कैंपस का कोना-कोना, चाहे वह अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब्स हों या विशाल लाइब्रेरी- छात्रों को ‘ब्रीद, लर्न एंड ग्रो’ का मंत्र देती है। MATRIX High School की कमान संभाल रहीं प्रिंसिपल राजेश्री सिहाग का शैक्षणिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत द अमेरिकन एम्बेसी स्कूल, नई दिल्ली से की और इसके बाद मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल (अजमेर), पाथवेज वर्ल्ड स्कूल (गुड़गांव) और द इंडियन हाई स्कूल (दुबई) जैसे नामी संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। विशेष रूप से, पिछले सात वर्षों तक द फैबइंडिया स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में उन्होंने कई नवाचारी शैक्षणिक पद्धतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है। दुबई के हाई-टेक इंटरनेशनल बोर्ड्स और भारत के नामी कॉन्वेंट संस्थानों में लीडरशिप भूमिकाएं निभाने के बाद, वे अब सीकर में शिक्षा की नई जमीन तैयार कर रही हैं। उनके अनुसार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर केवल महानगरों का एकाधिकार नहीं होना चाहिए। राजेश्री शिहाग का विजन स्पष्ट है। वे कहती हैं “अक्सर माना जाता है कि वर्ल्ड-क्लास एक्सपोजर सिर्फ बड़े शहरों के बच्चों को मिलता है, लेकिन हमने उस सोच को बदला है। हमारा लक्ष्य उन इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स को सीकर जैसे अर्ध-शहरी क्षेत्रों के बच्चों तक पहुंचाना है, जो आमतौर पर केवल दुबई या दिल्ली के स्कूलों में दिखते हैं। हम यहां केवल डिग्री बांटने वाले ‘एजुकेशन सेंटर’ नहीं चला रहे, बल्कि हमारा मिशन आत्मविश्वास से लबरेज ऐसे ग्लोबल सिटीजन तैयार करना है, जो दुनिया के किसी भी मंच पर खड़े होकर अपनी बात मजबूती से रख सकें।” पढ़ाई के साथ खेल और ग्लोबल एक्सपोजर MATRIX High School ने इस धारणा को बदल दिया है कि पढ़ाई और खेल साथ-साथ नहीं चल सकते। यहां 20 से अधिक प्रोफेशनल स्पोर्ट्स कोच की देखरेख में छात्र क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेलों में अपना हुनर निखार रहे हैं। ‘सेंफनी – द फ्यूजन ईव’ जैसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देते हैं। संस्थान की एक और बड़ी विशेषता इसका इंटीग्रेटेड कोचिंग प्रोग्राम है। यहाँ छात्रों को स्कूल फीस में ही NDA, CLAT और CUET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। इसके साथ ही MATRIX Olympiad के जरिए मेधावी छात्रों को लंदन, पेरिस और सिंगापुर जैसे देशों के Free International Tour जीतने का मौका मिलता है, जो उनके सपनों को वैश्विक पंख देता है। डिजिटल लर्निंग और
आज IPL में CSK-SRH का मुकाबला:शानदार फॉर्म में ईशान किशन, गोपालगंज के साकिब पर भी रहेगी नजर, डेब्यू मैच में झटके थे 4 विकेट

आज IPL में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। SRH की कप्तानी बिहार के ईशान किशन कर रहे हैं। फिलहाल, SRH टीम पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है, जिसमें 5 में से 2 मैच जीते हैं। पिछले मैच में ईशान ने शानदार प्रदर्शन किया था और 30 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। उन्होंने मैच में 44 बॉल पर कुल 91 रन बनाए थे। दूसरी ओर बिहार के साकिब हुसैन ने भी अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। साकिब ने IPL के अपने डेब्यू मैच में ही किफायती 4 विकेट लिए थे। ईशान ने छक्का लगाकर अपना अर्धशतक किया था पूरा ईशान किशन ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 44 बॉल पर 91 रन बनाए थे, जिसमें 6 छक्के, 8 चौके शामिल थे। 10वें ओवर में रवि बिश्नोई की चौथी गेंद पर डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर उन्होंने अर्धशतक पूरा किया था। इससे पहले पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ मैच में ईशान 14वें ओवर की आखिरी बॉल पर 27 रन बनाकर आउट हुए थे। मार्को यानसन ने डीप मिडविकेट पर एक हाथ से ईशान का कैच पकड़ा था। अर्शदीप की बॉल पर वह आउट होकर वापस पवेलियन गए। इस दौरान उन्होंने 3 चौका और 1 छक्का मारा था। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में बनाए थे 80 रन ईशान किशन फ़िलहाल पैट कमिंस की जगह सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं। साकिब हुसैन ने डेब्यू मैच में लिए 4 विकेट साकिब हुसैन ने डेब्यू मैच में अपने 4 ओवर में 24 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए। इसमें यशस्वी जायसवाल, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई का विकेट शामिल है। उन्होंने पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया था। 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर उन्होंने दूसरा विकेट लिया था। साकिब ने डोनोवन फरेरा को क्लीन बोल्ड किया था और जडेजा-फरेरा की शतकीय साझेदारी तोड़ी थी। इसी के साथ उन्होंने 17वें ओवर में बैक टू बैक दो विकेट लिए थे। उन्होंने आठवां विकेट जोफ्रा आर्चर और नौंवा विकेट रवि बिश्नोई का लिया था। साकिब ने रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया अपना नाम हुसैन ने अपनी तेज गति के साथ-साथ स्लोवर वन से प्रभावित किया। उन्होंने डेथ ओवर्स में भी किफायती गेंदबाजी की थी।साकिब अब IPL डेब्यू में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले (संयुक्त रूप से) भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने अश्वनी कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी की। MI के अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ डेब्यू करते हुए 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे।
आज IPL में CSK-SRH का मुकाबला:शानदार फॉर्म में ईशान किशन, गोपालगंज के साकिब पर भी रहेगी नजर, डेब्यू मैच में झटके थे 4 विकेट

आज IPL में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। SRH की कप्तानी बिहार के ईशान किशन कर रहे हैं। फिलहाल, SRH टीम पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है, जिसमें 5 में से 2 मैच जीते हैं। पिछले मैच में ईशान ने शानदार प्रदर्शन किया था और 30 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। उन्होंने मैच में 44 बॉल पर कुल 91 रन बनाए थे। दूसरी ओर बिहार के साकिब हुसैन ने भी अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। साकिब ने IPL के अपने डेब्यू मैच में ही किफायती 4 विकेट लिए थे। ईशान ने छक्का लगाकर अपना अर्धशतक किया था पूरा ईशान किशन ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 44 बॉल पर 91 रन बनाए थे, जिसमें 6 छक्के, 8 चौके शामिल थे। 10वें ओवर में रवि बिश्नोई की चौथी गेंद पर डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर उन्होंने अर्धशतक पूरा किया था। इससे पहले पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ मैच में ईशान 14वें ओवर की आखिरी बॉल पर 27 रन बनाकर आउट हुए थे। मार्को यानसन ने डीप मिडविकेट पर एक हाथ से ईशान का कैच पकड़ा था। अर्शदीप की बॉल पर वह आउट होकर वापस पवेलियन गए। इस दौरान उन्होंने 3 चौका और 1 छक्का मारा था। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में बनाए थे 80 रन ईशान किशन फ़िलहाल पैट कमिंस की जगह सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं। साकिब हुसैन ने डेब्यू मैच में लिए 4 विकेट साकिब हुसैन ने डेब्यू मैच में अपने 4 ओवर में 24 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए। इसमें यशस्वी जायसवाल, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई का विकेट शामिल है। उन्होंने पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया था। 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर उन्होंने दूसरा विकेट लिया था। साकिब ने डोनोवन फरेरा को क्लीन बोल्ड किया था और जडेजा-फरेरा की शतकीय साझेदारी तोड़ी थी। इसी के साथ उन्होंने 17वें ओवर में बैक टू बैक दो विकेट लिए थे। उन्होंने आठवां विकेट जोफ्रा आर्चर और नौंवा विकेट रवि बिश्नोई का लिया था। साकिब ने रिकॉर्ड बुक में दर्ज कराया अपना नाम हुसैन ने अपनी तेज गति के साथ-साथ स्लोवर वन से प्रभावित किया। उन्होंने डेथ ओवर्स में भी किफायती गेंदबाजी की थी।साकिब अब IPL डेब्यू में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले (संयुक्त रूप से) भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने अश्वनी कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी की। MI के अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ डेब्यू करते हुए 24 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे।








