पुरुषों की कमजोरी का देसी इलाज? महुआ-दूध का ये मिश्रण बना सकता है गेम चेंजर, जानिए सेवन का तरीका

Last Updated:April 18, 2026, 15:39 IST महुआ एक ऐसा पारंपरिक औषधीय तत्व है, जिसे सदियों से भारतीय देसी चिकित्सा और आयुर्वेद में सेहत के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है. गांवों और ग्रामीण इलाकों में इसका उपयोग न सिर्फ खाने-पीने में बल्कि कई तरह की घरेलू औषधियों में भी किया जाता रहा है. खास बात यह है कि जब महुआ का सेवन दूध के साथ किया जाता है, तो इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं. माना जाता है कि यह मिश्रण शरीर की कमजोरी दूर करने से लेकर मानसिक तनाव, नसों की समस्या और कई अन्य शारीरिक परेशानियों में राहत दे सकता है. यही वजह है कि आज भी लोग पारंपरिक नुस्खों के रूप में महुआ और दूध के इस मेल को अपनाते हैं, हालांकि इसका सेवन हमेशा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए. महुआ स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी होता है. भारत के कई राज्यों में इसका इस्तेमाल देसी शराब बनाने के लिए किया जाता है. इससे तैयार देसी शराब स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. यह कई तरह के पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, आयरन, फैट, आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट इत्यादि से भरपूर होता है. महुआ का सेवन कई अन्य तरीकों से भी किया जाता है. कुछ लोग महुआ का सेवन कई तरह के डिशेज को तैयार करने के लिए करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी महुआ का सेवन दूध के साथ किया है? अगर नहीं, तो आज से इसका सेवन करना शुरू कर दें. दूध और महुआ का मिश्रण स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है. इसके सेवन से एक्जिमा, मिर्गी और बवासीर जैसी परेशानी को कम किया जा सकता है. आइए विस्तार से जानते हैं महुआ और दूध का सेवन करने से होने वाले फायदे- डॉक्टर पल्लव ने लोकल 18 से बताया कि महुआ और दूध का एक साथ सेवन करने से पुरुषों की इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर किया जा सकता है. अगर आप शीघ्रपतन या फिर लो स्पर्म काउंट की समस्या से जूझ रहे हैं, तो महुआ के सूखे फूलों को दूध में उबालकर पिएं. इससे आपकी इंफर्टिलिटी की परेशानी दूर हो सकती है. साथ ही, सेक्स से जुड़ी अन्य समस्याएं भी कम हो सकती हैं. वहीं, महुआ और दूध का मिश्रण नसों की कमजोरी और न्यूरो मस्कुलर सिस्टम में होने वाली समस्याओं को दूर करने में असरदार साबित हो सकता है. इसके लिए दूध और महुआ को उबाल लें. इसमें 1 चम्मच शहद डालकर पिएं. इससे आपको काफी लाभ मिलेगा. Add News18 as Preferred Source on Google हाइपरटेंशन से बचाव करने में दूध और महुआ का मिश्रण आपके लिए लाभकारी हो सकता है. दरअसल, इस मिश्रण का सेवन करने से आपका दिमाग शांत होता है. साथ ही नर्वस सिस्टम सही तरीके से कार्य करता है, जिससे आप स्ट्रेस फ्री रहते हैं. अगर आप हाइपरटेंशन से जूझ रहे हैं, तो नियमित रूप से 1 गिलास महुआ और दूध के मिश्रण का सेवन करें. सर्दियों में खांसी-जुकाम और बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर करने में महुआ और दूध का मिश्रण लाभकारी हो सकता है. इसके लिए दूध और महुआ का मिश्रण रात में सोने से पहले करें. इससे आपकी सूखी खांसी की समस्या भी दूर हो सकती है. एक्जिमा की समस्या को दूर करने के लिए आप महुआ और दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आपकी स्किन पर निखार आ सकता है. इसका इस्तेमाल करने के लिए महुआ की पत्तियों का 1 चम्मच रस लें. इसमें 2 चम्मच कच्चे दूध को मिलाकर अपने फेस पर लगाएं. इससे एक्जिमा की परेशानी कम हो सकती है. साथ ही स्किन पर संक्रमण से बचाव करने में भी यह लाभकारी हो सकता है. महुआ के बीजों का सेवन गठिया के मरीजों के लिए लाभकारी होता है. इसके बीजों को दूध में उबालकर पीने से गठिया के दर्द और सूजन से राहत मिलता है. साथ ही यह बवासीर, सिरदर्द और स्किन की परेशानियों को कम करने में भी लाभकारी होता है. शरीर की फुर्ती को बढ़ाने में महुआ और दूध का मिश्रण आपके लिए लाभकारी हो सकता है. इसके लिए 50 ग्राम महुए के फूल लें. इसके करीब 1 गिलास दूध में उबाल लें. इस दूध को रोजाना पीने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है. साथ ही आपको अन्य फायदे भी होते हैं. महुआ और दूध का मिश्रण वात (गैस), पित्त और कफ (बलगम) दोष को दूर करने में लाभकारी होता है. गैस और एसिडिटी की परेशानी को कम करने के लिए आप 2 से 3 ग्राम महुआ की छाल का चूर्ण लें. इसे 1 गिलास दूध के साथ उबालकर पिएं. इससे गैस और एसिडिटी से आराम मिल सकता है. मासिक धर्म में होने वाली समस्याओं को दूर करने में महुआ और दूध का मिश्रण लाभकारी हो सकता है. इसके सेवन से पेट में ऐंठन, दर्द और ब्लड फ्लो बेहतर होता है. आनियमित मासिक धर्म की समस्याओं को दूर करने में भी दूध और महुआ का मिश्रण लाभकारी हो सकता है. अगर आपको पेट में दर्द और ऐंठन की परेशानी हो रही है, तो मासिक धर्म के दौरान महुआ के फूलों को दूध में उबालकर इसका सेवन करें, इससे आपको काफी आराम मिलेगा. वहीं, डॉक्टर पल्लव ने बताया कि महुआ और दूध का मिश्रण स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी हो सकता है, लेकिन ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में किसी भी चीज की अति आपके लिए नुकसानदेय हो सकती है. इसलिए अधिक मात्रा में इसका सेवन न करें. वहीं, अगर आप किसी गंभीर परेशानी से जूझ रहे हैं, तो इसका सेवन करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. कभी भी एक्सपर्ट से बिना सलाह लिए इसका सेवन न करें. इससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है. First Published : April 18, 2026, 15:39 IST
केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया:50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA 58% से बढ़कर 60% किया है। इससे पहले अक्टूबर में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। पिछला रिविजन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया था, जिसका भुगतान एरियर के साथ किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार (18 अप्रैल) को दिल्ली में हुई कैबिनेट बैठक में इसका ऐलान किया गया। इससे 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। केंद्र सरकार साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बदलाव करती है। इस फैसले से कर्मचारियों की मंथली सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन में इजाफा होता है। क्या है DA और यह क्यों जरूरी है? महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला ‘कॉस्ट-ऑफ-लिविंग’ एडजस्टमेंट है। इसका कैलकुलेशन बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में किया जाता है। इसका मुख्य मकसद बढ़ती कीमतों के बीच कर्मचारियों की वास्तविक आय की सुरक्षा करना है, ताकि उनकी सैलरी महंगाई के साथ तालमेल बिठा सके। 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे ₹69,000 करने की मांग यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने ज्ञापन में 3.83 के हायर फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर यह मांग मानी जाती है, तो न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹69,000 हो सकती है। संगठन ने सैलरी कैलकुलेशन के लिए परिवार की परिभाषा में आश्रित माता-पिता को शामिल करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने का सुझाव भी दिया है। हालांकि आठवें वेतन आयोग के लागू होने की टाइमलाइन का ऐलान अभी तक नहीं हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये जल्द लागू हो सकता है। लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक DA का क्या होगा? नए वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में ही कैलकुलेट किया जाता रहेगा। इसे हर छह महीने में जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है। यानी, 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता मिलता रहेगा। आयोग आने पर मौजूदा DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाएगा। यानी, अभी जो 58% DA मिल रहा है वो जीरो हो जाएगा। सैलरी-पेंशन और अलाउंस रिवाइज होगा 8वें सेंट्रल पे कमीशन का मकसद सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई की सैलरी, पेंशन और अलाउंस को रिवाइज करना है। इसमें महंगाई, एम्प्लॉई की जरूरतें और गवर्नमेंट की अफोर्डेबिलिटी को ध्यान में रखा जाएगा। केंद्र ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी शर्तों को मंजूरी दी थी। अब कमीशन के गठन के बाद ये अपनी सिफारिशें 18 महीने के अंदर देगा। समझिए 8वें वेतन मान का सैलरी कैलकुलेशन बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, ये फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर पर निर्भर करता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। 8वें में ये 3.83 हो सकता है। हर वेतन आयोग में DA जीरो से शुरू होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नई बेसिक सैलरी पहले से ही महंगाई को ध्यान में रखकर बढ़ाई जाती है। इसके बाद DA फिर से धीरे-धीरे बढ़ता है। अभी DA बेसिक पे का 60% है। DA के हटने से टोटल सैलरी (बेसिक + DA + HRA) में बढ़ोतरी थोड़ी कम दिख सकती है, क्योंकि 60% DA का हिस्सा हट जाएगा। उदाहरण: मान लीजिए, आप लेवल 6 पर हैं और 7वें वेतन आयोग के हिसाब से आपकी मौजूदा सैलरी है: 8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट 3.83 लागू होता है, तो नई सैलरी होगी: फिटमेंट फैक्टर क्या है? ये एक मल्टीप्लायर नंबर है, जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है। वेतन आयोग इसे महंगाई और लिविंग कॉस्ट को ध्यान में रखकर तय करता है। 8वें वेतन आयोग का फायदा किसे मिलेगा किसे नहीं राज्य अपने अलग पे कमीशन गठित करते हैं, जो संशोधन के बाद केंद्रीय सिफारिशों को अपनाते हैं। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों को वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलता क्योंकि वे भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर निर्भर रहते हैं। पिछले वेतन आयोग कब बने, कब लागू हुए? कमीशन जब सैलरी-पेंशन की सिफारिशें बनाएगा, तो ये 5 बातें ध्यान में रखेगा… सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार करता है कमीशन सेंट्रल पे कमीशन को हर कुछ सालों में बनाया जाता है, ताकि सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार किया जा सके। ये कमीशन देखता है कि क्या बदलाव जरूरी हैं और फिर सिफारिशें देता है। आम तौर पर, इन सिफारिशों को हर दस साल बाद लागू किया जाता है। इसी पैटर्न के हिसाब से 8वें सेंट्रल पे कमीशन की सिफारिशें भी जल्द लागू होने की उम्मीद है। आठवां वेतन आयोग जल्द लागू हो सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। यानी, कर्मचारियों को 17-18 महीने का एरियर एकमुश्त या किस्तों में मिलेगा। इससे 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। ये खबर भी पढ़ें… इस हफ्ते सोने-चांदी में बढ़त रही: सोना ₹1,328 बढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम हुआ, चांदी ₹10 हजार महंगी हुई इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में बढ़त रही। सोना 1,328 रुपए बढ़कर 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 10 अप्रैल, शुक्रवार को 1.50 लाख रुपए पर था। वहीं चांदी 2.40 लाख रुपए किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 10,006 रुपए बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ें…
केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया:50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने DA 58% से बढ़कर 60% किया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से सरकार का सालाना 6,791 करोड़ रुपए का खर्च बढ़ेगा। इससे पहले अक्टूबर में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। पिछला रिविजन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया था, जिसका भुगतान एरियर के साथ किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार (18 अप्रैल) को दिल्ली में हुई कैबिनेट बैठक में इसका ऐलान किया गया। इससे लगभग 50.5 लाख कर्मचारियों और 68.3 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। केंद्र सरकार साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बदलाव करती है। इस फैसले से कर्मचारियों की मंथली सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन में इजाफा होता है। क्या है DA और यह क्यों जरूरी है? महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला ‘कॉस्ट-ऑफ-लिविंग’ एडजस्टमेंट है। इसका कैलकुलेशन बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में किया जाता है। इसका मुख्य मकसद बढ़ती कीमतों के बीच कर्मचारियों की वास्तविक आय की सुरक्षा करना है, ताकि उनकी सैलरी महंगाई के साथ तालमेल बिठा सके। 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे ₹69,000 करने की मांग यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने ज्ञापन में 3.83 के हायर फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर यह मांग मानी जाती है, तो न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹69,000 हो सकती है। संगठन ने सैलरी कैलकुलेशन के लिए परिवार की परिभाषा में आश्रित माता-पिता को शामिल करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने का सुझाव भी दिया है। हालांकि आठवें वेतन आयोग के लागू होने की टाइमलाइन का ऐलान अभी तक नहीं हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये जल्द लागू हो सकता है। लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक DA का क्या होगा? नए वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में ही कैलकुलेट किया जाता रहेगा। इसे हर छह महीने में जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है। यानी, 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता मिलता रहेगा। आयोग आने पर मौजूदा DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाएगा। यानी, अभी जो 58% DA मिल रहा है वो जीरो हो जाएगा। सैलरी-पेंशन और अलाउंस रिवाइज होगा 8वें सेंट्रल पे कमीशन का मकसद सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई की सैलरी, पेंशन और अलाउंस को रिवाइज करना है। इसमें महंगाई, एम्प्लॉई की जरूरतें और गवर्नमेंट की अफोर्डेबिलिटी को ध्यान में रखा जाएगा। केंद्र ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी शर्तों को मंजूरी दी थी। अब कमीशन के गठन के बाद ये अपनी सिफारिशें 18 महीने के अंदर देगा। समझिए 8वें वेतन मान का सैलरी कैलकुलेशन बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, ये फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर पर निर्भर करता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। 8वें में ये 3.83 हो सकता है। हर वेतन आयोग में DA जीरो से शुरू होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नई बेसिक सैलरी पहले से ही महंगाई को ध्यान में रखकर बढ़ाई जाती है। इसके बाद DA फिर से धीरे-धीरे बढ़ता है। अभी DA बेसिक पे का 60% है। DA के हटने से टोटल सैलरी (बेसिक + DA + HRA) में बढ़ोतरी थोड़ी कम दिख सकती है, क्योंकि 60% DA का हिस्सा हट जाएगा। उदाहरण: मान लीजिए, आप लेवल 6 पर हैं और 7वें वेतन आयोग के हिसाब से आपकी मौजूदा सैलरी है: 8वें वेतन आयोग में अगर फिटमेंट 3.83 लागू होता है, तो नई सैलरी होगी: फिटमेंट फैक्टर क्या है? ये एक मल्टीप्लायर नंबर है, जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है। वेतन आयोग इसे महंगाई और लिविंग कॉस्ट को ध्यान में रखकर तय करता है। 8वें वेतन आयोग का फायदा किसे मिलेगा किसे नहीं राज्य अपने अलग पे कमीशन गठित करते हैं, जो संशोधन के बाद केंद्रीय सिफारिशों को अपनाते हैं। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों को वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलता क्योंकि वे भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर निर्भर रहते हैं। पिछले वेतन आयोग कब बने, कब लागू हुए? कमीशन जब सैलरी-पेंशन की सिफारिशें बनाएगा, तो ये 5 बातें ध्यान में रखेगा… सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार करता है कमीशन सेंट्रल पे कमीशन को हर कुछ सालों में बनाया जाता है, ताकि सैलरी सिस्टम, पेंशन जैसे मुद्दों पर विचार किया जा सके। ये कमीशन देखता है कि क्या बदलाव जरूरी हैं और फिर सिफारिशें देता है। आम तौर पर, इन सिफारिशों को हर दस साल बाद लागू किया जाता है। इसी पैटर्न के हिसाब से 8वें सेंट्रल पे कमीशन की सिफारिशें भी जल्द लागू होने की उम्मीद है। आठवां वेतन आयोग जल्द लागू हो सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह इम्प्लीमेंट होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। यानी, कर्मचारियों को 17-18 महीने का एरियर एकमुश्त या किस्तों में मिलेगा। इससे 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। ये खबर भी पढ़ें… इस हफ्ते सोने-चांदी में बढ़त रही: सोना ₹1,328 बढ़कर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम हुआ, चांदी ₹10 हजार महंगी हुई इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में बढ़त रही। सोना 1,328 रुपए बढ़कर 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 10 अप्रैल, शुक्रवार को 1.50 लाख रुपए पर था। वहीं चांदी 2.40 लाख रुपए किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 10,006 रुपए बढ़ी है। पूरी खबर पढ़ें…
Auto industry approves CAFE III; new rules to come into effect on April 1, 2027, will increase car prices

Hindi News Business Auto Industry Approves CAFE III; New Rules To Come Into Effect On April 1, 2027, Will Increase Car Prices नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक कड़े मानकों के अनुपालन और नई तकनीक अपनाने से उत्पादन लागत बढ़ेगी। बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी, हाइब्रिड और ईवी टेक्नोलॉजी अपनानी पड़ेगी। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने आगामी ईंधन दक्षता नियमों, ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (कैफे III), के प्रस्तावों पर आधिकारिक सहमति दे दी है। इससे कारों के दाम बढ़ना लगभग तय है। ऑटो इंडस्ट्री ने ईंधन दक्षता नियमों, ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (कैफे-III), के प्रस्तावों पर सहमति दे दी है। ये नए मानदंड अगले साल 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होंगे, जिनका उद्देश्य यात्री वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करना और ईंधन खपत में सुधार करना है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स’ (सियाम) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने इन दिशानिर्देशों का समर्थन किया है। हालांकि इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक कैफे-III मानक एंट्री-लेवल कारों की लागत में 17% तक की वृद्धि कर सकते हैं। कंपनियों को क्रेडिट खरीदना होगा, वित्तीय बोझ बढ़ना तय यदि कंपनियां उत्सर्जन लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहती हैं, तो उन्हें बीईई (ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी) से क्रेडिट खरीदना होगा। इसकी कीमत 2,500 रुपए प्रति ग्राम कार्बन (वित्त वर्ष 2028 में) से लेकर 4,500 रुपए (वित्त वर्ष 2032 तक) तक हो सकती है, जो कंपनियों के लिए एक अतिरिक्त वित्तीय बोझ होगा। लक्ष्य 2032: 19% तक इलेक्ट्रिक/हाइब्रिड मिक्स का दबाव, इससे दाम बढ़ेंगे कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक कैफे III के कड़े मानक पूरे करने के लिए हैचबैक सेगमेंट में 2032 तक कम से कम 19% बीईवी मिक्स की जरूरत होगी। इस बदलाव से दाम बढ़ेंगे। बजट कारों की अफोर्डेबिलिटी पर सीधा असर पड़ेगा। इन नए नियमों से 7 से 17% तक बढ़ सकती है लागत एक रिपोर्ट के अनुसार तकनीकी अपग्रेड से जीएसटी और अन्य खर्चों को जोड़कर कारों की कीमतें करीब ₹25,000 (लगभग 7%) बढ़ जाएंगी। यदि कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल या कार्बन-न्यूट्रल ईंधन का विकल्प चुनती हैं, तो यह बोझ ₹65,000 प्रति वाहन तक जा सकता है, जो एंट्री-लेवल कारों के लिए 17% की भारी वृद्धि होगी। साथ ही, कंपनियां ईवी की तरफ तेजी से शिफ्ट होंगी। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक कैफे-III के कड़े मानक पूरे करने के लिए हैचबैक सेगमेंट में 2032 तक कम से कम 19% बीईवी मिक्स की जरूरत होगी। इस बदलाव से बजट कारों की अफोर्डेबिलिटी पर असर पड़ सकता है। इलेक्ट्रिफिकेशन की जरूरत अब 10% तक, अभी 5% ही वित्त वर्ष 2028 तक नियमों के पालन के लिए इंडस्ट्री को 9-10% इलेक्ट्रिक/हाइब्रिड मिक्स की जरूरत होगी, जो वर्तमान में करीब 5% है। हालांकि, 2031-32 तक यह जरूरत बढ़कर 17-19% तक पहुंच जाएगी। केंद्र ने ईवी के लिए 3.0x का मल्टीप्लायर बरकरार रखा है, लेकिन स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड के लिए इसे 2.0x से घटाकर 1.6x कर दिया है। नए नियमों से किन कंपनियों को फायदा मिल सकता है नए नियमों से टाटा मोटर्स सबसे मजबूत स्थिति में है क्योंकि उसके पास पहले से 15% इलेक्ट्रिक व्हीकल मिक्स है। मारुति सुजुकी को हल्के बेड़े के कारण लाभ मिलेगा। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए लक्ष्य थोड़े कड़े हैं, जबकि हुंडई के लिए मौजूदा पाइपलाइन के कारण लक्ष्यों को पाना सबसे चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आगे की राह, अंतिम अधिसूचना जल्द जारी कर सकता है केंद्र सरकार जल्द कैफे III की अंतिम अधिसूचना जारी कर सकती है। नए ड्राफ्ट में एक ‘पासबुक क्रेडिट सिस्टम’ भी पेश किया गया है, जो कंपनियों को घाटे या मुनाफे को अगले ब्लॉक में ले जाने की सुविधा देगा। इसके अलावा, उत्सर्जन मापने के लिए एमआईडीसी के बजाय अधिक सख्त डब्ल्यूएलटीपी परीक्षण पद्धति अपनाई जा सकती है, जिससे आने वाले समय में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। विवाद खत्म, छोटी कारों के लिए अलग श्रेणी की जरूरत नहीं कुछ वाहन कंपनियों ने छोटी कारों के लिए अलग श्रेणी की मांग की थी। लेकिन ड्राफ्ट में किए गए बदलावों के बाद इसकी जरूरत महसूस नहीं की गई। नए नियमों के तहत उत्सर्जन मानकों के कर्व को इस तरह बदला गया है कि हल्की और छोटी कारों को राहत मिली है, जबकि 1,600 किलो से अधिक वजन वाले भारी वाहनों के लिए मानक अधिक कड़े कर दिए गए हैं। 8 अप्रैल के ड्राफ्ट में छोटी कारों को 13 ग्राम CO2/किमी की बड़ी राहत दी गई है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, कैफे III नियमों का असर अलग-अलग कंपनियों पर अलग होगा। इन कड़े मानकों के अनुपालन और नई तकनीक अपनाने से उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर कारों की कीमतों पर पड़ेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
गैस किल्लत: 42° में कतारें, भट्ठियों पर बन रहा खाना:रायसेन में शादियों के सीजन में बढ़ी मांग, परिजन घंटों इंतजार को मजबूर

रायसेन में 42 डिग्री तापमान और शादी सीजन के चलते गैस सिलेंडर की भारी किल्लत सामने आ रही है। शनिवार को सांची रोड और सागर रोड स्थित गैस एजेंसियों पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलेंडर लेने पहुंचे, जहां उन्हें घंटों तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि उन्होंने जरूरत के अनुसार गैस की मांग कंपनी को भेजी है, लेकिन पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। शादियों के सीजन में मांग अचानक बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। चार तस्वीरों में देखिए गैस संकट… शादी वाले घरों के सामने बड़ा संकट शादी वाले परिवारों को एक-दो नहीं बल्कि 4 से 5 सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन उन्हें एक-एक सिलेंडर ही दिया जा रहा है। ऐसे में परिजनों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि शादी तो करनी ही है, लेकिन गैस की कमी ने तैयारियों को मुश्किल बना दिया है। गैस संकट का असर कैटरिंग व्यवसाय और मैरिज गार्डन पर भी साफ नजर आ रहा है। कुछ गार्डन संचालकों ने कार्यक्रम लेने से मना कर दिया है, जबकि कई लोग वैकल्पिक व्यवस्थाओं में जुटे हैं। लकड़ी की भट्ठियों का सहारा लेने की नौबत शगुन गार्डन के संचालक दिनेश अग्रवाल के अनुसार सिलेंडर की व्यवस्था आयोजकों की जिम्मेदारी है। वहीं भगवती गार्डन के संचालक प्रमोद कांकर ने बताया कि एक शादी में 10 से 12 सिलेंडरों की जरूरत होती है, जो वर्तमान स्थिति में जुटाना मुश्किल है। ऐसे में गार्डन में लकड़ी की भट्ठियां तैयार करवाई जा रही हैं, ताकि खाना बनाने में दिक्कत न आए।
हिमाचल में ‘एक महिला MLA’ बोलकर फंसी कंगना:सोशल मीडिया में हो रहीं ट्रोल; सांसद की बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठा रहे यूजर्स

हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा से सांसद एवं बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौट सोशल मीडिया में ट्रोल हो रही हैं। इस बार ट्रोलिंग की वजह कंगना द्वारा संसद में दिया गया वह भाषण बना है, जिसमें उन्होंने कहा कि हिमाचल में सिर्फ एक ही महिला विधायक है। हालांकि, कंगना का यह बयान दो-तीन दिन पहले का है, मगर इससे जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसके बाद लोग सांसद कंगना की बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि हिमाचल में एक नहीं बल्कि तीन महिला विधायक हैं। इनमें दो विधायक कांग्रेस और एक बीजेपी की है। नारी शक्ति वंदन बिल पर बोलते हुए कंगना ने कहा- सांसद उदाहरण देते हुए कहती हैं कि हिमाचल में 68 विधानसभा क्षेत्र हैं, लेकिन हमारे पास सिर्फ एक महिला MLA है, सिर्फ एक। पूरे देश की असेंबली का यही दर चल रहा है, जो कि 9 से 8 फीसदी के आसपास है। लोकसभा में जरूर 13 फीसदी है, लेकिन यह भी वैश्विक दर के नजदीक नहीं है। आज यह महान उत्सव हमारी जिंदगी में आया है। कंगना आगे कहती हैं- प्रधानमंत्री का एक शब्द ध्यान में आया है- ‘पेट में चूहे दौड़ना’, जब भी कुछ अच्छा होने लगता है, तो चूहे इनके (कांग्रेस) दौड़ने लगते हैं। भाषण वायरल होने के बाद विवादों में घिरी कंगना इस भाषण के वायरल होने के बाद कंगना विवादों में घिर गई हैं और कुछ यूजर तो उन्हें वोट देने वालों पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। श्याम सोनू कुमार नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि ‘मंडी संसदीय क्षेत्र का भविष्य उस सांसद के हाथ में है, जिसे हिमाचल के बारे में यह पता नहीं कि विधानसभा में कितनी महिलाएं हैं- यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है।’ पहले पता करो, फिर बोलो- कनू कनू शर्मा ने लिखा कि पहले कुछ पता करो, फिर बोलो। यूसी बौध लिखते हैं कि क्योंकि आपको भविष्य में भी बोलने का मौका मिलेगा, मेरा सुझाव है कि आप लिखित भाषण दें और तथ्य अपने स्टाफ से वेरिफाई करवा लें। जब भी बोलती हैं, हिमाचलियों की बेइज्जती करवाती हैं। ये कैसी सांसद, जिन्हें अपने राज्य का ज्ञान नहीं: पंकज पंकज शर्मा लिखते हैं कि यह कैसी सांसद हैं, जिन्हें अपने ही राज्य का ज्ञान नहीं है। हिमाचल विधानसभा में एक नहीं, तीन महिला विधायक हैं। इसी तरह अन्य सोशल मीडिया यूजर भी कंगना को ट्रोल कर रहे हैं। यह पहला अवसर नहीं है जब कंगना विवादों में घिरी हो। पहले भी कंगना कई बार ऐसे बयानों के कारण ट्रोल हो चुकी हैं। कंगना रनोट हिमाचल के PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह को जिताकर मंडी से सांसद चुनी गई है।
छतरपुर में शादी के मंडप वाले दिन चोरी:दीवार तोड़कर 3 लाख के जेवर-नकदी ले गए; आरोपियों की तलाश जारी

छतरपुर जिले के ओरछा रोड थाना क्षेत्र में शादी की तैयारियों के बीच बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। ग्राम कैड़ी निवासी लल्जू श्रीवास के घर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोरों ने धावा बोल दिया, जिससे शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की है, जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। चोर मकान के पीछे के हिस्से से आए और पक्की दीवार तोड़कर घर के अंदर प्रवेश कर गए। सुबह करीब 5 बजे जब परिजन जागे तो घर का सामान बिखरा हुआ मिला। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। तीन तस्वीरों में देखिए पुलिस की जांच… 3 लाख के जेवर और नकदी लेकर फरार हुए चोर चोर घर में रखे मंगलसूत्र, करधनी, पायल, नथ, झुमकी सहित अन्य जेवर और नकदी लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोर जल्दबाजी में कुछ सामान घर से कुछ दूरी पर छोड़कर भागे हैं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में तलाशी शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बुरहानपुर में प्रदर्शनकारियों के साथ बैठे मंत्री:41 डिग्री में सिलावट और विधायक ने जमीन पर बैठकर सुनी बात; अंबेडकर का बैनर फाड़ने पर विरोध

बुरहानपुर में शनिवार को प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट के सामने समाजजनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शाहपुर के अडगांव में डॉ. अंबेडकर का बैनर फाड़ने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोग नाराज थे। मंत्री सिलावट और विधायक अर्चना चिटनिस 41 डिग्री तापमान में प्रदर्शनकारियों के साथ जमीन पर बैठ गए। वर्तमान में मंत्री ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन लोग गिरफ्तारी होने तक प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं। अंबेडकर का बैनर फाड़ने पर बवाल, 24 घंटे में नहीं हुई गिरफ्तारी जल संसाधन एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट शनिवार को बुरहानपुर पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट में विकास सलाहकार समिति की बैठक और एक कार्यक्रम के बाद वे बाहर निकले। वहां बड़ी संख्या में लोग पहले से इकट्ठा थे। प्रदर्शनकारी शाहपुर के अडगांव में बाबा साहब अंबेडकर के बैनर को फाड़ने का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर 24 घंटे में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया था। गिरफ्तारी नहीं होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। 41 डिग्री में जमीन पर बैठे मंत्री और विधायक, दिया आश्वासन नारेबाजी कर रहे लोगों को मनाने के लिए प्रभारी मंत्री सिलावट और बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस 41 डिग्री सेल्सियस की तेज गर्मी में उनके साथ जमीन पर बैठ गए। उन्होंने भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तु मेढ़े और अन्य समाजजनों को समझाया। मंत्री सिलावट ने कहा कि डॉ. अंबेडकर राष्ट्र का गौरव हैं। इस गतिविधि में जो भी लिप्त होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं, भीम आर्मी ने साफ कर दिया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक वे अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को देश माफ नहीं करेगा प्रभारी मंत्री सिलावट कलेक्ट्रेट में नारी शक्ति वंदन अभियान के हस्ताक्षर कार्यक्रम में भी शामिल हुए। महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने कहा कि जो लोग मां शक्ति का विरोध कर रहे हैं, उनका असली चेहरा सामने आ गया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रहे इस पवित्र कार्य का विरोध करने वालों को देश और मातृ शक्ति कभी माफ नहीं कर सकती। भ्रष्टाचार की जांच होगी, मृत मछलियों पर दिए निर्देश क्रिटिकल केयर सेंटर में सामग्री खरीदी को लेकर हुए भ्रष्टाचार के आरोपों पर मंत्री ने जांच कराने की बात कही है। पिछले दिनों तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार मोसेस ने सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा पर ये आरोप लगाए थे। इसके अलावा, ताप्ती नदी के राजघाट पर तीन-चार दिनों से सैकड़ों मृत मछलियां मिलने के मामले में भी मंत्री सिलावट ने संज्ञान लिया है। उन्होंने महापौर माधुरी पटेल से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
Hansika Motwanis Divorce Struggle | Family & Therapy Gave Strength

6 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी ने हाल ही में तलाक के बाद के मुश्किल दौर पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पति सोहेल खतूरिया से अलग होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थीं और जिंदगी के डार्क फेज से गुजरीं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हंसिका ने इंटरव्यू में कहा कि तलाक ने उनकी जिंदगी की नींव हिला दी थीं। इस दौरान उन्हें सबसे ज्यादा सहारा परिवार से मिला। उन्होंने बताया कि परिवार ने हर कदम पर साथ दिया और इस मुश्किल समय से बाहर निकलने में मदद की। एक्ट्रेस के मुताबिक, इस दौर से उबरने में थेरेपी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल मदद से अपनी भावनाओं को समझने और संभालने का मौका मिला। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को संभाला और जिंदगी को नए नजरिए से देखना शुरू किया। हंसिका ने बताया कि उन्होंने आध्यात्म (स्पिरिचुअलिटी) का सहारा लिया, जिससे उन्हें मानसिक शांति मिली। यह उनके हीलिंग प्रोसेस का अहम हिस्सा बना। हंसिका और सोहेल ने 2022 में शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया। दोनों ने आपसी सहमति से मार्च 2026 में तलाक ले लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अलगाव शांतिपूर्ण रहा और हंसिका ने किसी तरह की एलिमनी की मांग नहीं की। तलाक के बाद हंसिका खुद को पहले से बेहतर और मजबूत महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वह जिंदगी में आगे बढ़ चुकी हैं। _______________________________________ यह खबर भी पढ़ें हंसिका मोटवानी और सोहेल खतूरिया का तलाक:4 साल बाद खत्म हुआ रिश्ता, एक्ट्रेस ने नहीं मांगी कोई एलिमनी एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी और बिजनेसमैन सोहेल खतूरिया ने आपसी सहमति से अपनी शादी खत्म कर ली है। मुंबई की फैमिली कोर्ट ने दोनों को म्यूचुअल डिवोर्स दे दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पिछले साल यानी 2024 से अलग-अलग रह रहे थे और अब कानूनी तौर पर भी उनका रिश्ता खत्म हो गया है।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Hansika Motwanis Divorce Struggle | Family & Therapy Gave Strength

21 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी ने हाल ही में तलाक के बाद के मुश्किल दौर पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पति सोहेल खतूरिया से अलग होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थीं और जिंदगी के डार्क फेज से गुजरीं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हंसिका ने इंटरव्यू में कहा कि तलाक ने उनकी जिंदगी की नींव हिला दी थीं। इस दौरान उन्हें सबसे ज्यादा सहारा परिवार से मिला। उन्होंने बताया कि परिवार ने हर कदम पर साथ दिया और इस मुश्किल समय से बाहर निकलने में मदद की। एक्ट्रेस के मुताबिक, इस दौर से उबरने में थेरेपी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल मदद से अपनी भावनाओं को समझने और संभालने का मौका मिला। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को संभाला और जिंदगी को नए नजरिए से देखना शुरू किया। हंसिका ने बताया कि उन्होंने आध्यात्म (स्पिरिचुअलिटी) का सहारा लिया, जिससे उन्हें मानसिक शांति मिली। यह उनके हीलिंग प्रोसेस का अहम हिस्सा बना। हंसिका और सोहेल ने 2022 में शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया। दोनों ने आपसी सहमति से मार्च 2026 में तलाक ले लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अलगाव शांतिपूर्ण रहा और हंसिका ने किसी तरह की एलिमनी की मांग नहीं की। तलाक के बाद हंसिका खुद को पहले से बेहतर और मजबूत महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वह जिंदगी में आगे बढ़ चुकी हैं। _______________________________________ यह खबर भी पढ़ें हंसिका मोटवानी और सोहेल खतूरिया का तलाक:4 साल बाद खत्म हुआ रिश्ता, एक्ट्रेस ने नहीं मांगी कोई एलिमनी एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी और बिजनेसमैन सोहेल खतूरिया ने आपसी सहमति से अपनी शादी खत्म कर ली है। मुंबई की फैमिली कोर्ट ने दोनों को म्यूचुअल डिवोर्स दे दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पिछले साल यानी 2024 से अलग-अलग रह रहे थे और अब कानूनी तौर पर भी उनका रिश्ता खत्म हो गया है।पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








