Wednesday, 03 Jun 2026 | 02:15 AM

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विराट कोहली के सपोर्ट में उतरीं अमीषा पटेल:जर्मन मॉडल की फोटो लाइक करने पर हो रही ट्रोलिंग पर बोलीं- कहा- ये कोई पाप है क्या

विराट कोहली के सपोर्ट में उतरीं अमीषा पटेल:जर्मन मॉडल की फोटो लाइक करने पर हो रही ट्रोलिंग पर बोलीं- कहा- ये कोई पाप है क्या

क्रिकेटर विराट कोहली, इंस्टाग्राम पर जर्मन मॉडल की तस्वीर लाइक कर चर्चा का विषय बन गए हैं। कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, तो कुछ उनकी आलोचना कर रहे हैं। इसी बीच एक्ट्रेस अमीषा पटेल, क्रिकेटर के सपोर्ट में उतरी हैं। उनका कहना है कि ये किसी की भी तस्वीर लाइक करना कोई पाप नहीं है। हाल ही में मुंबई में स्पॉट हुईं अमीषा पटेल से विराट कोहली पर सवाल किया गया था। इस पर एक्ट्रेस ने कहा, ‘मैं समझ नहीं पा रही हूं। लाइक करना कोई पाप है क्या। उनका इंस्टाग्राम, उनकी मर्जी, लाइक करें। लोगों को बस ट्रोल करना ही आता है। उनके पास कोई काम धंधा ही नहीं है। अच्छी बात है किसी के अच्छे काम को लाइक करना। उनकी लाइफ, उनका इंस्टाग्राम, उनकी मर्जी। ट्रोल करना पाप है, किसी को लाइक करना नहीं।’ कैसे शुरू हुआ विवाद? हाल ही में एक फोटोग्राफर ने एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें जर्मन मॉडल लिजलाज की फोटो पर विराट कोहली के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से लाइक किया गया था। इसके साथ फोटोग्राफर ने लिखा था, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें, जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रहे हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं, हाहा, धन्यवाद GOAT।’ फोटोग्राफर की पोस्ट सामने आने के बाद से ही विराट को ट्रोल किया जाने लगा। ट्रोलिंग की एक वजह ये थी कि कुछ समय पहले ही विराट कोहली के ऑफिशियल अकाउंट से एक्ट्रेस अवनीत कौर की फोटो लाइक की गई थी। ट्रोलिंग होने पर तब विराट कोहली ने सफाई में कहा था कि उन्होंने अवनीत का फोटो लाइक नहीं की है, ये इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम की गलती थी। जर्मन मॉडल के फॉलोवर्स बढ़े, दी सफाई सुर्खियों में आने के बाद हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए जर्मन मॉडल लिजलाज ने कहा, ‘मैं सुबह उठी तो देखा कि मैं खबरों में हूं। मुझे नहीं पता था कि विराट ने कब फोटो लाइक की। लोगों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म की खबरें मुझे भेजीं। मुझे बहुत सारे मैसेज मिले और लोग काफी उत्साहित थे।’

विराट कोहली के सपोर्ट में उतरीं अमीषा पटेल:जर्मन मॉडल की फोटो लाइक करने पर हो रही ट्रोलिंग पर बोलीं- कहा- ये कोई पाप है क्या

विराट कोहली के सपोर्ट में उतरीं अमीषा पटेल:जर्मन मॉडल की फोटो लाइक करने पर हो रही ट्रोलिंग पर बोलीं- कहा- ये कोई पाप है क्या

क्रिकेटर विराट कोहली, इंस्टाग्राम पर जर्मन मॉडल की तस्वीर लाइक कर चर्चा का विषय बन गए हैं। कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, तो कुछ उनकी आलोचना कर रहे हैं। इसी बीच एक्ट्रेस अमीषा पटेल, क्रिकेटर के सपोर्ट में उतरी हैं। उनका कहना है कि ये किसी की भी तस्वीर लाइक करना कोई पाप नहीं है। हाल ही में मुंबई में स्पॉट हुईं अमीषा पटेल से विराट कोहली पर सवाल किया गया था। इस पर एक्ट्रेस ने कहा, ‘मैं समझ नहीं पा रही हूं। लाइक करना कोई पाप है क्या। उनका इंस्टाग्राम, उनकी मर्जी, लाइक करें। लोगों को बस ट्रोल करना ही आता है। उनके पास कोई काम धंधा ही नहीं है। अच्छी बात है किसी के अच्छे काम को लाइक करना। उनकी लाइफ, उनका इंस्टाग्राम, उनकी मर्जी। ट्रोल करना पाप है, किसी को लाइक करना नहीं।’ कैसे शुरू हुआ विवाद? हाल ही में एक फोटोग्राफर ने एक स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें जर्मन मॉडल लिजलाज की फोटो पर विराट कोहली के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से लाइक किया गया था। इसके साथ फोटोग्राफर ने लिखा था, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें, जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रहे हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं, हाहा, धन्यवाद GOAT।’ फोटोग्राफर की पोस्ट सामने आने के बाद से ही विराट को ट्रोल किया जाने लगा। ट्रोलिंग की एक वजह ये थी कि कुछ समय पहले ही विराट कोहली के ऑफिशियल अकाउंट से एक्ट्रेस अवनीत कौर की फोटो लाइक की गई थी। ट्रोलिंग होने पर तब विराट कोहली ने सफाई में कहा था कि उन्होंने अवनीत का फोटो लाइक नहीं की है, ये इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम की गलती थी। जर्मन मॉडल के फॉलोवर्स बढ़े, दी सफाई सुर्खियों में आने के बाद हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए जर्मन मॉडल लिजलाज ने कहा, ‘मैं सुबह उठी तो देखा कि मैं खबरों में हूं। मुझे नहीं पता था कि विराट ने कब फोटो लाइक की। लोगों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म की खबरें मुझे भेजीं। मुझे बहुत सारे मैसेज मिले और लोग काफी उत्साहित थे।’

बुखार के बाद कमजोरी: बुखार के बाद क्यों बनी रहती है सुस्ती? इन 5 खाद्य पदार्थों से तत्काल क्रियाकलाप

बुखार के बाद कमजोरी: बुखार के बाद क्यों बनी रहती है सुस्ती? इन 5 खाद्य पदार्थों से तत्काल क्रियाकलाप

बुखार के बाद कमजोरी: बुखार उतरने का मतलब यह नहीं है कि शरीर पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। अक्सर बुखार के बाद शरीर में ऐसी कमजोरी और सुस्ती छा जाती है कि छोटा-सा काम भी करना पड़ता है जैसा कि लीख लगता है। हाथ-पैरों में दर्द, चक्कर आना और हर वक्त रुकते रहना का मन करना। ये लक्षण बताते हैं कि आपके शरीर को अब ‘रिकवरी मॉड’ की जरूरत है। अगर आप भी इस पोस्ट-बुखार थकान से जूझ रहे हैं, तो इन 5 सुपरफूड्स की सलाह से आप अपनी रैंक को दोगुना कर सकते हैं। आख़िर बुख़ार के बाद कमज़ोरी क्यों आती है? जब हमें बुखार होता है, तो हमारा इमामत सिस्टम से लड़ने के लिए पूरी ताकत मिलती है। इस प्रक्रिया में शरीर की काफी ऊर्जा खर्च होती है और मेटाबोलिज्म की समस्या पैदा होती है। साथ ही, बुखार के दौरान भूख कम लगना और पत्थरों के माध्यम से शरीर से जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का निकलना हमें बेहतर रूप से ड्राई कर देता है। नारियल का पानी इलेक्ट्रेशन का पावरहाउस है बुखार के दौरान शरीर में पानी की भारी कमी हो जाती है। नारियल का पानी कोई एकमात्र प्रयोगशाला नहीं है, बल्कि इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर की खोई हुई ऊर्जा को तुरंत वापस लाते हैं। यह पेट पर प्रभाव डालता है और शरीर के तापमान को बनाए रखने में मदद करता है। मूंग दाल की बेहतरीन रेसिपी बुखार के बाद पाचन तंत्र क्रियाशील रहता है, इसलिए भारी भोजन खाने से परहेज करना चाहिए। मूंग की दाल प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है और स्वाद के रूप में यह आसानी से पच जाता है। इसमें छोटे सा घी और अदरक से लेकर शरीर तक की ताकत और स्वाद भी वापस आता है। विटामिन-सी बढ़ी हुई इम्यूनिटी कमजोरी को दूर करने के लिए इम्युनिटी का मजबूत होना जरूरी है। संतरा, मौसंबी, नींबू और कीवी जैसे फलों में विटामिन-सी की प्रचुर मात्रा होती है। ये फल शरीर के सेल्स की मरम्मत करते हैं और थकान महसूस करने वाले फ्री रेडिकल्स से खींचे जाते हैं। फलों का सबसे तेज़ तरीका है। अंडे से बने अंडे शरीर को प्रोटीन देते हैं यदि आप गैर-शाकाहारी हैं, तो कच्चे अंडे का सेवन अवश्य करें। बुखार के बाद प्लास्टर में जो जेली और कमजोरी होती है, उसे ठीक करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन की जरूरत होती है। अंडे में मौजूद विटामिन बी12 और फोलेट थकान को खत्म करने में सहायक होते हैं। डॉक्युमेंट्स और नट्स इंस्टीट्यूशनल बादाम, ट्रेंडी और ट्रेंडी जैसे गेहूं मेवे ऊर्जा के मिश्रित स्रोत हैं। इनमें से कई टुकड़े और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। विशेष रूप से सुझाए गए बादाम और तकनीशियन से हीमोग्लोबिन का स्तर बेहतर होता है और मस्तिष्क की सूजन दूर होती है। ये भी पढ़ें – टिप्स और ट्रिक्स: फ़िरोज़ में भी रख-रखा रहा है सुखा रहा है धनिया तो अपनाएं ये ट्रिक, सप्ताह भर रहेगा हरा-भरा अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)बुखार ठीक करने वाले खाद्य पदार्थ(टी)बुखार के बाद ऊर्जा बढ़ाएं(टी)बीमारी के बाद का आहार(टी)प्रतिरक्षा बढ़ाने वाला आहार(टी)बुखार के बाद कमजोरी का इलाज(टी)बुखार के बाद क्या खाएं(टी)बुखार के बाद की खुराक(टी)कमजोरी के लिए सर्वश्रेष्ठ खाद्य पदार्थ(टी)प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले फूड्स(टी)एनर्जी रिकवर करने का तरीका

दावा- तानिया चटर्जी को युजवेंद्र चहल ने भेजा मानहानि नोटिस:एक्ट्रेस ने कहा- मैंने किसी की इमेज खराब नहीं की, क्रिकेटर का सम्मान करती हूं

दावा- तानिया चटर्जी को युजवेंद्र चहल ने भेजा मानहानि नोटिस:एक्ट्रेस ने कहा- मैंने किसी की इमेज खराब नहीं की, क्रिकेटर का सम्मान करती हूं

एक्ट्रेस तानिया चटर्जी ने हाल ही में दावा किया था कि क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने उन्हें इंस्टाग्राम पर ‘क्यूट’ लिखकर मैसेज किया था। अब एक्ट्रेस ने दावा किया है कि इस बयान के बाद चहल ने उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा है। शुक्रवार को पैपराजी से बातचीत में तानिया चटर्जी ने बताया कि उनका वायरल वीडियो एक हल्की-फुल्की बातचीत का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह इतना वायरल हो जाएगा। वीडियो सामने आने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें लगातार निशाना बना रहे हैं, जबकि दूसरे पक्ष पर कोई सवाल नहीं उठाए जा रहे। तानिया के अनुसार, उन्हें चहल की तरफ से नोटिस और मैसेज मिला है। हालांकि, नोटिस की रकम या लीगल डिटेल्स पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार किया और बताया कि यह मामला उनके वकील देख रहे हैं। नोटिस पर बोलने से किया इनकार तानिया ने साफ किया कि उन्होंने किसी की इमेज खराब करने की कोशिश नहीं की। उनके मुताबिक, डिफेमेशन का मतलब किसी के बारे में गलत या अपमानजनक बातें कहना होता है, जो उन्होंने नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह चहल का सम्मान करती हैं और एक भारतीय क्रिकेटर होने के नाते उन पर गर्व है। एक्ट्रेस ने बताया कि चहल ने साल 2023 में मैसेज किया था। लेकिन उन्होंने बहुत बाद में वो मैसेज देखा। सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर तानिया ने कहा कि उन्हें पोस्ट हटाने के लिए मैसेज और धमकी जैसे मैसेज मिल रहे हैं, जिससे वह डर गई हैं। उन्होंने अंत में कहा कि यह सब मजाक में शुरू हुआ था, लेकिन अब मामला सीरियस हो गया है और लोगों को चीजों को हल्के में लेना सीखना चाहिए।

सतना के अस्पताल में मरीज ने की फायरिंग:बेड पर शराब पीने से डॉक्टर ने रोका; गाली-गलौज कर कट्टे से चलाई गोली

सतना के अस्पताल में मरीज ने की फायरिंग:बेड पर शराब पीने से डॉक्टर ने रोका; गाली-गलौज कर कट्टे से चलाई गोली

सतना जिले के उचेहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार देर रात करीब 12:30 बजे भर्ती मरीज 23 वर्षीय शिवम द्विवेदी ने बेड पर शराब पीने से रोकने पर डॉक्टर से गाली-गलौज की और अस्पताल के बाहर कट्टे से फायर कर दिया। घटना में ड्यूटी डॉक्टर बाल-बाल बच गए और आरोपी मरीज अपनी बाइक से फरार हो गया। वर्तमान में अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश कर रही है। कमजोरी के कारण भर्ती था मरीज, बेड पर पीने लगा शराब जानकारी के अनुसार, कोठी रमपुरवा (थाना उचेहरा) निवासी 23 वर्षीय शिवम द्विवेदी पिछले दो दिनों से कमजोरी के चलते डॉक्टर की सलाह पर अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती था। शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे वार्ड स्टाफ ने शिवम को बिस्तर पर शराब पीते देखा। स्टाफ ने तुरंत इसकी सूचना ड्यूटी डॉक्टर दीपक पांडेय को दी। डॉक्टर ने रोका तो किया विवाद, बाहर जाकर चलाई गोली सूचना मिलने पर डॉक्टर पांडेय मौके पर पहुंचे और मरीज शिवम को अस्पताल परिसर में शराब पीने से मना किया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। डॉक्टर की चेतावनी से नाराज शिवम ने डॉक्टर और वार्ड बॉय के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब डॉक्टर वहां से जाने लगे, तो शिवम भी अस्पताल के बाहर पहुंचा। उसने अपनी बाइक स्टार्ट की, कट्टे से फायर किया और मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस फायरिंग में डॉक्टर दीपक पांडेय बाल-बाल बच गए। डायल 112 पर दी सूचना, BMO ने की पुलिस से शिकायत घटना के बाद डॉक्टर ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो चुका था। रात में ही घटनाक्रम से बीएमओ को भी अवगत कराया गया। गोली चलने से अस्पताल में भर्ती मरीजों में दहशत का माहौल है। बीएमओ डॉक्टर ए के राय ने बताया, “शिवम को दो दिन पहले भर्ती किया गया था। लेकिन वह बोतल चढ़वाने के बाद घर चला जाता था। शुक्रवार को भी शिवम रात अस्पताल आया और वार्ड में बोतल चढ़वाने के बाद बेड पर बैठ कर शराब पीने लगा।” अस्पताल स्टाफ से घटना की जानकारी होने पर शनिवार को टीआई उचेहरा सतीश मिश्रा को अस्पताल प्रबंधन की ओर से शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर आरोपी की धरपकड़ के प्रयास कर रही है।

‘लोकतंत्र की जीत’: लोकसभा में परिसीमन विधेयक की हार के बाद प्रियंका गांधी | भारत समाचार

West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam And Puducherry Election News Today (Photo: File/ANI)

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 12:40 IST केंद्र द्वारा सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाने के बाद एक संविधान संशोधन विधेयक एक महत्वपूर्ण बाधा को दूर करने में विफल रहा। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा (फाइल फोटो) लोकसभा में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक गिरने के एक दिन बाद, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को केंद्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार की “लोकतंत्र को कमजोर करने” की कोशिश विफल हो गई है। 2029 में विधानसभाओं में महिला आरक्षण विधेयक को सक्षम करने और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए एक संविधान संशोधन विधेयक एक महत्वपूर्ण बाधा को दूर करने में विफल रहा क्योंकि केंद्र सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। राष्ट्रीय राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, वायनाड से सांसद गांधी ने कहा, “कल, यह लोकतंत्र की जीत थी। लोकतंत्र को कमजोर करने की सरकार की कोशिश विफल हो गई है। यह केंद्र में लंबे समय तक बने रहने की साजिश थी। यह देश की महिलाओं को इसके लिए इस्तेमाल करने का एक प्रयास था।” उन्होंने कहा, “इस बिल का महिलाओं से कोई लेना-देना नहीं है। जब विपक्ष एकजुट होता है तो यही होता है। यह कांग्रेस ही थी जो 1928 में यह विचार लेकर आई थी।” कांग्रेस नेता ने महिला कोटा विधेयक, 2023 – जिसमें प्रस्तावित किया गया है कि आरक्षण अगली जनगणना और उसके बाद परिसीमन के पूरा होने के बाद प्रभावी होगा – को संसद में मंजूरी देने की मांग की। गांधी ने कहा, “हम चाहते हैं कि 2023 का कानून पारित हो। संशोधन करें, हम विधेयक का समर्थन करेंगे।” लोकसभा में 3 विधेयक हारे तीन प्रमुख विधेयक – संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक, और केंद्र शासित प्रदेश अधिनियम (संशोधन) विधेयक – लोकसभा में हार गए क्योंकि केंद्र सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा। संदर्भ के लिए, सरकार को सदन में विधेयक पारित करने के लिए साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है। हालाँकि, यदि सरकार संविधान में संशोधन का प्रस्ताव करती है, तो एक विशेष बहुमत (प्रत्येक सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले दो-तिहाई सदस्य) की आवश्यकता होती है। विधेयक की हार पर निराशा व्यक्त करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे एक महत्वपूर्ण सुधार पर आम सहमति का एक चूका हुआ अवसर बताया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 12:40 IST न्यूज़ इंडिया ‘लोकतंत्र की जीत’: लोकसभा में परिसीमन विधेयक की हार के बाद प्रियंका गांधी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण विधेयक(टी)प्रियंका गांधी वाद्रा(टी)संविधान 131वां संशोधन(टी)लोकसभा हार(टी)महिला कोटा बिल(टी)भारतीय संसद सुधार(टी)दो-तिहाई बहुमत(टी)कांग्रेस विरोध

Shaan Masood Leads Pakistan Squad

Shaan Masood Leads Pakistan Squad

Hindi News Sports Shaan Masood Leads Pakistan Squad | Bangladesh Tour; Sarfaraz Ahmed Coach 15 मिनट पहले कॉपी लिंक शान मसूद को बांग्लादेश दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए कप्तान बनाया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। 8 मई से ढाका में शुरू होने वाली इस सीरीज में शान मसूद टीम की कप्तानी करेंगे। इस स्क्वॉड में चार अनकैप्ड खिलाड़ियों को शामिल किया है। यह सीरीज ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा है। 4 नए चेहरों को मौका, बाबर और शाहीन टीम में बरकरार टीम में अब्दुल्ला फजल, अमाद बट, अजान ओवैस और मोहम्मद गाजी घोरी के रूप में चार नए खिलाड़ियों को जगह मिली है। वहीं, टीम में अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी और विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान को भी शामिल किया गया है। फिलहाल अजान ओवैस, इमाम-उल-हक और साजिद खान जैसे खिलाड़ी लाहौर के नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) कैंप में तैयारी कर रहे हैं। सरफराज अहमद को नई जिम्मेदारी, असद शफीक और उमर गुल भी कोचिंग स्टाफ में इस दौरे के लिए कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव किया गया है। पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है। सरफराज की कप्तानी में पाकिस्तान ने 2006 में अंडर-19 वर्ल्ड कप और 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। उनके साथ पूर्व क्रिकेटर असद शफीक को बैटिंग कोच और उमर गुल को बॉलिंग कोच की जिम्मेदारी दी गई है। ढाका और सिलहट में होंगे मैच सीरीज का पहला मुकाबला 8 से 12 मई तक ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट 16 से 20 मई तक सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होगा। कराची में लगेगा ट्रेनिंग कैंप, 2 मई को रवाना होगी टीम बांग्लादेश रवानगी से पहले पाकिस्तानी टीम 27 अप्रैल से 1 मई तक कराची में एक विशेष ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेगी। जो खिलाड़ी फिलहाल पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेल रहे हैं, वे अपनी टीम का सफर खत्म होने के बाद इस कैंप से जुड़ेंगे। PSL फाइनल में खेलने वाले खिलाड़ी सीधे बांग्लादेश पहुंच सकते हैं। टीम 2 मई को ढाका के लिए उड़ान भरेगी। पाकिस्तान की 16 सदस्यीय टीम: शान मसूद (कप्तान), अब्दुल्ला फजल, अमाद बट, अजान ओवैस, बाबर आजम, हसन अली, इमाम-उल-हक, खुर्रम शहजाद, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), मोहम्मद गाजी घोरी (विकेटकीपर), नोमान अली, साजिद खान, सलमान अली आगा, सऊद शकील और शाहीन शाह अफरीदी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

श्रीनगर की सड़कों पर ​फिर दौड़ लगा रहा तांगा:बुजुर्गों को याद आए बीते दिन, जेन-जी ले रहे सेल्फी और बना रहे रील्स

श्रीनगर की सड़कों पर ​फिर दौड़ लगा रहा तांगा:बुजुर्गों को याद आए बीते दिन, जेन-जी ले रहे सेल्फी और बना रहे रील्स

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर की सड़कों पर एक पुरानी याद फिर से ‘दौड़ती’ नजर आने लगी है। आसपास के इलाकों में कुछ लोगों ने आजीविका के लिए फिर तांगा चलाना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक 70 साल के बुजुर्ग शख्स गुलाम रसूल कुमार भी 40 साल बाद फिर से श्रीनगर के पुराने इलाकों की सड़कों पर तांगा (घोड़ा-गाड़ी) दौड़ाते नजर आ रहे हैं। गुलाम रसूल 1967 से 1985 के बीच अपना गुजारा चलाने के लिए तांगा चलाते थे। हालांकि, 1985 के बाद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें यह काम छोड़ना पड़ा और बाद में उन्होंने मजदूरी का काम शुरू कर दिया। पेट्रोल डीजल संकट के बीच उन्होंने हाल ही में एक घोड़ा खरीदा और उसे घोड़ा गाड़ी में बदल दिया। श्रीनगर की सड़कों पर तांगा शान से दौड़ रहा है, कुमार कहते हैं कि यह प्रदूषणमुक्त है, हादसे का डर भी नहीं और घोड़े का रखरखाव भी ज्यादा महंगा नहीं।’ तांगे में एक साथ 6 लोग बैठ सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि कुमार ने कोई रेट फिक्स नहीं किया है। सवारी अपनी इच्छा से 20 या 30 रुपए अधिक ही दे देती है। वे रोजाना 700 से 1000 रुपए तक कमा लेते हैं। ’ सड़क पर तांगा दौड़ते देख शहर के बुजुर्गों को आज भी वो समय याद आता है, जब तांगा सिर्फ सवारी नहीं बल्कि शान की पहचान होता था। मंत्री, बड़े अफसर और अमीर लोग तांगे में ही सफर करते थे। 30 साल के तांगा चालक मोहम्मद अशरफ के अनुसार, युवा इसे एक अनोखे अनुभव की तरह देखते हैं। वे इसके साथ सेल्फी खिंचवाते हैं और वीडियो बनाते हैं। तांगे की सवारी से विरासत और संस्कृति के दर्शन वर्तमान में आगरा में ताजमहल के आसपास और कर्नाटक में मैसूर की विरासत और संस्कृति के दर्शन के लिए इस शहर के कुछ इलाकों में तांगा प्रचलन में है। राजस्थान में उदयपुर में पर्यटकों को तांगे से शहर का भ्रमण कराया जाता है। वहीं, बीकानेर के पुराने शहरी इलाकों में हवेलियों व ऐतिहासिक स्थलों की सैर तांगे से कराई जाती है। चार दशक पहले सजा-धजा तांगा मालिक का रसूख दिखाता था 1985 से पहले शहरों में तांगा आम और खास दोनों की पसंद था। सजा-धजा तांगा और ताकतवर घोड़ा मालिक का रसूख दिखाता था। हालांकि नियम भी सख्त हुआ करते थे। ज्यादा सवारी बैठाने पर या घोड़े के साथ सख्त व्यवहार करने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती थी। लेकिन वक्त बदला। कारों और ऑटो-रिक्शा का दबदबा बढ़ गया। ऐसे समय में दूसरे चंद तांगा चालकों के साथ ही बुजुर्ग गुलाम रसूल का तांगा पुरानी यादों को फिर जीवंत कर रहा है।

RPSC RAS Result Released | Ajmers Hariyansh Secures 17th Rank

RPSC RAS Result Released | Ajmers Hariyansh Secures 17th Rank

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने RAS परीक्षा-2024 के इंटरव्यू समाप्त होने के शनिवार (18 अप्रैल) को रिजल्ट जारी कर दिया है। आयोग ने टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की है। अजमेर जिले के किशनगढ़ के पास गांव उजोली के रहने वाले हरियश राजपुरोहित ने 17वीं रैंक हासिल . वैकेंसी निकालने से लेकर फाइनल रिजल्ट तक के सफर में इस बार महज 1 साल 7 महीने और 17 दिन का ही समय लगा। जल्द ही प्रदेश को 1096 नए प्रशासनिक अधिकारी मिलेंगे। इसमें राज्य सेवा के 428 और अधीनस्थ सेवा के 668 अफसर होंगे। 17 अप्रैल (कल) ही इंटरव्यू समाप्त हुए थे। इसके बाद रिजल्ट जारी करने की उम्मीद थी, लेकिन रिजल्ट जारी नहीं किया गया। अब आरएएस-2026 की नई वैकेंसी का भी इंतजार है। ………… पढें ये खबर भी…. RAS-2024 का रिजल्ट जारी, बाड़मेर के दिनेश ने किया टॉप:हेड कॉन्स्टेबल के बेटे की दूसरी रैंक, RPSC ने 10 कैंडिडेट का रिजल्ट रोका राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने RAS परीक्षा-2024 का रिजल्ट जारी कर दिया है। बाड़मेर के दिनेश विश्नोई ने टॉप किया है वहीं, जैसलमेर के वीरेंद्र चारण की दूसरी रैंक है। हेड कॉन्स्टेबल के बेटे वीरेंद्र वर्तमान में तहसीलदार हैं। आयोग ने शनिवार सुबह कुल 2391 कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट जारी की है। इस परीक्षा के लिए 17 अप्रैल को इंटरव्यू खत्म हुए थे। पूरी खबर पढें

श्रीनगर की सड़कों पर ​फिर दौड़ लगा रहा तांगा:बुजुर्गों को याद आए बीते दिन, जेन-जी ले रहे सेल्फी और बना रहे रील्स

श्रीनगर की सड़कों पर ​फिर दौड़ लगा रहा तांगा:बुजुर्गों को याद आए बीते दिन, जेन-जी ले रहे सेल्फी और बना रहे रील्स

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर की सड़कों पर एक पुरानी याद फिर से ‘दौड़ती’ नजर आने लगी है। आसपास के इलाकों में कुछ लोगों ने आजीविका के लिए फिर तांगा चलाना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक 70 साल के बुजुर्ग शख्स गुलाम रसूल कुमार भी 40 साल बाद फिर से श्रीनगर के पुराने इलाकों की सड़कों पर तांगा (घोड़ा-गाड़ी) दौड़ाते नजर आ रहे हैं। गुलाम रसूल 1967 से 1985 के बीच अपना गुजारा चलाने के लिए तांगा चलाते थे। हालांकि, 1985 के बाद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें यह काम छोड़ना पड़ा और बाद में उन्होंने मजदूरी का काम शुरू कर दिया। पेट्रोल डीजल संकट के बीच उन्होंने हाल ही में एक घोड़ा खरीदा और उसे घोड़ा गाड़ी में बदल दिया। श्रीनगर की सड़कों पर तांगा शान से दौड़ रहा है, कुमार कहते हैं कि यह प्रदूषणमुक्त है, हादसे का डर भी नहीं और घोड़े का रखरखाव भी ज्यादा महंगा नहीं।’ तांगे में एक साथ 6 लोग बैठ सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि कुमार ने कोई रेट फिक्स नहीं किया है। सवारी अपनी इच्छा से 20 या 30 रुपए अधिक ही दे देती है। वे रोजाना 700 से 1000 रुपए तक कमा लेते हैं। ’ सड़क पर तांगा दौड़ते देख शहर के बुजुर्गों को आज भी वो समय याद आता है, जब तांगा सिर्फ सवारी नहीं बल्कि शान की पहचान होता था। मंत्री, बड़े अफसर और अमीर लोग तांगे में ही सफर करते थे। 30 साल के तांगा चालक मोहम्मद अशरफ के अनुसार, युवा इसे एक अनोखे अनुभव की तरह देखते हैं। वे इसके साथ सेल्फी खिंचवाते हैं और वीडियो बनाते हैं। तांगे की सवारी से विरासत और संस्कृति के दर्शन वर्तमान में आगरा में ताजमहल के आसपास और कर्नाटक में मैसूर की विरासत और संस्कृति के दर्शन के लिए इस शहर के कुछ इलाकों में तांगा प्रचलन में है। राजस्थान में उदयपुर में पर्यटकों को तांगे से शहर का भ्रमण कराया जाता है। वहीं, बीकानेर के पुराने शहरी इलाकों में हवेलियों व ऐतिहासिक स्थलों की सैर तांगे से कराई जाती है। चार दशक पहले सजा-धजा तांगा मालिक का रसूख दिखाता था 1985 से पहले शहरों में तांगा आम और खास दोनों की पसंद था। सजा-धजा तांगा और ताकतवर घोड़ा मालिक का रसूख दिखाता था। हालांकि नियम भी सख्त हुआ करते थे। ज्यादा सवारी बैठाने पर या घोड़े के साथ सख्त व्यवहार करने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती थी। लेकिन वक्त बदला। कारों और ऑटो-रिक्शा का दबदबा बढ़ गया। ऐसे समय में दूसरे चंद तांगा चालकों के साथ ही बुजुर्ग गुलाम रसूल का तांगा पुरानी यादों को फिर जीवंत कर रहा है।