Rinku Singh Varanasi Visit | Priya Saroj Welcomes Cricketer; Kashi Vishwanath Darshan

क्रिकेटर रिंकू सिंह सोमवार को वाराणसी पहुंचे। बाबतपुर एयरपोर्ट पर मंगेतर प्रिया सरोज रिंकू को रिसीव किया। रिंकू ब्लैक कलर की टीशर्ट और ट्राउजर पहने थे जबकि प्रिया सरोज ने पिंक लखनऊ चिकन कुर्ता और ब्लू जींस में दिखीं। . दोनों कल यानी मंगलवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। एयरपोर्ट पर रिंकू सिंह को देखकर फैंस सेल्फी और आटोग्राफ लेने लगे। यहां से रिंकू सिंह सीधे ताज होटल निकल गए। हालांकि करीबियों का कहना है कि पहले रिंकू सिंह अपनी मंगेतर के परिवार वालों से मिलेंगे। 2 तस्वीरें देखिए… IPL में KKR की ओर से खेल रहे रिंकू सिंह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ओर से खेलते हुए IPL 2026 में रविवार के मैच में उन्होंने जीत दिलाई। कोलकाता-राजस्थान के मैच में 34 बॉल पर नाबाद 53 रन बनाए। साथ ही टीम को 4 विकेट से जीत दिलाई। रिंकू की प्रिया सरोज से 2025 में हुई थी सगाई, IPL के बाद शादी होनी है यह तस्वीर 6 अगस्त 2025 की है। इस दिन रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की सगाई हुई थी। रिंकू के माता-पिता के साथ सपा चीफ अखिलेश यादव भी मौजूद थे। रिंकू और सपा सांसद प्रिया सरोज की सगाई हो चुकी है। दोनों इसी साल जून, 2026 में 7 फेरे लेने वाले हैं। पिछले साल लखनऊ में रिंकू और प्रिया की रिंग सेरेमनी हुई थी। सूत्रों का कहना है कि पिता के निधन के बाद रिंकू की शादी की तारीख पर परिवार फिर से विचार कर सकता है। इससे पहले दो बार रिंकू-प्रिया की शादी की तारीख आगे बढ़ी थी। 18 नवंबर, 2025 को पहली तारीख तय हुई, लेकिन क्रिकेट सीरीज के कारण टल गई। फरवरी, 2026 को दूसरी तारीख निकली, लेकिन वर्ल्ड कप के चलते कैंसिल करनी पड़ी। रिंकू के बड़े भाई सोनू सिंह ने बताया था कि जब रिंकू IPL से फ्री होंगे, तभी शहनाई बजेगी। शादी काशी में होगी। रिसेप्शन अलीगढ़ में रखा जाएगा। अब पढ़िए रिंकू सिंह के संघर्ष की कहानी पापा को मेहनत करते देख, परेशान हो जाते थे रिंकू रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का कड़ा संघर्ष छिपा था। खानचंद अलीगढ़ में एक गैस एजेंसी पर हॉकर का काम करते थे। अपने 5 बेटों और बेटी की अच्छी परवरिश के लिए उन्होंने कई साल घर-घर सिलेंडर पहुंचाए। पहले वह साइकिल पर डिलीवरी करते थे, फिर लोगों के घरों में टेंपो से सिलेंडर पहुंचाने लगे। रिंकू बचपन में पिता को इस तरह मेहनत को देखकर परेशान हो जाते थे। उन्होंने वादा किया था कि पापा…एक दिन मैं आपका सहारा बनूंगा और आपको इस कड़ी मेहनत से निजात दिलाऊंगा। क्रिकेट में कामयाब होते ही रिंकू ने पापा से किया अपना वादा भी पूरा किया। उनकी मां वीना देवी घर की जिम्मेदारियां संभालती हैं। रिंकू 5 भाई और एक बहन में चौथे नंबर पर हैं। बड़े भाई सोनू, मुकुल और शीलू हैं। जबकि बहन नेहा और भाई जीतू, रिंकू से छोटे हैं। उनका परिवार एक समय बुलंदशहर के दानगढ़ में रहता था। जो बाद में अलीगढ़ में शिफ्ट हो गया। रिंकू के पिता आखिरी इंटरव्यू में बोले- बेटा तो स्टार है… टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के मैच के दिन रिंकू सिंह के पिता ने खानचंद ने दैनिक भास्कर से बात की थी। उन्होंने कहा था कि मैच अच्छा रहा। मेरी तबीयत थोड़ी खराब थी। लेकिन जैसे ही चौका लगा, मैं बिल्कुल ठीक महसूस करने लगा। उन्होंने कहा था- मैंने ये पूरा मैच देखा। रिंकू स्टार है। उसे और बॉल मिलती तो और रन बनते। रिंकू ने 4 बॉल पर 11 रन बनाए थे। एक चौका और एक छक्का जड़ा था। बड़े मैच में छोटे स्कोर भी बहुत मददगार होते हैं, ये बहुत खुशी की बात है। परिवार के सदस्यों ने बताया था कि खानचंद जब अपने घर की टीवी स्क्रीन पर मैच देख रहे थे। रिंकू को खेलता देखकर वह भावुक हो गए। इसके बाद वह रिंकू के शुरुआती दिनों को याद कर परेशान हो गए थे। तब उन्होंने कहा था कि बेटे ने यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की। मगर अब सब ठीक है। —————— ये खबर भी पढ़ें विराट और अनुष्का संत प्रेमानंद से मिलने पहुंचे:अक्षय तृतीया पर्व पर गुरु के साथ सत्संग किया; दोनों की बाबा से यह पांचवीं मुलाकात क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने सोमवार को अक्षय तृतीया पर अपने गुरु संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। दोनों ने प्रेमानंद महाराज का सत्संग भी सुना। यह उनकी 5वीं मुलाकात थी। पढ़िए पूरी खबर
Trump Fury Erupts, White House Denies Report

वॉशिंगटन डीसी16 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान युद्ध के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी F-15 जेट गिरने के बाद भड़क गए थे। वे कई घंटों तक अधिकारियों पर चिल्लाते रहे। द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी वजह से अधिकारियों ने उन्हें वार रूम की अहम ब्रीफिंग्स से दूर रखा। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है। 3 अप्रैल को ईरान के ऊपर अमेरिकी F-15 जेट गिरने के बाद दो एयरमैन लापता हो गए थे। एक को तुरंत बचा लिया गया, लेकिन दूसरा 24 घंटे से ज्यादा समय तक दुश्मन इलाके में फंसा रहा। रिपोर्ट में सीनियर अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ट्रम्प को स्थिति की जानकारी केवल जरूरी मौकों पर फोन से दी जा रही थी। उन्हें रियल-टाइम ऑपरेशन वाली बैठकों में शामिल नहीं किया गया क्योंकि अधिकारियों को लगा कि उनकी बेसब्री का असर फैसलों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट में बताया है कि, F-15 जेट के ईरान में गिरने की खबर सुन ट्रम्प अधिकारियों पर भड़क उठे थे। (फाइल फोटो) ट्रम्प ने तुरंत कार्रवाई का दबाव बनाया रिपोर्ट के अनुसार, गुड फ्राइडे के दिन जब ट्रम्प को एयरमैन के लापता होने की जानकारी मिली तो उन्होंने सेना से कहा कि ‘उन्हें तुरंत वापस लाओ।’ उन्होंने तेज कार्रवाई की मांग की, जबकि ईरान के अंदर ऑपरेशन जटिल और जोखिम भरा था। अमेरिकी सेना दशकों से ईरान की जमीन पर ऑपरेशन नहीं कर रही थी। ऐसे में अधिकारियों को तय करना था कि बिना पकड़े दुश्मन इलाके में कैसे घुसा जाए और एयरमैन को कैसे निकाला जाए। ट्रम्प रेस्क्यू के वक्त सिचुएशन रूम में नहीं थे एयरमैन के रेस्कयू ऑपरेशन के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स समेत कई अधिकारी सिचुएशन रूम से लगातार अपडेट ले रहे थे। ये बैठकें अगले 24 घंटे तक चलीं लेकिन ट्रम्प इनमें शामिल नहीं थे। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रम्प इस स्थिति की तुलना ईरान बंधक संकट से कर रहे थे जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति को चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा था। यह घटना उनके दिमाग में लगातार चल रही थी और जैसे-जैसे ऑपरेशन आगे बढ़ा, उनकी चिंता भी बढ़ती गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी करते हुए। यह फोटो 28 फरवरी की है। ऑपरेशन सफल होने के बाद ट्रम्प ने तारीफ की अमेरिकी एजेंसियों ने लापता एयरमैन को लगातार खोज रही थीं। 4 अप्रैल की शाम को उसे भी सुरक्षित निकाल लिया गया। एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, यह मिशन CIA की मदद से पूरा हुआ, जिसने एयरमैन की लोकेशन का पता लगाया। अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को “घास के ढेर में सुई खोजने” जैसा बताया। रिपोर्ट के अनुसार, CIA ने एक भ्रामक अभियान भी चलाया, जिसमें यह फैलाया गया कि एयरमैन पहले ही मिल चुका है, ताकि दुश्मन गुमराह रहे। रेस्क्यू के बाद ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर ऑपरेशन की तारीफ की और बचाए गए सैनिक को बहादुर योद्धा बताया। अगले ही दिन ट्रम्प ने गालियों भरा पोस्ट किया रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ट्रम्प ने अगले ही दिन सोशल मीडिया पर ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने को लेकर गालियों भरा संदेश पोस्ट किया। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रम्प ने जानबूझकर संदेश में धार्मिक भाषा और ‘अल्लाह’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया ताकि ईरान के नेताओं को असहज किया जा सके। 7 अप्रैल को उन्होंने और सख्त बयान दिया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो “पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।” हालांकि, कुछ घंटों बाद उन्होंने 8 अप्रैल से दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान भी किया। WSJ के मुताबिक, इन बयानों के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ी और अमेरिकी सांसदों ने व्हाइट हाउस से ट्रम्प की मानसिक स्थिति को लेकर जानकारी मांगी। ————————– ये खबर भी पढ़ें… ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट:36 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया, ट्रम्प बोले- यह इतिहास का सबसे साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन अमेरिका के F-15E फाइटर जेट के दोनों पायलट्स को 36 घंटे के भीतर ईरान से रेस्क्यू कर लिया गया। इसके मेन पायलट को शुक्रवार रात को ही बचा लिया था, जबकि एयरमैन यानी वेपन सिस्टम ऑफिसर को शनिवार रात रेस्क्यू किया गया। अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने एयरमैन को बचाने के लिए एक खास ऑपरेशन चलाया था, जिसमें सैकड़ों अमेरिकी कमांडो शामिल थे। इन्होंने ईरान के कॉफी अंदर जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन किया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार सुबह सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “अफसर को चोटें आई हैं, लेकिन वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा।” ट्रम्प ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन करार दिया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Katni Auto Driver Extortion VIDEO; Workers Pay 1020 Rupees

कटनी में एक ऑटो चालक की दादागिरी का मामला सामने आया है। पुणे से मजदूरी कर लौट रहे दो युवकों से कटनी जंक्शन से मुड़वारा स्टेशन तक (करीब 2 किमी) जाने के लिए ऑटो चालक ने जबरन 1020 रुपए वसूल लिए और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। . 18 अप्रैल को पीड़ित दीपक यादव और आकाश यादव (निवासी शहडोल) रीवा-राजकोट एक्सप्रेस से कटनी पहुंचे थे। उन्हें मुड़वारा स्टेशन से शहडोल की ट्रेन पकड़नी थी। ई-रिक्शा चालक ने पहले 30 रुपए सवारी का लालच दिया, लेकिन मुड़वारा पहुंचते ही मुकर गया। उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और प्रति सवारी 510 रुपए की मांग की। दुकान पर ले जाकर कराया ऑनलाइन पेमेंट मजदूरों के पास नकद पैसे नहीं थे, तो चालक उन्हें जबरन एक मोबाइल दुकान पर ले गया। वहां दुकानदार के नंबर पर ‘फोन पे’ के जरिए 1020 रुपए ट्रांसफर करवाए और दुकानदार से कैश लेकर वहां से भाग निकला। पीड़ित ने बताया कि चालक पहले 400-400 रुपए मांग रहा था, लेकिन बाद में डरा-धमकाकर 220 रुपए और ले लिए। दो युवकों ने पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाया है। वीडियो पोस्ट होने पर पुलिस सक्रिय यह घटना 18 अप्रैल की है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। कटनी के नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया ने कहा कि शिकायत मिलते ही एफआईआर (FIR) दर्ज कर चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले भी ऐसे चालकों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
53% Candidates Not Graduates, 13% Women Get Tickets; 630 Crorepati

Hindi News National Bengal Election: 53% Candidates Not Graduates, 13% Women Get Tickets; 630 Crorepati कोलकाता19 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 23% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा करीब 208 उम्मीदवार BJP से हैं। वहीं, 192 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध का केस है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने चुनाव लड़ रहे कुल 2920 उम्मीदवारों के एफिडेविट का एनालिसिस किया है। इनमें 630 उम्मीदवार करोड़पति हैं, यानी हर 5 में से 1 उम्मीदवार करोड़पति है। रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीदवारों की औसत संपत्ति करीब ₹1.28 करोड़ है। सबसे ज्यादा करीब 72% उम्मीदवार TMC के करोड़पति हैं, जबकि BJP में यह आंकड़ा करीब 49% है। एजुकेशन की बात करे तो 48% उम्मीद वार 5वीं से 12वीं तक पढ़े हैं, जबकि 47% उम्मीदवार ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं। राज्य में दो फेज में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। रिजल्ट 4 मई को आएगा। चारों बड़ी पार्टियों के 481 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले BJP, TMC, कांग्रेस और CPI(M) के कुल 1074 उम्मीदवारों में से 481 उम्मीदवारों पर आपराधिक केस दर्ज हैं। इनमें करीब 35 उम्मीदवारों पर हत्या से जुड़े आरोप हैं, जबकि 192 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज हैं। 8 केडिडैट्स पर रेप का आरोप है। वहीं, इन दलों के करीब 412 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। चुनाव लड़ रही प्रमुख पार्टियों ने करीब 26% से लेकर 72% तक टिकट ऐसे उम्मीदवारों को दिए हैं, जिन पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। बंगाल TMC के जाकिर होसैन सबसे अमीर, 4 के पास संपत्ति ही नहीं मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर सीट से टीएमसी के जाकिर होसैन 2026 बंगाल विधानसभ चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। उनकी कुल संपत्ति 133 करोड़ रुपए से ज्यादा है। वहीं, बांकुरा जिले के बरजोरा सीट से टीएमसी उम्मीदवार गौतम मिश्रा 105 करोड़ के साथ दूसरे नंबर पर है। पश्चिम मेदिनीपुर की मेदिनीपुर सीट से AJUP की रुबिया बेगम की संपत्ति सिर्फ 500 रुपए है। 4 ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति जीरो बताई है। हर उम्मीदवार की औसत संपत्ति करीब 1.27 करोड़ रुपए है। TMC के एक उम्मीदवार की एवरेज संपत्ति 5.4 करोड़, BJP की 2.9 करोड़, कांग्रेस की 1.55 करोड़ और CPI(M) की 1.07 करोड़ रुपए है। सिर्फ 13% महिलाओं को टिकट 2011 जनगणना के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में महिलाओं की संख्या पुरुषों के लगभग बराबर है। इसके बावजूद पार्टियों ने सिर्फ करीब 13% (385) टिकट महिलाओं को दिए हैं। शिक्षा के मामले में, चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में करीब 47% उम्मीदवार ग्रेजुएट नहीं हैं, जबकि 47% उम्मीदवार ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं। वहीं, करीब 47% उम्मीदवारों की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच है। चुनाव लड़ रहे करीब 29% (854) उम्मीदवार 25 से 40 साल के हैं। करीब 53% (1567) उम्मीदवार 41 से 60 साल के हैं। इसके अलावा, करीब 17% (495) उम्मीदवार 61 से 80 साल के हैं। वहीं, 4 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी उम्र 80 साल से भी ज्यादा है। ———— ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में खड़गे बोले- मोदी झूठों के सरदार:उनके खाने और दिखाने के दांत अलग; हिमंता बोले- बाबरी मस्जिद बनाने वालों, बंगाल तुम्हारे बाप का नहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बंगाल के कूचबिहार में कहा कि नरेंद्र मोदी ‘झूठों के सरदार’ हैं। वह चुनाव जीतने के लिए झूठ बोलते हैं। खड़गे ने कहा- अगर सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती तो वह ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाए और सबसे पूछे कि इसे कैसे लागू करें? लेकिन मोदी सरकार ने पार्लियामेंट का सेशन बुलाया ताकि दिखा सके कि उसे महिला आरक्षण की परवाह है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
‘भ्रष्टाचार और कलाकार से जनता’, तमिलनाडु-बंगाल चुनाव को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का DMK-TMC पर हमला

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में चुनावी मोरक्को: पियोव्सोव गोयल क़ानून-व्यवस्था पर जनता में आक्रोश: गोयल तमिल में स्टालिन सरकार को हटाने का जनता का मन पश्चिम बंगाल में भी बदलाव की हवा, विकास की चाह विधानसभा चुनाव 2026: मध्य वाणिज्य और अप्रैल उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार (20, 2026) को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव के लिए अब सिर्फ तीन दिन आराम किया गया है और दोनों राज्यों में साफ तौर पर मोरोना बादल का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि किके और ममता बनर्जी के असंबद्धता में भारी मात्रा में निर्माण, संस्थागत कानून-व्यवस्था और संस्थागत विफलता के कारण जनता में काफी आक्रोश है। उन्होंने दावा किया कि उनके कट्टरपंथियों, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एंटोनियो नबीन जनता से मजबूत समर्थन मिल रहे हैं, जिनसे उन्हें बहुत उम्मीद है। यह भी पढ़ें: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: सुशासन बाबू के बिहार आउटलुक पर राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को लेकर उठाया ये बड़ा दावा स्टालिन सरकार को उखाड़ फेंकेगी तमिल की जनताः गोयल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि तमिलनाडु में हवा का रुख बदल गया है। वहां की जनता ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली कंपनी ने राज्य की सत्ता को समाप्त करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि लोग स्टालिन परिवार के विक्टोर से बहुत नाराज हैं। उन्होंने असीमित निर्माण के लिए राज्य को बंधक बना लिया है। वीडियो | तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल चुनाव के बारे में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (@पीयूषगोयल) कहते हैं, “हम तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव से तीन दिन दूर हैं, बहुत स्पष्ट रूप से दोनों राज्यों में हवा बदल गई है, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है… pic.twitter.com/g6AlliX4Qj – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 20 अप्रैल 2026 उन्होंने आगे आरोप लगाया कि तमिल में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पूरी तरह से खराब हो गई है, नशे की समस्या काफी बढ़ रही है। टेंडर, पोस्टर, पोस्टिंग, गिरफ़्तार, ट्रैक्टर ट्रेक्टर और भूमि आवंटन में, हर जगह अवशेष और विकास रुका हुआ है। पश्चिम बंगाल को लेकर क्या बोले केंद्रीय मंत्री? वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी तमिलनाडु प्रशासन पूरी तरह चरमरा गया है। बंगाल के स्थानीय सार्वजनिक अवसरों की कमी से यात्रा जारी है, क्योंकि राज्य में घुसपैठियों का उत्साह बढ़ रहा है। इन मालदीव में दोनों राज्यों में बदलाव की हवा साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में जनता विकास चाहती है, वैज्ञानिक सरकार और बदलाव चाहती है। इसलिए पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तमिलनाडु में एआईएडीएमके के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) चुनाव में आने वाले बहुमत से जीतेगी। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘टीएमसी और बीजेपी की लड़ाई में बंगाल के युवाओं का नुकसान’, सिलीगुड़ी में रोजगार का मुद्दा उठेगा
इछावर में मामूली विवाद में चाकूबाजी, दो गंभीर घायल:आरोपी थाने तक पीछा करते पकड़ा गया

सीहोर जिले के इछावर थाना क्षेत्र में सोमवार को मामूली विवाद को लेकर हुई चाकूबाजी में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, इछावर थाना क्षेत्र में एक मामूली बात पर हुए विवाद के बाद एक आरोपी ने राम लखन नामक व्यक्ति पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी राम लखन का पीछा करते हुए थाने परिसर तक पहुंच गया, जहां पुलिस ने उसे चाकू सहित हिरासत में ले लिया। इस घटना के कुछ देर बाद, घायल राम लखन के परिजनों ने आरोपी के भाई जितेंद्र के साथ मारपीट की। जितेंद्र भी इस मारपीट में घायल हुआ। गंभीर रूप से घायल राम लखन को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: सुशासन बाबू के बिहार छोड़ने पर राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को लेकर दिया ये बड़ा दावा

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को बीजेपी का ‘समझौता हुआ’ नेता बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से बीजेपी ने नियंत्रित कर लिया है. राहुल गांधी ने बीजेपी पर टेलीविजन पर भी ऐसे ही नियंत्रण का आरोप लगाया. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को समाजवादी पार्टी के नेता और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लेकर भारतीय पार्टी (बीजेपी) पर हमला बोला है। उन्होंने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वे सहमत हैं और अपने पिछले प्रियजनों की वजह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूरी तरह से नियंत्रण कर पा रहे हैं। एआईएडीएमके पर नियंत्रण करने वाले शाह-मोदी नियंत्रण में-राहुल राहुल गांधी ने तमिलनाडु के थूथुकुडी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से अपनी पसंद के व्यक्ति को ठहराया, क्योंकि नीतीश गठबंधन कर चुके थे और साशिया जाने के बाद उन्होंने कोई विरोध नहीं किया। बीजेपी तमिलनाडु में कठपुतली सीएम और रिमोट से चलने वाली सरकार चाहती है. भारत गठबंधन ऐसा कभी नहीं होने देगा. तमिलनाडु अपनी पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए मतदान करेगा। pic.twitter.com/hBkV3B0dCz – राहुल गांधी (@RahulGandhi) 20 अप्रैल 2026 कांग्रेस नेता ने कहा, ‘जो लोग अन्नाद्रमुक को नियंत्रित करते हैं, वे पूरी तरह से अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं।’ देखिये बिहार में क्या हुआ, CM को हटा दिया गया और एक बीजेपी नेता को पद से हटा दिया गया. क्यों? ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बिहार के सीएम एक कॉम्प्रोम इंजीनियर थे. उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा और ‘सजामी’ चले गए।’ यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान टूर रद्द, पचपदरा रिफाइनरी में आग की वजह से टूटा हुआ शटर बीजेपी तमिलनाडु में ऐसी सरकार चाहती है, जो उसके कंट्रोल में रहे- राहुल उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा, ‘बीजेपी तमिल में भी यही चाहती है. वे एक ऐसी चाहत वाली सरकार हैं जिसे वे मजबूत कर दिखाते हैं और एक ऐसे सीएम हैं जो ठीक वही कहते हैं जो वे कहते हैं, जो हमने उन्हें कभी नहीं दिया। ‘इश्क उनका कोई भी सपना हो, वे कभी भी तमिलनाडु के लोगों और सरकार पर नियंत्रण नहीं कर पाएंगे।’ 23 अप्रैल को तमिलनाडु में चुनाव होने वाला है तमिलनाडु में 234 विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को चुनाव होना है। चुनाव आयोग ने तमिलनाडू का चुनाव एक ही चरण में सुनिश्चित किया है। राज्य में मतदान के बाद वोटिंग की घोषणा अगले महीने 4 मई, 2026 को की जाएगी। तमिलनाडु में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बीच गठबंधन माना जा रहा है, जिसमें बीजेपी और पीएमके के सहयोगी दल हैं। यह भी पढ़ें: फर्जी नौकरी का मायाजाल, और असली चमत्कार… अमेरिका में H1B वीजा फ्रॉड के साथ कैसे पाएं धोखा 2 भारतीय
शरीर की सूजन और गंदगी को बाहर करेगा कच्चा पपीता, लेकिन खाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

पका हुआ पीला पपीता सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, यह बात लगभग सभी जानते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कच्चा पपीता भी पोषण के मामले में किसी सुपरफूड से कम नहीं है. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि सही तरीके से सेवन किया जाए तो कच्चा पपीता पके पपीते से भी ज्यादा लाभ पहुंचा सकता है. यह रसोई में सब्जी, सलाद, सूप और कई हेल्दी डिशेज में इस्तेमाल किया जाता है. खास बात यह है कि इसमें ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन से लेकर वजन नियंत्रण और त्वचा तक कई स्तर पर मदद कर सकते हैं. कच्चे पपीते में फाइबर, विटामिन सी, कैरोटीनॉयड और प्राकृतिक एंजाइम अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. आयुर्वेद में भी इसे लाभकारी खाद्य पदार्थ माना गया है. हालांकि इसका सेवन सही मात्रा और सही तरीके से करना जरूरी है. जरूरत से ज्यादा सेवन या गलत तरीके से खाने पर कुछ लोगों को परेशानी भी हो सकती है. इसलिए इसके फायदे जानने के साथ सावधानी समझना भी जरूरी है. पाचन के लिए बेहद फायदेमंदअगर खाना खाने के बाद पेट भारी लगता है, गैस बनती है या भूख कम लगती है, तो कच्चा पपीता मददगार साबित हो सकता है. इसमें मौजूद पपेन एंजाइम भोजन को पचाने में मदद करता है, खासतौर पर प्रोटीन युक्त भोजन को. यही वजह है कि इसे पाचन शक्ति बढ़ाने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है. नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से खाना अच्छे से पच सकता है. भूख बढ़ाने में सहायकजिन लोगों की भूख कम हो गई है या बार-बार अपच की शिकायत रहती है, उनके लिए कच्चा पपीता लाभकारी हो सकता है. इसे हल्की सब्जी बनाकर खाने से पाचन सुधरता है और भूख बेहतर लगने लगती है. वजन नियंत्रण में मददगारकच्चे पपीते में कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है. इसे खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है. जो लोग वजन नियंत्रित करना चाहते हैं या ओवरईटिंग से बचना चाहते हैं, वे इसे डाइट में शामिल कर सकते हैं. शरीर की सूजन कम करने में सहायककई लोगों को शरीर में अंदरूनी सूजन, भारीपन या सुस्ती महसूस होती है. कच्चे पपीते में मौजूद पोषक तत्व शरीर को हल्का रखने और सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं. यह शरीर से अवांछित तत्व बाहर निकालने में भी सहायक माना जाता है. त्वचा और रक्त शुद्धि के लिए लाभकारीजब पाचन अच्छा रहता है और शरीर अंदर से साफ होता है, तो इसका असर चेहरे पर भी नजर आता है. कच्चा पपीता त्वचा को साफ, ताजा और चमकदार बनाए रखने में मदद कर सकता है. महिलाओं के लिए क्यों खासमहिलाओं में हार्मोन असंतुलन, पाचन समस्या और कमजोरी जैसी शिकायतें आम होती हैं. संतुलित मात्रा में कच्चा पपीता कुछ मामलों में उपयोगी माना जाता है. हालांकि गर्भावस्था या प्रेग्नेंसी प्लानिंग के दौरान इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए. कैसे करें सेवनकच्चे पपीते को सीधे कच्चा खाने के बजाय पकाकर खाना बेहतर माना जाता है. इसे सब्जी, सूप, सलाद, जूस या स्टू के रूप में लिया जा सकता है. उबालकर या हल्का पकाकर सेवन करना ज्यादा सुरक्षित और पचने में आसान होता है. हर हेल्दी चीज हर किसी के लिए एक जैसी नहीं होती. अगर किसी को एलर्जी, पेट की गंभीर समस्या या गर्भावस्था है, तो बिना सलाह ज्यादा सेवन न करें. सीमित मात्रा में और सही तरीके से लिया गया कच्चा पपीता सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.
सिंगरौली में DEO समेत कई अधिकारियों पर FIR:8 करोड़ के कामों में टेंडर-पेमेंट करने में भ्रष्टाचार के आरोप

सिंगरौली जिले के शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपए के सामान की खरीदी में हुए बड़े घोटाले को लेकर लोकायुक्त ने शिकंजा कस दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) समेत कई बड़े अफसरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त की शुरुआती जांच में पता चला है कि नियमों को ताक पर रखकर भारी-भरकम भुगतान किए गए। इसमें तीन मुख्य गड़बड़ियां सामने आई हैं। 19 स्कूलों के लिए करीब 4.68 करोड़ रुपए की खरीदी। 61 स्कूलों में बिजली के सामान और मरम्मत पर लगभग 3.05 करोड़ रुपए खर्च। 558 स्कूलों के लिए साफ-सफाई के सामान पर करीब 98 लाख रुपए का भुगतान। इन सभी कामों के टेंडर और पेमेंट की प्रक्रिया में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इन बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई लोकायुक्त रीवा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जिला शिक्षा अधिकारी सूर्यभान सिंह, सहायक संचालक राजधर साकेत, जिला परियोजना समन्वयक रामलखन शुक्ल और वित्त विभाग के छविलाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। दफ्तर पहुंचकर जब्त किए दस्तावेज लोकायुक्त की टीम ने सिंगरौली पहुंचकर शिक्षा विभाग के दफ्तर से टेंडर, बिल और सप्लाई से जुड़े जरूरी कागज अपने कब्जे में ले लिए हैं। लोकायुक्त एसपी सुनील पाटीदार ने बताया कि शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए हैं, इसलिए अब पूरे लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
ट्रेलर लॉन्च के दौरान रितेश देशमुख भावुक हुए:पिता की याद से छलका दर्द, पति को इमोशनल देख जेनेलिया की भी आंखें भर आईं

मुंबई में फिल्म राजा शिवाजी के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रितेश देशमुख भावुक हो गए। मंच पर ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ किरदार पर बात करते हुए वह रुक गए और उनकी आंखें नम हो गईं। इस दौरान उन्होंने अपने पिता विलासराव देशमुख को याद किया, जिससे माहौल भावनात्मक हो गया। रितेश ने कहा कि यह किरदार उनके लिए सिर्फ रोल नहीं, बल्कि गर्व और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ को निभाना उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा है। इस किरदार को निभाते हुए उन्हें बार-बार पिता की सीख और मूल्यों की याद आई, जिसने उन्हें मजबूत बनाया, लेकिन भावुक भी किया। बात करते-करते रितेश की आवाज भर्रा गई और वह कुछ पल चुप हो गए। उन्होंने कहा कि पिता के जाने के बाद जिंदगी में खालीपन आ गया, जिसे भर पाना आसान नहीं रहा। पिछले 12 सालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सफर मुश्किल रहा, लेकिन पिता के दिए संस्कार उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देते हैं। इस दौरान स्टेज पर मौजूद उनकी पत्नी जेनेलिया डिसूजा खुद को संभाल नहीं पाईं। रितेश को भावुक होते देख उनकी आंखें भी भर आईं। जेनेलिया इस फिल्म में अभिनय के साथ प्रोड्यूसर की भूमिका भी निभा रही हैं, जिससे यह प्रोजेक्ट उनके लिए खास है। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन और विद्या बालन अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ट्रेलर लॉन्च में मौजूद सितारों और दर्शकों ने फिल्म की भव्यता और विषय को लेकर उत्सुकता जाहिर की। कुल मिलाकर, ‘राजा शिवाजी’ का ट्रेलर लॉन्च सिर्फ फिल्मी इवेंट नहीं रहा, बल्कि ऐसा पल बना जहां निजी यादें, भावनाएं और ऐतिहासिक किरदार का भार साथ दिखा। इसी वजह से रितेश और जेनेलिया के आंसू उस भावना की गहराई दिखा गए।








