ट्रेलर लॉन्च के दौरान रितेश देशमुख भावुक हुए:पिता की याद से छलका दर्द, पति को इमोशनल देख जेनेलिया की भी आंखें भर आईं

मुंबई में फिल्म राजा शिवाजी के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रितेश देशमुख भावुक हो गए। मंच पर ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ किरदार पर बात करते हुए वह रुक गए और उनकी आंखें नम हो गईं। इस दौरान उन्होंने अपने पिता विलासराव देशमुख को याद किया, जिससे माहौल भावनात्मक हो गया। रितेश ने कहा कि यह किरदार उनके लिए सिर्फ रोल नहीं, बल्कि गर्व और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ को निभाना उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा है। इस किरदार को निभाते हुए उन्हें बार-बार पिता की सीख और मूल्यों की याद आई, जिसने उन्हें मजबूत बनाया, लेकिन भावुक भी किया। बात करते-करते रितेश की आवाज भर्रा गई और वह कुछ पल चुप हो गए। उन्होंने कहा कि पिता के जाने के बाद जिंदगी में खालीपन आ गया, जिसे भर पाना आसान नहीं रहा। पिछले 12 सालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सफर मुश्किल रहा, लेकिन पिता के दिए संस्कार उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देते हैं। इस दौरान स्टेज पर मौजूद उनकी पत्नी जेनेलिया डिसूजा खुद को संभाल नहीं पाईं। रितेश को भावुक होते देख उनकी आंखें भी भर आईं। जेनेलिया इस फिल्म में अभिनय के साथ प्रोड्यूसर की भूमिका भी निभा रही हैं, जिससे यह प्रोजेक्ट उनके लिए खास है। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन और विद्या बालन अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ट्रेलर लॉन्च में मौजूद सितारों और दर्शकों ने फिल्म की भव्यता और विषय को लेकर उत्सुकता जाहिर की। कुल मिलाकर, ‘राजा शिवाजी’ का ट्रेलर लॉन्च सिर्फ फिल्मी इवेंट नहीं रहा, बल्कि ऐसा पल बना जहां निजी यादें, भावनाएं और ऐतिहासिक किरदार का भार साथ दिखा। इसी वजह से रितेश और जेनेलिया के आंसू उस भावना की गहराई दिखा गए।
क्या है सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस? नजर आते हैं ये लक्षण, तुरंत कराएं इलाज वरना जीना होगा मुहाल

What is cervical spondylitis: आज के डिजिटल दौर में लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप पर झुककर काम करना आम बात हो गई है. इसका सबसे ज्यादा असर हमारी गर्दन पर पड़ता है, जिससे दर्द और अकड़न की शिकायत बढ़ने लगती है. कई लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हर बार यह साधारण दर्द नहीं होता, कई मामलों में यह सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का संकेत भी हो सकता है. क्या है सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस? सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या रीढ़ की हड्डी के ऊपरी हिस्से यानी सर्वाइकल स्पाइन से जुड़ी होती है. यही हिस्सा सिर को सहारा देता है और उसे घुमाने में मदद करता है. उम्र बढ़ने के साथ इस हिस्से की हड्डियां और डिस्क कमजोर होने लगती हैं, जिससे दर्द और जकड़न की समस्या पैदा होती है. किन कारणों से बढ़ती है यह समस्या?लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठना.लगातार स्क्रीन पर काम करना.गर्दन झुकाकर मोबाइल इस्तेमाल करना.बढ़ती उम्र के कारण हड्डियों का कमजोर होना. ये सभी कारण धीरे-धीरे गर्दन पर दबाव बढ़ाते हैं और समस्या को गंभीर बना सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के आम लक्षणगर्दन में लगातार दर्द और अकड़नसिरदर्द की समस्याकंधों और हाथों तक फैलने वाला दर्दहाथों में झुनझुनी या सुन्नपननसों पर दबाव के कारण कमजोरी महसूस होना सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से बचने का उपाय विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या से बचने का सबसे आसान तरीका है सही बैठने और काम करने का तरीका अपनाना. स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखें.पीठ सीधी रखें.गर्दन को लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रखें.बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें.एक्सरसाइज और एक्टिव रहना जरूरी है. हल्की स्ट्रेचिंग और मसल्स को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज से दर्द और अकड़न में काफी राहत मिल सकती है. नियमित फिजिकल एक्टिविटी रीढ़ की सेहत को बेहतर बनाती है. लाइफस्टाइल में करें ये जरूरी बदलावभारी वजन उठाने से बचेंसही तकिया और गद्दा चुनेंशरीर को एक्टिव रखेंवजन को कंट्रोल में रखेंगर्दन को झटके से घुमाने से बचें कब लें डॉक्टर की सलाह? अगर दर्द लगातार बढ़ रहा हो, हाथों में कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो या घरेलू उपायों से भी राहत न मिले, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है. सर्वाइकल की समस्या को न करें इग्नोर सर्वाइकल की समस्या को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है. सही पोस्चर, नियमित एक्सरसाइज और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. छोटे-छोटे बदलाव आपकी रीढ़ की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘टीएमसी और बीजेपी की लड़ाई में बंगाल के युवाओं का नुकसान’, सिलीगुड़ी में रोजगार का मुद्दा उठेगा

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पहले राज्य में बड़ी कंपनियाँ और इमारतें स्थित थीं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में इसी सप्ताह गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान होने वाला है, लेकिन चुनाव के पहले राजनीतिक समीकरण के आरोप-प्रत्यारोपों से लेकर बंगाल में सरगर्मी का तर्क काफी बढ़ गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सामाजामो के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बंगाल में युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर राज्य की स्टुको पार्टी (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि युवाओं और भाजपा की लड़ाई से पश्चिम बंगाल के युवाओं को नुकसान हो रहा है। यहां के युवा रोजगार के लिए अपना घर खाली कराने के लिए अन्य युवाओं को मजबूर किया जाता है, जिसके लिए जिम्मेदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान टूर रद्द, पचपदरा रिफाइनरी में आग की वजह से टूटा हुआ शटर बंगाल के हालात के लिए केंद्र में मोदी और राज्य में ममता जिम्मेदार: खड़गे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘टीएमसी और बीजेपी के निशाने पर पश्चिम बंगाल के युवा भड़के हुए हैं। उन्हें घर नहीं मिल रही. वे नौकरी की तलाश में हैदराबाद, बैंगलोर, चेन्नई, पुणे जैसे शहरों में जा रहे हैं।’ उन्होंने मोदी और सीएम ममता बनर्जी पर जोरदार कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर उनकी सरकार अच्छी है तो बंगाल के अपने युवा घर खाली करने के लिए क्यों मजबूर हैं? उन्होंने कहा, ‘अगर मोदी बंगाल का भला चाहते हैं तो यहां के बच्चे बाहर क्यों अश्लीलता का काम कर रहे हैं।’ वे बाहरी सामान छोटा-मोटा काम करते हैं। ‘बंगाल के युवाओं की ये हालत किसी ने रखी है तो वो केंद्र में मोदी और राज्य में ममता बनर्जी हैं।’ टीएमसी और बीजेपी की लड़ाई से पश्चिम बंगाल में युवाओं को नुकसान पहुंच रहा है। यहां के युवा रोजगार के लिए अपना घर खाली कराने के लिए अन्य बेरोजगारों को मजबूर कर रहे हैं- जिम्मेदार पीएम मोदी और सीएम ममता बनर्जी हैं। : कांग्रेस अध्यक्ष श्री @खड़गे 📍 सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल pic.twitter.com/znPT8JfKK3 – कांग्रेस (@INCIndia) 20 अप्रैल 2026 पहले देश की हर योजना बंगाल से शुरू होगी थीः खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल पहले देश का सबसे प्रगतिशील राज्य था। बंगाल में बहुत विकास हो रहा था. यहाँ बड़ी-बड़ी बकरियाँ थीं। देश का पहला कोलकाता में आई, पहला आईआईएम कोलकाता में आया। देश की हर योजना पहले इसी प्रदेश में आती थी, लेकिन अब भाजपा और रेगिस्तान की लड़ाई ने पश्चिम बंगाल को बर्बाद कर दिया है। यह भी पढ़ें: महिला सेना की कैट में लेडी ने खेला ‘तुरुप का पत्ता’…क्या खेला इस बार वुमन वोटर ने!
BPCL Recruitment 250 Posts | Govt Job Today

25 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन में 250 वैकेंसी, जम्मू और कश्मीर बैंक में 614 पदों पर भर्ती की। साथ ही पटना हाईकोर्ट में 48 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. BPCL में 250 वैकेंसी, सैलरी 1 लाख 40 हजार तक भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड में जूनियर एग्जीक्यूटिव और एसोसिएट एग्जीक्यूटिव समेत कई पदों पर भर्तियां निकली हैं। उम्मीदवार बीपीसीएल की ऑफिशियल वेबसाइट bharatpetroleum.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। फीस जमा करने की आखिरी तारीख 17 मई तय की गई है। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या जूनियर एग्जीक्यूटिव 210 सेक्रेटरी 8 एसोसिएट एग्जीक्यूटिव 32 कुल पदों की संख्या 250 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : जूनियर एक्जीक्यूटिव (इंजीनियरिंग) इंजीनियरिंग में 3 साल का डिप्लोमा (मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल आदि)। सामान्य वर्ग : कम से कम 55% अंक एससी, एसटी, दिव्यांग : 50% अंक डिप्लोमा के बाद संबंधित क्षेत्र में 5 साल का वर्क एक्सपीरियंस जिसमें कम से कम 1 साल सुपरवाइजरी या मैनेजमेंट वर्क किया हो। जूनियर एक्जीक्यूटिव (अकाउंटेंट): किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री (कम से कम 55% अंक) एससी, एसटी, दिव्यांग : 50% अंक जरूरी। इसके साथ सीए इंटर या सीएमए इंटर पास होना चाहिए। सीए, सीएमए फाइनल पास उम्मीदवार इस पद के लिए एलिजिबल नहीं हैं। 5 साल का अकाउंटिंग, टैक्स या फाइनेंस से जुड़ा अनुभव जरूरी। जूनियर एक्जीक्यूटिव (वेसाइड एमिनिटीज): बी.कॉम, बीबीए, बी.एससी, बीएमएस या बीएचएम की डिग्री जिसमें 55% अंक (एससी, एसटी, दिव्यांग के लिए 50%) हों। रिटेल या हॉस्पिटैलिटी का डिप्लोमा। 5 साल का वर्क एक्सपीरियंस जिसमें कम से कम 3 साल होटल, रिटेल या फूड इंडस्ट्री में हो। सचिव (BPCL): 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएट्स (3 साल की डिग्री) तीनों में कम से कम 55% अंक होने चाहिए (एससी, एसटी, दिव्यांग के लिए 50% अंक)। 5 साल का सचिवीय या ऑफिस सहायक का अनुभव एसोसिएट एक्जीक्यूटिव: एमएससी (केमिस्ट्री) की डिग्री जिसमें कम से कम 60% अंक (SC/ST/दिव्यांग के लिए 55%) हों। किसी लैब या केमिकल/पेट्रोलियम/गैस इंडस्ट्री में 3 साल का अनुभव। एसोसिएट एक्जीक्यूटिव (आधिकारिक भाषा): हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएशन (55% अंक) और 12वीं या ग्रेजुएशन में अंग्रेजी भी पढ़ी होनी चाहिए। साथ ही हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद का 3 साल का अनुभव। एज लिमिट : जूनियर एक्जीक्यूटिव : अधिकतम 32 साल जूनियर एक्जीक्यूटिव अकाउंट्स : अधिकतम 35 साल एसोसिएट एक्जीक्यूटिव : अधिकतम 35 साल सरकारी नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, मानक विकलांगता वाले व्यक्तियों और पूर्व सैनिकों के लिए आयु में छूट दी जाएगी। फीस : सामान्य, ओबीसी (एलसीएल), ईडब्ल्यूएस : 1180 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी : नि:शुल्क सिलेक्शन प्रोसेस : एप्लिकेशन स्क्रीनिंग रिटन/कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट केस बेस्ड डिस्कशन ग्रुप टास्क पर्सनल इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट एग्जाम पैटर्न : जारी नहीं ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट bharatpetroleum.in पर जाएं। होमपेज पर दिए गए ‘BPCL भर्ती 2025’ लिंक पर क्लिक करें। अब आवेदन फॉर्म में अपनी जरूरी जानकारी भरें। मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. जम्मू और कश्मीर बैंक में 614 भर्ती, ग्रेजुएट्स करें अप्लाई जम्मू और कश्मीर बैंक में 614 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए ट्रेनिंग की अवधि एक साल रहेगी। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 20 साल अधिकतम : 28 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : ऑनलाइन रिटन एग्जाम स्टाइपेंड : 13,500 रुपए प्रतिमाह एग्जाम सेंटर : श्रीनगर जम्मू बारामूला सांबा लेह कारगिल दिल्ली/एनसीआर मुंबई नवी मुंबई ठाणे पुणे लखनऊ बैंगलोर चंडीगढ़ मोहाली एग्जाम पैटर्न : क्वेश्चन टाइप ऑब्जेक्टिव टोटल क्वेश्चन 100 टोटल प्रश्न 100 ड्यूरेशन 60 मिनट सब्जेक्ट : जनरल अवेयरनेस एंड इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन 50 प्रश्न, 50 अंक, 30 मिनट क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड एंड रीजनिंग एबिलिटी : 50 प्रश्न, 50 अंक, 30 मिनट निगेटिव मार्किंग एक चौथाई अंक ऐसे करें आवेदन : अप्रेंटिसशिप पोर्टल nats.education.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करें। बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.jkb.bank.in पर जाएं। करिअर पेज पर क्लिक करें। होम पेज जाकर Apply लिंक पर क्लिक करें। भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक करें। यहां पहले New User Register Now लिंक पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें। अन्य डिटेल्स भरकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. पटना हाईकोर्ट में 48 पदों पर भर्ती, सैलरी 80 हजार से ज्यादा पटना हाईकोर्ट में 48 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट phc-recruitment.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस पेमेंट की आखिरी तारीख 20 मई होगी। कैटेगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी का नाम पदों की संख्या अनारक्षित 23 ईडब्ल्यूएस 04 पिछड़ा वर्ग (BC) 05 अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) 09 अनुसूचित जनजाति 07 कुल 48 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री। कंप्यूटर एप्लीकेशन में कम से कम 6 महीने का डिप्लोमा/सर्टिफिकेट। इंग्लिश टाइपिंग में 40 शब्द प्रति मिनट और हिंदी टाइपिंग में 30 शब्द प्रति मिनट की स्पीड से टाइपिंग आती हो। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अनारक्षित और ईडब्ल्यूएस (पुरुष) : अधिकतम 37 साल अनारक्षित और ईडब्ल्यूएस महिला : अधिकतम 40 साल बीसी और ईबीसी (महिला, पुरुष) : अधिकतम 40 साल एससी (महिला, पुरुष) : अधिकतम 42 साल केंद्र या राज्य सरकार (बिहार) के कर्मचारियों को 5 वर्ष की ऊपरी उम्र में छूट मिलेगी। सैलरी : 25,500-81,100 रुपए प्रतिमाह फीस : अनारक्षित,बीसी, ईबीसी, ईडब्ल्यूएस : 1100 रुपए एससी,एसटी,चलने-फिरने में अक्षम उम्मीदवार : 550 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम इंटरव्यू एग्जाम पैटर्न : पार्ट सब्जेक्ट मार्क्स ड्यूरेशन पार्ट ए इंग्लिश लैंग्वेज एंड ग्रामर 15 30 मिनट हिंदी लैंग्वेज एंड ग्रामर 10 कंप्यूटर अवेयरनेस 15 रीजनिंग एंड क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड 10 पार्ट बी इंग्लिश कंप्यूटर टाइपिंग 100 10 मिनट पार्ट सी हिंदी कंप्यूटर टाइपिंग 100 50 मिनट ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट patnahighcourt.gov.in पर जाएं। अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। “रजिस्टर्ड” पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन पूरा करके लॉग इन करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. झारखंड
‘भगवान राम का नाम लेने से मानी जाती हैं ‘नमस्ते’, बंगाल में योगी आदित्यनाथ ने कहा कासा टीएमसी पर तंज, कहा- यहां होती है नमाज…

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव में अपने रंग में पहुंच गया है. एक तरफ बीजेपी इस बार पूरे जोर शोर के साथ जीत का दावा कर रही है, साथ ही लक्ष्य रैली को अंजाम दे रही है। तो वहीं ममता बनर्जी की पार्टी बीजेपी भी कड़ी टक्कर देने को तैयार है। दोनों उपकरणों को उपकरणों में शामिल किया गया है। इसी तरह यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी प्रचार के मैदान में उतारा गया है। उन्होंने सोमवार को पश्चिमी मेदिनीपुर के गरबेटा में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने रोबोट और अपने 15 साल के शासन काल को कटघरे में खड़ा किया। एक समय बंगाल भारत की आर्थिक विकास का आधार था: योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय बंगाल भारत के आर्थिक विकास का आधार था। भारत की सभ्यता में बंगाल की एक प्रमुख भूमिका थी। इसके अलावा योगी ने कहा था कि जब कोई जय श्रीराम बोलता है तो ममता दीदी को परेशानी होती है. यहां दुर्गा पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वेन्डेयज़ पर इफ्तार पार्टी कराती हैं। आज से 9 साल पहले यूपी में भी ऐसा ही अराजकता था। श्रीराम का नाम लेने से रोकती है मैत्री मित्र: योगी सीएम योगी ने कहा कि यूपी में अब हालात बदल गए हैं. न विचार है, न दंगा है। यूपी में सब चंगा है. यूपी में अब अछूता उत्सव नहीं है। बंगाल में राम का नाम लेने से लेकर वहां तक जाने का कोई मतलब नहीं है। वहीं यूपी में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैत्री प्रभु श्री राम का नाम लेने पर रोक लगाती हैं, लेकिन विक्की पर इफ्तार पार्टी करवाती हैं। यूपी में मस्जिदों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती, मस्जिदों से अजान की आवाज नहीं आती। टीएमसी का मतलब- टेरर, माफिया राज और भ्रष्टाचार है. इसे केवल डबल इंजन की भाजपा सरकार ने समाप्त किया। इसे भी पढ़ें: बंगाल में पीएम मोदी की रैली के बाद बोले बीजेपी समर्थक- हमारी जीत पक्की है, टीएमसी की विदाई तय (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)योगी आदित्यनाथ(टी)बीजेपी(टी)कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)मेदिनीपुर गरबेटा रैली(टी)यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की बंगाल में रैली(टी)ताजा खबर(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)बीजेपी विजय संकल्प सभा(टी)पश्चिम बंगाल(टी)योगी गोस्वामी(टी)भाजपा(टी)कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)मेदिनीपुर गरबेटा रैली(टी)यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की बंगाल में रैली(टी)ताजा खबर(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)भाजपा विजय संकल्प सभा
गंज अंडरब्रिज कल शाम से खुलेगा:45 दिन की बजाय 18 दिन में हल्के वाहनों के लिए आंशिक रूप से चालू होगा

बैतूल शहर का गंज रेलवे अंडरब्रिज, जिसे थर्ड लाइन कार्य के चलते करीब 45 दिनों तक बंद रहने की संभावना जताई जा रही थी, अब महज 18 दिनों में आंशिक रूप से खोला जा रहा है। यह अंडरब्रिज कल (21 अप्रैल) शाम 6:00 बजे से दोपहिया और हल्के चारपहिया वाहनों के लिए उपलब्ध होगा। गौरतलब है कि इस अंडरब्रिज को पहले 3 अप्रैल से 45 दिनों के लिए बंद रखने की योजना बनाई गई थी। इससे पूर्व भी यह अंडरब्रिज कई दिनों तक बंद रह चुका है, जिसके कारण शहरवासियों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ता था और वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता था। फिलहाल छोटे वाहनों के लिए रास्ता खोला रेलवे प्रशासन के अनुसार, थर्ड लाइन निर्माण के तहत अंडरपास की लंबाई बढ़ाने का कार्य तेजी से किया गया। इसी कारण निर्धारित अवधि से पहले ही आंशिक संचालन संभव हो सका है। फिलहाल छोटे वाहनों के लिए रास्ता खोला गया है, जबकि सभी प्रकार के वाहनों के लिए पूर्ण संचालन 3 मई 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अंडरब्रिज के आंशिक रूप से खुलने से रामनगर, गर्ग कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पूरी तरह सुचारू यातायात के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। बता दें कि इस अंडरब्रिज के बार-बार बंद होने से लोगों को हो रही परेशानी पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विधायक हेमंत खंडेलवाल ने नाराजगी जताई थी और रेल अधिकारियों को इसे जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे।
Summer Tips : बिना प्यास लगे भी पानी पी रहे हैं? मत कीजिए ऐसा, किडनी पर बढ़ जाएगा लोड

Last Updated:April 20, 2026, 19:32 IST Side Effect of Too Much Water : चिलचिलाती गर्मी में अक्सर आपको हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी जाती है. लोग ज्यादा पानी पीने ही लगते हैं लेकिन कहा जाता है कि अति सर्वत्र वर्ज्यते. ज्यादा कुछ भी चीज नुकसानदेह है. अगर आप जरूरत से ज्यादा पानी पिएंगे तो इससे किडनी पर लोड तो बढ़ेगा ही साथ ही इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस भी गड़बड़ हो सकता है. इससे कई तरह के नुकसान भी हो सकते हैं. अति हर चीज की बुरी होती है. इसलिए बिना प्यास के जबरदस्ती पानी पीने का क्या फायदा. लेकिन कुछ लोग गर्मी आते ही बहुत ज्यादा पानी पीने लगते हैं. बेशक पानी हमारे लिए जीवन है लेकिन ज्यादा पानी पीना सेहत के लिए अच्छा नहीं है. ज्यादा पानी पीने से आपको अस्पताल भी पहुंचा सकता है. मेडिकल साइंस में इसे ओवर-हाइड्रेशन कहा जाता है. जब आप बिना प्यास लगे सिर्फ इसलिए पानी पीते हैं क्योंकि आपको लगता है कि यह शरीर को साफ करेगा, तो असल में आप अपनी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे होते हैं. हम जो पानी पीते हैं वो हमारे शरीर के लिए वरदान है. लेकिन अगर हम जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं तो ये ‘अभिशाप’ बन जाता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर सिराज सिद्दीकी कहते हैं जब हम बहुत ज्यादा पानी पीते हैं तो इसका असर सीधा किडनी पर पड़ता है. किडनी का मुख्य काम शरीर के वेस्ट और टॉक्सिन्स को छानकर बाहर निकालना है. अगर हम लिमिट से ज्यादा पानी पीते हैं तो उस ज्यादा लिक्विड को प्रोसेस करने के लिए किडनी पर बहुत दबाव पड़ता है. इस दबाव की वजह से किडनी ठीक से अपना काम नहीं कर पाती, जिससे शरीर के जहरीले पदार्थ बाहर नहीं जा पाते और अंदर ही रह जाते हैं. क्या आप जानते हैं कि अपने वजन के हिसाब से कितना पानी पीना चाहिए? डॉक्टर सिराज ने बताया कि कितना पानी पीना है, ये आपकी उम्र और शारीरिक वजन पर निर्भर करता है. इसके लिए उन्होंने एक आसान फॉर्मूला बताया है. 9 से 13 साल के बच्चों के लिए रोज़ करीब 2 लीटर पानी पीना काफी है. Add News18 as Preferred Source on Google बड़ों के लिए, शरीर के हर एक किलो वजन पर 30 से 35 मिलीलीटर पानी लेना सही माना जाता है. अगर आपका वजन 40 किलो है, तो आपको रोज़ 2 लीटर पानी काफी है. या अगर आपका वजन 80 किलो तक है, तो आपको रोज़ 3 लीटर पानी पीना चाहिए. इसके अलावा, जो लोग धूप में ज्यादा घूमते हैं या ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, वे अपनी जरूरत के हिसाब से आधा लीटर पानी और ले सकते हैं. लेकिन बिना प्यास लगे लीटरों में पानी पीना खतरनाक है. जरूरत से ज्यादा पानी पीने से सबसे बड़ा खतरा ‘हाइपोनेट्रेमिया’ नाम की बीमारी है. जब खून में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तब शरीर में सोडियम का स्तर खतरनाक तरीके से गिर जाता है. सोडियम हमारे शरीर की कोशिकाओं के अंदर और बाहर मौजूद तरल पदार्थों को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाता है. जब सोडियम का स्तर गिर जाता है, तब शरीर की कोशिकाओं में सूजन आना शुरू हो जाती है. यह स्थिति दिमाग और दूसरे अंदरूनी अंगों के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है. कभी-कभी यह जानलेवा भी बन सकती है. क्योंकि इससे इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस गड़बड़ा जाता है. इसलिए पानी आपके शरीर को जितनी जरूरत हो, उतना ही पीना चाहिए. पानी जीवन के लिए जरूरी है, लेकिन तभी जब वह सीमित मात्रा में हो. गर्मी में भी अपने शरीर के स्वभाव और वजन के हिसाब से ही पानी पिएं. आयुर्वेद के अनुसार, प्यास लगने पर ही पानी पीना चाहिए और वह भी बैठकर छोटे-छोटे घूंट में पीना सबसे अच्छा है. विशेषज्ञों द्वारा बताए गए इन नियमों को अपनाकर स्वस्थ रहें. First Published : April 20, 2026, 19:32 IST
वेदांता का डीमर्जर 1-मई से प्रभावी होगा:निवेशकों को 1 के बदले 4 कंपनियों के शेयर मिलेंगे; मिड-मई तक कंपनियों की लिस्टिंग होगी

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपनी कंपनियों के डीमर्जर की तारीख का ऐलान कर दिया है। सोमवार, 20 अप्रैल को कंपनी ने शेयर बाजारों (BSE-NSE) को बताया कि वेदांता लिमिटेड के पांच हिस्सों में बंटने की प्रोसेस 1 मई से प्रभावी हो जाएगी। इस डीमर्जर के बाद शेयर होल्डर्स को वेदांता के हर एक शेयर के बदले नई कंपनियों के 1-1 शेयर मिलेंगे। 5 लिस्टेड कंपनियों में बंट जाएगा वेदांता ग्रुप वेदांता लिमिटेड अब 1 मई से पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के रूप में काम करेगी। इसमें मुख्य कंपनी वेदांता लिमिटेड के पास बेस मेटल्स का कारोबार रहेगा। इसके अलावा चार नई कंपनियां- वेदांता एल्युमीनियम, तलवंडी साबो पावर, वेदांता स्टील एंड आयरन और माल्को एनर्जी अस्तित्व में आएंगी। शेयर होल्डर्स को 1 के बदले 4 नए शेयर मिलेंगे डीमर्जर प्लान के अनुसार, रिकॉर्ड डेट तक वेदांता लिमिटेड का एक शेयर रखने वाले हर निवेशक को चारों नई कंपनियों का एक-एक शेयर फ्री मिलेगा। इन कंपनियों के बदल जाएंगे नाम और फेस वैल्यू डीमर्जर के बाद तलवंडी साबो पावर का नाम बदलकर ‘वेदांता पावर लिमिटेड’ और माल्को एनर्जी का नाम ‘वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड’ हो जाएगा। फेस वैल्यू की बात करें तो तलवंडी साबो पावर के शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपए होगी, जबकि बाकी सभी नई कंपनियों के शेयरों की फेस वैल्यू 1 रुपए प्रति शेयर रखी गई है। बाल्को और डिबेंचर का भी ट्रांसफर होगा वेदांता के एल्युमीनियम बिजनेस से जुड़े चार नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) अब वेदांता एल्युमीनियम को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसके लिए कंपनी ने 1 मई को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसके साथ ही, भारत एल्युमीनियम कंपनी (BALCO) में वेदांता की जो हिस्सेदारी है, उसे भी अब वेदांता एल्युमीनियम को सौंप दिया जाएगा। मार्केट कैप 27 बिलियन डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में बताया था कि इन पांचों कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन मौजूदा 27 बिलियन डॉलर से काफी ज्यादा होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अग्रवाल परिवार के कंट्रोल वाली एक प्राइवेट पैरेंट कंपनी के पास इन सभी नई कंपनियों में लगभग 50% हिस्सेदारी बनी रहेगी। मई के मध्य तक लिस्टिंग का टारगेट कंपनी के सीएफओ (CFO) अजय गोयल के मुताबिक, वेदांता का टारगेट मई के मध्य तक इन चारों नई यूनिट्स को भारतीय शेयर बाजारों में लिस्ट करना है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने पिछले साल दिसंबर में ही इस डीमर्जर प्लान को मंजूरी दे दी थी। हालांकि, सरकार ने शुरुआत में इस प्लान का विरोध किया था, क्योंकि उसे डर था कि इससे बकाया वसूली में दिक्कत आ सकती है। जिंक और सिल्वर बिजनेस पुरानी कंपनी के पास डीमर्जर के बाद पैरेंट कंपनी वेदांता लिमिटेड के पास हिंदुस्तान जिंक के जरिए जिंक और सिल्वर का कारोबार बना रहेगा। साथ ही यह कंपनी नए वेंचर्स के लिए एक इनक्यूबेटर के तौर पर काम करेगी। बता दें कि 20 अप्रैल को खबर आने के समय वेदांता के शेयर 2.2% गिरकर ₹770 पर बंद हुए थे। क्या होता है डीमर्जर और इसका शेयर होल्डर्स पर क्या असर पड़ता है? डीमर्जर: जब कोई बड़ी कंपनी अपने अलग-अलग बिजनेस को स्वतंत्र कंपनियों में बांट देती है, तो उसे डीमर्जर कहते हैं। इससे हर बिजनेस पर बेहतर फोकस करने में मदद मिलती है। शेयर होल्डर्स पर असर: शेयरहोल्डर्स को उनकी पुरानी होल्डिंग के रेश्यो में नई कंपनियों के शेयर मिलते हैं। इससे उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू और निवेश के ऑप्शन बढ़ जाते हैं। ये खबर भी पढ़ें… RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं: अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने 20 अप्रैल को रुपए की अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा डीलरों (फॉरेक्स डीलर्स) पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। अब डीलर्स ऑफशोर नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड मार्केट (NDF) में फिर से पोजीशन ले सकेंगे। RBI के यह कदम उठाने से कुछ दिन पहले ही गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया था कि ये पाबंदियां अनिश्चित काल के लिए लागू नहीं रहेंगी। पूरी खबर पढ़ें…
वेदांता का डीमर्जर 1-मई से प्रभावी होगा:निवेशकों को 1 के बदले 4 कंपनियों के शेयर मिलेंगे; मिड-मई तक कंपनियों की लिस्टिंग होगी

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपनी कंपनियों के डीमर्जर की तारीख का ऐलान कर दिया है। सोमवार, 20 अप्रैल को कंपनी ने शेयर बाजारों (BSE-NSE) को बताया कि वेदांता लिमिटेड के पांच हिस्सों में बंटने की प्रोसेस 1 मई से प्रभावी हो जाएगी। इस डीमर्जर के बाद शेयर होल्डर्स को वेदांता के हर एक शेयर के बदले नई कंपनियों के 1-1 शेयर मिलेंगे। 5 लिस्टेड कंपनियों में बंट जाएगा वेदांता ग्रुप वेदांता लिमिटेड अब 1 मई से पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के रूप में काम करेगी। इसमें मुख्य कंपनी वेदांता लिमिटेड के पास बेस मेटल्स का कारोबार रहेगा। इसके अलावा चार नई कंपनियां- वेदांता एल्युमीनियम, तलवंडी साबो पावर, वेदांता स्टील एंड आयरन और माल्को एनर्जी अस्तित्व में आएंगी। शेयर होल्डर्स को 1 के बदले 4 नए शेयर मिलेंगे डीमर्जर प्लान के अनुसार, रिकॉर्ड डेट तक वेदांता लिमिटेड का एक शेयर रखने वाले हर निवेशक को चारों नई कंपनियों का एक-एक शेयर फ्री मिलेगा। इन कंपनियों के बदल जाएंगे नाम और फेस वैल्यू डीमर्जर के बाद तलवंडी साबो पावर का नाम बदलकर ‘वेदांता पावर लिमिटेड’ और माल्को एनर्जी का नाम ‘वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड’ हो जाएगा। फेस वैल्यू की बात करें तो तलवंडी साबो पावर के शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपए होगी, जबकि बाकी सभी नई कंपनियों के शेयरों की फेस वैल्यू 1 रुपए प्रति शेयर रखी गई है। बाल्को और डिबेंचर का भी ट्रांसफर होगा वेदांता के एल्युमीनियम बिजनेस से जुड़े चार नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) अब वेदांता एल्युमीनियम को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसके लिए कंपनी ने 1 मई को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसके साथ ही, भारत एल्युमीनियम कंपनी (BALCO) में वेदांता की जो हिस्सेदारी है, उसे भी अब वेदांता एल्युमीनियम को सौंप दिया जाएगा। मार्केट कैप 27 बिलियन डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में बताया था कि इन पांचों कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन मौजूदा 27 बिलियन डॉलर से काफी ज्यादा होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अग्रवाल परिवार के कंट्रोल वाली एक प्राइवेट पैरेंट कंपनी के पास इन सभी नई कंपनियों में लगभग 50% हिस्सेदारी बनी रहेगी। मई के मध्य तक लिस्टिंग का टारगेट कंपनी के सीएफओ (CFO) अजय गोयल के मुताबिक, वेदांता का टारगेट मई के मध्य तक इन चारों नई यूनिट्स को भारतीय शेयर बाजारों में लिस्ट करना है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने पिछले साल दिसंबर में ही इस डीमर्जर प्लान को मंजूरी दे दी थी। हालांकि, सरकार ने शुरुआत में इस प्लान का विरोध किया था, क्योंकि उसे डर था कि इससे बकाया वसूली में दिक्कत आ सकती है। जिंक और सिल्वर बिजनेस पुरानी कंपनी के पास डीमर्जर के बाद पैरेंट कंपनी वेदांता लिमिटेड के पास हिंदुस्तान जिंक के जरिए जिंक और सिल्वर का कारोबार बना रहेगा। साथ ही यह कंपनी नए वेंचर्स के लिए एक इनक्यूबेटर के तौर पर काम करेगी। बता दें कि 20 अप्रैल को खबर आने के समय वेदांता के शेयर 2.2% गिरकर ₹770 पर बंद हुए थे। क्या होता है डीमर्जर और इसका शेयर होल्डर्स पर क्या असर पड़ता है? डीमर्जर: जब कोई बड़ी कंपनी अपने अलग-अलग बिजनेस को स्वतंत्र कंपनियों में बांट देती है, तो उसे डीमर्जर कहते हैं। इससे हर बिजनेस पर बेहतर फोकस करने में मदद मिलती है। शेयर होल्डर्स पर असर: शेयरहोल्डर्स को उनकी पुरानी होल्डिंग के रेश्यो में नई कंपनियों के शेयर मिलते हैं। इससे उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू और निवेश के ऑप्शन बढ़ जाते हैं। ये खबर भी पढ़ें… RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं: अब फॉरेक्स डीलर्स NDF मार्केट में पोजीशन ले सकेंगे; मार्च में लगी थी रोक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने 20 अप्रैल को रुपए की अस्थिरता को रोकने के लिए विदेशी मुद्रा डीलरों (फॉरेक्स डीलर्स) पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को वापस ले लिया है। अब डीलर्स ऑफशोर नॉन-डेलिवरेबल फॉरवर्ड मार्केट (NDF) में फिर से पोजीशन ले सकेंगे। RBI के यह कदम उठाने से कुछ दिन पहले ही गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया था कि ये पाबंदियां अनिश्चित काल के लिए लागू नहीं रहेंगी। पूरी खबर पढ़ें…
Bangladesh Beats New Zealand in 2nd ODI; Rana 5 Wickets, Tamim 76

Hindi News Sports Bangladesh Beats New Zealand In 2nd ODI; Rana 5 Wickets, Tamim 76 ढाका27 मिनट पहले कॉपी लिंक नाहिद राणा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में बांग्लादेश ने न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हरा दिया। न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 198 रन पर सिमट गई, जिसके जवाब में बांग्लादेश ने 35.3 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। निक केली का 83 रन बेकार, न्यूजीलैंड 198 पर सिमटा टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम लगातार विकेट गंवाती रही। एक छोर से निक केली ने जरूर पारी संभाली और 102 गेंदों में 83 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल रहे। उनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। हेनरी निकोल्स (13), विल यंग (2) और कप्तान टॉम लैथम (14) जल्दी आउट हो गए। मध्यक्रम में मोहम्मद अब्बास (19) और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट (15) भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। निचले क्रम में नाथन स्मिथ 18 रन बनाकर नाबाद रहे। पूरी टीम 48.4 ओवर में 198 रन पर ऑलआउट हो गई। निक केली ने 102 गेंदों में 83 रन बनाए। नाहिद राणा ने 5 विकेट लेकर मैच पलटा बांग्लादेश की ओर से गेंदबाजी में नाहिद राणा सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने 10 ओवर में 32 रन देकर 5 विकेट झटके। इसके अलावा शोरिफुल इस्लाम ने 2 विकेट लिए, जबकि तस्कीन अहमद, सौम्य सरकार और रिशाद हुसैन को 1-1 सफलता मिली। बां तमीम-शांतों की 120 रन की साझेदारी 199 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत खराब रही। सैफ हसन (8) और सौम्य सरकार (8) जल्दी आउट हो गए। इसके बाद तंजिद हसन तमीम और नजमुल हुसैन शांतों ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 120 रन की शानदार साझेदारी की। तमीम ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 58 गेंदों में 76 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे। वहीं शांतों ने 71 गेंदों में 50 रन बनाए, हालांकि वह रिटायर्ड हर्ट हो गए। हृदोय-मिराज ने दिलाई जीत तमीम और शांतों के बाद भी बांग्लादेश को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। लिटन दास (7) सस्ते में आउट हो गए, लेकिन तोहिद हृदोय 30 रन बनाकर नाबाद रहे। कप्तान मेहदी हसन मिराज ने 8 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। बांग्लादेश ने 35.3 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। न्यूजीलैंड के गेंदबाज बेअसर न्यूजीलैंड की ओर से जेडन लेनॉक्स ने 2 विकेट लिए, जबकि नाथन स्मिथ और विलियम ओ’रूर्के को 1-1 सफलता मिली। लेकिन गेंदबाज बांग्लादेश के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









