Jaipur Terrorist Umar Haris Lived Incognito; Made Fake Passport

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हारिस (अमजद) उर्फ खरगोश जयपुर के दिल्ली रोड स्थित जयसिंहपुरा खोर इलाके में करीब एक साल तक रहा। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट भी बनवा लिया था। . इसी पासपोर्ट से आतंकी इंडोनेशिया और फिर सऊदी अरब भागने में भी सफल रहा। राजस्थान एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में सामने आया कि उमर हारिस सड़वा मोड़ के पास राशिद विहार कॉलोनी में ‘सज्जाद’ नाम से रह रहा था। उसे यहां 1500 रुपए में किराए का कमरा हरियाणा के युवक ने दिलवाया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह दिन के करीब 16 घंटे लैपटॉप पर बिताता था। वह किसी से बात नहीं करता था। लोगों से उसका संपर्क न के बराबर था। वह केवल नमाज के लिए मस्जिद जाता और तुरंत लौट आता था। उसकी इस चुप्पी और दूरी ने ही उसे एक साल तक पूरी तरह गुमनाम बनाए रखा। आसपास रहने वाले लोगों को भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश इसी घर में रह रहा था। यहां वह करीब 1 साल तक रहा था। सुनसान लोकेशन का सोचा-समझा चुनाव आतंकी ने जानबूझकर ऐसी जगह किराए का कमरा लिया था, जहां आवाजाही कम हो। राशिद विहार कॉलोनी काफी अंदर की तरफ है। इसकी वजह से उधर कोई ज्यादा जाता-आता भी नहीं है। यही वजह रही कि एक साल तक वह बिना किसी शक के यहां रह सका। उमर हारिस ने कुछ लोगों को उसने अपना नाम ‘अमजद’ भी बताया था। उधर, स्थानीय लोग उसके बारे में खुलकर बात करने से बचते नजर आए। लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले जम्मू और राजस्थान पुलिस की टीम यहां आई थी और कई लोगों को हिरासत में लेकर गई थी। जयसिंहपुरा खोर (सड़वा) का यह इलाका सुनसान रहता है। इसी वजह से आतंकी ने यहां की कॉलोनी में अपना ठिकाना बनाया था। 10 गाड़ियों में आई थी पुलिस राशिद विहार कॉलोनी के रिहान ने बताया- वह जयपुर में करीब 15 साल से रह रहा है। जिस घर में अहमद उर्फ खरगोश रहता था, वहां भी एक फैमिली लंबे समय से रहती है, लेकिन उसने कभी अहमद को वहां नहीं देखा। कुछ दिन पहले बाहर की पुलिस की 10 गाड़ियां आई थीं, जिन्होंने सुबह करीब 11 से शाम 5 बजे तक अहमद और उस मकान में रहने वाले लोगों से पूछताछ की थी। जयसिंहपुरा खोरा सड़वा के राशिद विहार कॉलोनी में रह रहे आतंकी खरगोश के पड़ोसी रिहान ने बताया पुलिस आई तो पूरे घटनाक्रम के बारे में पता चला। पड़ोसी बोले- शांत स्वभाव का लगता था जांच में सामने आया कि राशिद विहार कॉलोनी के पास एक खेत में पांच भाइयों सद्दाम, आमिर हसन, जामिर, राहुल और अफरीदी ने मकान बनाया है। इन्हीं के मकान में आतंकी ने किराए पर कमरा लिया था। पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ‘सज्जाद’ ने दाढ़ी बढ़ा रखी थी और वह बेहद शांत स्वभाव का लगता था। वह न तो किसी से बातचीत करता था और न ही किसी सामाजिक गतिविधि में शामिल होता था। पकड़े गए लोगों में आमिर हसन भी शामिल है, जो पेशे से मजदूर है। उससे जम्मू में पूछताछ की जा रही है। घटना के सामने आने के बाद से सड़वा मोड़ और आसपास की कॉलोनियों में अजीब सा सन्नाटा है। लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस व्यक्ति को वे एक शांत पड़ोसी समझ रहे थे, वह देश की सुरक्षा के लिए इतना बड़ा खतरा था। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि जयपुर में उसके मददगार कौन थे और लैपटॉप के जरिए वह किन आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। जिस घर में अहमद रह रहा था, वहां के लोग कुछ भी कहने से हिचकिचा रहे हैं। जम्मू पुलिस की कार्रवाई से हुआ खुलासा इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब जम्मू-कश्मीर पुलिस को आतंकी के बारे में अहम इनपुट मिला। इसके बाद राजस्थान एटीएस की मदद ली गई। एटीएस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एम.एन के अनुसार, चार संदिग्धों को पकड़कर जम्मू कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया। 3 अप्रैल को जम्मू कश्मीर और राजस्थान पुलिस ने राशिद विहार कॉलोनी में दबिश दी थी। ——- ये खबरें भी पढ़िए… जयपुर में एक साल रहा था आतंकी ‘खरगोश’, सी-स्कीम में नौकरी, जयसिंहपुराखोर में रहकर संवेदनशील इलाकों की रेकी की लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ एक या दो दिन नहीं, बल्कि 1 साल साल तक जयपुर में रहा। यही नहीं उसने जयपुर के सी-स्कीम में नौकरी करते हुए कई इलाकों में रेकी की। (पूरी खबर पढ़ें) लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ने जयपुर में निकाह किया था, फेक पासपोर्ट बनवाकर देश से भागा, अब सऊदी अरब में छिपे होने की आशंका लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ ने पहचान बदलकर जयपुर में निकाह किया था। निकाह के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाए। इन डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवाया। फिर देश से भाग निकला। (पूरी खबर पढ़ें)
क्या बीजेपी केरल जीतेगी? प्रमुख नितिन नबीन कहते हैं ‘हम पर भरोसा इस बार दिखेगा’ | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 11:24 IST केरल चुनाव 9 अप्रैल, 2026 को आयोजित किए गए थे। वोटों की गिनती की जाएगी और परिणाम 4 मई, 2026 को घोषित किए जाएंगे। नितिन नबीन ने भरोसा जताया कि भारतीय जनता पार्टी केरल में मजबूत उपस्थिति दर्ज करेगी. (एएनआई) बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने न्यूज18 से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भरोसा जताया कि भारतीय जनता पार्टी केरल में मजबूत उपस्थिति दर्ज करेगी. नबीन ने नेटवर्क18 के एमडी और ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी से कहा, “एलडीएफ और यूडीएफ के बीच इस बार केरल में सभी मैच फिक्सिंग खत्म हो जाएंगी। बीजेपी पर भरोसा इस बार दिखाई देगा।” इससे पहले भी नबीन ने एलडीएफ और यूडीएफ पर मतदाताओं के साथ लंबे समय से “मैच फिक्सिंग का खेल” चलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा, ”लंबे समय से एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ‘मैच फिक्सिंग का खेल’ चल रहा था, लेकिन अब केरल के लोग उस चक्र से बाहर आना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा अब एक वास्तविक विकल्प के रूप में उभर रही है। इसके अतिरिक्त, नबीन ने अपने घोषणापत्र के माध्यम से राज्य के लिए भाजपा के दृष्टिकोण को सामने रखा, जिसका शीर्षक ‘विकासित केरलम’ – या विकसित केरल है। उन्होंने घोषणापत्र को केरल के लोगों के लिए एक “पवित्र प्रतिज्ञा” बताया, जिसमें दशकों से चली आ रही राजनीतिक मैच फिक्सिंग को खत्म करने और राज्य को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति में बदलने के लिए 10 साल का रोडमैप पेश किया गया है। नबीन ने केरल में भाजपा की वृद्धि पर भी प्रकाश डाला – कुछ समय पहले दो प्रतिशत वोट शेयर से अब 20 प्रतिशत तक – वृद्धि के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “स्थानीय निकाय चुनावों में, हमने जोरदार प्रदर्शन किया और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख केंद्रों में भी बढ़त हासिल की।” मट्टनूर में एक रोड शो में, नबीन ने आगे कहा, “इस बार बीजेपी को केरल की जनता से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी। हमें पूरा विश्वास है कि इस बार कमल स्पष्ट जनादेश देगा।” बीजेपी के घोषणापत्र में क्या वादे हैं: भाजपा के घोषणापत्र में एम्स, तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क, प्रमुख शहरों में विशेष आर्थिक केंद्र, महिलाओं के लिए एक रिचार्जेबल कल्याण कार्ड और गरीब परिवारों के लिए मुफ्त एलपीजी सिलेंडर का वादा किया गया है। केरल चुनाव की तारीख और मतगणना की तारीख: मतदान 9 अप्रैल, 2026 को आयोजित किए गए थे। वोटों की गिनती की जाएगी और परिणाम 4 मई, 2026 को घोषित किए जाएंगे। पर्यवेक्षकों ने नोट किया कि केरल के राजनीतिक इतिहास में पहली बार, लगभग हर निर्वाचन क्षेत्र में एक मजबूत तीन-तरफ़ा प्रतियोगिता दिखाई दे रही थी – एक संकेत, भाजपा ने तर्क दिया, कि राज्य का राजनीतिक परिदृश्य अंततः बदल रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 11:24 IST समाचार राजनीति क्या बीजेपी केरल जीतेगी? प्रमुख नितिन नबीन कहते हैं, ‘हम पर भरोसा इस बार दिखेगा’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
छिंदवाड़ा में लोगों को काटने दौड़ी महिला, पानी देख भागी:3 महीने पहले कुत्ते के काटने पर झाड़-फूंक कराया; अब बिगड़ी हालत

छिंदवाड़ा के तामिया के अतरिया ग्राम टिपाखेड़ा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को तीन महीने पहले आवारा कुत्ते ने काट लिया था लेकिन समय पर सही इलाज न मिलने के कारण अब उसकी हालत गंभीर हो गई है। बताया जा रहा है कि महिला का व्यवहार कुत्ते जैसा हो गया और वह लोगों को काटने के लिए दौड़ने लगी। महिला के दामाद ने बताया कि टीपाखेड़ा निवासी पूरन उइके ने बताया कि उनकी सास जगवती (50) को जनवरी 2026 में कुत्ते ने काटा था। उस समय परिवार ने अस्पताल में इलाज कराने के बजाय गांव में झाड़-फूंक करवा ली। शुरुआती दिनों में महिला सामान्य रही, लेकिन कुछ समय बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। महिला में अजीब लक्षण दिखने लगे वह पानी देखकर डरने लगी और उससे दूर भागती थी। इसके साथ ही उसका व्यवहार कुत्तों जैसा हो गया। स्थिति तब गंभीर हो गई जब वह आसपास के लोगों को काटने के लिए दौड़ने लगी। घबराए परिजन उसे तुरंत तामिया के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर दिनेश पलास ने बताया कि महिला का इलाज जारी है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर की अपील डॉक्टर दिनेश पलास ने बताया कि कुत्ते के काटने के मामलों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर एंटी-रेबीज इंजेक्शन और उचित इलाज बेहद जरूरी है। लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। कुत्ते के काटने के बाद तुरंत घाव को साफ पानी और साबुन से धोना चाहिए और बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में जाकर टीकाकरण कराना चाहिए। झाड़-फूंक या घरेलू उपायों पर निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान, कहा- ‘टीएमसी बड़ी गड़बड़ी नहीं…’

बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आज सुबह नंदीग्राम में अपना वोट डाला और इलेक्ट्रोमेटो कमीशन का गठन किया। अधिकारी सुबह आठ बजे से कुछ ही समय पहले पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदनायकबार प्राइमरी स्कूल में बूथ नंबर 79 पर क्षेत्र और अपने फ्रैंचाइज़ का प्रयोग किया। वोटिंग के बाद वोटिंग से बातचीत में अधिकारी ने लोगों से वोटिंग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ”मैं ताकतवर लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं। वे (तृणमूली कांग्रेस) बहुमत में गड़बड़ी नहीं कर पाएंगे और न ही कर पाएंगे। मतदान से पहले की रात आम तौर पर अंतिम होती है। प्रथम दृष्टया, विद्युत आयोग और केंद्रीय सेनाओं को धन्यवाद देना चाहिए।’ नंदीग्राम से पुन: चुनावी लड़ाई के मैदान में अधिकारी भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भी चुनावी लड़ाई जारी है जहां 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा। नंदीग्राम से कैथोलिक कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर ने भी शंभूनाथ प्राथमिक शिक्षा सदन में अपना वोट डाला। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुर्शिदाबाद में वोटिंग के दौरान जबरदस्त बवाल, हुमायूँ कबीर और टीएमसी कार्यकर्ता भिदारे, देसी बम भी धमाका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खड़गपुर सदर उम्मीदवार दिलीप घोष ने भी पश्चिम मेदिनीपुर जिले के औद्योगिक शहर सेरोसा स्टेडियम के बूथ नंबर 263 पर अपना वोट डाला। वोटिंग के बाद सुपरस्टार से बात करते हुए घोष ने कहा कि वह घर पर ही रहेंगे और नोटबंदी पर ही बाहर निकलेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि ज्यादातर निर्यात की कोई जरूरत है।’ लोग शांति को बढ़ावा देने वाले मतदान कर रहे हैं। स्थिति सामान्य है.’ अपतटीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच 16 स्कूटरों के 152 क्षेत्र में मतदान जारी है। यह भी पढ़ें- तमिलनाडु चुनाव 2026: ओवैसी की बड़ी अपील- DMK गठबंधन को वोट दें, स्टालिन को सत्ता में वापस लाना
ने जैकलीन को जेल से लेटर लिखा:कहा- प्यार और जंग में सब जायज; एक्ट्रेस ने गवाह बनने की अर्जी दी थी

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस के अप्रूवर बनने के आवेदन के बीच आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने जेल से उन्हें फिर लेटर लिखा है। 21 अप्रैल को लिखे इस लेटर में सुकेश ने जैकलीन को बेबी बोम्मा और माय जैकी कहा। लेटर में उसने लिखा कि प्यार और जंग में सब जायज है और वह हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा, चाहे कुछ भी हो जाए। सुकेश ने अपने मैसेज में यह भी कहा कि तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा हमेशा रहूंगा। उसने जैकलीन के लिए यह भी लिखा कि वह उन्हें बहुत याद करता है और यह रिश्ता उसके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। लेटर के अंत में उसने JFS फॉरएवर लिखते हुए खुद को बेबी बॉय बताया। धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जेल में है सुकेश सुकेश चंद्रशेखर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जेल में बंद है। सुकेश ने जेल से जैकलीन को अब तक एक दर्जन से अधिक लेटर भेजे हैं। वह लगभग हर खास मौके जैसे होली, ईस्टर, क्रिसमस, वैलेंटाइन डे, महिला दिवस और जन्मदिन पर लेटर लिखता रहा है। हाल ही में जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली की अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अप्रूवर बनने का आवेदन दिया है। इस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई को स्पेशल जज प्रशांत शर्मा की अदालत में होगी। इस केस में जैकलीन से कई बार पूछताछ हो चुकी है। ईडी ने उन्हें सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया है। केस रद्द करने की उनकी पिछली अर्जी दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गई थी। सुकेश पर क्या आरोप हैं? बता दें कि सुकेश पर आरोप है कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी की थी। ED की जांच में सामने आया था कि सुकेश ने ठगी के इन पैसों से जैकलीन को करोड़ों रुपए के कीमती गिफ्ट्स दिए थे। इसमें लग्जरी बैग, हीरे की ज्वेलरी, महंगे घोड़े और बिल्लियां शामिल थीं। इस वजह से ED ने जैकलीन को भी इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया था। जैकलीन को कई महंगे गिफ्ट दिए थे ED के मुताबिक, जैकलीन से दोस्ती हो जाने के बाद सुकेश ने उनके ऊपर 7 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए थे। सुकेश ने जैकलीन को ये चीजें गिफ्ट की थीं… …………… जैकलीन फर्नांडिस से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सुकेश के खिलाफ जैकलीन सरकारी गवाह बनेंगी:₹200 करोड़ की ठगी केस में सहयोग को तैयार; इन्हीं पैसों से लग्जरी गिफ्ट लिए थे बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने 17 अप्रैल 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दायर कर कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
सुकेश ने जैकलीन को जेल से लेटर लिखा:कहा- प्यार और जंग में सब जायज; एक्ट्रेस ने गवाह बनने की अर्जी दी थी

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस के अप्रूवर बनने के आवेदन के बीच आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने जेल से उन्हें फिर लेटर लिखा है। 21 अप्रैल को लिखे इस लेटर में सुकेश ने जैकलीन को बेबी बोम्मा और माय जैकी कहा। लेटर में उसने लिखा कि प्यार और जंग में सब जायज है और वह हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा, चाहे कुछ भी हो जाए। सुकेश ने अपने मैसेज में यह भी कहा कि तुम मेरी हो और मैं तुम्हारा हमेशा रहूंगा। उसने जैकलीन के लिए यह भी लिखा कि वह उन्हें बहुत याद करता है और यह रिश्ता उसके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। लेटर के अंत में उसने JFS फॉरएवर लिखते हुए खुद को बेबी बॉय बताया। धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जेल में है सुकेश सुकेश चंद्रशेखर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जेल में बंद है। सुकेश ने जेल से जैकलीन को अब तक एक दर्जन से अधिक लेटर भेजे हैं। वह लगभग हर खास मौके जैसे होली, ईस्टर, क्रिसमस, वैलेंटाइन डे, महिला दिवस और जन्मदिन पर लेटर लिखता रहा है। हाल ही में जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली की अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अप्रूवर बनने का आवेदन दिया है। इस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई को स्पेशल जज प्रशांत शर्मा की अदालत में होगी। इस केस में जैकलीन से कई बार पूछताछ हो चुकी है। ईडी ने उन्हें सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया है। केस रद्द करने की उनकी पिछली अर्जी दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गई थी। सुकेश पर क्या आरोप हैं? बता दें कि सुकेश पर आरोप है कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी की थी। ED की जांच में सामने आया था कि सुकेश ने ठगी के इन पैसों से जैकलीन को करोड़ों रुपए के कीमती गिफ्ट्स दिए थे। इसमें लग्जरी बैग, हीरे की ज्वेलरी, महंगे घोड़े और बिल्लियां शामिल थीं। इस वजह से ED ने जैकलीन को भी इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया था। जैकलीन को कई महंगे गिफ्ट दिए थे ED के मुताबिक, जैकलीन से दोस्ती हो जाने के बाद सुकेश ने उनके ऊपर 7 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए थे। सुकेश ने जैकलीन को ये चीजें गिफ्ट की थीं… …………… जैकलीन फर्नांडिस से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सुकेश के खिलाफ जैकलीन सरकारी गवाह बनेंगी:₹200 करोड़ की ठगी केस में सहयोग को तैयार; इन्हीं पैसों से लग्जरी गिफ्ट लिए थे बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने 17 अप्रैल 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दायर कर कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
टीकमगढ़ में 41.8 डिग्री पहुंचा तापमान:अगले तीन तक और बढ़ेगा, बच्चे दोपहर में घर लौट रहे

टीकमगढ़ में भीषण गर्मी का दौर जारी है। बुधवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में दिन और रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पड़ोसी जिलों में बढ़ती गर्मी के कारण नर्सरी से पांचवीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है, लेकिन टीकमगढ़ जिला प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया है। 41.8 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान भू अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री था। मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.02 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 41.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अगले दो दिनों में और बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और शनिवार को 43 डिग्री रहने का अनुमान है। इसके अलावा, शनिवार को न्यूनतम तापमान 26 डिग्री और रविवार को 27 डिग्री रहने की संभावना है। दिन के साथ रात का तापमान बढ़ने से लोगों को अधिक गर्मी महसूस हो रही है। सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित हो रहे स्कूल सागर जिले के कलेक्टर ने नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं, टीकमगढ़ में स्कूल सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित हो रहे हैं। दोपहर 12 बजे बच्चे गर्म हवाओं के बीच स्कूल से घर लौटते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
UP Board 10th Result 2026 Toppers List LIVE Update; UPMSP

प्रयागराज17 मिनट पहले कॉपी लिंक यूपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट गुरुवार शाम 4 बजे जारी हुआ। सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने टॉप किया है। दोनों को 97.83% अंक मिले। 97.50% अंकों के साथ बाराबंकी की अदिति दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान पर 97.33% अंकों के साथ सीतापुर की अर्पिता, झांसी के ऋषभ साहू और बाराबंकी की परी वर्मा रहीं। इस तरह टॉप-3 में कुल 6 बच्चों ने जगह बनाई। इनमें 5 लड़कियां हैं। टॉप-10 में 115 बच्चों ने जगह बनाई है। इसमें सीतापुर के 13, बाराबंकी के 9, फतेहपुर के 7, कानपुर नगर, इटावा और गोंडा के 6-6 बच्चे हैं। परीक्षा देने वाले जेल में बंद 68 में से 67 कैदी भी पास हुए हैं। भदोही जिले का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा। यहां 95.78% बच्चे पास हुए। ललितपुर सबसे फिसड्डी रहा। यहां सिर्फ 80.22% बच्चे पास हुए। सरकारी स्कूलों के 87.93% बच्चे पास हुए। वहीं, एडेड (अर्द्धसरकारी) स्कूलों के 86.98% और सेल्फ फाइनेंस (प्राइवेट) स्कूलों के 92.32% बच्चे सफल हुए। काशी में पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल रिजल्ट आते ही फूट-फूट कर रोने लगे। उनके कॉजेल के स्टूडेंट सूर्यदीप ने जिला टॉप किया। इसकी खबर लगते ही प्रिंसिपल कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे। बरेली में एक स्कूल के टीचर्स ने बच्चों के साथ जमकर डांस किया। टॉपर कशिश वर्मा के पिता किसान, मां हाउसवाइफ हाईस्कूल टॉपर कशिश वर्मा से दैनिक भास्कर ने बात की। कशिश ने बताया- मैं सोसा गांव की रहने वाली हूं। बाबू राम सावित्री देवी विद्यालय में पढ़ती हूं। मेरे पिता किसान और मां गृहिणी हैं। मैं रोज तीन से चार घंटे पढ़ाई करती थी। स्कूल में भी एक्स्ट्रा क्लास लगती थी। सभी लोग हमें लगातार मोटिवेट करते थे। कशिश ने कहा- मेरी इस सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता, टीचरों और खुद की मेहनत को देना चाहती हूं। मैं दूसरे विद्यार्थियों से कहना चाहती हूं कि अगर इस बार सफलता नहीं मिली तो निराश न हों। ज्यादा मेहनत करें, अगली बार जरूर सफलता मिलेगी। रिजल्ट के बाद की 3 तस्वीरें देखिए- बरेली में 10वीं का रिजलट आने के बाद पास हुए छात्र-छात्राओं के साथ टीचर ने जमकर डांस किया। सीतापुर की अर्पिता ने 10वीं में तीसरी रैंक प्राप्त की। उनकी मां खुशी से झूम उठीं। अर्पिता को गले लगाकर आशीर्वाद दिया। 10वीं का रिजल्ट आते ही काशी के क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल रो पड़े। उनके कॉलेज के छात्र ने वाराणसी में टॉप किया है। लड़कियां, लड़कों से 6.46% ज्यादा पास इस बार 90.42% बच्चे पास हुए हैं। लड़कियां 93.76%, जबकि लड़के 87.30% पास हुए। इस हिसाब से लड़कियां, लड़कों से 6.46% अधिक पास हुई हैं। 2024 में 90.11% छात्र-छात्राएं पास हुए थे। इस साल 0.31% ज्यादा छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। 98.53% कैदियों ने पास की परीक्षा, सिर्फ एक फेल हुआ यूपी की जेल में बंद 68 कैदियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 67 में कैदी पास हुए हैं। कैदियों का पासिंग परसेंटेज 98.53 प्रतिशत है। यानी इनका पासिंग परसेंट ओवरऑल पास बच्चों से बेहतर हैं। पिछले साल यानी 2025 में जेल से 94 कैदियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 91 में कैदी पास हुए हैं। पासिंग परसेंटेज 96% रहा था। 5 साल से लड़कियां ही अव्वल 10वीं के रिजल्ट में इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी। परीक्षा में 87.30% लड़के, जबकि 93.76% लड़कियों ने सफलता हासिल की है। 2025 में 93.87% लड़कियां पास हुई थीं, जबकि लड़के 86.66% ही पास हुए थे। इसी तरह 2024 में छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 88.42 रहा, छात्रों का 77.78% ही रहा था। 2023 में छात्रों का प्रतिशत महज 86 था, जबकि छात्राओं का प्रतिशत 93.35% पहुंच गया था। 2022 में लड़कियां 91.69% और लड़के 85.25% पास हुए थे। 25.89 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के अनुसार, 2026 में 10वीं में 27 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हुए। इनमें 14 लाख 38 हजार 682 छात्र और 13 लाख 12 हजार 263 छात्राएं थीं। 25.89 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। 1.61 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। 10वीं की परीक्षाएं सभी 75 जिलों में 8033 केंद्रों पर 18 फरवरी से शुरू हुई थीं। दो पालियों में परीक्षा हुई। 12 मार्च को परीक्षा समाप्त हुई। प्रदेश में कुल 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए। हाईस्कूल की कॉपी चेक करने के लिए 96,804 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। 18 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक मूल्यांकन चला। करीब 1.57 करोड़ कॉपियां चेक की गईं। ऐसे चेक करें रिजल्ट> क्लिक करें यूपी बोर्ड 10वीं के रिजल्ट से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए- अपडेट्स 01:47 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक 10वीं में प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट सरकारी स्कूलों से अच्छा; देखिए आंकड़े हाईस्कूल में सरकारी स्कूलों 87.93% बच्चे पास हुए हैं। वहीं, एडेड (अर्द्धसरकारी) स्कूलों में 86.98% बच्चे पास हुए हैं। ऐसे सेल्फ फाइनेंस (प्राइवेट) स्कूलों के 92.32% बच्चे पास हुए हैं। 01:06 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक कानपुर की टॉपर तक पहुंचे भास्कर रिपोर्टर, सक्सेस स्टोरी बताई 01:03 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक अर्पिता की मां बोलीं- पढ़ाई के चक्कर में खाना-पीना तक समय पर नहीं कर पाती थी सीतापुर की अर्पिता ने यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया। बाबुपुर गांव की अर्पिता एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता अमरीश कुमार किसान हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। परिवार में एक छोटा भाई भी है, जो अभी पांचवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। अर्पिता बताती हैं कि उन्होंने बोर्ड परीक्षा के दौरान रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई की। उनका मानना है कि पढ़ाई में निरंतरता बेहद जरूरी है। थोड़ी सी भी लापरवाही छात्रों को पीछे कर सकती है। उन्होंने हमेशा अपने शिक्षकों और माता-पिता की बातों का पालन किया और उन्हीं के मार्गदर्शन में आगे बढ़ीं। अर्पिता की मां ने भी बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अर्पिता शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही है। वह सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करती थी और स्कूल से लौटने के बाद भी लगातार तैयारी में जुटी रहती थी। कई बार तो पढ़ाई में इतनी मग्न हो जाती थी कि खाना-पीना तक
राइटर मधु किश्वर मामले में नया मोड:वीडियो वाले दंपति ने की इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन, चंडीगढ़ पुलिस ने भेजा दूसरा नोटिस, 25 को बुलाया

फेमस राइटर मधु किश्वर मामले में नया मोड़ आ गया है। चंडीगढ़ पुलिस ने मिसलीडिंग वीडियो मामले में जो एफआईआर दर्ज की है उसमें दिखाई दे रहे दंपति ने इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन कर ली है। वहीं दूसरी ओर राइटर मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस ने पहला नोटिस दिल्ली में उसके घर देकर 22 अप्रैल को पुलिस स्टेशन 26 में पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वह पेश नहीं हुई। इसके बाद मामले में फिर से चंडीगढ़ पुलिस ने दूसरा नोटिस राइटर मधु किश्वर को भेज दिया है और 25 अप्रैल को पेश होने के लिए कहा है। अब देखते हैं कि 25 अप्रैल को भी राइटर मधु किश्वर पेश होती हैं या फिर नहीं। एफआईआर की कॉपी देने से इनकार राइटर मधु किश्वर ने कहा कि दूसरी बार एक और नोटिस लेकर आए पुलिसकर्मी चंडीगढ़ पुलिस के थे, जिनके साथ दिल्ली पुलिस का भी एक व्यक्ति शामिल था। मैं हैरान हूं कि इस टीम ने भी मुझे एफआईआर की कॉपी देने से इनकार कर दिया, लेकिन मुझसे 25 अप्रैल को चंडीगढ़ के पुलिस स्टेशन 26 में पेश होने की उम्मीद कर रहे हैं। मेरे सहायक ने हमारे बीच हुई पूरी बातचीत रिकॉर्ड की है, जिसे मैं कुछ ही मिनटों में साझा करूंगा। जब मैंने इंस्पेक्टर से बार-बार पूछा कि मुझे एफआईआर की कॉपी क्यों नहीं दी जा रही, तो उनके पास इसका कोई जवाब नहीं था। दंपति ने की इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन चंडीगढ़ की एसएसपी कवंरदीप कौर ने कहा कि पुलिस स्टेशन 26 में जो राइटर मधु किश्वर व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उस मामले में जो वीडियो में दंपति हैं, उन दोनों ने पुलिस इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन कर ली है। साथ ही राइटर मधु किश्वर को 22 अप्रैल को नोटिस जारी कर बुलाया था, लेकिन वह नहीं आईं, जिसके बाद उन्हें दूसरा नोटिस भेजकर फिर से बुलाया गया है। दरअसल, मधु किश्वर समेत अन्य लोगों पर चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में 20 अप्रैल को ही एक शिकायत पर FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया। इससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश की गई और समाज में भ्रम फैलाया गया। चंडीगढ़ पुलिस रात में दिल्ली पहुंची दिल्ली में मधु किश्वर के दफ्तर में उनके और पुलिस अधिकारियों के बीच बात हुई। इस दौरान मधु किश्वर ने कहा कि न उनकी तरफ से कोई दुर्भावना थी और न दूसरी तरफ से। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस से पूछा कि क्या वह स्थानीय पुलिस के साथ नहीं आए हैं? इस पर चंडीगढ़ से आई महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम साथ आई है। मधु किश्वर ने इस टीम को कानून का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के घर पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पुलिस न तो आ सकती है और न ही उन्हें अरेस्ट कर सकती है। उन्होंने इस मुद्दे पर पुलिस टीम के सीनियर अधिकारी से भी बात की तो उसने बताया कि ये टीम चंडीगढ़ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में सिर्फ नोटिस देने आई है। इस पर उन्होंने कहा कि कानून का पालन करते हुए दिन में आना चाहिए। मधु किश्वर के मुताबिक, दोनों पक्षों ने शालीनता और शिष्टाचार बनाए रखा। जैसे ही उन्हें एफआईआर की कॉपी मिलेगी, वह चंडीगढ़ में दर्ज इस केस में शामिल होंगी। 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला भ्रामक पोस्ट-क्लिप शेयर की जा रही: दरअसल, 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी का बताकर एक फर्जी और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। इसे लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने लेखिका मधु किश्वर के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस की एक टीम देर रात उनको नोटिस देने पहुंची थी। यह मामला सेक्टर-26 पुलिस स्टेशन चंडीगढ़ में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। SHO बोले- राइटर पर शेयर करने का आरोपः सेक्टर 19 चंडीगढ़ की SHO सरिता रॉय ने कहा कि 19 अप्रैल को सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई है। यह एक वीडियो से जुड़ी है जिसे एक्स पर पोस्ट किया गया था। मधु किश्वर पर इसे रीपोस्ट करने का आरोप है। हम उन्हें 35.3 BNSS का नोटिस देने आए थे। उन्हें पुलिस स्टेशन में पेश होने का नोटिस दिया गया है। अश्लील शब्द यूज किए, नुकसान पहुंचाने का मकसद: शिकायतकर्ता के अनुसार, यह सब जानबूझकर किया गया, जिसमें अश्लील शब्दों का उपयोग करते हुए झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित लोगों को यह जानकारी थी या उन्हें विश्वास करने का पर्याप्त कारण था। उनका उद्देश्य किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
मेडिकल स्टोर से खरीद रहे हैं ये सात दवाएं, तो हो जाएं सावधान, सरकार ने कर दिया है बैन, वजह भी जान लें

Last Updated:April 23, 2026, 10:38 IST Rajasthan Drug Department Action: राजस्थान में अवमानक दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने सात दवाओं की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है. जांच में ये दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं. विभाग ने सभी अधिकारियों को इनका स्टॉक तुरंत बाजार से हटाने के निर्देश दिए हैं. मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को भी इन दवाओं का उपयोग बंद करने को कहा गया है. ख़बरें फटाफट Jaipur News, Rajasthan Health Department, substandard medicines Rajasthan, seven medicines banned, Rajasthan Drug Department action, quality check of medicines, health alert, list of banned medicines, medicine stock seizure order, जयपुर न्यूज, राजस्थान हेल्थ डिपार्टमेंट, अवमानक दवाएं राजस्थान, सात दवाएं बैन, राजस्थान ड्रग विभाग कार्रवाई, दवाओं की गुणवत्ता जांच, हेल्थ अलर्ट, बैन दवाओं की लिस्ट, दवा स्टॉक जब्ती आदेश जयपुर: राजस्थान में अवमानक दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच जांच में फेल पाई गई सात दवाओं की सूची जारी कर उनके वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन दवाओं का स्टॉक तुरंत बाजार से हटाया जाए और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए. आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए विभाग नियमित रूप से दवाओं की गुणवत्ता की जांच करता है. अप्रैल 2026 में लिए गए सैंपलों की जांच के दौरान सात दवाएं मानक गुणवत्ता पर खरी नहीं उतरीं. ये दवाएं एंटीबायोटिक, खांसी की दवा और अन्य सामान्य उपयोग की दवाएं हैं, जिनका इस्तेमाल बड़ी संख्या में मरीज करते हैं. जांच में सामने आया कि कुछ दवाएं सक्रिय तत्व की मात्रा (Assay) में मानकों से कम पाई गईं, जबकि कुछ दवाएं घुलनशीलता (Dissolution) परीक्षण में असफल रहीं. ऐसी दवाएं मरीजों के इलाज पर असर डाल सकती हैं, इसलिए विभाग ने इन्हें बाजार से हटाने के निर्देश जारी किए हैं. मानकों पर खरी नहीं उतरीं ये दवाएं जांच में यह भी सामने आया कि कई दवाएं Assay यानी सक्रिय तत्व की मात्रा के मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जबकि कुछ दवाएं Dissolution टेस्ट में फेल पाई गईं. इसका मतलब है कि दवा शरीर में सही तरीके से घुलकर असर नहीं कर पाएगी, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. जिन दवाओं पर रोक लगाई गई है उनमें सेफिक्साइम ओरल सस्पेंशन (लोराक्सिम ड्राई सिरप), एल्बेंडाजोल टैबलेट, इस्टोकफ-एलएस ड्रॉप्स, मिथाइलप्रेडनिसोलोन टैबलेट (मिथाइलोएक्टिव-4), ओकुफ-डीएक्स सिरप, सेफ्यूरोक्साइम एसिटिल टैबलेट (एक्सटेंसिव-500) और सिप्रोफ्लोक्सासिन टैबलेट शामिल हैं. ये दवाएं अलग-अलग फार्मा कंपनियों द्वारा बनाई गई थीं और विभिन्न बैचों में गुणवत्ता में कमी पाई गई. औषधि नियंत्रक ने स्टॉक जब्त करने का दिया आदेश औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने बताया कि सभी औषधि नियंत्रण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तुरंत कार्रवाई करते हुए इन दवाओं का स्टॉक जब्त करें और बाजार से हटाएं. साथ ही अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और दवा विक्रेताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इन दवाओं का उपयोग और बिक्री तत्काल बंद करें. उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित दवा निर्माताओं की अन्य बैचों की भी जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाजार में कोई भी अवमानक दवा उपलब्ध न रहे. यदि कहीं इन दवाओं की बिक्री या उपयोग पाया गया तो संबंधित के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. About the Author deep ranjan दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : April 23, 2026, 10:38 IST








