‘बिहार में उनका अस्तित्व ख़तरे में है’: नितिन नबीन ने जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 12:02 IST नबीन ने एनडीए पर हमला तेज करते हुए कहा, ”बिहार में विपक्ष का अस्तित्व खतरे में है, वे 80 से ज्यादा विधायकों वाली जेडीयू के भविष्य पर कैसे सवाल उठा सकते हैं.” बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन (छवि: न्यूज18) भाजपा नेता नितिन नबीन ने गुरुवार को बिहार में विपक्षी दलों पर निशाना साधा और नीतीश कुमार की जद (यू) के भविष्य पर सवाल उठाने के लिए उनकी आलोचना की, जबकि राज्य में विपक्ष का अस्तित्व खतरे में है। नेटवर्क18 ग्रुप के एमडी और ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी से बात करते हुए नबीन ने एनडीए पर हमला तेज करते हुए कहा, ‘बिहार में विपक्ष का अस्तित्व खतरे में है, वे 80 से ज्यादा विधायकों वाली जेडीयू के भविष्य पर कैसे सवाल उठा सकते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि बिहार में विपक्ष को पहले आत्ममंथन करना चाहिए. परिसीमन पर नितिन नबीन विशेष साक्षात्कार के दौरान, भाजपा अध्यक्ष ने चल रहे परिसीमन मुद्दे पर भी प्रकाश डाला और विपक्ष पर उत्तर-दक्षिण विभाजन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया, और कहा कि आज जिस कानून पर सवाल उठाया जा रहा है, वह तब बनाया गया था जब वे सत्ता में थे। बातचीत के दौरान नबीन ने कहा कि ”कानून विपक्ष ने बनाया है.” उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने द्वारा बनाए गए ढांचे पर आपत्ति जता रहा है, सवाल कर रहा है कि क्या उसे अपने कानूनों पर भरोसा नहीं है और किसी भी कथित अंतराल को पहले क्यों नहीं संबोधित किया गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 11:50 IST समाचार राजनीति ‘बिहार में उनका अस्तित्व ख़तरे में है’: नितिन नबीन ने जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नितिन नबीन(टी)बीजेपी(टी)जेडीयू(टी)एनडीए(टी)बिहार
एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का निधन; AICWA ने दुख जताया:कहा- यह सिर्फ परिवार ही नहीं, पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए नुकसान

ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने हरियाणवी एक्ट्रेस और डांसर दिव्यांका सिरोही के निधन पर दुख जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर AICWA ने लिखा, ‘हम 30 साल की उम्र में दिव्यांका सिरोही के अचानक निधन की खबर से बेहद दुखी हैं। यह सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा नुकसान है।’ पोस्ट में आगे लिखा गया, ‘दिव्यांका ने हरियाणा फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मेहनत, टैलेंट और जुनून से खास पहचान बनाई थी। जब कोई कलाकार हमें छोड़कर जाता है, तो उसका दर्द बाकी कलाकार गहराई से महसूस करते हैं, क्योंकि एक कलाकार ही दूसरे कलाकार के संघर्ष, सपने और भावनाओं को समझ सकता है। एसोसिएशन ने अंत में लिखा, ‘इस मुश्किल समय में हम उनके परिवार और अपनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। भगवान उन्हें इस दुख को सहने की ताकत दे और दिव्यांका की आत्मा को शांति मिले। आप हमेशा याद रहेंगी। अलविदा, दिव्यांका सिरोही।’ गाजियाबाद में अचानक बिगड़ी तबीयत मंगलवार देर रात यूपी के गाजियाबाद स्थित घर पर दिव्यांका की तबीयत बिगड़ गई थी। वह चक्कर खाकर जमीन पर गिरीं, जिसमें उनके सिर पर गहरी चोट लगी। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कल बुधवार सुबह गाजियाबाद में उनका अंतिम संस्कार किया गया। दिव्यांका 50 से ज्यादा हरियाणवी गानों में काम कर चुकी थीं। उन्होंने मासूम शर्मा, अमित सैनी रोहतकिया, केडी के साथ भी काम किया। उनके इंस्टाग्राम पर 1.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। उनके निधन पर मासूम शर्मा समेत हरियाणवी इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों ने दुख व्यक्त किया है। दिव्यांका की कुछ PHOTOS… यूपी के गाजियाबाद में रह रहा परिवार दिव्यांका सिरोही का जन्म 19 नवंबर 1996 को बुलंदशहर में हुआ था। परिवार गाजियाबाद में रह रहा है। उन्होंने मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से B.Com और सिक्किम से MBA किया था। फिर गुरुग्राम से B.Ed किया। दिव्यांका के दो भाई हिमांशु, दीपांशु और बहन जसमीत हैं। पिता गजेंद्र ट्रांसपोर्टर हैं और मां अनीता हाउस वाइफ हैं। टिक-टॉक पर वीडियो वायरल हुआ था दिव्यांका को बचपन से ही एक्टिंग और डांसिंग का शौक रहा है। 2019 में दिवाली के दौरान, उन्होंने नीले सूट में पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा के गाने मेरी मम्मी नू पसंद नहीं तू पर परफॉर्म करते हुए एक वीडियो शूट किया। यह वीडियो बहुत वायरल हुआ और इसे लगभग 20 मिलियन व्यूज मिले थे। इसके बाद उनके टिकटॉक पर 5 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए थे।
energy drink liver damage| रम और टकीला से ज्यादा खतरनाक है ये ड्रिंक, पीते ही डैमेज हो जाएगा ये अंग, रुक जाएंगे 500 काम

Last Updated:April 23, 2026, 11:54 IST अगर एनर्जी ड्रिंक पीकर आप खुद को हेल्दी और तंदुरुस्त मान रहे हैं तो अपनी इस विचारधारा को बदल दीजिए, क्योंकि डॉक्टरों की मानें तो एनर्जी ड्रिंक एल्कोहॉल से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रही हैं. इनमें मौजूद कैफीन चीनी और कैमिकल्स से युवाओं में लिवर डैमेज और एनएएफएलडी के केस तेजी से बढ़ रहे हैं. लिवर की हेल्थ के लिए डॉक्टरों ने ड्रिंक का सेवन सीमित करने और जागरूकता की अपील की है. अभी तक आपने शराब के नुकसानों के बारे में सुना होगा लेकिन जिस ड्रिंक को आप बेहद फायदेमंद समझकर पीते हैं, वह चीज रम और टकीला शॉट से कहीं ज्यादा खराब है. डॉक्टरों की मानें तो बाजार में मिलने वाले एनर्जी ड्रिंक आपके शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग को नुकसान पहुंचा रहे हैं और यह नुकसान इतना ज्यादा है कि इससे शरीर के करीब 500 काम रुक सकते हैं. भारत भर के प्रमुख लिवर विशेषज्ञों ने एनर्जी ड्रिंक को लेकर गंभीर जन स्वास्थ्य चिंता जताई है. उनकी मानें तो एनर्जी ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन देश के युवाओं में लिवर की क्षति का एक महत्वपूर्ण कारण बन गया है. ग्लोबल वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है और युवा रोगियों में लिवर रोग के शुरुआती लक्षण तेजी से दिखाई दे रहे हैं. बीएमजे केस रिपोर्ट्स पत्रिका में प्रकाशित एक केस में बताया गया कि एनर्जी ड्र्रिंक के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से स्वस्थ व्यक्ति में तीव्र हेपेटाइटिस का पता चला था. उसके शरीर में मुख्य रूप से नियासिन (विटामिन बी3) की उच्च मात्रा मिली थी जिसकी ज्यादा लिवर के लिए जहरीली मानी जाती है. इसके अलावा शोध से पता चलता है कि इन पेय पदार्थों में मौजूद उच्च शर्करा, कैफीन और रासायनिक योजकों का संयोजन लिवर कोशिकाओं में वसा संचय, ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को बढ़ा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google विशेषज्ञों का कहना है कि जब इन पेय पदार्थों का बार-बार सेवन किया जाता है, खासकर शराब या अनहेल्दी आहार के साथ, तो ये पेय पदार्थ गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग (एनएएफएलडी) विकसित होने के जोखिम को काफी हद तक बढ़ा देते हैं. लिवर ट्रांसप्लांटेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (एलटीएसआई) के अध्यक्ष डॉ. अभिदीप चौधरी कहते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में, लिवर की खराबी से पीड़ित युवा रोगियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है. डॉ. चौधरी ने कहा कि एनर्जी ड्रिंक्स, शराब और उच्च शर्करा वाले पेय पदार्थ. एनर्जी ड्रिंक्स, जिन्हें अक्सर हानिरहित माना जाता है, उनमें कैफीन, चीनी और कैमिकल्स की उच्च मात्रा होती है जो लिवर पर अत्यधिक दबाव डालती है. शराब के साथ लेने या अत्यधिक सेवन करने पर ये लिवर के डैमेज को और बढ़ा देते हैं. शराब लिवर रोग का एक प्रमुख कारण बनी हुई है, और शर्करायुक्त पेय पदार्थ फैटी लिवर रोग में योगदान करते हैं. ये तीनों मिलकर एक गंभीर स्थिति पैदा कर रहे हैं. ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अगर लिवर की क्षति एक निश्चित सीमा से आगे बढ़ जाती है, तो अक्सर लिवर प्रत्यारोपण ही एकमात्र जीवनरक्षक विकल्प बचता है. हेल्थ एक्सपर्ट ने कहा कि एनर्जी ड्रिंक्स को युवाओं को क्षमता बढ़ाने और थकान दूर करने वाले पेय पदार्थों के रूप में आक्रामक रूप से बेचा जा रहा है. हालांकि, इन पेय पदार्थों में अक्सर कैफीन की मात्रा अनुशंसित दैनिक सीमा से कहीं ज्यादा होती है, साथ ही इनमें टॉरिन और हर्बल उत्तेजक जैसे पदार्थ भी होते हैं, जिन्हें लिवर को पचाना पड़ता है. समय के साथ, यह जैव-रासायनिक अतिभार लिवर के कार्य को बाधित कर सकता है. भारत में गैर-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर रोग में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है. अध्ययनों से पता चलता है कि शहरी आबादी का लगभग 25-30% हिस्सा इससे प्रभावित हो सकता है, जिसमें किशोरों और युवा वयस्कों की बढ़ती संख्या भी शामिल है. मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन इसका एक प्रमुख कारण है, जो इंसुलिन प्रतिरोध और लिवर में वसा जमाव को बढ़ावा देता है. एनर्जी ड्रिंक्स और शराब के सेवन के साथ मिलकर यह नुकसान और भी गंभीर और तेजी से बढ़ता है. लिवर ट्रांसप्लांटेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (एलटीएसआई) के सचिव डॉ. चार्ल्स पैनाकल कहते हैं कि चिकित्सकीय दृष्टिकोण से, हम स्पष्ट रूप से एक ऐसा पैटर्न देख रहे हैं जहां जीवनशैली के विकल्प कम उम्र में ही लिवर के स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित कर रहे हैं. एनर्जी ड्रिंक्स, शराब और मीठे पेय पदार्थ इसके मुख्य कारण हैं. लिवर एक लचीला अंग है, लेकिन इन हानिकारक पदार्थों के लगातार संपर्क में रहने से धीरे-धीरे क्षति होती है. फैटी लिवर से लेकर सूजन, फाइब्रोसिस और यहां तक कि सिरोसिस तक. जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि समय रहते उपचार किए जाने पर प्रारंभिक चरण के लिवर रोग को अक्सर ठीक किया जा सकता है. विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि एनर्जी ड्रिंक्स को सुरक्षित मानने की धारणा को तुरंत बदलने की जरूरत है. ऊर्जा के प्राकृतिक स्रोतों के विपरीत, ये पेय पदार्थ केवल अस्थायी उत्तेजना देते हैं जबकि शरीर पर दीर्घकालिक मेटाबॉलिक तनाव डालते हैं. नियमित और अत्यधिक सेवन लक्षणों के प्रकट होने से पहले ही लिवर को चुपचाप नुकसान पहुंचा सकता है. डॉ. अभिदीप चौधरी ने आगे कहा कि अगर लिवर की रक्षा करती है तो संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और प्रोसेस्ड पेय पदार्थों का सीमित सेवन जैसी सरल आदतें अपनाना जरूरी है. प्रारंभिक जांच और जीवनशैली में सुधार गंभीर लिवर रोग को रोकने में बहुत सहायक हो सकते हैं. माता-पिता, स्कूल और नीति निर्माताओं को भी इन पेय पदार्थों के छिपे खतरों के बारे में युवाओं को शिक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. लिवर रोग से युवा आबादी तेजी से प्रभावित हो रही है, इसलिए प्रारंभिक जागरूकता और हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण हैं. First Published : April 23, 2026, 11:54 IST
ट्रम्प ने आर्मी के बाद नौसेना चीफ को बर्खास्त किया:ईरान जंग के बीच परमाणु विभाग के साइटिंस भी सस्पेंड, हनी ट्रैप में फंसे थे

अमेरिका में रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के भीतर लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले आर्मी चीफ को हटाया और अब नौसेना प्रमुख जॉन फेलन को भी पद से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही परमाणु विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी एंड्रयू हग को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में सस्पेंड किया गया है, जो कथित तौर पर हनी ट्रैप में फंस गया था। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना सक्रिय है और इसी बीच शीर्ष स्तर पर लगातार बदलाव हो रहे हैं। रक्षा मंत्री से तालमेल नहीं बना सके पेंटागन की तरफ से छोटा सा बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई, लेकिन हटाए जाने की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से फेलन और पेंटागन के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार मतभेद चल रहे थे। खासकर नौसेना के जहाज निर्माण कार्यक्रम, काम करने के तरीके और नेतृत्व को लेकर उनके और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच टकराव बढ़ता जा रहा था। दरअसल, अमेरिका अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए नए युद्धपोत, पनडुब्बियां और सपोर्ट जहाज तेजी से बनाना चाहता है। इसके लिए बड़े स्तर पर शिपबिल्डिंग सुधार शुरू किए गए थे, जैसे नए जहाजों के डिजाइन को तेज करना, निर्माण प्रक्रिया को आधुनिक बनाना और प्राइवेट शिपयार्ड के साथ तालमेल बेहतर करना। इन योजनाओं में कई दिक्कतें आ रही थीं। जहाजों के बनने में देरी हो रही थी, कई प्रोजेक्ट तय समय से काफी पीछे चल रहे थे। लागत भी लगातार बढ़ रही थी, यानी बजट से ज्यादा खर्च हो रहा था। हेगसेथ का मानना था कि जरूरी सैन्य सुधारों को लागू करने में फेलन काफी धीमे हैं। ट्रम्प से सीधे संपर्क करने से भी नाराजगी बढ़ी वहीं, फेलन का सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क करना भी विवाद की वजह बना। दरअसल फेलन सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क कर रहे थे, जबकि आम तौर पर ऐसा नहीं किया जाता। अमेरिकी सेना में एक तय कमांड चेन होती है। यानी फैसले और जानकारी नीचे से ऊपर एक तय क्रम में जाती है। जैसे नौसेना के अधिकारी पहले अपने सीनियर को रिपोर्ट करते हैं, फिर रक्षा मंत्रालय के जरिए बात राष्ट्रपति तक पहुंचती है। लेकिन आरोप था कि फेलन ने इस तय व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए सीधे राष्ट्रपति से बात की या अपने मुद्दे रखे। इससे हेगसेथ नाराज हो गए थे। रैंडी जॉर्ज- समय से एक साल पहले जबरन निकाले गए अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को 2 अप्रैल को हटा दिया गया। रैंडी का पद साल 2027 में समाप्त होने वाला था। उनके जाने के बाद वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर ला नेव कार्यवाहक आर्मी चीफ की जिम्मेदारी संभालेंगे। ला नेव पहले हेगसेथ के सहायक रह चुके हैं। इस पूरे मामले में आधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं दी गई है। पेंटागन ने सिर्फ इतना कहा कि वह रिटायर हो रहे हैं और उनकी सेवा के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि, जो संकेत मिलते हैं, उनसे लगता है कि यह फैसला व्यक्तिगत गलती की वजह से नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर हो रहे बदलाव का हिस्सा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अपने पद संभालने के बाद कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटा या बदल चुके हैं। यानी सेना के टॉप लेवल पर नई टीम बनाई जा रही है। एक और बात यह है कि रैंडी जॉर्ज को पिछली सरकार के समय नियुक्त किया गया था। नई सरकार अक्सर अपने भरोसे के लोगों को लाना चाहती है, इसलिए पुराने अधिकारियों को हटाया जाता है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने रैंडी जॉर्ज को आर्मी चीफ के पद के लिए नामित किया था और 2023 में सीनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। एंड्रयू हग का वीडियो वायरल, हटाए गए इसी बीच परमाणु विभाग से जुड़े अधिकारी एंड्रयू हग का मामला भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर हाल ही में उनका एक कथित वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे एक रेस्टोरेंट में एक महिला को संवेदनशील जानकारी दे रहे थे। वीडियो में अमेरिका के न्यूक्लियर और केमिकल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का जिक्र होने का दावा किया गया है। यह भी दावा किया गया कि अमेरिका के पास अभी भी नर्व एजेंट मौजूद हैं और एक अमेरिकी आर्मी केमिस्ट की मौत इनके संपर्क में आने से हुई। एंड्रयू हग का वायरल वीडियो… साथ ही ईरान को लेकर अमेरिकी योजनाओं का भी जिक्र बताया गया है, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हग ‘चीफ ऑफ केमिकल न्यूक्लियर श्योरिटी’ थे और न्यूक्लियर व केमिकल सेफ्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद उन्हें जांच पूरी होने तक प्रशासनिक छुट्टी पर भेज दिया गया है। इसके अलावा जनरल डेविड होडने और विलियम ग्रीन जूनियर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को भी हटाया जा चुका है।
ट्रम्प ने आर्मी के बाद नौसेना चीफ को बर्खास्त किया:ईरान जंग के बीच परमाणु विभाग के साइटिंस भी सस्पेंड, हनी ट्रैप में फंसे थे

अमेरिका में रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के भीतर लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले आर्मी चीफ को हटाया और अब नौसेना प्रमुख जॉन फेलन को भी पद से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही परमाणु विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी एंड्रयू हग को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में सस्पेंड किया गया है, जो कथित तौर पर हनी ट्रैप में फंस गया था। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना सक्रिय है और इसी बीच शीर्ष स्तर पर लगातार बदलाव हो रहे हैं। रक्षा मंत्री से तालमेल नहीं बना सके पेंटागन की तरफ से छोटा सा बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई, लेकिन हटाए जाने की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से फेलन और पेंटागन के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार मतभेद चल रहे थे। खासकर नौसेना के जहाज निर्माण कार्यक्रम, काम करने के तरीके और नेतृत्व को लेकर उनके और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच टकराव बढ़ता जा रहा था। दरअसल, अमेरिका अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए नए युद्धपोत, पनडुब्बियां और सपोर्ट जहाज तेजी से बनाना चाहता है। इसके लिए बड़े स्तर पर शिपबिल्डिंग सुधार शुरू किए गए थे, जैसे नए जहाजों के डिजाइन को तेज करना, निर्माण प्रक्रिया को आधुनिक बनाना और प्राइवेट शिपयार्ड के साथ तालमेल बेहतर करना। इन योजनाओं में कई दिक्कतें आ रही थीं। जहाजों के बनने में देरी हो रही थी, कई प्रोजेक्ट तय समय से काफी पीछे चल रहे थे। लागत भी लगातार बढ़ रही थी, यानी बजट से ज्यादा खर्च हो रहा था। हेगसेथ का मानना था कि जरूरी सैन्य सुधारों को लागू करने में फेलन काफी धीमे हैं। ट्रम्प से सीधे संपर्क करने से भी नाराजगी बढ़ी वहीं, फेलन का सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क करना भी विवाद की वजह बना। दरअसल फेलन सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क कर रहे थे, जबकि आम तौर पर ऐसा नहीं किया जाता। अमेरिकी सेना में एक तय कमांड चेन होती है। यानी फैसले और जानकारी नीचे से ऊपर एक तय क्रम में जाती है। जैसे नौसेना के अधिकारी पहले अपने सीनियर को रिपोर्ट करते हैं, फिर रक्षा मंत्रालय के जरिए बात राष्ट्रपति तक पहुंचती है। लेकिन आरोप था कि फेलन ने इस तय व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए सीधे राष्ट्रपति से बात की या अपने मुद्दे रखे। इससे हेगसेथ नाराज हो गए थे। रैंडी जॉर्ज- समय से एक साल पहले जबरन निकाले गए अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को 2 अप्रैल को हटा दिया गया। रैंडी का पद साल 2027 में समाप्त होने वाला था। उनके जाने के बाद वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर ला नेव कार्यवाहक आर्मी चीफ की जिम्मेदारी संभालेंगे। ला नेव पहले हेगसेथ के सहायक रह चुके हैं। इस पूरे मामले में आधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं दी गई है। पेंटागन ने सिर्फ इतना कहा कि वह रिटायर हो रहे हैं और उनकी सेवा के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि, जो संकेत मिलते हैं, उनसे लगता है कि यह फैसला व्यक्तिगत गलती की वजह से नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर हो रहे बदलाव का हिस्सा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अपने पद संभालने के बाद कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटा या बदल चुके हैं। यानी सेना के टॉप लेवल पर नई टीम बनाई जा रही है। एक और बात यह है कि रैंडी जॉर्ज को पिछली सरकार के समय नियुक्त किया गया था। नई सरकार अक्सर अपने भरोसे के लोगों को लाना चाहती है, इसलिए पुराने अधिकारियों को हटाया जाता है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने रैंडी जॉर्ज को आर्मी चीफ के पद के लिए नामित किया था और 2023 में सीनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। एंड्रयू हग का वीडियो वायरल, हटाए गए इसी बीच परमाणु विभाग से जुड़े अधिकारी एंड्रयू हग का मामला भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर हाल ही में उनका एक कथित वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे एक रेस्टोरेंट में एक महिला को संवेदनशील जानकारी दे रहे थे। वीडियो में अमेरिका के न्यूक्लियर और केमिकल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का जिक्र होने का दावा किया गया है। यह भी दावा किया गया कि अमेरिका के पास अभी भी नर्व एजेंट मौजूद हैं और एक अमेरिकी आर्मी केमिस्ट की मौत इनके संपर्क में आने से हुई। एंड्रयू हग का वायरल वीडियो… साथ ही ईरान को लेकर अमेरिकी योजनाओं का भी जिक्र बताया गया है, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हग ‘चीफ ऑफ केमिकल न्यूक्लियर श्योरिटी’ थे और न्यूक्लियर व केमिकल सेफ्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद उन्हें जांच पूरी होने तक प्रशासनिक छुट्टी पर भेज दिया गया है। इसके अलावा जनरल डेविड होडने और विलियम ग्रीन जूनियर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को भी हटाया जा चुका है।
बैतूल में गैस सिलेंडर हादसे में युवक की मौत:पाइप लगाते समय भड़की थी आग, 90% झुलसा था; 10 दिन इलाज के बाद दम तोड़ा

बैतूल के वैष्णवी नगर क्षेत्र में 14 अप्रैल को गैस सिलेंडर में आग लगने से झुलसे 38 वर्षीय योगेश डांगे की मौत हो गई है। पाइप लगाते समय गैस रिसाव के बीच लाइटर जलाने से अचानक आग भड़क गई थी, जिससे युवक करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गया था। भोपाल में 10 दिन तक चले इलाज के बाद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो परिजन उन्हें बैतूल वापस ले आए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, योगेश घर पर गैस सिलेंडर में पाइप लगा रहे थे। इसी दौरान पानी गर्म करने की तैयारी करते समय अचानक सिलेंडर से पाइप निकल गया। गैस का रिसाव होने लगा और जैसे ही उन्होंने लाइटर जलाया, आग भड़क गई। आग की चपेट में आने से योगेश बुरी तरह झुलस गए थे। पड़ोसी महिला ने पानी डालकर बुझाई आग हादसे के वक्त योगेश को आग की लपटों से घिरा देख एक पड़ोसी महिला ने तुरंत पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। महिला ने ही अन्य लोगों को मदद के लिए बुलाया, जिसके बाद घटना की सूचना परिजनों को दी गई। 90% झुलस गए थे, भोपाल में चला 10 दिन इलाज घटना के बाद योगेश को पहले बैतूल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के अनुसार, वे लगभग 90 प्रतिशत तक झुलस चुके थे। हालत गंभीर होने पर उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया। भोपाल में 10 दिन तक उनका इलाज चला, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उन्हें भोपाल से बैतूल वापस ले आए थे, जहां उनकी मौत हो गई। मृतक योगेश डांगे मूल रूप से टिमरनी के निवासी थे। वे बैतूल में अकेले रहकर ऑनलाइन काम करते थे। योगेश अपने परिवार के बड़े बेटे थे। उनकी मां साईखेड़ा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, जबकि पिता किसान हैं।
Healthy Breakfast Ideas । हेल्दी ब्रेकफास्ट आइडिया

होमफोटोलाइफ़फूड गर्मियों में ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल!जानिए 5 आसान आयुर्वेदिक ब्रेकफास्ट आइडिया Last Updated:April 23, 2026, 11:49 IST Healthy Breakfast Ideas: गर्मियों में डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए सही ब्रेकफास्ट चुनना बहुत जरूरी है. हल्का और आसानी से पचने वाला खाना शरीर को पूरे दिन बैलेंस में रखता है. जौ की दलिया, ज्वार उपमा, कुटकी खिचड़ी, रागी चीला और सत्तू ड्रिंक जैसे ऑप्शन ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. ये सभी नाश्ते पेट के लिए हल्के होते हैं और एनर्जी भी देते हैं. सही शुरुआत पूरे दिन की हेल्थ को बेहतर बना सकती है. Healthy Breakfast Ideas: सुबह का नाश्ता हमारे पूरे दिन की एनर्जी और हेल्थ को सेट करता है, लेकिन डायबिटीज वाले लोगों के लिए यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है. अक्सर लोग सुबह हेल्दी समझकर जो खाते हैं, वही बाद में ब्लड शुगर को अचानक बढ़ा देता है और फिर थकान या कमजोरी महसूस होती है. खासकर गर्मियों में शरीर हल्का और ठंडक देने वाला खाना चाहता है, ऐसे में भारी, तला हुआ या ज्यादा मीठा नाश्ता नुकसान कर सकता है. आयुर्वेद के अनुसार सुबह का समय ऐसा होता है जब पाचन अग्नि धीरे-धीरे एक्टिव होती है. इसलिए अगर इस समय हल्का, गर्म और आसानी से पचने वाला खाना खाया जाए तो शरीर को पूरे दिन संतुलित एनर्जी मिलती है. यही वजह है कि सही ब्रेकफास्ट चुनना सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं बल्कि ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए भी बेहद जरूरी है. अगर आप रोज सुबह सही और बैलेंस्ड नाश्ता लेते हैं, तो इससे ना सिर्फ शुगर लेवल स्थिर रहता है बल्कि बार-बार भूख लगने और मीठा खाने की क्रेविंग भी कम होती है. जौ की सब्जी वाली दलिया क्यों है परफेक्ट ऑप्शन: जौ यानी बार्ली को आयुर्वेद में काफी फायदेमंद माना जाता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनका मेटाबोलिज्म स्लो होता है या जिनका शुगर लेवल जल्दी बढ़ जाता है. जौ हल्का होता है और शरीर में अतिरिक्त फैट और शुगर को कम करने में मदद करता है. जब इसे लौकी, गाजर और बीन्स जैसी सब्जियों के साथ बनाया जाता है, तो यह और भी ज्यादा न्यूट्रिशन से भरपूर हो जाता है. इसमें हल्का घी, जीरा और अदरक डालने से इसका स्वाद भी बढ़ता है और पाचन भी बेहतर होता है. यह नाश्ता पेट को भरा रखता है लेकिन भारी नहीं लगता, इसलिए गर्मियों की सुबह के लिए एकदम सही है. Add News18 as Preferred Source on Google ज्वार का उपमा कैसे रखता है शुगर लेवल स्टेबल: अगर आप कुछ हल्का लेकिन स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो ज्वार का उपमा एक अच्छा विकल्प हो सकता है. ज्वार दूसरे अनाजों के मुकाबले ठंडा माना जाता है और यह पचने में भी आसान होता है. इसमें फाइबर अच्छा होता है, जिससे शुगर धीरे-धीरे रिलीज होती है और अचानक स्पाइक नहीं आता. जब इसमें करी पत्ता, राई, हींग और मिक्स सब्जियां मिलाई जाती हैं, तो यह एक बैलेंस्ड और टेस्टी ब्रेकफास्ट बन जाता है. यह पेट को आराम देता है और लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखता है. कुटकी और मूंग दाल की खिचड़ी क्यों है स्मार्ट चॉइस: खिचड़ी को अक्सर बीमार लोगों का खाना माना जाता है, लेकिन सही तरीके से बनाई जाए तो यह एक सुपर हेल्दी ब्रेकफास्ट भी बन सकती है. कुटकी यानी लिटिल मिलेट और मूंग दाल का कॉम्बिनेशन बहुत हल्का और आसानी से पचने वाला होता है. इसमें लौकी, हल्दी और जीरा डालकर बनाया जाए तो यह शरीर को ठंडक भी देता है और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से भी रोकता है. यह एक वन पॉट मील है, जो कम मेहनत में तैयार हो जाता है और पेट को आराम देता है. रागी का चीला क्यों रखता है आपको लंबे समय तक फुल: रागी को फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है और यही वजह है कि यह डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है. रागी का चीला बनाने के लिए इसमें लौकी या गाजर मिलाकर बैटर तैयार किया जाता है और हल्के घी में पकाया जाता है. यह खाने में टेस्टी होता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. सबसे खास बात यह है कि यह ब्लड में ग्लूकोज को धीरे-धीरे रिलीज करता है, जिससे अचानक शुगर स्पाइक नहीं होता. जौ का सत्तू ड्रिंक क्यों है गर्मियों का बेस्ट ऑप्शन: अगर आपको सुबह भारी खाना खाने का मन नहीं करता, तो जौ का सत्तू ड्रिंक आपके लिए एक परफेक्ट ऑप्शन है. यह शरीर को ठंडक देता है और हाइड्रेशन बनाए रखता है. इसमें जीरा, काला नमक और पुदीना मिलाकर बनाया जाता है, जो इसे और भी रिफ्रेशिंग बना देता है. यह जल्दी बन जाता है और उन दिनों के लिए बेस्ट है जब आप कुछ हल्का और जल्दी तैयार होने वाला नाश्ता चाहते हैं. सही ब्रेकफास्ट कैसे बदल सकता है आपकी हेल्थ: डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए हमेशा जटिल डाइट की जरूरत नहीं होती. अगर आप दिन की शुरुआत सही नाश्ते से करते हैं, तो यह आपके मेटाबोलिज्म को बेहतर बनाता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है और पूरे दिन शुगर लेवल को बैलेंस रखने में मदद करता है. खासकर गर्मियों में हल्का, ताजा और सीजन के हिसाब से बना खाना ही सबसे अच्छा विकल्प होता है. First Published : April 23, 2026, 11:49 IST
Bhopal Congress Protest Wheat Procurement Issues

अवनीश भार्गव, मुख्य संगठक कांग्रेस सेवादल मध्य प्रदेश एमपी में गेहूं खरीदी को लेकर लगातार समस्याएं सामने आ रहीं हैं। प्रदेश में 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों के गेहूं की खरीद 9 और 15 अप्रैल से शुरू हुई है। लेकिन, गेहूं उपार्जन में पोर्टल की कई समस्याओं के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। . किसानों की समस्याओं को लेकर गुरुवार को भोपाल में कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक अवनीश भार्गव सत्याग्रह कर रहे हैं। भार्गव 24 घंटे का उपवास कर रहे हैं। इस सत्याग्रह में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान सहित कांग्रेस के तमाम नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। भोपाल के आसपास के जिलों से किसानों को भी इस सत्याग्रह में बुलाया गया है। सेवादल के संगठक बोले- किसानों को परेशान करना चाहती है सरकार कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक अवनीश भार्गव ने भास्कर से बातचीत में कहा हमारी मुख्य मांग यही है कि गेहूं का उपार्जन मप्र की सरकार को करना चाहिए। मंत्री और मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम दाना-दाना खरीदेंगे। लेकिन, जब खरीदी शुरू होती है तो कहते हैं कि पहले 5 एकड़ के किसानों की खरीदी करेंगे। आप किसानों में भेदभाव क्यों कर रहे हैं। किसानों में भेदभाव क्यों किया जा रहा भार्गव ने कहा- जब सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया और किसान ने अपना पंजीयन किया है तो उसका दाना-दाना तुलवाना चाहिए। उसके बावजूद किसानों में भेदभाव किया जा रहा है। यही नहीं जो किसान पंजीयन के बाद स्लॉट बुक कराने जा रहा है तो कहा जा रहा है कि आपका सैटेलाइट वेरिफिकेशन नहीं हैं। छोटे किसानों से कहा जा रहा कि आपका खाता डीबीटी के लिए आधार से लिंक नहीं हैं। एक के बाद गेहूं खरीदी में अवरोध पैदा किए जा रहे हैं। सरकार की मंशा गेहूं खरीदी की नहीं बल्कि, किसानों को परेशान करने की है। ‘जब गेहूं खरीदा ही नहीं तो किसान डिफॉल्टर कैसे कर दिए’ अवनीश भार्गव ने कहा- एक महत्वपूर्ण मुद्दा यह भी है कि आपने किसान को 31 मार्च को ऋण अदा न कर पाने के कारण सहकारी समिति में डिफॉल्टर कर दिया। उससे साल भर का ब्याज ले रहे हैं। जब आपने गेहूं खरीदा ही नहीं तो उसके पहले किसान डिफॉल्टर कैसे हुआ? साल भर का ब्याज लेने का क्या औचित्य है? यदि जितने दिन लेट हुआ है उतने दिन का ब्याज ले लो। पूरे साल का ब्याज लेना न्यायोचित नहीं हैं। सरकार को पुर्नविचार करना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें… एमपी सरकार ने गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने केंद्र से मांगी मदद मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं के निर्यात में आई कमी और जूट के आयात में आ रही बाधाओं के बावजूद राज्य सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में इस वर्ष ‘डबल’ हुई पैदावार को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से गेहूं उपार्जन का निर्धारित कोटा बढ़ाने की अपील की है, ताकि बंपर उत्पादन का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचाया जा सके। पढ़ें पूरी खबर…
राजस्थान के नांद्रे बर्गर पर जुर्माना:मैच फीस का 10% कटेगा, एक डिमेरिट पॉइंट मिला; लखनऊ के खिलाफ मैच में कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन

IPL 2026 के 32वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) के तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर को IPL कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने का दोषी पाया गया है। इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मैच में उनके व्यवहार पर मैच रेफरी ने 10% मैच फीस का जुर्माना लगाया है। साथ ही उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया है। हालांकि किस खिलाड़ी के साथ गलत व्यवहार हुआ, इसका BCCI ने उल्लेख नहीं किया है। माना जा रहा है कि मिचेल मार्श को आउट किया तब शायद उन्होंने मार्श को आउट करने के बाद कुछ बोला या इशारा किया। जिसे फील्ड अंपायरों ने गलत माना। आर्टिकल 2.5 के उल्लंघन का दोषी पाया गया साउथ अफ्रीकी गेंदबाज नांद्रे बर्गर को IPL आचार संहिता के लेवल-1 अपराध का दोषी माना गया है। उन पर आर्टिकल 2.5 के तहत कार्रवाई की गई है। यह आर्टिकल ऐसे मामलों में लागू होता है, जब खिलाड़ी मैदान पर भाषा, एक्शन या इशारों से दूसरे खिलाड़ी का अपमान करे या उसे उकसाए। बर्गर ने गलती मानी, रेफरी का फैसला अंतिम सुनवाई में नांद्रे बर्गर ने गलती स्वीकार की और सजा मंजूर की। IPL नियमों के अनुसार, लेवल-1 मामलों में मैच रेफरी का फैसला अंतिम होता है और अपील का अधिकार नहीं होता। नांद्रे बर्गर ने इस मैच में 2 विकेट लिए नांद्रे बर्गर ने इस मैच में 4 ओवर में 27 रन देकर दो विकेट लिए। उन्होंने पहले कप्तान ऋषभ पंत को आउट किया और फिर मिचेल मार्श को आउट किया। इस मैच में मार्श ने उनके ओवर में चौके-छक्के लगाए। आउट होने से पहले भी मार्श ने छक्का जड़ा। मार्श को आउट करने के बाद बर्गर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और उन्हें कुछ बोल दिया। राजस्थान का इस सीजन पांचवी जीत राजस्थान रॉयल्स की इस सीजन पांचवीं जीत है। बुधवार को लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रन से हराया। इकाना स्टेडियम में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में लखनऊ की टीम 18 ओवर में 119 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। मिचेल मार्श ने 55 रन की फिफ्टी लगाई, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला। कप्तान ऋषभ पंत, आयुष बडोनी और ऐडन मार्करम खाता नहीं खोल सके। गेंदबाजी में राजस्थान से जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट लिए। रवींद्र जडेजा ने ऑलराउंड प्रदर्शन में नाबाद 43 रन बनाए और निकोलस पूरन का विकेट लिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। —————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में लखनऊ की घर में लगातार सातवीं हार:राजस्थान ने 40 रन से हराया; जडेजा ने 43 रन बनाए, एक विकेट लिया IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स का हार का सिलसिला जारी है। टीम को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 40 रन से हार मिली। यह उसकी सीजन में लगातार चौथी हार रही। घरेलू मैदान इकाना पर यह लखनऊ की लगातार सातवीं हार रही। टीम ने एक साल से घर पर कोई मैच नहीं जीता है। यह दिल्ली (9) और डेक्कन चार्जर्स (8) के बाद घरेलू मैदान पर तीसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। पूरी खबर
राजस्थान के नांद्रे बर्गर पर जुर्माना:मैच फीस का 10% कटेगा, एक डिमेरिट पॉइंट मिला; लखनऊ के खिलाफ कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन

IPL 2026 के 32वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) के तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर को IPL कोड ऑफ कंडक्ट तोड़ने का दोषी पाया गया है। इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ मैच में उनके व्यवहार पर मैच रेफरी ने 10% मैच फीस का जुर्माना लगाया है। साथ ही उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया है। हालांकि किस खिलाड़ी के साथ गलत व्यवहार हुआ, इसका BCCI ने उल्लेख नहीं किया है। माना जा रहा है कि मिचेल मार्श को आउट किया तब शायद उन्होंने मार्श को आउट करने के बाद कुछ बोला या इशारा किया। जिसे फील्ड अंपायरों ने गलत माना। आर्टिकल 2.5 के उल्लंघन का दोषी पाया गया साउथ अफ्रीकी गेंदबाज नांद्रे बर्गर को IPL आचार संहिता के लेवल-1 अपराध का दोषी माना गया है। उन पर आर्टिकल 2.5 के तहत कार्रवाई की गई है। यह आर्टिकल ऐसे मामलों में लागू होता है, जब खिलाड़ी मैदान पर भाषा, एक्शन या इशारों से दूसरे खिलाड़ी का अपमान करे या उसे उकसाए। बर्गर ने गलती मानी, रेफरी का फैसला अंतिम सुनवाई में नांद्रे बर्गर ने गलती स्वीकार की और सजा मंजूर की। IPL नियमों के अनुसार, लेवल-1 मामलों में मैच रेफरी का फैसला अंतिम होता है और अपील का अधिकार नहीं होता। नांद्रे बर्गर ने इस मैच में 2 विकेट लिए नांद्रे बर्गर ने इस मैच में 4 ओवर में 27 रन देकर दो विकेट लिए। उन्होंने पहले कप्तान ऋषभ पंत को आउट किया और फिर मिचेल मार्श को आउट किया। इस मैच में मार्श ने उनके ओवर में चौके-छक्के लगाए। आउट होने से पहले भी मार्श ने छक्का जड़ा। मार्श को आउट करने के बाद बर्गर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और उन्हें कुछ बोल दिया। राजस्थान का इस सीजन पांचवी जीत राजस्थान रॉयल्स की इस सीजन पांचवीं जीत है। बुधवार को लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रन से हराया। इकाना स्टेडियम में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में लखनऊ की टीम 18 ओवर में 119 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। मिचेल मार्श ने 55 रन की फिफ्टी लगाई, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला। कप्तान ऋषभ पंत, आयुष बडोनी और ऐडन मार्करम खाता नहीं खोल सके। गेंदबाजी में राजस्थान से जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट लिए। रवींद्र जडेजा ने ऑलराउंड प्रदर्शन में नाबाद 43 रन बनाए और निकोलस पूरन का विकेट लिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। —————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में लखनऊ की घर में लगातार सातवीं हार:राजस्थान ने 40 रन से हराया; जडेजा ने 43 रन बनाए, एक विकेट लिया IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स का हार का सिलसिला जारी है। टीम को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 40 रन से हार मिली। यह उसकी सीजन में लगातार चौथी हार रही। घरेलू मैदान इकाना पर यह लखनऊ की लगातार सातवीं हार रही। टीम ने एक साल से घर पर कोई मैच नहीं जीता है। यह दिल्ली (9) और डेक्कन चार्जर्स (8) के बाद घरेलू मैदान पर तीसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। पूरी खबर








