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बालाघाट में शराब खरीददारों को आबकारी पुलिस दे रही सुरक्षा:दुकान के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन जारी, हटाने की मांग पर अड़ी

बालाघाट में शराब खरीददारों को आबकारी पुलिस दे रही सुरक्षा:दुकान के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन जारी, हटाने की मांग पर अड़ी

बालाघाट के बुढ़ी इलाके में करीब 50 साल पुरानी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब आबकारी विभाग को शराब खरीदने आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए मौके पर अमला तैनात करना पड़ा है। एक हफ्ते से बंद रही दुकान 1 अप्रैल से नए ठेके के बाद से ही महिलाओं ने इस शराब दुकान का विरोध शुरू कर दिया था। उनके विरोध के चलते दुकान एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बंद रही। इससे शासन और ठेकेदार दोनों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। बातचीत भी बेनतीजा रही गुरुवार रात आबकारी विभाग ने ठेकेदार के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बातचीत की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। महिलाएं अपनी मांग पर अड़ी रहीं और दुकान हटाने की बात दोहराती रहीं। अब ग्राहकों को दी जा रही सुरक्षा महिलाओं के सख्त रुख के बाद आबकारी विभाग ने दुकान के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। विभाग का कहना है कि जो लोग शराब खरीदने आ रहे हैं, उन्हें रोका नहीं जा सकता और उनकी सुरक्षा करना जरूरी है। ठेकेदार ने जताया नुकसान दुकान के ठेकेदार बलराम यादव ने कहा कि दुकान बंद रहने से उन्हें और शासन दोनों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि या तो इस नुकसान की भरपाई हो या फिर शासन खुद ही दुकान बंद करने का फैसला ले। विरोध पर उठे सवाल आबकारी निरीक्षक रमाकांत बघेल ने कहा कि किसी को भी शराब खरीदने से रोकना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध अचानक शुरू हुआ है, जिससे लगता है कि इसके पीछे किसी की योजना हो सकती है। महिलाओं की परेशानी भी सामने आई बुढ़ी इलाके में रहने वाली उमा ने बताया कि उनके पति शराब की वजह से घर की कमाई बर्बाद कर देते हैं। इससे परिवार को खाने-पीने तक की दिक्कत होती है। उन्होंने चिंता जताई कि बच्चे भी इस माहौल से प्रभावित हो रहे हैं। महिलाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक शराब दुकान नहीं हटाई जाती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

11-year-old Harry Williams becomes McLaren’s youngest driver, being called the future Hamilton

11-year-old Harry Williams becomes McLaren's youngest driver, being called the future Hamilton

Hindi News Sports 11 year old Harry Williams Becomes McLaren’s Youngest Driver, Being Called The Future Hamilton लंदन12 मिनट पहले कॉपी लिंक भविष्य के विजेताओं को स्कूल की उम्र से ही तैयार कर रहीं हैं दिग्गज फॉर्मूला-1 टीमें। फॉर्मूला-1 की दिग्गज टीम और मौजूदा चैम्पियन मैक्लारेन ने भविष्य के लिए एक बड़ा दांव खेला है। मैक्लारेन ने महज 11 वर्षीय ब्रिटिश कार्टर हैरी विलियम्स को अपने ‘ड्राइवर डेवलपमेंट प्रोग्राम’ में शामिल किया है। इसके साथ ही हैरी इस प्रतिष्ठित एकेडमी का हिस्सा बनने वाले इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। मैक्लारेन का यह प्रोग्राम वर्ल्ड चैम्पियन तैयार करने के लिए जाना जाता है। 7 बार के वर्ल्ड चैम्पियन लुईस हैमिल्टन 1998 में सिर्फ 13 साल की उम्र में इस प्रोग्राम से जुड़े थे। हैरी ने 11 साल की उम्र में साइन होकर हैमिल्टन का रिकॉर्ड तोड़ा। यह साइनिंग दिखाती है कि अब एफ-1 टीमें भविष्य के चैम्पियंस को स्कूल की उम्र से ही तैयार करने पर निवेश कर रही हैं। ब्रिटेन के हैरी ने गांव के छोटे ट्रैक से सीखी रेसिंग, उनकी रेसिंग में ‘कूल’ अंदाज – हैरी का जन्म 2015 में इंग्लैंड के चेशायर काउंटी के छोटे से गांव नीदर एल्डर्ली में हुआ था। महज छह साल की उम्र में हैरी ने छोटी रेसिंग कार से ड्राइविंग सीखना शुरू कर कार्टिंग की। तब ट्रैक पर उनकी फुर्ती देख लोग हैरान हो जाते थे। – उस दौरान जब वे पहली बार कार्ट में बैठे, तो पिता ने महसूस किया कि हैरी में रफ्तार और संतुलन की अच्छी समझ है। यहीं से उनकी कड़ी ट्रेनिंग की शुरुआत हुई। – रेस ट्रैक पर दबाव बढ़ते ही दिग्गजों की धड़कन 165 बीपीएम तक पहुंच जाती है, लेकिन हैरी का दिल 142 बीपीएम पर स्थिर रहता है। एक रेस के दौरान सामने आए इस डेटा ने मैक्लारेन के इंजीनियर्स को चौंका दिया था। बारिश और फिसलन भरे ट्रैक पर भी हैरी शांत दिमाग से फैसले लेते हैं। वे रेसिंग को सिर्फ मशीन नहीं, माइंड से समझते हैं। यही कंट्रोल और कूल एटीट्यूड उन्हें हमउम्र ड्राइवरों से अलग बनाता है। – 2021 में उन्होंने ‘सुपर वन सीरीज’ के जरिए मोटरस्पोर्ट्स की दुनिया में कदम रखा। यह वही सीरीज है, जहां से हैमिल्टन जैसे दिग्गजों ने शुरुआत की थी। यहां हैरी ने अपनी तकनीकी समझ और आक्रामक ड्राइविंग से कोचों को हैरान कर दिया। – फॉर्मूला ई ड्राइवर ओलिवर रोलैंड के मार्गदर्शन में हैरी ने रेसिंग की बारीकियां सीखीं, जैसे कब ओवरटेक करना है और डिफेंस में अपनी लाइन कैसे बनाए रखनी है। इसके बाद ब्रिटिश कार्ट चैम्पियनशिप में 700+ अंक के साथ टॉप 10 में पहुंचे। – 2025 सीजन में वे ब्रिटिश ओपन चैम्पियन बने और यूरोपियन चैम्पियनशिप में पांचवें स्थान पर रहे। लगातार अलग-अलग मंचों पर मिले इन नतीजों ने उन्हें इंटरनेशनल स्तर पर मजबूत दावेदार बना दिया और यहीं से मैक्लारेन टीम की नजर उन पर पड़ी। -हैरी ब्राजील के दिग्गज आर्यटन सेना को अपनी प्रेरणा मानते हैं। पढ़ाई में उन्हें विज्ञान में दिलचस्पी है। वहीं, रेसिंग के अलावा बास्केटबॉल खेलना उन्हें पसंद है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

कर्नाटक कांग्रेस संकट: ‘मैं दिल्ली में सिर्फ ताजी हवा के लिए नहीं आया था…’ डेके शिवकुमार ने बताया साउथ की पॉलिटिक्स का राज

कर्नाटक कांग्रेस संकट: 'मैं दिल्ली में सिर्फ ताजी हवा के लिए नहीं आया था...' डेके शिवकुमार ने बताया साउथ की पॉलिटिक्स का राज

विधानसभा चुनाव 2026: साइना में फ्रांसिस्को पार्टी में जारी असंतोष के बीच, चौधरी डी. के. शिवकुमार ने राजधानी में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने बैठकों का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया और कहा कि वे इसका खुलासा नहीं करेंगे। फोटोग्राफर शिवकुमार ने कहा, ‘मैं पार्टी के नेताओं से मुलाकात कर रहा हूं। मैं अपना काम जारी रखूंगा, लेकिन मैं यह खुलासा नहीं करूंगा कि मैं लोगों से मिला हूं। मैं दिल्ली में सिर्फ यहां की हवा का आनंद लेने नहीं आया हूं।’ गुरुवार की रात नई दिल्ली में हंगामा करते हुए शिवकुमार से जब पूछा गया कि वह पार्टी के नेताओं की चुनावी रिपोर्ट क्यों बदलेंगे तो उन्होंने कहा, ‘चुनाव प्रचार के लिए तमिलनाडु, केरल और असम का दौरा किया। मुझे इन राज्यों में घटी घटनाओं के बारे में अपने नेताओं से जानकारी मिलेगी। पार्टी ने मुझे वहां चुनाव प्रचार की ज़िम्मेदारी सौंपी थी। ‘कर्नाटक में चुनाव अधिकारी केपीसीसी अध्यक्ष और स्नातक के रूप में मेरी ड्यूटी है, और मैं इसे पूरा करूंगा।’ डेके शिवकुमार किस बात पर बोले? राज्य में बदलावों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘जिम्मेदार ऐसे पद पर रहते हुए क्या मैं मीडिया के सामने ऐसे मामलों पर चर्चा कर सकता हूं? मैं इस बारे में बात नहीं करूंगा. कृपया ‘ऐसी फ़्लोरिडा जानकारी की कोशिश न करें।’ यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुर्शिदाबाद में वोट के दौरान जमकर बवाल, हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ता भिडर, देसी बम भी बजा मुस्लिम समुदाय में असंतोष को लेकर विश्लेषकों और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की खबरों में कहा, ‘हमें पार्टी स्तर पर कुछ जानकारी मिली है। हम सभी को मिलकर काम करना होगा।’ मुख्यमंत्री के विशेष शेयरधारकों की बैठक की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. मुझे नहीं पता कि कौन सा आदिवासी करीब है। ऐसी मुझे बैठकों से कोई लेना-देना नहीं है।’ जब उनसे दबाव बनाने के उद्देश्य से दिल्ली की एक और यात्रा की योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘आइए इंतजार करें और देखें।’ विभिन्न राज्यों में चुनाव पर उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु, केरल और असम में विधानसभा चुनाव और कर्नाटक में विधानसभा संख्याएं हो चुकी हैं। हम बुधवार को असम में एक जूम मीटिंग पर भी गए थे। हैदराबाद के बाद दिल्ली क्षेत्र के डीके शिवकुमार दिल्ली दौरे पर उन्होंने कहा, ‘मैं अपने परिवार के साथ हैदराबाद गया था और वहां से दिल्ली आया हूं। मैं सिर्फ ताजी हवा के लिए दिल्ली नहीं आया हूं। मुझे सेंट्रल यूनिवर्सिटी से संबंधित अध्ययन पर चर्चा करनी है। मैंने सुबह मिलने का समय मांगा था और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुझसे शुक्रवार रात 11.45 बजे का समय दिया है।’ मुस्लिम नेताओं की निलंबन रद्द करने की अंतिम तिथि का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘हमें किसे निलंबित किया गया है? उन्होंने खुद अपनी पोस्ट से छुट्टी दे दी है। कृपया त्यागपत्र में लिखी बातों की जांच करें।’ यह भी पढ़ें- बंगाल ने शुरुआती घंटों में ही तय किया बड़ा फैसला, तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोट, जानें 9 बजे तक का आंकड़ा?

फिल्म हक के लिए यामी गौतम ने कुरान पढ़ी थी:डायरेक्टर बोले- इस्लामी कानून समझने में टीम को डेढ़ साल लगा था

फिल्म हक के लिए यामी गौतम ने कुरान पढ़ी थी:डायरेक्टर बोले- इस्लामी कानून समझने में टीम को डेढ़ साल लगा था

फिल्म हक की एक्ट्रेस यामी गौतम ने अपने किरदार की तैयारी और फिल्म की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए करीब चार महीनों तक कुरान पढ़ी थी। यह बात फिल्म के डायरेक्टर सुपन एस वर्मा ने बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में बताई। सुपन एस वर्मा ने बताया कि फिल्म की रिसर्च के दौरान इस्लामी कानून समझने में टीम को करीब डेढ़ साल लगा। उन्होंने बताया कि फिल्म में कुरान के संदर्भ और संवाद वास्तविकता के साथ पेश किए गए हैं। इसलिए अंत में ‘इकरा’ जैसे शब्द का विशेष महत्व रखा गया। उन्होंने कहा कि फिल्म में ट्रिपल तलाक और मेहर जैसे मुद्दों को सही संदर्भ में दिखाने का प्रयास किया गया है। यामी गौतम के अलावा, फिल्म में इमरान हाशमी भी अहम रोल में थे। फिल्म में शीबा चड्ढा, दानिश हुसैन और असीम हट्टंगडी जैसे कलाकार भी थे। फिल्म की कहानी जेंडर इक्वालिटी, न्याय और पर्सनल डिग्निटी जैसे मुद्दों पर आधारित थी। कहानी में, शाजिया (यामी गौतम) अपने पति (इमरान हाशमी) के दूसरी शादी करने और उसे मेंटेनेंस देने से इनकार करने पर अदालत का सहारा लेती है। जंगली पिक्चर्स, इंसोम्निया फिल्म्स और बावेजा स्टूडियोज के कोलैबोरेशन में बनी यह फिल्म नवंबर 2025 में थिएटर में रिलीज हुई थी। इसके बाद इसे 2 जनवरी 2026 को OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया था। फिल्म हक देखकर यामी की फैन हुईं आलिया फिल्म की आलिया भट्ट, कियारा आडवाणी और संजय कपूर जैसे सेलेब्स ने तारीफ की थी। आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक नोट शेयर किया और खुद को यामी की फैन बताया था। एक्ट्रेस ने लिखा था, “क्वीन यामी गौतम, आप ‘हक’ में कमाल हैं। आपकी एक्टिंग में सच्चाई, दिल और क्लास साफ दिखती है। यह अब तक की मेरी सबसे पसंदीदा महिला परफॉर्मेंस में से एक है। जैसा कि मैंने फोन पर भी कहा, मैं आपकी फैन हूं और आपके आने वाले काम का बेसब्री से इंतजार है।” आलिया के इस पोस्ट पर यामी गौतम ने भी अपना रिएक्शन दिया था। उन्होंने आलिया की स्टोरी री-शेयर करते हुए लिखा था कि इतनी शानदार एक्ट्रेस और अच्छे इंसान से ऐसी तारीफ मिलना बहुत खास है। यामी ने कहा कि वह आलिया के काम और उनके प्रोफेशनल रवैये की हमेशा से इज्जत करती हैं। दोनों के बीच हुई बातचीत को उन्होंने दिल से जुड़ी और सच्ची बताया।

फिल्म हक के लिए यामी गौतम ने कुरान पढ़ी थी:डायरेक्टर बोले- इस्लामी कानून समझने में टीम को डेढ़ साल लगा था

फिल्म हक के लिए यामी गौतम ने कुरान पढ़ी थी:डायरेक्टर बोले- इस्लामी कानून समझने में टीम को डेढ़ साल लगा था

फिल्म हक की एक्ट्रेस यामी गौतम ने अपने किरदार की तैयारी और फिल्म की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए करीब चार महीनों तक कुरान पढ़ी थी। यह बात फिल्म के डायरेक्टर सुपर्न वर्मा ने बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में बताई। सुपर्न वर्मा ने बताया कि फिल्म की रिसर्च के दौरान इस्लामी कानून समझने में टीम को करीब डेढ़ साल लगा था। उन्होंने बताया कि फिल्म में कुरान के संदर्भ और संवाद वास्तविकता के साथ पेश किए गए हैं। इसलिए अंत में ‘इकरा’ जैसे शब्द का विशेष महत्व रखा गया। उन्होंने कहा कि फिल्म में ट्रिपल तलाक और मेहर जैसे मुद्दों को सही संदर्भ में दिखाने का प्रयास किया गया था। फिल्म हक में यामी गौतम के अलावा इमरान हाशमी, शीबा चड्ढा, दानिश हुसैन और असीम हट्टंगडी जैसे कलाकार भी थे। फिल्म की कहानी जेंडर इक्वालिटी, न्याय और पर्सनल डिग्निटी जैसे मुद्दों पर आधारित थी। कहानी में, शाजिया (यामी गौतम) अपने पति (इमरान हाशमी) के दूसरी शादी करने और उसे मेंटेनेंस देने से इनकार करने पर अदालत का सहारा लेती है। जंगली पिक्चर्स, इंसोम्निया फिल्म्स और बावेजा स्टूडियोज के कोलैबोरेशन में बनी यह फिल्म नवंबर 2025 में थिएटर में रिलीज हुई थी। इसके बाद इसे 2 जनवरी 2026 को OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया। फिल्म हक देखकर यामी की फैन हुईं आलिया फिल्म की आलिया भट्ट, कियारा आडवाणी और संजय कपूर जैसे सेलेब्स ने तारीफ की थी। आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक नोट शेयर किया और खुद को यामी की फैन बताया था। एक्ट्रेस ने लिखा था, ‘क्वीन यामी गौतम, आप ‘हक’ में कमाल हैं। आपकी एक्टिंग में सच्चाई, दिल और क्लास साफ दिखती है। यह अब तक की मेरी सबसे पसंदीदा महिला परफॉर्मेंस में से एक है। जैसा कि मैंने फोन पर भी कहा, मैं आपकी फैन हूं और आपके आने वाले काम का बेसब्री से इंतजार है।’ आलिया के इस पोस्ट पर यामी गौतम ने भी रिएक्शन दिया था। उन्होंने आलिया की स्टोरी री-शेयर करते हुए लिखा था कि इतनी शानदार एक्ट्रेस और अच्छे इंसान से ऐसी तारीफ मिलना बहुत खास है। यामी ने कहा था कि वह आलिया के काम और उनके प्रोफेशनल रवैये की हमेशा से इज्जत करती हैं। दोनों के बीच हुई बातचीत को उन्होंने दिल से जुड़ी और सच्ची बताया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल के जिन 5 में सबसे ज्यादा वोट, वहां मुस्लिम, जो बना-बिगाड़ हो सकता है ममता का खेल?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल के जिन 5 में सबसे ज्यादा वोट, वहां मुस्लिम, जो बना-बिगाड़ हो सकता है ममता का खेल?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के बंपर वोट ने इतिहास रच दिया है। पहले चरण की वोटिंग में 16 अप्रैल को 152वें चरण में गुरुवार (23) को धुआंधार वोटिंग हुई। चुनाव आयोग ने बताया कि बंगाल में पहले चरण में 92.88 फीसदी वोटिंग हुई. देश की आजादी के बाद पहली बार बंगाल में इतनी वोटें हुई हैं। हम आपको बंगाल के उन 5 प्रतिद्वंद्वियों के बारे में बता रहे हैं, जिन पर सबसे ज्यादा वोटिंग हुई और उन 5 प्रतिद्वंद्वियों पर कितने मुस्लिम वोटर हैं। सीतालकुची सीट कुटज बिहार जिले में सीतालकुची सीट स्टेस्ट विट एससी के लिए स्थित है। इस सीट पर पहले चरण की सभी पोस्टों से अधिक वोट हुई है। यहां करीब 97.53 प्रतिशत लोगों ने अपने पोर्टफोलियो का इस्तेमाल किया है। सीतालकुची में ज्वालामुखीय जाति के बहुमत हैं, अनुपात संख्या 63.59 प्रतिशत है, जबकि मुस्लिम आबादी 26.10 प्रतिशत है। यहां पहले भी खूबसूरत मूर्तियां रहती हैं। भगवानगोला सीट भगवानगोला विधानसभा सीट मुर्शिदाबाद जिले में स्थित है, जोकी हमेशा से यहीं रहता है। भगवानगोला सीट पर इस बार 96.95 फीसदी वोटिंग हुई है। इस सीट पर 85 प्रतिशत के करीबी मतदाता मुस्लिम हैं, जबकि 14 प्रतिशत के करीबी हिंदू और अन्य समुदाय के मतदाता हैं। ये भी पढ़ें- बंगाल में 92% तो तमिलनाडु में 85% वोटिंग! बम्पर वोट के बारे में क्या, बेपरवाह मत के बारे में मत पूछो असर? रघुनाथगंज सीट रघुनाथगंज विधानसभा सीट मुर्शिदाबाद जिले के अंतर्गत आती है। इस सीट पर भारी वोटिंग हुई है. चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यहां 96.90 फीसदी वोटिंग हुई है, जोकी 152 फीसदी में दूसरे नंबर पर है. चाणक के अनुसार, इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम आबादी करीब 80 प्रतिशत है। मेकलीगंज सीट कुटज बिहार जिले के मेकलीगंज सीट स्टॉक रेट के लिए कार्यालय है। इस सीट पर 96.87 प्रतिशत वोटिंग हुई है। यहां अगर मुस्लिम वोटर्स की बात करें तो उनकी संख्या 49,371 है यानी कुल वोटर्स का आंकड़ा 22.80 फीसदी के करीब है. यहां सबसे ज्यादा संख्या में एससी वोटर्स हैं, अनुपातिक संख्या एक लाख 41 हजार है, जोकी करीब 65 फीसदी हैं. ये भी पढ़ें- हाथ में DSLR कैमरा, आंखों पर काला चश्मा, बंगाल चुनाव के बीच नाव से मोदी नेगली में किया प्रदर्शन रानीनगर सीट रानीनगर विधानसभा सीट मुर्शिदाबाद जिले में स्थित है, जोकी सामान्य सीट है। पहले चरण की वोटिंग में इस सीट पर 96.81 फीसदी वोटिंग हुई है। रानीनगर सीट मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्र है। रानीनगर क्षेत्र में करीब 81 गरीब मुस्लिम वोटर हैं, जबकि गरीब जाति के लोग 7.90 प्रतिशत हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)बंगाल पहले चरण का मतदान(टी)पश्चिम बंगाल मतदान प्रतिशत(टी)वोटिंग में शीर्ष 5 सीटें(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बंगाल की 5 सबसे प्रमुख लोकप्रियता वाली लोकप्रियता(टी)बंगाल पहला चरण

‘पहले चरण की 125 पार्टियों पर बीजेपी की जीत पक्की’, शुभेंदु अधिकारी ने हिंदू वोट को लेकर दिया बड़ा दावा

'पहले चरण की 125 पार्टियों पर बीजेपी की जीत पक्की', शुभेंदु अधिकारी ने हिंदू वोट को लेकर दिया बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 91.78 प्रतिशत के उच्च मतदान का समर्थन देते हुए कहा कि भाजपा इस चरण की 152 सीटों से 125 सीटें जीतेगी। पहले चरण के मतदान के समापन के बाद उम्मीदवारी के नेता और नंदीग्राम और भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के सहयोगी पदाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में पक्की ताकत हासिल करने वाली है। उन्होंने निर्वाचन आयोग को श्रेय देने के लिए वोटिंग प्रक्रिया सुनिश्चित की। अधिकारी ने कहा, ‘भाजपा इस चरण में ही लगभग 125 सीटें हासिल कर सकी है।’ आज पहले चरण में 3.6 करोड़ रिकॉर्ड में कुल 91.87 प्रतिशत वोट डाले गए। यह भी पढ़ें:- आजाद भारत में पहली बार बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोट, जानें क्या बोले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सुवेंदु अधिकारी ने मतदान के रुझानों पर भी चर्चा की और बताया कि राज्य में अस्थायी दल के खिलाफ भारी जनविरोधी लहर के अल्पसंख्यक वोट एकजुट दिख रहे हैं, लेकिन ”परिणाम आने पर ही पता चला कि हिंदू समुदाय का एक बड़ा बहुमत – लगभग 85 प्रतिशत – भाजपा के साथ है।” यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: ‘झालमुड़ी खाए, काली मिर्च टीएमसी वालों को लगी’, पश्चिम बंगाल में वोट के बीच नादिया में बोले पीएम मोदी यह भी पढ़ें:- पश्चिम बंगाल चुनाव: ‘ये बंगाल है, यहां भी आपको वोट नहीं मिलेंगे…’, वोट के बीच टीएमसी की मिनियन मोइत्रा की बीजेपी नेता को खतरा उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में पार्टी की मजबूत मजबूत बनी हुई हैं और मुख्य चुनौती वाले अस्थायी दल के समर्थकों द्वारा फैलाई जा रही धमकियों को फायदा है। अधिकारी ने कहा कि ‘निर्वाचन आयोग की स्थापना से पहले चरण में निर्देशन बनाए रखने में मदद मिली।’ उन्हें उम्मीद है कि ऑर्केस्ट्रा का इसी तरह का नियंत्रण जारी रहेगा।

भारतीय बटर चिकन दुनिया के टॉप 6 चिकन व्यंजनों में:भारतीय कुजिन दुनिया में 13वां सबसे बेस्ट, बटर गार्लिक नान दुनिया की नंबर-1 ब्रेड

भारतीय बटर चिकन दुनिया के टॉप 6 चिकन व्यंजनों में:भारतीय कुजिन दुनिया में 13वां सबसे बेस्ट, बटर गार्लिक नान दुनिया की नंबर-1 ब्रेड

भारतीय व्यंजन बटर चिकन इन दिनों सुर्खियों में है। हाल ही में न्यूजीलैंड के एक मंत्री ने न्यूजीलैंड और भारत के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को ‘बटर चिकन सुनामी’ करार दिया। लेकिन राजनीति से हटकर बात करें तो ग्लोबल फूड गाइड टेस्टएटलस की अप्रैल 2026 में प्रकाशित शीर्ष 100 चिकन व्यंजनों की सूची में, भारत का बटर चिकन छठे स्थान पर है। पिछले कई वर्षों से ग्लोबल फूड प्लेटफॉर्म टेस्टएटलस की बेस्ट 100 कुजिन की लिस्ट में भारत टॉप 15 में बना हुआ है। इस साल की टेस्टएटलस की सूची में 5 में से 4.43 की मजबूत रेटिंग के साथ भारत 13वें स्थान पर है। 18,912 फूड्स के लिए 590,228 वैध रेटिंग के आधार पर ये चयन किया गया है। बेस्ट 100 फूड रीजन में दक्षिण भारत 40वें स्थान पर है। बेस्ट फूड सिटीज में मुंबई दुनिया में 5वें स्थान पर है। दिल्ली 53वें, हैदराबाद 54वें स्थान पर, कोलकाता 73 वें स्थान पर, और चेन्नई 93वें स्थान पर है। टेस्टएटलस की बेस्ट फूड बाय कैटेगरी लिस्ट में भारत की बटर गार्लिक नान दुनिया की नंबर-1 ब्रेड है। वेजिटेबल डिशेज में मलाई कोफ्ता दुनिया में तीसरे स्थान पर है। दुनिया के बेस्ट डेजर्ट में भारतीय कुल्फी 49 वें स्थान पर और फिरनी 60 वें स्थान पर है। शेफ विकास खन्ना टाइम 100 लिस्ट में, कुलचा बेस्ट डिश में… खान-पान के मामले में पंजाब के शहर अमृतसर का नाम दुनिया में मशहूर हो रहा है। हाल ही में अमृतसर के शेफ विकास खन्ना को टाइम 100 ग्लोबल इन्फ्लुएंसर्स की लिस्ट में शामिल किया गया है। वहीं टेस्ट एटलस की बेस्ट 100 ग्लोबल डिश की सूची में अमृतसरी कुल्चे को 17वां स्थान मिला है और यह भारत की डिशेज में सबसे ऊपर है। वहीं दुनिया की बेस्ट 100 ब्रेड में भी अमृतसरी कुल्चा चौथे नंबर पर है। यही नहीं दुनिया की बेस्ट फूड सिटीज में अमृतसर का 48वां नंबर है। विकास खन्ना ने न केवल न्यूयॉर्क में भारतीय भोजन को एक नई पहचान दी, बल्कि आपदाओं के दौरान अपनी मानवीय सेवाओं से भी दुनिया का दिल जीता। दुनिया के कुछ टॉप कुजिन 2026 में इटली टॉप पर रैंक नाम रेटिंग 1. इटली- 4.64 2. ग्रीक- 4.60 6. जापान- 4.49 8. चीन -4.48 9. फ्रांस- 4.48 13. भारत -4.43 (स्रोत- टेस्टएटलस) बेस्ट फूड बाय कैटेगरी स्ट्यू डिश- बटर चिकन- 4th वेजिटेबल डिश -मलाई कोफ्ता-3rd ब्रेड – बटर गार्लिक नान 1st

फलों को ज्यादा खाना सेहतमंद, या थोड़ी मात्रा भी देती है शरीर को भरपूर एनर्जी? जानिये एक्सपर्ट की राय

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Last Updated:April 24, 2026, 11:24 IST एक्सपर्ट के मुताबिक दिन में लगभग 2 से 3 सर्विंग फल काफी हैं, ज्यादा फल खाने से वजन, ब्लड शुगर और पाचन की दिक्कतें बढ़ सकती हैं, संतुलन और सही समय जरूरी है. तो अगली बार आप फल खाने से पहले इन बातों का जरूर ध्यान रखें. फल सेहत के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं. इनमें विटामिन, मिनरल, फाइबर और नेचुरल शुगर भरपूर होती है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या ज्यादा मात्रा में फल खाना ज्यादा फायदेमंद है या फिर थोड़ी‑सी मात्रा भी शरीर को पर्याप्त ऊर्जा दे सकती है. इस विषय पर पोषण विशेषज्ञों (एक्सपर्ट्स) की राय काफी संतुलित है. एक्सपर्ट क्या कहते हैं?पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, फल की मात्रा से ज्यादा जरूरी है उसका सही समय, सही चयन और संतुलन. बहुत ज्यादा फल खाना सेहतमंद होने के बजाय कुछ मामलों में नुकसानदायक भी हो सकता है, जबकि सही मात्रा में फल शरीर को भरपूर एनर्जी दे सकते हैं. थोड़ी मात्रा में फल खाने के फायदेएक्सपर्ट मानते हैं कि दिन में 2 से 3 सर्विंग फल (लगभग 250–300 ग्राम) आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए काफी होते हैं. फल की नेचुरल शुगर तुरंत ऊर्जा देती है.फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है.विटामिन C, A और एंटीऑक्सीडेंट इम्युनिटी बढ़ाते हैं.ज्यादा खाने की जरूरत नहीं पड़ती, फिर भी शरीर एक्टिव रहता है.उदाहरण के लिए, एक सेब, एक केला या एक कटोरी पपीता भी शरीर को अच्छा एनर्जी बूस्ट दे सकता है. ज्यादा मात्रा में फल खाने के नुकसानजरूरत से ज्यादा फल खाने से कुछ समस्याएं हो सकती हैं: फलों में मौजूद फ्रक्टोज (प्राकृतिक शुगर) ज्यादा लेने से वजन बढ़ सकता है.डायबिटीज या प्रीडायबिटीज वालों के लिए ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा.ज्यादा फाइबर से गैस, पेट फूलना या दस्त.संतुलित डाइट में प्रोटीन और फैट की कमी हो सकती है.इसलिए एक्सपर्ट साफ कहते हैं कि “ज्यादा” हमेशा “बेहतर” नहीं होता. सही तरीका क्या है?दिनभर में अलग‑अलग फल खाएं.फल को पूरा खाएं, जूस की जगह.सुबह या वर्कआउट से पहले फल बेहतर माने जाते हैं.फल को मुख्य भोजन का विकल्प न बनाएं, बल्कि डाइट का हिस्सा रखें. एक्सपर्ट की राय के मुताबिक, थोड़ी‑सी सही मात्रा में फल भी शरीर को भरपूर ऊर्जा और पोषण दे सकते हैं. जरूरत से ज्यादा फल खाना जरूरी नहीं और न ही हमेशा फायदेमंद होता है. संतुलन, विविधता और समय का ध्यान रखकर खाए गए फल ही सेहत के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी होते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 24, 2026, 11:24 IST

गर्मी में शरीर को रखना है ठंडा, तो यहां जानिए क्या खाएं और पिएं.. जानें सही डाइट प्लान

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अंबाला: हरियाणा में लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे दोपहर के समय हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. दरअसल, चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल कर दिया है. ऐसे में गर्मी से बचने के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो इनमें से कई तरीके राहत देने के बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं. बता दें कि इस बढ़ते तापमान के बीच लोग अक्सर ठंडी चीजों का सेवन काफी मात्रा में करने लगते हैं और फ्रिज से कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम जैसी वस्तुएं निकालकर खाने लगते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद न होकर नुकसानदायक साबित होती हैं. आयुर्वेद के अनुसार तीन दोष वात, पित्त और कफ वहीं, इस बारे में जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला शहर नागरिक अस्पताल की आयुर्वेदिक डॉक्टर मीनाक्षी शर्मा से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि सबसे पहले हमें आयुर्वेद के अनुसार तीन दोषों का ध्यान रखना चाहिए, जिनमें वात (Vata), पित्त (Pitta) और कफ (Kapha) शामिल हैं. ये तीनों ही शरीर और मन को नियंत्रित करने वाली मुख्य जैविक ऊर्जाएं हैं. उन्होंने कहा कि इस मौसम में पित्त दोष की प्रधानता रहती है, इसलिए गर्म मसाले, तेज मिर्च, कोल्ड ड्रिंक और हाई शुगर वाली ड्रिंक्स का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, बल्कि साधारण और संतुलित भोजन लेना चाहिए. गर्मियों में क्या खाएं और क्या ना खाएं उन्होंने बताया कि हाई शुगर वाली ड्रिंक्स शरीर में पानी की मात्रा को कम कर देती हैं. अक्सर लोग शरीर को ठंडा करने के लिए इन ड्रिंक्स का सेवन तो कर लेते हैं, लेकिन बाद में शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि पैकेट में बंद जूस आयुर्वेद के अनुसार सही नहीं माने जाते, क्योंकि उनमें शुगर की मात्रा अधिक होती है. इसलिए लोगों को नींबू पानी, नारियल पानी और सत्तू का सेवन करना चाहिए. जौ का सत्तू और बेसन का सत्तू काफी फायदेमंद होता है. इसके अलावा, ताजा फलों का जूस बनाकर पीना भी बेहतर विकल्प है. दिन की शुरुआत सुबह आंवला जूस से करें उन्होंने बताया कि दिन की शुरुआत सुबह आंवला जूस से करनी चाहिए. खाने में कड़ी पत्ता शामिल करें और भिगोए हुए गोंद कतीरा का सेवन भी लाभकारी होता है. गुलकंद और कांजी का सेवन भी आयुर्वेद में फायदेमंद माना गया है. इसके साथ ही, पानी में नमक और नींबू मिलाकर पी सकते हैं. उन्होंने बताया कि साबुत धनिया की भी एक देसी ड्रिंक बनाई जा सकती है रात में एक गिलास पानी में एक चम्मच धनिया भिगो दें और सुबह उसे छानकर उसमें नींबू और थोड़ी चीनी मिलाकर पी लें, जो काफी फायदेमंद होती है. उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि गर्मी से बचाव के लिए प्राकृतिक और संतुलित उपाय अपनाना बेहद जरूरी है. शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सादा पानी सबसे प्रभावी तरीका है. इसके अलावा, छाछ और मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा और खीरा भी शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते हैं. डॉ. शर्मा ने यह भी सलाह दी कि गर्मी के दिनों में तला-भुना और भारी भोजन कम करना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. हल्का और सुपाच्य भोजन अधिक फायदेमंद रहता है. साथ ही, उन्होंने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी. यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर रखें, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और पानी साथ लेकर चलें.