पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर, एक मजदूर की मौत:तीन अन्य गंभीर घायल, अस्पताल में भर्ती; वाहन चालक फरार, तलाश जारी

सिवनी जिले के केवलारी थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात सड़क हादसे में एक मजदूर व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, देर रात सिवनी-मंडला मार्ग पर ग्राम चौरापाठा के पास एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने दो बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक बाइक सवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की मदद से घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल केवलारी पहुंचाया गया। विपरीत दिशा से आ रही बाइक ने मारी टक्कर बताया जा रहा है कि रेलवे रैक पॉइंट केवलारी में मजदूरी करने के बाद तीन लोग एक बाइक से अपने गांव सुनेहरा लौट रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से एक अन्य बाइक सवार, जो ग्राम सांवरी से सिरोली की ओर जा रहा था, चौरापाठा के पास पहुंचा ही था कि अचानक सामने से आ रहे पिकअप वाहन ने दोनों बाइकों को टक्कर मार दी। हादसे में संदीप नंदा (40) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रोहित भांवरे (35), संदीप उइके (34) और भैयालाल पूसाम (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को पहले केवलारी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल सिवनी रेफर कर दिया। पिकअप वाहन चालक मौके से फरार, तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही केवलारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से पिकअप वाहन चालक की तलाश की जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती से नियंत्रण की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। केवलारी थाना प्रभारी प्रीतम सिंह तिलगाम का कहना है कि मृतक के शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, और टक्कर मारकर फरार पिकअप वाहन व चालक की तलाश की जा रही है।
मुजतबा खामेनेई का चेहरा-होंठ जला, प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत:पैर काटने की नौबत, नकली पैर लगेगा; अब सेना के जनरल देश चला रहे

28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान में मुजतबा खामेनेई के पिता के ठिकाने पर हमला किया, तब से वह छिपकर रह रहे हैं। उसी हमले में उनके पिता, पत्नी और बेटे की मौत हो गई। मुजतबा खुद भी घायल हो गए और अब डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखभाल कर रही है। उनसे मिलना बहुत मुश्किल है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान जो पेशे से हार्ट सर्जन हैं और स्वास्थ्य मंत्री भी उनके इलाज में शामिल रहे हैं। मुजबता से मिलने बड़े अधिकारी और सेना के कमांडर नहीं जाते, क्योंकि उन्हें डर है कि इजराइल उनके जरिए ठिकाने का पता लगाकर हमला कर सकता है। मुजतबा खामेनेई की हालत गंभीर रही है, लेकिन दिमाग से वह पूरी तरह एक्टिव हैं। उनके एक पैर का तीन बार ऑपरेशन हुआ है और अब उन्हें नकली पैर लगाना पड़ेगा। एक हाथ की भी सर्जरी हुई है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। उनके चेहरे और होंठ बुरी तरह जल गए हैं, जिससे बोलना मुश्किल है और आगे प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ेगी। यह पूरी जानकारी कई वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व अधिकारियों, सेना के लोगों और जानकारों से बातचीत के आधार पर सामने आई है। सभी ने अपनी पहचान छिपाने की शर्त पर यह सूचना दी क्योंकि मामला बहुत संवेदनशील है। कंपनी डायरेक्टर की तरह देश चला रहे मुजतबा जब अयातोल्ला अली खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर थे, तब युद्ध, शांति और अमेरिका से बातचीत जैसे बड़े फैसले वही अकेले लेते थे। उनके पास पूरी ताकत थी। लेकिन उनके बेटे और अब के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का वैसा रोल नहीं है। मुजतबा खामेनेई एक ऐसे नेता हैं जो सामने नहीं आते। मार्च में पद संभालने के बाद से उन्हें किसी ने देखा नहीं और उनकी आवाज भी सार्वजनिक रूप से नहीं सुनी गई। उनकी जगह अब ईरान की सेना, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के बड़े कमांडर और उनसे जुड़े लोग, देश के अहम फैसले ले रहे हैं। सुरक्षा, युद्ध और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर वही सबसे ज्यादा असर रखते हैं। एक पूर्व सलाहकार अब्दोलरेजा दावरी के मुताबिक, मुजतबा देश को ऐसे चला रहे हैं जैसे किसी कंपनी का डायरेक्टर होता है, लेकिन असली फैसले ‘बोर्ड’ यानी सेना के जनरल मिलकर लेते हैं। मुजतबा उनके सुझावों पर काफी निर्भर हैं और फैसले सामूहिक रूप से होते हैं। जंग शुरू होने के बाद से गायब हैं मुजतबा मुजतबा ने अब तक कोई वीडियो या ऑडियो मैसेज नहीं दिया, क्योंकि वह कमजोर नहीं दिखना चाहते। उनकी तरफ से सिर्फ लिखित बयान जारी किए जाते हैं, जो ऑनलाइन डाले जाते हैं या टीवी पर पढ़े जाते हैं। उन तक संदेश पहुंचाने का तरीका भी बहुत अलग है। कागज पर लिखे संदेश लिफाफे में बंद करके एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाए जाते हैं, जो कार या बाइक से उनके छिपे ठिकाने तक जाते हैं। उनके जवाब भी इसी तरह वापस आते हैं। उनकी सुरक्षा, चोटें और उनसे संपर्क की कठिनाई की वजह से फिलहाल फैसले लेने की जिम्मेदारी सेना के जनरलों को दे दी गई है। हालांकि देश में अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराएं अभी भी मौजूद हैं, लेकिन असली ताकत अब सेना के पास है। मुजतबा का सेना से पुराना रिश्ता भी है, क्योंकि वह किशोर उम्र में ईरान-इराक युद्ध में लड़ चुके हैं और तभी से उनके कई करीबी संबंध बने। अली खामेनेई की मौत के बाद ताकतवर हुआ IRGC अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इस युद्ध और ईरान के कई बड़े नेताओं की मौत के बाद ‘सिस्टम बदल गया है’ और नए नेता ज्यादा समझदार हैं। लेकिन हकीकत यह है कि ईरान की सरकार खत्म नहीं हुई है, बल्कि अब ताकत एक मजबूत और सख्त रुख वाली सेना के हाथ में चली गई है और धार्मिक नेताओं का प्रभाव कम हो रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुजतबा अभी पूरी तरह कंट्रोल में नहीं हैं। वह औपचारिक रूप से फैसलों में शामिल जरूर हैं, लेकिन उन्हें अक्सर तैयार फैसले दिखाए जाते हैं। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी कहा कि अमेरिका के साथ परमाणु समझौते और शांति योजना से जुड़े प्रस्ताव मुजतबा को दिखाए जाते हैं और उनकी राय ली जाती है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), जिसे 1979 की इस्लामी क्रांति की रक्षा के लिए बनाया गया था, समय के साथ बहुत ताकतवर हो चुका है। उसने राजनीति, उद्योग, खुफिया तंत्र और मिडिल ईस्ट के कई समूहों में अपना प्रभाव बढ़ाया है। पहले वह अली खामेनेई के आदेशों का पालन करता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। ईरान के हर अहम फैसले ले रही IRGC अली खामेनेई की मौत के बाद एक खाली जगह बनी, और उसी दौरान IRGC ने मुजतबा का समर्थन किया और उन्हें सुप्रीम लीडर बनाने में अहम भूमिका निभाई। अब वही असली ताकत बन गए हैं। आज IRGC के पास कई बड़े पद और ताकत हैं। उनके कमांडर, सुरक्षा परिषद के प्रमुख और सैन्य सलाहकार सभी अहम फैसलों में शामिल हैं। एक एक्सटपर्ट के मुताबिक, “मुजतबा नाम के नेता हैं, लेकिन असली ताकत उनके पास वैसी नहीं है जैसी उनके पिता के पास थी। वह काफी हद तक गार्ड्स पर निर्भर हैं।” जनरल्स इस युद्ध को सरकार के अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं और उनका कहना है कि उन्होंने हालात को काबू में कर लिया है। हर बड़े फैसले में वही आगे रहते हैं। उन्होंने होर्मुज बंद करने जैसे फैसले लिए, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा। ईरान के हमलों की रणनीति, खाड़ी देशों के खिलाफ कदम, और समुद्री रास्ता बंद करने जैसे फैसले भी गार्ड्स ने ही तय किए। अमेरिका के साथ अस्थायी युद्धविराम और बातचीत की मंजूरी भी उन्होंने ही दी। यहां तक कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बातचीत के लिए गालिबाफ को आगे करने का फैसला भी गार्ड्स ने लिया। पहली बार सेना के कई जनरल सीधे बातचीत टीम का हिस्सा बने। साथ ही, युद्ध में मिली बढ़त का इस्तेमाल उन्होंने देश के अंदर अपने विरोधियों को पीछे करने में भी किया। राष्ट्रपति और विदेश मंत्री का रोल कमजोर हुआ राष्ट्रपति और उनकी कैबिनेट को लगभग किनारे कर दिया गया है और उन्हें सिर्फ देश के अंदर के
पश्चिम बंगाल चुनाव: हाथ में डीएसएलआर कैमरा, आंखों पर काला चश्मा, बंगाल चुनाव के बीच नाव से मोदी ने हुगली में किया उद्घाटन

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कोलकाता और वहां हुगली नदी के तट पर कुछ समय के लिए मतदान हुआ। इस दौरान उन्होंने मां गंगा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और बंगाल के लोगों के लिए अपना संदेश साझा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि हर बैल के लिए गंगा का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं है, बल्कि यह बंगाल की आत्मा में बसती है। इसका पवित्र जल एक ऐसी सभ्यता की भावना को अपने में समेटे हुए है, जो सदैव जीवित रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि आज सुबह जब उन्होंने हुगली नदी के तट पर शांति स्थापित की, तो उनके लिए मां गंगा का रथ धारण करने का एक खास मौका था। इस दौरान उन्हें नाविकों से मिलने का मौका मिला,प्रामाणिक श्रम और लग्न की उन्होंने जिम्मेदारी संभाली। साथ ही उन्होंने सुबह टहलने वाले लोगों से भी बातचीत की और उनके जीवन के बारे में जाना। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के विकास और वहां के लोगों की खुशहाली के लिए काम करने के अपने संकल्प को भी सुनिश्चित करने के लिए यह योजना बनाई। उन्होंने कहा कि राज्य के उज्जवल भविष्य के लिए सरकार लगातार प्रयास करती रहेगी। यह दौरा ऐसे समय पर हुआ जब जब राज्य में तानाशाही बनी। ऐसे में प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम में लोगों से जुड़ना और अपनी-अपनी बात को शामिल करना एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। प्रत्येक बंगाली के लिए गंगा का बहुत विशेष स्थान है। कोई कह सकता है कि गंगा बंगाल की आत्मा से होकर बहती है। उसका दिव्य जल संपूर्ण सभ्यता की शाश्वत भावना को धारण करता है। आज सुबह कोलकाता में, मैंने हुगली नदी के तट पर कुछ समय बिताया, और… pic.twitter.com/I3Y0gsFl3E -नरेंद्र मोदी (@नरेंद्रमोदी) 24 अप्रैल 2026 ये भी पढ़ें: समझाया: बंगाल में 92% तो तमिल में 85% मतदान! बम्पर वोट के बारे में क्या, बेपरवाह मत के बारे में मत पूछो असर? पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव में बम्पर वोट पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में इस बार कुछ ऐसा हुआ, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। 152 पर करीब 92.6 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है, जो अब तक सबसे ज्यादा बताई जा रही है। तीन बड़े स्तर पर लोगों के वोट के लिए अपने आप में एक अहम संकेत माना जा रहा है। इस स्थिति की तुलना पहले भी की जा रही है। साल 2011 में भी पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 85.55 फीसदी मतदान हुआ था. उस समय के चुनाव में राज्य की राजनीति पूरी तरह से बदल गयी थी। 34 साल तक सत्ता में रही वामपंथी सरकार को हार का सामना करना पड़ा और ममता बनर्जी के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में आई थी। ये भी पढ़ें: ‘मुस्लिम घरों और मस्जिदों को गिराने से क्या निकलेगा’, गुजरात में गरीबे सोलंकी ने कहा- बाबा साहेब के संविधान से हटे मुज़ाहिर (टैग्सटूट्रांसलेट)हुगली नदी(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)पीएम मोदी(टी)पीएम मोदी कोलकाता(टी)हुगली नदी(टी)बंगाल में गंगा का महत्व(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)मोदी का भाषण कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी) कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)के कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)के कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)को कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)को कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोल काटा(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोल काटा(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)कोलकाता (टी)हुगली नदी(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी) पीएम मोदी(टी) पीएम मोदी कोलकाता(टी)हुगली नदी(टी)बंगाल में गंगा महत्वपूर्ण का(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)मोदी कोलकाता कोलकाता
‘मैं कांग्रेस आलाकमान नेताओं से मिला, लेकिन मैं यह नहीं बताऊंगा कि कौन हैं’: दिल्ली में डीके शिवकुमार | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 10:41 IST कर्नाटक के डिप्टी सीएम, जो असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के सह-प्रभारी भी हैं, ने कहा कि वह वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे और चुनाव से संबंधित एक रिपोर्ट सौंपेंगे। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (छवि:न्यूज18/फ़ाइल) कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस बरकरार रहने के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की, लेकिन बैठक का विवरण देने से इनकार कर दिया। शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ”मैंने आलाकमान नेताओं से मुलाकात की है, लेकिन मैं यह नहीं बताऊंगा कि कौन,” उन्होंने कहा, ”मैं फुरसत के लिए दिल्ली नहीं आया हूं, मैं अपने नेताओं से मिलने आया हूं। मैं इन मामलों पर मीडिया के सामने चर्चा नहीं कर सकता।” कर्नाटक के डिप्टी सीएम, जो असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के सह-प्रभारी भी हैं, ने कहा कि वह वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे और चुनाव से संबंधित एक रिपोर्ट सौंपेंगे। बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए रक्षा भूमि के आवंटन का अनुरोध करने के लिए उनका आज सुबह 11:45 बजे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने का भी कार्यक्रम है। मुस्लिम नेताओं में नाखुशी की रिपोर्ट पर कर्नाटक में मुस्लिम नेताओं के बीच नाखुशी की खबरों पर शिवकुमार ने कहा, “उन्होंने खुद इस्तीफा दिया है. इस्तीफा पत्र की जांच करें. आप जांच कर सकते हैं कि क्या इसे वापस लिया जा सकता है.” कर्नाटक में कांग्रेस को समुदाय के मुस्लिम नेताओं के साथ राजनीतिक कलह का सामना करना पड़ रहा है, एमएलसी अब्दुल जब्बार और नसीर अहमद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेने का दबाव बढ़ रहा है, जिन्हें हाल ही में दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप के बाद बाहर का रास्ता दिखाया गया था। घूर्णी सीएम फॉर्मूला? 2023 में मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी, जब कांग्रेस पार्टी राज्य विधानसभा चुनावों में विजयी हुई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी आलाकमान ने सिद्धारमैया को उनकी बेदाग छवि और राज्य भर में व्यापक समर्थन के कारण सीएम पद के लिए चुना। वहीं डीके शिवकुमार पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच चल रही थी. मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि कांग्रेस आलाकमान ने “घूर्णी मुख्यमंत्री फॉर्मूला” स्थापित किया है, जिसके अनुसार शिवकुमार ढाई साल के बाद सीएम पद संभालेंगे। हालाँकि ऐसा प्रतीत होता है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर “शीत युद्ध” में हैं, लेकिन पार्टी द्वारा इस फॉर्मूले की कभी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 24 अप्रैल, 2026, 10:41 IST समाचार राजनीति ‘मैं कांग्रेस आलाकमान नेताओं से मिला, लेकिन मैं यह नहीं बताऊंगा कि कौन हैं’: दिल्ली में डीके शिवकुमार अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक के मुख्यमंत्री(टी)डीके शिवकुमार दिल्ली बैठक(टी)कर्नाटक कांग्रेस की राजनीति(टी)घूर्णी सीएम फॉर्मूला(टी)सिद्धारमैया बनाम शिवकुमार(टी)मुस्लिम नेताओं का असंतोष(टी)दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव(टी)बेंगलुरु बुनियादी ढांचा रक्षा भूमि
टीकमगढ़ में बाइक टकराने पर मारपीट, VIDEO:15 मिनट तक बीच सड़क पर हंगामा, नहीं पहुंची पुलिस; कानून व्यवस्था पर सवाल

टीकमगढ़ के चकरा तिराहा पर गुरुवार रात दो युवकों के बीच मारपीट हुई। घटना दो बाइकों की टक्कर के बाद हुए विवाद के कारण हुई, जो करीब 15 मिनट तक चलती रही। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। मामूली बाइक टक्कर से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों को सड़क पर खुलेआम झगड़ते देखा जा सकता है। किसा भी पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई फिलहाल मारपीट करने वाले युवकों की पहचान नहीं हो सकी है। रात में किसी भी पक्ष ने कोतवाली में शिकायत दर्ज नहीं कराई। पुलिस अब सामने आए वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के व्यस्त इलाके में इतने लंबे समय तक हंगामा चलता रहा और पुलिस की अनुपस्थिति ने लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा की है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय पर पुलिस हस्तक्षेप करती, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। लोगों का कहना पुलिस हस्तक्षेप करती, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती यह मामला केवल एक झगड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि छोटे विवाद कैसे बड़े रूप ले सकते हैं। प्रशासन को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए गश्त व्यवस्था मजबूत करने और नागरिकों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
कैल्शियम की कमी से हड्डियां हो गई हैं कमजोर, तो यहां जानिए घरेलू उपाय और सही डाइट

Last Updated:April 24, 2026, 10:10 IST उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों और जोड़ों में दर्द व कमजोरी आम समस्या बन जाती है, लेकिन सही खानपान और दिनचर्या से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है. डॉक्टरों के अनुसार, रोजाना एक्सरसाइज के बाद दूध पीना और उसमें ड्राई फ्रूट्स मिलाकर सेवन करना हड्डियों को मजबूत बनाता है और जोड़ों में लुब्रिकेशन बनाए रखता है. साथ ही हल्की मालिश और नियमित व्यायाम से दर्द में राहत मिलती है और शरीर एक्टिव बना रहता है. अगर उम्र बढ़ने के साथ आपके शरीर में जकड़न, जोड़ों में दर्द या हड्डियों में कमजोरी महसूस होने लगी है, तो यह सामान्य बात है, लेकिन सही देखभाल से इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है. जैसे-जैसे बुढ़ापा आता है, शरीर में कैल्शियम की कमी, हड्डियों का कमजोर होना और जोड़ों में लचीलापन कम होना शुरू हो जाता है. कई लोगों को फ्रैक्चर, डिस्क से जुड़ी समस्याएं या ऑस्टियोपोरोसिस जैसी दिक्कतें भी होने लगती हैं. हड्डियों को मिलती है मजबूती ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि आप अपनी दिनचर्या और खानपान पर विशेष ध्यान दें. दूध को हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है, लेकिन उसका सही तरीके से सेवन करना भी जरूरी है. डॉक्टर रिद्धि पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि अगर आप रोजाना व्यायाम करते हैं, तो कसरत के लगभग आधे घंटे बाद एक गिलास दूध जरूर पीना चाहिए. इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और मांसपेशियों तथा हड्डियों को मजबूती मिलती है. जोड़ों में बना रहता है लुब्रिकेशन आगे डॉक्टर पांडे ने बताया कि दूध को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए उसमें भीगे हुए खजूर या ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, काजू और मखाने मिलाए जा सकते हैं. आप इन ड्राई फ्रूट्स को एक चम्मच घी में हल्का फ्राई करके दूध के साथ ले सकते हैं. इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और जोड़ों में लुब्रिकेशन बना रहता है, जिससे मूवमेंट आसान होता है और दर्द की संभावना कम होती है. यह मिश्रण विशेष रूप से उम्रदराज लोगों के लिए बहुत लाभकारी होता है. मांसपेशियों को देता है आराम डॉक्टर रिद्धि ने बताया कि अगर आपको शुरुआती स्तर पर ही जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द महसूस हो रहा है, तो घरेलू उपाय भी काफी असरदार हो सकते हैं. सरसों के तेल को हल्का गर्म करके उसमें थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर मालिश करने से दर्द में राहत मिलती है. यह उपाय रक्त संचार को बेहतर बनाता है और मांसपेशियों को आराम देता है. जोड़ों की समस्याओं में करते हैं मदद वहीं, उन्होंने बताया कि इसके अलावा, हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना भी बहुत जरूरी है. नियमित शारीरिक गतिविधि से हड्डियां मजबूत रहती हैं और शरीर सक्रिय बना रहता है. बता दें कि संतुलित आहार, सही समय पर दूध का सेवन, ड्राई फ्रूट्स का उपयोग, हल्की मालिश और नियमित व्यायाम ये सभी उपाय मिलकर बुढ़ापे में होने वाली हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Chandauli,Chandauli,Uttar Pradesh First Published : April 24, 2026, 10:10 IST
सिंगर रिहाना दूसरी बार भारत पहुंचीं:एयरपोर्ट पर पैपराजी को फ्लाइंग किस दी, 2024 में अनंत अंबानी की शादी में परफॉर्म किया था

इंटरनेशनल सिंगर रिहाना शुक्रवार को दूसरी बार भारत पहुंचीं। मुंबई के कलिना एयरपोर्ट पर उनका फैंस और पैपराजी ने स्वागत किया। उन्होंने हाथ हिलाकर अभिवादन किया, मुस्कुराईं और कार में बैठने से पहले फ्लाइंग किस जेस्चर किया। इससे पहले सिंगर साल 2024 में भारत आई थीं। बताया जा रहा है कि वह मुंबई में एक ब्यूटी ब्रांड से जुड़े एक इवेंट में शामिल होने भारत पहुंची हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है। रिहाना प्राइवेट जेट से मुंबई पहुंचीं। उन्होंने ऑल-ब्लैक आउटफिट पहना था और पोनीटेल, डार्क सनग्लासेस और गोल्ड ज्वेलरी के साथ अपने लुक को पूरा किया। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय पैपराजी उन्हें ‘रीरी’ कहकर बुलाते सुनाई दिए। रिहाना ने जवाब में हाथ हिलाया और मुस्कुराईं। बता दें कि यह रिहाना का भारत का दूसरा दौरा है। इससे पहले वह 2024 में अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन में परफॉर्म करने आई थीं। वह 29 फरवरी, 2024 को जामनगर पहुंचीं और इवेंट के अगले दिन वापस लौट गईं। मार्च 2024 में जामनगर में हुई प्री-वेडिंग सेरेमनी में दुनिया भर की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें मार्क जकरबर्ग, प्रिसिला चान, बिल गेट्स और इवांका ट्रम्प शामिल हैं। रिहाना ने ग्रैमी अवॉर्ड जीते हैं रिहाना का पहला गाना पॉन डे रिप्ले था। यह गाना 24 मई 2005 को उनके पहले स्टूडियो एल्बम, म्यूजिक ऑफ़ द सन के लीड सिंगल के तौर पर रिलीज हुआ था। वहीं, रिहाना का 2007 का गाना अम्ब्रेला उनके करियर का एक टर्निंग पॉइंट था, जिसने उन्हें ग्लोबल सुपरस्टार बना दिया। इससे उन्हें पहला ग्रैमी अवॉर्ड भी मिला। उन्होंने अब तक नौ ग्रैमी जीते हैं। रिहाना पहली महिला कलाकार हैं जिनके 10 गानों ने स्पॉटिफाई पर 1 अरब से ज्यादा स्ट्रीम्स पार किए हैं।
सिंगर रिहाना दूसरी बार भारत पहुंचीं:एयरपोर्ट पर पैपराजी को फ्लाइंग किस दी, 2024 में अनंत अंबानी की शादी में परफॉर्म किया था

इंटरनेशनल सिंगर रिहाना शुक्रवार को दूसरी बार भारत पहुंचीं। मुंबई के कलिना एयरपोर्ट पर उनका फैंस और पैपराजी ने स्वागत किया। उन्होंने हाथ हिलाकर अभिवादन किया, मुस्कुराईं और कार में बैठने से पहले फ्लाइंग किस जेस्चर किया। इससे पहले सिंगर साल 2024 में भारत आई थीं। बताया जा रहा है कि वह मुंबई में एक ब्यूटी ब्रांड से जुड़े एक इवेंट में शामिल होने भारत पहुंची हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है। रिहाना प्राइवेट जेट से मुंबई पहुंचीं। उन्होंने ऑल-ब्लैक आउटफिट पहना था और पोनीटेल, डार्क सनग्लासेस और गोल्ड ज्वेलरी के साथ अपने लुक को पूरा किया। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय पैपराजी उन्हें ‘रीरी’ कहकर बुलाते सुनाई दिए। रिहाना ने जवाब में हाथ हिलाया और मुस्कुराईं। बता दें कि यह रिहाना का भारत का दूसरा दौरा है। इससे पहले वह 2024 में अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन में परफॉर्म करने आई थीं। वह 29 फरवरी, 2024 को जामनगर पहुंचीं और इवेंट के अगले दिन वापस लौट गईं। मार्च 2024 में जामनगर में हुई प्री-वेडिंग सेरेमनी में दुनिया भर की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें मार्क जकरबर्ग, प्रिसिला चान, बिल गेट्स और इवांका ट्रम्प शामिल हैं। रिहाना ने ग्रैमी अवॉर्ड जीते हैं रिहाना का पहला गाना पॉन डे रिप्ले था। यह गाना 24 मई 2005 को उनके पहले स्टूडियो एल्बम, म्यूजिक ऑफ़ द सन के लीड सिंगल के तौर पर रिलीज हुआ था। वहीं, रिहाना का 2007 का गाना अम्ब्रेला उनके करियर का एक टर्निंग पॉइंट था, जिसने उन्हें ग्लोबल सुपरस्टार बना दिया। इससे उन्हें पहला ग्रैमी अवॉर्ड भी मिला। उन्होंने अब तक नौ ग्रैमी जीते हैं। रिहाना पहली महिला कलाकार हैं जिनके 10 गानों ने स्पॉटिफाई पर 1 अरब से ज्यादा स्ट्रीम्स पार किए हैं।
मैहर में करंट से नाबालिग की मौत:मछली पकड़ने के लिए नाले में फैलाया था तार; आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में करंट लगने से एक नाबालिग की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने मछली पकड़ने के उद्देश्य से नाले में बिजली का तार फैलाया था। घटना 21 अप्रैल को हुई थी। ग्राम कस्तरा निवासी विशेषर कोल ने चौकी मुकुंदपुर में सूचना दी थी कि उनके 11 वर्षीय पुत्र विकास कोल की मौत अष्टभुजी माता मंदिर मुकुंदपुर के पास स्थित मुरजुआ नाला में करंट लगने से हो गई है। मछली पकड़ने नाले में लगाया था करंट प्रारंभिक जांच में इसे एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम कस्तरा निवासी कमलेश कोल (55) ने अवैध रूप से विद्युत ट्रांसफार्मर से तार जोड़कर नाले के पानी में करंट प्रवाहित किया था। शाम करीब पांच बजे विकास कोल अनजाने में इस करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल ताला थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मर्ग जांच, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी कमलेश कोल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और मध्यप्रदेश विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को गुरुवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 11-11 मीटर लंबे दो विद्युत तार और एक बांस का खंभा भी जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
गर्मियों का नेचुरल एनर्जी ड्रिंक है सत्तू, यहां जानिए इसे पीने का सही तरीका और हेल्थ बेनिफिट्स

Last Updated:April 24, 2026, 09:38 IST भीषण गर्मी में सत्तू एक नेचुरल एनर्जी ड्रिंक के रूप में बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ हाइड्रेट रखता है और पसीने से निकलने वाले जरूरी मिनरल्स की कमी को पूरा करता है. डॉक्टरों के अनुसार, रोजाना 2 से 3 गिलास सत्तू पीने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और लू से बचाव होता है. खासकर चने का सत्तू गर्मियों में सस्ता, असरदार और सेहतमंद विकल्प माना जाता है. फरीदाबाद: फरीदाबाद में गर्मी अब सचमुच तेवर दिखाने लगी है. दोपहर होते-होते पारा 40 डिग्री के पार पहुंच रहा है. ऐसे मौसम में घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं. तेज धूप, गर्म हवाएं और पसीना शरीर की सारी ऊर्जा खींच लेते हैं. अगर आप भी सुबह जल्दी काम पर निकल जाते हैं और नाश्ते का समय नहीं मिल पाता तो एक देसी उपाय आपकी दिनभर की थकान और कमजोरी को दूर कर सकता है. यह है सत्तू जिसे यूं ही गर्मियों का नेचुरल एनर्जी ड्रिंक नहीं कहा जाता. गर्मियों में किसी वरदान से कम नहीं सत्तू Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल में डायरेक्टर और हेड, इंटरनल मेडिसिन विभाग डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया सत्तू गर्मियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह शरीर के लिए बिल्कुल उसी तरह काम करता है जैसे गाड़ी में कूलेंट. सत्तू शरीर के अंदरूनी तापमान को कम करता है और गर्मी से राहत देता है. सत्तू पीने के फायदे डॉ. सुमित अग्रवाल ने बतायासत्तू पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है. इसके साथ ही पोटेशियम, मैंगनीज जैसे जरूरी मिनरल्स भी शरीर को मिलते हैं. गर्मी में पसीने के जरिए जो जरूरी तत्व बाहर निकल जाते हैं, सत्तू उन्हें वापस पहुंचाने का काम करता है. सत्तू, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है. इसे पीने से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती रहती है. यही वजह है कि सुबह एक गिलास सत्तू पीकर निकलने वाले लोग दिनभर खुद को ज्यादा एक्टिव महसूस करते हैं. यह मांसपेशियों को भी ताकत देता है और थकान को दूर रखता है. शरीर को हाइड्रेट रखता है सत्तू डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया सत्तू शरीर को हाइड्रेट रखता है और लू से बचाने में भी मदद करता है. गर्मियों में जब शरीर को पानी मिनरल्स और एनर्जी तीनों की जरूरत होती है तब सत्तू इन सभी जरूरतों को एक साथ पूरा करता है. डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में दो से तीन गिलास सत्तू पी सकता है. हालांकि, सत्तू हमेशा ताजा बनाकर ही पीना चाहिए. इसे लंबे समय तक बनाकर रखना सही नहीं है. किसी भी चीज की तरह इसका सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए. डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज भी सत्तू का सेवन कर सकते हैं. बस ध्यान रहे कि इसमें चीनी मिलाकर न पिएं. नमक, जीरा और नींबू डालकर बना सत्तू ज्यादा फायदेमंद होता है. चने का सत्तू सबसे बेहतरीन विकल्प डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया जूस और सत्तू दोनों के अपने-अपने फायदे हैं. दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, लेकिन अगर बात गर्मियों में देसी सस्ता और असरदार एनर्जी ड्रिंक चुनने की हो तो चने का सत्तू सबसे बेहतरीन विकल्प है. यह न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है बल्कि दिनभर ऊर्जा से भी भरपूर रखता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana First Published : April 24, 2026, 09:35 IST








