donald Trumps Gold Card Visa Flops Only One Approved So Far

वाशिंगटन5 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प गोल्ड कार्ड व्यक्ति को अमेरिका में अनलिमिटेड रेसीडेंसी (हमेशा रहने) का अधिकार देगा। अमेरिका में अब तक केवल एक व्यक्ति ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बहुचर्चित ‘गोल्ड कार्ड’ वीसा हासिल किया है। गोल्ड कार्ड वीसा में कोई विदेशी 10 लाख डॉलर (करीब 8.3 करोड़ रुपए) देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है। वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने संसदीय समिति की सुनवाई में यह जानकारी दी। यह आंकड़ा उनकी पहले की उस घोषणा से काफी कम है, जिसमें उन्होंने कहा था कि योजना लॉन्च होने के कुछ ही दिनों में करीब 10,800 करोड़ रु. के 1300 आवेदन बेचे जा चुके हैं। लुटनिक ने सुनवाई के दौरान कहा कि फिलहाल सैकड़ों आवेदन प्रक्रिया में हैं। ट्रम्प ने फरवरी, 2025 में ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया था। हालांकि उस वक्त उन्होंने इसकी कीमत 5 मिलियन डॉलर (45 करोड़ रुपए) रखी थी। सितंबर में इसे घटाकर 1 मिलियन डॉलर कर दिया गया था। ट्रम्प का कहना था कि यह अमेरिका फर्स्ट एजेंडे का हिस्सा है, जो टॉप टैलेंट (जैसे भारत-चीन से पढ़े स्टूडेंट्स) को रोकने और कंपनियों को अमेरिका लाने के लिए है। कार्ड लॉन्च करते हुए ट्रम्प ने कहा था- सिर्फ टैलेंटेड लोगों को वीजा देंगे: ट्रम्प गोल्ड कार्ड की अनलिमिटेड रेसीडेंसी में नागरिकों को सिर्फ पासपोर्ट और वोट देने का अधिकार नहीं मिलता, बाकी सारी सुविधाएं एक अमेरिकी नागरिक के जैसी मिलती हैं। यह प्रक्रिया उसी तरह होगी, जैसे ग्रीन कार्ड के जरिए स्थायी निवास मिलता है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि यह वीजा प्रोग्राम खास तौर पर धनी विदेशियों के लिए है, ताकि वे 1 मिलियन डॉलर देकर अमेरिका में रहते हुए काम कर सकें। अब अमेरिका सिर्फ टैलेंटेड लोगों को ही वीजा देगा, न कि ऐसे लोगों को जो अमेरिकियों की नौकरियां छीन सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस रकम का इस्तेमाल टैक्स को घटाने और सरकारी कर्ज चुकाने में किया जाएगा। ट्रम्प ने फरवरी, 2025 में ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया था। गोल्ड कार्ड में हमेशा रहने का अधिकार मिलेगा ट्रम्प ने गोल्ड कार्ड के अलावा 3 नए तरह के वीजा कार्ड भी लॉन्च किए थे। इनमें ‘ट्रम्प गोल्ड कार्ड’, ‘ट्रम्प प्लेटिनम कार्ड’ और ‘कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड’ शामिल हैं। ट्रम्प गोल्ड कार्ड व्यक्ति को अमेरिका में अनलिमिटेड रेसीडेंसी (हमेशा रहने) का अधिकार देगा। वहीं ट्रम्प प्लेटिनम कार्ड जल्दी शुरू किया जाएगा। EB-1 और EB-2 वीजा की जगह लेगा गोल्ड कार्ड कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक के मुताबिक, यह गोल्ड कार्ड मौजूदा EB-1 और EB-2 वीजा की जगह लेगा। ग्रीन कार्ड श्रेणियां बंद हो सकती हैं। EB-1 वीजा अमेरिका का एक स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) वीजा है। EB-2 वीजा भी ग्रीन कार्ड के लिए है, लेकिन उन लोगों के लिए जो उच्च शिक्षा (मास्टर्स या उससे ऊपर) की योग्यता रखते हों। ट्रम्प गोल्ड कार्ड से जुड़े 10 सवाल-जवाब… 1.सवाल: ट्रम्प गोल्ड कार्ड क्या है? जवाब: गोल्ड कार्ड एक नया वीजा/रेसिडेंसी प्रोग्राम है, जिसे डोनाल्ड ट्रम्प ने पेश किया है। यह अमेरिका में लंबे समय तक रहने, काम करने और नागरिकता (US citizenship) पाने का एक विकल्प है। 2.सवाल: यह कार्ड किसको मिलेगा? जवाब: पारंपरिक वीजा या “ग्रीन कार्ड” (Green Card) से अलग यह प्रोग्राम खासतौर से अमीरों, इन्वेस्टर्स, बिजनेसमैन या टैलेंटेड प्रोफेशनल के लिए बनाया गया है। 3.सवाल: ट्रम्प कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड क्या है? जवाब: ट्रम्प कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड कंपनी द्वारा अपने एक या अधिक कर्मचारियों के लिए जारी किया जाता है। कंपनी को प्रति कर्मचारी 15,000 डॉलर का गैर-वापसी योग्य DHS शुल्क देना होता है। वेटिंग पूरी होने के बाद प्रति कर्मचारी 2 मिलियन डॉलर देना होता है। 4.सवाल: कंपनी स्पॉन्सरशिप बदलना चाहे तो क्या होगा? जवाब: अगर कंपनी किसी कर्मचारी का स्पॉन्सरशिप बदलना चाहे तो नए कार्ड के लिए फिर से 2 मिलियन डॉलर नहीं देना पड़ता। पुराना कार्ड नए कर्मचारी के लिए इस्तेमाल हो जाता है। इसमें 1% सालाना मेंटेनेंस फीस और 5% ट्रांसफर फीस (नई DHS बैकग्राउंड चेक सहित) भी लगती है। 5.सवाल: आवेदक को कौन से फायदे मिलते हैं? जवाब: आवेदक को EB-1 या EB-2 वीजा के तहत लॉफुल परमानेंट रेजिडेंट स्टेटस (ग्रीन कार्ड) मिलता है। 6.सवाल: क्या परिवार के सदस्य भी आवेदन कर सकते हैं? जवाब: हां। पति/पत्नी और 21 साल से कम उम्र के अविवाहित बच्चे मुख्य आवेदक के साथ शामिल किए जा सकते हैं। उन्हें भी तेज प्रोसेसिंग मिलती है। हर परिवार के सदस्य के लिए अलग से 15,000 डॉलर DHS शुल्क और 1 मिलियन डॉलर देना होता है। 7.सवाल: आवेदन कैसे करें और क्या जिम्मेदारी है? जवाब: ऑनलाइन आवेदन और 15,000 डॉलर का शुरुआती शुल्क वेबसाइट (https://trumpcard.gov/) के माध्यम से जमा करना होता है। इसके बाद DHS वेटिंग शुरू करता है। वेटिंग सफल होने पर आगे की फीस जमा करनी होती है। USCIS ईमेल के जरिए myUSCIS.gov अकाउंट बनाने और आगे के दस्तावेज जमा करने के निर्देश भेजता है। 8.सवाल: पेमेंट कैसे करें? जवाब: 15,000 डॉलर प्रोसेसिंग फीस- क्रेडिट कार्ड (अमेरिकी व अंतरराष्ट्रीय) या ACH डेबिट (केवल अमेरिकी बैंक) 10 लाख या 20 लाख डॉलर फीस- वेटिंग के बाद मिले ईमेल के अनुसार ACH डेबिट या Swift वायर ट्रांसफर अन्य वीजा संबंधी छोटे शुल्क- अमेरिकी विदेश विभाग अलग से बताता है। 9.सवाल: ट्रम्प प्लेटिनम कार्ड क्या है? (जल्द आ रहा है) जवाब: ट्रम्प प्लेटिनम कार्ड व्यक्ति को बिना किसी ट्रैवल वीजा के हर साल 270 दिन तक अमेरिका में रहने की अनुमति देता है। 10 सवाल: ट्रम्प प्लेटिनम कार्ड के फायदे क्या है? जवाब: ट्रम्प प्लेटिनम कार्ड वाले व्यक्ति को विदेश से कमाई हुई इनकम पर अमेरिका में कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने भारत को नरक बताने वाली चिट्ठी शेयर की:आरोप- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार बुलाते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक पोस्ट को शेयर किया है, जिसमें भारत और चीन को हेल होल (नरक का द्वार) बताया गया है। यह चिट्ठी कट्टरपंथी अमेरिकी लेखक और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज की है, जिसमें जन्म के आधार पर नागरिकता देने की आलोचना की गई है और भारत-चीन समेत कई देशों पर विवादित टिप्पणी की गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google
गाय का दूध बढ़ाना है? शहतूत के पत्तों का ये देसी तरीका कर देगा कमाल, किसानों के लिए वरदान

Last Updated:April 25, 2026, 00:17 IST पहाड़ी इलाकों में लोग आज भी प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीवन जीते हैं और वहीं से कई ऐसे देसी नुस्खे सामने आते हैं, जो बेहद कारगर साबित होते हैं. ऐसा ही एक तरीका है शहतूत के पत्तों का इस्तेमाल, जिसे गायों के लिए नेचुरल सप्लीमेंट माना जाता है. यह न सिर्फ दूध की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि पशुओं की सेहत को भी बेहतर बनाता है. शहतूत के पत्ते सिर्फ साधारण पत्ते नहीं होते, बल्कि ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो गायों की सेहत के लिए बहुत जरूरी होते हैं. गांव के लोग बताते हैं कि जब गायों को शहतूत के पत्ते खिलाए जाते हैं, तो उनका दूध बढ़ जाता है और दूध की क्वालिटी भी बेहतर हो जाती है. आप ये भी कह सकते है कि ये गायों का फेवरेट घास है, जिसे वो बड़े चाव से खाते है. यानी यह सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि एक तरह से नेचुरल सप्लीमेंट का काम करता है. आजकल बाजार में कई तरह के पशु आहार मिलते हैं, लेकिन वे काफी महंगे होते हैं. हर किसान उन्हें खरीद नहीं सकता. ऐसे में से शहतूत के पत्ते एक सस्ता और आसानी से मिलने वाला विकल्प हैं. पहाड़ों में ये पेड़ आसानी से उग जाते हैं और ज्यादा देखभाल भी नहीं मांगते. इसलिए किसान बिना ज्यादा खर्च किए अपने पशुओं का अच्छे से ख्याल रख सकते हैं. शहतूत का पेड़ सिर्फ जानवरों के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अच्छा होता है. यह मिट्टी को मजबूत करता है और पहाड़ी इलाकों में जमीन के कटाव को रोकने में मदद करता है.यानी इस एक ही पेड़ से कई फायदे मिल जाते हैं, फल, पत्ते और पर्यावरण की सुरक्षा. इसलिए आज भी पहाड़ो में ये बहुत ही उपयोगी है. Add News18 as Preferred Source on Google पहाड़ी इलाकों में जिंदगी हमेशा से प्रकृति के साथ जुड़ी रही है. यहां के लोग हर पेड़-पौधे की अहमियत को अच्छे से समझते हैं. ऐसा ही एक पेड़ है शहतूत, जिसे आमतौर पर लोग उसके मीठे फलों के लिए जानते हैं और पहाड़ो में इसे कीमू कह जाता है. लेकिन पहाड़ों में इसकी असली पहचान इसके पत्तों से है, जो गायों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माने जाते. पहाड़ों में लोग शहतूत के पत्तों को सिर्फ तोड़कर ही नहीं रखते, बल्कि उन्हें सही तरीके से सुखाकर स्टोर भी करते हैं. पत्तों को छांव में सुखाया जाता है ताकि उनके पोषक तत्व बने रहें. फिर इन्हें सूखी जगह पर रखा जाता है. जब जरूरत होती है, तो इन्हें पानी में हल्का सा भिगोकर गायों को खिलाया जाता है. यह तरीका बहुत आसान और प्रभावी होता है. ये कोई नई खोज नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है. पहाड़ों के बुजुर्गों ने अपने अनुभव से सीखा कि कौन सा पेड़ और पत्ता जानवरों के लिए फायदेमंद है. शहतूत के पत्तों का इस्तेमाल भी इसी अनुभव का नतीजा है. गांव के लोग बिना किसी वैज्ञानिक किताब के ही ये समझ चुके हैं कि ये पत्ते गायों के लिए कितने उपयोगी हैं. गांव के निवासी और औषधीय पौधों के जानकार राम सिंह का मानना है कि शहतूत के पत्ते खिलाने से गायें कम बीमार पड़ती हैं. उनकी पाचन क्षमता भी बेहतर रहती है और वे ज्यादा एक्टिव रहती हैं. कई लोग तो यह भी कहते हैं कि जो गाय नियमित रूप से ये पत्ते खाती है, उसकी उम्र भी लंबी होती है. हालांकि यह पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से साबित न हो, लेकिन लोगों के अनुभव इसे मजबूत बनाते हैं. First Published : April 25, 2026, 00:17 IST
भोपाल कोर्ट में वकीलों के दो गुटों के बीच विवाद:आम सभा के दौरान झूमाझटकी; पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ

जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर भोपाल कोर्ट में सरगर्मी तेज है। शुक्रवार को कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा हुआ और वकीलों के बीच झूमाझटकी तक की नौबत आ गई। एक पक्ष का आरोप है कि कार्यकारिणी ने पहले बहुमत से 19 वोटों के साथ जगमोहन शर्मा को मुख्य चुनाव अधिकारी चुना था, लेकिन बाद में अचानक अध्यक्ष की सहमति से इंद्रजीत राजपूत को मुख्य चुनाव अधिकारी बना दिया गया। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार शाम को भी वकीलों ने हंगामा किया था। तय हुआ था कि शुक्रवार को मुख्य चुनाव अधिकारी के चयन को लेकर आमसभा बुलाई जाएगी। हालांकि, शुक्रवार को आयोजित आमसभा में भी विवाद हो गया और वकीलों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन महीने पहले ही समाप्त हो चुका है। लंबे विरोध के बाद आमसभा को निरस्त कर दिया गया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। वहीं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक खरे ने बताया कि आम सभा बुलाई गई थी, लेकिन उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। चुनाव अधिकारी की घोषणा कर दी गई है और अब चुनाव की तारीख तय की जा रही है, जिसे जल्द घोषित किया जाएगा।
Bhopal Metro AFC Launch April 27

भोपाल और इंदौर मेट्रो स्टेशन पर टिकट सिस्टम 27 अप्रैल से ऑनलाइन हो जाएगा। भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशन पर अब ऑटोमैटिक फेयर कनेक्शन सिस्टम शुरू हो रहा है। 27 अप्रैल से यात्रियों को मैन्युवली की जगह ऑनलाइन तरीके से ही टिकट मिलेगी। वहीं, टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर छूट भी दी जाएगी। . मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) इस सिस्टम की शुरुआत करने जा रही है। भोपाल और इंदौर में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही मेट्रो यात्रियों को विशेष रियायत दी जाएगी। टिकट पर ये मिलेगी छूट राउंड ट्रिप (आवागमन) टिकट पर कुल किराए में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा जो एक ही दिन में आवागमन करते हैं। ग्रुप में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। समूह टिकट पर कुल किराए में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह सुविधा (एकल समूह टिकट पर) न्यूनतम 8 एवं अधिकतम 40 यात्रियों के समूह के लिए उपलब्ध होगी। भोपाल मेट्रो। MP Metro एप प वॉलेट रिचार्ज पर अतिरिक्त बचत मेट्रो के आधिकारिक मोबाइल एप्प MP Metro के माध्यम से यात्री क्यूआर टिकट बुक कर सकेंगे। इस एप के वॉलेट रिचार्ज पर विशेष रियायत दी जाएगी। मोबाइल एप्प के माध्यम से टिकट प्राप्त करने पर यात्रियों का समय भी बचेगा। इस तरह से मिलेगी रिचार्ज स्लैब में छूट 200 से 499 रुपए के टिकट पर 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 500 से 999 के टिकट पर 10% की छूट मिलेगी। 1000 से 1499 रुपए पर 12% और 1500 से 2000 में 15% की छूट दी जाएगी। टिकटिंग के प्रकार : पेपर QR और मोबाइल QR यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिकटिंग के विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पेपर क्यूआर टिकट, टाम (टिकट काउंटर)/ईएफओ (ग्राहक सेवा केंद्र) रूम से नगद या यूपीआई के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं। मोबाइल क्यूआर टिकट MPMRCL के आधिकारिक मोबाइल एप्प “MP Metro” के माध्यम से डिजिटल भुगतान द्वारा आसानी से खरीदे जा सकेंगे। MP Metro मोबाइल एप्प एंड्रॉयड (Google Play Store) एवं iOS (Apple App Store) दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। MPMRCL वॉलेट में जमा की गई राशि का उपयोग केवल मेट्रो टिकट खरीद के लिए ही किया जा सकेगा और यह राशि किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी।
एमवाय अस्पताल परिसर में नर्सिंग हॉस्टल तोड़ने का विरोध:प्रबंधन से 6 माह की मांगी मोहलत; बार-बार नोटिस जारी कर परेशान करने का आरोप

इंदौर में शुक्रवार को एमवाय अस्पताल परिसर में वर्किंग नर्सिंग हॉस्टल को तोड़ने पहुंची टीम के सामने विवाद की स्थिति बन गई। करीब पौन घंटे तक विरोध चला, जिसके बाद टीम को लौटना पड़ा। दरअसल, वर्किंग नर्सिंग हॉस्टल के पास एमवाय अस्पताल की नई बिल्डिंग बननी है, जिसके चलते इसे खाली कराकर तोड़ा जाना है। यहां रहने वाले 15 नर्सिंग स्टाफ को एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने पहले भी नोटिस दिए थे, लेकिन वे लगातार समय मांग रहे थे। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की टीम पुलिस बल, बाउंसर और मजदूरों के साथ पहुंची और हथौड़ों से तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस पर नर्सिंग स्टाफ ने विरोध किया, जिससे विवाद की स्थिति बन गई। महिला स्टाफ का कहना था कि वे पहले ही आवेदन देकर छह माह का समय मांग चुकी हैं। इसके लिए क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला ने भी उन्हें आश्वस्त किया था, लेकिन बार-बार नोटिस देकर परेशान किया जा रहा है। आईडीए की बिल्डिंग का किराया ही 9 हजार स्टाफ का कहना है कि हॉस्टल के पीछे बने पुराने स्टाफ क्वार्टरों को 6 माह का समय दिया है। इसी तरह केईएच कम्पाउंड और दवा बाजार के सामने सरकारी क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों को भी 6 माह का समय मिला है, लेकिन उन्हें बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विकल्प के रूप में आईडीए की निरंजनपुर बिल्डिंग में शिफ्ट होने को कहा गया है, जहां किराया 9 हजार रुपए है, जिसे वे वहन नहीं कर सकते। इस दौरान मजदूरों ने हॉस्टल के जर्जर हिस्से के एक कमरे को तोड़ना शुरू किया, जिससे विवाद और बढ़ गया। महिलाओं ने कहा कि ऊपर स्टाफ रह रहा है और इससे अन्य कर्मचारियों को भी नुकसान हो सकता है। काफी विरोध के बाद टीम को वापस लौटना पड़ा। स्टाफ का कहना है कि वे हॉस्टल खाली करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें छह माह का समय दिया जाए। 773 करोड़ की लागत से बननी है बिल्डिंग एमवाय अस्पताल की नई बिल्डिंग बननी है। इसकी लागत 773 करोड़ रुपए है। यह नौ मंजिला होगी और इसमें 1700 बेड होंगे। 81.5 एकड़ में बनने वाले इस प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में 34 ऑपरेशन थिएटर, 320 ICU बेड और 500 बिस्तरों का नर्सिंग हॉस्टल होगा। इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
ग्वालियर में दैनिक भास्कर प्रीमियम लाइफस्टाइल एग्जीबिशन का आगाज:देशभर के फैशन हाउस और डिजाइनर्स ने लगाए स्टॉल; पहले ही दिन उमड़ी भीड़

ग्वालियरवासियों को फैशन और बेहतर लाइफस्टाइल से अपडेट करने के लिए दैनिक भास्कर की ओर से तीन दिवसीय प्रीमियम लाइफस्टाइल एग्जीबिशन का शुभारंभ सिटी सेंटर स्थित होटल रेडिसन में हो गया है। 26 अप्रैल तक चलने वाली इस एग्जीबिशन में ग्वालियर के साथ-साथ देश के प्रमुख फैशन हाउस और डिजाइनर अपने स्टॉल लेकर आए हैं। शुक्रवार को महापौर डॉ. शोभा सिकरवार के मुख्य आतिथ्य में एग्जीबिशन का भव्य शुभारंभ हुआ। महापौर ने फीता काटकर उद्घाटन किया और स्टॉल का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। महापौर बोलीं- हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं इस मौके पर महापौर ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। एग्जीबिशन में अधिकांश स्टॉल महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने दैनिक भास्कर के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में स्वागत भाषण के बाद यूनिट हेड हरिशंकर व्यास ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान मोनास आर्ट की डायरेक्टर मोना शर्मा भी उपस्थित रहीं। पहले ही दिन उमड़ी भीड़, ग्राहकों ने की जमकर खरीदारी एग्जीबिशन को पहले ही दिन शानदार प्रतिक्रिया मिली। हर स्टॉल पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई और लोगों ने देशभर के डिजाइनर्स के लेटेस्ट कलेक्शन की खरीदारी की। यहां साड़ी, इंडो-वेस्टर्न ड्रेस, फुटवियर, ज्वेलरी, होम डेकोर, हैंडीक्राफ्ट, वेलनेस प्रोडक्ट्स और स्टेशनरी सहित कई कैटेगरी के स्टॉल लगे हैं। प्रदेश के चर्चित फैशन हाउस आवतराम एंड संस और मन शोरूम ने भी अपने स्टॉल लगाए हैं।




