Heat Stroke: हीट स्ट्रोक क्या होता है? गर्मी में कैसे रहें हेल्दी, जानें जरूरी हेल्थ गाइड

Last Updated:April 25, 2026, 23:46 IST थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी से हीट स्ट्रोक से आसानी से बचा जा सकता है. इस मौसम में हल्का भोजन करें, ठंडा पानी पिएं और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें. ख़बरें फटाफट देशभर में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है. दिन का तापमान लगातार ऊपर जा रहा है और लू चलने की संभावना भी बढ़ गई है. ऐसे मौसम में हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए सावधानी रखना बहुत जरूरी हो जाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस स्थिति से बचाव के लिए लगातार जरूरी सलाह दे रहे हैं. हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा करने की क्षमता खो देता है. यह स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है और कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है. इसलिए गर्मी के मौसम में सतर्क रहना बेहद जरूरी है. हेल्थ गाइडलाइन्सनेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने लोगों से अपील की है कि वे खुद के साथ-साथ अपने परिवार की भी सुरक्षा का ध्यान रखें. सही समय पर बचाव और प्राथमिक उपचार अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है. NHM ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की देखभाल पर जोर दिया है. उन्हें ज्यादा देर तक धूप में न रहने दें. विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हीट स्ट्रोक से बचाव किया जा सकता है. इस मौसम में हल्का भोजन करें, ठंडा पानी पिएं और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें. हीट स्ट्रोक से बचाव के आसान तरीके– दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक भारी काम या बाहर निकलने से बचें, क्योंकि यह सबसे गर्म समय होता है.– दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे.– कोल्ड ड्रिंक, चाय और कॉफी जैसे पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं.– हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें, क्योंकि गहरे रंग ज्यादा गर्मी सोखते हैं.– बाहर काम करते समय हर 15–20 मिनट में छांव में आराम जरूर करें. हीट स्ट्रोक होने पर क्या करेंअगर किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें जैसे चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी या शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाना, तो तुरंत उसे ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं. उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें या ठंडे पानी से सेक करें, खासकर गर्दन, कलाई और पैरों पर. मरीज को धीरे-धीरे ठंडा पानी पिलाते रहें. जब हालत थोड़ी ठीक हो जाए, तो उसे हल्के और पानी वाले फल या जूस दें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 25, 2026, 23:46 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
बंगाल में कांग्रेस जनता ने बनाए पांच वादे, राहुल की ममता और पीएम मोदी पर वार, बताया किस बात की मेजबानी

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में क्रांतिकारी सरकार का वादा किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: समाजवादी पार्टी के नेता और कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री राहुल गांधी ने शनिवार (25 अप्रैल, 2026) को पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बीजेपी और टीएमसी के नेतृत्व वाली सत्ता ने पश्चिम बंगाल की जनता को बहुत नुकसान पहुंचाया है. पूरे प्रदेश में सामान और गुंडागर्दी का जाल पसरा है, जनता परेशान है और सरकार सिर्फ तमाशा देख रही है। ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से किनारा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी और टीएमसी ने मिलकर पश्चिम बंगाल को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. यहां एक दावेदार से बात की तो उन्होंने बताया कि यहां रेडीमेड इंडस्ट्री का काम होता है, लेकिन इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की कोई ममता और पीएम मोदी दोनों ने मदद नहीं की, इसलिए आप हमारी बात संसद में उठाएं। ऐसे में मैं आपसे कहना चाहता हूं कि मेरे लिए एक सफेद टी-शर्ट बनवाएं। मैं वही टी-शेयर बाजार में आवाज उठाता हूं। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘कैसी भाषा बोल रहे गृह मंत्री’, अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने कसादेन पर लगाया ये गंभीर आरोप बंगाल में क्रांतिकारी सरकार लाना कांग्रेस का लक्ष्यः राहुल राहुल गांधी ने कहा, ‘बंगाल की जनता राज्य में ममता बनर्जी और केंद्र में नरेंद्र मोदी से चिंतित और विविधताएं चाहती है।’ ऐसे में हमारा लक्ष्य यहां के लोगों के लिए ऐसी सरकार बनाना है जो क्रांतिकारी हो और जो सिर्फ जनता के लिए काम करे।’ इस दौरान राहुल गांधी ने बंगाल की जनता से कांग्रेस की ओर से पांच गारंटी का वादा किया। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के लिए 5 गारंटी बिधान स्वास्थ्य सुरक्षा- इसके तहत पश्चिम बंगाल के लोगों को 10 लाख रुयये तक स्वास्थ्य बीमा और जिले में मुफ्त डाय बस्टी और कैंसर का इलाज मिलेगा। किसान सम्मान योजना- इसके तहत किसानों को 15,000 रुपये की सहायता राशि और 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। शिक्षा आलो- कांग्रेस की इस विचारधारा के तहत पश्चिम बंगाल के छात्रों को ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा, महिलाओं को पीजी तक मुफ्त शिक्षा और स्कूल में एआई और अंग्रेजी की शिक्षा मिलेगी। युवा सम्मान- इस सचिवालय के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में सभी सरकारी खाली पद छोड़ेंगे और इंटर्नशिप की मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही हर जिले में एआई कोलोराडो स्टॉक एक्सचेंज केंद्र विकसित किया जाएगा। दुर्गा सम्मान संस्थान के तहत राज्य की महिलाओं को हर माह 2000 रुपये की मदद दी जाएगी। यह भी पढ़ेंः दिल्ली चुनाव में क्यों हार गई आम आदमी पार्टी? बीजेपी में जाने के बाद राघव चन्ना ने बताई सबसे बड़ी वजह
सिंधिया को हराने वाले केपी यादव बनाए गए कार्पोरेशन अध्यक्ष:MP में लगातार तीसरे दिन निगम-मंडलों में नियुक्तियां, संजय नगायच को वेयर हाउसिंग की जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश में सरकार लगातार अलग-अलग आयोगों, बोर्ड, निगम मंडलों में नियुक्तियां कर रही है। शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी नियुक्ति आदेश जारी हुए। गुरुवार को सबसे पहले एसटी और एससी आयोग के अध्यक्षों की नियुक्तियां हुई थीं। इसके बाद शुक्रवार को भी नियुक्ति आदेश जारी हुए। ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराने वाले गुना के पूर्व सांसद केपी यादव को मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया गया है। केपी पिछले दो सालों से राजनीतिक पुनर्वास की आस लगाए बैठे थे। पन्ना के बीजेपी नेता संजय नगाइच को मप्र वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया गया है। नगाइच वर्तमान में प्रदेश भाजपा कार्यालय में सहयोग सेल का काम संभाल रहे हैं। बीजेपी के पूर्व संभागीय संगठन मंत्री केशव भदौरिया को महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। केशव भदौरिया बीजेपी के प्रदेश मंत्री भी रह चुके हैं।
गर्मियों में आंखों पर ठंडा कॉटन पैड रखने से क्या होता है? खुद ही आजमाकर देख लीजिए नतीजा

Last Updated:April 25, 2026, 23:09 IST Benefits of keeping cool cotton pads on eyes: धूप में घूमने, प्रदूषण, गर्म हवा, लगातार मोबाइल, लैपटॉप देखने आदि से आंखों में दर्द, स्ट्रेस, जलन आदि समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में इससे छुटकारा पाने के लिए आपको कोई दवाई खाने की जरूरत नहीं, बल्कि ठंडे कॉटन पैड का इस्तेमाल सुरक्षित और उपयोगी है. यह तरीका हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है. इसमें कोई खर्च भी नहीं होता. जानिए यहां किस तरह से आंखों पर करना है कॉटन पैड का यूज और इसके क्या होते हैं फायदे. आंखों पर कूल कॉटन पैड रखने के फायदे. Benefits of keeping cool cotton pads on eyes: तेज गर्मी, लू, उमस और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना आंखों पर बुरा असर डालता है. इसके कारण आंखों में जलन, थकान, सूजन और लालिमा जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के लगातार उपयोग से आंखें ड्राई हो जाती हैं, जिससे असहजता और बढ़ जाती है. ऐसे में ठंडा कॉटन पैड एक सरल, किफायती और असरदार घरेलू उपाय है. आयुष मंत्रालय की सलाहभारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आंखों की थकान और जलन को कम करने के लिए ठंडे कॉटन पैड का इस्तेमाल सुरक्षित और उपयोगी है. यह तरीका हर उम्र के लोगों, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयुक्त है. इसमें कोई खर्च भी नहीं होता. ठंडे कॉटन पैड को यूज करने का सही तरीकाकॉटन पैड को आंखों पर इस्तेमाल करने से पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें. पसीना अच्छी तरह पोंछ लें. इसके बाद मुलायम और साफ कॉटन पैड लें. उन्हें ठंडे पानी में भिगोएं. अतिरिक्त पानी हल्के से निचोड़ लें, ताकि पैड गीले तो रहें, लेकिन पानी टपके नहीं. अब आराम से लेट जाएं. आंखें बंद कर लें और दोनों आंखों पर ये पैड रख लें. कम से कम 10 मिनट तक ऐसे ही आराम करें. इस दौरान गहरी सांस लेते रहें. ठंडा कॉटन पैड आंखों के लिए कैसे है फायदेमंदठंडा कॉटन पैड आंखों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है. सूजन कम करता है. थकान दूर करता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. आंखों को ताजगी महसूस होती है. अगर चाहें तो पानी में कुछ बूंदें गुलाब जल मिलाकर इसका असर और बढ़ा सकते हैं. कब और कितनी बार करें इस्तेमालइसका इस्तेमाल दिन में एक बार करें. आंखों में अधिक जलन, दर्द, थकान महसूस हो तो जरूरत के अनुसार भी यूज कर सकते हैं. खासकर शाम को काम के बाद जरूर इसका इस्तेमाल करें. लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद या धूप और गर्मी से आंखों में जलन होने पर यह काफी फायदेमंद होता है. आयुर्वेदिक दृष्टिकोणआयुर्वेद में आंखों की देखभाल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. ठंडे पानी का उपयोग आंखों की गर्मी को शांत करता है और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो दिनभर डिजिटल स्क्रीन का उपयोग करते हैं. इन बातों का रखें ख्यालअगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन या कोई गंभीर समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. रोजमर्रा की थकान और हल्की जलन के लिए यह उपाय काफी उपयोगी है. ध्यान रखें कि हमेशा साफ कॉटन पैड का ही इस्तेमाल करें. पानी बहुत ज्यादा ठंडा या बर्फ जैसा न हो. पैड लगाते समय आंखें बंद रखना जरूरी है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 25, 2026, 23:09 IST
DGP Orders Strict Vigilance on Digital Fraud, Paper Leaks for NEET Exam 2026

आईजी, एसपी के साथ बैठक के दौरान डीजीपी कैलाश मकवाणा। प्रदेश में 3 मई को होने वाली नीट (एनईईटी) 2026 को लेकर सुरक्षा और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने इसकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। प्रदेश के सभी जिलों में इस परीक्षा . इस परीक्षा में एक लाख 18 हजार उम्मीदवार शामिल होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, फर्जीवाड़ा, डिजिटल फ्रॉड, कोचिंग संस्थानों की संदिग्ध गतिविधियों और सोशल मीडिया अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। साइबर टीम और स्थानीय पुलिस मिलकर हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत और सख्त कार्रवाई करेगी। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने आज सभी रेंज IG एवं SP के साथ बैठक कर 3 मई की परीक्षा के लिए प्रदेश के 283 केंद्रों पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अफसरों से कहा है कि 1.18 लाख परीक्षार्थी इसमें शामिल होने वाले हैं और हमारी जिम्मेदारी है कि हर परीक्षार्थी को बिना डर और पूरी निष्पक्षता के साथ परीक्षा देने का माहौल देना हमारी जिम्मेदारी है। डीजीपी ने सभी परीक्षा केंद्रों व स्ट्रॉन्ग रूम की जांच करने और पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि 24×7 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र के परिवहन में पुलिस एस्कॉर्ट तथा परीक्षा के बाद OMR और प्रश्नपत्र की सुरक्षित वापसी तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी। पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक, फर्जीवाड़ा, डिजिटल फ्रॉड, कोचिंग संस्थानों की संदिग्ध गतिविधियों और सोशल मीडिया अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। साइबर टीम और स्थानीय पुलिस मिलकर हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत और सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि हम तय करेंगे कि हर परीक्षार्थी बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल में परीक्षा दे सके।
डिजिटल जनगणना प्रशिक्षण से 159 कर्मचारी अनुपस्थित:प्रशासन ने जारी किए कारण बताओ नोटिस, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

उज्जैन में देश की पहली डिजिटल जनगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम में लापरवाही सामने आई है। प्रशिक्षण सत्रों से अनुपस्थित रहने वाले 159 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, जनगणना कार्य के लिए विभिन्न ज़ोन में लगातार प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके बावजूद कई कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और यह कार्रवाई की गई है। शनिवार को आयोजित एक कार्यशाला में अपर आयुक्त संतोष टैगोर की उपस्थिति में 168 कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस सत्र के दौरान डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया, डेटा एंट्री और स्वगणना (Self Enumeration) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि स्वगणना के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए, जिससे यह प्रक्रिया सुचारु और तीव्र गति से संपन्न हो सके। इस कार्यक्रम में उपायुक्त मनोज मौर्य, सहायक आयुक्त प्रफुल्ल गठरे और जिला जनगणना प्रभारी तेजिंदर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पिता बांट रहा था शादी के कार्ड…बेटी घर से लापता:उज्जैन पुलिस ने 36 घंटे में भोपाल से युवती को बरामद किया

उज्जैन के पवासा थाना क्षेत्र में एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया। जिस बेटी की शादी के कार्ड पिता बांट रहे थे, वही युवती घर से अचानक चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 36 घंटे के भीतर उसे भोपाल से बरामद कर लिया। यह घटना 23 अप्रैल की है। युवती के पिता अपनी बड़ी बेटी की शादी के कार्ड बांटने घर से बाहर गए थे। दोपहर करीब 3 बजे परिजनों को पता चला कि युवती बिना बताए घर से चली गई है। रिश्तेदारों और आसपास तलाश करने के बाद कोई सुराग न मिलने पर पवासा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी गमर सिंह मंडलोई के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और साइबर सेल की सहायता से जांच शुरू की। जांच के दौरान युवती के भोपाल में होने की जानकारी प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भोपाल पहुंची और 25 अप्रैल को रेलवे स्टेशन से युवती को सकुशल बरामद कर उज्जैन ले आई। पूछताछ में युवती ने बताया कि वह पारिवारिक विवाद के कारण अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। उल्लेखनीय है कि युवती का विवाह 1 मई को तय था। पुलिस की समय पर की गई कार्रवाई से एक संभावित विवाद टल गया, जिससे परिजनों ने राहत महसूस की। युवती के सुरक्षित मिलने पर परिवार और समाज के सदस्यों ने थाने पहुंचकर पुलिस टीम का सम्मान किया और आभार व्यक्त किया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि गमर सिंह मण्डलोई, उनि नितेश मिठौरा, सउनि संतोष राव, प्र.आर. अब्दुल रहीम, आर. पंकज पाटीदार, आर. बृजेंद्र भारती, म.आर. शिवकन्या, म.आर. रीना और साइबर सेल उज्जैन टीम की अहम भूमिका रही।
कमीशन मांगने का ऑडियो फिर भी कार्रवाई नहीं:दतिया में सीएचओ बोलीं- वेतन जारी कराने मानसिक प्रताड़ित किया

दतिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. बी.के. वर्मा पर विभिन्न अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। बीते महीनों में सामने आए मामलों में कथित ऑडियो-वीडियो और अधीनस्थ अधिकारी की शिकायत के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई लंबित है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, हाल ही में एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें लेन-देन से संबंधित बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। इसके अलावा, एक महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) डॉ. नेहा श्रीवास्तव ने वेतन जारी करने के संबंध में दबाव और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इसी बीच हाउसकीपिंग टेंडर से जुड़ा विवाद भी सामने आया, जिसमें एक कंपनी ने अपनी बोली खारिज किए जाने पर नियमों के गलत अनुप्रयोग का आरोप लगाया है। कंपनी के अनुसार, निविदा मूल्यांकन में समय-सीमा के अनुसार लागू मजदूरी दरों के बजाय बाद की दरों को आधार बनाया गया। डॉ. नेहा श्रीवास्तव का कहना है कि उनके पास ड्यूटी से संबंधित पर्याप्त प्रमाण हैं, इसके बावजूद उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया। उन्होंने विभागीय स्तर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। टेंडर से जुड़ी कंपनी ने ई-मेल के माध्यम से शिकायत करते हुए प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, वायरल ऑडियो और वीडियो को लेकर आधिकारिक स्तर पर पुष्टि या खंडन सामने नहीं आया है। संबंधित अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। हाउसकीपिंग टेंडर मामले की जांच क्षेत्रीय संयुक्त संचालक को सौंपी गई है, जो लंबित बताई जा रही है। वायरल ऑडियो और वीडियो प्रकरण में भी अब तक कोई औपचारिक कार्रवाई सामने नहीं आई है। प्रशासनिक स्तर पर मामलों की समीक्षा जारी होने की जानकारी दी जा रही है।
बिना चीनी की मीठी लस्सी रेसिपी: गर्मी में घर पर बनाएं बिना चीनी वाली मिठाई लस्सी, शुगर भी रहेगा कंट्रोल; नोट बनाने का तरीका

इस लस्सी की विशेषता यह है कि इसमें चीनी मतपत्र शामिल हैं। साथ ही, यह वजन और शुगर नियंत्रण में मददगार साबित होगा। इसके अलावा पेट को ठंडक और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक सामग्री: 1 कप ताजा दही, ½ कप ठंडा पानी या दूध, 1-2 खजूर या थोड़ा सा गुड़ का पाउडर, 4-5 चम्मच, 1 छोटा चम्मच शहद, 2-3 इलायची पाउडर, मोटे बर्फ के टुकड़े छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले खजूर और तेल निकालने के लिए 10 मिनट पहले पानी में डूब जाएं। अब कारीगरों में दही, बड़े-बड़े खजूर और मसाले। इसमें ठंडा पानी या दूध का मिश्रण और अच्छी तरह का मिश्रण बनाएं। छवि: फ्रीपिक अब इसमें इलायची पाउडर और बर्फ के ढांचे को फिर से प्रभावित करके ब्लेंड करें। आपकी बिना चीनी की लस्सी तैयार है। खजूर और पेट्रोलियम उत्पाद, इसलिए अलग से चीनी की जरूरत नहीं होती। छवि: फ्रीपिक अगर और मीठा पसंद है, तो छोटी शहद दाल ले सकते हैं. अधिक ठंड के लिए कुछ लेट फ़र्ज़ी में खोजें। छवि: एआई यह एंटरप्राइज़ को स्थिर रखने में मदद करेगा। पेट ठंडा और खराब हो जाता है। एनर्जी देता है और डाइट से सीखता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप एयरटेल लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं, तो यह बिना चीनी की मीठी लस्सी आपके लिए एक आदर्श पेय है। इसे घर पर आसानी से बनाएं और गर्म करके ठंडा और फिट रखें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)शुगर फ्री लस्सी रेसिपी(टी)शुगर फ्री लस्सी रेसिपी(टी)बिना चीनी वाली लस्सी(टी)लस्सी रेसिपी(टी)शुगर फ्री लस्सी(टी)मीठी लस्सी(टी)बिना चीनी की लस्सी
उज्जैन में पारा 43°C के पार:सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज, सड़कें सूनी

उज्जैन में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी के कारण दिन में सड़कें और बाजार सूने दिखाई दिए, जबकि शिप्रा के घाटों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। मौसम रिपोर्ट के अनुसार, सुबह की आर्द्रता 41% थी जो शाम को घटकर 17% रह गई। इससे दिन में गर्मी का असर और बढ़ गया। हवा की रफ्तार भी धीमी (लगभग 4 किमी/घंटा) रहने से गर्म हवाओं का प्रभाव अधिक महसूस हुआ। बारिश पूरी तरह शून्य दर्ज की गई। उज्जैन में पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था। अब इसके 43°C तक पहुंचने से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। भीषण गर्मी के मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। डॉक्टरों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जो लोग बाहर निकल रहे हैं, वे शरीर को पूरी तरह ढंककर चल रहे हैं। चौराहों पर गन्ने के रस और अन्य ठंडे पेय की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही, अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने को कहा गया है।





