Saturday, 25 Apr 2026 | 02:39 AM

Trending :

EXCLUSIVE

गाय का दूध बढ़ाना है? शहतूत के पत्तों का ये देसी तरीका कर देगा कमाल, किसानों के लिए वरदान

ask search icon

Last Updated:

पहाड़ी इलाकों में लोग आज भी प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीवन जीते हैं और वहीं से कई ऐसे देसी नुस्खे सामने आते हैं, जो बेहद कारगर साबित होते हैं. ऐसा ही एक तरीका है शहतूत के पत्तों का इस्तेमाल, जिसे गायों के लिए नेचुरल सप्लीमेंट माना जाता है. यह न सिर्फ दूध की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि पशुओं की सेहत को भी बेहतर बनाता है.

शहतूत के पत्ते सिर्फ साधारण पत्ते नहीं होते, बल्कि ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो गायों की सेहत के लिए बहुत जरूरी होते हैं. गांव के लोग बताते हैं कि जब गायों को शहतूत के पत्ते खिलाए जाते हैं, तो उनका दूध बढ़ जाता है और दूध की क्वालिटी भी बेहतर हो जाती है. आप ये भी कह सकते है कि ये गायों का फेवरेट घास है, जिसे वो बड़े चाव से खाते है. यानी यह सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि एक तरह से नेचुरल सप्लीमेंट का काम करता है.

easily available

आजकल बाजार में कई तरह के पशु आहार मिलते हैं, लेकिन वे काफी महंगे होते हैं. हर किसान उन्हें खरीद नहीं सकता. ऐसे में से शहतूत के पत्ते एक सस्ता और आसानी से मिलने वाला विकल्प हैं. पहाड़ों में ये पेड़ आसानी से उग जाते हैं और ज्यादा देखभाल भी नहीं मांगते. इसलिए किसान बिना ज्यादा खर्च किए अपने पशुओं का अच्छे से ख्याल रख सकते हैं.

beneficial for environment

शहतूत का पेड़ सिर्फ जानवरों के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अच्छा होता है. यह मिट्टी को मजबूत करता है और पहाड़ी इलाकों में जमीन के कटाव को रोकने में मदद करता है.
यानी इस एक ही पेड़ से कई फायदे मिल जाते हैं, फल, पत्ते और पर्यावरण की सुरक्षा. इसलिए आज भी पहाड़ो में ये बहुत ही उपयोगी है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

Why is blackberry special for cows

पहाड़ी इलाकों में जिंदगी हमेशा से प्रकृति के साथ जुड़ी रही है. यहां के लोग हर पेड़-पौधे की अहमियत को अच्छे से समझते हैं. ऐसा ही एक पेड़ है शहतूत, जिसे आमतौर पर लोग उसके मीठे फलों के लिए जानते हैं और पहाड़ो में इसे कीमू कह जाता है. लेकिन पहाड़ों में इसकी असली पहचान इसके पत्तों से है, जो गायों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माने जाते.

technique of storing the leaves

पहाड़ों में लोग शहतूत के पत्तों को सिर्फ तोड़कर ही नहीं रखते, बल्कि उन्हें सही तरीके से सुखाकर स्टोर भी करते हैं. पत्तों को छांव में सुखाया जाता है ताकि उनके पोषक तत्व बने रहें. फिर इन्हें सूखी जगह पर रखा जाता है. जब जरूरत होती है, तो इन्हें पानी में हल्का सा भिगोकर गायों को खिलाया जाता है. यह तरीका बहुत आसान और प्रभावी होता है.

it is the part of tradition and experience

ये कोई नई खोज नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है. पहाड़ों के बुजुर्गों ने अपने अनुभव से सीखा कि कौन सा पेड़ और पत्ता जानवरों के लिए फायदेमंद है. शहतूत के पत्तों का इस्तेमाल भी इसी अनुभव का नतीजा है. गांव के लोग बिना किसी वैज्ञानिक किताब के ही ये समझ चुके हैं कि ये पत्ते गायों के लिए कितने उपयोगी हैं.

beneficial for cow health

गांव के निवासी और औषधीय पौधों के जानकार राम सिंह का मानना है कि शहतूत के पत्ते खिलाने से गायें कम बीमार पड़ती हैं. उनकी पाचन क्षमता भी बेहतर रहती है और वे ज्यादा एक्टिव रहती हैं. कई लोग तो यह भी कहते हैं कि जो गाय नियमित रूप से ये पत्ते खाती है, उसकी उम्र भी लंबी होती है. हालांकि यह पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से साबित न हो, लेकिन लोगों के अनुभव इसे मजबूत बनाते हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

February 10, 2026/
12:00 pm

Last Updated:February 10, 2026, 12:00 IST Bikaner News: बीकानेर के लूणकरणसर कस्बे में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र पीरतानी के अपहरण...

VIROSH Wedding Live Updates: Rashmika Mandanna, Vijay Deverakonda are getting married in Udaipur. (Photo: X)

February 26, 2026/
9:13 am

आखरी अपडेट:26 फरवरी, 2026, 09:13 IST मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कथित तौर पर राजस्थान विधानसभा के अंदर थूक दिया,...

रीवा के बेला बायपास पर 3 घंटे तक जाम:कई किलोमीटर रेंगते रहे वाहन, गर्मी में यात्री परेशान हुए; चोरहटा पुलिस नदारद रही

April 5, 2026/
7:14 pm

रीवा के बेला बायपास पर रविवार को जाम की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। करीब 3 घंटे तक...

पश्चिम बंगाल में रोबोटिक भूचाल! हुमायूं कबीर का कथित स्टिंग वीडियो, टीएमसी बोली- '1000 करोड़ की बीजेपी से हुई डील'

April 9, 2026/
2:47 pm

पश्चिम बंगाल की सूची में हलचल मच गई है। युवा कांग्रेस (टीएमसी) ने हुमायूँ कबीर से एक कथित स्टिंग ऑपरेशन...

कागजों में ही होते हैं सरकारी सुधार:शहर में 20 हजार से ज्यादा मल्टियां, 40 लाख आबादी, 2 साल में सिर्फ 181 बिल्डिंगों में ही पार्किंग की जांच

April 11, 2026/
5:53 am

सीतलामाता बाजार हो या दवा बाजार, जेल रोड या एमजी रोड… हर जगह बेतरतीब खड़े वाहन और बाजारों में पैदल...

भिंड में NH-719 पर 2 KM लंबा जाम:दबोहा पुलिया के पास बारातों के कारण फंसे सैकड़ों वाहन, एंबुलेंस भी घंटों जाम में अटकी

March 11, 2026/
10:04 pm

भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर बुधवार रात करीब 9 बजे के बाद अचानक जाम के हालात बन गए। दबोहा पुलिया...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

गाय का दूध बढ़ाना है? शहतूत के पत्तों का ये देसी तरीका कर देगा कमाल, किसानों के लिए वरदान

ask search icon

Last Updated:

पहाड़ी इलाकों में लोग आज भी प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीवन जीते हैं और वहीं से कई ऐसे देसी नुस्खे सामने आते हैं, जो बेहद कारगर साबित होते हैं. ऐसा ही एक तरीका है शहतूत के पत्तों का इस्तेमाल, जिसे गायों के लिए नेचुरल सप्लीमेंट माना जाता है. यह न सिर्फ दूध की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि पशुओं की सेहत को भी बेहतर बनाता है.

शहतूत के पत्ते सिर्फ साधारण पत्ते नहीं होते, बल्कि ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो गायों की सेहत के लिए बहुत जरूरी होते हैं. गांव के लोग बताते हैं कि जब गायों को शहतूत के पत्ते खिलाए जाते हैं, तो उनका दूध बढ़ जाता है और दूध की क्वालिटी भी बेहतर हो जाती है. आप ये भी कह सकते है कि ये गायों का फेवरेट घास है, जिसे वो बड़े चाव से खाते है. यानी यह सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि एक तरह से नेचुरल सप्लीमेंट का काम करता है.

easily available

आजकल बाजार में कई तरह के पशु आहार मिलते हैं, लेकिन वे काफी महंगे होते हैं. हर किसान उन्हें खरीद नहीं सकता. ऐसे में से शहतूत के पत्ते एक सस्ता और आसानी से मिलने वाला विकल्प हैं. पहाड़ों में ये पेड़ आसानी से उग जाते हैं और ज्यादा देखभाल भी नहीं मांगते. इसलिए किसान बिना ज्यादा खर्च किए अपने पशुओं का अच्छे से ख्याल रख सकते हैं.

beneficial for environment

शहतूत का पेड़ सिर्फ जानवरों के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अच्छा होता है. यह मिट्टी को मजबूत करता है और पहाड़ी इलाकों में जमीन के कटाव को रोकने में मदद करता है.
यानी इस एक ही पेड़ से कई फायदे मिल जाते हैं, फल, पत्ते और पर्यावरण की सुरक्षा. इसलिए आज भी पहाड़ो में ये बहुत ही उपयोगी है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

Why is blackberry special for cows

पहाड़ी इलाकों में जिंदगी हमेशा से प्रकृति के साथ जुड़ी रही है. यहां के लोग हर पेड़-पौधे की अहमियत को अच्छे से समझते हैं. ऐसा ही एक पेड़ है शहतूत, जिसे आमतौर पर लोग उसके मीठे फलों के लिए जानते हैं और पहाड़ो में इसे कीमू कह जाता है. लेकिन पहाड़ों में इसकी असली पहचान इसके पत्तों से है, जो गायों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माने जाते.

technique of storing the leaves

पहाड़ों में लोग शहतूत के पत्तों को सिर्फ तोड़कर ही नहीं रखते, बल्कि उन्हें सही तरीके से सुखाकर स्टोर भी करते हैं. पत्तों को छांव में सुखाया जाता है ताकि उनके पोषक तत्व बने रहें. फिर इन्हें सूखी जगह पर रखा जाता है. जब जरूरत होती है, तो इन्हें पानी में हल्का सा भिगोकर गायों को खिलाया जाता है. यह तरीका बहुत आसान और प्रभावी होता है.

it is the part of tradition and experience

ये कोई नई खोज नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है. पहाड़ों के बुजुर्गों ने अपने अनुभव से सीखा कि कौन सा पेड़ और पत्ता जानवरों के लिए फायदेमंद है. शहतूत के पत्तों का इस्तेमाल भी इसी अनुभव का नतीजा है. गांव के लोग बिना किसी वैज्ञानिक किताब के ही ये समझ चुके हैं कि ये पत्ते गायों के लिए कितने उपयोगी हैं.

beneficial for cow health

गांव के निवासी और औषधीय पौधों के जानकार राम सिंह का मानना है कि शहतूत के पत्ते खिलाने से गायें कम बीमार पड़ती हैं. उनकी पाचन क्षमता भी बेहतर रहती है और वे ज्यादा एक्टिव रहती हैं. कई लोग तो यह भी कहते हैं कि जो गाय नियमित रूप से ये पत्ते खाती है, उसकी उम्र भी लंबी होती है. हालांकि यह पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से साबित न हो, लेकिन लोगों के अनुभव इसे मजबूत बनाते हैं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.