आपात स्थिति में बिल्डिंग में घायल व्यक्ति को देखते SDERF के कर्मचारी
ग्वालियर जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार रात 8 बजे बहोड़ापुर स्थित पुलिस लाइन में सिविल डिफेंस के तहत ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली, ब्लैकआउट प्रक्रिया, आपातकालीन निकासी और सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन का व्यावह
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आपात स्थिति में लगी आग को फायर सिस्टम से बुझते हुए फायर ब्रिगेड कर्मचारी।
खिड़की-दरवाजे बंद करने की अपील
मॉकड्रिल में अपर जिला दंडाधिकारी सीबी प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल सहित प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। ड्रिल के दौरान बहोड़ापुर और पुलिस लाइन क्षेत्र में बिजली बंद कराई गई।
इससे पहले उद्घोषणा कर नागरिकों से रात 8 से 8:30 बजे के बीच घरों की लाइट बंद रखने और खिड़की-दरवाजे बंद करने की अपील की गई थी। शुरुआत में कुछ लोग असमंजस में रहे, लेकिन आसपास अंधेरा होने पर सभी ने सहयोग किया। प्रशासन ने लगातार लोगों को समझाया कि यह केवल अभ्यास है, कोई वास्तविक खतरा नहीं।

बिल्डिंग में हमले के दौरान घायल व्यक्ति को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए SDERF के कर्मचारी।
अचानक जारी हुई सूचना से हलचल
शाम को अचानक जारी सूचना के बाद क्षेत्र में हलचल रही और कुछ लोगों में ईरान-अमेरिका तनाव को लेकर आशंका भी बनी, जिसे अधिकारियों ने स्पष्ट करते हुए दूर किया। मॉकड्रिल के दौरान अंधेरे में घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने और आग लगने की स्थिति में उसे नियंत्रित करने का भी अभ्यास किया है। प्रशासन का उद्देश्य था कि किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।















































