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हेल्थ टिप्स: गर्मी में हीट स्ट्रोक हो सकता है पतला! इन आसान तरीकों से जानें शरीर को कैसे रखें ठंडा, जानें क्या?

हेल्थ टिप्स: गर्मी में हीट स्ट्रोक हो सकता है पतला! इन आसान तरीकों से जानें शरीर को कैसे रखें ठंडा, जानें क्या?

लू लगना: इन दिनों देश में अधिकतर विविधता में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। कई राज्यों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री के पार तक पहुंच गया है। ऐसी स्थिति में ‘हीट स्ट्रोक’ (लूना लगना) का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह सिर्फ थकान नहीं है, बल्कि एक मेडिकल प्लांट है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना जा सकता है। हीट स्ट्रोक क्या है और यह खतरनाक क्यों है? हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान 104°F (40°C) से ऊपर चला जाता है और शरीर का कूलिंग सिस्टम (थर्मोरेगॉलेशन) काम करना बंद कर देता है। लंबे समय तक निकल तक सीधी धूप या गर्म वातावरण में रहने से शरीर की गर्मी बाहर नहीं होती है, जिससे मस्तिष्क, हृदय और किडनी जैसे ब्लड कैंसर डैमेज हो सकते हैं। हीट स्ट्रोक होने से पहले शरीर पर कुछ संकेत दिए जाते हैं, जिसमें समय पर पहचान करना जरूरी है। जैसे बहुत अधिक प्यास लगना, तेज़ सिरदर्द, चक्कर आना और तेज़ सिरदर्द। इसके साथ ही कुछ गंभीर संकेत भी मौजूद हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे चेहरा आना बंद हो जाना, त्वचा का गर्म होना और लाल होना, बेहोशी, भ्रम (भ्रम) की स्थिति और तेज़ नज़र बढ़ना आदि। बचाव के लिए क्या सावधानियां अपनाएं? अगर किसी को हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो सबसे पहले उन्हें किसी पसंदीदा या छायादार जगह पर लिटाएं। उनकी पोशाकें और आकर्षक पोशाकें या ठंडे पानी की कारीगरी से शरीर के तापमान को धीरे-धीरे कम करें। अगर कोई बीमार है या हालत गंभीर है तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाएं। याद रखें, डॉक्टर की सलाह के बिना स्थिति का आकलन करें, कोई भी दवा न दें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान। (टैग्सटूट्रांसलेट)हीट स्ट्रोक की रोकथाम(टी)हीट स्ट्रोक के लक्षण(टी)ग्रीष्मकालीन स्वास्थ्य युक्तियाँ(टी)हीटवेव में ठंडा रहना(टी)निर्जलीकरण और हीटस्ट्रोक(टी)हीट स्ट्रोक(टी)हीट स्ट्रोक(टी)स्वास्थ्य युक्तियाँ

पहले चरण में रिकॉर्ड 1448 रेज़्यूमे की रेटिंग पर भाग्य, 142 रेज़्यूमे पर फैसला शामिल होगा

पहले चरण में रिकॉर्ड 1448 रेज़्यूमे की रेटिंग पर भाग्य, 142 रेज़्यूमे पर फैसला शामिल होगा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के अंतर्गत रविवार (29 2026) को होने वाला मतदान तय करेगा कि क्या युवा कांग्रेस दक्षिण बंगाल के अपने गढ़ को मजबूत बनाए रखेगी या भाजपा इसमें शामिल होकर सत्ता तक पहुंच जाएगी। बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के तहत रविवार को राज्य की 142 सीटों के लिए मतदान होगा। कोलकाता सहित छह मूर्तिकला के 142 विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को मतदान होगा। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक 1,448 बच्चे की किस्मत का फैसला। दूसरे चरण के दौरान 142 खंड पर वोट चुनाव आयोग के अनुसार, 142 पदों पर कुल 3,21,73,837 पंजीकृत पद हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 श्रद्धेय जेंडर शामिल हैं। सभी दस्तावेजों को फोटो पहचान पत्र (एपिक) उपलब्ध कराए गए हैं। 100 साल या उससे ज्यादा उम्र के वोटरों की संख्या 3,243 है, जबकि 85 साल से ज्यादा उम्र के वोटरों की संख्या 1,96,801 है। इसके अलावा 146 एन मतदाता और 39,961 सर्विस वोटर भी इस चरण में मतदान करेंगे। 1,448 फ़्रॉब्स्ट की किस्मत का निर्णय दूसरे चरण में कुल 1,448 अभ्यर्थी मैदान में हैं, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। किसी भी सीट पर अभ्यर्थी जेंडर उम्मीदवार नहीं है। 142 में 107 सामान्य श्रेणी के किले हैं, जबकि 34 सीढ़ीदार जनजाति (एसटी) और एक सीट सीढ़ीदार जनजाति (एसटी) के लिए हैं। दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर सीट पर सबसे अधिक 15 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि हुगली जिले की एक सीट पर सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं। सेंट्रल सेंट्रल के 2,407 स्ट्राइकर कोलकाता के अलावा जिन अप्राकृतिक में मतदान होगा उनमें नदिया, पूर्व बर्धमान, हुगली, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और भालू शामिल हैं। कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 39,301 मुख्य और 1,700 सहायक मतदान केंद्र हैं। वेबकास्टिंग की व्यवस्था पर सभी वोटिंग की जानकारी दी गई है। वोटिंग के लिए अवैध सुरक्षा के मानक तय किए गए हैं। 2,407 आर्किटेक्चरल सेंट्रल के आर्किटेक्ट बने हुए हैं। इनके अलावा पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के जवान भी सुरक्षा में लगें। तीसरी 4 मई को होगी. पांच साल पहले बीजेपी के आक्रामक प्रचार अभियान के बावजूद कांग्रेस ने दक्षिण बंगाल में शानदार प्रदर्शन किया और राज्य की सत्ता पर अपना कब्ज़ा जमाया। इस नतीजे से यह स्पष्ट हो गया कि अगर आप पश्चिम बंगाल की राष्ट्रीय राजधानी हैं तो दक्षिण बंगाल को जीतना सबसे जरूरी है। दूसरे चरण में ममता बनाम शुभेंदु भवानीपुर विधानसभा सीट पर भी इसी चरण में मतदान हो रहा है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गढ़ है और बीजेपी ने यहां नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतार दिया है। बीजेपी के दूसरे चरण के लिए केवल अंतिम दौर की वोटिंग नहीं है, बल्कि इस बात का वास्तविक परीक्षण यह है कि सत्ता विरोधी लहर, गठबंधन के आरोप और नागरिकता की राजनीतिक दल की सबसे मजबूत दीवार सेंध लग सकती है। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार ने कहा, ‘हम बिना हिंसा के चुनाव के लिए सारी तैयारी कर रहे हैं।’ सब कुछ तैयार है. सभी परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं। सीएपीएफ बूथों पर स्थापना की गई है…सीसीटीवी लगे हुए हैं और उनका परीक्षण किया जा रहा है…हम सभी से अपील करते हैं कि वो सहयोग करें।’ ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 15 साल का राज, अब अग्नि परीक्षा…बंगाल में फिर से क्या दिखा ‘ब्रांड ममता’? Input By : आईएएनएस

भास्कर के शादाब समी की वालिदा का इंतकाल:पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं, कल सुल्तानपुर में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

भास्कर के शादाब समी की वालिदा का इंतकाल:पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं, कल सुल्तानपुर में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक

दैनिक भास्कर के नेशनल आइडिएशन न्यूजरूम के एडिटर शादाब समी की वालिदा श्रीमती किश्वर फातिमा (75) का मंगलवार सायं 4 बजे उनके पैतृक निवास सुल्तानपुर में इंतकाल हो गया है। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं। उन्हें सुपुर्द-ए-खाक बुधवार प्रातः उनके पैतृक गांव इटकौली(सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश) में किया जाएगा।

अनूपपुर में कुएं में मिला शख्स का शव:बच्चियों ने देखा, पुलिस ने रात में बाहर निकाला; पहचान नहीं हो पाई

अनूपपुर में कुएं में मिला शख्स का शव:बच्चियों ने देखा, पुलिस ने रात में बाहर निकाला; पहचान नहीं हो पाई

अनूपपुर जिले के करनपठार थाना क्षेत्र के पडरीखार गांव में मंगलवार दोपहर एक शख्स की लाश कुएं में मिली। गांव के बहादुर सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार बडकरे ने बताया कि गांव में एक शादी का कार्यक्रम था। दोपहर करीब 2-3 बजे कुछ लड़कियां नहाने के लिए गांव के सरकारी कुएं पर गई थीं। कुएं के अंदर लाश देखकर वे डर गईं और घर भागकर परिवार को इसके बारे में बताया। देर रात कुएं से निकाली गई लाश शाम करीब 6:30 बजे ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामला दर्ज किया और रात करीब 10 बजे शव को कुएं से बाहर निकाला। पानी में रहने की वजह से शरीर फूल गया था और अंधेरा होने के कारण ग्रामीण उसकी पहचान नहीं कर सके, हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि व्यक्ति आसपास के इलाके का ही रहने वाला है। पोस्टमार्टम के बाद होगी पहचान पुलिस ने शव को बेनीबारी स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। बुधवार सुबह शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद ही व्यक्ति की पहचान साफ हो पाएगी।

उज्जैन में पानी के टैंकर को आइसर ने मारी टक्कर:अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त; मशक्कत के बाद ड्राइवर को निकाला, इंदौर ले जाते वक्त मौत

उज्जैन में पानी के टैंकर को आइसर ने मारी टक्कर:अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त; मशक्कत के बाद ड्राइवर को निकाला, इंदौर ले जाते वक्त मौत

उज्जैन जिले के नलवा में मंगलवार शाम एक सड़क हादसे में आइसर वाहन के चालक की मौत हो गई। बड़नगर रोड स्थित एवी एग्रो प्लांट के सामने आइसर और पानी के टैंकर के बीच टक्कर हुई थी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, चावल से भरा आइसर वाहन सामने चल रहे पानी के टैंकर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आइसर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक वाहन में फंस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद चालक को वाहन से बाहर निकाला। घायल चालक को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे इंदौर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए उज्जैन के चरक भवन में रखा है। हादसे की सूचना मिलते ही चिंतामन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। मृतक चालक की पहचान अभी नहीं हो पाई है, उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है।

मक्सी में युवक पर चलती बाइक पर चाकू से हमला:पीड़ित बोला- ढाई लाख उधारी मांगने पर साडू भाई और उसके लोगों ने हमला किया

मक्सी में युवक पर चलती बाइक पर चाकू से हमला:पीड़ित बोला- ढाई लाख उधारी मांगने पर साडू भाई और उसके लोगों ने हमला किया

शाजापुर जिले के मक्सी थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक युवक पर चलती बाइक पर चाकू से हमला किया गया। मुरलीधर अस्पताल के पास हुई इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे डायल 112 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवक की पहचान देवास जिले के जलालपुरा निवासी प्रकाश मालवीय के रूप में हुई है। प्रकाश ने पुलिस को बताया कि उस पर उसके साडू भाई नारायण और उसके साथियों ने हमला किया है। घटना की खबर मिलते ही एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्रा सहित पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल के बयान दर्ज किए। ढाई लाख रुपए का विवाद विवाद की वजह पैसों का लेन-देन बताई जा रही है। प्रकाश के अनुसार, उसकी शादी फरवरी 2025 में हुई थी। शादी से पहले उसके साडू भाई नारायण ने उससे ढाई लाख रुपए लिए थे, जो वह वापस नहीं कर रहा था। पैसे मांगने पर आरोपी उसे लगातार धमकियां दे रहा था। इस मामले में प्रकाश ने 26 अप्रैल को देवास के टोककला पुलिस चौकी में शिकायत भी की थी। घेराबंदी कर किया हमला मंगलवार को प्रकाश मक्सी में किराने का सामान लेने आया था। इसी दौरान मुरलीधर अस्पताल और पाटीदार धर्मशाला के बीच चार लोगों ने उसे घेर लिया और उस पर चाकू से तीन-चार वार किए। जांच में जुटी पुलिस मक्सी टीआई संजय वर्मा ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। मौके पर तहसीलदार गौरव पोरवाल भी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे।

NH-44 पर स्टार्ट करते ही बाइक में लगी आग:मुरैना में पलभर में जलकर खाक, बाइक चालक बाल-बाल बचा

NH-44 पर स्टार्ट करते ही बाइक में लगी आग:मुरैना में पलभर में जलकर खाक, बाइक चालक बाल-बाल बचा

मुरैना जिले में नेशनल हाईवे-44 पर स्थित देवरी-हिंगोना मार्ग पर मंगलवार रात एक बाइक में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में पूरी बाइक जलकर खाक हो गई। हालांकि बाइक सवार युवक ने कूदकर अपनी जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक ग्रामीण युवक अपनी होंडा साइन बाइक स्टार्ट कर रहा था। जैसे ही उसने बाइक चालू की, उसमें अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही बाइक सवार युवक तुरंत पीछे की ओर कूद गया, जिससे वह सुरक्षित बच गया। मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी। सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि बाइक में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई है। बाइक पूरी तरह जल चुकी है, जबकि चालक सुरक्षित है। आग लगने के कारण तकनीकी मामला माना जा रहा है। साथ ही डायल-112 को भी सूचना दे दी गई है।

Eco-Friendly Packing Mandatory for Gutkha, Tobacco; FSSAI Draft 2026

Eco-Friendly Packing Mandatory for Gutkha, Tobacco; FSSAI Draft 2026

नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक अब जल्द ही आपको गुटखा, तंबाकू और पान मसाला के प्लास्टिक पाउच नजर नहीं आएंगे। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कहा कि पान मसाला की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक मटेरियल को अब कागज, पेपरबोर्ड, सेल्युलोज और अन्य इको-फ्रेंडली मटेरियल से बदला जाएगा। इसके लिए FSSAI ने मंगलवार को खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियमन 2018′ में संशोधन के लिए एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इस ड्राफ्ट ‘प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम 2026’ पर अगले 30 दिन तक स्टेकहोल्डर्स से राय और आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद इस नियम को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्लास्टिक या विनाइल का किसी भी रूप में उपयोग नहीं होगा नए प्रस्ताव के अनुसार, गुटखा, पान मसाला और तंबाकू के किसी भी पैकेज में किसी भी रूप में प्लास्टिक मटेरियल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसमें ‘विनाइल एसीटेट-मेलिक एसिड-विनाइल क्लोराइड कोपोलिमर’ जैसे केमिकल युक्त मटेरियल पर भी पाबंदी होगी। कागज और सेल्युलोज से बने पाउच का ऑप्शन FSSAI ने सलाह दी है कि अब प्लास्टिक पाउच की जगह कागज, गत्ते (पेपरबोर्ड) और सेल्युलोज जैसे नेचुरल सामान का इस्तेमाल किया जाए। रेगुलेटर का कहना है कि ये चीजें खाने-पीने का सामान पैक करने के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। साथ ही, कंपनियों के लिए भी इन नए मटेरियल को अपनाना और इस्तेमाल करना आसान होगा। टीन और कांच के कंटेनर्स का विकल्प रहेगा बरकरार स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, जो निर्माता पाउच के बजाय टीन या कांच के कंटेनर्स का उपयोग कर रहे हैं, वे उसे जारी रख पाएंगे। इससे मैन्युफैक्चरर्स को अपनी कमर्शियल जरूरतों के हिसाब से फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी, बशर्ते वे रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के भीतर हों। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दवा खाते समय कर रहे हैं ये बड़ी गलती! जान लें नार्मल पानी से खानी है या गुनगुने पानी से…

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जब भी हमें दवा लेनी होती है, ज्यादातर लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे गोली उठाते हैं और पानी के साथ निगल लेते हैं. कई लोग इसे दूध, जूस, चाय या कॉफी के साथ भी खा लेते हैं, जबकि कुछ लोग समय का ध्यान रखे बिना जब याद आता है तभी दवा ले लेते हैं. लेकिन दवा खाने का तरीका, समय और उसके साथ लिया गया पेय पदार्थ दवा के असर पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है. अगर दवा सही तरीके से न ली जाए, तो उसका पूरा फायदा शरीर को नहीं मिल पाता और कई बार साइड इफेक्ट्स का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए दवा लेना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसे सही तरीके से लेना भी है. BBC में छपी रिपोर्ट के अनुसार, दवाइयां अलग-अलग रूप में आती हैं, जैसे टैबलेट, कैप्सूल, सिरप, पाउडर, ड्रॉप्स या इंजेक्शन. लिक्विड दवाएं आमतौर पर शरीर में जल्दी घुल जाती हैं और तेजी से असर दिखाती हैं. वहीं टैबलेट और कैप्सूल को इस तरह बनाया जाता है कि वे धीरे-धीरे पेट में घुलें और समय के साथ असर करें. कुछ दवाएं ऐसी भी होती हैं जिन्हें लंबे समय तक असर देने के लिए खास तरीके से तैयार किया जाता है. ऐसी गोलियों को तोड़ना, पीसना या चबाना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे दवा एक साथ शरीर में पहुंच सकती है और नुकसान हो सकता है. इसलिए हर दवा को उसी रूप में लें, जैसा डॉक्टर या पैकेट पर बताया गया हो. कैसे दवा लेनी चाहिए?अब सवाल आता है कि दवा किस पानी के साथ लेनी चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य तापमान या हल्के गुनगुने पानी के साथ दवा लेना बेहतर माना जाता है. ठंडा पानी कई बार पेट में दवा के घुलने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. इससे दवा का असर देर से शुरू हो सकता है. वहीं बहुत ज्यादा गर्म पानी भी कुछ दवाओं के लिए सही नहीं माना जाता, क्योंकि उससे दवा की बनावट या असर प्रभावित हो सकता है. इसलिए सबसे सुरक्षित तरीका है सादा पानी या हल्का गुनगुना पानी. इससे दवा आसानी से निगली जाती है और पेट में ठीक तरह से घुलने में मदद मिलती है. न अपनाएं ये तरीकाकई लोग दवा को दूध, जूस, चाय या कॉफी के साथ लेना आसान समझते हैं, लेकिन यह आदत नुकसान पहुंचा सकती है. दूध में मौजूद कैल्शियम कुछ दवाओं के असर को कम कर सकता है, खासकर थायरॉइड, कैल्शियम कंट्रोल या कुछ एंटीबायोटिक दवाओं में. चाय और कॉफी में कैफीन होता है, जो कुछ दवाओं के साथ मिलकर बेचैनी, धड़कन तेज होने या पेट में दिक्कत पैदा कर सकता है. वहीं कुछ फलों के रस, खासकर अंगूर के रस, कई दवाओं के असर को बढ़ा या बदल सकते हैं. इसलिए दवा के साथ सादा पानी लेना सबसे सुरक्षित और सही विकल्प माना जाता है. समय भी जरूरीदवा खाने का समय भी उतना ही जरूरी है. कुछ दवाएं खाली पेट लेनी होती हैं, ताकि वे जल्दी असर करें, जबकि कुछ दवाएं खाने के बाद दी जाती हैं ताकि पेट पर बुरा असर न पड़े. अगर डॉक्टर ने दिन में दो बार या तीन बार दवा लिखी है, तो उसे तय समय पर लेना जरूरी है. मन से कभी सुबह, कभी रात लेने से दवा का असर कम हो सकता है. खासतौर पर शुगर, ब्लड प्रेशर, थायरॉइड या हार्ट की दवाओं में समय का पालन बहुत जरूरी होता है. गलत है अपनी मर्जी से दवा लेने की आदतसबसे अहम बात यह है कि अपनी मर्जी से दवा लेने की आदत छोड़ें. हर दवा का तरीका अलग होता है, इसलिए डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह मानें. दवा को सही समय, सही मात्रा और सही तरीके से लेने पर ही उसका पूरा फायदा मिलता है.

सीतानगर जलाशय में हजारों मछलियों की मौत:मांझी समाज ने कहा- जानबूझकर लोगों ने जहरीले पदार्थ फेंका, एसपी को सौंपा ज्ञापन

सीतानगर जलाशय में हजारों मछलियों की मौत:मांझी समाज ने कहा- जानबूझकर लोगों ने जहरीले पदार्थ फेंका, एसपी को सौंपा ज्ञापन

दमोह जिले के सीतानगर जलाशय में मंगलवार को हजारों मछलियां मरी हुई मिलीं। मांझी समाज ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर पानी में जहरीला पदार्थ मिलाया है। इस घटना से समिति को लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है। मंगलवार शाम को मांझी समाज के लोगों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि सोमवार रात संगम मत्स्य उद्योग सहकारी समिति को नुकसान पहुंचाने के लिए जलाशय में जहर डाला गया था। ग्रामीण रायकवार माझी समाज के जिला अध्यक्ष मोंटी रैकवार ने कहा कि डैम में लाखों रुपए का कीमती मछली बीज डाला गया था, जो अब बर्बाद हो चुका है। अवैध रूप से मछली पकड़ने का आरोप समिति ने प्रशासन को बताया कि सीतानगर जलाशय क्षेत्र में ‘मडकोलेश्वर मछुआ सहकारी समिति’ नाम की कोई भी संस्था पंजीकृत नहीं है। इसके बावजूद कुछ लोग वहां चोरी से मछलियां पकड़ रहे हैं और जहर डालकर मछलियों को मार रहे हैं। मांझी समाज ने मांग की है कि इन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उग्र प्रदर्शन की चेतावनी समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों को नहीं पकड़ा गया, तो वे छतरपुर मार्ग पर चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान डालचंद रायकवार, लक्खू रायकवार, अशोक पटेल, अंकित माझी और लच्छू रैकवार सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे।