Saturday, 13 Jun 2026 | 01:23 AM

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दुनिया के आधे निवेशक एआई से ले रहे वित्तीय सलाह:सर्वे-14 से 45 साल के युवाओं को एआई टूल्स पर भरोसा

दुनिया के आधे निवेशक एआई से ले रहे वित्तीय सलाह:सर्वे-14 से 45 साल के युवाओं को एआई टूल्स पर भरोसा

बचत हो या निवेश- अब फैसला करने से पहले लोग बैंक या सलाहकार के बजाय एआई से मशविरा लेने लगे हैं। ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज कंपनी ईवाई के ताजा सर्वे में एक चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। दुनियाभर के करीब आधे लोग निवेश के फैसले एआई की मदद से कर रहे हैं। 23 देशों के 18,000 लोगों पर किए गए सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते छह महीनों में 49% उपभोक्ताओं ने बचत और निवेश से संबंधित निर्णय एआई की मदद से लिए। 37% ने कहा कि वे एआई को व्यक्तिगत वित्तीय सलाह या ऑटोमेटेड फैसलों के लिए काफी उपयोगी मानते हैं। ब्रिटेन में 35% लोगों ने बचत और निवेश संबंधी फैसले एआई की मदद से किए, खतरा भांप वित्तीय नियामक ने इस ट्रेंड की समीक्षा शुरू की 68% जेन जी, 65% मिलेनियल्स AI के भरोसे सबसे ज्यादा उत्साह जेन जी (14-29 साल) और मिलेनियल्स (30-45 साल) के बीच देखा गया। 68% जेन जी और 65% मिलेनियल्स निवेश के फैसले एआई की मदद से करते हैं। ब्रिटेन में 35% लोगों ने बचत और निवेश संबंधी फैसले एआई की मदद से किए। वहां चैटजीपीट सबसे लोकप्रिय टूल बना। गूगल जेमिनाई इस मामले में दूसरे नंबर पर रहा। एआई इन मामलों में आगे नियम, गणनाएं समझाने में, डेटा का सारांश देने में, निवेश के मामले में खाधड़ी पकड़ने में पर इन मामलों में कमजोर व्यक्तिगत हालात के हिसाब से सटीक सलाह देने में, अधूरे सवालों के जवाब भी अक्सर अधूरे, तथ्यों पर भरोसा नहीं कर सकते, स्वतंत्र पुष्टि जरूरी ब्रिटेन – एआई की सलाह से निवेश किया तो कानूनी मदद की गुंजाइश कम ब्रिटेन की वित्तीय नियामक एफसीए ने साफ कहा है कि चैटजीपीटी, क्लॉड जैसे सामान्य आई टूल फाइनेंशियल सर्विसेज के लिए अधिकृत नहीं हैं। इनकी सलाह वित्तीय लोकपाल सेवा या ‘फाइनेंशियल सर्विसेज कम्पनसेशन स्कीम’ के दायरे में नहीं आती। इसका मतलब है कि एआई की मदद से निवेश करने पर यदि कोई नुकसान या फ्रॉड होता है तो कानूनी मदद की गुंजाइश कम होगी। एफसीए ने जनवरी में इस ट्रेंड की समीक्षा भी शुरू की है। निवेशक सिर्फ एआई के भरोसे नहीं रह सकते – एक्सपर्ट एआई शक्तिशाली सहायक टूल है, लेकिन यह तब सबसे अच्छा काम करता है जब इसे अन्य भरोसेमंद स्रोतों के साथ इस्तेमाल किया जाए।- एंड्रयू ऑक्सलेड, फिडेलिटी इंटरनेशनल एआई का विस्तार अंत -भरोसे पर निर्भर करेगा। वित्तीय संस्थाओं को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ एआई अपनाना चाहिए।- प्रीतम पेडानगरी, एआई एक्सपर्ट, ईवाई एआई नियम और गणनाएं बताने में तो स्मार्ट है, लेकिन ये मशीनी टूल यह नहीं बता सकते कि आपको वास्तव में करना क्या चाहिए।- होली मैके, फाउंडर, बोरिंग मनी

नरसिंहपुर में किराना दुकान में मिल रही अवैध शराब, VIDEO:आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, टीआई बोले-दुकानदार पर होगी कार्रवाई

नरसिंहपुर में किराना दुकान में मिल रही अवैध शराब, VIDEO:आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, टीआई बोले-दुकानदार पर होगी कार्रवाई

नरसिंहपुर जिले में अवैध शराब बिक्री का मामला सामने आया है। चीचली थाना क्षेत्र के बारहा बड़ा गांव में एक किराना दुकान से खुलेआम शराब बेचे जाने का वीडियो सामने आया है। सामने आए वीडियो में दुकान पर देशी और अंग्रेजी दोनों तरह की शराब बिक्री होते दिखाई दे रही है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और शराब माफियाओं के हौसले भी बुलंद हैं। लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। यह मामला प्रदेश के कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह की विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे यह और भी संवेदनशील हो गया है। टीआई बोले-वीडियो की जांच के बाद केस दर्ज चीचली थाना प्रभारी अमित गोटिया ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

India-Russia Urea Plant to Cut Mideast Dependence

India-Russia Urea Plant to Cut Mideast Dependence

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका तनाव से उपजे यूरिया संकट से निपटने के लिए भारत और रूस ने जॉइंट वेंचर में यूरिया प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी हैं। यह प्लांट रूस में लगाया जा रहा है जो अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसे लेकर हाल ही में एक भारतीय दल ने रूस का दौरा किया था। भारत और रूस के इस साझा प्रोजेक्ट में करीब 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश होना है। रूस में लगने वाले 20 लाख टन क्षमता के यूरिया प्रोजेक्ट में इंडियन पोटाश लिमिटेड, RCF और NFL शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत खाद के आयात पर निर्भरता कम करना चाहता है। मिडल-ईस्ट पर निर्भरता कम करने की तैयारी भारत अपनी खेती के लिए नाइट्रोजन आधारित खाद ‘यूरिया’ पर बहुत ज्यादा निर्भर है। वर्तमान में भारत अपनी जरूरत का करीब 71% यूरिया मिडल-ईस्ट के देशों से आयात करता है। भारत की 3 सरकारी कंपनियां प्रोजेक्ट में शामिल इस प्रोजेक्ट में 3 भारतीय कंपनियां इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RCFL) और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) मिलकर ₹10 हजार करोड़ का निवेश करेंगी। बाकी के ₹10 हजार करोड़ रूस की केमिकल कंपनी ‘यूरालकेम ग्रुप’ लगाएगी। भारत के लिए यूरिया का स्थायी स्रोत बनेगा प्लांट इंडियन पोटाश के एमडी पीएस गहलोत ने कहा कि प्रोजेक्ट कंसल्टेंट PDIL ने अपनी प्री-फीजिबिलिटी रिपोर्ट सौंप दी है। यह प्लांट भारत के लिए यूरिया का एक सुरक्षित और स्थायी स्रोत बनेगा। प्रोजेक्ट्स एंड डेवलपमेंट इंडिया लिमिटेड (PDIL) इस प्रोजेक्ट में की भूमिका निभा रहा है, जिसने प्लांट की डिजाइनिंग और व्यावहारिकता (Pre-feasibility report) तैयार की है। भारत में यूरिया का उत्पादन कम, खपत ज्यादा सालाना खपत: करीब 400 लाख मीट्रिक टन। घरेलू उत्पादन: करीब 300 लाख मीट्रिक टन। खाद की कमी: लगभग 100 लाख मीट्रिक टन। इंपोर्ट पर खर्च: यूरिया की कमी को पूरा करने के लिए भारत पूरी तरह इम्पोर्ट पर निर्भर है। 2025 में भारत ने यूरिया आयात पर करीब 2.3 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹20 हजार करोड़ खर्च किए। वैकल्पिक रास्तों से मंगाया जा रहा है यूरिया अमेरिका-ईरान तनाव के कारण पैदा हुए संकट को देखते हुए सरकार ने 2026 के लिए 25 लाख टन यूरिया के आयात को मंजूरी दी है। यह सप्लाई ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के रास्ते को छोड़कर अल्जीरिया, नाइजीरिया, ओमान और रूस से सीधे मंगवाई जा रही है। 2025 में पुतिन की भारत यात्रा में रखी थी प्रोजेक्ट की नींव इस प्रोजेक्ट की नींव दिसंबर 2025 में रखी गई थी, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आए थे। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मौजूदगी में दोनों देशों में MoU साइन हुआ था। क्यों जरूरी है यूरिया? यूरिया मिट्टी को जरूरी नाइट्रोजन देता है, जो पौधों के विकास के लिए जरूरी है। चावल, गेहूं और मक्के जैसी फसलों में सही मात्रा में यूरिया का इस्तेमाल पैदावार को 20 से 50% तक बढ़ा देता है। यही वजह है कि सरकार किसी भी कीमत पर इसकी सप्लाई में कमी नहीं आने देना चाहती। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… E20 के बाद E85 फ्लेक्स-फ्यूल की तैयारी में भारत:माइलेज 30% तक कम हो सकता है; कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच कच्चे तेल के सप्लाई संकट को देखते हुए भारत सरकार अब E85 फ्लेक्स-फ्यूल की ओर कदम बढ़ा रही है। सरकार जल्द ही E85 फ्यूल की मंजूरी के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर सकती है, जिसके लिए मार्केट में आम सहमति बन चुकी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India-Russia Urea Plant to Cut Mideast Dependence

India-Russia Urea Plant to Cut Mideast Dependence

नई दिल्ली26 मिनट पहले कॉपी लिंक यूरिया संकट के बीच भारत और रूस ने जॉइंट वेंचर में फर्टिलाइजर प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी हैं। यह प्लांट रूस में लगाया जा रहा है जो अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसे लेकर हाल ही में एक भारतीय दल ने रूस का दौरा किया है। भारत और रूस के इस साझा प्रोजेक्ट में करीब 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश होना है। रूस में लगने वाले 20 लाख टन क्षमता के यूरिया प्रोजेक्ट में इंडियन पोटाश लिमिटेड, RCF और NFL शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत खाद के आयात पर निर्भरता कम करना चाहता है। मिडल-ईस्ट पर निर्भरता कम करने की तैयारी भारत अपनी खेती के लिए नाइट्रोजन आधारित खाद ‘यूरिया’ पर बहुत ज्यादा निर्भर है। वर्तमान में भारत अपनी जरूरत का करीब 71% यूरिया मिडल-ईस्ट के देशों से आयात करता है। भारत की 3 सरकारी कंपनियां प्रोजेक्ट में शामिल भारतीय कंपनियां इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RCFL) और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) मिलकर ₹10 हजार करोड़ का निवेश करेंगी। बाकी के ₹10 हजार करोड़ रूस की केमिकल कंपनी ‘यूरालकेम ग्रुप’ लगाएगी। भारत के लिए यूरिया का स्थायी स्रोत बनेगा प्लांट इंडियन पोटाश के MD पीएस गहलोत ने कहा कि प्रोजेक्ट कंसल्टेंट PDIL ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। यह प्लांट भारत के लिए यूरिया का एक स्थायी स्रोत बनेगा। प्रोजेक्ट्स एंड डेवलपमेंट इंडिया लिमिटेड (PDIL) इस प्रोजेक्ट में की भूमिका निभा रहा है, जिसने प्लांट की डिजाइनिंग और व्यावहारिकता (Pre-feasibility report) तैयार की है। भारत में यूरिया का उत्पादन कम, खपत ज्यादा सालाना खपत: करीब 400 लाख मीट्रिक टन। घरेलू उत्पादन: करीब 300 लाख मीट्रिक टन। खाद की कमी: लगभग 100 लाख मीट्रिक टन। इंपोर्ट पर खर्च: यूरिया की कमी को पूरा करने के लिए भारत पूरी तरह इम्पोर्ट पर निर्भर है। 2025 में भारत ने यूरिया आयात पर करीब ₹20 हजार करोड़ खर्च किए। वैकल्पिक रास्तों से मंगाया जा रहा है यूरिया अमेरिका-ईरान तनाव के कारण पैदा हुए संकट को देखते हुए सरकार ने 2026 के लिए 25 लाख टन यूरिया के आयात को मंजूरी दी है। यह सप्लाई ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के रास्ते को छोड़कर अल्जीरिया, नाइजीरिया, ओमान और रूस से सीधे मंगवाई जा रही है। 2025 में पुतिन की भारत यात्रा में रखी थी प्रोजेक्ट की नींव इस प्रोजेक्ट की नींव दिसंबर 2025 में रखी गई थी, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आए थे। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मौजूदगी में दोनों देशों में MoU साइन हुआ था। क्यों जरूरी है यूरिया? यूरिया मिट्टी को जरूरी नाइट्रोजन देता है, जो पौधों के लिए जरूरी है। चावल, गेहूं और मक्के जैसी फसलों में सही मात्रा में यूरिया का इस्तेमाल पैदावार को 20 से 50% तक बढ़ा देता है। यही वजह है कि सरकार इसकी सप्लाई में कमी नहीं आने देना चाहती। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… E20 के बाद E85 फ्लेक्स-फ्यूल की तैयारी में भारत:माइलेज 30% तक कम हो सकता है; कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच कच्चे तेल के सप्लाई संकट को देखते हुए भारत सरकार अब E85 फ्लेक्स-फ्यूल की ओर कदम बढ़ा रही है। सरकार जल्द ही E85 फ्यूल की मंजूरी के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर सकती है, जिसके लिए मार्केट में आम सहमति बन चुकी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

43॰ पार तापमान से अशोकनगर में जनजीवन प्रभावित:लू के कारण सड़कों पर सन्नाटा, इस सीजन में 44॰ तक पहुंच चुका पारा

43॰ पार तापमान से अशोकनगर में जनजीवन प्रभावित:लू के कारण सड़कों पर सन्नाटा, इस सीजन में 44॰ तक पहुंच चुका पारा

अशोकनगर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। मंगलवार को दोपहर के समय दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिसके कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम रही। इस सीजन में अधिकतम तापमान पहले ही 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। गर्म हवाओं के कारण लू के थपेड़े महसूस किए जा रहे हैं। लोग केवल आवश्यक काम होने पर ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोग भी गर्मी से बचाव के लिए अपने चेहरे को कपड़े से ढककर चल रहे हैं। जिले में सोमवार और मंगलवार को सर्वाधिक गर्मी दर्ज की गई। इससे पहले से भी गर्मी पड़ रही है पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना था। जिन सड़कों पर सामान्य दिनों में भीड़भाड़ रहती थी, वहां वाहनों की संख्या आधे से भी कम रही। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जिले में अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह बना रहेगा। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाओं का असर शाम 7 बजे तक महसूस किया जा रहा है।

राजकोट के 2026 चुनाव में हारने वाले बड़े नाम

राजकोट के 2026 चुनाव में हारने वाले बड़े नाम

2026 राजकोट नगर निगम चुनाव के लिए मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से मतदान होने के दो दिन बाद 28 अप्रैल को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। 26 अप्रैल को 18 वार्डों की 72 सीटों के लिए मतदान हुआ, जिसमें औसत मतदान प्रतिशत 51.1% था, और नतीजों ने गहन राजनीतिक रुचि पैदा कर दी है, खासकर कई हाई-प्रोफाइल उम्मीदवारों की हार के बाद। ध्यान आकर्षित करने वाले प्रमुख नामों में रवींद्र जड़ेजा की बहन नयनाबा जाडेजा, रेडियो पर्सनैलिटी आरजे आभा देसाई और प्रसिद्ध गुजराती लोक कलाकार माया भाई अहीर की बेटी सोनल डेर शामिल थीं। आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक भूपत भयानी, जो अब भारतीय जनता पार्टी में हैं, के लिए भी एक झटका था। सबसे अधिक देखे जाने वाले मुकाबलों में से एक राजकोट के वार्ड नंबर 2 में था, जहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने नयनाबा जड़ेजा को मैदान में उतारा था। क्रिकेटर रवींद्र जड़ेजा से उनके संबंध को देखते हुए उनकी उम्मीदवारी ने ध्यान खींचा था। हालाँकि, वार्ड में भारतीय जनता पार्टी पैनल ने क्लीन स्वीप किया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी हार हुई। परिणाम के बाद, नयनाबा जडेजा ने निराशा व्यक्त की और पार्टी की स्थानीय संरचना और समर्थन प्रणाली की आलोचना करते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि संगठन को अभी भी मजबूत करने की जरूरत है और व्यक्तियों का नाम लिए बिना उन्होंने सुझाव दिया कि कुछ नेता जिन्हें अभियान का समर्थन करना चाहिए था वे दूर रहें। उन्होंने हार के लिए कांग्रेस संगठन और स्थानीय नेतृत्व की कमियों को जिम्मेदार ठहराया। एक और उल्लेखनीय हार वार्ड नंबर 10 में हुई, जहां प्रसिद्ध रेडियो हस्ती आभा देसाई ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। भाजपा पैनल ने वार्ड जीत लिया, जिससे चुनाव में अधिक पहचाने जाने वाले नए चेहरों में से एक को झटका लगा। आरजे आभा अपना नामांकन दाखिल करने के बाद से ही सुर्खियों में थीं, राजनीति से परे उनकी लोकप्रियता के कारण उनकी दिलचस्पी बढ़ गई थी। इंस्टाग्राम पर 300,000 से अधिक फॉलोअर्स और रेडियो में 15 वर्षों में बनाई गई एक सार्वजनिक प्रोफ़ाइल के साथ, उन्होंने खुद को लोगों की रोजमर्रा की चिंताओं से निकटता से जुड़े उम्मीदवार के रूप में स्थापित किया। अभियान के दौरान, उन्होंने कहा था कि राजकोट के कई बुनियादी नागरिक मुद्दे अनसुलझे हैं, विशेष रूप से खराब सड़क की स्थिति, गड्ढे और उबड़-खाबड़ हिस्से, जिसके बारे में उनका तर्क था कि इससे निवासियों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, जिसमें पीठ और रीढ़ की समस्याएं भी शामिल हैं। उन्होंने शहर के कुछ हिस्सों में लगातार पानी की कमी पर भी चिंता जताई थी, उन्होंने कहा कि इन मुद्दों ने जनता में असंतोष को बढ़ावा दिया है। उनके संचार अनुभव और लोकप्रियता के बावजूद, उनका चुनावी पदार्पण हार के साथ समाप्त हुआ। राजकोट के बाहर, एक और हाई-प्रोफाइल परिणाम अमरेली जिले से आया, जहां माया भाई अहीर की बेटी सोनल डेर स्थानीय निकाय चुनाव में हार गईं। सोनल ने लाठी तालुका पंचायत की चावंड सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर राजनीति में प्रवेश किया था और अभियान के दौरान काफी ध्यान आकर्षित किया था। उनका परिवार लंबे समय से भाजपा से जुड़ा रहा है – उनके भाई जयराज अहीर पार्टी में सक्रिय रहे हैं, और उनकी खुद की राजनीतिक शुरुआत को महत्वपूर्ण माना गया था। हालाँकि, सोमवार को हुई मतगणना में वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की शांतिबेन डेर से हार गईं, जिससे निर्वाचन क्षेत्र में एक बड़ा उलटफेर हुआ। जूनागढ़ जिले में एक और आश्चर्य हुआ, जहां आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए भूपत भयानी भेसन जिला पंचायत सीट हार गए। उन्हें लगभग 1,700 वोटों से हार का सामना करना पड़ा और आप के दिनेश रूपारेलिया विजयी रहे। इस नतीजे को इस सीट पर बीजेपी के लिए झटके के तौर पर देखा गया. भयानी ने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में जूनागढ़ जिले की विसावदर सीट से AAP उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। दिसंबर 2023 में, उन्होंने भाजपा में शामिल होने से पहले पार्टी और विधायक पद दोनों से इस्तीफा दे दिया। अप्रैल 2026 के स्थानीय स्वशासन चुनावों में, भाजपा ने उन्हें भेसन से मैदान में उतारा, लेकिन यह कदम जीत में तब्दील नहीं हुआ। (टैग्सटूट्रांसलेट)चुनाव परिणाम लाइव(टी)चुनाव परिणाम(टी)गुजरात(टी)गुजरात चुनाव(टी)गुजरात समाचार(टी)नगर निगम चुनाव(टी)राजकोट(टी)राजकोट समाचार

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

नासिक के TCS उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी निदा खान ने महिला कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन और नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने का दबाव बनाया था। इसके लिए पीड़िता को बुर्का और इस्लामिक किताबें दी थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस की जांच में यह दावा किया गया है। पीड़िता के मोबाइल में ऐसे ऐप्स भी इंस्टॉल कराए गए जिससे उसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के शैक्षिक दस्तावेज छीन लिए गए थे और उसे नौकरी के बहाने मलेशिया भेजकर इमरान नामक व्यक्ति के पास काम पर लगाने की भी योजना थी। पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। निदा ने दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत के लिए नासिक सेशन कोर्ट में अर्जी भी दी थी। कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था। मामले में 8 गिरफ्तार TCS ऑफिस के इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कंपनी की ज्यादातर पीड़ित मिडिल क्लास परिवारों से हैं। उनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है। वे एसोसिएट लेवल पर काम करती थीं और 20 हजार रुपए महीना सैलरी पाती थीं। पीड़ित इंजीनियर बोली- गुड़ी पड़वा के दौरान छेड़छाड़ हुई पीड़ित महिला इंजीनियर ने 5 आरोपियों पर जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसका टीम लीडर ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छूता था। एक अन्य आरोपी ने ऑफिस की पेंट्री में गुड़ी पड़वा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। TCS ने इस मामले पर कहा है कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर किसी महिला कर्मचारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल बनाने और बाहरी एजेंसियों को शामिल करने की घोषणा की है। ——————————————————— ये खबर भी पढ़ें… नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क:आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

नासिक के TCS उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी निदा खान ने महिला कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन और नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने का दबाव बनाया था। इसके लिए पीड़िता को बुर्का और इस्लामिक किताबें दी थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस की जांच में यह दावा किया गया है। पीड़िता के मोबाइल में ऐसे ऐप्स भी इंस्टॉल कराए गए जिससे उसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के शैक्षिक दस्तावेज छीन लिए गए थे और उसे नौकरी के बहाने मलेशिया भेजकर इमरान नामक व्यक्ति के पास काम पर लगाने की भी योजना थी। पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। निदा ने दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत के लिए नासिक सेशन कोर्ट में अर्जी भी दी थी। कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था। मामले में 8 गिरफ्तार TCS ऑफिस के इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कंपनी की ज्यादातर पीड़ित मिडिल क्लास परिवारों से हैं। उनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है। वे एसोसिएट लेवल पर काम करती थीं और 20 हजार रुपए महीना सैलरी पाती थीं। पीड़ित इंजीनियर बोली- गुड़ी पड़वा के दौरान छेड़छाड़ हुई पीड़ित महिला इंजीनियर ने 5 आरोपियों पर जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसका टीम लीडर ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छूता था। एक अन्य आरोपी ने ऑफिस की पेंट्री में गुड़ी पड़वा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। TCS ने इस मामले पर कहा है कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर किसी महिला कर्मचारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल बनाने और बाहरी एजेंसियों को शामिल करने की घोषणा की है। ——————————————————— ये खबर भी पढ़ें… नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क:आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

आम समेत अन्य पेड़ों की 4 लाख की लकड़ियां पकड़ी:जंगल में रात 2 बजे ट्रैक्टर-ट्राली में लदी थी, दो आरोपी हिरासत में

आम समेत अन्य पेड़ों की 4 लाख की लकड़ियां पकड़ी:जंगल में रात 2 बजे ट्रैक्टर-ट्राली में लदी थी, दो आरोपी हिरासत में

उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में वन विभाग ने सोमवार देर रात लकड़ी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। रात करीब 2 बजे गश्त के दौरान टीम ने जंगल में अवैध लकड़ी ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को घेराबंदी कर पकड़ा। सहायक संचालक भूरा गायकवाड़ ने बताया कि नियमित गश्त के दौरान टीम को जंगल के भीतर एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली घूमती दिखी। जब उसे रोककर तलाशी ली गई, तो उसमें आम और अन्य पेड़ों की लकड़ियां लदी हुई थीं। मौके पर मौजूद दो लोग लकड़ी के परिवहन से जुड़े कोई भी कागजात नहीं दिखा पाए। लाखों का माल जब्त, दो हिरासत में वन विभाग ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और अवैध लकड़ी को तुरंत जब्त कर लिया, जिसकी कुल कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी गई है। इस मामले में दिनैश और रामनरेश नाम के दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच जारी कार्रवाई के दौरान उप संचालक भी टीम के साथ मौजूद रहे। वन विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि यह लकड़ी जंगल के किस हिस्से से काटी गई थी और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि तस्करी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी तेजी से की जा रही है।

Punjab Kings vs Rajasthan Royals IPL 2026

Punjab Kings vs Rajasthan Royals IPL 2026

पटना13 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 के आज के मैच में पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला न्यू चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आज शाम साढ़े 7 बजे से खेला जाएगा। पंजाब किंग्स ने अब तक खेले गए 7 मुकाबलों में से 6 में शानदार जीत दर्ज की है, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। पंजाब की सफलता का सबसे बड़ा कारण उसका संतुलित दल रहा है, जिसमें बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने मिलकर टीम को जीत दिलाई है। दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स ने भी इस सत्र में शानदार खेल का प्रदर्शन किया है। टीम ने अबतक 8 मुकाबलों में से 5 में जीत दर्ज की है, जबकि 3 में हार का सामना करना पड़ा है। इस सीजन वैभव सूर्यवंशी अब तक सबसे ज्यादा 32 छक्के लगा चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स ने 8 मुकाबलों में 5 जीत दर्ज की राजस्थान की टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी संतुलित संरचना है। इस टीम ने कई मुकाबलों में दबाव की स्थिति से वापसी करते हुए जीत हासिल की है, जो उसकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है। यही कारण है कि राजस्थान किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख पलटने की क्षमता रखती है। आमने-सामने के मुकाबलों में राजस्थान का दबदबा यदि दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो राजस्थान रॉयल्स का पलड़ा भारी नजर आता है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 30 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें राजस्थान ने 17 जीते हैं। वहीं पंजाब किंग्स को 12 मुकाबलों में सफलता मिली है, जबकि एक मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ है। हालांकि, न्यू चंडीगढ़ के इस मैदान पर खेले गए दोनों मुकाबलों में पंजाब ने जीत हासिल की है, जिससे उसे घरेलू परिस्थितियों का लाभ मिल सकता है और आत्मविश्वास भी बढ़ा हुआ रहेगा। वैभव सूर्यवंशी का तूफानी प्रदर्शन राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस सत्र में सबसे बड़े आकर्षण बनकर उभरे हैं। उन्होंने अब तक खेले गए 8 मुकाबलों में 234.86 की बेहद आक्रामक प्रहार दर से कुल 357 रन वैभव सूर्यवंशी इस सत्र में अब तक 32 छक्के लगा चुके हैं, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक छक्के हैं। उनका आक्रामक अंदाज राजस्थान को तेज शुरुआत दिलाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। 36 गेंदों में शतक, इतिहास में दर्ज हुई पारी पिछले मुकाबले में हैदराबाद के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने जो प्रदर्शन किया, वह लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने मात्र 36 गेंदों में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 12 छक्के और 5 चौके शामिल थे। इस शानदार शतक के साथ वे इस प्रतियोगिता के इतिहास में तीसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उनकी इस पारी ने न केवल मैच का रुख बदल दिया, बल्कि उन्हें देश-विदेश में नई पहचान भी दिलाई। पैट कमिंस भी हुए मुरीद ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज पैट कमिंस भी वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी से बेहद प्रभावित नजर आए। उन्होंने इस युवा खिलाड़ी की खुलकर प्रशंसा की और उन्हें अपना नया पसंदीदा खिलाड़ी बताया। इतनी कम उम्र में इस तरह की निडर और आक्रामक बल्लेबाजी करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ‘आज सिर्फ छक्का मारेंगे’-मैदान पर कर दिखाया मैच के बाद सामने आए एक वीडियो में वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि टॉस के बाद यशस्वी जायसवाल ने उनसे कहा था कि आज तेज गति से बल्लेबाजी करनी है। इस पर वैभव ने हंसते हुए जवाब दिया-“आज सिर्फ छक्का मारेंगे”, और उन्होंने मैदान पर ठीक वैसा ही प्रदर्शन कर दिखाया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…