Saturday, 13 Jun 2026 | 12:08 AM

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पन्ना में बीएससी छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी:परिजन ने युवक पर शादी के लिए परेशान का आरोप लगाया, एसपी से की शिकायत

पन्ना में बीएससी छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी:परिजन ने युवक पर शादी के लिए परेशान का आरोप लगाया, एसपी से की शिकायत

पन्ना जिले में बीएससी प्रथम वर्ष की एक छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। छात्रा के परिवार वालों ने एक युवक पर उसे परेशान करने और खुदकुशी के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है। मंगलवार, 28 अप्रैल को छात्रा के पिता ने पन्ना एसपी को इस मामले में शिकायत की है। 21 साल की पुष्पा अहिरवार अमानगंज के पुरैना गांव की रहने वाली थी। वह पन्ना के साइंस कॉलेज में पढ़ाई करती थी और वहां किराए का कमरा लेकर रह रही थी। परिवार का आरोप है कि विकास अहिरवार नाम का युवक उसे काफी समय से परेशान कर रहा था और उस पर शादी करने के लिए लगातार दबाव डाल रहा था। धमकी से और बढ़ गया तनाव छात्रा के पिता गुटियां अहिरवार ने बताया कि जब उन्होंने इस बात की शिकायत युवक के परिवार से की, तो वे सुधरने के बजाय गाली-गलौज करने लगे और जान से मारने की धमकी दी। इससे छात्रा और ज्यादा तनाव में आ गई। आखिरी फोन पर बयां किया था दर्द पुष्पा की मां सुनीता ने बताया कि 16 अप्रैल को पुष्पा ने अपने पिता को फोन किया था। उसने रोते हुए बताया कि विकास ने उसका जीना मुश्किल कर दिया है और वह अब पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने उसी शाम फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। न्याय की गुहार पीड़ित पिता ने पुलिस से मांग की है कि उनकी बेटी को मौत के लिए उकसाने वाले आरोपी विकास पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है।

बंगाल एग्जिट पोल लाइव स्ट्रीमिंग: बीजेपी की बनेगी सरकार या ममता के सिर फिर सजेगा ताज? कब-कहाँ देखें बंगाल चुनाव सर्वेक्षण

बंगाल एग्जिट पोल लाइव स्ट्रीमिंग: बीजेपी की बनेगी सरकार या ममता के सिर फिर सजेगा ताज? कब-कहाँ देखें बंगाल चुनाव सर्वेक्षण

पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026 लाइव स्ट्रीमिंग: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत 29 अप्रैल को होने वाला मतदान तय करेगा कि टीएमसी अब भी अपने गढ़ पर कब्ज़ा बनाए रखेगी या बीजेपी सेंध लगाएगी, अपनी पकड़ मजबूत करेगी। चुनाव के दूसरे चरण के तहत राज्य की 142 सीटों के लिए मतदान होगा। 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में उत्तर बंगाल और आस-पास के इलाकों में बीजेपी की पारंपरिक पकड़ की परीक्षा हुई और अब दूसरे चरण में डोमिनिक कांग्रेस के गढ़-कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नादिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान के मुकाबलों पर नजर रहेगी। कहाँ देखें पश्चिम बंगाल चुनाव चुनावी पोल? (पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल रिजल्ट 2026) दूसरे चरण के मतदान के बाद 29 अप्रैल की शाम 6 बजे बंगाल चुनाव का मतदान एपीपी लाइव (एबीपी लाइव) पर देख सकते हैं. एबीपी न्यूज की वेबसाइट https://www.abplive.com पर आप वेस्ट बंगाल इकोनॉमिक पोल के पल-पल के आंकड़ों की जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा यूट्यूब पर एबीपी लाइव https://www.youtube.com/watch?v=vzn-NYdFDko के इस लिंक के साथ जॉकरिट पोल के आंकड़े देख सकते हैं। दूसरे चरण में टीएमसी और बीजेपी की परीक्षा कोलकाता, हावड़ा, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, नादिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान में चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई जा सकती है। दूसरे चरण में जिन 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से ‘ओपेरा कांग्रेस’ ने 2021 में 123 सीटें हासिल कीं, बीजेपी ने सिर्फ 18 सीटें हासिल कीं और ‘इंडियन सेक सैमसंग फ्रंट’ (आईएसएसएफ) ने एक सीट हासिल की थी। पांच साल पहले बीजेपी के डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, ममता बनर्जी की पार्टी ने दक्षिण बंगाल में शानदार जीत हासिल की और आसानी से सत्ता पर कब्जा कर लिया। ममता के गढ़ में सेंध में कब्जे में भाजपा भवानीपुर विधानसभा सीट पर भी दूसरे चरण का मतदान हो रहा है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ है। बीजेपी ने यहां के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतार दिया है. समुद्र तट के लिए इन जंगलों पर कब्ज़ा बनाये रखना अहम है, जिससे उसकी लगातार चौथी बार सत्ता में आने का रास्ता पूरी तरह से खुला रहता है। उत्तर 24 परगना में 33 सीट, दक्षिण 24 परगना में 31 सीट, हावड़ा में 16 सीट, नादिया में 17 सीट, हुगली में 18 सीट, पूर्वी बर्धमान में 16 सीट और कोलकाता में 11 सीट हैं। पहले चरण के दौरान हुई बंपर वोट राज्य में पहले चरण में 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज होने के बाद ममता बनर्जी ने दावा किया था कि पहले चरण में 100 सीट का आंकड़ा दर्ज किया गया था। इस राज्य में अब तक का सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत है. मखमली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने नाम जारी करने के मुद्दे को दूसरे चरण का सबसे प्रतीकात्मक राजनीतिक महत्व दिया है। उत्तर 24 परगना में लगभग 12.6 लाख से अधिक नाम निकाला गया, दक्षिण 24 परगना में 10.91 लाख से अधिक नाम निकाला गया, कोलकाता में लगभग 6.97 लाख, हावड़ा में लगभग छह लाख, हुगली में 4.68 लाख और नादिया में लगभग 4.85 लाख से अधिक नाम निकाला गया। ये भी पढ़ें: बीजेपी ने अब ममता बनर्जी पर लगाया जान से मारने की धमकी, टीएमसी ने बीजेपी नेताओं का पोस्ट शेयर कर लगाया बड़ा आरोप Input By : pl भाषा

पेंच टाइगर रिजर्व में जुगनी बाघिन का कूल अंदाज:4 शावकों के साथ पानी में मस्ती करती दिखी; पर्यटकों ने बनाया VIDEO

पेंच टाइगर रिजर्व में जुगनी बाघिन का कूल अंदाज:4 शावकों के साथ पानी में मस्ती करती दिखी; पर्यटकों ने बनाया VIDEO

सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व से खूबसूरत नजारा सामने आया है। यहां के खबासा बफर इलाके में मशहूर बाघिन ‘जुगनी’ अपने चार नन्हे शावकों के साथ पानी में अठखेलियां करती नजर आई। कड़ाके की गर्मी के बीच बाघिन और उसके बच्चों की यह मस्ती सैलानियों के लिए यादगार बन गई। वीडियो एक दिन पुराना है, जो मंगलवार को सामने आया है। जंगल सफारी पर निकले पर्यटकों ने इस खास पल को अपने कैमरों में कैद कर लिया। वीडियो में दिख रहा है कि जुगनी बाघिन अपने चारों बच्चों के साथ एक जल स्रोत में आराम कर रही है। नन्हे शावक कभी पानी में उछल-कूद कर रहे हैं, तो कभी अपनी मां के पास जाकर लाड जता रहे हैं। चिलचिलाती धूप से बचने के लिए बाघ परिवार का यह अंदाज लोगों को खूब लुभा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में एक बाघिन का अपने चार शावकों के साथ इस तरह खुलेआम पानी में दिखना बहुत कम होता है, इसलिए यह नजारा और भी खास हो जाता है। वन्यजीवों का घर है पेंच मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर फैला पेंच टाइगर रिजर्व अपनी खूबसूरती और बाघों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां सिर्फ बाघ ही नहीं, बल्कि तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ते और कई तरह के हिरण भी देखने को मिलते हैं। जुगनी और उसके बच्चों के इस वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पेंच का जंगल वन्यजीव प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 52,946 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 42,431 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.76 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,659 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 6.44% कम रहा है। पिछले साल कंपनी को 3,911 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। निवेशकों को ₹140 डिविडेंड देगी कंपनी इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 140 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। रेवेन्यू 28.20% बढ़कर ₹52,462 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी को प्रोडक्ट और सर्विस बेचकर 52,462 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू हासिल हुआ। सालाना आधार पर यह 28.20% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 40,920 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। चौथी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री 11.8% बढ़ी चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी ने कुल 6,76,209 गाड़ियां बेचीं। घरेलू मार्केट में कंपनी की सेल इस दौरान सालाना आधार पर 3.7% बढ़ी, जबकि एक्सपोर्ट 61.3% ज्यादा रहा। इसके चलते कंपनी की सालाना आधार पर ओवरऑल सेल्स ग्रोथ 11.8% रही। डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी ने 5,38,994 गाड़ियां बेचीं, जबकि 1,37,215 गाड़ियों को एक्सपोर्ट किया। यह कंपनी का ऑल-टाइम-हाई एक्सपोर्ट है। मारुति का शेयर एक साल में 9% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद मारुति सुजुकी का शेयर आज 2.51% गिरकर 12,890 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 21% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 23% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 9% चढ़ा है। मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 4.05 लाख करोड़ रुपए है। 1982 में बनी थी मारुति सुजुकी इंडिया मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 को भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के लिए सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेच चुकी है।

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

मारुति का चौथी तिमाही में मुनाफा 6% घटा:रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹52,462 करोड़, 3-महीने में 6.76 लाख कारें बेचीं; ₹140 डिविडेंड देगी

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 52,946 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 42,431 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.76 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,659 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 6.44% कम रहा है। पिछले साल कंपनी को 3,911 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। निवेशकों को ₹140 डिविडेंड देगी कंपनी इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 140 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। रेवेन्यू 28.20% बढ़कर ₹52,462 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी को प्रोडक्ट और सर्विस बेचकर 52,462 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू हासिल हुआ। सालाना आधार पर यह 28.20% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 40,920 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। चौथी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री 11.8% बढ़ी चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी ने कुल 6,76,209 गाड़ियां बेचीं। घरेलू मार्केट में कंपनी की सेल इस दौरान सालाना आधार पर 3.7% बढ़ी, जबकि एक्सपोर्ट 61.3% ज्यादा रहा। इसके चलते कंपनी की सालाना आधार पर ओवरऑल सेल्स ग्रोथ 11.8% रही। डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी ने 5,38,994 गाड़ियां बेचीं, जबकि 1,37,215 गाड़ियों को एक्सपोर्ट किया। यह कंपनी का ऑल-टाइम-हाई एक्सपोर्ट है। मारुति ने घरेलू मार्केट में 5.38 लाख गाड़ियां बेचीं सोर्स – BSE फाइलिंग मारुति ने Q4 में सबसे ज्यादा 2.47 लाख मिनी+कॉम्पैक्ट गाड़ियां बेचीं सोर्स – BSE फाइलिंग मारुति का शेयर एक साल में 9% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद मारुति सुजुकी का शेयर आज 2.51% गिरकर 12,890 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 21% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 23% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 9% चढ़ा है। मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 4.05 लाख करोड़ रुपए है। 1982 में बनी थी मारुति सुजुकी इंडिया मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 को भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के लिए सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में 3 करोड़ से ज्यादा गाड़ियां बेच चुकी है।

इंस्टेंट होम सर्विस’ ने पकड़ी रफ्तार:बर्तन मांजने, पोंछा लगाने, खाना पकाने की सर्विस अब नई रेस; 20 लाख बुकिंग, यूजर 1 करोड़ पार

इंस्टेंट होम सर्विस’ ने पकड़ी रफ्तार:बर्तन मांजने, पोंछा लगाने, खाना पकाने की सर्विस अब नई रेस; 20 लाख बुकिंग, यूजर 1 करोड़ पार

स्मार्टफोन पर एक टैप और 10 मिनट में घर पर हेल्पर- यह बस एक आइडिया नहीं रह गया, बल्कि लाखों भारतीयों की जीवनशैली का हिस्सा बनता जा रहा है। इंस्टेंट होम सर्विस एप्स मार्च में 1 करोड़ मासिक एक्टिव यूजर पार कर चुके हैं। इस रेस में पैसा भी उतनी ही तेजी से दौड़ रहा है। ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी मॉर्गन स्टेनली की एक रिसर्च नोट के मुताबिक, अर्बन कंपनी, प्रोंटो और स्नैबिट के कुल मासिक एक्टिव यूजर (एमएयू) मार्च में 1.04 करोड़ हो गए। अर्बन कंपनी इनमें सबसे आगे है, लेकिन प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। नए खिलाड़ी इसकी बाजार हिस्सेदारी छीन रहे हैं। इन्हें ऊंचे वैल्युएशन पर तगड़ी फंडिंग भी मिल रही है। अर्बन कंपनी का इंस्टाहेल्प वर्टिकल हर महीने 10 लाख बुकिंग पार कर चुका है। प्रोंटो रोजाना करीब 18,000 ऑर्डर संभाल रहा है। नए प्लेटफॉर्म फ्रेश डिमांड का बड़ा हिस्सा खींच रहे अर्बन कंपनी का यूजर बेस में सबसे बड़ा है। लेकिन प्रोंटो मार्च में 43% एप डाउनलोड के साथ श्रेणी में नंबर एक रहा। अर्बन कंपनी का शेयर 31% और स्नैबिट का 26% रहा। यानी नए प्लेटफॉर्म फ्रेश डिमांड का बड़ा हिस्सा खींच रहे हैं। रोजाना और मासिक एक्टिव यूजेज में भी प्रोंटो और स्नैबिट का शेयर लगातार बढ़ रहा है। यह बताता है कि यूजर लॉयल्टी भी इनकी तरफ शिफ्ट हो रही है। वैल्युएशन दोगुनी, फंडिंग की होड़ प्रोंटो- यह प्लेटफॉर्म 141-188 करोड़ रुपए का एक्सटेंशन राउंड जुटाने की तैयारी में है। इसके लिए वैल्युएशन 1,883 करोड़ रुपए आंका गया है, जो पिछले राउंड का दोगुना है। स्नैबिट- मिराए एसेट और एसआईजी से 565-659 करोड़ रुपए जुटाने की बातचीत चल रही है। इसके लिए संभावित वैल्युएशन 3,295-3,766 करोड़ रुपए हो सकता है। इस साल मार्च तक घरेलू इंस्टेंट होम सर्विस इंडस्ट्री की स्थिति मंथली एक्टिव यूजर – 1.04 करोड़ मासिक बुकिंग – 20 लाख+ प्रोंटो डाउनलोड शेयर – 43% मार्च 2026 में स्नैबिट की फंड रेजिंग – ₹590 करोड़ (659 करोड़ पर बात) प्रोंटो की फंडिंग -₹235 करोड़, मार्च में बड़ा सवाल… ग्रोथ तो है, मुनाफा कब तक? इंस्टेंट होम सर्विस, क्विक कॉमर्स जैसी नहीं है। यहां प्रशिक्षित कामगारों की रियल-टाइम उपलब्धता जरूरी है। वर्कर ऑनबोर्डिंग, रिटेंशन, इंसेंटिव और कस्टमर एक्विजिशन पर कंपनियां काफी खर्च कर रही हैं। पड़ोस-स्तर पर घना नेटवर्क बनाने में वक्त और पैसे, दोनों लगते हैं। निवेशक अभी ग्रोथ के लिए खर्च उठा रहे हैं, लेकिन बाजार के मैच्योर होने पर यूनिट इकोनॉमिक्स की असली परीक्षा होगी।

टीटी नगर में शेड पर कब्जे को लेकर विवाद:शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप; पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

टीटी नगर में शेड पर कब्जे को लेकर विवाद:शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप; पुलिस आयुक्त से लगाई गुहार

भोपाल के टीटी नगर इलाके में एक शेड को लेकर विवाद सामने आया है। सुदामा नगर निवासी ओम प्रकाश कटियार ने आरोप लगाया है कि 18 मार्च 2026 को शेड का ताला तोड़कर उसमें रखा कीमती सामान और दस्तावेज निकाल लिए गए। उन्होंने कृष्णकांत राय और सपना राय पर यह आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की है। आवेदक ओम प्रकाश कटियार के मुताबिक, संबंधित शेड उनके द्वारा सालों पहले संघ कार्यालय के इस्तेमाल के लिए बनाया गया था, जहां घरेलू और कार्यालय से जुड़ा सामान रखा जाता था। उनका कहना है कि शेड की देखरेख उनके छोटे भाई करते थे। कटियार ने आरोप लगाया कि हाल ही में आवंटित आवास के पास स्थित इस शेड पर सपना राय और उनके बेटे कृष्णकांत राय ने दावा जताया और शेड खाली करने का दबाव बनाया। इसके बाद 18 मार्च 2026 को कथित रूप से शेड का ताला तोड़कर अंदर रखा सामान और दस्तावेज निकाल लिए गए। थाने में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं पुलिस को दिए आवेदन में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने शेड को अपने मकान में मिलाते हुए दीवार और गेट में बदलाव कर लिया। ओम प्रकाश का दावा है कि इस संबंध में उन्होंने पहले भी थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस आयुक्त को आवेदन देकर जांच की मांग की कटियार ने पुलिस आयुक्त को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

biryani-tarbooj| ayurveda aahar| कभी तरबूज-बिरयानी तो कभी आम-कोल्ड ड्रिंक से मौत! आयुर्वेद में कुछ कॉम्बो कहलाते हैं जहर, क्या ये इन्हीं में से हैं?

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Last Updated:April 28, 2026, 16:12 IST मुंबई में हाल ही में तरबूज-बिरयानी खाने से एक पर‍िवार के 4 सदस्‍यों की मौत का मामला सामने आया है. इससे पहले आम के साथ कोल्ड ड्रिंक और पंजाब में मोमोज- सोया चाप खाने के बाद भी मौतों की खबरें आई थीं, आख‍िर क्‍या सच में ये फूड कॉम्‍बो खतरनाक होते हैं और जान ले लेते हैं? आयुर्वेद में विरुद्धाहार से जुड़ा खतरा क्‍या कहता है? क्‍या सच में तरबूज और ब‍िरयानी खाने से जान जा सकती है? आयुर्वेद क्‍या कहता है? हाल ही में मुंबई में तरबूज-बिरयानी खाने से हुई मौतों ने झकझोर दिया है. 4 सदस्यों की रहस्यमयी मौत के पीछे रात में तरबूज और बिरयानी का कॉम्बो बताया जा रहा है.कुछ दिन पहले भी एक ऐसी ही खबर आई थी जब आम और उसके ऊपर से कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद कुछ लोगों की मौत हो गई थी.इसके बाद एक और खबर पंजाब से आई जहां रात में मोमोज और सोया चाप खाने के बाद दो बहनों की सुबह तक मौत हो गई थी. ऐसे में हर किसी के मन में सवाल है कि क्या बिरयानी के बाद तरबूज या आम के बाद कोल्ड ड्रिंक या मोमोज खाने से किसी की मौत हो सकती है? क्या खाने के ऐसे कॉम्बो हैं जो वाकई शरीर में पहुंचकर जहर बन जाते हैं? इस सवाल पर मॉडर्न साइंस भले ही सबूतों और वैज्ञानिक शोधों का हवाला देकर जवाब दे लेकिन आयुर्वेद में कई ऐसे भोजन हैं जिन्हें प्रतिकूल या विरुद्ध आहार या निषेध बताया गया है. इस बारे में राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के सदस्य जाने-माने आयुर्वेदाचार्य डॉ. अच्युत त्रिपाठी ने यहां आयुर्वेद के अनुसार आहार पर विस्तार से जानकारी दी है. वैद्य त्रिपाठी कहते हैं कि आयुर्वेद में एक पूरा अध्याय है विधि विरुद्ध आहार का. जैसा कि बताया जा रहा है कि भोजन नुकसान कर गया तो संभव है कि इन लोगों ने भी जो भोजन किया है वो इसी के अंतर्गत आता हो. ‘जब हम कोई फल खाते हैं तरबूज आदि तो इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इसमें इतना ज्यादा पानी होता है कि लिवर उसका संश्लेषण नहीं कर पाता है.जब उसके साथ कोई ऐसा खाद्य पदार्थ लेते हैं जो एल्कोहॉलिक या एसिडिक हो तो यह उस भोजन की विषाक्तता को दोगुना कर देता है और इससे दो बड़े नुकसान होते हैं. पहला इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और रोग होते हैं दूसरा ओज यानि कांति और चमक फीकी होती. लिहाजा खाना फायदे के बजाय शरीर को नुकसान पहुंचाने लगता है. विरुद्धाहार 9 तरह का होता हैवैद्य त्रिपाठी कहते हैं कि आयुर्वेद में विरुद्धाहार 9 तरह का होता है और इसे काफी विस्तार से बताया गया है लेकिन इसमें से कुछ चीजों को यहां उहाहरण के रूप में समझ सकते हैं. जैसे.. . दूध के साथ नमक या अचार का प्रयोग . चने भुने या तले के साथ मीट के टुकड़े या सलाद और साथ में अल्कोहल . मछली के साथ दूध का प्रयोग . दही के साथ मछली का उपयोग . ठंडा भोजन करने के बाद गर्म और गर्म के बाद ठंडा भोजन . फ्रिज में रखे भोजन को बार-बार गर्म करना . ऋतु विरुद्ध भोजन करना, जैसे सर्दी में कुल्फी का प्रयोग आदि . दही के साथ चावल और उड़द की दाल . तरबूज या फलों के ऊपर से पानी पी लेना किन अंगों को होता है नुकसान खराब या विधि विरुद्ध आहार लेने से किडनी, हार्ट, लिवर और लंग्स जैसे प्रमुख अंगों पर असर पड़ सकता है. किडनी शरीर में एक तरह की चलनी है और छानने का काम करती है. कई बार ऐसी कठोर चीजें जो हम खा लेते हैं जो मौसम के विरुद्ध होती हैं और प्रोटीन या उन टॉक्सिन्स और टॉक्सिकैंट्स को जिन्हें किडनी छान नहीं पाती तो ये ब्लड के माध्यम से हार्ट या फेंफड़ों में पहुंच जाते है. वे कहते हैं कि लिवर टॉक्सिन्स को दूर करने की अद्भुत क्षमता रखता है. यहां तक कि यह गांजा, एल्कोहॉल की विषाक्तता को काफी हद तक खत्म कर देता हैं. लिवर में हेपेरिन नाम का एल्केलाइड होता है जो टॉक्सिंस को खत्म करता है, अगर ये उन्हें खत्म नहीं कर पाता तो व्यक्ति की हेल्थ पर खराब असर पड़ता है. क्या विधि विरुद्धाहार लेने से मौत संभव है? वैद्य त्रिपाठी कहते हैं कि विधि विरुद्धाहार लेने से मौत भी हो जाती है. ऐसी कई घटनाएं हुई भी हैं. आमतौर पर लोग इसे समझ भी नहीं पाते हैं. कई बार यह क्रॉनिक तो कई बार एक्यूट असर भी देखने को मिलता है. सबसे बड़ी बात है कि उस व्यक्ति का इम्यून सिस्टम अगर खराब है तो कोई भी प्रतिकूल ये चीजें उसे नुकसान पहुंचा सकती हैं. जिस ऋतु में जो चीज होती है वह उस मौसम में अमृत तुल्य होती है लेकिन उसे दूसरी ऋतु में लेंगे तो वह नुकसान पहुंचाती है और वह प्रतिकूल आहार बन जाता है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mumbai,Maharashtra First Published : April 28, 2026, 16:12 IST

सिंगरौली में दो सांपों का 'कॉम्बैट डांस':VIDEO सामने आया, विशेषज्ञ बोले- प्रजनन या शक्ति प्रदर्शन के दौरान ऐसा होता

सिंगरौली में दो सांपों का 'कॉम्बैट डांस':VIDEO सामने आया, विशेषज्ञ बोले- प्रजनन या शक्ति प्रदर्शन के दौरान ऐसा होता

सिंगरौली जिले के कसर गांव में मंगलवार को एक खेत में दो सांपों को आपस में लिपटकर अजीब हरकतें करते देखा गया। स्कूल के पास हुई इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब पोस्ट हो रहा है, जिसे देखकर गांव वाले हैरान भी हैं और डरे हुए भी। मंगलवार दोपहर गांव वालों ने बताया कि दोनों सांप काफी देर तक एक-दूसरे से लिपटे रहे। वे बार-बार जमीन पर गिरते और फिर फन उठाकर खड़े हो जाते। पास मौजूद वीरेंद्र पटेल ने बताया कि उन्होंने जिंदगी में पहली बार ऐसा नजारा देखा। शुरुआत में तो लगा कि वे लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी हरकतें कुछ अलग ही थीं। गांव की महिलाओं और बच्चों में इस घटना को लेकर काफी डर है। विशेषज्ञ बोले- यह सांपों का डांस है वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र ने बताया कि यह कोई डरने वाली बात नहीं है, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। गर्मियों के मौसम में सांप अक्सर प्रजनन के लिए या दो नर सांप अपनी ताकत दिखाने के लिए इस तरह लिपटे रहते हैं। इसे ‘कॉम्बैट डांस’ कहा जाता है। दूरी बनाए रखने की सलाह डॉक्टर ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसा नजारा दिखने पर सांपों के करीब बिल्कुल न जाएं और न ही उन्हें परेशान करें। अगर उन्हें छेड़ा गया तो वे हमला कर सकते हैं। फिलहाल पूरे गांव में इन सांपों के डांस की ही चर्चा हो रही है।

Sonam Raghuvanshi Bail Granted | Raja Raghuvanshi Case Update

Sonam Raghuvanshi Bail Granted | Raja Raghuvanshi Case Update

सोनम अपने पति राजा की हत्या के आरोप में शिलॉन्ग जेल में बंद है। राजा के भाई विपिन ने उसे जमानत मिलने की जानकारी दी है। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई है। सोनम शिलॉन्ग जेल में बंद है। वहीं की कोर्ट ने चौथी सुनवाई के बाद सोनम को राहत दी है। इसकी पुष्टि राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने की है। . 23 मई 2025 को हुई थी राजा की हत्या राजा रघुवंशी की सोनम से शादी इसी साल 11 मई 2025 को हुई थी। सोनम रघुवंशी और राजा 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जहां 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए। 10 दिन बाद पुलिस ने 30 फीट गहरी खाई से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिस पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव थे। सोनम तब लापता थी। इसके बाद यूपी में उसने सरेंडर किया था। उससे पूछताछ के बाद आकाश, आनंद और विशाल को पकड़ा था। सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे। हालांकि, उसके परिवार ने इस बात से इनकार किया था। पत्नी सोनम राजा को दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक सुदूर स्थान पर बुलाकर ले गई थी। उनके पीछे अन्य तीनों हत्या के आरोपी भी चले गए थे। फिर दो छुरों से वार कर उसकी हत्या कर दी, जिनमें से एक छुरा बाद में जंगल से बरामद किया गया। सोनम घटनास्थल से भाग गई और बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम और राज सहित सभी पांचों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं…