छतरपुर जनसुनवाई में पहुंचा स्टूडेंट बोला- मुझे प्राइवेट कर दिया:प्राचार्य पर अभद्रता का आरोप; प्राचार्य बोले- रिकॉर्ड दिखवाएंगे

छतरपुर में कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान संदीपनी सीएम राइज हाई स्कूल के एक 12वीं के छात्र ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र दयाशंकर अहिरवार ने बताया कि उसे नियमित छात्र से जबरन प्राइवेट छात्र घोषित कर दिया गया है, जिससे उसका शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। छात्र दयाशंकर ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने उसके साथ अभद्रता कर धमकी दी। छात्र के अनुसार, प्राचार्य ने कहा, “बंदूक से गोली निकल जाने पर वापस नहीं आती, तो सर का आशय क्या है।” जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में छात्र ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्राचार्य बोले- रिकॉर्ड दिखवाएंगे मामले में जिला पंचायत सीईओ नम:शिवाय अरजरिया ने बताया कि छात्र ने शिकायत की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने बताया है कि राज्य शासन और बोर्ड की नीति के तहत, जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होती है, उन्हें असंलग्न (प्राइवेट) श्रेणी की मार्कशीट दी जाती है। स्कूल में ऐसे 7 छात्रों के साथ यही प्रक्रिया अपनाई गई है। स्कूल के प्राचार्य ज्ञान प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि छात्र के मामले की पूरी जानकारी बुधवार को स्कूल खुलने के बाद रिकॉर्ड देखने पर ही स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने जांच के आधार पर स्थिति सामने आने की बात कही। कक्षा शिक्षक श्रीपाल अनुरागी ने बताया कि उनसे कम उपस्थिति वाले छात्रों की सूची मांगी गई थी, लेकिन उन्होंने इस छात्र का नाम नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि छात्र को प्राइवेट कैसे किया गया, यह जांच का विषय है। क्लास टीचर यह भी बताते हैं कि जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर और जिनका परफॉर्मेंस अच्छा नहीं होता या जो बच्चे उद्दंड और शैतानी प्रवत्ति के होते हैं। उन्हें भी प्राइवेट कर दिया जाता है ताकि रिजल्ट अच्छा आ सके। अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
भागलपुर में चैंबर में घुसकर ऑफिसर को गोलियों से भूना:नगर परिषद में फायरिंग करते घुसे अपराधी, चेयरमैन बीजेपी नेता के सिर में भी गोली मारी

भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद ऑफिस में मंगलवार को अपराधियों ने घुसकर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की हत्या कर दी। वहीं, नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू को भी सिर में गोली लगी है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। चेयरमैन बीजेपी के नेता बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अपराधी चेयरमैन की हत्या करने पहुंचे थे, लेकिन एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने विरोध किया तो ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दोनों को सिर में गोली मारकर अपराधी भाग निकले। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णा भूषण की पत्नी यूपी में ADM हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो टेंडर प्रक्रिया के साथ-साथ आपसी वर्चस्व को लेकर चेयरमैन-उपचेयरमैन के बीच विवाद है। इस विवाद की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दो अपराधियों की पहचान कर ली गई है। एक शूटर की पहचान की जा रही है। भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… अब वारदात के बाद 2 तस्वीर देखिए… चश्मदीद बोला- ऑफिस में घुसते ही फायरिंग की प्रत्यक्षदर्शी कृष्ण भूषण उर्फ रंजीत कुमार ने बताया, मंगलवार को करीब 3 बजे के आसपास नगर परिषद कार्यालय में चेयरमैन साहब और कार्यपालक पदाधिकारी (EO) बैठे हुए थे। कार्यालय में बाकी लोग भी मौजूद थे। स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी अंदर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 3 से 5 की संख्या में अपराधी बुलेट से सवार होकर पहुंचे और सीधे कार्यालय के अंदर घुस आए। अपराधियों ने बिना किसी चेतावनी के ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पहले 2 गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद लगातार 2 से 4 राउंड और फायरिंग की गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। हम सभी लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां देखा कि चेयरमैन साहब और EO साहब गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े थे। इसके बाद हम लोगों ने दोनों घायलों को तत्काल उठाकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इस हमले में दोनों को गोली लगी है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी भाग निकले। BPSC 59वें बैच के अधिकारी थे कृष्णा भूषण कुमार कृष्णा भूषण कुमार BPSC 59वें बैच के अधिकारी थे। वे मूल रूप से मधुबनी शहर के रहने वाले थे। तीन साल पहले उनकी शादी मोतिहारी में हुई थी। उनके ससुराल पक्ष के अधिकांश सदस्य मुजफ्फरपुर के दामोदरपुर में रहते हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 30 जुलाई 2025 को सुल्तानगंज नगर परिषद में पदभार संभाला था। इसी साल फरवरी में सुल्तानगंज नगर परिषद ने बेस्ट अकाउंट्स प्रैक्टिस अवॉर्ड में देशभर में पहला स्थान हासिल किया था, जिसके लिए कृष्णा भूषण कुमार को दिल्ली में सम्मानित किया गया था। लोकल पॉलिटिक्स की वजह से हुई घटना जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन मंडल ने बताया कि, वारदात के पीछे लोकल पॉलिटिक्स हो सकती है। चेयरमैन को 2 गोली लगी है। एक गोली सिर में लगी है, दूसरी फेफड़े में फंसी हुई है। एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की मौत हो गई है। ये बहुत ही दुखद घटना है। चेयरमैन की स्थिति ठीक नहीं है। मैंने उन्हें अस्पताल में जाकर देखा है। उन्हें पटना रेफर किया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने X पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में “मारब सिक्सर की 𝟔 गोली छाती में”….गाकर भाजपाई गुंडों को खूब प्रोत्साहित किया था। अब तो उन अपराधियों का ही CM है। बीजेपी सरकार में हत्या होना अब मंगलराज की श्रेणी में आता है।’ —————————- ये खबर भी पढ़ें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
नरसिंहपुर में अनियंत्रित होकर फिसली बाइक, तीन लोग घायल:अचानक कुत्ता सामने आने से बिगड़ा संतुलन, शादी से लौटते समय हुआ हादसा

नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी कला के पास मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में दो महिलाओं सहित तीन लोग घायल हो गए। अचानक कुत्ता सामने आने से बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। तीनों शादी से वापस लौट रहे थे जानकारी के अनुसार, ग्राम ग्वारी निवासी 50 वर्षीय मालती बाई, उनके बेटे कमलेश भारिया (31) और बहू मालती (28) एक शादी समारोह में शामिल होने बहोरीपार गए थे। कार्यक्रम से लौटते समय यह हादसा हुआ। देवरी कला के पास चलते समय अचानक एक कुत्ता बाइक के सामने आ गया। टक्कर लगने से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और तीनों सवार सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने पहुंचाई मदद हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और उन्हें शासकीय जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद तीनों घायलों की हालत अब सामान्य है और उनका इलाज जारी है।
‘कोई वकील मेरी तरफ से पेश नहीं होगा’: मनीष सिसौदिया ने दिल्ली HC को लिखा पत्र, कहा ‘केवल सत्याग्रह बचा है’ | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:28 अप्रैल, 2026, 17:18 IST सिसौदिया ने कहा कि वह उत्पाद शुल्क नीति मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष आगे की कार्यवाही में उपस्थित नहीं होंगे। आप नेता मनीष सिसौदिया आप नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को कहा कि वह उत्पाद शुल्क नीति मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष आगे की कार्यवाही में उपस्थित नहीं होंगे। सिसौदिया ने जस्टिस शर्मा को पत्र लिखकर कहा, “मेरी ओर से भी कोई वकील पेश नहीं होगा. आपके बच्चों का भविष्य तुषार मेहता के हाथ में है.” आप नेता ने कहा, “मुझे न्याय की उम्मीद नहीं है, सत्याग्रह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।” यह घटनाक्रम पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा न्यायमूर्ति शर्मा की अदालत में अपने मामले के लिए न तो व्यक्तिगत रूप से पेश होने और न ही किसी वकील को नियुक्त करने के फैसले के एक दिन बाद आया है। केजरीवाल के पत्र का जिक्र करते हुए सिसौदिया ने कहा, ”मैं खुद को उनके द्वारा उठाए गए रुख से सम्मानजनक सहमति पाता हूं, जो कि महात्मा गांधी की सत्याग्रह की शिक्षाओं पर आधारित है।” न्यायमूर्ति शर्मा को पद से हटाने की मांग वाली उनकी याचिका 20 अप्रैल को खारिज होने के बाद केजरीवाल ने सोमवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पत्र लिखा। सिसौदिया ने कहा कि वह केजरीवाल द्वारा पहले ही कही गई हर बात को विस्तार से दोहराने का प्रस्ताव नहीं रखते हैं, लेकिन वह यह दर्ज करना चाहते हैं कि जिन ”परेशान करने वाली चिंताओं” को चिह्नित किया गया है, उनमें ऐसी चिंताएं भी हैं जो उनके दिमाग पर भी हावी हैं। पत्र में कहा गया है, “पहला मुद्दा आपकी लेडीशिप द्वारा अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद में बार-बार सार्वजनिक उपस्थिति से उत्पन्न हुआ है, जो एक वकील संगठन है जिसे सार्वजनिक रूप से आरएसएस से संबंधित माना जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “दूसरा मुद्दा आपकी लेडीशिप के बच्चों की कई केंद्र सरकार के पैनलों में पेशेवर भागीदारी से उत्पन्न होने वाला मुद्दा है और इसके परिणामस्वरूप उन्हीं कानून अधिकारियों के साथ निकटता दिखाई देती है जो अब दूसरी तरफ मेरे खिलाफ दिखाई देते हैं।” “इस मामले के संदर्भ में, ऐसे उदाहरण एक और अधिक परेशान करने वाले प्रश्न को जन्म देते हैं: वर्तमान मामले में स्पष्टवादिता और आत्म-नियमन के न्यूनतम कर्तव्य क्या थे? क्या, कम से कम, मूल-न्यायाधीश की ओर से यह कर्तव्य नहीं था कि वह इन परिस्थितियों को पक्षों के सामने प्रकट करे?” “यही वह कठिनाई है जिसका मैं आज सामना कर रहा हूं। मेरी चिंता भी, केजरीवाल की तरह, न्यायालय के प्रति शत्रुता से पैदा नहीं हुई है। यह एक गहरी बेचैनी से पैदा हुई है कि, अगर मैं इन परिस्थितियों के बावजूद भाग लेना जारी रखता हूं, तो मैं अपने साथी देशवासियों के सामने यह दिखावा करते हुए अपने विवेक के खिलाफ काम करूंगा कि सभी संदेह हल हो गए हैं। सिसौदिया ने आगे कहा, “इसलिए मेरे सामने सवाल सीधा-सा है-क्या मैं निष्पक्ष न्याय के प्रति गंभीर आशंका रखते हुए ईमानदारी के साथ इन कार्यवाहियों में हिस्सा लेना जारी रख सकता हूं? बहुत सोचने के बाद, मेरा जवाब केजरीवाल के समान है। मैं नहीं कर सकता।” (एजेंसी इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 28 अप्रैल, 2026, 17:18 IST समाचार राजनीति ‘कोई वकील मेरी तरफ से पेश नहीं होगा’: मनीष सिसौदिया ने दिल्ली HC को लिखा पत्र, कहा ‘केवल सत्याग्रह बचा है’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों पर एक्शन, आठ कॉलोनाइजर पर FIR:शासन के नियमों की अनदेखी कर काटी कॉलोनी, कोई एनओसी नहीं ली

ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। दो दिन पहले बिजौली और महाराजपुरा में एक दिन में 17 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसके बाद सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात आठ और नए प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें दो मामले तिघरा थाना और छह मामले बिजौली थाना में दर्ज हुए हैं। सभी केस में कॉलोनाइजरों ने शासन के नियमों की अनदेखी करते हुए और आम लोगों को गुमराह करते हुए कॉलोनियां काट दी, जबकि उनके पास संबंधित किसी भी विभाग की एनओसी नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, शहर में अवैध रूप से प्लॉटिंग और कॉलोनियों के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इन कॉलोनियों को बिना वैध अनुमति और नियमों के विपरीत विकसित किया जा रहा था, जिस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त जांच में पाया गया कि बिना वैध अनुमति और नियमों के विपरीत कॉलोनियों का विकास किया जा रहा था। इन कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था थी और न ही संबंधित विभागों से मंजूरी ली गई थी, जिससे भविष्य में खरीदारों को नुकसान की आशंका बनी रहती है। बिजौली थाने में इन पर FIR
Biryani Watermelon News: क्या बिरयानी और तरबूज का मेल ले सकता है जान? एम्स के पूर्व डायरेक्टर ने बताया डरावना सच

मुंबई: पायधोनी इलाके में यहां बिरयानी और तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई. मरने वालों में पति-पत्नी और उनकी दो मासूम बेटियां शामिल हैं. इस खबर को देखने के बाद एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉ. एम सी मिश्रा काफी बेचैन हैं. उन्होंने साफ कहा है कि यह मामला सिर्फ फूड पॉइजनिंग का नहीं लगता है. डॉ. मिश्रा के अनुसार, हम सभी अक्सर खाना खाने के बाद फल या तरबूज खाते हैं. ऐसे में सिर्फ इन दो चीजों के कॉम्बिनेशन से मौत होना समझ से परे है. उन्होंने इस पूरी घटना की गहराई से जांच करने की मांग की है. डॉ. मिश्रा ने कई ऐसे सवाल उठाए हैं जो इस हादसे को एक संदिग्ध साजिश की तरफ मोड़ रहे हैं. क्या बिरयानी और तरबूज का मेल सच में जानलेवा हो सकता है? डॉ. एम सी मिश्रा ने इस घटना पर अपनी राय रखते हुए कहा कि यह सीधा-सीधा जांच का विषय है. उनका मानना है कि सामान्य हालात में बिरयानी और तरबूज खाने से किसी की जान नहीं जा सकती. क्या वह तरबूज पहले से कटा हुआ था? उसे किस जगह और किस हालत में रखा गया था? डॉ. मिश्रा को शक है कि कहीं तरबूज में पहले से ही कोई खराबी तो नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि क्या इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है? क्योंकि एक साथ चार लोगों का मर जाना किसी बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है. पुलिस को हर एंगल से इस केस की पड़ताल करनी चाहिए. क्या तरबूज के अंदर जहर या केमिकल का इंजेक्शन दिया गया था? बाजार में मिलने वाले फलों की शुद्धता पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं. डॉ. मिश्रा ने जिक्र किया कि कई बार तरबूज को गहरा लाल दिखाने के लिए उसमें इंजेक्शन लगाया जाता है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि बिना ठोस सबूत के ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी. लेकिन यह एक संभावना जरूर है कि फल में मौजूद किसी जहरीले तत्व ने असर दिखाया हो. अगर तरबूज में किसी तरह का केमिकल या जहर मिला था, तो यह फूड पॉइजनिंग का सबसे खतरनाक रूप हो सकता है. डॉक्टर भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर कुछ ही घंटों में पूरा परिवार कैसे खत्म हो गया. पोस्टमार्टम और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट से कैसे खुलेगा मौत का राज? अब इस पूरे रहस्य से पर्दा सिर्फ पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही उठा सकती है. डॉ. मिश्रा के मुताबिक, सारी उम्मीदें अब विसरा रिपोर्ट और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच पर टिकी हैं. पेट के अंदर मौजूद खाने के अवशेषों की जांच से पता चलेगा कि असल में क्या खाया गया था. क्या उस खाने में पहले से कोई जहर मिला हुआ था? जेजे अस्पताल के डॉक्टर्स और पुलिस अब इसी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. डॉ. मिश्रा ने जोर देकर कहा कि जब तक साइंटिफिक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक किसी नतीजे पर पहुंचना मुश्किल है. लेकिन इस हादसे ने हर किसी के मन में खाने-पीने की चीजों को लेकर डर पैदा कर दिया है. क्या लापरवाही या दूषित भोजन ने ली मासूमों की जान? मुंबई की इस घटना के साथ ही झारखंड के गिरिडीह से भी एक डरावनी खबर आई है. वहां भी गोलगप्पे और चाट खाने से एक बच्चे की मौत हो गई और कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खाना बहुत जल्दी खराब होता है. दूषित भोजन या पानी के सेवन से बैक्टीरिया शरीर में फैल जाते हैं. इससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी गंभीर समस्याएं शुरू हो जाती हैं. डॉ. मिश्रा का कहना है कि लोगों को बाहर के खाने और कटे हुए फलों से परहेज करना चाहिए. एक हंसता-खेलता परिवार खत्म होना समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है.
वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए:कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर

‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को रोकने के लिए वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों के दौरान सरकारी एजेंसियों से मिले इनपुट और कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर की गई है। यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दी गई है। कोर्ट इस समय देश में बढ़ते डिजिटल स्कैम के मामलों पर खुद संज्ञान (suo motu) लेकर सुनवाई कर रहा है, जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ठगते हैं। कंबोडिया जैसे देशों से ऑपरेट हो रहे थे स्कैम सेंटर वॉट्सएप की जांच में सामने आया है कि भारतीय यूजर्स को निशाना बनाने वाले ज्यादातर अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशिया, खासकर कंबोडिया के स्कैम सेंटर्स से चलाए जा रहे थे। जालसाज लोगों को डराने के लिए अपनी प्रोफाइल पिक्चर और नाम में ‘दिल्ली पुलिस’, ‘मुंबई हेडक्वार्टर’, ‘CBI’ और ‘ATS डिपार्टमेंट’ जैसे आधिकारिक शब्दों और लोगो का इस्तेमाल कर रहे थे। सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं, नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस वॉट्सएप ने कहा कि वे हर इनपुट का इस्तेमाल पूरे क्रिमिनल नेटवर्क को मैप करने और उसे खत्म करने के लिए कर रही है। जहां सरकार ने 3,800 अकाउंट्स की जानकारी दी थी, वहीं वॉट्सएप ने अपनी जांच बढ़ाकर हजारों अन्य लिंक किए गए अकाउंट्स पर भी एक्शन लिया। ठगी रोकने के लिए 4 नए सेफ्टी फीचर्स वॉट्सएप अब प्लेटफॉर्म पर ही धोखाधड़ी रोकने के लिए नए टूल्स ला रहा है: बुजुर्ग दंपत्ति से 1.5 करोड़ की ठगी के बाद शुरू हुई कार्रवाई यह पूरा मामला अक्टूबर 2025 में तब शुरू हुआ जब एक बुजुर्ग दंपत्ति ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा। उनके साथ सीबीआई और आईबी अधिकारी बनकर 1.5 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। ठगों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए फर्जी अदालती आदेश दिखाकर उन्हें डराया था। कोर्ट ने इसके बाद पूरे देश में बढ़ रहे ऐसे मामलों पर केंद्र और एजेंसियों से जवाब मांगा था। नॉलेज पार्ट: क्या होता है डिजिटल अरेस्ट? यह एक साइबर क्राइम है जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं। वे शिकार को बताते हैं कि उनके नाम से कोई गैरकानूनी पार्सल आया है या वे किसी केस में फंस गए हैं। इसके बाद उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर घंटों कैमरे के सामने रहने को मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी का डर दिखाकर बैंक खातों से रुपए ट्रांसफर करा लिए जाते हैं।
वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए:कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर

‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को रोकने के लिए वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों के दौरान सरकारी एजेंसियों से मिले इनपुट और कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर की गई है। यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दी गई है। कोर्ट इस समय देश में बढ़ते डिजिटल स्कैम के मामलों पर खुद संज्ञान (suo motu) लेकर सुनवाई कर रहा है, जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ठगते हैं। कंबोडिया जैसे देशों से ऑपरेट हो रहे थे स्कैम सेंटर वॉट्सएप की जांच में सामने आया है कि भारतीय यूजर्स को निशाना बनाने वाले ज्यादातर अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशिया, खासकर कंबोडिया के स्कैम सेंटर्स से चलाए जा रहे थे। जालसाज लोगों को डराने के लिए अपनी प्रोफाइल पिक्चर और नाम में दिल्ली पुलिस, मुंबई हेडक्वार्टर, CBI और ATS डिपार्टमेंट जैसे आधिकारिक शब्दों और लोगो का इस्तेमाल कर रहे थे। सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं, नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस वॉट्सएप ने कहा कि वे हर इनपुट का इस्तेमाल पूरे क्रिमिनल नेटवर्क को मैप करने और उसे खत्म करने के लिए कर रही है। जहां सरकार ने 3,800 अकाउंट्स की जानकारी दी थी, वहीं वॉट्सएप ने अपनी जांच बढ़ाकर हजारों अन्य लिंक किए गए अकाउंट्स पर भी एक्शन लिया। ठगी रोकने के लिए 4 नए सेफ्टी फीचर्स वॉट्सएप अब प्लेटफॉर्म पर ही धोखाधड़ी रोकने के लिए नए टूल्स ला रहा है: बुजुर्ग दंपत्ति से 1.5 करोड़ की ठगी के बाद शुरू हुई कार्रवाई यह मामला अक्टूबर 2025 में तब शुरू हुआ जब एक बुजुर्ग दंपत्ति ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा। उनके साथ CBI और IB अधिकारी बनकर ₹1.5 करोड़ की ठगी की गई थी। ठगों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए फर्जी अदालती आदेश दिखाकर उन्हें डराया था। कोर्ट ने इसके बाद पूरे देश में बढ़ रहे ऐसे मामलों पर केंद्र और एजेंसियों से जवाब मांगा था। नॉलेज पार्ट: क्या होता है डिजिटल अरेस्ट? इसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं। वे शिकार को बताते हैं कि उनके नाम से कोई गैरकानूनी पार्सल आया है या वे किसी केस में फंस गए हैं। इसके बाद उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर घंटों कैमरे के सामने रहने को मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी का डर दिखाकर बैंक खातों से रुपए ट्रांसफर करा लिए जाते हैं।
Deepika Padukone Ranveer Singh Mumbai Airport Protective Mode Photo 2026

12 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण अपनी प्रेग्नेंसी अनाउंस करने के बाद पहली बार स्पॉट हुई हैं। दीपिका को पति रणवीर सिंह के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया। एयरपोर्ट पर रणवीर सिंह अपनी पत्नी दीपिका के ठीक पीछे चलते नजर आए। इस दौरान रणवीर काफी केयरिंग और प्रोटेक्टिव मोड में दिखे। उन्होंने कार से उतरने में दीपिका की मदद की और एयरपोर्ट के अंदर जाते समय भी दीपिका के पीछे हाथ रखकर उन्हें भीड़ से बचाते नजर आए। वहीं दीपिका इस दौरान काफी रिलैक्स और कंफर्टेबल कपड़ों में नजर आईं। दोनों ने पैपराजी से कोई बातचीत नहीं की और सीधे एयरपोर्ट के अंदर चले गए। बेटी दुआ ने दी थी खुशखबरी बता दें कि दीपिका और रणवीर ने 19 अप्रैल को एक जॉइंट इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की जानकारी शेयर की थी। इस पोस्ट में उनकी बड़ी बेटी ‘दुआ’ एक पॉजिटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े हुए नजर आ रही थी। दीपिका ने इस पोस्ट के कैप्शन में दो ‘बुरी नजर’ (Evil Eye) वाले इमोजी लगाए थे। 2018 में इटली में हुई थी ग्रैंड वेडिंग दीपिका और रणवीर की लव स्टोरी साल 2013 में फिल्म ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ के सेट से शुरू हुई थी। कई सालों की डेटिंग के बाद इस कपल ने 14 नवंबर 2018 को इटली के लेक कोमो में शाही अंदाज में शादी की थी। उनकी शादी कोंकणी और सिंधी, दोनों रीति-रिवाजों से हुई थी। 8 सितंबर 2024 को उन्होंने अपनी पहली बेटी ‘दुआ’ का स्वागत किया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Deepika Padukone Ranveer Singh Mumbai Airport Protective Mode Photo 2026

28 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण अपनी प्रेग्नेंसी अनाउंस करने के बाद पहली बार स्पॉट हुई हैं। दीपिका को पति रणवीर सिंह के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। एयरपोर्ट पर रणवीर सिंह अपनी पत्नी दीपिका के ठीक पीछे चलते नजर आए। इस दौरान रणवीर काफी केयरिंग और प्रोटेक्टिव मोड में दिखे। उन्होंने कार से उतरने में दीपिका की मदद की और एयरपोर्ट के अंदर जाते समय भी दीपिका के पीछे हाथ रखकर उन्हें भीड़ से बचाते नजर आए। वहीं दीपिका इस दौरान काफी रिलैक्स और कंफर्टेबल कपड़ों में नजर आईं। दोनों ने पैपराजी से कोई बातचीत नहीं की और सीधे एयरपोर्ट के अंदर चले गए। बेटी दुआ ने दी थी खुशखबरी बता दें कि दीपिका और रणवीर ने 19 अप्रैल को एक जॉइंट इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की जानकारी शेयर की थी। इस पोस्ट में उनकी बड़ी बेटी ‘दुआ’ एक पॉजिटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े हुए नजर आ रही थी। दीपिका ने इस पोस्ट के कैप्शन में दो ‘बुरी नजर’ (Evil Eye) वाले इमोजी लगाए थे। 2018 में इटली में हुई थी ग्रैंड वेडिंग दीपिका और रणवीर की लव स्टोरी साल 2013 में फिल्म ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ के सेट से शुरू हुई थी। कई सालों की डेटिंग के बाद इस कपल ने 14 नवंबर 2018 को इटली के लेक कोमो में शाही अंदाज में शादी की थी। उनकी शादी कोंकणी और सिंधी, दोनों रीति-रिवाजों से हुई थी। 8 सितंबर 2024 को उन्होंने अपनी पहली बेटी ‘दुआ’ का स्वागत किया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








