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जब इरफान खान डकैत बने, एड़ी में चोट लगी थी:लंगड़ाते हुए 'पान सिंह तोमर' की शूटिंग करने पहुंचे, एक्शन सुन लगा देते थे दौड़

जब इरफान खान डकैत बने, एड़ी में चोट लगी थी:लंगड़ाते हुए 'पान सिंह तोमर' की शूटिंग करने पहुंचे, एक्शन सुन लगा देते थे दौड़

29 अप्रैल को इरफान खान की 6वीं पुण्यतिथि सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि यादों का सैलाब है- एक ऐसे कलाकार की, जिसने अभिनय को सच्चाई की तरह जिया। उनकी जिंदगी, किरदार और सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। इस सफर को रंजीता कौर ने अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘अ स्टोरी दैट रिफ्यूज्ड टू डाई’ में सहेजा है, जो पान सिंह तोमर की मेकिंग और इरफान की अनदेखी दुनिया दिखाती है। आज इसकी स्क्रीनिंग मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में रखी गई है। यह सिर्फ डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि उन पलों की विरासत है। चोट के बावजूद इरफान शूटिंग करते रहे। वो बकरी के बच्चे के साथ खेलते नजर आए। हर छोटी चीज में खुशी ढूंढते थे और किरदार की सच्चाई के लिए खुद को मिटा देते थे। रंजीता के शब्दों में, इरफान सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि एक एहसास थे, जिन्होंने हर दिल में जगह बनाई। उनकी कहानी सच में मरने से इंकार करती है, क्योंकि इरफान आज भी अपने काम, सादगी और गहराई के जरिए हमारे बीच जिंदा हैं। इरफान खान की 6वीं डेथ एनिवर्सरी पर रंजीता कौर ने उनके जीवन के कुछ अनसुने किस्से सुनाए ‘स्टोरी दैट रिफ्यूज्ड टू डाई’– एक टाइटल, जो इरफान की सोच से जन्मा रंजीता कौर कहती हैं कि डॉक्यूमेंट्री का टाइटल सिर्फ क्रिएटिव नाम नहीं, बल्कि इरफान खान की सोच और फिल्म की जर्नी का सार है। उनके मुताबिक, पान सिंह तोमर बनाना आसान नहीं था। फिल्म ने कई मुश्किलें देखीं- लोकेशन की चुनौतियां, सीमित संसाधन और शूटिंग की बाधाएं। रंजीता कहती हैं कि वो इस प्रक्रिया को बाहर से देख रही थीं, लेकिन हर दिन महसूस कर रही थीं कि फिल्म हार मानने वाली नहीं है। हर दिक्कत के बाद टीम और मजबूत होती थी। इंटरव्यू के दौरान इरफान ने कहा- “यह कहानी मरने को तैयार नहीं थी।” यही पल रंजीता को झकझोर गया। उन्हें लगा, मन की भावना को शब्द इरफान ने दे दिए। इसलिए वह टाइटल का श्रेय इरफान को देती हैं। उनके मुताबिक, यह सिर्फ डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि इरफान की जिंदगी का प्रतीक है- एक ऐसी यात्रा, जिसने हर मुश्किल के बावजूद हार नहीं मानी। इरफान खान क्यों थे सबसे अलग? आम लोगों के दिल में बसने वाले कलाकार रंजीता के अनुसार, इरफान खान की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्हें समझने के लिए सिनेमा एक्सपर्ट होना जरूरी नहीं था। वो ऐसे कलाकार थे, जिनकी छाप हर वर्ग पर पड़ती थी- चाहे गहराई से समझने वाला दर्शक हो या मनोरंजन के लिए फिल्म देखने वाला आम इंसान। वह कहती हैं कि घर-परिवार या आसपास के लोगों से पूछें, तो हर कोई कहेगा कि यह आदमी अलग था। यह अलगपन अभिनय से ज्यादा उनकी सच्चाई में था। इरफान ने दिखावा नहीं किया, न स्टारडम के पीछे भागे। उन्होंने अपने आर्ट को समय दिया, निखारा और ईमानदारी से काम किया। उनकी यात्रा अचानक नहीं बनी थी। उन्होंने सालों तक छोटे रोल किए, संघर्ष किया, रिजेक्शन झेले और खुद को साबित किया। इसलिए सफलता सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि मेहनत और सच्चाई का परिणाम थी। चोट के बावजूद शूटिंग: पेनकिलर लेकर दौड़ते थे इरफान ‘पान सिंह तोमर’ की शूटिंग के दौरान एक दौर आया, जिसे रंजीता आज भी नहीं भूल पातीं। फिल्म के बीच में इरफान खान को एड़ी में गंभीर चोट लगी। आमतौर पर ऐसे हालात में शूटिंग रोक दी जाती है, लेकिन यहां कहानी अलग थी। रंजीता बताती हैं कि उन्होंने देखा कि इरफान लंगड़ाते हुए सेट पर आते थे। कई बार सहारे के लिए उनके हाथ में डंडा होता था। लेकिन कैमरा रोल होते ही वो दर्द छोड़कर किरदार में उतर जाते। सबसे चुनौतीपूर्ण यह था कि फिल्म के कई अहम सीन, जैसे रनिंग सीक्वेंस और एक्शन बाकी थे। इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग नहीं रोकी। पेनकिलर लेकर सीन करते थे और दर्द बढ़ने पर थोड़ा ब्रेक लेकर लौट आते थे। रंजीता कहती हैं कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मैं नहीं कर पाऊंगा या बाद में करेंगे। उनकी प्रतिबद्धता टीम के लिए प्रेरणा बनी। यही समर्पण ‘पान सिंह तोमर’ को असली और असरदार बनाता है। छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढने वाला बड़ा कलाकार रंजीता कौर के लिए इरफान खान का एक पहलू खास था- उनका बच्चा-सा स्वभाव। वह बताती हैं कि इरफान जितने बड़े कलाकार थे, उतने ही सरल इंसान थे। सेट पर उनका व्यवहार स्टार जैसा नहीं लगता था। वो हर किसी से बात करते थे- चाहे टेक्नीशियन, लाइटमैन या जूनियर आर्टिस्ट। उनके अंदर सहजता थी, जो माहौल को हल्का और खुशनुमा बनाती थी। रंजीता याद करती हैं कि उनका सेंस ऑफ ह्यूमर प्यारा था। वो छोटी बातों में मजाक करते थे और सेट हंसी से भर जाता था। वो हर चीज में दिलचस्पी लेते थे- किताबें, बातचीत या छोटी घटनाएं। उनके लिए खुशी बड़ी चीजों में नहीं, बल्कि रोजमर्रा के पलों में थी। उनके साथ काम करना प्रोफेशनल अनुभव से बढ़कर भावनात्मक जुड़ाव था। किरदार में डूब जाने की कला: इरफान का अनोखा प्रोसेस रंजीता बताती हैं कि इरफान खान का एक्टिंग प्रोसेस बेहद इंटरनल था। वो इसे शब्दों में पूरी तरह नहीं समझा सकतीं, लेकिन उसे महसूस किया जा सकता था। उनके मुताबिक, इरफान किरदार की सच्चाई पकड़ते थे। जब तक उन्हें नहीं लगता था कि वो उसे समझ गए हैं, तब तक खुद को उसमें नहीं डालते थे। लेकिन उस स्तर तक पहुंचते ही किरदार उनका हिस्सा बन जाता था। रंजीता ने नोटिस किया कि शूट खत्म होने के बाद भी वो पूरी तरह किरदार से बाहर नहीं आते थे। बातचीत और चलते-फिरते भी वह लेयर बनी रहती थी। इसका असर उनके परफॉर्मेंस में दिखता था। वो एक्टिंग करते नहीं लगते थे। ऐसा लगता था कि वो वही इंसान हैं, जिसकी कहानी पर्दे पर दिखाई जा रही है। उनकी सबसे बड़ी ताकत सच्चाई से जुड़ना और उसे दर्शकों तक पहुंचाना थी। हर चीज जानने की बेचैन जिज्ञासा: इरफान का ‘लर्निंग मोड’ हमेशा ऑन था रंजीता कौर बताती हैं कि इरफान खान की खास बातों में एक उनकी असीम जिज्ञासा थी। वो सिर्फ किरदार तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि हर छोटी-बड़ी चीज को समझने की कोशिश करते थे। धौलपुर में शूटिंग के दौरान टीम को पास की एक दरगाह के बारे में पता चला। रंजीता

गंगा एक्सप्रेसवे का आज उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी:चंद्रकांता एक्टर भरत कपूर का निधन, 29 अप्रैल करेंट अफेयर्स

गंगा एक्सप्रेसवे का आज उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी:चंद्रकांता एक्टर भरत कपूर का निधन, 29 अप्रैल करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर बनारस पहुंचे 28 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी दो दिन की यात्रा पर यूपी पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान पीएम दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन बनारस-पुणे (हडपसर) और अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। 2. US पेसिफिक एयर फोर्स जनरल केविन श्नाइडर भारत दौरे पर आए 27 अप्रैल को US एम्बेसी ने US पेसिफिक एयर फोर्स जनरल केविन श्नाइडर की 7 दिन की भारत यात्रा पर आने की जानकारी दी। निधन (DEATH) 3. बॉलीवुड एक्टर भरत कपूर का निधन 27 अप्रैल को वेटरन एक्टर भरत कपूर का निधन हो गया। वे 80 साल के थे। उन्होंने अपने करियर में 4 दशक तक 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. साउथ अफ्रीका भारत T-20 सीरीज में में ने हराया 27 अप्रैल को भारतीय महिला टीम T-20 सीरीज 4-1 से हार गई। बेनोनी में चल रही इस सीरीज में पांचवें और आखिरी T-20 में साउथ अफ्रीका ने भारत को 23 रन से हराया। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. रक्षा सचिव राजेश कुमार ने आर्मेनिया जनरल एडवर्ड असरियान से मुलाकात की 27 अप्रैल को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने नई दिल्ली में आर्मेनिया के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड असरियान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। आज का इतिहास ————— ये खबर भी पढ़ें.. लद्दाख में लेह,कारगिल से अलग होकर 5 नए जिले बनेंगे:AIIMS के डायरेक्टर डॉ. श्रीनिवास नीति आयोग में शामिल हुए, 28 अप्रैल के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें..

khabar hatke- Japan Dating App Subsidy ₹12K | Dog Saves Kids

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महाराष्ट्र में बंदर पकड़ने पर राज्य सरकार प्रति बंदर ₹600 देगी। वहीं, जापान में डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करने पर सरकार ₹12 हजार की सब्सिडी दे रही है। उधर, ओडिशा में एक डॉग 30 बच्चों को जहरीले सांप से बचाने के दौरान खुद शहीद हो गया। . अमेरिका में 5 गुब्बारे 16 मिनट तक हवा में रखने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। वहीं, छत्तीसगढ़ में एक ऐसी परंपरा है, जिसमें नए दूल्हा-दुल्हन को जलते अंगारों पर सात फेरे लेने होते हैं। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

Dating Friend’s Ex Challenge; Friendship Betrayal

Dating Friend's Ex Challenge; Friendship Betrayal

23 मिनट पहले कॉपी लिंक सवाल- मेरी उम्र 25 साल है। मेरी एक क्लोज फ्रेंड का साल भर पहले ब्रेकअप हो गया था, लेकिन मेरी और उसके एक्स की बातचीत होती रही। अब हम एक-दूसरे को पसंद करने लगे हैं। मुझे डर है कि उसे डेट करने से मेरी सालों पुरानी दोस्ती टूट जाएगी। क्या अपनी फ्रेंड के ‘एक्स’ को डेट करना गलत है? क्या मुझे दोस्ती और प्यार में से किसी एक को ही चुनना होगा? एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सबसे पहले तो सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। आपने जो सिचुएशन बताई है, उसमें आपकी कोई गलती नहीं है। यह समस्या समाज की और लोगों की संकुचित सोच की है। चलिए आपकी सिचुएशन को समझते हैं और उसके सॉल्यूशन पर बात करते हैं। यह नैतिक अपराध नहीं, भावनात्मक चुनौती है यह स्थिति पहली नजर में थोड़ी जटिल और संवेदनशील लगती है, लेकिन ऐसा नहीं है। आपके सावल से लग रहा है जैसे आप अपराधबोध में हैं। जबकि आपने जो किया है, वह नैतिक रुप से बिल्कुल भी गलत नहीं है। यह सिर्फ भावनात्मक चुनौती है। यह रिश्ता आपको और आपकी सहेली को कितना प्रभावित करेगा, यह तीन बातों पर निर्भर करेगा– दोनों पक्ष इस बात को कितनी मैच्योरिटी के साथ हैंडल करते हैं। वो कितनी गहराई और उदारता दिखाते हैं। वे अपने निजी जीवन में भावनात्मक रूप से कहां खड़े हैं और कितने खुश व संतुष्ट हैं। आपको कौन से सवाल परेशान कर रहे हैं? अपने दोस्त के एक्स के साथ रिश्ते में आने पर जो सिचुएशन बनती है, उसमें हमारा दिमाग ‘लॉजिक’ से ज्यादा ‘गिल्ट’ (अपराधबोध) से घिर जाता है। आप भी इसी के चलते खुद को कटघरे में महसूस कर रही हैं। ग्राफिक में देखिए, आपको कौन से सवाल परेशान कर रहे हैं- मन में बुरे ख्याल क्यों उठ रहे हैं? आपके मन में जो सवाल उठ रहे हैं, उनके पीछे आपका अपना ही बनाया डर है। यह डर सामाजिक छवि और दोस्ती टूटने की आशंका से उपजा है। इस समाज में ‘सहेली के एक्स’ को डेट करना थोड़ा अजीब नजर से देखा जाता है। जब आप ऐसी सीमाओं को लांघते हैं, तो डर सताने लगता है कि लोग मुझे ‘विलेन’ समझेंगे। ऐसे ख्यालों के पीछे सभी कारणों को ग्राफिक में देखिए- इन सवालों का तार्किक जवाब क्या है? भावनाओं के भंवर में लोग अक्सर लॉजिक भूल जाते हैं। अगर ठंडे दिमाग से सोचें, तो समझ आएगा कि आपके डर के पीछे की वजहें उतनी मजबूत नहीं हैं, जितनी आपकी खुशी की संभावनाएं हैं। ग्राफिक में सभी तार्किक जवाब देखिए- आप कैसा महसूस कर रहे हैं? किसी भी रिश्ते में दर्द या खुशी इस बात से तय नहीं होती कि सिचुएशन बाहर से कितनी जटिल है। अगर आपकी दोस्त अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुकी है और खुश है, तो संभव है कि उसे ज्यादा तकलीफ न हो। अगर वह अभी भी ब्रेकअप के दर्द से गुजर रही है, तो यह खबर उसे थोड़ा झटका दे सकती है। यह निश्चित है कि अगर आप दोनों इस रिश्ते में खुश हैं तो इस सिचुएशन को संभालना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है। आप लोग हो सकते हैं बेटर मैच रिलेशनशिप में हमारी इनसिक्योरिटी की सबसे कॉमन वजह ये है कि लोग क्या कहेंगे? ज्यादातर लोग इसी डर से अपनी खुशी की बलि दे देते हैं। याद रखिए आपकी सहेली और उस लड़के का ब्रेकअप इसलिए हुआ, क्योंकि उनके बीच कुछ सही नहीं था। अगर आप दोनों साथ में बेहतर महसूस कर रहे हैं, तो मुमकिन है कि आप एक-दूसरे के लिए बेटर मैच’ हों। प्यार की इस भावना को स्वीकार करना गलत नहीं है। आप इस रिश्ते में कैसा महसूस कर रही हैं, यह समझने के लिए खुद से कुछ सवाल पूछें- समय पर छोड़ दें कुछ फैसले ये भी हो सकता है कि जब आप अपनी दोस्त को यह बात बताएं, तो उसे एक पल को झटका लगे या बुरा महसूस हो। लेकिन कुछ चीजें समय और मैच्योरिटी के साथ समझ आती हैं। भविष्य में जब वह देखेगी कि आप दोनों साथ में खुश और स्टेबल हैं, तो शायद उसका नजरिया बदल जाए। कई बार रास्ते हमें खुद ही सही मंजिल तक पहुंचा देते हैं, हमें सिर्फ रास्ता तय करना है। आपको क्या करना चाहिए? अगर आप इस रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहती हैं, तो इन 4 बातों का ध्यान रखें- ईमानदार रहें- आपकी दोस्त को यह बात किसी और से पता चले, उससे पहले खुद ही पूरी बात बता दें। उससे यह रिश्ता छिपाना ही सबसे बड़ा धोखा है। सफाई न दें- आपकी सहेली का रिलेशनशिप भले ही कैसा रहा हो, उससे कभी ये न कहें कि “तुम दोनों का रिश्ता खराब था।” स्पेस दें- खबर सुनने के बाद उसे गुस्सा करने का, नाराज होने का स्पेस दें। उसे मजबूर न करें कि वह तुरंत आपके रिश्ते को एक्सेप्ट ही करे। डेडलाइन तय न करें- दोस्ती को फिर से सामान्य होने में समय लग सकता है तो उसे पूरा वक्त दें। अंतिम सलाह प्यार कभी अपराध नहीं हो सकता है। अगर आपकी नीयत साफ है और आप सहेली का सम्मान करती हैं, तो डरने की जरूरत नहीं है। अपनी खुशी को स्वीकार करें, सहेली के प्रति सहानुभूति रखें और समय को अपना काम करने दें। कई बार अच्छे रिश्ते कठिन परिस्थितियों से ही निकलकर आते हैं। ……………… ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- पार्टनर इंटीमेट होना चाहता है: मैं अभी तैयार नहीं हूं, मैं मना करती हूं, वो जिद करता है, उसे कैसे समझाऊं? इंटीमेसी कोई ‘रिलेशनशिप टेस्ट’ नहीं है, जिसे पास करना जरूरी ही है। एक हेल्दी रिश्ते में ‘ना’ का सम्मान, ‘हां’ से भी ज्यादा जरूरी है। अगर आप तैयार नहीं हैं तो दबाव में लिया गया कोई भी फैसला आपकी मेंटल हेल्थ और रिश्ते, दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

जब इरफान खान डकैत बने, एड़ी में चोट लगी थी:लंगड़ाते हुए 'पान सिंह तोमर' की शूटिंग करने पहुंचे, एक्शन सुन लगा देते थे दौड़

जब इरफान खान डकैत बने, एड़ी में चोट लगी थी:लंगड़ाते हुए 'पान सिंह तोमर' की शूटिंग करने पहुंचे, एक्शन सुन लगा देते थे दौड़

29 अप्रैल को इरफान खान की 6वीं पुण्यतिथि सिर्फ तारीख नहीं, बल्कि यादों का सैलाब है- एक ऐसे कलाकार की, जिसने अभिनय को सच्चाई की तरह जिया। उनकी जिंदगी, किरदार और सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। इस सफर को रंजीता कौर ने अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘अ स्टोरी दैट रिफ्यूज्ड टू डाई’ में सहेजा है, जो पान सिंह तोमर की मेकिंग और इरफान की अनदेखी दुनिया दिखाती है। आज इसकी स्क्रीनिंग मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में रखी गई है। यह सिर्फ डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि उन पलों की विरासत है। चोट के बावजूद इरफान शूटिंग करते रहे। वो बकरी के बच्चे के साथ खेलते नजर आए। हर छोटी चीज में खुशी ढूंढते थे और किरदार की सच्चाई के लिए खुद को मिटा देते थे। रंजीता के शब्दों में, इरफान सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि एक एहसास थे, जिन्होंने हर दिल में जगह बनाई। उनकी कहानी सच में मरने से इंकार करती है, क्योंकि इरफान आज भी अपने काम, सादगी और गहराई के जरिए हमारे बीच जिंदा हैं। इरफान खान की 6वीं डेथ एनिवर्सरी पर रंजीता कौर ने उनके जीवन के कुछ अनसुने किस्से सुनाए ‘स्टोरी दैट रिफ्यूज्ड टू डाई’– एक टाइटल, जो इरफान की सोच से जन्मा रंजीता कौर कहती हैं कि डॉक्यूमेंट्री का टाइटल सिर्फ क्रिएटिव नाम नहीं, बल्कि इरफान खान की सोच और फिल्म की जर्नी का सार है। उनके मुताबिक, पान सिंह तोमर बनाना आसान नहीं था। फिल्म ने कई मुश्किलें देखीं- लोकेशन की चुनौतियां, सीमित संसाधन और शूटिंग की बाधाएं। रंजीता कहती हैं कि वो इस प्रक्रिया को बाहर से देख रही थीं, लेकिन हर दिन महसूस कर रही थीं कि फिल्म हार मानने वाली नहीं है। हर दिक्कत के बाद टीम और मजबूत होती थी। इंटरव्यू के दौरान इरफान ने कहा- “यह कहानी मरने को तैयार नहीं थी।” यही पल रंजीता को झकझोर गया। उन्हें लगा, मन की भावना को शब्द इरफान ने दे दिए। इसलिए वह टाइटल का श्रेय इरफान को देती हैं। उनके मुताबिक, यह सिर्फ डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि इरफान की जिंदगी का प्रतीक है- एक ऐसी यात्रा, जिसने हर मुश्किल के बावजूद हार नहीं मानी। इरफान खान क्यों थे सबसे अलग? आम लोगों के दिल में बसने वाले कलाकार रंजीता के अनुसार, इरफान खान की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्हें समझने के लिए सिनेमा एक्सपर्ट होना जरूरी नहीं था। वो ऐसे कलाकार थे, जिनकी छाप हर वर्ग पर पड़ती थी- चाहे गहराई से समझने वाला दर्शक हो या मनोरंजन के लिए फिल्म देखने वाला आम इंसान। वह कहती हैं कि घर-परिवार या आसपास के लोगों से पूछें, तो हर कोई कहेगा कि यह आदमी अलग था। यह अलगपन अभिनय से ज्यादा उनकी सच्चाई में था। इरफान ने दिखावा नहीं किया, न स्टारडम के पीछे भागे। उन्होंने अपने आर्ट को समय दिया, निखारा और ईमानदारी से काम किया। उनकी यात्रा अचानक नहीं बनी थी। उन्होंने सालों तक छोटे रोल किए, संघर्ष किया, रिजेक्शन झेले और खुद को साबित किया। इसलिए सफलता सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि मेहनत और सच्चाई का परिणाम थी। चोट के बावजूद शूटिंग: पेनकिलर लेकर दौड़ते थे इरफान ‘पान सिंह तोमर’ की शूटिंग के दौरान एक दौर आया, जिसे रंजीता आज भी नहीं भूल पातीं। फिल्म के बीच में इरफान खान को एड़ी में गंभीर चोट लगी। आमतौर पर ऐसे हालात में शूटिंग रोक दी जाती है, लेकिन यहां कहानी अलग थी। रंजीता बताती हैं कि उन्होंने देखा कि इरफान लंगड़ाते हुए सेट पर आते थे। कई बार सहारे के लिए उनके हाथ में डंडा होता था। लेकिन कैमरा रोल होते ही वो दर्द छोड़कर किरदार में उतर जाते। सबसे चुनौतीपूर्ण यह था कि फिल्म के कई अहम सीन, जैसे रनिंग सीक्वेंस और एक्शन बाकी थे। इसके बावजूद उन्होंने शूटिंग नहीं रोकी। पेनकिलर लेकर सीन करते थे और दर्द बढ़ने पर थोड़ा ब्रेक लेकर लौट आते थे। रंजीता कहती हैं कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मैं नहीं कर पाऊंगा या बाद में करेंगे। उनकी प्रतिबद्धता टीम के लिए प्रेरणा बनी। यही समर्पण ‘पान सिंह तोमर’ को असली और असरदार बनाता है। छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढने वाला बड़ा कलाकार रंजीता कौर के लिए इरफान खान का एक पहलू खास था- उनका बच्चा-सा स्वभाव। वह बताती हैं कि इरफान जितने बड़े कलाकार थे, उतने ही सरल इंसान थे। सेट पर उनका व्यवहार स्टार जैसा नहीं लगता था। वो हर किसी से बात करते थे- चाहे टेक्नीशियन, लाइटमैन या जूनियर आर्टिस्ट। उनके अंदर सहजता थी, जो माहौल को हल्का और खुशनुमा बनाती थी। रंजीता याद करती हैं कि उनका सेंस ऑफ ह्यूमर प्यारा था। वो छोटी बातों में मजाक करते थे और सेट हंसी से भर जाता था। वो हर चीज में दिलचस्पी लेते थे- किताबें, बातचीत या छोटी घटनाएं। उनके लिए खुशी बड़ी चीजों में नहीं, बल्कि रोजमर्रा के पलों में थी। उनके साथ काम करना प्रोफेशनल अनुभव से बढ़कर भावनात्मक जुड़ाव था। किरदार में डूब जाने की कला: इरफान का अनोखा प्रोसेस रंजीता बताती हैं कि इरफान खान का एक्टिंग प्रोसेस बेहद इंटरनल था। वो इसे शब्दों में पूरी तरह नहीं समझा सकतीं, लेकिन उसे महसूस किया जा सकता था। उनके मुताबिक, इरफान किरदार की सच्चाई पकड़ते थे। जब तक उन्हें नहीं लगता था कि वो उसे समझ गए हैं, तब तक खुद को उसमें नहीं डालते थे। लेकिन उस स्तर तक पहुंचते ही किरदार उनका हिस्सा बन जाता था। रंजीता ने नोटिस किया कि शूट खत्म होने के बाद भी वो पूरी तरह किरदार से बाहर नहीं आते थे। बातचीत और चलते-फिरते भी वह लेयर बनी रहती थी। इसका असर उनके परफॉर्मेंस में दिखता था। वो एक्टिंग करते नहीं लगते थे। ऐसा लगता था कि वो वही इंसान हैं, जिसकी कहानी पर्दे पर दिखाई जा रही है। उनकी सबसे बड़ी ताकत सच्चाई से जुड़ना और उसे दर्शकों तक पहुंचाना थी। हर चीज जानने की बेचैन जिज्ञासा: इरफान का ‘लर्निंग मोड’ हमेशा ऑन था रंजीता कौर बताती हैं कि इरफान खान की खास बातों में एक उनकी असीम जिज्ञासा थी। वो सिर्फ किरदार तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि हर छोटी-बड़ी चीज को समझने की कोशिश करते थे। धौलपुर में शूटिंग के दौरान टीम को पास की एक दरगाह के बारे में पता चला। रंजीता

Gold Drops To ₹1.49 Lakh As UAE Leaves OPEC+

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नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर हवाई उड़ान से जुड़ी रही। मिडिल ईस्ट जंग के चलते देश की एयरलाइंस मुश्किल में हैं। एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से उनका ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ गया है। वहीं, सोने-चांदी के दाम में 28 अप्रैल को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,629 रुपए घटकर 1.50 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले गुरुवार को यह 1.51 लाख पर था। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. इंडिगो-एअर इंडिया ने कहा- फ्लाइट्स बंद होने की कगार पर: फ्यूल महंगा होने से ऑपरेशन मुश्किल, एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाए सरकार मिडिल ईस्ट जंग के चलते देश की एयरलाइंस मुश्किल में हैं। एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से उनका ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ गया है। FIA ने इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। इसके मुताबिक घरेलू एयरलाइंस का कामकाज जारी रखना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कंपनियां ऑपरेशंस रोकने या अपने विमानों को खड़ा करने की कगार पर पहुंच गई हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोना ₹2404 गिरकर ₹1.49 लाख पर आया:ऑलटाइम हाई से ₹27 हजार सस्ता हो चुका; चांदी में आज ₹7179 की गिरावट सोने-चांदी के दाम में 28 अप्रैल को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,629 रुपए घटकर 1.50 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले गुरुवार को यह 1.51 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 5,381 रुपए घटकर 2.38 लाख रुपए रह गई। चांदी की कीमत कल यानी 27 अप्रैल को 2.49 लाख रुपए थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. UAE ने तेल-उत्पादक देशों के संगठन ओपेक-ओपेक प्लस को छोड़ा: ईरान युद्ध के बीच तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ी; ट्रम्प की बड़ी कूटनीतिक जीत यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) ने मंगलवार (28 अप्रैल) को कच्चे तेल का उत्पादन और निर्यात करने वाले देशों के ऑर्गेनाइजेशन ओपेक और ओपेक प्लस से अलग होने का ऐलान कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ जारी युद्ध की वजह से दुनिया भर में एनर्जी यानी ऊर्जा संकट गहराया हुआ है। लंबे समय से ओपेक का हिस्सा रहे UAE के इस कदम से सऊदी अरब की लीडरशिप वाले इस ग्रुप की एकता पर बड़ा असर पड़ सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. भारत-रूस मिलकर यूरिया फैक्ट्री लगाएंगे: अभी जरूरत का 71% यूरिया मिडिल-ईस्ट से आता है; अगले 2 साल में उत्पादन शुरू होगा ईरान जंग के कारण पैदा हुए यूरिया संकट के बीच भारत और रूस ने जॉइंट वेंचर में फर्टिलाइजर प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी हैं। यह प्लांट रूस के समारा में लगाया जा रहा है, जो अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसे लेकर हाल ही में एक भारतीय दल ने रूस का दौरा किया है। भारत और रूस के इस साझा प्रोजेक्ट में करीब 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश होना है। रूस में लगने वाले 20 लाख टन क्षमता के यूरिया प्रोजेक्ट में इंडियन पोटाश लिमिटेड, RCF और NFL शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत खाद के आयात पर निर्भरता कम करना चाहता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए: कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को रोकने के लिए वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों के दौरान सरकारी एजेंसियों से मिले इनपुट और कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर की गई है। यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दी गई है। कोर्ट इस समय देश में बढ़ते डिजिटल स्कैम के मामलों पर खुद संज्ञान (suo motu) लेकर सुनवाई कर रहा है, जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ठगते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर हवाई उड़ान से जुड़ी रही। मिडिल ईस्ट जंग के चलते देश की एयरलाइंस मुश्किल में हैं। एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से उनका ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ गया है। वहीं, सोने-चांदी के दाम में 28 अप्रैल को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,629 रुपए घटकर 1.50 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले गुरुवार को यह 1.51 लाख पर था। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. इंडिगो-एअर इंडिया ने कहा- फ्लाइट्स बंद होने की कगार पर: फ्यूल महंगा होने से ऑपरेशन मुश्किल, एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाए सरकार मिडिल ईस्ट जंग के चलते देश की एयरलाइंस मुश्किल में हैं। एअर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से उनका ऑपरेशन कॉस्ट 20% तक बढ़ गया है। FIA ने इस बारे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। इसके मुताबिक घरेलू एयरलाइंस का कामकाज जारी रखना मुश्किल हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कंपनियां ऑपरेशंस रोकने या अपने विमानों को खड़ा करने की कगार पर पहुंच गई हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोना ₹2404 गिरकर ₹1.49 लाख पर आया:ऑलटाइम हाई से ₹27 हजार सस्ता हो चुका; चांदी में आज ₹7179 की गिरावट सोने-चांदी के दाम में 28 अप्रैल को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,629 रुपए घटकर 1.50 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले गुरुवार को यह 1.51 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 5,381 रुपए घटकर 2.38 लाख रुपए रह गई। चांदी की कीमत कल यानी 27 अप्रैल को 2.49 लाख रुपए थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. UAE ने तेल-उत्पादक देशों के संगठन ओपेक-ओपेक प्लस को छोड़ा: ईरान युद्ध के बीच तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ी; ट्रम्प की बड़ी कूटनीतिक जीत यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) ने मंगलवार (28 अप्रैल) को कच्चे तेल का उत्पादन और निर्यात करने वाले देशों के ऑर्गेनाइजेशन ओपेक और ओपेक प्लस से अलग होने का ऐलान कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ जारी युद्ध की वजह से दुनिया भर में एनर्जी यानी ऊर्जा संकट गहराया हुआ है। लंबे समय से ओपेक का हिस्सा रहे UAE के इस कदम से सऊदी अरब की लीडरशिप वाले इस ग्रुप की एकता पर बड़ा असर पड़ सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. भारत-रूस मिलकर यूरिया फैक्ट्री लगाएंगे: अभी जरूरत का 71% यूरिया मिडिल-ईस्ट से आता है; अगले 2 साल में उत्पादन शुरू होगा ईरान जंग के कारण पैदा हुए यूरिया संकट के बीच भारत और रूस ने जॉइंट वेंचर में फर्टिलाइजर प्लांट लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी हैं। यह प्लांट रूस के समारा में लगाया जा रहा है, जो अगले दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसे लेकर हाल ही में एक भारतीय दल ने रूस का दौरा किया है। भारत और रूस के इस साझा प्रोजेक्ट में करीब 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश होना है। रूस में लगने वाले 20 लाख टन क्षमता के यूरिया प्रोजेक्ट में इंडियन पोटाश लिमिटेड, RCF और NFL शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत खाद के आयात पर निर्भरता कम करना चाहता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा अकाउंट्स बैन किए: कंबोडिया से चल रहा था भारत में डिजिटल अरेस्ट का जाल; ठगी रोकने के लिए आए 4 नए फीचर डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को रोकने के लिए वॉट्सएप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों के दौरान सरकारी एजेंसियों से मिले इनपुट और कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर की गई है। यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दी गई है। कोर्ट इस समय देश में बढ़ते डिजिटल स्कैम के मामलों पर खुद संज्ञान (suo motu) लेकर सुनवाई कर रहा है, जिसमें जालसाज पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से पैसे ठगते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar

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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 1 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यूआईडीएआई के प्रमाणीकरण व सत्यापन प्रभाग ने 23 अप्रैल 2024 को जारी पत्र में कहा कि आधार का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की पहचान स्थापित करना है, न कि उसकी जन्मतिथि प्रमाणित करना। प्राधिकरण के अनुसार आधार अधिनियम, 2016 में पहचान के लिए आधार का उपयोग तो बताया गया है, लेकिन इसे जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता देने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में आधार पर दर्ज जन्मतिथि, नामांकन या अपडेट के दौरान व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित होती है। आज की बाकी बड़ी खबरें… जनगणना 20275 झारखंड में 1 मई, त्रिपुरा में 17 जुलाई से सेल्फ एन्यूमरेशन जनगणना 2027 के पहले चरण में झारखंड में 1 से 15 मई और त्रिपुरा में 17 से 31 जुलाई तक सेल्फ एन्यूमरेशन होगा। इसके बाद दोनों राज्यों झारखंड में 16 मई से 14 जून जबकि त्रिपुरा में 1-31 अगस्त तक घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा है कि जनगणना के दौरान किसी के साथ भी ओटीपी साझा न करें, क्योंकि गणनाकर्मी ओटीपी नहीं मांगेंगे। राजीव गांधी की हत्या का दोषी पेरारिवलन वकील बना पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या मामले का दोषी एजी पेरारिवलन (54) वकील बन गया है। 2022 में सुप्रीम कोर्ट से रिहाई के बाद उसने 27 अप्रैल को तमिलनाडु-पुडुचेरी बार काउंसिल में नामांकन कराया। पेरारिवलन 1991 में 19 साल की उम्र में गिरफ्तार हुआ और 31 साल जेल में रहा। वहीं कानून की पढ़ाई कर 2025 में ऑल इंडिया बार एग्जाम पास किया। अब वह कैदियों को कानूनी सहायता देगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 4 घंटे पहले कॉपी लिंक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यूआईडीएआई के प्रमाणीकरण व सत्यापन प्रभाग ने 23 अप्रैल 2024 को जारी पत्र में कहा कि आधार का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति की पहचान स्थापित करना है, न कि उसकी जन्मतिथि प्रमाणित करना। प्राधिकरण के अनुसार आधार अधिनियम, 2016 में पहचान के लिए आधार का उपयोग तो बताया गया है, लेकिन इसे जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता देने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में आधार पर दर्ज जन्मतिथि, नामांकन या अपडेट के दौरान व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित होती है। आज की बाकी बड़ी खबरें… जनगणना 20275 झारखंड में 1 मई, त्रिपुरा में 17 जुलाई से सेल्फ एन्यूमरेशन जनगणना 2027 के पहले चरण में झारखंड में 1 से 15 मई और त्रिपुरा में 17 से 31 जुलाई तक सेल्फ एन्यूमरेशन होगा। इसके बाद दोनों राज्यों झारखंड में 16 मई से 14 जून जबकि त्रिपुरा में 1-31 अगस्त तक घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा है कि जनगणना के दौरान किसी के साथ भी ओटीपी साझा न करें, क्योंकि गणनाकर्मी ओटीपी नहीं मांगेंगे। राजीव गांधी की हत्या का दोषी पेरारिवलन वकील बना पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या मामले का दोषी एजी पेरारिवलन (54) वकील बन गया है। 2022 में सुप्रीम कोर्ट से रिहाई के बाद उसने 27 अप्रैल को तमिलनाडु-पुडुचेरी बार काउंसिल में नामांकन कराया। पेरारिवलन 1991 में 19 साल की उम्र में गिरफ्तार हुआ और 31 साल जेल में रहा। वहीं कानून की पढ़ाई कर 2025 में ऑल इंडिया बार एग्जाम पास किया। अब वह कैदियों को कानूनी सहायता देगा। भारत को अगले महीने मिलेगी एस-400 की चौथी यूनिट भारत को रूस से एस-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की चौथी यूनिट अगले महीने की शुरुआत में मिलने की उम्मीद है। इससे वायुसेना की एयर डिफेंस क्षमता और मजबूत होगी। भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर का करार कर एस-400 की 5 यूनिट खरीदने का समझौता किया था। इनमें से 3 यूनिट पहले ही मिल चुके हैं। पांचवीं यूनिट नवंबर तक डिलीवर की जाएगी। बेंगलुरु में एआई से 50% नौकरियां जाएंगी: डीके कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि एआई उद्योगों के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभर रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि एआई का प्रभाव केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने अनुमान जताया कि एआई के कारण बेंगलुरु में लगभग 50% नौकरियों में कटौती हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका सामना उद्योग जगत और सरकार को मिलकर करना होगा। उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एआई के इस दौर में टिके रहने के लिए री-स्किलिंग ही एकमात्र रास्ता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

चिकन के शरीर के ये 10 हिस्से कभी गलती से भी न खाएं! होते हैं नुकसानदायक, जानें कारण

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Last Updated:April 29, 2026, 01:14 IST Chicken Side Effects: चिकन खाने वाले इसे सप्ताह में दो से तीन बार तो बना ही लेते हैं. कुछ को चिकन का लेग पीस खाना पसंद होता है तो किसी को चिकन ब्रेस्ट पसंद होता है. प्रोटीन से भरपूर चिकन सेहत के लिए हेल्दी है, लेकिन इसके कुछ हिस्सों को खाने से बचना चाहिए. मुर्गे का कौन सा हिस्सा खाना सेहत को पहुंचा सकता है नुकसान और क्यों, यहां जानिए. चिकन में मौजूद पोषक तत्व- नॉनवेज खाने वालों के लिए चिकन बेहद फेवरेट होता है. चिकन सेहत के लिए हेल्दी भी है, क्योंकि ये कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है, जो मसल्स के निर्माण और मरम्मत के लिए जरूरी होता है. इसके साथ ही इसमें विटामिन बी6, बी12, नियासिन, आयरन, जिंक, सेलेनियम, फॉस्फोरस,अमीनो एसिड भी मौजूद होते हैं. लेकिन चिकन तो आप खूब खाते हैं, लेकिन इसके कुछ हिस्से को खाना नुकसानदायक होता है. जानते हैं यहां चिकन का कौन सा हिस्सा खाना अनहेल्दी हो सकता है. डॉक्टर्स के अनुसार, चिकन के कुछ अंग शरीर से कचरा फिल्टर करने का काम करते हैं, इसलिए उनमें जहरीले केमिकल और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं. यदि आप इन्हें ठीक से पका कर नहीं खाते हैं या अधिक मात्रा में सेवन कर लेते हैं तो सेहत से संबंधित कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. चिकन अपने आप में प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, लेकिन उसका हर हिस्सा एक जैसा हेल्दी नहीं होता. कुछ हिस्से ऐसे हैं, जिन्हें ज्यादा या गलत तरीके से खाने पर सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. इसमें चिकन की स्किन मुख्य रूप से शामिल है. इसमें फैट जैसे सैचुरेटेड फैट अधिक होता है. चिकन स्किन अधिक खाने से आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है. दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ता है. बेहतर है कि आप बिना स्किन वाला चिकन ही खाएं. Add News18 as Preferred Source on Google क्या आप जानते हैं कि चिकन के फेफड़ों में कई तरह के बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं? इसे आप कितने भी अधिक तापमान पर क्यों न पकाएं, कुछ गर्मी को बर्दाश्त करने वाले बैक्टीरिया (heat resistant) मरते नहीं हैं. ऐसे में इनके शरीर में जाते ही संक्रमण फैलने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. काफी लोग मुर्गे की टांग लेग पीस या जांघ खाना पसंद करते हैं, क्योंकि इनमें फ्लेश अधिक होता है और ये स्वादिष्ट भी होते हैं, लेकिन इसमें फैट और कैलोरी ज्यादा मौजूद होती है. यदि आपका वजन और कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई है तो आप इन हिस्सों को न खाएं या फिर बेहद सीमित मात्रा में खाएं. चिकन की आंतें हमेशा गंदगी और कीटाणुओं से भरी रहती हैं. आप कितना भी इसे साफ कर लें, इन हिस्सों में संक्रमण का खतरा बना ही रहता है. लिवर और किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को साफ करते हैं. चिकन को दिए जाने वाले एंटीबायोटिक्स के तत्व इन अंगों में ज्यादा जमा हो जाते हैं, इसलिए इन हिस्सों को भी अधिक नहीं खाना चाहिए. चिकन का लिवर पोषक तत्वों से भरपूर होता है, लेकिन इसमें कोलेस्ट्रॉल अधिक होता है. ऐसे में पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल है तो यह और भी अधिक बढ़ सकता है. पूंछ वाले हिस्से में बहुत ज्यादा फैट और ग्रंथियां होती हैं. इसी तरह गर्दन के हिस्से में भी ग्रंथियां होती हैं. इन दोनों जगहों पर वायरस और बैक्टीरिया बहुत जल्दी जमा हो जाते हैं. ये इंसान के शरीर पर गंभीर असर डाल सकते हैं. चिकन को अच्छी तरह से धोकर ही पकाएं. इसमें जमे खून के थक्के, ब्लड वेसल्स बिल्कुल साफ हो जाएं. यदि आप अधपका, सही तरीके से धोकर नहीं पकाते हैं चिकन तो उसमें मौजूद खून के जरिए हानिकारक बैक्टीरिया आपके शरीर में जा सकते हैं. इससे फूड पॉइजनिंग होने का खतरा रहता है. बहुत अधिक प्रोसेस्ड चिकन जैसे सॉसेज, नगेट्स न खाएं, क्योंकि इनमें नमक, प्रिजर्वेटिव्स और अनहेल्दी फैट ज्यादा होते हैं. फ्राइड चिकन जैसे डीप फ्राई में ट्रांस फैट बनता है, जो मोटापा, हार्ट डिजीज, टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ा सकते हैं. चिकन ब्रेस्ट (बिना स्किन) सबसे हेल्दी माना जाता है. चिकन फ्रेश ही खरीदें. फ्रोजन खाने से बचें. अच्छी तरह से धोकर और पकाकर ही मुर्गे का सेवन करें. First Published : April 29, 2026, 01:14 IST