‘द मास्टर’: तमिल चुनाव में आया राजनीति का एक नया ‘थलाइवा’

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के एलॉगिट पोल एक प्रमुख राजनीतिक पहलू की ओर इशारा कर रहे हैं, जहां फिल्म जगत का सुपरस्टार एक गंभीर राजनीतिक बयान में बदलाव ला रहा है। टीवीके (तमिलगा वेत्री कजगम) के गौरव और जोसेफ विजय शेखर सहित लोग थलपति विजय के नाम से पुकारते हैं, की प्राथमिकता ने राज्य की पारंपरिक द्रमुक बनाम अन्नाद्रमुक की राजनीति को पहली बार ठोस चुनौती दी है। यह सिर्फ गणित का सिद्धांत नहीं है, बल्कि सत्य की कथा का संकेत है। एक्सिस माय इंडिया एलेक्टिट पोल के अनुसार टीवीके 98 से 120 के बीच पहुंच यानी बहुमत के करीब या उससे ऊपर हो सकती है। इससे भी महत्वपूर्ण संकेत नेतृत्व के सवाल पर कहा गया है कि मुख्यमंत्री की विजय पर 37% लोगों की पहली पसंद बताई गई है, जो उन्हें स्थिर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से आगे बढ़ना है. यह प्रमाणित करता है कि विजय की ‘स्टार’ छवि से आगे चलकर ‘निर्नायक नेता’ के रूप में स्वीकारोक्ति की जा रही है। यदि नतीजे इन रुझानों की पुष्टि करते हैं, तो 2026 तमिल की राजनीति में वह एक क्रांतिकारी साबित हो सकता है, जहां ‘द मास्टर’ सिर्फ अभिनय नहीं करता, सत्ता के गलियारों में भी अपनी पहचान दर्ज कराता है। स्टारडम से राजनीतिक निवेश तक विजय की फ़िल्में प्राचीन से एक सामाजिक-राजनीतिक नैरेटिव गढ़ा। उनकी फ़िल्मों में ‘आम आदमी की लड़ाई’, ‘आम आदमी की लड़ाई’ और ‘सत्ता से विरोधाभासी आवाज़’ शामिल हैं। 2026 के चुनाव में यही नैरावेटिव वोट में वोट पड़ते हैं। डिजिटल पोल के संकेत हैं कि उनके ऑन-स्क्रीन ‘मास’ अपील-स्क्रीनशॉट में राजनीतिक समर्थन को बदल दिया गया है, विशेष रूप से शहरी और युवा लाइब्रेरी के बीच। स्थापना विरोधी लहर तमिल की राजनीति लंबे समय से दो ध्रुवों के साथ-साथ घूमती रही है। इस चुनाव में एक हिस्सा उस स्थायी द्वंद्व से बाहर का नजारा देखना चाहता है। विजय ने खुद को उसी ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में पेश किया, जिसमें न तो पारंपरिक सत्ता का हिस्सा था, न ही पुरानी वास्तु संरचनाओं का। टीवीके का उदय इसी मानसिकता का परिणाम माना जा रहा है। वोट शेयर की बढ़त, भाग में बढ़त एक्जिट पोल में DMK+ और TVK दोनों को लगभग 35% वोट शेयर मिल रहे हैं। हालांकि टीवीके की समीक्षा में कहा गया है कि पार्टी ने ‘स्विंग रिव्यू’ में बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां मामूली वोट अंतर भी तय है। यह संकेत देता है कि विजय की अपील केवल कम्युनिस्ट कम्युनिस्ट पार्टी तक सीमित नहीं रही, बल्कि दर्जनों पर प्रभावशाली रूप से सफल रही। सत्य मिली तो परीक्षा बड़ी इस सब के बीच एक जरूरी सवाल यह है कि यह विक्ट्री फैक्टर इंस्टिट्यूशनल ऑर्गेनाइजेशन में अन्यत्र हो की योजना क्या है? डीएमके और एआईएडीएमके दशकों से मजबूत ग्राउंड नेटवर्क पर टिके हुए हैं। टीवीके के लिए वास्तविक परीक्षा सरकार गठन के बाद शुरू होगी, जिसमें नीतिगत निर्णय, संगठनात्मक क्षमता और संगठन का विस्तार शामिल होगा। विजय की राजनीति अब एक प्रतीक से आगे उग्रवादी व्यवस्था बनने की दहलीज पर है। उनकी छवि ‘मास हीरो’ की है, लेकिन शासन ‘मास अपील’ से नहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स सेवा है। यदि असोसिएशन पोल के संकेत सही साबित होते हैं, तो विजय को अपनी प्राथमिकता को नीति और प्रशासन में चुनौती का सामना करना पड़ेगा। तमिल की राजनीति में ‘थलाइवा’ शब्द सिर्फ प्राथमिकता का नहीं, नेतृत्व का प्रतीक है। एक्जालिट पोल के संकेतक यह दर्शाते हैं कि विजय इस प्रविष्टि की ओर बढ़ रही है। यह चुनाव केवल एक पार्टी के लिए मजबूत कहानी नहीं है, बल्कि उस बदलाव की है जिसमें नए व्यक्ति, नई भाषा और नई राजनीति को अवसर चाहिए। ये भी पढ़ें: तमिल में विजय का गुप्त रहस्य! टीवीके के आंकड़ों में एक्जालिट पोल ने चौंका दिया
ट्रेनी एयर होस्टेस ने इशारों से समझाए ट्रैफिक रूल:इंदौर के पलासिया चौराहे पर पुलिस ने चलाया अनूठा जागरूकता अभियान

इंदौर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस लगातार नए-नए प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने पलासिया चौराहे पर एक अनूठा जागरूकता अभियान चलाया। इसमें ट्रेनी एयर होस्टेस पलासिया चौराहे पर पहुंची और इस अभियान का हिस्सा बनीं।अभियान के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस ने फ्लाइट में दिए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों की शैली में, इशारों एवं संकेतों के माध्यम से गाड़ी चलाने वालों को ट्रैफिक रूल्स का पालन करने के लिए मोटिवेट किया। कार्यक्रम के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस ने रेड सिग्नल पर रुकने, सीट बेल्ट लगाने, टू व्हीलर चलाने वालो को हेलमेट पहनने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने जैसे महत्वपूर्ण रुल्स की जानकारी दी। इस अभिनव पहल ने चौराहे पर उपस्थित गाड़ी चलाने वालों का ध्यान आकर्षित किया।
बेंगलुरु में भारी बारिश,अस्पताल की दीवार गिरने से 7 मौतें:इनमें 3 बच्चे शामिल, 7 घायलों का रेस्क्यू; सीएम सिद्धारमैया घटनास्थल पर पहुंचे

बेंगलुरु में बुधवार को भारी बारिश के बीच हॉस्पिटल की दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 3 बच्चे भी शामिल हैं। 7 घायलों का रेस्क्यू किया गया है। हादसे के समय सड़क किनारे मौजूद वेंडर और राहगीर मलबे की चपेट में आ गए। कई लोग मलबे में दब गए थे, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण बोवरिंग एंड लेडी कर्जन हॉस्पिटल की दीवार कमजोर हो गई थी। हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की। हादसे की तस्वीरें… उपमुख्यमंत्री बोले- दोषियों पर कार्रवाई होगी उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं विपक्ष ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सरकार की आलोचना की है। सरकार का कहना है कि वहां रेहड़ी-पटरी वालों को सामान बेचने की अनुमति दी गई थी। 7 घायलों में से 3 केरल से थे और बेंगलुरु घूमने आए थे। वहीं, मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि हादसा इतना भयानक था कि मलबे से शवों को बाहर निकालना पड़ा और कुछ लोगों को अपने पैर तक गंवाने पड़े। 2024 में बेंगलुरु में बारिश से 7 मंजिला इमारत ढही, 8 मौतें हुई थी बेंगलुरु में भारी बारिश के कारण 22 अक्टूबर 2024 को एक अंडरकंस्ट्रक्शन इमारत ढह गई थी। बाबूसापाल्या इलाके में हुए इस हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो गई। ————————- ये खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु में पानी की टंकी गिरने से 3 की मौत:चौथी मंजिल से फूड स्टॉल पर गिरी, बिल्डिंग मालिक पर लापरवाही का केस बेंगलुरु में बुधवार (2 अगस्त) रात को पानी की टंकी गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, वहीं एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। टंकी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से नीचे फूड स्टॉल पर गिरी थी। ये घटना शिवाजी नगर बस स्टैंड के पास की है। पूरी खबर पढ़ें…
कमर दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, बिना दवा ऐसे पाएं राहत – News18 हिंदी

X कमर दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, बिना दवा ऐसे पाएं राहत Kamar Ke Dard Ka Ilaaj: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में महिलाओं के बीच कमर दर्द एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है. ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करना, घर की जिम्मेदारियां और लगातार शारीरिक थकान इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं. अक्सर महिलाएं शुरुआत में इस दर्द को हल्के में लेती हैं, लेकिन समय के साथ यही समस्या बड़ी परेशानी का रूप ले सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार खराब पोश्चर, मांसपेशियों की कमजोरी, विटामिन की कमी और हार्मोनल बदलाव भी कमर दर्द को बढ़ाते हैं. हालांकि अच्छी बात यह है कि समय रहते ध्यान दिया जाए तो बिना दवाइयों के भी राहत संभव है. फिजियोथेरेपी, नियमित एक्सरसाइज और सही दिनचर्या अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. साथ ही जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है. छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर महिलाएं इस दर्द से राहत पाकर एक बेहतर और स्वस्थ जीवन जी सकती हैं.
अपने डाइट में जरूर शामिल करें ये 10 हाई प्रोटीन वाली सब्जियां, फैट भी ना के बराबर

Last Updated:April 29, 2026, 21:32 IST अगर आप अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं और साथ ही फैट कम रखना चाहते हैं, तो कुछ सब्जियां आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं. ये सब्जियां न सिर्फ शरीर को जरूरी प्रोटीन देती हैं, बल्कि फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में देती हैं. खास बात यह है कि इन्हें रोज के खाने में आसानी से शामिल किया जा सकता है, जिससे फिटनेस, वजन कंट्रोल और ओवरऑल हेल्थ को फायदा मिल सकता है. पालक सबसे बेहतरीन हरी पत्तेदार सब्जियों में से एक मानी जाती है, जिसे डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो मसल्स को मजबूत रखने, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करने और पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं. इसमें फैट और कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए वजन घटाने और फिटनेस डाइट के लिए यह शानदार विकल्प है. पालक को स्मूदी, सलाद, सूप या लहसुन के साथ हल्का भूनकर खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम पालक में लगभग 2.9 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह पौष्टिक और प्लांट बेस्ड प्रोटीन का अच्छा स्रोत बन जाती है. ब्रोकोली एक बेहद पौष्टिक क्रूसीफेरस सब्जी है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. यह वजन कंट्रोल रखने, इम्यूनिटी मजबूत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में मददगार मानी जाती है. इसमें फैट और कैलोरी प्राकृतिक रूप से कम होती है, इसलिए हेल्दी मील प्लान में इसे अक्सर शामिल किया जाता है. ब्रोकोली को स्टीम करके, रोस्ट करके, हल्का भूनकर या सूप में मिलाकर खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम ब्रोकोली में लगभग 2.8 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह पेट भरने के साथ शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी देती है. हरी मटर स्वादिष्ट होने के साथ प्रोटीन से भरपूर होती है. इसमें फाइबर भी अच्छा होता है, जिससे पेट देर तक भरा महसूस होता है. इसे पुलाव, सब्जी या स्नैक में इस्तेमाल करें. Add News18 as Preferred Source on Google ब्रसेल्स स्प्राउट्स प्रोटीन से भरपूर और पोषक तत्वों वाली सब्जी है, जो क्रूसीफेरस परिवार से आती है. इसमें प्रोटीन, विटामिन K, विटामिन C और अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन, हड्डियों की मजबूती और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें फैट बहुत कम होता है, लेकिन यह पेट भरने में मदद करती है. इसे मसालों के साथ रोस्ट करके, सलाद में डालकर या हल्का भूनकर खाया जा सकता है. लगभग 100 ग्राम ब्रसेल्स स्प्राउट्स में करीब 3.4 ग्राम प्रोटीन मिलता है, इसलिए यह प्लांट बेस्ड प्रोटीन का बेहतरीन विकल्प है. केल को बेहद पौष्टिक हरी पत्तेदार सब्जी माना जाता है, इसलिए इसे सुपरफूड भी कहा जाता है. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A, विटामिन C और विटामिन K पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत रखने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं. इसमें फैट बहुत कम होता है, इसलिए वजन कंट्रोल करने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प है. केल को सलाद में कच्चा खाया जा सकता है, स्मूदी में मिलाया जा सकता है या सूप और सब्जी के रूप में भी लिया जा सकता है. करीब 100 ग्राम केल में लगभग 4.3 ग्राम प्रोटीन मिलता है, जिससे यह प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत बन जाती है. फूलगोभी एक ऐसी सब्जी है जिसे कई तरीकों से खाने में शामिल किया जा सकता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन C अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि फैट और कैलोरी काफी कम होती है. यह पाचन को बेहतर रखने, इम्यूनिटी मजबूत करने और हेल्दी डाइट बनाए रखने में मददगार मानी जाती है. खास बात यह है कि इसे कई हाई कार्ब फूड्स की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है. आप इससे गोभी राइस, मैश, पिज्जा बेस या मसालों के साथ रोस्ट करके स्वादिष्ट स्नैक बना सकते हैं. करीब 100 ग्राम फूलगोभी में लगभग 1.9 ग्राम प्रोटीन होता है. भले ही इसका प्रोटीन बहुत ज्यादा न हो, लेकिन पोषण और उपयोग के कई तरीकों की वजह से यह बेहद शानदार विकल्प है. शतावरी (Asparagus) शतावरी एक पौष्टिक और हल्की सब्जी है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन के साथ फोलेट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसमें फैट और कैलोरी कम होती है, इसलिए हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए यह बढ़िया विकल्प मानी जाती है. यह पाचन को बेहतर रखने, दिल की सेहत को सपोर्ट करने और शरीर में सूजन कम करने में मददगार हो सकती है. इसका हल्का और स्वादिष्ट फ्लेवर इसे कई डिश में आसानी से शामिल करने लायक बनाता है. आप इसे ग्रिल करके, स्टीम करके, हल्का भूनकर या सलाद और पास्ता में मिलाकर खा सकते हैं. करीब 100 ग्राम शतावरी में लगभग 2.2 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जो इसे हल्का लेकिन पोषण से भरपूर विकल्प बनाता है. मशरूम तकनीकी रूप से फंगस है, लेकिन पोषण गुणों की वजह से इसे सब्जियों की श्रेणी में शामिल किया जाता है. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, बी विटामिन्स और सेलेनियम व कॉपर जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. मशरूम में फैट और कैलोरी काफी कम होती है, इसलिए वजन कंट्रोल करने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इसे हल्का भूनकर, ग्रिल करके, रोस्ट करके या सूप, पिज्जा, पास्ता और स्टर फ्राई जैसी डिश में मिलाकर खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम मशरूम में लगभग 3.1 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह स्वाद और पोषण दोनों देने वाला शानदार प्लांट बेस्ड विकल्प बन जाता है. कॉलर्ड ग्रीन्स एक पौष्टिक हरी पत्तेदार सब्जी है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन K और फाइबर पाया जाता है. यह हड्डियों को मजबूत रखने, पाचन बेहतर करने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार मानी जाती है. इसमें फैट बहुत कम होता है, इसलिए हेल्दी और बैलेंस डाइट के लिए यह अच्छा विकल्प है. कॉलर्ड ग्रीन्स को हल्का भूनकर, सूप या स्टू में डालकर खाया जा सकता है. इसे लो-कार्ब मील्स में रैप की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है. करीब 100
घीया-चना दाल रेसिपी: बच्चे भी मांगकर खाएंगे घीया चने की दाल, सेहत के लिए भी अच्छा; लाजवाब जवाब में जानें आसान रेसिपी

अक्सर घरों में यह सवाल होता है कि खाने में क्या बनाया जाए, जो जल्दी भी बन जाए और सेहतमंद भी हो। अगर आप भी रोज की वही दाल-सब्जी से बोर हो गए हैं, तो घीया चने की दाल एक बेहतरीन रैंकिंग है। इसे लौकी चना दाल भी कहा जाता है. यह उन लोगों के लिए खास है जो लोकी की साधारण सब्जी खाना पसंद नहीं करते। इस तरीके से बनी दाल इतनी स्वादिष्ट होती है कि बच्चे भी इसे शौक से खाते हैं। घीया चने की दाल कैसे बनायें? सबसे पहले चने की दाल को धोकर कुकर में 3 कप पानी, हल्दी, नमक, हींग और अदरक के साथ। 3 सिटी तक आने वाले जहाज़ और स्टीम जहाज़ का इंतज़ार करें।एक अलग पैन में घी गर्म करें। जीरा और हींग का तड़का धागा। अब टमाटर नामांकित राक्षस तक।अब इसमें हरी मिर्च, गर्म मसाला, धनिया पाउडर और आठवीं लाल मिर्च डालें। इसके बाद कटी हुई लॉकी स्माल्टम।तैयार है तैयार को मसाले वाली हुई दाल में। एक-दूसरे में डूबा-मिल जाए।आखिरी में कटे हरे धनिए से गार्निश करें। आप स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा नींबू का रस भी डाल सकते हैं। यह डिश पारंपरिक और प्रोटीन से भरपूर है, साथ ही इसे बनाना भी बेहद आसान है। गरम गरम रोटियों के साथ इसका स्वाद लाजवाब लगता है। आज ही अपने किचन में इसे बनाएं और अपने परिवार को खिलाएं।
एग्जिट पोल 2026: तमिलनाडु में टीवीके ने दिया झटका, असम में एनडीए का तूफान, एलडीएफ को मोही, लेकिन बंगाल में छाया सैस्पेंस

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित टीएमसी को पश्चिम बंगाल में पार्टी कम मीटिंग का आसरा। एग्ज़िट पोल नतीजे 2026: पश्चिम बंगाल में रविवार (29 अप्रैल, 2026) को दूसरे चरण के मतदान के साथ देश के चार राज्यों – असम, पश्चिम बंगाल, केरलम, तमिलनाडु और एक केंद्र प्रदेश पुडुचेरी में क्षेत्रीय चुनाव हुए। मतदान के खत्म होने के साथ ही सभी राज्यों के एकांतिक पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में स्पष्ट बहुमत के साथ दो राज्यों और एक केंद्र साझा प्रदेश में सरकार का नजरिया नजर आ रहा है। वहीं, एलेक्टिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन यूडीएफ पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने पर नजर बनाए हुए है। जबकि तमिलनाडु में सुपरमार्केट एमके स्टालिन की पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन एक बार फिर से सत्ता में वापसी कर सकता है। पश्चिम बंगाल में एलेक्टिट पोल के आंकड़े क्या हैं? पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में चुनावी रैली निकली हैं। पोल डॉक्यूमेंट के सर्वेक्षण में सामने आए एक्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, 15 साल से पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी डेमोक्रेटिक कांग्रेस (टीएमसी) सरकार इस बार चुनाव में डगमगाती हुई नजर आ रही है, जबकि नामांकित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) स्पष्ट बहुमत के साथ राज्य में सरकार बना सकती है। मैट्रिज- बीजेपी को 146-161, टीएमसी को 125-140, अन्य को 6-10 सीटें मिल सकती हैं. चाणक रणनीति- बीजेपी को 150-160, टीएमसी को 130-140, अन्य को 6-10 सीटें. पेज पोल – बीजेपी को 178-208, टीएमसी को 85-110, अन्य को 0-5 सीटें। पोल डायरी- बीजेपी को 142-171, टीएमसी को 99-127, अन्य को 5-9 सीटें. पी-मार्क- बीजेपी को 150-175, टीएमसी को 118-138, अन्य को 2-6 सीटें. पीपल्स पल्स- बीजेपी को 95-110, टीएमसी को 178-189, अन्य को 1-3 सीटें मिल सकती हैं. असम में भाजपा को स्पष्ट बहुमत, कांग्रेस पार्टी एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार एक बार फिर से सत्ता में लौटती नजर आ रही है। वहीं, इस वैश्विक मैदान में प्लास्टिक कांग्रेस पार्टी भोजती हुई दिख रही है। मैट्रिज- बीजेपी को 88-98, कांग्रेस को 22-32, अन्य को 3-5 सीटें मिल सकती हैं। चाणक्य रणनीति- बीजेपी को 85-95, कांग्रेस को 25-32, अन्य को 6-12 सीटें. पोल डायरी- बीजेपी को 86-101, कांग्रेस को 15-26, अन्य को 3-7 सीटें. एक्सिस माई इंडिया – बीजेपी को 88-100, कांग्रेस को 24-36, अन्य को 0 बढ़त। यह भी पढ़ें: असम एग्जिट पोल: असम में एनडीए की प्रचंड वापसी, हिमंता मैजिक के सामने कांग्रेस पास्ट तमिल में फिर से लौटी रही स्टालिन सरकार? एक्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, मुख्यमंत्री एमके स्टॉल की स्टॉफ-स्कूल सरकार एक बार फिर से तमिलनाडु की सत्ता में वापसी कर सकती है। मैट्रिज के सर्वेक्षण आंकड़ों के तहत अन्नाद्रमुक एमके स्टालिन की पार्टी को टक्कर देने की नजर आ रही है। जबकि थलापति विक्ट्री की पार्टी टीवीके को इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के अनुसार 98-120 पर्यवेक्षी बैठक का अनुमान है। मैत्रिज – डीएमके को 122-132, एआईएडीएमके को 87-100, टीवीके को 10-12, अन्य को 10-18 सीटें। चाणक रणनीति- डीएमके को 145-160, एआईएडीएमके को 50-65, टीवीके को 00, अन्य को 18-26 सीटें। पोल डायरी- डीएमके को 148-168, एआईएडीएमके को 61-81, टीवीके को 00, अन्य को 01-09। पेज पोल – डीएमके को 148-168, एआईएडीएमके को 61-81, टीवीके को 00, अन्य को 01-09। टैग-एक्सिस माई इंडिया – डीएमके को 92-110, एआईएडीएमके को 22-32, टीवीके को 98-120, अन्य को 00 इंडिया बढ़त। केरल में कांग्रेस को मिल सकती है सत्ता वहीं, एलेक्टिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, केरल में इस बार कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन को सत्ता मिल सकती है। व्हीशुअल पार्टनरशिप एलायंस एलडीएफ स्टॉक एक्सचेंज में पिछलग्गू बनी हुई है। मैट्रिज- एलडीएफ+ को 60-65, कांग्रेस+ को 70-75, बीजेपी को 00, अन्य को 05-09 सीटें. चाणक्य रणनीति- एलडीएफ+ को 58-64, कांग्रेस+ को 72-80, बीजेपी को 00, अन्य को 03-07 सीटें. पीपल्स पल्स – एलडीएफ+ को 55-65, कांग्रेस+ को 75-85, बीजेपी को 00-03, अन्य को 00 प्रतिशत। टैग-एक्सिस माई इंडिया – एलडीएफ+ को 49-62, कांग्रेस+ को 78-90, बीजेपी को 00-03, अन्य को 00 इंडिया बढ़त। पुडुचेरी में किसे मिल रही बहुमत? केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एलेक्टिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बहुमत के साथ सरकार बना रही है। जबकि कांग्रेस पार्टी चुनावी मैदान में पिछड़ती दिख रही है। पेज पोल – बीजेपी+ को 19-25, कांग्रेस+ को 06-08, अन्य को 00 प्रवेश। इंडिया टैग-एक्सिस माय इंडिया – बीजेपी+ को 16-20, कांग्रेस+ को 06-08, अन्य को 03-07 से बढ़त मिल सकती है। यह भी पढ़ें: केरल में 10 साल बाद सत्ता में बहुमत के संकेत, कांग्रेस के पक्ष में बहुमत, क्या कहते हैं ‘पोल ऑफ पोल्स’ के आदर्श
पश्चिम बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद रिकॉर्ड मतदान, पहली बार मतदान 92 फीसदी के पार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्ड मतदान ने इतिहास रच दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, राज्य में पहले और दूसरे चरण के बाद पहली बार मतदान का आंकड़ा 92 प्रतिशत के पार है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 91.78 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे और अंतिम चरण में 29 अप्रैल को 91.71 प्रतिशत मतदान हुआ था। विद्युत आयोग के अनुसार, यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है, जो 2011 के 84.72 प्रतिशत के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया है। बंगाल चुनाव में बम्पर वोट इस चुनाव में खास बात यह रही कि महिला भागीदारी में पुरुषों से ज्यादा रही। महिलाओं ने करीब 93.24 प्रतिशत मतदान किया, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 91.74 रहा. राज्य में मुख्य मुकाबला कैथोलिक कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच देखा गया। दोनों ने ही भारी मतदान को अपने पक्ष में सम्राट का संकेत बताया है। दक्षिण बंगाल के प्रमुख क्षेत्र कोलकाता, हावड़ा, हुगली, नादिया और उत्तर-दक्षिण 24 परगना में लंबी कतारें, राजनीतिक तनाव और चिटपुट हिंसा के बीच झड़प हुई। ये इलाक़ा पर्यटन स्थल से बेहद पुराने माने जाते हैं। नॉर्दर्न बनाम बीजेपी का मुकाबला वोटिंग के दौरान कुछ जगहों पर स्टॉकहाउस, स्टॉकहाउस, स्टॉकहोम और चार्ज-प्रत्यारोप की घटनाएं भी सामने आईं। ममता बनर्जी ने भाजपा पर केंद्रीय विचारधारा के समर्थकों का आरोप लगाया, जबकि नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “हतशा” बताया। कुल मिलाकर, रिकॉर्ड मतदान से यह साफ हो गया है कि इस बार का चुनाव बेहद कठिन और ठंडा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इतनी बड़ी हिस्सेदारी सत्ता परिवर्तन का संकेत बिंदु है या यूक्रेन कांग्रेस अपने शेयर बाजार में रहता है। ये भी पढ़ें: बंगाल के इन दो वोट पोल में भाजपा हुई साफ, ममता बनर्जी की फिर से बनी रही सरकार
रतलाम RDA अध्यक्ष बने मनोहर पोरवाल:प्रवीण सोनी और गोविंद काकाणी उपाध्यक्ष; कार्यकारिणी में पांच सदस्य भी शामिल

लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार रतलाम विकास प्राधिकरण (आरडीए) के पद पर मनोहर पोरवाल को अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। इनके साथ ही पहली बार दो उपाध्यक्ष व पांच सदस्यों को कार्यकारिणी सदस्य भी नियुक्त किया है। प्रवीण सोनी और गोविंद काकाणी को उपाध्यक्ष बनाया है। कार्यकारिणी में राजेंद्र सिंह गोयल, राजेंद्र मौर्य, धीरज व्यास, राखी व्यास और किरण महावर को शामिल किया है। बता दे कि राज्य शासन ने अन्य जिलो में आरडीए के पद पर नियुक्ति कर दी थी। लेकिन रतलाम को लेकर होल्ड कर रखा था। पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल भी नए अध्यक्ष के पद की दौड़ में थे। अशोक पोरवाल प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खास समर्थकों में से है। लेकिन उनकी नहीं चली। मंत्री काश्यप के खास समर्थक है पोरवाल नए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल मंत्री व रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप के खास समर्थकों में से है। इसके पहले भी वह पार्टी में कई पदों पर रह चुके है। बुधवार शाम को राज्य शासन ने नियुक्ति का आदेश जारी किया। नियुक्ति के बाद नए अध्यक्ष पोरवाल ने भोपाल में सीएम डॉ. मोहन यादव व कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप से मुलाकात की। जारी आदेश में राज्य शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सभी नियुक्तियां संबंधित पदाधिकारियों द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी मानी जाएंगी। ये नियुक्तियां आगामी आदेश तक लागू रहेंगी।
पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी में फिर खिल सकता है कमल, एनडीए को 18+ बढ़त, बहुमत के जादुई आंकड़े पार

पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी की 30 वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में एक अलग-अलग चुनावी पोल सामने आया है और अब एक साझा रुझान की ओर इशारा किया जा रहा है। ‘पोल ऑफ पोल्स’ के सम्मिलित विश्लेषण में एनडीए स्पष्ट बढ़त के साथ उभरता दिख रहा है। 30 विधानसभा वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 16 है और ज्यादातर सर्वे एनडीए को इस आंकड़े के पार ले नजर आ रहे हैं. एनडीए की मजबूत स्थिति तीन प्रमुख विचारधारा एक्सिस माय इंडिया, पीपल्स पल्स और प्रजा पोल के आंकड़ों पर नजर डालें तो एनडीए की स्थिति मजबूत दिख रही है। एक्सिस माई इंडिया के अनुसार एनडीए को 16 से 20 प्रवेश मिल सकते हैं, जिससे वह बहुमत के करीब या शीर्ष पर पहुंच जाएगी। पीपल्स पल्स भी एनडीए को 16 से 20 फ़्रैंचाइज़ी के फ़्लोरिडा में ले जाता है, जबकि प्रजा पोल सबसे बड़ा अनुमान देता है कि एनडीए 19 से 25 फ़्लोरिडा तक पहुँच रहा है। इन त्रिस्तरीय सर्वेक्षण का औसत यही संकेत देता है कि एनडीए पुडुचेरी में सरकार बनाने की स्थिति में है। कांग्रेस गठबंधन पीछे, लेकिन उम्मीद है दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन इन अध्ययनों में पीछे नजर आ रहा है। एक्सिस माय इंडिया उसे 6 से 8 दर्शन देता है, जबकि पीपुल्स पल्स के अनुसार उसे 10 से 12 प्रवेश मिल सकते हैं, जो उसके लिए थोड़ा बेहतर संकेत है। प्रजा पोल का अनुमान 6 से 10 के बीच है। कुल मिलाकर कांग्रेस गठबंधन के लिए चित्र-चित्र दिखाई दे रहे हैं, हालांकि कुछ सर्वेक्षणों में उन्हें कांग्रेस गठबंधन तक पहुंचने की संभावना भी बताई जा रही है। TVK की सीमित लेकिन महत्वपूर्ण भूमिकाइस चुनाव में एक दिलचस्प तथ्य TVK (तमिलगा वेत्री कज़गम) का भी परिचय है। एक्सिस माई इंडिया के मुताबिक उसे 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं, लेकिन पीपल्स पल्स और प्रजा पोल दोनों ही उसे कोई सीट नहीं देते। इसका संकेत यह है कि टीवीके का प्रभाव सीमित रह सकता है और वह कुछ चुनिंदा स्पीकर तक ही सीमित रह सकता है। अन्य विद्वानों की भूमिका भी अहमअन्य आश्रम और आश्रमों में 0 से 3 आश्रम जाने का अनुमान है। संख्या भले ही कम हो, लेकिन कुल मिलाकर एकजुटता सरकार बनाने के अनुपात को प्रभावित कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषण: छोटे राज्यों में बड़ा असरअलग-अलग सर्वे में बहुमत के आंकड़े में अंतर जरूर है, लेकिन रुझान एक ही दिशा में है- एनडीए बहुमत के करीब या उससे आगे। राजनीतिक सिद्धांत का मानना है कि छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थानीय मुद्दे, अभ्यर्थियों की छवि और कम नामांकन के गणित को तेजी से बदला जा सकता है। ऐसे में 2-3 का फर्क भी शक्ति का संतुलन बदला जा सकता है। अगर ‘पोल ऑफ डेमोक्रेटिक पोल्स’ की बात करें तो पुडुचेरी में एनडीए को स्पष्ट बढ़त दिख रही है। अनुमान के मुताबिक एनडीए करीब 18 सीटों पर बहुमत में है, जबकि कांग्रेस करीब 9 सीटों पर बहुमत पर नजर रख रही है। टीवीके को 2 और अन्य के 1 सीट जाने का अनुमान है, जिससे एनडीए की सरकार का गठन दिख रहा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)एनडीए पुदुचेरी(टी)कांग्रेस गठबंधन पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एनडीए पुडुचेरी(टी)कांग्रेस गठबंधन पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एक्सिस माई इंडिया(टी)पीपुल्स पल्स(टी)प्रजा पोल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)(टी)एनडीए सीटें पुडुचेरी(टी)कांग्रेस सीटें पुडुचेरी(टी)चुनाव सर्वेक्षण भारत(टी) डेल पुडुचेरी(टी)कांग्रेस पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एक्सिस माई इंडिया(टी)पीपुल्स पल्स(टी)प्रजा पोल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)प्रदर्शनी पुडुचेरी(टी)कांग्रेस बढ़त पुडुचेरी








