उमरिया में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि-बारिश:आम की फसल को नुकसान की आशंका; तापमान में गिरावट से राहत

उमरिया जिले में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ बारिश और कई स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई। इस अचानक बदलाव से आम की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और उमरिया, मानपुर सहित पूरे क्षेत्र में बारिश हुई। जिला मुख्यालय की सब्जी मंडी में भी मौसम के बदले मिजाज का असर दिखा, जहां बारिश और ओलों के कारण अफरातफरी मच गई। लोग अपनी दुकानों और सामान को बचाने में जुटे रहे। उड़द की फसल पर मौसम का प्रतिकूल प्रभाव कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह ने बताया कि इस बारिश और ओलावृष्टि से आम की फसल को नुकसान हो सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि आने वाले दिनों में बारिश जारी रहती है, तो गर्मी में बोई जाने वाली मूंग और उड़द की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते दिनों में जिले के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया था। 25 अप्रैल को अधिकतम 43.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22.3 डिग्री दर्ज किया गया। इसके बाद 26 अप्रैल को अधिकतम 43.7 डिग्री व न्यूनतम 25.0 डिग्री, 27 अप्रैल को अधिकतम 43.2 डिग्री व न्यूनतम 25.4 डिग्री सेल्सियस, 28 अप्रैल को अधिकतम 43.5 डिग्री व न्यूनतम 29.4 डिग्री सेल्सियस और 29 अप्रैल को अधिकतम 41.5 डिग्री व न्यूनतम 27.6 डिग्री रहा। 30 अप्रैल को 3.2 मिमी बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिसके परिणामस्वरूप अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस दिन न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री रहा।
गर्मियों में करते हैं वर्कआउट, तो भूलकर भी न पहनें इस फैब्रिक के जिम वियर, जानें कौन सा कपड़ा है बेस्ट

Mens gym wear in summer: गर्मी हो या सर्दी, जो लोग जिम जाकर वर्कआउट रेगलुर करते हैं, वे हर दिन जिम जाना पसंद करते हैं. फिर चाहे कितनी भी भीषण गर्मी क्यों न पड़ रही हो. इनके लिए अपनी फिटनेस सबसे बढ़कर होती है. लेकिन, वर्कआउट करते समय एक बात सबसे ज्यादा परेशान करती है पसीने से गीले कपड़े जो शरीर से बार-बार चिपक जाते हैं. यह काफी इर्रिटेट करता है. ऐसे में जिम में भी सही फैब्रिक के कपड़ों का चुनाव करना जरूरी है, ताकि पसीना एब्जॉर्ब हो जाए. गर्मी में पुरुषों के लिए जिम में घंटों वर्कआउट करने के लिए अंडरवियर और फिटनेस वियर का फैब्रिक कैसा होना चाहिए, ताकि पसीने से ये गीले ना हों, तो इस वीडियो में आप सही जानकारी पा सकते हैं. यूट्यूब चैनल Health & Beauty with Arun पर शेयर किए गए इस वीडियो में ये बताया गया है कि गर्मी में अंडरवियर और फिटनेस वियर का फैब्रिक कैसा हो, ताकि आप कंफर्टेबल महसूस करें और स्किन की सेहत भी अच्छी बनी रहे. गलत फैब्रिक के फिटनेस वियर पहनने से पसीना तो अधिक आएगा ही, साथ ही खुजली, बदबू, फंगल इंफेक्शन आदि समस्याएं भी बढ़ सकती हैं. जानिए सही फैब्रिक का चुनाव करके पुरुष वर्कआउट के दौरान स्किन की सेहत और हाइजीन का ध्यान कैसे रखें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल एयरलाइंस के मैप में जम्मू-कश्मीर को पाक का हिस्सा दिखाया: विवाद के बाद 24 घंटे में माफी

नेपाल एयरलाइंस ने सोशल मीडिया पर साझा नेटवर्क मैप में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान का हिस्सा दिखा दिया। पोस्ट वायरल होने के बाद वैश्विक स्तर पर विरोध हुआ, जिसके बाद एयरलाइन ने 24 घंटे के भीतर माफी जारी कर इसे ‘मैप की गलती’ बताया। बुधवार को नेपाल एयरलाइंस के सोशल मीडिया हैंडल से एक रूट मैप शेयर किया गया। इस मैप में भारत के जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को पाकिस्तान के क्षेत्र के रूप में दिखाया गया था। यह पोस्ट X और फेसबुक पर तेजी से वायरल हो गया। भारतीय यूजर्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और एयरलाइन की आलोचना की। विवाद बढ़ने के बाद नेपाल एयरलाइंस ने 24 घंटे के भीतर माफी जारी की। एयरलाइन ने कहा कि यह एक ‘कार्टोग्राफिक इनएक्युरेसी’ थी और भविष्य में ऐसी गलती नहीं होगी। मामले को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और एविएशन मिनिस्ट्री नेपाल के समक्ष कूटनीतिक विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने भारत को 657 प्राचीन कलाकृतियां लौटाईं: 1.4 करोड़ डॉलर की विरासत वापस अमेरिका ने भारत को करीब 1.4 करोड़ डॉलर मूल्य की 657 प्राचीन कलाकृतियां लौटाई हैं। ये कलाकृतियां तस्करी नेटवर्क के जरिए विदेश पहुंचाई गई थीं, जिन्हें जांच के बाद बरामद कर वापस किया गया। मैनहटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एल्विन ब्रैग ने मंगलवार को इन कलाकृतियों की वापसी की घोषणा की। ये सभी कलाकृतियां अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जांच के दौरान बरामद की गईं। जांच में बदनाम आर्ट डीलर सुभाष कपूर और तस्कर नैन्सी वीनर से जुड़े नेटवर्क सामने आए। इन नेटवर्क्स के जरिए भारत समेत कई देशों की सांस्कृतिक धरोहर की चोरी और बिक्री की जाती थी। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की काउंसल राजलक्ष्मी कदम की मौजूदगी में कलाकृतियां लौटाई गईं। भारत के महावाणिज्य दूत बिनय प्रधान ने अमेरिकी एजेंसियों के सहयोग की सराहना की। लौटाई गई वस्तुओं में 20 लाख डॉलर की अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा शामिल है, जो छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित संग्रहालय से चोरी हुई थी। इसके अलावा मध्य प्रदेश के मंदिर से चोरी की गई नृत्यरत गणेश की मूर्ति भी शामिल है। एक लाल बलुआ पत्थर की बुद्ध प्रतिमा भी वापस की गई है, जिसकी कीमत करीब 75 लाख डॉलर बताई गई। यह प्रतिमा भी तस्करी कर अमेरिका पहुंचाई गई थी। मैनहटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी की एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट अब तक 6200 से ज्यादा सांस्कृतिक वस्तुएं बरामद कर चुकी है, जिनकी कुल कीमत 485 मिलियन डॉलर से अधिक है। इनमें से 5900 से ज्यादा वस्तुएं 36 देशों को लौटाई जा चुकी हैं। अधिकारियों ने कहा कि अभी भी कई कलाकृतियां विदेशों में हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।
युवा कांग्रेस को 8 दिन में मिले 7 करोड़ रुपए:रोज 1 करोड़ से ज्यादा मेंबर बन रहे; कांग्रेस को पिछले साल मिला 25 करोड़ का चंदा

राजस्थान में 8 दिन में युवा कांग्रेस के 9 करोड़ से ज्यादा मेंबर बन चुके हैं। इससे मेंबर फीस से कुल करीब 7 करोड़ रुपए मिले हैं। युवा कांग्रेस के चुनाव के दौरान रोज 1 करोड़ रुपए संगठन के फंड में आ रहे हैं। दूसरी ओर, पिछले एक साल में कांग्रेस पार्टी को पूरे राजस्थान से केवल 25 करोड़ रुपए का चंदा मिला था। युवा कांग्रेस के चुनाव के लिए हर बार पार्टी का सदस्य बनना पड़ता है। हर सदस्य के लिए इस बार 75 रुपए शुल्क जमा कराना अनिवार्य है, तभी वह वोटिंग कर सकता है। राजस्थान में युवा कांग्रेस चुनाव के लिए 21 अप्रैल से सदस्यता अभियान और वोटिंग शुरू हुई है। वोटिंग प्रक्रिया 20 मई तक चलेगी। रोज सवा लाख वोट पड़ रहे जानकारी के अनुसार- चुनाव में रोजाना करीब सवा लाख वोट पड़ रहे हैं। मेंबर फीस के हिसाब से यह राशि करीब एक करोड़ रुपए जमा हो रही है। कांग्रेस के बड़े नेताओं के अपने-अपने युवा चेहरे प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए मैदान में हैं। इस कारण बड़े नेताओं के भी खास कार्यकर्ता इस अभियान में लगे हैं। जो भी चेहरा प्रदेशाध्यक्ष बनेगा, उससे जुड़े नेता का कद अपने आप में पूरे प्रदेश में बड़ा माना जाएगा। इस लड़ाई में बड़े चेहरों का वजूद दांव पर है। इसमें मुख्य रूप से यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए अभिषेक चौधरी को पूर्व सीएम अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा गुट से माना जा रहा है। वहीं अनिल चौपड़ा को सचिन पायलट गुट का प्रत्याशी माना जा रहा है। 8 दिन में 9.32 लाख मेंबर बनाए प्रदेश में करीब 7 हजार से ज्यादा युवा अलग-अलग पदों के लिए चुनाव मैदान में हैं। ये सब अपने पक्ष में वोटिंग कराने के लिए सदस्यता अभियान में जुटे हैं। एक वोटर प्रदेशाध्यक्ष, महासचिव, जिलाध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए वोट कर रहा है। 28 अप्रैल तक 8 दिन में कुल 9 लाख 32 हजार 175 मेंबर बनाए जा चुके हैं। इनमें से 5 लाख 41 हजार 514 मेंबर की करीब 4 करोड़ रुपए फीस जमा हो चुकी है। वहीं 3 लाख 90 हजार 661 मेंबर की फीस के करीब 3 करोड़ रुपए प्रक्रियाधीन है। पिछले चुनाव में 20 लाख मेंबर बने थे, इस बार बढ़ाई मेंबर फीस युवा कांग्रेस के पिछले चुनाव में कुल 20 लाख मेंबर बने थे। इनका शुल्क करीब 10 करोड़ रुपए जमा हुआ था। पिछली बार यह शुल्क प्रति सदस्य केवल 50 रुपए था। इस बार 75 रुपए है। युवा कांग्रेस के चुनाव में प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए 20 उम्मीदवार पिछली बार प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए 15 प्रत्याशी थे। इस बार प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए 20 प्रत्याशी हैं। इस बार निशा खींचड़, अनिल चौपड़ा, भगवती मीन, प्रकाश चंद मीना, अलफिजा, अभिषेक चौधरी, राजकुमार परसवाल, डिंपल, शीतल, तेजकरण चौधरी, छगन लाल, सुमन बानो, निरमा मेघवाल, पूजा भार्गव, दिव्यानी कटारा, शीतल कुमारी, यशमीन बानो, आशीष बैरवा, राहुल खान और मोहित मल्होत्रा मैदान में हैं। प्रदेशाध्यक्ष पद से लेकर ब्लॉक अध्यक्ष तक 7 हजार से ज्यादा युवा चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें से प्रदेश कार्यकारिणी, जिला कार्यकारिणी और ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारी सहित विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष भी चुने जाएंगे। युवा कांग्रेस के कार्यक्रमों में काम आता है फंड कांग्रेस के खैरथल-तिजारा जिलाध्यक्ष बलराम यादव ने बताया- युवा कांग्रेस के चुनाव पूरी पारदर्शिता से होते हैं। 35 साल तक के युवा सदस्य बन सकते हैं। यही वोट करते हैं। सदस्यता शुल्क से प्राप्त राशि युवा कांग्रेस के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के काम आती है। हर साल नए मेंबर बनाए जाते हैं। सबसे सदस्यता शुल्क लिया जाता है। इसकी जानकारी इंडियन यूथ कांग्रेस एप पर भी अपडेट होती रही है।
रुपया रिकॉर्ड ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.20 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

भारतीय रुपया आज यानी 30 अप्रैल को डॉलर के मुकाबले 95.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। मिडिल ईस्ट युद्ध और एनर्जी सप्लाई रुकावटों से यह गिरावट आई। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के मुताबिक, ईरान युद्ध जारी रहा तो रुपया 98 तक जा सकता है। विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते व्यापारिक तनाव की वजह से रुपए में यह गिरावट देखी जा रही है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।
रुपया रिकॉर्ड ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.20 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा

भारतीय रुपया आज यानी 30 अप्रैल को डॉलर के मुकाबले 95.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। मिडिल ईस्ट युद्ध और एनर्जी सप्लाई रुकावटों से यह गिरावट आई। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के मुताबिक, ईरान युद्ध जारी रहा तो रुपया 98 तक जा सकता है। विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते व्यापारिक तनाव की वजह से रुपए में यह गिरावट देखी जा रही है। साल 2026 की शुरुआत से ही रुपया दबाव में है। पिछले साल दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 90 के स्तर के पार गया था। डॉलर महंगा, भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।
जल्द ही और अधिक पलायन? पंजाब के लगभग 30 विधायकों के दूर रहने से AAP का शक्ति प्रदर्शन विफल रहा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:30 अप्रैल, 2026, 10:01 IST बैठक में कम उपस्थिति के कारण आंतरिक असंतोष और 2027 के पंजाब चुनाव से पहले और अधिक नेताओं के पाला बदलने की संभावना के बारे में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। बैठक में विधायकों के अलावा आप के करीब 1,000 ब्लॉक पर्यवेक्षक भी शामिल हुए. (फोटो: पीटीआई फाइल) आम आदमी पार्टी (आप), जो अपने सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद “अस्तित्व के संकट” का सामना कर रही है, ने एकता और ताकत दिखाने के प्रयास में अपने पंजाब विधायकों की एक बैठक बुलाई। हालाँकि, एकजुटता का प्रदर्शन कमज़ोर नज़र आया। पंजाब में पार्टी के 94 विधायकों में से लगभग 65 ने जालंधर के एक निजी विश्वविद्यालय में आयोजित बैठक में भाग लिया, जबकि शेष विधायक दूर रहे। ट्रिब्यून सूचना दी. बैठक में अपेक्षाकृत कम उपस्थिति से पार्टी की राज्य इकाई के भीतर आंतरिक असंतोष और 2027 के पंजाब चुनाव से पहले और अधिक नेताओं के पाला बदलने की संभावना के बारे में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। आप पंजाब प्रमुख अमन अरोड़ा, स्पीकर कुलतार सिंह संधवान, डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह राउरी, मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, मोहिंदर भगत सहित अन्य लोग इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए, जिसे पार्टी ने “नियमित” बताया। संजीव अरोड़ा और हरजोत सिंह बैंस सहित प्रमुख मंत्री गायब थे। होशियारपुर से सांसद राज कुमार चब्बेवाल पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) विधायकों की बैठक में शामिल हुए। हालाँकि, मालविंदर सिंह कांग और गुरुमीत सिंह उन लोगों में से थे जिन्होंने भाग नहीं लिया। आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसौदिया ने कहा कि अगर पार्टी एकजुट रहती है, तो यह एकता और संगठनात्मक ताकत में विश्वास का संकेत देते हुए “शताब्दी लगा सकती है”। विधायकों के अलावा, लगभग 1,000 आप ब्लॉक पर्यवेक्षकों ने भी बैठक में भाग लिया, जो अपने जमीनी स्तर के नेटवर्क को संगठित करने के पार्टी के प्रयास को रेखांकित करता है। आप पलायन आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता ने पिछले हफ्ते आप छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। इसके अलावा, शिरोमणि अकाली दल (SAD) नेता ने हाल ही में दावा किया है कि AAP के तीन में से दो लोकसभा सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। आप सांसदों के दलबदल के बाद पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा है कि 50 विधायक पंजाब में सत्तारूढ़ पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : चंडीगढ़, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 30 अप्रैल, 2026, 10:00 IST न्यूज़ इंडिया जल्द ही और अधिक पलायन? पंजाब के लगभग 30 विधायकों के दूर रहने से आप का शक्ति प्रदर्शन विफल हो गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आम आदमी पार्टी संकट(टी)आप पंजाब के विधायक(टी)आप का दलबदल(टी)राज्यसभा सांसद स्विच(टी)आप भाजपा का पलायन(टी)पंजाब राजनीतिक संकट(टी)2027 पंजाब चुनाव(टी)आप आंतरिक असंतोष
एग्जिट पोल: DMK-AIADMK में क्या है एग्जिट पोल?

तमिलनाडु एग्जिट पोल 2026: तमिल के एक्जिट पोल में एम के स्टालिन के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकारी फिल्म बनी हुई है। जाहिर है कि ये स्टूडेंटस के लिए संजीवनी का काम है, क्योंकि लगातार 10 साल की सरकार के बाद जो एंटी इंकंबेंसी है, स्टालिन कम करने में कामयाब रहे हैं। और वो भी तब जब विक्ट्री की टीवी के इस चुनाव में बेहद स्ट्रैटिजी लड़की है और उसका प्रदर्शन भी शानदार रहा है. इसके बावजूद अगर स्टालिन जीत की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं तो ये आने वाले दिनों में उस हिंदी विरोध को और धराशायी हो जाएंगे, जिसके जरिए वे बीजेपी को तमिल में घुमाएंगे। यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026: 15 साल बाद बंगाल में बदलेगी सत्ता? भाजपा बहुमत का जादुई पात्र हो सकती है रही बात आइआइए की, तो उद्यमियों के बाद पार्टी में जो टूट गई, उसकी पढ़ाई वो अब तक नहीं कर पाई है। बीजेपी के साथ लेने के बाद भी ई पलनीस्वामी तमिल में 30 से ज्यादा इंच की बढ़त की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं। जबकि राजनीति में नए-नए आए सुपर स्टार विजय अपनी पार्टी टीवी के जरिए न सिर्फ प्लास्टिक उपस्थिति दर्ज करवाकर ए आईए मीडियाके की जगह को खत्म करते दिख रहे हैं, बल्कि कुछ एकजुटता पोल में तो सबसे बड़ी विजय पार्टी उभरती हुई नजर आ रही हैं। एक्सिस माई इंडिया का लेक्चरर वाला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हुए कई चुनावी सर्वेक्षण किए गए हैं। एक्सिस माई इंडिया के अनुमानों के अनुसार, अभिनेता विक्ट्री की पार्टी तमीजगा वेत्री कदमगम (टीवीके) इस बार का सबसे बड़ा उलटफेर कर सकता है, जिसमें 98 से 120 एडवेंचर मीटिंग का अनुमान लगाया गया है। दूसरी ओर, फ्रांसिस्को डीएमके को 92 से 110 फ्रेमवर्क के साथ सीक्वल की झलक दिख रही है, जबकि दूसरी ओर राज्य की दूसरी प्रमुख शक्ति एआईएडीएमके को 22 से 32 फ्रेमवर्क पर नजर आ रही है। विजय की पार्टी का प्रदर्शन न केवल द्रविड़ राजनीति के पारंपरिक समीकरणों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि उन्हें सत्ता की कुंजी के रूप में यह दर्जा भी कायम रखा जा रहा है। यह भी पढ़ें- ‘मैं 1984 से चुनाव लड़ रही हूं, लेकिन इस बार…’, बंगाल में जीत को लेकर क्या बोल गईं ममता (टैग्सटूट्रांसलेट)डीएमके(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)तमिलनाडु एग्जिट पोल 2026(टी)एग्जिट पोल 2026(टी)चुनाव 2026(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)एमके स्टालिन(टी) डीएमके(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)तमिलनाडु डाकिट पोल 2026(टी)एग्जिट पोल 2026(टी)चुनाव 2026(टी)विधानसभा चुनाव 2026
दिल्ली के गृहमंत्री और गोवा के कैबिनेट मंत्री महाकाल पहुंचे:भस्म और दद्योदक आरती में शामिल हुए, नंदी हॉल से लिया भगवान का आशीर्वाद

श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार सुबह दो अलग-अलग राज्यों के मंत्री दर्शन के लिए पहुंचे। गोवा सरकार के कैबिनेट मंत्री सुभाष उत्तम फल देसाई भस्म आरती में और दद्योदक आरती में शामिल होने के लिए दिल्ली सरकार के गृहमंत्री आशीष सूद महाकाल मंदिर पहुंचे। गोवा सरकार के कैबिनेट मंत्री सुभाष उत्तम फल देसाई सुबह चार बजे मंदिर पहुंचे। उन्होंने नंदी हॉल से भगवान महाकाल की भस्म आरती देखी और चांदी द्वार से भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। सुबह 7:30 बजे होने वाली दद्योदक आरती में दिल्ली सरकार के गृह मंत्री आशीष सूद पहुंचे और नंदी हाल से दर्शन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। आरती के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा सुभाष उत्तम फल देसाई और गृह मंत्री आशीष सूद का स्वागत किया गया। गोवा के मंत्री सुभाष उत्तम फल देसाई ने कहा कि बहुत दिन से सोच रहा था दर्शन करने का। आज दर्शन बहुत अच्छे से हुए हैं। अपने जीवन काल में सभी की एक बार दर्शन के लिए आना चाहिए। सुभाष उत्तम ने मंदिर की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए कहा कि मंदिर समिति यहां पर भक्तों को दर्शन आसानी से करवा रही है।
Brain Stroke, Payment & Viral Reel

12 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘आशिकी’ फेम राहुल रॉय ने हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर के साथ वायरल हुए वीडियो पर रिएक्ट करते हुए एक इमोशनल पोस्ट लिखी। एक्टर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, मैं अपना काम ईमानदारी और विनम्रता के साथ करता हूं। मुझे कुछ लीगल मामलों के लिए पेमेंट करना है और ये आज के नहीं हैं, ये उस समय के हैं जब ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, उससे पहले के। अगर आप मेरी सादगी का मजाक उड़ाते हैं या मेरे संघर्षों पर हंसते हैं, तो यह मेरे बारे में कम और आपके बारे में ज्यादा बताता है। उन्होंने आगे यह भी लिखा, अगर आप सच में इतने चिंतित हैं, तो मेरी मदद करें कि मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम मिल सके, ताकि मैं इन मामलों का पेमेंट कर सकूं। कम से कम मैं मेहनत करके कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं और ब्रेन स्ट्रोक के बाद, मेरे लिए एक्टिव रहना जरूरी है। मैं जितने समय तक जीवित हूं, काम करना चाहता हूं। यह मेरे दिमाग को एक्टिव रखता है और मुझे उद्देश्य और जिम्मेदारी का एहसास कराता है कि मैं आज भी काम कर रहा हूं। हां, कभी-कभी थोड़ा दर्द हो सकता है, लेकिन आप मुझे तोड़ नहीं सकते। राहुल रॉय की पोस्ट। राहुल रॉय का यह वीडियो डॉ. वनिता घाडगे देसाई नाम के हैंडल से शेयर किया गया था। इसमें राहुल गाने ‘तेरे दर पे सनम’ पर कंटेंट क्रिएटर के साथ नजर आए। यह गाना 1993 की फिल्म ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ का है, जिसमें राहुल के साथ पूजा भट्ट थीं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने वीडियो को लेकर कहा था कि राहुल जबरदस्ती वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जबकि कुछ ने उनके एक्सप्रेशन की कमी पर सवाल उठाए। राहुल रॉय का एक और वीडियो वायरल हुआ था इससे पहले भी राहुल रॉय का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह मुंबई के वर्सोवा इलाके में टूटी सड़क पर सूटकेस लेकर चलते दिखे थे। साधारण लुक की वजह से कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… राहुल रॉय को फिल्म आशिकी से पहचान मिली थी राहुल रॉय ने 1990 में फिल्म ‘आशिकी’ से डेब्यू किया था। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था। इसके बाद उन्होंने ‘सपने साजन के’ और ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ जैसी फिल्मों में काम किया, जिनमें उनकी रोमांटिक इमेज देखने को मिली। हालांकि बाद की उनकी ‘गजब तमाशा’ और ‘गुमराह’ जैसी कई फिल्में चली नहीं और करियर धीमा पड़ गया। बिग बॉस से फिर मिली लोकप्रियता राहुल रॉय ने 2006 में टीवी शो ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन जीतकर दोबारा लोकप्रियता हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन में भी कदम रखा और फिल्म ‘एलान’ (2011) प्रोड्यूस की। हाल के कुछ सालों में उन्होंने ‘अदा… ए वे ऑफ लाइफ’, ‘टू बी ऑर नॉट टू बी’, और ‘आगरा’ जैसी इंडिपेंडेंट फिल्मों में काम किया। वो आखिरी बार 2023 में फिल्म ‘आगरा’ में दिखे थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







