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महापौर निधि का कानून में प्रावधान नहीं:ग्वालियर हाईकोर्ट में सरकार का जवाब, 6 मई को अगली सुनवाई; महापौर ने बताया भेदभावपूर्ण फैसला

महापौर निधि का कानून में प्रावधान नहीं:ग्वालियर हाईकोर्ट में सरकार का जवाब, 6 मई को अगली सुनवाई; महापौर ने बताया भेदभावपूर्ण फैसला

ग्वालियर में महापौर निधि पर रोक को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अपना जवाब पेश करते हुए इस रोक को पूरी तरह वैध बताया है। मामले की अगली सुनवाई 6 मई को होगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 2 मार्च को जारी आदेश में केवल महापौर निधि पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए ग्वालियर की महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। राज्य सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि नगर निगम अधिनियम में महापौर निधि का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है, इसलिए इस पर रोक लगाना पूरी तरह कानूनी है। महापौर की ओर से दायर याचिका में इस आदेश को भेदभावपूर्ण और नियमों के विरुद्ध बताया गया है। इसमें सवाल उठाया गया है कि जब सभापति और पार्षद निधि जारी रखी गई हैं, तो केवल महापौर निधि पर ही रोक क्यों लगाई गई। महापौर ने 2 मार्च के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग भी की है। अब 6 मई को होने वाली सुनवाई इस पूरे विवाद में अहम मानी जा रही है, जहां कोर्ट का रुख आगे की दिशा तय करेगा। याचिका में तीन मुख्य आपत्तियां रखी गई हैं

Supreme Court Dismisses Hate Speech Petitions; Cant Force Parliament Lawmaking

Supreme Court Dismisses Hate Speech Petitions; Cant Force Parliament Lawmaking

Hindi News National Supreme Court Dismisses Hate Speech Petitions; Cant Force Parliament Lawmaking नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हेट स्पीच से जुड़ी याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि अदालत संसद को कानून बनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर कानून बनाना विधायिका का अधिकार है। अदालत केवल जरूरत की ओर ध्यान दिला सकती है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि नीति बनाना और कानून तैयार करना विधायिका के दायरे में आता है। अदालत इसमें दखल नहीं दे सकती। कोर्ट ने यह फैसला उन याचिकाओं पर दिया, जिनमें केंद्र सरकार को हेट स्पीच और अफवाह फैलाने से जुड़े कानूनों की समीक्षा कर नया कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट बोला- हेट स्पीच को लेकर कानून में कोई खालीपन नहीं बेंच ने कहा कि मौजूदा कानूनी ढांचा हेट स्पीच जैसे मामलों से निपटने के लिए सक्षम है। समस्या कानून की कमी नहीं, बल्कि उसके लागू होने में देरी या असमानता की है। कोर्ट के मुताबिक कई मामलों में कार्रवाई समय पर नहीं होती या एक जैसी नहीं होती। कोर्ट ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि इस क्षेत्र में कोई कानूनी खालीपन है। कानून मौजूद हैं और उनमें ऐसे प्रावधान हैं, जो सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने या समुदायों के बीच तनाव फैलाने वाले व्यवहार से निपट सकते हैं। दिक्कत कानून की कमी नहीं, बल्कि उसके लागू होने के तरीके में है। कई मामलों में कार्रवाई में देरी होती है या कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल एक जैसा नहीं होता। SC की 5 मुख्य बातें… सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका काम नए अपराध तय करना या अलग से कोई नया ढांचा बनाना नहीं है, बल्कि मौजूदा कानूनों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित करना है। केवल तब हस्तक्षेप किया जा सकता है, जब कानून लागू करने में स्पष्ट विफलता दिखे। जहां पूरा कानूनी ढांचा मौजूद है, वहां अदालत को संयम रखना चाहिए और शक्तियों के विभाजन के सिद्धांत का पालन करना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का अहम आधार है, लेकिन यह असीमित नहीं है। सार्वजनिक व्यवस्था, गरिमा और सामाजिक सौहार्द के लिए इस पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ऐसा भाषण जो समाज में नफरत फैलाए या समुदायों के बीच तनाव बढ़ाए, वह लोकतंत्र को मजबूत नहीं करता, बल्कि भाईचारे, गरिमा और समानता के मूल्यों को नुकसान पहुंचाता है। हेट स्पीच अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का विकृत रूप है। केंद्र और राज्य सरकारें अपने विवेक से तय कर सकती हैं कि बदलती परिस्थितियों में नए कानून या संशोधन की जरूरत है या नहीं, जिसमें लॉ कमीशन की 2017 की 267वीं रिपोर्ट के सुझाव भी शामिल हो सकते हैं। ———- ये खबर भी पढ़ें… 15 साल साथ रहे, बच्चा भी है, यौन उत्पीड़न कैसे:सुप्रीम कोर्ट ने लिव इन रिलेशन पर कहा-इसमें जोखिम, कोई कभी भी अलग हो सकता है सुप्रीम कोर्ट ने महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा कि जब रिश्ता सहमति से था तो अपराध का सवाल कहां उठता है। महिला आरोपी के साथ 15 साल लिव इन रिलेशन में रही उससे उसे एक बच्चा भी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Supreme Court Dismisses Hate Speech Petitions; Cant Force Parliament Lawmaking

Supreme Court Dismisses Hate Speech Petitions; Cant Force Parliament Lawmaking

Hindi News National Supreme Court Dismisses Hate Speech Petitions; Cant Force Parliament Lawmaking नई दिल्ली41 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हेट स्पीच से जुड़ी याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि अदालत संसद को कानून बनाने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे पर कानून बनाना विधायिका का अधिकार है। अदालत केवल जरूरत की ओर ध्यान दिला सकती है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि नीति बनाना और कानून तैयार करना विधायिका के दायरे में आता है। अदालत इसमें दखल नहीं दे सकती। कोर्ट ने यह फैसला उन याचिकाओं पर दिया, जिनमें केंद्र सरकार को हेट स्पीच और अफवाह फैलाने से जुड़े कानूनों की समीक्षा कर नया कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। कोर्ट बोला- हेट स्पीच को लेकर कानून में कोई खालीपन नहीं बेंच ने कहा कि मौजूदा कानूनी ढांचा हेट स्पीच जैसे मामलों से निपटने के लिए सक्षम है। समस्या कानून की कमी नहीं, बल्कि उसके लागू होने में देरी या असमानता की है। कोर्ट के मुताबिक कई मामलों में कार्रवाई समय पर नहीं होती या एक जैसी नहीं होती। कोर्ट ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि इस क्षेत्र में कोई कानूनी खालीपन है। कानून मौजूद हैं और उनमें ऐसे प्रावधान हैं, जो सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने या समुदायों के बीच तनाव फैलाने वाले व्यवहार से निपट सकते हैं। दिक्कत कानून की कमी नहीं, बल्कि उसके लागू होने के तरीके में है। कई मामलों में कार्रवाई में देरी होती है या कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल एक जैसा नहीं होता। SC की 5 मुख्य बातें… सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका काम नए अपराध तय करना या अलग से कोई नया ढांचा बनाना नहीं है, बल्कि मौजूदा कानूनों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित करना है। केवल तब हस्तक्षेप किया जा सकता है, जब कानून लागू करने में स्पष्ट विफलता दिखे। जहां पूरा कानूनी ढांचा मौजूद है, वहां अदालत को संयम रखना चाहिए और शक्तियों के विभाजन के सिद्धांत का पालन करना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का अहम आधार है, लेकिन यह असीमित नहीं है। सार्वजनिक व्यवस्था, गरिमा और सामाजिक सौहार्द के लिए इस पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ऐसा भाषण जो समाज में नफरत फैलाए या समुदायों के बीच तनाव बढ़ाए, वह लोकतंत्र को मजबूत नहीं करता, बल्कि भाईचारे, गरिमा और समानता के मूल्यों को नुकसान पहुंचाता है। हेट स्पीच अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का विकृत रूप है। केंद्र और राज्य सरकारें अपने विवेक से तय कर सकती हैं कि बदलती परिस्थितियों में नए कानून या संशोधन की जरूरत है या नहीं, जिसमें लॉ कमीशन की 2017 की 267वीं रिपोर्ट के सुझाव भी शामिल हो सकते हैं। ———- ये खबर भी पढ़ें… 15 साल साथ रहे, बच्चा भी है, यौन उत्पीड़न कैसे:सुप्रीम कोर्ट ने लिव इन रिलेशन पर कहा-इसमें जोखिम, कोई कभी भी अलग हो सकता है सुप्रीम कोर्ट ने महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा कि जब रिश्ता सहमति से था तो अपराध का सवाल कहां उठता है। महिला आरोपी के साथ 15 साल लिव इन रिलेशन में रही उससे उसे एक बच्चा भी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Sensex Down 900 Pts, Nifty Falls 300; Auto, Banking Stocks See Major Selloff

Sensex Down 900 Pts, Nifty Falls 300; Auto, Banking Stocks See Major Selloff

Hindi News Business Sensex Down 900 Pts, Nifty Falls 300; Auto, Banking Stocks See Major Selloff मुंबई7 मिनट पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 30 अप्रैल को गिरावट है। सेंसेक्स करीब 1000 अंक की गिरावट के साथ 76,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 300 अंक की गिरावट है, ये 23,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटो, मेटल, बैंकिंग और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है। बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई चेन बिगड़ने का डर। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई बढ़ेगी। अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारत पर। एशियाई बाजार में आज गिरावट इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 6668 -35 -0.25% निक्केई (जापान) 59305 -613 -1.02% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 25757 -355 -1.28% 29 अप्रैल को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 48862 -280 -0.57% नैस्डैक 24673 +9 +0.04% S&P 500 7136 -3 -0.04% ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। बाजार में तेल की मजबूत डिमांड और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर चिंता बढ़ी है जिस वजह से ये तेजी आई है। हॉर्मुज को तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता माना जाता है। कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 29 अप्रैल को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 609 अंक (0.79%) की तेजी के साथ 77,496 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 182 अंक (0.76%) की तेजी रही, ये 24,178 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Sensex Nifty Crash; Stock Market BSE NSE Update

Sensex Nifty Crash; Stock Market BSE NSE Update

Hindi News Business Sensex Nifty Crash; Stock Market BSE NSE Update | Auto Banking Share Price मुंबईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक शेयर बाजार में आज यानी 30 अप्रैल को गिरावट है। सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 76,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 350 अंक की गिरावट है, ये 23,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटो, मेटल, बैंकिंग और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है। बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई चेन बिगड़ने का डर। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई बढ़ेगी। अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारत पर। एशियाई बाजार में आज गिरावट इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज कोस्पी (साउथ कोरिया) 6668 -35 -0.25% निक्केई (जापान) 59305 -613 -1.02% हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) 25757 -355 -1.28% 29 अप्रैल को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही इंडेक्स लेवल पॉइंट चेंज परसेंट चेंज डाउ जोन्स 48862 -280 -0.57% नैस्डैक 24673 +9 +0.04% S&P 500 7136 -3 -0.04% ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। 2022 के बाद पहली बार कच्चा तेल 120 डॉलर डॉलर के पार निकला है। बाजार में तेल की मजबूत डिमांड और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर चिंता बढ़ी है जिस वजह से ये तेजी आई है। हॉर्मुज को तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता माना जाता है। कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 29 अप्रैल को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 609 अंक (0.79%) की तेजी के साथ 77,496 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 182 अंक (0.76%) की तेजी रही, ये 24,178 पर बंद हुआ था। —————————————————————– बाजार ये जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रुपया रिकॉर्ड ऑल टाइम लो पर आया:1 डॉलर की कीमत 95.20 रुपए हुई, इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भारतीय रुपया आज यानी 30 अप्रैल को डॉलर के मुकाबले 95.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। मिडिल ईस्ट युद्ध और एनर्जी सप्लाई रुकावटों से यह गिरावट आई। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के मुताबिक, ईरान युद्ध जारी रहा तो रुपया 98 तक जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

सतना में आंधी-बूंदाबांदी से गर्मी से राहत:सुबह से बादलों का डेरा, रात का तापमान 3 डिग्री गिरकर 28.2 पर पहुंचा

सतना में आंधी-बूंदाबांदी से गर्मी से राहत:सुबह से बादलों का डेरा, रात का तापमान 3 डिग्री गिरकर 28.2 पर पहुंचा

सतना में भीषण गर्मी के बीच बुधवार रात से मौसम में अचानक बदलाव देखा गया। गुरुवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिली है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ यह 28.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। हालांकि, बुधवार को दिन भर तेज धूप और बादलों की आवाजाही के बावजूद गर्मी से खास राहत नहीं मिली थी। उमस और तपिश ने जनजीवन को प्रभावित किया था, लेकिन गुरुवार सुबह हुई बूंदाबांदी से स्थिति में सुधार हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में बने पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश-हरियाणा में बने ऊपरी चक्रवात के कारण एक ट्रफ लाइन मणिपुर से मध्य प्रदेश तक बनी हुई है। इन्हीं मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से सतना समेत रीवा संभाग में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश तेज हवाओं के साथ होने की संभावना है।

बंगाल एग्जिट पोल 2026: एलेक्टोरल पोल में नामांकन के लिए क्या है सबक? पढ़ें

बंगाल एग्जिट पोल 2026: एलेक्टोरल पोल में नामांकन के लिए क्या है सबक? पढ़ें

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल चुनाव घोषणा के तुरंत बाद आए एक्जालिट पोल में यह बात कही जा रही है कि अब ममता बनर्जी की बंगाल की सत्ता से विदाई तय है। पिछले 15 वर्षों से सत्य पर साइंटिस्ट ममता बनर्जी वामपंथ के 35 वर्षों में निर्मित गढ़ को ध्वस्त कर सत्ता में आई थी। लेकिन बीजेपी ने 15 साल में ही ममता की प्रेमिका की स्क्रिप्ट लिखी है. लंबे समय तक सत्ता विरोधी रहे शासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए और बंगाल में लगातार हो रही हिंसा ने ममता बनर्जी की सरकार को लोगों का भरोसा दिलाया है। जहां पहले कांग्रेस और फिर वामपंथियों के दलबदल से खाली पड़े पद पर लगातार पार्टी की कोशिश की जा रही थी और इस बार एलेक्टिट पोल के आंकड़े बता रहे हैं कि बीजेपी की वह कोशिश भी कामयाब हो रही है. यह भी पढ़ें- ‘मैं 1984 से चुनाव लड़ रही हूं, लेकिन इस बार…’, बंगाल में जीत को लेकर क्या बोल गईं ममता इस सर्वे में इस बात का भी संकेत दिया गया है कि सत्ता के केंद्र में सिर्फ एक विशेष के जरिए राजनीति करने के लिए भारी मात्रा में पार्टी को नुकसान पहुंचाया गया है और इस चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचाया गया है। हालाँकि यथार्थवादी के लिए ये चुनावी समीकरण भी ख़राब नहीं हो रहे हैं, क्योंकि डेमोलिट पोल भले ही भाजपा को बहुमत दिखा रहे हों, लेकिन यथार्थवादी भी बहुत कम आयाम से ही भाजपा पीछे है। यह भी पढ़ें- तमिलनाडु एग्जिट पोल 2026: तमिल नाडु एग्जिट पोल में लोकसभा! स्टालिन नहीं उदाहरण सीएम बनाना चाहती है जनता, जानें नाम यदि वैज्ञानिक इस समग्र सर्वेक्षण से सीख सकते हैं तो उनके लिए एक सबक अवश्य है कि केवल मां-माटी और मानुष के नारों के माध्यम से सत्य पर लंबे समय तक अध्ययन नहीं किया जा सकता है, बल्कि उनके लॉ एंड ऑर्डर, रोजगार और जनता की विचारधारा को पूरा करना भी जरूरी है। आरजी कर रेप केस और संदेशखाली जैसे कि ममता सरकार की ढिलाई ने लोगों को बर्बाद कर दिया, कोल अलाबामा में ममता बनर्जी की पॉलिटिकल कैबिनेट में आईपैक वाली आईपैक के फंसने और उन्हें बचाने के लिए ममता बनर्जी का खुद आईपैक के लिए रियायती जाने का आश्वासन न सिर्फ कोर्ट में बैकफायर कर दिया गया, बल्कि जनता के बीच भी ममता की छवि नकारात्मक बनी। इन सबका रिजल्ट एकांकीत पोल के आंकड़ों में छिपा हुआ है।

Atletico Arsenal Champions League Semifinal Draw

Atletico Arsenal Champions League Semifinal Draw

Hindi News Sports Atletico Arsenal Champions League Semifinal Draw | London Leg Decides Final 20 मिनट पहले कॉपी लिंक चैंपियंस लीग सेमीफाइनल में आर्सेनल और एटलेटिको 1-1 से ड्रॉ, दोनों गोल पेनल्टी से हुए। UEFA चैंपियंस लीग (UCL) के पहले सेमीफाइनल में बुधवार रात एटलेटिको मैड्रिड और आर्सनल का मैच 1-1 से बराबर रहा। मेट्रोपॉलिटानो स्टेडियम में खेले गए मैच में दोनों गोल पेनल्टी से आए। विक्टर ग्योकेरेस ने आर्सनल को बढ़त दिलाई। जूलियन अल्वारेज ने एटलेटिको के लिए बराबरी की। अब दोनों टीमों की नजरें अगले मंगलवार लंदन में होने वाले दूसरे लेग पर हैं। जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी। दोनों गोल पेनल्टी से हुए, आर्सनल का दूसरा पेनल्टी कॉल VAR ने पलटा मैच के 44वें मिनट में विक्टर ग्योकेरेस को बॉक्स में गिराया गया और आर्सनल को पेनल्टी मिली। ग्योकेरेस ने गोल कर टीम को 1-0 से आगे किया। 56वें मिनट में मार्कोस लोरेंटे के शॉट पर बेन व्हाइट के हैंडबॉल के बाद VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी)रिव्यू से एटलेटिको को पेनल्टी मिली। जूलियन अल्वारेज ने गोल कर बराबरी की। 78वें मिनट में आर्सनल को एक और पेनल्टी मिली थी, लेकिन VAR रिव्यू के बाद फैसला बदल दिया गया। एबेरेची एज़े को पेनल्टी एरिया में डेविड हांको ने चुनौती दी। आर्सेनल को पेनल्टी दी गई, लेकिन VAR समीक्षा के बाद फैसला पलट दिया गया। कोच अर्टेटा बोले-सेमीफाइनल में पहुंचना बड़ी बात, अब हमारे घर में मैच होगा आर्सनल के कोच मिकेल अर्टेटा ने कहा कि इस मैदान पर खेलना आसान नहीं है और कई बड़ी टीमें यहां संघर्ष कर चुकी हैं। उन्होंने कहा,’हमें कई मौकों पर दबाव झेलना पड़ा, लेकिन हम एक शानदार स्थिति में हैं। चैंपियंस लीग के सेमीफाइनल में होना गर्व की बात है। अब दूसरा लेग हमारे फैंस के सामने (लंदन में) होगा और मैच हमारे हाथ में है।’ इसी सीजन के लीग फेज में आर्सनल ने एटलेटिको को अपने घर में 4-0 से हराया था। जूलियन अल्वारेज़ ने सीजन का 10वां गोल किया, लेकिन इंजरी के चलते बाहर हुए एटलेटिको के पास मैच जीतने के कई मौके थे। 63वें मिनट में एंटोनी ग्रीज़मैन का शॉट पोल से टकराया। एडमोला लुकमैन भी करीब से मौका चूक गए। ग्रीज़मैन को इस मैच में ‘मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर’ (MVP) चुना गया। वे इस समर में MLS क्लब ऑरलैंडो सिटी जॉइन करने वाले हैं। 20 साल बाद फाइनल में पहुंचने की कोशिश में आर्सनल आर्सनल 2006 में आखिरी बार चैंपियंस लीग फाइनल में पहुंचा था, जहां उसे बार्सिलोना से हार मिली थी। एटलेटिको मैड्रिड 2016 में आखिरी बार फाइनल में पहुंचा था और रियल मैड्रिड से हार गया था। दोनों क्लबों ने अब तक चैंपियंस लीग नहीं जीती है। दूसरे लेग का विजेता फाइनल में PSG या बायर्न म्यूनिख से भिड़ेगा। ———————————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मुंबई IPL सीजन में छठा मैच हारी:हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया, हेड-क्लासन की फिफ्टी; रिकेल्टन का शतक बेकार मुंबई इंडियंस को IPL के मौजूदा सीजन में छठी हार का सामना करना पड़ा है। उसे बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया। मुंबई वानखेड़े में लगातार चौथा मैच हारी है। जबकि हैदराबाद ने सीजन में लगातार 5वां मैच जीता है। पूरी खबर IPL में आज गुजरात vs बेंगलुरु:सीजन में दूसरी बार आमना-सामना, रॉयल की नजरें टेबल टॉपर बनने पर IPL में आज गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीमें आमने-सामने होंगी। मुकाबला मुंबई के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। पूरी खबर IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन का टारगेट 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Atletico Arsenal Champions League Semifinal Draw

Atletico Arsenal Champions League Semifinal Draw

Hindi News Sports Atletico Arsenal Champions League Semifinal Draw | London Leg Decides Final 42 मिनट पहले कॉपी लिंक चैंपियंस लीग सेमीफाइनल में आर्सेनल और एटलेटिको 1-1 से ड्रॉ, दोनों गोल पेनल्टी से हुए। UEFA चैंपियंस लीग (UCL) के पहले सेमीफाइनल में बुधवार रात एटलेटिको मैड्रिड और आर्सनल का मैच 1-1 से बराबर रहा। मेट्रोपॉलिटानो स्टेडियम में खेले गए मैच में दोनों गोल पेनल्टी से आए। विक्टर ग्योकेरेस ने आर्सनल को बढ़त दिलाई। जूलियन अल्वारेज ने एटलेटिको के लिए बराबरी की। अब दोनों टीमों की नजरें अगले मंगलवार लंदन में होने वाले दूसरे लेग पर हैं। जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी। दोनों गोल पेनल्टी से हुए, आर्सनल का दूसरा पेनल्टी कॉल VAR ने पलटा मैच के 44वें मिनट में विक्टर ग्योकेरेस को बॉक्स में गिराया गया और आर्सनल को पेनल्टी मिली। ग्योकेरेस ने गोल कर टीम को 1-0 से आगे किया। 56वें मिनट में मार्कोस लोरेंटे के शॉट पर बेन व्हाइट के हैंडबॉल के बाद VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी)रिव्यू से एटलेटिको को पेनल्टी मिली। जूलियन अल्वारेज ने गोल कर बराबरी की। 78वें मिनट में आर्सनल को एक और पेनल्टी मिली थी, लेकिन VAR रिव्यू के बाद फैसला बदल दिया गया। एबेरेची एज़े को पेनल्टी एरिया में डेविड हांको ने चुनौती दी। आर्सेनल को पेनल्टी दी गई, लेकिन VAR समीक्षा के बाद फैसला पलट दिया गया। कोच अर्टेटा बोले-सेमीफाइनल में पहुंचना बड़ी बात, अब हमारे घर में मैच होगा आर्सनल के कोच मिकेल अर्टेटा ने कहा कि इस मैदान पर खेलना आसान नहीं है और कई बड़ी टीमें यहां संघर्ष कर चुकी हैं। उन्होंने कहा,’हमें कई मौकों पर दबाव झेलना पड़ा, लेकिन हम एक शानदार स्थिति में हैं। चैंपियंस लीग के सेमीफाइनल में होना गर्व की बात है। अब दूसरा लेग हमारे फैंस के सामने (लंदन में) होगा और मैच हमारे हाथ में है।’ इसी सीजन के लीग फेज में आर्सनल ने एटलेटिको को अपने घर में 4-0 से हराया था। जूलियन अल्वारेज़ ने सीजन का 10वां गोल किया, लेकिन इंजरी के चलते बाहर हुए एटलेटिको के पास मैच जीतने के कई मौके थे। 63वें मिनट में एंटोनी ग्रीज़मैन का शॉट पोल से टकराया। एडमोला लुकमैन भी करीब से मौका चूक गए। ग्रीज़मैन को इस मैच में ‘मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर’ (MVP) चुना गया। वे इस समर में MLS क्लब ऑरलैंडो सिटी जॉइन करने वाले हैं। 20 साल बाद फाइनल में पहुंचने की कोशिश में आर्सनल आर्सनल 2006 में आखिरी बार चैंपियंस लीग फाइनल में पहुंचा था, जहां उसे बार्सिलोना से हार मिली थी। एटलेटिको मैड्रिड 2016 में आखिरी बार फाइनल में पहुंचा था और रियल मैड्रिड से हार गया था। दोनों क्लबों ने अब तक चैंपियंस लीग नहीं जीती है। दूसरे लेग का विजेता फाइनल में PSG या बायर्न म्यूनिख से भिड़ेगा। ———————————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मुंबई IPL सीजन में छठा मैच हारी:हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया, हेड-क्लासन की फिफ्टी; रिकेल्टन का शतक बेकार मुंबई इंडियंस को IPL के मौजूदा सीजन में छठी हार का सामना करना पड़ा है। उसे बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया। मुंबई वानखेड़े में लगातार चौथा मैच हारी है। जबकि हैदराबाद ने सीजन में लगातार 5वां मैच जीता है। पूरी खबर IPL में आज गुजरात vs बेंगलुरु:सीजन में दूसरी बार आमना-सामना, रॉयल की नजरें टेबल टॉपर बनने पर IPL में आज गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीमें आमने-सामने होंगी। मुकाबला मुंबई के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। पूरी खबर IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन का टारगेट 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

'बुलेट बाबा' पर फिल्म, अंधविश्वास या आस्था की कहानी?:डायरेक्टर बोले-सोच कैसे हकीकत बनती है, यही दिखाया; बताया-क्यों नहीं ली ओम बन्ना के परिवार से परमिशन?

'बुलेट बाबा' पर फिल्म, अंधविश्वास या आस्था की कहानी?:डायरेक्टर बोले-सोच कैसे हकीकत बनती है, यही दिखाया; बताया-क्यों नहीं ली ओम बन्ना के परिवार से परमिशन?

हिंदी फिल्म ‘डुग डुग’ का ट्रेलर राजस्थान में चर्चा में बना हुआ है। ट्रेलर में दिखाई गई बाइक (लूना), आस्था और चमत्कार वाली कहानी सीधे ओम बन्ना धाम (बुलेट बाबा) से मेल खाती नजर आ रही है। राजस्थान की लोक आस्था के बड़े प्रतीक पर बनी इस फिल्म को लेकर लोगों में कई सवाल हैं। कोई इसे अंधविश्वास पर तंज कह रहा है तो कोई हास्य व्यंग्य की कहानी मान रहा है। फिल्म के लेखक-निर्देशक ऋत्विक पारीक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इन्हीं सवालों के खुलकर जवाब दिए… सवाल : ट्रेलर रिलीज के बाद राजस्थान के दर्शकों से क्या रिएक्शन मिला है? जवाब : ट्रेलर से हमें अच्छा ही रेस्पॉन्स मिला है। हालांकि लोगों के मन में थोड़े सवाल भी हैं कि क्या आप सही चीज तो दिखा रहे हो न? अब ये तो आप जब फिल्म देखोगे तो अपने आप समझ में आ जाएगा कि सब कुछ सही है। इसमें हमने ऐसा कुछ दिखाया नहीं है जो सही नहीं हो। सवाल : डुग डुग फिल्म से बतौर लेखक और डायरेक्टर आप क्या कहना चाहते हैं? जवाब : लोगों को ट्रेलर देखकर लग रहा है कि ये अंधविश्वास पर है या धर्म पर सवाल कर रही है। पर यह फिल्म पूरी तरह से इस बात पर आधारित है कि आपके विचार ही आपकी वास्तविकता को आकार देते हैं। ये ठीक उसी तरह है कि जब आप किसी चीज में बहुत ज्यादा विश्वास करते हैं तो वो मैनिफेस्ट हो जाती है। ऐसे में इस बिलीफ और मैनिफेस्टेशन का जरिया कुछ भी हो सकता है- ये एक बाइक भी हो सकती है, एक मूर्ति भी हो सकती है और बिना किसी माध्यम के भी हो सकता है। आपकी सोच ही आपका यूनिवर्स बनाती है, हम इस फिल्म में यही एक्सप्लेन करना चाहते हैं। सवाल : इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखते समय आपने ओम बन्ना धाम की घटना को कितना फॉलो किया और कितना फिक्शन बनाया? जवाब : ये मिक्स है। हमने डायरेक्ट उन पर नहीं रखा है। हमें सरकार ने भी कहा था कि आप ये बताओ कि आपने नाम, कास्ट और कुछ भी ऐसा मेंशन नहीं किया है। इसीलिए हमने बाइक बदल दी और बाकी सब चीजें भी बदली हैं। हालांकि ये थोड़ा उनसे सिमिलर ही है, जितना हम कर सकते थे। बाकी कुछ फिक्शन भी हैं, जैसे नाट्य रूपांतरण। हमने ये भी सुनिश्चित किया है कि किसी को कुछ बुरा न लगे। ऐसा कुछ इस फिल्म में रखा ही नहीं है तो सेंसर भी ये देखकर हैरान था कि अब इसमें कट कहां लगाएं। हमने फिल्म में रंग भी लिए तो इसका भी पूरा ध्यान रखा कि ये ऐसे हों कि अलग दिखें। क्योंकि हमारे यहां लाल रंग दुर्गा माता का हो गया, शिव जी के लिए कुछ लोग काला रंग मानते हैं और हरा रंग इस्लाम का हो गया। ऐसे में हमारे सामने ये भी चैलेंज था कि इनके लिए रंग क्या काम में लें। तो बाद में ये आइडिया आया कि इनकी गाड़ी का ही रंग काम में लेंगे। सीट का रंग गुलाबी और बॉडी नीली है तो मुख्य किरदार ठाकुर साहब के जाने के बाद लोगों ने यही कलर उठा लिए और वो कलर ही उनकी आइडेंटिटी बन जाते हैं। सवाल : ओम बन्ना (बुलेट बाबा) की सच्ची घटना आपको पहली बार कब और कैसे पता चली? जवाब : मेरी दादी मां ने इसके बारे में मुझे बताया था। मैं खुद जयपुर से हूं तो पूरा बचपन यहीं मालवीय नगर के आस-पास ही बीता है। दादी मां मुझे खाटू श्याम जी, सालासर और कई मंदिरों में ले जाती थीं तो ये सब देखा हुआ ही है। अब ये याद नहीं है कि वहां पहली बार कब गया था। आप जयपुर में हैं तो गोविंददेव जी कैसे पता हैं? बस यही मामला है। शायद मैं नौवीं क्लास में था जब हम जोधपुर गए थे, तब की बात होगी। तब लगा था कि कमाल है भाई, ये क्या चीज है! बाद में इसी इंस्पिरेशन को लेकर फिल्म बनाई है। सवाल : फिल्म में मुख्य किरदार की मौत के बाद बाइक (लूना) का ‘चमत्कार’ दिखाया गया है? क्या आपने असली ओम बन्ना घटना के गवाहों या स्थानीय लोगों से बात की थी? जवाब : हां, उनकी कहानी तो हमने सुनी हुई है। मैं सीधा जोधपुर और पाली के अपने रिश्तेदारों को फोन लगाता था और वो बताते थे। इसके अलावा न्यूज पर भी काफी मटेरियल था। फिल्म में एक सीन है कि जब रिपोर्टर आता है तो वो भी एंड तक बुलेट पर ही दिखता है। ये आइडिया हमें एक न्यूज से ही मिला था। स्टोरी की रिसर्च तो ऐसी है कि सब देखा हुआ है, पर जो मेन रिसर्च थी वो आर्ट और डिजाइनिंग में थी। इसके लिए हमने पेंटिंग्स का सहारा लिया था। हमने पिक्चर में काफी चीजें लोगों को पेंटिंग्स के जरिए भी समझाने का प्रयास किया है। ये लोकल हैंड पेंटर ने किया और इसमें काफी मेहनत लगी है। सवाल: फिल्म में कॉमेडी-सटायर के रूप में क्यों चुना गया? जवाब : मैं इस फिल्म से दोनों पॉइंट ऑफ व्यू बताना चाह रहा था। लोग देखें तो उन्हें लगे कि ये क्या है? इसीलिए हमने जब इसे ग्लोबली दिखाया तो फिल्म के बीच में इंटरवल के समय डिस्क्लेमर डाला कि ये रियल घटना पर बनाई गई फिल्म है। अगर हम ये स्टार्टिंग में डाल देते तो उन्हें लगता कि ऐसे ही लिख रखा है। अब ज्यादा मैं आपको बता नहीं सकता, लेकिन फिल्म के अंत में आप मानेंगे कि सटायर तो है, पर इसके साथ ही वो पहलू भी समझेंगे कि कुछ ऊपरी ताकतें हैं, जिन्हें डिस्क्राइब नहीं किया जा सकता, पर वो हैं। इंसान का काम ही यही है कि ऐसी चीजों के लिए सवाल करो। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म रिलीज के बाद कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस मान सकते हैं? आप ऐसे विवाद को कैसे हैंडल करते हैं? जवाब : अब जब कोई फिल्म देखेगा तो उसे पता चल जाएगा कि कुछ पावर तो है। बाकी जिसने नहीं देखी है, उसे तो क्या ही कह पाऊंगा। आप फिल्म देखेंगे तो समझ ही जाएंगे कि मैंने अपना काम