निवाड़ी में सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने पर प्रदर्शन:पृथ्वीपुर और जेरोन में PM आवास और भूमि पट्टे की मांग; तहसीलदार को दिया ज्ञापन

निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर और जेरोन नगर परिषद के पात्र हितग्राहियों ने जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ न मिलने के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन किया। लोगों ने सीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन देकर योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 18 मई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। 99 प्रतिशत पात्र परिवारों को नहीं मिला पीएम आवास जनआंदोलन का नेतृत्व कर रहे अवधेश प्रताप सिंह बुंदेला ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत पात्र होने के बावजूद लगभग 99 प्रतिशत जरूरतमंद परिवारों को अब तक लाभ नहीं मिला है। प्रदर्शन के दौरान भूमिहीन परिवारों को तत्काल भूमि पट्टे आवंटित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। बिजली कटौती और गर्मी से लोग परेशान ज्ञापन में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। नागरिकों का आरोप है कि भीषण गर्मी के मौसम में बार-बार बिजली गुल होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि नगर परिषद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को तत्काल सुचारू और स्थिर बनाया जाए। तहसीलदार ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन पृथ्वीपुर तहसीलदार शुभम मिश्रा ने स्वीकार किया कि कई पात्र हितग्राही आवास योजना और पट्टों जैसी सुविधाओं से वंचित रह गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मांगों को संबंधित विभागों तक पहुँचाया जाएगा। प्रशासन के मुताबिक, पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
गर्मियों में जलजीरा रेसिपी: गर्मी में शरीर को पकाया जाता है जलजीरा, घर के इन टुकड़ों से करें मिनट में तैयार; आप रहें कूल-कूल

अब इस पेस्ट को एक बड़े स्थान पर रखा गया है। इसके अलावा इसमें जीरा, काला नमक, सामान्य नमक और इमली का पल्प या नींबू का रस शामिल है। अब ठंडा पानी सभी तरह से अच्छे से मिक्स करें। छवि: एआई जलजीरा पीने के फायदे: शरीर को ठंडा किया जाता है। डायग्नोस्टिक्स से खरीदना है। पाचन तंत्र में सुधार होता है। गैस एसिडिटी से राहत मिलती है। साथ ही, ताजगी और ऊर्जा देता है। छवि: एआई सामग्री: पुदीना पत्ता, हरा धनिया, 1-2 हरी मिर्च, अदरक, 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच मोटा काला नमक, 1 छोटा चम्मच इमली का गूदा, 3-4 चम्मच ठंडा पानी, बर्फ के टुकड़े छवि: मेटा एआई बनाने की आसान विधि: सबसे पहले पुदीना, हरा धनिया, अदरक और हरी मिर्च को मिक्सी में डालें। इसमें छोटे पानी के उपकरण तरह के पीस लें और एक इन्वेस्टमेंट गुड पेस्ट बनाएं लें। छवि: एआई पिड्रॉ तो इसे अच्छा लें शीतल पेय और दोस्त हो जाए। ऊपर से बर्फ का टुकड़ा और ठंडा-ठंडा सर्व करें। ज्यादा ठंडक के लिए इसमें थोड़ी सा ड्रॉपरी भी डाल सकते हैं. स्वाद बढ़ाने के लिए चाट मसाला मिला सकते हैं। छवि: एआई गर्मी में जब भी आपको कुछ ठंडा और चॉकलेट ड्रिंक का मन करे, तो बाजार के ड्रिंक की जगह घर का बना जलजीरा ड्रिंक का मजा ले सकते हैं। यह आपको कूल रिटायरमेंट और स्टेलर टैरोताजा फ़ेल्टोगा से मिलता है। छवि: एआई अगर कट्टापन ज्यादा पसंद है, तो नींबू थोड़ा ज्यादा डाला जाता है। पहले से फ़र्ज़ी में रख सकते हैं। छवि: फ्रीपिक
एग्जिट पोल 2026: केसी वेणुगोपाल या शशि थरूर, केरल की जनता किसे बनाना चाहती है सीएम, एग्जिट पोल के आंकड़े कर देंगे हैरान

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए डिजिटल पोल साफ तस्वीरें पेश कर रहे हैं कि कांग्रेस नीत यू फोकस (यूडीएफ) न केवल आगे है, बल्कि कम्युनिस्ट बढ़त के साथ सत्ता के करीब खड़ी दिख रही है। पोल मंत्रा के एक्जिट पोल के अनुसार 88 से 92 का अनुमान उसे 70 के बहुमत के आंकड़ों से काफी ऊपर ले जाता है। इसके पोर्टफोलियो एलडीएफ (एलडीएफ) 42 से 46 पोर्टफोलियो पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं, जो कई इलाकों में उनके डीवीडी पोर्टफोलियो का संकेत है। इस बार भी हाशिये पर मशहूर हस्तियां और अन्य दल नजर आ रहे हैं, लेकिन कहानी सिर्फ प्रेरणा की नहीं है। असली उस नेतृत्व की दौड़ में है, जहां प्रतियोगिता अब भी खुली और तैयार हो गई है। जमीन पर क्या कह रही है हवा? पोल मंत्रा के एक्जिट पोल की अगर बात करें तो राज्य के अलग-अलग आदर्शों से जो संकेत मिल रहे हैं, वे अपरिमित तो नहीं, लेकिन स्पष्ट संकेत जरूर दिखा रहे हैं। मालाबार क्षेत्र में यूएफओ ने नैरावेटिव पर मजबूत पकड़ बना ली है। मध्य केरल में यह बढ़ोतरी और प्रमुखता दिख रही है। ट्रावेनकोर में मुकाबला जरूर है, लेकिन वह इतना नहीं कि पूरे राज्य की तस्वीर बदल सके। इन रुझानों का मतलब साफ है कि यहां अब कोल फाइट नहीं दिखती, बल्कि जनमत का स्पष्ट संकेत दिखता है। एल एफ ई एफ के पास अब भी कुछ मजबूत क्षेत्र हैं, लेकिन राज्य सहभागी लहर दूर दिख रही है। कौन बन रहा है नैरेटिव? पोल मंत्रा के अनुसार पिछले 60 दिनों में किसी एक पहलू पर चर्चा-गिरद नहीं रही। कई नेताओं ने सामूहिक रूप से राजनीतिक राक्षस गढ़ा है। इस दौर में केसी वेणुगोपाल (21.4%) सबसे ताकतवर नेता के रूप में उभरे, उन्होंने नैरावेटिव को दिशा दी। उनके बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (18.6%) का प्रभाव घटक है, जबकि वी.डी. सुदृढ़ीकरण (16.2%) भी करीब बने हुए हैं। इसके अलावा शशि थरूर (12.5%) और शफी परम्बिल (10.1%) जैसे नेताओं ने भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। यहां यू.एफ.ई. एफ.आई.एल. मुख्य पृष्ठ में ही नहीं, बल्कि चर्चा के स्तर पर भी आगे है। वहीं एलएल का प्रभाव ज्यादातर पिनराई विजयन तक सीमित नजर आता है। सीएम फेस: खुली और कड़ी टक्कर दिलचस्प ये है कि इतनी स्पष्ट बढ़त के साथ मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर आई तस्वीर साफ बात नहीं है. पोल मंत्रा के सर्वे में यह प्रतियोगिता पूरी तरह से खुली और प्रतिस्पर्धी बनी है। वी.डी. पिनराई विजयन 21.2% के साथ मामूली बढ़त में हैं, लेकिन पिनराई विजय 20.5% के साथ बिल्कुल करीब हैं। केसी वेणुगोपाल 17.8% के साथ तीसरे स्थान पर हैं और यही उन्हें दौड़ का ‘डार्क होर्स’ बनाती है। इसके बाद के स्तर पर के.के. शैलजा और राकेश चेन्निथला 11.2% के साथ बधाइयां बने हुए हैं, जबकि राजीव चन्द्रशेखर 10.5% के साथ चर्च में बने हुए हैं। केरल चुनाव के राजनीतिक संकेत सबसे बड़ा संकेत यही है कि किसी भी व्यक्ति के पीछे कोई नहीं होता। तीन शीर्ष नेता एक-दूसरे के बेहद करीब हैं, यानी अंतिम निर्णय अभी खुला है। यूएफसी के लिए यह स्थिति अद्भुत हो सकती है, क्योंकि उसके पास कई मजबूत ताकतें हैं। वहीं एफ़एलई अब भी पिनराई विजयन के नेतृत्व पर बुनियादी उदार नजरिया रखता है। ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026: इस एग्जिट पोल में कांग्रेस की ‘बल्ले-बल्ले’, बंगाल में पांच गुणा चुनावी का फायदा, जानें रह गईं टीएमसी-बीजेपी
मंडला में ड्रोन निगरानी, नियमित गश्त और चेकिंग अभियान:बम स्क्वॉड नैनपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया

मंडला पुलिस ने अपराध नियंत्रण और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सघन निगरानी अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देश पर जिलेभर में ड्रोन निगरानी, नियमित गश्त और चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) टीम ने नैनपुर रेलवे स्टेशन पर गहन जांच अभियान चलाया। टीम ने स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी नियमित रूप से जांच की जा रही है। मंडला शहर के अपराध संभावित, सुनसान और संवेदनशील क्षेत्रों में हाई क्वालिटी कैमरों से लैस ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन की मदद से अंधेरे और संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थानों पर नजर रखी जा रही है, जिससे असामाजिक तत्वों में पुलिस की सक्रियता का प्रभाव स्पष्ट दिख रहा है। शहर और संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग वाहनों के जरिए लगातार गश्त की जा रही है। कुंभ स्थल, सहस्त्रधारा, संगम, हाईवे और ढाबा क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। थाना कोतवाली की महिला सुरक्षा पेट्रोलिंग टीम शाम के समय गश्त कर महिलाओं और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। मंडला पुलिस नशा, जुआ और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े संभावित स्थानों पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और निरंतर निगरानी के माध्यम से जिले में अपराधों की रोकथाम और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
रायसेन में स्वगणना पूरी, प्रदेश में नंबर-1:कल से मकान गणना शुरू, शहरी क्षेत्र में 13 सुपरवाइजर नियुक्त, हर मकान की होगी एंट्री

रायसेन जिले में जनगणना-2027 के तहत स्वगणना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर लिया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चले इस अभियान में रायसेन जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। 29 अप्रैल की शाम तक जिले में कुल 93,779 स्वगणना दर्ज की गईं, जो प्रदेश में सर्वाधिक हैं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशन में यह अभियान मिशन मोड में चलाया गया। इसमें प्रशासनिक अमले और आम नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। कलेक्टर ने बताया कि स्वगणना प्रक्रिया को सरल बनाया गया था, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सके। स्वगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले की पंचायतों और वार्डों में शिविर आयोजित किए गए। अधिकारियों ने क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों से सीधा संवाद किया और मौके पर ही स्वगणना कराई। प्रतिदिन प्रगति की निगरानी भी की गई, जिससे लक्ष्य समय पर पूरा हो सका। कल से मकान गणना का काम शुरू होगा अब अगले चरण में कल (1 मई) से मकान गणना (हाउस लिस्टिंग) का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगरीय निकायों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रायसेन नगर पालिका की सीएमओ सुरेखा जाटव ने जानकारी दी कि डायट भवन में गुरुवार को वार्ड प्रभारियों और सुपरवाइजरों की बैठक आयोजित कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। शहरी क्षेत्र के लिए कुल 13 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इन्हें कार्य की विस्तृत जानकारी और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर पहले नागरिकों को ऐप डाउनलोड कराएंगी, जिसके बाद प्रत्येक मकान की क्रमवार एंट्री की जाएगी। कर्मचारियों को ब्लॉकवार जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई हैं, ताकि कार्य व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें।
DJ की आवाज से मर गईं मुर्गियां…क्या इंसानों के लिए भी है खतरा? डॉक्टर के जवाब से चौंक जाएंगे

Loud Sound Effect on Humans: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक शादी में बजने वाले डीजे की तेज आवाज से 140 मुर्गियों के मरने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पोल्ट्री फार्म संचालक साबिर अली ने तेज संगीत और शोर का आरोप लगाते हुए एफआईआर भी दर्ज करा दी है और कहा है कि शोर के कारण मुर्गियों को कार्डियक अरेस्ट हुआ और उनकी मौत हो गई. विशेषज्ञों की मानें तो तेज आवाज पक्षी सहन नहीं कर पाते और उनकी मौत हो सकती है. हालांकि मुर्गियों को लेकर हुई इस घटना के बाद एक सबसे बड़ा सवाल इंसानों की सेहत को लेकर भी पैदा हो गया है. लोगों के मन में ये सवाल आ रहा है कि जब भी बहुत तेज साउंड में डीजे बजता है तो एक धमक जैसी महसूस होती है और कभी-कभी लगता है कि दिल की धड़कन बढ़ गई है. यहां तक कि कुछ लोगों को तेज आवाज में बजते संगीत से उलझन भी होती है, तो क्या डीजे की तेज आवाज इंसानों के लिए भी खतरा है? और क्या डीजे की आवाज से इंसानों की भी जान जा सकती है? इन तमाम सवालों पर डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल नई दिल्ली के प्रोफेसर ईएनटी डॉ. सुधीर माझी ने विस्तार से जानकारी दी है. डॉ. माझी कहते हैं कि मानव शरीर पर तेज आवाज का कई तरह से असर होता है. सबसे पहला असर कानों पर पड़ता है और बहरापन होता है जो आमतौर पर सभी जानते हैं. इसके अलावा ईयर टेनाइटस भी होता है, जिसमें कानों में अजीब सी आवाज आती है, सीटी बजती है या भिनभिनाने की आवाज आती है. तीसरा जो सबसे गंभीर असर पड़ता है वह शरीर के अन्य अंगों पर पड़ता है. तेज आवाज से आर्टरीज सिकुड़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है. ऐसे में बीपी बढ़ने से हार्ट अटैक या सडन कार्डियक अरेस्ट हो सकता है. डॉ. माझी कहते हैं कि तेज आवाज से हार्ट अटैक बहुत कॉमन नहीं है लेकिन अगर 120 डेसीबल से ज्यादा साउंड में रहा जाए तो ये संभावना मजबूत हो जाती है. डीजे में तो इससे भी ज्यादा डेसीबल होता है, जो नुकसान पहुंचा सकता है. हाई साउंड से तनाव भी बढ़ता है. अगर आप सामान्य साउंड से एकाएक डीजे की तेज साउंड में रह गए तो कान के अंदर की नर्व भी डैमेज हो जाती है और स्थाई रूप से बहरापन आ जाता है. कई बार इसे वापस ठीक कर पाना भी संभव नहीं होता. तेज आवाज का शरीर पर क्या असर पड़ता है?तेज आवाज शरीर पर गहरा असर डालती है. कानों से लेकर हार्ट और ब्रेन को भी तेज साउंड से नुकसान होता है. यहां तक कि ज्यादा देर तक हाई साउंड में रहने से जान भी जा सकती है. डीजे जब बजता है तो धड़कन क्यों बढ़ती है?यह स्ट्रैस की वजह से होता है. डीजे की तेज आवाज में आर्टरीज सिकुड़ती हैं, बीपी बहुत बढ़ जाता है. तनाव बढ़ता है और दिल की धड़कन बढ़ जाती है. अगर पहले से कोई हार्ट की बीमारी है तो उस स्थिति में डेथ भी हो सकती है. क्या ब्रेन हेमरेज भी हो सकता है?हां, हो सकता है. आर्टरीज पूरे शरीर में ब्लड की सप्लाई करती हैं और अगर ब्रेन की आर्टरी सिकुड़ जाती है तो ब्लीडिंग हो सकती है, ब्रेन स्ट्रोक या ब्रेन हेमरेज होना संभव है. क्या शरीर के अन्य अंगों पर भी असर पड़ता है?आर्टरी की वजह से सभी अंगों पर असर पड़ सकता है लेकिन ब्रेन और हार्ट में खासतौर पर असर पड़ सकता है और यह घातक हो सकता है. कितनी देर तक आवाज में रहना खतरनाक है?अगर दो-तीन घंटे का बहुत ज्यादा तेज साउंड का एक्सपोजर है तो यह हार्ट या ब्रेन को नुकसान पहुंचा सकता है. हार्ट का मरीज भी दो घंटे झेल सकता है?अगर कोई पहले से बीमार है और उसकी आर्टरी कमजोर हैं या हार्ट की बीमारी है तो ऐसा व्यक्ति हो सकता है कि तेज आवाज को पांच मिनट भी न सहन कर पाए और उसे कार्डियक अरेस्ट आ जाए.
Rotterdam Franchise Owner | Du Plessis Captain ETPL 2026

10 मिनट पहले कॉपी लिंक यूरोपियन टी-20 प्रीमियर लीग (ETPL) में साउथ अफ्रीका के तीन दिग्गज क्रिकेटर जोंटी रोड्स, फाफ डु प्लेसिस और हेनरिक क्लासन ने ETPL की टीम’रॉटरडैम’ खरीदी है। खास बात यह है कि फाफ डु प्लेसिस सह-मालिक होने के साथ उद्घाटन सत्र में टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। अगस्त में शुरू होगी यूरोप की पहली ICC मान्यता प्राप्त लीग ETPL यूरोप की पहली ICC-मान्यता प्राप्त टी-20 लीग है। इसका पहला सीजन 26 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। लीग के मुकाबले यूरोप के छह प्रमुख शहरों में खेले जाएंगे। रॉटरडैम फ्रेंचाइजी उद्घाटन सत्र की उन छह टीमों में से एक होगी जो खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। जोंटी और क्लासेन बोले-यूरोप में क्रिकेट की अपार संभावनाएं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फील्डर माने जाने वाले जोंटी रोड्स इस नई पारी को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा,’हाल के ICC इवेंट्स में हमने यूरोप की क्रिकेट क्षमता देखी है। अब इस क्षेत्र को एक मजबूत व्यावसायिक ढांचे की जरूरत है और ETPL वही मंच प्रदान कर रहा है।’ वहीं, हेनरिक क्लासेन ने रॉटरडैम शहर की तारीफ करते हुए कहा,’रॉटरडैम एक महत्वाकांक्षी शहर है। हम सिर्फ एक टीम के मालिक बनने नहीं आए हैं, बल्कि कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जिस पर यहां के प्रशंसक गर्व कर सकें।’ ———————————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मुंबई IPL सीजन में छठा मैच हारी:हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया, हेड-क्लासन की फिफ्टी; रिकेल्टन का शतक बेकार मुंबई इंडियंस को IPL के मौजूदा सीजन में छठी हार का सामना करना पड़ा है। उसे बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया। मुंबई वानखेड़े में लगातार चौथा मैच हारी है। जबकि हैदराबाद ने सीजन में लगातार 5वां मैच जीता है। पूरी खबर IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन का टारगेट 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Rotterdam Franchise Owner | Du Plessis Captain ETPL 2026

29 मिनट पहले कॉपी लिंक यूरोपियन टी-20 प्रीमियर लीग (ETPL) में साउथ अफ्रीका के तीन दिग्गज क्रिकेटर जोंटी रोड्स, फाफ डु प्लेसिस और हेनरिक क्लासन ने ETPL की टीम’रॉटरडैम’ खरीदी है। खास बात यह है कि फाफ डु प्लेसिस सह-मालिक होने के साथ उद्घाटन सत्र में टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। अगस्त में शुरू होगी यूरोप की पहली ICC मान्यता प्राप्त लीग ETPL यूरोप की पहली ICC-मान्यता प्राप्त टी-20 लीग है। इसका पहला सीजन 26 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। लीग के मुकाबले यूरोप के छह प्रमुख शहरों में खेले जाएंगे। रॉटरडैम फ्रेंचाइजी उद्घाटन सत्र की उन छह टीमों में से एक होगी जो खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। जोंटी और क्लासेन बोले-यूरोप में क्रिकेट की अपार संभावनाएं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फील्डर माने जाने वाले जोंटी रोड्स इस नई पारी को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा,’हाल के ICC इवेंट्स में हमने यूरोप की क्रिकेट क्षमता देखी है। अब इस क्षेत्र को एक मजबूत व्यावसायिक ढांचे की जरूरत है और ETPL वही मंच प्रदान कर रहा है।’ वहीं, हेनरिक क्लासेन ने रॉटरडैम शहर की तारीफ करते हुए कहा,’रॉटरडैम एक महत्वाकांक्षी शहर है। हम सिर्फ एक टीम के मालिक बनने नहीं आए हैं, बल्कि कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जिस पर यहां के प्रशंसक गर्व कर सकें।’ ———————————————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मुंबई IPL सीजन में छठा मैच हारी:हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया, हेड-क्लासन की फिफ्टी; रिकेल्टन का शतक बेकार मुंबई इंडियंस को IPL के मौजूदा सीजन में छठी हार का सामना करना पड़ा है। उसे बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने 6 विकेट से हराया। मुंबई वानखेड़े में लगातार चौथा मैच हारी है। जबकि हैदराबाद ने सीजन में लगातार 5वां मैच जीता है। पूरी खबर IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन का टारगेट 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Adani Ports Q4 Profit Rs 3,329 Cr, Revenue Rs 10,737 Cr; Rs 7.50 Dividend

Hindi News Business Adani Ports Q4 Profit Rs 3,329 Cr, Revenue Rs 10,737 Cr; Rs 7.50 Dividend मुंबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक देश की सबसे बड़ी पोर्ट ऑपरेटर अडाणी पोर्ट्स ने 30 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर 3,329 करोड़ रुपए रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹3,014 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 26% की बढ़त के साथ ₹10,737 करोड़ पर पहुंच गया है। नतीजों के साथ ही अडाणी पोर्ट्स के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹7.50 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके लिए शुक्रवार, 12 जून को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है। FY26 की चौथी तिमाही में अडाणी पोर्ट्स का प्रदर्शन सालाना आधार पर अडाणी पोर्ट्स FY26 (जनवरी-मार्च) FY25 (जनवरी-मार्च) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹10,737 ₹8,488 26% ↗ टोटल इनकम ₹11,489 ₹8,769 31% ↗ टोटल खर्च ₹7,937 ₹5,382 47% ↗ नेट प्रॉफिट ₹3,329 ₹3,014 10% ↗ तिमाही आधार पर अडाणी पोर्ट्स FY26 (जनवरी-मार्च) FY26 (अक्टूबर-दिसंबर) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹10,737 ₹9,705 11% ↗ टोटल इनकम ₹11,489 ₹9,938 16% ↗ टोटल खर्च ₹7,937 ₹6,283 26% ↗ नेट प्रॉफिट ₹3,329 ₹3,054 9% ↗ सालभर में मुनाफा 16% बढ़ा, रेवेन्यू ₹38,736 करोड़ रहा पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का नेट प्रॉफिट 16% बढ़ा है। यह पिछले साल के ₹11,061 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹12,782 करोड़ हो गया है। वहीं, सालाना रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹38,736 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA भी 20% बढ़कर ₹22,851 करोड़ पर पहुंच गया है। पूरे साल (FY26) में अडाणी पोर्ट्स का प्रदर्शन अडाणी पोर्ट्स FY26 (अप्रैल-मार्च) FY25 (अप्रैल-मार्च) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹38,736 ₹30,475 27% ↗ टोटल इनकम ₹40,854 ₹32,383 26% ↗ टोटल खर्च ₹26,056 ₹19,246 35% ↗ नेट प्रॉफिट ₹12,782 ₹11,061 16% ↗ 500 MMT कार्गो हैंडल करने वाली पहली भारतीय ऑपरेटर कंपनी ने बताया कि वह एक साल में 500 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) से ज्यादा पोर्ट कार्गो वॉल्यूम हैंडल करने वाली पहली भारतीय इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर बन गई है। APSEZ ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने सभी लक्ष्यों (गाइडेंस) को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी ने ₹38,000 करोड़ रेवेन्यू, ₹22,800 करोड़ EBITDA और ₹11,000-12,000 करोड़ के कैपेक्स का लक्ष्य रखा था। लॉजिस्टिक्स और मरीन बिजनेस में उछाल लॉजिस्टिक्स रेवेन्यू में 55% का उछाल आया है। मरीन रेवेन्यू में 134% की बढ़त दर्ज की गई है। डोमेस्टिक पोर्ट्स का रेवेन्यू भी 13% बढ़ा है। इंटरनेशनल पोर्ट्स के मुनाफे में 180% की तेजी ऑस्ट्रेलिया के NQXT पोर्ट और कोलंबो (CWIT) पोर्ट के कामकाज में तेजी आने से इंटरनेशनल पोर्ट्स का रेवेन्यू 34% बढ़ा है। इस सेगमेंट का EBITDA 180% बढ़ गया है और मार्जिन 29% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी के पास फिलहाल 136 जहाजों की फ्लीट है। 2030 तक रेवेन्यू दोगुना करने का लक्ष्य: सीईओ अडाणी पोर्ट के सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल और टैरिफ अनिश्चितता के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने एक बिलियन टन पोर्ट कार्गो हैंडल करने का लक्ष्य रखा है। गुप्ता के मुताबिक, अडाणी पोर्ट्स ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है जिससे वित्त वर्ष 2030-31 तक रेवेन्यू और EBITDA को दोगुना किया जा सकेगा। भविष्य का विस्तार और कैपेक्स कंपनी अपनी आंतरिक कमाई से ही पूरा करेगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बेल से मिटेगा ब्रेस्ट कैंसर..! गर्मियों में मिलने वाला सुपरफूड, दवा बनाने में होगा उपयोग, वैज्ञानिकों का रिसर्च

पटना. देश में स्तन कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. बिहार भी इससे अछूता नहीं है. यह गंभीर बीमारी अब केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुरुषों को भी अपनी चपेट में ले रही है. इस चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक लगातार नए शोध में जुटे हुए हैं, ताकि सटीक इलाज खोजा जा सके. इसी दिशा में पटना स्थित महावीर कैंसर संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक अहम खोज की है. शोध के दौरान गर्मियों में सुपर ड्रिंक माने जाने वाले बेल के गूदे में ऐसे तत्व पाए गए हैं, जो स्तन कैंसर को रोकने में सहायक हो सकते हैं. चूहों पर इसका परीक्षण भी किया गया. इससे पॉजिटिव रिजल्ट सामने आए हैं. इस महत्वपूर्ण शोध में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार की प्रमुख भूमिका रही है. चूहों पर किया गया शोधवरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उनके शोध में यह सामने आया है कि बेल के पल्प में ऐसे तत्व मौजूद हैं, जो कैंसररोधी प्रभाव रखते हैं. इस दावे की पुष्टि के लिए टीम ने चूहों पर प्रयोग किया. रिसर्च के दौरान चूहों को एक विशेष केमिकल दिया गया, जिससे करीब छह महीने में उनके स्तन में ट्यूमर विकसित हो गया. इसके बाद चूहों को मिश्रित मात्रा में बेल का पल्प दिया गया. कुछ समय बाद यह देखा गया कि ट्यूमर का आकार धीरे-धीरे सिकुड़ने लगा और कुछ दिनों बाद पूरी तरह समाप्त हो गया. इसके बाद चूहे पूरी तरह स्वस्थ हो गए. इस शोध के आधार पर वैज्ञानिकों का मानना है कि बेल में ऐसे तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो कैंसर के इलाज में सहायक साबित हो सकते हैं. हालांकि, इस पर अभी और विस्तृत शोध और मानव परीक्षण की आवश्यकता है. पेटेंट करने की तैयारीउन्होंने आगे बताया कि अब उनकी टीम बेल के पल्प में मौजूद मॉलिक्यूल को अलग यानी आइसोलेट कर दोबारा चूहों पर परीक्षण करेगी. अगर इस चरण में भी पॉजिटिव परिणाम मिलते हैं, तो शोध को पेटेंट कराया जाएगा और प्रकाशित किया जाएगा. इसके बाद अगला चरण मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल का होगा, ताकि इसके प्रभाव की विस्तृत जांच की जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे शोध में करीब तीन से चार साल का समय लगा है और प्रक्रिया अभी भी जारी है. इस महत्वपूर्ण अध्ययन को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका नेचर जर्नल में भी प्रकाशित किया गया है. सस्ती हो जाएंगी दवाएंउन्होंने जानकारी दी कि शोध के अनुसार बेल के गूदे में कई प्रकार के फाइटोकेमिकल यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें कैरोटेनॉइड, फिनोलिक यौगिक, टैनिन, एल्कलॉइड, टरपेनॉइड, कूमरिन, स्टेरॉयड सैपोनिन, इनुलिन, कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स और लिग्निन शामिल हैं. अध्ययन में पाया गया कि ये तत्व कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में कैंसर की दवाएं काफी महंगी हैं. कुछ दवाएं हजारों रुपये की होती हैं, जबकि कई की कीमत लाखों तक पहुंच जाती है. ऐसे में अगर इस शोध से प्रभावी मॉलिक्यूल विकसित हो जाता है, तो ब्रेस्ट कैंसर के इलाज की लागत कम हो सकती है और मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं.








