मैहर में ASI शिवनंदन साकेत का निधन:लीवर संबंधी बीमारी का नागपुर में चल रहा था इलाज; अमदरा में तोड़ा दम

मैहर जिले के अमदरा थाना के एएसआई शिवनंदन साकेत का गुरुवार सुबह इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले लंबे समय से लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार महाराष्ट्र के नागपुर में चल रहा था, लेकिन तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। अमदरा अस्पताल में भर्ती थे एएसआई तबीयत में सुधार न होने के कारण शिवनंदन साकेत को हाल ही में अमदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी, लेकिन संक्रमण और लीवर डिसऑर्डर के कारण उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने सुबह उनकी मृत्यु की पुष्टि की। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव निधन की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पार्थिव देह परिजनों को सौंप दी गई। पुलिसकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि एएसआई शिवनंदन साकेत को उनके सहकर्मियों ने एक अनुशासित और मिलनसार अधिकारी के रूप में याद किया। पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
Ranveer Singh Quits; Farhan Akhtar Controversy Over Film

9 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह और डायरेक्टर फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रणवीर इस फिल्म में हिंसा और गाली गलौज चाहते थे। फरहान के इस बात पर राजी ना होने से दोनों के बीच विवाद हुआ। करीब 3 साल पहले शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब अधर में लटक गया है क्योंकि रणवीर सिंह ने कथित तौर पर इस फिल्म को छोड़ दिया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक रणवीर के फिल्म छोड़ने की वजह से फरहान अख्तर को करीब 40 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। गाली-गलौज और हिंसा पर फंसा पेंच ‘फ्री प्रेस जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर सिंह चाहते थे कि ‘डॉन’ का किरदार आज के दौर के हिसाब से ज्यादा हिंसक और डार्क हो। रणवीर का मानना था कि दर्शकों को पर्दे पर खून-खराबा और ‘कड़ी भाषा’ (गाली-गलौज) पसंद आ रही है। वे चाहते थे कि डॉन के डायलॉग्स में गालियों का इस्तेमाल हो, लेकिन फरहान अख्तर इसके सख्त खिलाफ थे। फरहान ने कहा- ‘डॉन’ गाली नहीं देता फरहान अख्तर ने रणवीर को समझाने की कोशिश की कि ‘डॉन’ फ्रेंचाइजी की एक अपनी गरिमा है। अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान ने इस किरदार को कभी भी गालियों या बेमतलब की मार-काट के जरिए पेश नहीं किया। फरहान अपनी मूल सोच के साथ समझौता करने को तैयार नहीं थे। उनका तर्क था कि ‘डॉन’ एक स्टाइलिश और शातिर अपराधी है, न कि कोई सड़क छाप गुंडा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई और आखिरकार रणवीर ने फिल्म से हाथ पीछे खींच लिए। क्यों शुरू हुआ विवाद? रणवीर और फरहान के बीच अनबन की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई। फिल्म ‘धुरंधर’ की रिलीज के बाद रणवीर सिंह ने अचानक ‘डॉन 3’ से वॉकआउट कर लिया। फरहान और उनके पार्टनर रितेश सिधवानी ने इस मामले को ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के सामने रखा। मीटिंग में बताया गया कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर 40 करोड़ रुपए पहले ही खर्च हो चुके थे और रणवीर ने हर स्टेज पर स्क्रिप्ट को अपनी मंजूरी दी थी। प्रोडक्शन हाउस ने मांगा 40 करोड़ का मुआवजा रणवीर के फिल्म छोड़ने के बाद फरहान की कंपनी ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ ने उन पर भारी जुर्माने की मांग की है। प्रोडक्शन हाउस का कहना है कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन और शूटिंग शेड्यूल में बदलाव की वजह से उन्हें काफी नुकसान हुआ है, इसलिए रणवीर को 40 करोड़ का मुआवजा देना चाहिए। हालांकि, ताजा अपडेट के मुताबिक, रणवीर सिंह फिलहाल अपनी 10 करोड़ रुपए की साइनिंग अमाउंट लौटाने पर सहमत हो गए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Ranveer Singh Quits; Farhan Akhtar Controversy Over Film

44 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह और डायरेक्टर फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रणवीर इस फिल्म में हिंसा और गाली गलौज चाहते थे। फरहान के इस बात पर राजी ना होने से दोनों के बीच विवाद हुआ। करीब 3 साल पहले शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट अब अधर में लटक गया है क्योंकि रणवीर सिंह ने कथित तौर पर इस फिल्म को छोड़ दिया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक रणवीर के फिल्म छोड़ने की वजह से फरहान अख्तर को करीब 40 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। गाली-गलौज और हिंसा पर फंसा पेंच ‘फ्री प्रेस जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर सिंह चाहते थे कि ‘डॉन’ का किरदार आज के दौर के हिसाब से ज्यादा हिंसक और डार्क हो। रणवीर का मानना था कि दर्शकों को पर्दे पर खून-खराबा और ‘कड़ी भाषा’ (गाली-गलौज) पसंद आ रही है। वे चाहते थे कि डॉन के डायलॉग्स में गालियों का इस्तेमाल हो, लेकिन फरहान अख्तर इसके सख्त खिलाफ थे। फरहान ने कहा- ‘डॉन’ गाली नहीं देता फरहान अख्तर ने रणवीर को समझाने की कोशिश की कि ‘डॉन’ फ्रेंचाइजी की एक अपनी गरिमा है। अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान ने इस किरदार को कभी भी गालियों या बेमतलब की मार-काट के जरिए पेश नहीं किया। फरहान अपनी मूल सोच के साथ समझौता करने को तैयार नहीं थे। उनका तर्क था कि ‘डॉन’ एक स्टाइलिश और शातिर अपराधी है, न कि कोई सड़क छाप गुंडा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई और आखिरकार रणवीर ने फिल्म से हाथ पीछे खींच लिए। क्यों शुरू हुआ विवाद? रणवीर और फरहान के बीच अनबन की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई। फिल्म ‘धुरंधर’ की रिलीज के बाद रणवीर सिंह ने अचानक ‘डॉन 3’ से वॉकआउट कर लिया। फरहान और उनके पार्टनर रितेश सिधवानी ने इस मामले को ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के सामने रखा। मीटिंग में बताया गया कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर 40 करोड़ रुपए पहले ही खर्च हो चुके थे और रणवीर ने हर स्टेज पर स्क्रिप्ट को अपनी मंजूरी दी थी। प्रोडक्शन हाउस ने मांगा 40 करोड़ का मुआवजा रणवीर के फिल्म छोड़ने के बाद फरहान की कंपनी ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ ने उन पर भारी जुर्माने की मांग की है। प्रोडक्शन हाउस का कहना है कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन और शूटिंग शेड्यूल में बदलाव की वजह से उन्हें काफी नुकसान हुआ है, इसलिए रणवीर को 40 करोड़ का मुआवजा देना चाहिए। हालांकि, ताजा अपडेट के मुताबिक, रणवीर सिंह फिलहाल अपनी 10 करोड़ रुपए की साइनिंग अमाउंट लौटाने पर सहमत हो गए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
अंजड़ के 5 वार्डों में दूषित जल आपूर्ति:रहवासी बोले- नलों से आ रहा बदबूदार पानी; 8 हजार लोगों को बीमारियों का खतरा

बड़वानी जिले के अंजड़ नगर के वार्ड क्रमांक 7, 8, 9, 14 और 15 में पिछले कई महीनों से नलों के माध्यम से दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इस समस्या के कारण करीब 8 हजार रहवासियों के बीच डायरिया, टाइफाइड और हेपेटाइटिस जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार नर्मदा पाइपलाइन से स्वच्छ पेयजल की मांग की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। वार्डों में भेदभाव और उपेक्षा का आरोप नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सूरजमल पिपल्या ने परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती पर भेदभाव करने के आरोप लगाए हैं। पिपल्या के अनुसार, नगर के कुछ वार्डों को जानबूझकर उपेक्षित रखा जा रहा है और वहां के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद की बताते हुए भेदभाव खत्म करने की मांग की है। अध्यक्ष ने दूषित जल की खबरों को बताया अफवाह नगर परिषद अध्यक्ष मांगीलाल मुकाती ने सभी आरोपों को गलत और अफवाह बताया। मुकाती का दावा है कि वार्ड नंबर 7 और 8 में पीने के लिए अलग से पानी भिजवाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य दैनिक कार्यों के लिए कुएं और बावड़ी का पानी दिया जा रहा है, जबकि पीने के लिए केवल नर्मदा का जल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। पाइपलाइन में टूट-फूट से जल वितरण प्रभावित अध्यक्ष मुकाती ने बताया कि गर्मी के मौसम के कारण पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे जल वितरण में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सप्लाई में देरी हो सकती है, लेकिन पानी नर्मदा का ही दिया जा रहा है। उनके अनुसार, कुछ लोग क्षेत्र में गलत जानकारी फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। बावड़ी और कुओं की सफाई न होने से आक्रोश वार्ड 8 के रहवासियों का आरोप है कि उन्हें जो पानी मिल रहा है वह वर्षों से साफ न की गई बावड़ियों और कुओं का है। जमीनी तस्वीरों में भी इन जल स्रोतों में गंदगी नजर आ रही है। नागरिकों ने मांग की है कि नर्मदा की स्थायी पाइपलाइन से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और पुराने जल स्रोतों की तत्काल सफाई कराई जाए।
चिंतामण ब्रिज से शिप्रा में कूदे युवक की मौत:उज्जैन में बहन से एक घंटे बाद मिलने का कहकर गया, वापस नहीं लौटा

उज्जैन में 22 वर्षीय युवक ने चिंतामण ब्रिज के पास निर्माणाधीन पुल से शिप्रा नदी में छलांग लगा दी। गोताखोरों ने उसे नदी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान इंगोरिया के ग्राम सुवासा निवासी अंकित पाटीदार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बुधवार को अंकित अपनी बड़ी बहन ज्योति के साथ उज्जैन आया था। परिवार शादी समारोह में गया हुआ था, जबकि अंकित और ज्योति घर पर थे। ज्योति इलाज के लिए उज्जैन जाना चाहती थी और अंकित ने कॉलेज के काम का हवाला देकर उसके साथ जाने का फैसला किया। एक घंटे में मिलने का कहकर रुक गया युवक उज्जैन पहुंचकर दोनों जंतर-मंतर क्षेत्र के पास उतरे। अंकित ने अपनी बहन से कहा कि उसका दोस्त आने वाला है और वह यहीं उसका इंतजार करेगा। उसने ज्योति से एक घंटे बाद उसी जगह मिलने या खुद उसके पास आने की बात कही। गोताखोरों ने नदी से बाहर निकाला इसके बाद ज्योति इलाज के लिए चली गई और इसी दौरान अंकित चिंतामण ब्रिज के पास पहुंचा तथा निर्माणाधीन पुल से शिप्रा नदी में कूद गया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ और मां शिप्रा तैराक दल के गोताखोर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद युवक को नदी से बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा एक घंटे बाद जब बहन ज्योति वापस लौटी, तो अंकित वहां नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा था। चिंतित होकर वह घर पहुंची, लेकिन अंकित वहां भी नहीं आया। परिजनों ने इंगोरिया थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने का प्रयास किया, जहां उन्हें नीलगंगा थाने जाने को कहा गया। नीलगंगा थाने में पुलिस ने उन्हें एक अज्ञात शव की तस्वीर दिखाई, जिसकी पहचान अंकित के रूप में हुई। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस फिलहाल इस आत्मघाती कदम के पीछे के स्पष्ट कारणों की जांच कर रही है।
falaq naaz clarification after mocking rahul roy for his cringe reel

5 मिनट पहले कॉपी लिंक राहुल रॉय की कंटेंट क्रिएटर के साथ बनाई गई एक रील वायरल हो गई, जिसके चलते उनका जमकर मजाक बनाया जा रहा था। आलोचना होने पर राहुल रॉय ने एक पोस्ट शेयर कर बताया कि वो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उन्हें छोटे-मोटे काम करने पड़ रहे हैं। अब एक्ट्रेस फलक नाज ने भी राहुल के उस वीडियो का मजाक उड़ाने पर शर्मिंदगी जाहिर कर सफाई दी है। फलक नाज ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो जारी की है, जिसमें उन्होंने कहा है, ‘कल मैंने एक रील डाली थी, जिसमें राहुल रॉय सर थे। पहले मुझे लगा कि उन्होंने बिना मर्जी ऐसा किया है। लेकिन शाम होते-होते मुझे पता चला कि वो जिंदगी में बहुत सी चीजों का सामना कर रहे हैं। वो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्हें हेल्थ इशू हैं। जब मुझे ये पता चला, तो मैंने रात को ही अपनी रील हटा दी। सुबह राहुल सर का स्टेटमेंट आया कि वो ये कंटेंट इसलिए बनाते हैं, क्योंकि लीगल इशू हैं, उन्हें बिल भरना होता है।’ आगे फलक नाज ने कहा, ‘जब उन्होंने ये कहा कि अगर आपको चिंता है, तो मदद कर दीजिए। मेरे लिए अच्छा काम ढूंढ दीजिए। क्यों नहीं सर। बिल्कुल करेंगे। हम आपको देख कर बड़े हुए हैं। मुझे बहुत बुरा लगा ये स्टेटमेंट देखकर। क्योंकि ये वक्त किसी के भी ऊपर आ सकता है। एक इंसान के तौर पर मुझे अचानक झटका लगा कि जिस इंसान के गाने इतने चलते आए हैं, वो बिग बॉस का पहला विनर रहा है, तो ये सुनकर, देखकर मुझे बुरा लगा कि वो एक आर्टिस्ट के रूप में ऐसा कंटेंट बना रहे हैं, जो उन्हें सूट नहीं करता। लेकिन वो करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें कोई दूसरा काम ही नहीं मिल रहा।’ आखिर में फलक ने कहा, ‘मेरा ये वीडियो बनाने का मकसद ये है कि अगर इससे उन्हें थोड़ी भी मदद मिल सके। अगर में वो वीडियो बना सकती हूं, तो ये तो बिल्कुल बनाऊंगी, जिससे आपको काम मिलने में मदद हो सके। कुछ लोग हैं उस मुकाम पर जो उनकी हेल्प कर सकते हैं। जो उन्हें काम दे सकते हैं, प्लीज उनसे संपर्क करें। ये किसी के साथ भी हो सकता है।’ एक्ट्रेस ने वीडियो के जरिए लोगों से राहुल को काम देने की अपील की है। बता दें कि राहुल रॉय का एक महिला के साथ वीडियो वायरल हो गया। जिसके बाद लोग उन्हें ट्रोल करने लगे। इसके बाद आज राहुल ने सोशल मीडिया अकाउंट से मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा, ‘अगर आप सच में इतने चिंतित हैं, तो मेरी मदद करें कि मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम मिल सके, ताकि मैं अपने बिल चुका सकूं और लीगल मामलों का पेमेंट कर सकूं। कम से कम मैं मेहनत करके कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं और ब्रेन स्ट्रोक के बाद, मेरे लिए एक्टिव रहना जरूरी है। मैं जितने समय तक जीवित हूं, काम करना चाहता हूं। यह मेरे दिमाग को एक्टिव रखता है और मुझे उद्देश्य और जिम्मेदारी का एहसास कराता है कि मैं आज भी काम कर रहा हूं। हां, कभी-कभी थोड़ा दर्द हो सकता है, लेकिन आप मुझे तोड़ नहीं सकते।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
निशांत सिंधु बोले- गुजरात टाइटंस का माहौल परिवार जैसा:गिल से काफी सीखता हूं, धोनी से दबाव के समय शांत रहना सीखा

गुजरात टाइटंस के ऑलराउंडर निशांत सिंधु ने कहा कि टीम का माहौल बिल्कुल परिवार जैसा है, जहां हर खिलाड़ी एक-दूसरे का समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि युवा कप्तान शुभमन गिल से वह मैच की तैयारी और अनुशासन को लेकर काफी कुछ सीखते हैं। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी से उन्होंने दबाव के समय शांत रहकर फैसले लेना सीखा। निशांत ने अपनी क्रिकेट यात्रा, अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत और परिवार के समर्थन को लेकर भी खुलकर बात की। सवाल: गुजरात टाइटंस जैसी टीम का हिस्सा बनने पर कैसा लगा, जिसने डेब्यू सीजन में ही खिताब जीता था? निशांत: ऐसी टीम का हिस्सा बनकर बहुत अच्छा लगा। यहां का माहौल परिवार जैसा है। मैंने पहले भी इस टीम के बारे में काफी अच्छी बातें सुनी थीं। सवाल: आप एक ऑलराउंडर हैं। वॉशिंगटन सुंदर से कितना सीखने को मिलता है? निशांत: उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है। वह भी ऑलराउंडर हैं और मैं भी। हम मैच और बल्लेबाजी को लेकर काफी चर्चा करते हैं। सवाल: 2022 में आपने भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताया। उस जीत का अनुभव कैसा रहा? निशांत: हमने 2019 से ही साथ खेलना शुरू कर दिया था। चैलेंजर ट्रॉफी और एशिया कप भी साथ जीते थे। हमारी टीम की बॉन्डिंग काफी अच्छी थी। इसलिए वर्ल्ड कप में हमें एक-दूसरे को समझने में आसानी हुई। हमने पहले कई टीमों के खिलाफ खेला था, इसलिए उनके बारे में अच्छी जानकारी थी। सवाल: शुभमन गिल काफी युवा कप्तान हैं। उनकी लीडरशिप से क्या सीखते हैं? निशांत: इतनी कम उम्र में उन्होंने खुद को काफी मैच्योर किया है। वह भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। मैं उनके रूटीन और मैच से पहले की तैयारी को ध्यान से देखता हूं और उनसे काफी सीखता हूं। सवाल: आपके पिता शिक्षक और बॉक्सर रहे हैं। आपकी शुरुआती क्रिकेट यात्रा में उनका कितना योगदान रहा? निशांत: बचपन से ही उन्होंने हमारा बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने कभी पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला। मेरे पिता खुद बॉक्सिंग करते थे और चाहते थे कि मैं खेलों में आगे बढ़ूं। बचपन से ही उन्होंने मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। सवाल: आपने एमएस धोनी से सबसे बड़ी क्या सीख ली? दबाव को कैसे संभालते हैं? निशांत: मैंने उनसे मेहनत और अनुशासन सीखा। दबाव के समय शांत रहना और अपने खेल पर फोकस करना सबसे जरूरी होता है।
falaq naaz clarification after mocking rahul roy for his cringe reel

21 मिनट पहले कॉपी लिंक राहुल रॉय की कंटेंट क्रिएटर के साथ बनाई गई एक रील वायरल हो गई, जिसके चलते उनका जमकर मजाक बनाया जा रहा था। आलोचना होने पर राहुल रॉय ने एक पोस्ट शेयर कर बताया कि वो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उन्हें छोटे-मोटे काम करने पड़ रहे हैं। अब एक्ट्रेस फलक नाज ने भी राहुल के उस वीडियो का मजाक उड़ाने पर शर्मिंदगी जाहिर कर सफाई दी है। फलक नाज ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो जारी की है, जिसमें उन्होंने कहा है, ‘कल मैंने एक रील डाली थी, जिसमें राहुल रॉय सर थे। पहले मुझे लगा कि उन्होंने बिना मर्जी ऐसा किया है। लेकिन शाम होते-होते मुझे पता चला कि वो जिंदगी में बहुत सी चीजों का सामना कर रहे हैं। वो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्हें हेल्थ इशू हैं। जब मुझे ये पता चला, तो मैंने रात को ही अपनी रील हटा दी। सुबह राहुल सर का स्टेटमेंट आया कि वो ये कंटेंट इसलिए बनाते हैं, क्योंकि लीगल इशू हैं, उन्हें बिल भरना होता है।’ आगे फलक नाज ने कहा, ‘जब उन्होंने ये कहा कि अगर आपको चिंता है, तो मदद कर दीजिए। मेरे लिए अच्छा काम ढूंढ दीजिए। क्यों नहीं सर। बिल्कुल करेंगे। हम आपको देख कर बड़े हुए हैं। मुझे बहुत बुरा लगा ये स्टेटमेंट देखकर। क्योंकि ये वक्त किसी के भी ऊपर आ सकता है। एक इंसान के तौर पर मुझे अचानक झटका लगा कि जिस इंसान के गाने इतने चलते आए हैं, वो बिग बॉस का पहला विनर रहा है, तो ये सुनकर, देखकर मुझे बुरा लगा कि वो एक आर्टिस्ट के रूप में ऐसा कंटेंट बना रहे हैं, जो उन्हें सूट नहीं करता। लेकिन वो करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें कोई दूसरा काम ही नहीं मिल रहा।’ आखिर में फलक ने कहा, ‘मेरा ये वीडियो बनाने का मकसद ये है कि अगर इससे उन्हें थोड़ी भी मदद मिल सके। अगर में वो वीडियो बना सकती हूं, तो ये तो बिल्कुल बनाऊंगी, जिससे आपको काम मिलने में मदद हो सके। कुछ लोग हैं उस मुकाम पर जो उनकी हेल्प कर सकते हैं। जो उन्हें काम दे सकते हैं, प्लीज उनसे संपर्क करें। ये किसी के साथ भी हो सकता है।’ एक्ट्रेस ने वीडियो के जरिए लोगों से राहुल को काम देने की अपील की है। बता दें कि राहुल रॉय का एक महिला के साथ वीडियो वायरल हो गया। जिसके बाद लोग उन्हें ट्रोल करने लगे। इसके बाद आज राहुल ने सोशल मीडिया अकाउंट से मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा, ‘अगर आप सच में इतने चिंतित हैं, तो मेरी मदद करें कि मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम मिल सके, ताकि मैं अपने बिल चुका सकूं और लीगल मामलों का पेमेंट कर सकूं। कम से कम मैं मेहनत करके कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं और ब्रेन स्ट्रोक के बाद, मेरे लिए एक्टिव रहना जरूरी है। मैं जितने समय तक जीवित हूं, काम करना चाहता हूं। यह मेरे दिमाग को एक्टिव रखता है और मुझे उद्देश्य और जिम्मेदारी का एहसास कराता है कि मैं आज भी काम कर रहा हूं। हां, कभी-कभी थोड़ा दर्द हो सकता है, लेकिन आप मुझे तोड़ नहीं सकते।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
निशांत सिंधु बोले- गुजरात टाइटंस का माहौल परिवार जैसा:गिल से काफी सीखता हूं, धोनी से दबाव के समय शांत रहना सीखा

गुजरात टाइटंस के ऑलराउंडर निशांत सिंधु ने कहा कि टीम का माहौल बिल्कुल परिवार जैसा है, जहां हर खिलाड़ी एक-दूसरे का समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि युवा कप्तान शुभमन गिल से वह मैच की तैयारी और अनुशासन को लेकर काफी कुछ सीखते हैं। वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी से उन्होंने दबाव के समय शांत रहकर फैसले लेना सीखा। निशांत ने अपनी क्रिकेट यात्रा, अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत और परिवार के समर्थन को लेकर भी खुलकर बात की। सवाल: गुजरात टाइटंस जैसी टीम का हिस्सा बनने पर कैसा लगा, जिसने डेब्यू सीजन में ही खिताब जीता था? निशांत: ऐसी टीम का हिस्सा बनकर बहुत अच्छा लगा। यहां का माहौल परिवार जैसा है। मैंने पहले भी इस टीम के बारे में काफी अच्छी बातें सुनी थीं। सवाल: आप एक ऑलराउंडर हैं। वॉशिंगटन सुंदर से कितना सीखने को मिलता है? निशांत: उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है। वह भी ऑलराउंडर हैं और मैं भी। हम मैच और बल्लेबाजी को लेकर काफी चर्चा करते हैं। सवाल: 2022 में आपने भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताया। उस जीत का अनुभव कैसा रहा? निशांत: हमने 2019 से ही साथ खेलना शुरू कर दिया था। चैलेंजर ट्रॉफी और एशिया कप भी साथ जीते थे। हमारी टीम की बॉन्डिंग काफी अच्छी थी। इसलिए वर्ल्ड कप में हमें एक-दूसरे को समझने में आसानी हुई। हमने पहले कई टीमों के खिलाफ खेला था, इसलिए उनके बारे में अच्छी जानकारी थी। सवाल: शुभमन गिल काफी युवा कप्तान हैं। उनकी लीडरशिप से क्या सीखते हैं? निशांत: इतनी कम उम्र में उन्होंने खुद को काफी मैच्योर किया है। वह भारतीय टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। मैं उनके रूटीन और मैच से पहले की तैयारी को ध्यान से देखता हूं और उनसे काफी सीखता हूं। सवाल: आपके पिता शिक्षक और बॉक्सर रहे हैं। आपकी शुरुआती क्रिकेट यात्रा में उनका कितना योगदान रहा? निशांत: बचपन से ही उन्होंने हमारा बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने कभी पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला। मेरे पिता खुद बॉक्सिंग करते थे और चाहते थे कि मैं खेलों में आगे बढ़ूं। बचपन से ही उन्होंने मुझे क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। सवाल: आपने एमएस धोनी से सबसे बड़ी क्या सीख ली? दबाव को कैसे संभालते हैं? निशांत: मैंने उनसे मेहनत और अनुशासन सीखा। दबाव के समय शांत रहना और अपने खेल पर फोकस करना सबसे जरूरी होता है।
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम भविष्यवाणी 2026: देखने लायक 57 सीटें | भारत समाचार

आखरी अपडेट:30 अप्रैल, 2026, 14:55 IST 2021 के चुनाव में ये बेहद कम जीत उन सीटों के एक समूह को उजागर करती है जो आसानी से किसी भी तरफ जा सकती हैं, जिससे वे 2026 के चुनाव परिणामों में महत्वपूर्ण युद्ध का मैदान बन जाएंगी। टीएमसी के पास 34 सीटें हैं जो 2021 के चुनावों में मामूली अंतर से जीती थीं। (छवि: पीटीआई फ़ाइल) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 भविष्यवाणी: तृणमूल कांग्रेस ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारी जीत हासिल की, जबकि भाजपा ने महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की, 77 सीटें जीतीं और कांग्रेस और वामपंथियों के वोट शेयर में कटौती की। जैसे ही राज्य 2026 के चुनाव की मतगणना की ओर बढ़ रहा है, लगभग 57 निर्वाचन क्षेत्र प्रमुख युद्ध के मैदान के रूप में उभरे हैं, जिन्हें अक्सर “क्लिफेंजर सीटों” के रूप में वर्णित किया जाता है, क्योंकि 2021 में जीत का अंतर 8,000 वोटों से कम था। मौजूदा 2026 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर जोर-शोर से नजर रखी जा रही है. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण 91 लाख से अधिक मतदाताओं को हटा दिया गया, इनमें से कई सीटों पर विलोपन की संख्या वास्तव में मूल जीत के अंतर से अधिक है, जो उन्हें अत्यधिक अप्रत्याशित बनाती है। 57 कम मार्जिन वाली सीटें (2021 डेटा) भाजपा के पास पश्चिम बंगाल में 23 सीटें हैं जो पिछले चुनाव में मामूली अंतर से जीती थीं, जो करीबी मुकाबले में उनकी कमजोरी को रेखांकित करती हैं। सबसे कड़ी जीत दिनहाटा में थी, जहां निसिथ प्रमाणिक ने केवल 57 वोटों से जीत हासिल की – जो राज्य में सबसे कम अंतर था। अन्य करीबी मुकाबले वाली सीटों में घाटल (966 वोट), मोयना (1,260), शीतलकुची (1,600) और नंदीग्राम शामिल हैं, जहां सुवेंदु अधिकारी ने 1,956 वोटों से जीत हासिल की। उत्तर और मध्य बंगाल में, मालदा (2,400), खड़गपुर सदर (3,771), पारा (3,800), फालाकाटा (3,900), बालुरघाट (4,236), बलरामपुर (4,300), और गंगारामपुर (4,500) जैसी कई सीटों पर भी मामूली अंतर से फैसला हुआ। मदारीहाट (5,100), जॉयपुर (6,200), पुरुलिया (6,400), ओंडा (6,500), बनगांव उत्तर (6,800), इंदास (7,100), बनगांव दक्षिण (7,200), बाघमुंडी (7,600), और खतरा (7,800) सहित कई निर्वाचन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत मध्यम लेकिन अभी भी प्रतिस्पर्धी अंतर देखा गया। दूसरी ओर, टीएमसी के पास 34 सीटें हैं जो कम अंतर से जीती गईं, जो अगले चुनाव से पहले कई कमजोर निर्वाचन क्षेत्रों को उजागर करती हैं। निकटतम मुकाबलों में दांतन (623 वोट), तमलुक (793), जलपाईगुड़ी (941), और सागरदिघी (1,200) और गज़ोल (1,700) शामिल थे। अन्य कड़ी लड़ाई वाली सीटों में ताला (2,100), महिषादल (2,386), नारायणगढ़ (2,416), बैस्नाबनगर (2,471), और सुजौर (आंतरिक बदलाव के बाद लगभग 2,500 वोट) शामिल हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद क्षेत्रों के कई निर्वाचन क्षेत्रों में भी करीबी परिणाम देखने को मिले, जिनमें मानिकचक (3,387), समसेरगंज (3,400), मोथाबारी (3,100), हाबरा (3,800), और फरक्का (4,900) शामिल हैं। मध्य श्रेणी की श्रेणी में, हावड़ा उत्तर (5,522), नंदकुमार (5,406), बालागढ़ (5,784), रानीनगर (5,800), मुर्शिदाबाद (6,100), अमदंगा (6,400), पिंगला (6,656), और बल्ली (6,237) जैसी सीटें प्रतिस्पर्धी मार्जिन से तय की गईं। इस बीच, कटवा (7,000), तारकेश्वर (7,484), रतुआ (7,300), इस्लामपुर (7,200), अशोकनगर (7,100), चोपड़ा (6,900), चंचल (6,500), हरिश्चंद्रपुर (7,500), बशीरहाट दक्षिण (5,900), बशीरहाट उत्तर (7,700), और इंग्लिश बाजार में अपेक्षाकृत अधिक लेकिन अभी भी विवादास्पद अंतर देखा गया। (8,000). ये बेहद कम जीत उन सीटों के एक समूह को उजागर करती है जो आसानी से किसी भी दिशा में जा सकती हैं, जिससे वे पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों में महत्वपूर्ण युद्ध का मैदान बन सकती हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 30 अप्रैल, 2026, 14:55 IST न्यूज़ इंडिया पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 भविष्यवाणी: लगभग 60 सीटें जहां सिर्फ कुछ हजार वोट विजेता का फैसला करेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल करीबी मुकाबले 2026(टी)बंगाल चुनाव प्रमुख सीटें(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी करीबी मुकाबले(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम(टी)बंगाल बैटलग्राउंड सीटें 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव भविष्यवाणी(टी)ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल हॉट सीटें(टी)बंगाल चुनाव जीत का अंतर(टी)डब्ल्यूबी विधानसभा चुनाव 2026








