Monday, 15 Jun 2026 | 09:45 AM

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‘बीजेपी के सांसद बांग्लादेशी- रोहिंग्या कहते हैं, उनकी पत्नी ढाका की बिक्री…’,महुआ मोइत्रा ने की गिनती से पहले बोली

'बीजेपी के सांसद बांग्लादेशी- रोहिंग्या कहते हैं, उनकी पत्नी ढाका की बिक्री...',महुआ मोइत्रा ने की गिनती से पहले बोली

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बीजेपी को अकाउंटिंग से पहले सुपरस्टार रेसलर पर ले रही है. अब इसी तरह एक नाम और जुड़ गया है। शोर मचाने वाली भीड़ रहती है। उन्होंने बंगाल के लोगों को बांग्लादेशी और रोहिंग्या के दर्शन के लिए हाथ मिलाया है। बता दें, डिजिटल पोल जारी होने के बाद राजनीतिक पारा राज्य का मामला सामने आया है। यूक्रेनी मोइत्रा ने कहा कि बीजेपी के पेशेवर समुद्र तट पर जाने वाले मुस्लिम, बांग्लादेशी और रोहिंग्या कहते हैं। जबकि उनकी पत्नी बंगाल चुनाव प्रचार में उनके साथ हैं. लोगों को फोन करके पूछा गया कि उन्हें असली ढाकाई जामदानी कहां मिल सकता है। ये बीजेपी का असली चेहरा है. मॉडर्न मिनियन ने यह बयान एक्स पर पोस्ट करते हुए दिया है। आईपीएस अजय पाल को स्ट्रेंथ पर लगाया गया था हमेशा चर्चाओं में रहने वाली समाजवादी पार्टी के अंतिम चरण की वोटिंग से पहले एक बयान में कहा गया था कि हंगामा मच गया था। तब उन्होंने एक वीडियो जारी किया जिसमें यूपी के अनुयायी और दक्षिण 24 परगना जिले के वैज्ञानिक अजय पाल शर्मा का सारांश शामिल था। इस वीडियो में कथित तौर पर अजय पाल डांसर्स के बीच नाचते नजर आ रहे थे। तब मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर दो वीडियो शेयर किए थे. उस दौरान एक स्पेशल फीमेल के अपोजिट स्टार ताली बजा रही थी, जबकि फीमेल डांस कर रही थी। वहीं दूसरे वीडियो में एक आदमी महिला के पास एक गाने पर थिरकता दिख रही थी। इस पर मोइत्रा ने कहा था कि फेयर एंड लवली बबुआ अजय पाल। आपको फेंटा कॉप स्टाइल में मस्ती करते हुए देखकर अच्छा लगा। ठंडा-ठंडा कूल कूल रहो. बंगाल हमेशा से बेरोजगार है. इसके अलावा उन्होंने एक पोस्ट के जरिए निंदा करते हुए कहा था कि मेरे फेयर एंड लवली बबुआ अजय पाल शर्मा अपराधी हैं, हम तो वो लोग हैं, जो कैद से आपके छोटे फैंटा और बड़े फैंटा का भी इलाज कर लेते हैं। हीरोगिरी लिटिल संभल के। ये भी पढ़ें: ‘सर्विलेंस पर इला ममता’, स्ट्रॉन्ग रूम में डोर क्या कर रही थी बंगाल के सीएम, शुभेंदु अधिकारी ने जारी की तस्वीरें (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)महुआ मोइत्रा(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)चुनाव(टी)महुआ ने बीजेपी एमपी(टी)पर कटाक्ष कियाताजा समाचार(टी)ढाका साड़ी(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)हिंदी चुनाव समाचार(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)महुआ मोइत्रा(टी)एमसीटी बीजेपी(टी)चुनाव(टी)महुआ ने बीजेपी सांसद पर कटाक्ष(टी)ताजा खबर(टी)ढाका रोजगार(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)हिंदी चुनाव समाचार

Pilot Association Demands DGCA Medical Report on Flight Duty Limits

Pilot Association Demands DGCA Medical Report on Flight Duty Limits

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक एक हफ्ते में दो पायलटों की हार्ट अटैक से मौत के बाद ‘पायलट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (ALPA) ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एयरलाइंस पर सख्त रुख की मांग की है। एसोसिएशन ने DGCA को पत्र लिखकर पायलटों की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा, अपील की कि ड्यूटी के घंटों (FDTL) में ढील के किसी भी प्रस्ताव को तुरंत खारिज किया जाए। पायलटों ने कहा कि बढ़ते काम के बोझ और थकान से उनकी जान जोखिम में है। हार्ट अटैक से दोनों पायलटों की मौत हाल ही में एअर इंडिया के एक पायलट की बाली (इंडोनेशिया) में रेस्ट पीरियड के दौरान मौत हो गई। दो दिन बाद अकासा एयर के एक पायलट की ट्रेनिंग के दौरान मौत हो गई। दोनों मामलों में वजह हार्ट अटैक बताई गई। हालांकि, दोनों पायलट घटना के वक्त ड्यूटी पर नहीं थे, लेकिन एसोसिएशन का तर्क है कि लगातार उड़ानों का दबाव और आराम की कमी पायलटों की सेहत पर भारी पड़ रही है। DGCA को पत्र लिखकर नियम लागू करने में देरी पर उठाए सवाल ALPA इंडिया ने DGCA प्रमुख वीर विक्रम यादव और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा को पत्र लिखकर मांग की कि संशोधित ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन्स’ (FDTL) नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए एक तय समय सीमा बनाई जाए। एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि पायलटों की थकान की रिपोर्टिंग के लिए एक पारदर्शी सिस्टम होना चाहिए, जिसकी जानकारी हर 3 महीने में सार्वजनिक की जाए। थकान की शिकायतों को नजरअंदाज कर रही हैं कंपनियां एसोसिएशन ने RTI से मिली जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि एयरलाइन ऑपरेटर्स द्वारा पायलटों की थकान से जुड़ी शिकायतों को स्वीकार करने की दर बहुत कम है। पत्र में लिखा गया है कि यह ट्रेंड सुरक्षा संस्कृति के खिलाफ है और रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम को कमजोर करता है। पायलटों का कहना है कि सिर्फ कागजों पर रेगुलेटरी लिमिट का पालन करना काफी नहीं है, बल्कि पायलटों का असल में फिट और रिलैक्स्ड होना जरूरी है। नए नियमों में क्या है खास और क्यों हो रही देरी? सरकार ने पायलटों को अधिक आराम देने के लिए FDTL नियमों में बदलाव किया था, जिसमें साप्ताहिक आराम के घंटों को बढ़ाने और रात की उड़ानों की लिमिट तय करने की बात कही गई थी। हालांकि, कई एयरलाइंस ने ऑपरेशनल दिक्कतों का हवाला देते हुए इन्हें लागू करने के लिए और वक्त मांगा है। ALPA का कहना है कि कमर्शियल फायदों के लिए सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जा सकता। नया टैलेंट होने का मतलब शोषण का लाइसेंस नहीं पायलट एसोसिएशन ने कहा कि देश में नए और युवा पायलटों की बड़ी संख्या का मतलब यह नहीं कि एयरलाइंस इसका इस्तेमाल शोषण या सुरक्षा नियम हल्का करने के लिए करें। एसोसिएशन ने मांग की कि पायलटों की मेडिकल फिटनेस का डेटा सार्वजनिक किया जाए ताकि जवाबदेही तय हो सके और भविष्य में ऐसी असामयिक मौतें रोकी जा सकें। ———————- ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹994 तक महंगा: 5Kg वाले सिलेंडर के दाम भी ₹261 बढ़े; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में 261 रुपए का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब ‘छोटू’ सिलेंडर की रिफिल कीमत 813.50 रुपए हो गई है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Bengaluru Census Employee Assault Case Filed

Bengaluru Census Employee Assault Case Filed

बेंगलुरु9 मिनट पहले कॉपी लिंक बेंगलुरु में नेशनल जनगणना के काम के दौरान एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसने महिला कर्मचारी को गाली दी और काम करने से रोका। पुलिस ने बताया कि घटना 30 अप्रैल को शाम करीब 4 बजे की है। महिला एन्यूमरेटर जनगणना के काम के लिए टी दसरहल्ली इलाके के मल्लासंद्रा में एक घर पर गई थीं। उसी दौरान आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। कर्मचारी से गाली-गलौज की शिकायत जनगणना सुपरवाइजरी ऑफिसर योगेश ओ जी ने दर्ज कराई है। उनके मुताबिक आनंद मुनियप्पा नाम के व्यक्ति ने जनगणना का काम रोकने की कोशिश की और महिला कर्मचारी से गाली-गलौज की। FIR में कहा गया है कि उसने जरूरी जानकारी देने से भी इनकार कर दिया। इसी के साथ आरोपी ने महिला अधिकारी को उनकी ड्यूटी करने से भी रोका। पुलिस के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और जनगणना अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। बागलगुंटे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना के काम में सहयोग करें, ताकि यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो सके। ———————– ये खबर भी पढ़ें: जनगणना आज से, PM ने ऑनलाइन फॉर्म भरा:कुल 33 सवाल; मोबाइल में FM का मतलब रेडियो, लिव-इन कपल शादीशुदा माना जाएगा जनगणना 2027 का पहला फेज आज (1 अप्रैल) से शुरू हो गया है। यह 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने X पर बताया कि उन्होंने अपनी सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-गणना) पूरी कर ली है। उन्होंने ऑनलाइन फॉर्म भरते हुए तस्वीर भी शेयर की। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pilot Association Demands DGCA Medical Report on Flight Duty Limits

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नई दिल्ली34 मिनट पहले कॉपी लिंक एक हफ्ते में दो पायलटों की हार्ट अटैक से मौत के बाद ‘पायलट एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (ALPA) ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एयरलाइंस पर सख्त रुख की मांग की है। एसोसिएशन ने DGCA को पत्र लिखकर पायलटों की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा, अपील की कि ड्यूटी के घंटों (FDTL) में ढील के किसी भी प्रस्ताव को तुरंत खारिज किया जाए। पायलटों ने कहा कि बढ़ते काम के बोझ और थकान से उनकी जान जोखिम में है। हार्ट अटैक से दोनों पायलटों की मौत हाल ही में एअर इंडिया के एक पायलट की बाली (इंडोनेशिया) में रेस्ट पीरियड के दौरान मौत हो गई। दो दिन बाद अकासा एयर के एक पायलट की ट्रेनिंग के दौरान मौत हो गई। दोनों मामलों में वजह हार्ट अटैक बताई गई। हालांकि, दोनों पायलट घटना के वक्त ड्यूटी पर नहीं थे, लेकिन एसोसिएशन का तर्क है कि लगातार उड़ानों का दबाव और आराम की कमी पायलटों की सेहत पर भारी पड़ रही है। DGCA को पत्र लिखकर नियम लागू करने में देरी पर उठाए सवाल ALPA इंडिया ने DGCA प्रमुख वीर विक्रम यादव और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा को पत्र लिखकर मांग की कि संशोधित ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन्स’ (FDTL) नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए एक तय समय सीमा बनाई जाए। एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि पायलटों की थकान की रिपोर्टिंग के लिए एक पारदर्शी सिस्टम होना चाहिए, जिसकी जानकारी हर 3 महीने में सार्वजनिक की जाए। थकान की शिकायतों को नजरअंदाज कर रही हैं कंपनियां एसोसिएशन ने RTI से मिली जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि एयरलाइन ऑपरेटर्स द्वारा पायलटों की थकान से जुड़ी शिकायतों को स्वीकार करने की दर बहुत कम है। पत्र में लिखा गया है कि यह ट्रेंड सुरक्षा संस्कृति के खिलाफ है और रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम को कमजोर करता है। पायलटों का कहना है कि सिर्फ कागजों पर रेगुलेटरी लिमिट का पालन करना काफी नहीं है, बल्कि पायलटों का असल में फिट और रिलैक्स्ड होना जरूरी है। नए नियमों में क्या है खास और क्यों हो रही देरी? सरकार ने पायलटों को अधिक आराम देने के लिए FDTL नियमों में बदलाव किया था, जिसमें साप्ताहिक आराम के घंटों को बढ़ाने और रात की उड़ानों की लिमिट तय करने की बात कही गई थी। हालांकि, कई एयरलाइंस ने ऑपरेशनल दिक्कतों का हवाला देते हुए इन्हें लागू करने के लिए और वक्त मांगा है। ALPA का कहना है कि कमर्शियल फायदों के लिए सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जा सकता। नया टैलेंट होने का मतलब शोषण का लाइसेंस नहीं पायलट एसोसिएशन ने कहा कि देश में नए और युवा पायलटों की बड़ी संख्या का मतलब यह नहीं कि एयरलाइंस इसका इस्तेमाल शोषण या सुरक्षा नियम हल्का करने के लिए करें। एसोसिएशन ने मांग की कि पायलटों की मेडिकल फिटनेस का डेटा सार्वजनिक किया जाए ताकि जवाबदेही तय हो सके और भविष्य में ऐसी असामयिक मौतें रोकी जा सकें। ———————- ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹994 तक महंगा: 5Kg वाले सिलेंडर के दाम भी ₹261 बढ़े; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में 261 रुपए का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब ‘छोटू’ सिलेंडर की रिफिल कीमत 813.50 रुपए हो गई है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Bengaluru Census Employee Assault Case Filed

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बेंगलुरु38 मिनट पहले कॉपी लिंक बेंगलुरु में नेशनल जनगणना के काम के दौरान एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसने महिला कर्मचारी को गाली दी और काम करने से रोका। पुलिस ने बताया कि घटना 30 अप्रैल को शाम करीब 4 बजे की है। महिला एन्यूमरेटर जनगणना के काम के लिए टी दसरहल्ली इलाके के मल्लासंद्रा में एक घर पर गई थीं। उसी दौरान आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। कर्मचारी से गाली-गलौज की शिकायत जनगणना सुपरवाइजरी ऑफिसर योगेश ओ जी ने दर्ज कराई है। उनके मुताबिक आनंद मुनियप्पा नाम के व्यक्ति ने जनगणना का काम रोकने की कोशिश की और महिला कर्मचारी से गाली-गलौज की। FIR में कहा गया है कि उसने जरूरी जानकारी देने से भी इनकार कर दिया। इसी के साथ आरोपी ने महिला अधिकारी को उनकी ड्यूटी करने से भी रोका। पुलिस के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और जनगणना अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। बागलगुंटे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बेंगलुरु नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना के काम में सहयोग करें, ताकि यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो सके। ———————– ये खबर भी पढ़ें: जनगणना आज से, PM ने ऑनलाइन फॉर्म भरा:कुल 33 सवाल; मोबाइल में FM का मतलब रेडियो, लिव-इन कपल शादीशुदा माना जाएगा जनगणना 2027 का पहला फेज आज (1 अप्रैल) से शुरू हो गया है। यह 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने X पर बताया कि उन्होंने अपनी सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-गणना) पूरी कर ली है। उन्होंने ऑनलाइन फॉर्म भरते हुए तस्वीर भी शेयर की। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

नाती ने रची थी दादी की हत्या की साजिश:शिवपुरी में सुपारी लेकर आए दोस्त ने पैर छूकर मार दी थी गोली

नाती ने रची थी दादी की हत्या की साजिश:शिवपुरी में सुपारी लेकर आए दोस्त ने पैर छूकर मार दी थी गोली

शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के डेहरवारा गांव में 22 अप्रैल को हुई बुजुर्ग महिला रामसखी धाकड़ की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, इस वारदात का मास्टरमाइंड महिला का नाती निकला, जिसने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। घटना 22 अप्रैल की दोपहर की है, जब तीन युवक बाइक पर सवार होकर डेहरवारा गांव पहुंचे। उन्होंने शादी का कार्ड देने के बहाने रामसखी धाकड़ के घर का दरवाजा खुलवाया। जैसे ही महिला बाहर आईं, एक युवक ने पहले उनके पैर छुए और फिर तुरंत उनके सिर में गोली मार दी। यह वारदात नातिन के सामने हुई थी। बंटवारे से नाखुश था परिवार जांच में सामने आया कि रामसखी धाकड़ की शादी लक्ष्मी नारायण लोधी से हुई थी। परिवार के पास करीब 35 बीघा जमीन थी, जिसका बंटवारा पहले ही हो चुका था। रामसखी अपनी हिस्से की जमीन अपने बेटे मुनेश धाकड़ के नाम करना चाहती थीं, जिससे परिवार में विवाद बढ़ गया था। शुरुआत में शक सौतेले बेटों पर गया था, जिन पर नामांतरण का विरोध करने का आरोप था। एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि पुलिस जांच के बाद इस हत्या का मास्टरमाइंड रामसखी की सौतेली बेटी गुड्डी धाकड़ का बेटा पुष्पराज धाकड़ निकला। पुलिस के मुताबिक, पुष्पराज अपनी मां के साथ रामसखी द्वारा कथित दुर्व्यवहार से नाराज था और इसी का बदला लेने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई। पैसों का लालच देकर कराई थी हत्या पुष्पराज की दोस्ती शिवपुरी में रहने वाले निकेंद्र रावत से थी, जो कर्ज में डूबा हुआ था। पुष्पराज ने निकेंद्र को पैसों का लालच देकर हत्या के लिए राजी किया। हत्या के दिन दोनों शादी का कार्ड लेकर घर पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल निकेंद्र की थी और गोली भी उसी ने चलाई थी। वारदात से पहले करीब 36 हजार रुपए खर्च किए गए थे और आगे और पैसे देने की बात तय हुई थी। दोनों आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल बरामद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है। तेंदुआ थाना पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के 2 गुर्गों को सजा:मोहाली की NIA कोर्ट का फैसला; मोगा DC ऑफिस पर फहराया था खालिस्तानी झंडा

आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के 2 गुर्गों को सजा:मोहाली की NIA कोर्ट का फैसला; मोगा DC ऑफिस पर फहराया था खालिस्तानी झंडा

पंजाब की मोहाली स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने पांच साल पहले मोगा के डीसी आफिस में खालिस्तानी झंडा फहराने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया करते हुए 5 साल 6 महीने की सजा सुनाई है। साथ ही 16-16 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषियों में मोगा निवासी इंद्रजीत सिंह और जसपाल सिंह के रूप में उन्हें आईपीसी, यूए(पी) एक्ट और राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया। झंडा काटकर नीचे गिराया जांच के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले मोगा के डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय की इमारत पर खालिस्तानी झंडा फहराया था। आरोपियों ने भारतीय तिरंगे की रस्सी काटकर उसे नीचे गिरा दिया और बाद में उसे घसीटा भी था। पन्नू के कहने पर रची साजिश NIA के अनुसार, यह पूरी साजिश सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के जनरल काउंसिल और घोषित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के कहने पर रची गई थी। जांच में सामने आया कि SFJ से नकद इनाम के बदले यह काम कराया गया था। मामले में हरप्रीत सिंह नाम के SFJ सदस्य की भूमिका भी सामने आई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, उसने इंद्रजीत और जसपाल को इस काम के लिए पैसे दिए थे। 2500 डॉलर नाम देने की घोषणा हुई NIA ने बताया कि गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पंजाब और हरियाणा के युवाओं को खालिस्तानी झंडे फहराने के लिए उकसाया था। उसने सरकारी दफ्तरों पर ऐसा झंडा लगाने वालों के लिए 2500 अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा भी की थी।

आदित्य धर को कोर्ट से राहत:धुरंधर की स्क्रिप्ट चोरी मामले में सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने वाली याचिका खारिज; आदित्य के खिलाफ बयान नहीं देंगे सकेंगे

आदित्य धर को कोर्ट से राहत:धुरंधर की स्क्रिप्ट चोरी मामले में सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने वाली याचिका खारिज; आदित्य के खिलाफ बयान नहीं देंगे सकेंगे

फिल्म ‘धुरंधर’ की कहानी चुराने (प्लेगरिज्म) के विवाद में डायरेक्टर आदित्य धर को गुरुवार को दो अलग-अलग अदालतों से बड़ी राहत मिली है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट में शिकायतकर्ता संतोष ने भरोसा दिलाया कि वह अब डायरेक्टर के खिलाफ कोई भी मानहानि वाला बयान नहीं देंगे। कर्नाटक HC ने शिकायत में नहीं पाया दम जस्टिस के एस हेमालेखा की सिंगल बेंच ने बेंगलुरु के स्क्रीनराइटर संतोष कुमार की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। संतोष ने मांग की थी कि फिल्म ‘धुरंधर’ का सीबीएफसी (CBFC) सर्टिफिकेट रद्द किया जाए क्योंकि यह उनकी ओरिजिनल स्क्रिप्ट ‘डी-साहब’ की नकल है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस शिकायत में कोई मेरिट नहीं है। हालांकि, संतोष द्वारा हर्जाने को लेकर किया गया मुख्य केस अभी कोर्ट में पेंडिंग है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दी गारंटी आदित्य धर ने संतोष कुमार के खिलाफ मानहानि का केस फाइल किया था। गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस आरिफ डॉक्टर के सामने संतोष के वकील ने कहा कि संतोष अब डायरेक्टर के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेगा। आदित्य के वकीलों ने उन्हें ‘चोर’ कहने पर माफी की मांग की थी, लेकिन संतोष की लीगल टीम ने इससे इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे कानूनी लड़ाई लड़ना जारी रखेंगे। क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल की रिलीज के बाद हुई। संतोष कुमार का दावा है कि फिल्म की कहानी उनकी रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट ‘डी-साहब’ से भारी मात्रा में कॉपी की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी स्क्रिप्ट स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन (SWA) में रजिस्टर्ड है। जब संतोष ने सार्वजनिक तौर पर आदित्य धर पर आरोप लगाए, तो डायरेक्टर ने पहले उन्हें कानूनी नोटिस भेजा और फिर बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की ।

सतना में खराब ईवी स्कूटर को ‘कचरा गाड़ी’ बनाकर घुमाया:बार-बार खराबी से परेशान मालिक का अनोखा विरोध, बाजार में लोगों से कचरा डलवाया

सतना में खराब ईवी स्कूटर को ‘कचरा गाड़ी’ बनाकर घुमाया:बार-बार खराबी से परेशान मालिक का अनोखा विरोध, बाजार में लोगों से कचरा डलवाया

सतना जिले के बिरसिंहपुर में एक व्यक्ति ने शुक्रवार को अपनी खराब इलेक्ट्रिक स्कूटर को ‘कचरा गाड़ी’ बनाकर बाजार में घुमाया। यह अनोखा विरोध बजाज चेतक ईवी स्कूटर की बार-बार आ रही तकनीकी खराबी से परेशान होकर किया गया। राहुल पांडे ने 14 महीने पहले अपने पिता के लिए लगभग 1 लाख 10 हजार रुपए में यह स्कूटर खरीदी थी। उनके अनुसार, खरीदने के बाद से ही इसमें लगातार तकनीकी खराबी आ रही थी। स्कूटर चलते-चलते अचानक बंद हो जाती थी, जिसे वे ‘वायरस आने’ जैसी समस्या बताते हैं। कई बार उन्हें वाहन को टैंपो में लादकर सतना स्थित एजेंसी तक ले जाना पड़ा। हाल ही में सर्विसिंग के बाद भी स्कूटर घर लौटते समय फिर से बंद हो गई, जिससे वे काफी परेशान हो गए। ‘कचरा गाड़ी’ का पोस्टर लगा बाजार में घुमाया लगातार हो रही इन समस्याओं से तंग आकर राहुल पांडे और उनके छोटे भाई रोहित पांडे ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने स्कूटर को एक मालवाहक वाहन पर रखा, उस पर ‘कचरा गाड़ी’ का पोस्टर लगाया और उसे पूरे बिरसिंहपुर बाजार में घुमाया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस ‘कचरा गाड़ी’ में कचरा डालें और ऐसी स्कूटर खरीदने से बचें। कई स्थानीय लोगों ने स्कूटर में कचरा डालकर उनके विरोध का समर्थन किया। सर्विस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए इस प्रदर्शन ने बाजार में लोगों का ध्यान खींचा और इलेक्ट्रिक वाहनों की गुणवत्ता तथा उनकी सर्विस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि उपभोक्ताओं को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो संबंधित कंपनियों और एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे बजाज कंपनी की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सुप्रीम-कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी:कहा- बिना बताए भारत न छोड़ें; कांग्रेस बोली- खेड़ा को डराने के लिए 60 पुलिसकर्मी भेजे गए

सुप्रीम-कोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दी:कहा- बिना बताए भारत न छोड़ें; कांग्रेस बोली- खेड़ा को डराने के लिए 60 पुलिसकर्मी भेजे गए

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी। मामला असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 विदेशी पासपोर्ट और अमेरिका में 50 हजार करोड़ की कंपनी होने के आरोप से जुड़ा है। पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ये आरोप लगाए थे। इसके बाद रिनिकी भुइयां सरमा ने पवन के खिलाफ गुवाहाटी में FIR दर्ज कराई थी इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने खेड़ा के दिल्ली स्थित घर पर रेड की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा- आरोप-प्रत्यारोप राजनीति से प्रभावित लगते हैं। लेकिन पवन खेड़ा को असम पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा और वे बिना अदालत की अनुमति के भारत नहीं छोड़ सकते। कोर्ट के फैसले के बाद जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी ने इस पर कहा- 60 पुलिसवालों को खेड़ा के घर पर भेज दिया। भारी संख्या में पुलिस भेजने का कारण सिर्फ डराना और उत्पीड़न करना था। कांग्रेस बोली- ऐसी कई बातें हैं जो हम बोल नहीं सकते कोर्ट की सुनवाई खत्म होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री को तीन पन्नों में कोट किया है। ऐसी कई बातें हैं जो न न्यायालय कोट कर सकता है और न हम यहां बोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में असम के मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए कि क्या एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ये शोभा देता है? हम चाहते हैं कि असम के मुख्यमंत्री इस बारे में गंभीरतापूर्वक विचार कर खेद व्यक्त करें। हिमंता ने कहा- मुझे लोकतंत्र न सिखाएं कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद असम सीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि- मुझे किसी से भी लोकतंत्र पर सबक सीखने की जरूरत नहीं है। इस केस में असली मुद्दा यह है कि एक महिला की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर उछाला गया, जिसका राजनीति से कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अदालतें जल्द ही या बाद में इस पर संज्ञान लेंगी और चुनावी परिणामों को प्रभावित करने के लिए झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वालों को सजा मिलेगी। समझिए क्या है पूरा मामला… 5 अप्रैल- खेड़ा ने 5 अप्रैल को आरोप लगाया था कि असम CM सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और विदेश में अघोषित संपत्ति है। जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसके बाद रिनिकी भुइयां शर्मा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। 6 अप्रैल- हिमंता ने दुबई में फ्लैट होने के आरोपों का जवाब देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा था कि हमने दुबई के उन 2 अपार्टमेंट के असली मालिकों का पता लगा लिया है, जिनका जिक्र कांग्रेस ने किया है। ये फ्लैट मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। 10 अप्रैल: तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जा सकें। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। 17 अप्रैल: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि वे अपनी याचिका असम की अदालत में दाखिल करें। 24 अप्रैलः गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद खेड़ा फिर सुप्रीम कोर्ट गए।