खरगोन में नारी शक्ति वंदन बिल का समर्थन:भाजपा महिला मोर्चा ने निकाली आक्रोश रैली, तख्तियां लेकर नारेबाजी

खरगोन में भाजपा महिला मोर्चा ने नारी शक्ति वंदन बिल के समर्थन में प्रदर्शन किया। शुक्रवार शाम 4:30 बजे भाजपा कार्यालय से एक रैली निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने नारेबाजी की। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर “नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “महिलाओं के अधिकारों पर वार, कांग्रेस है इसका जिम्मेदार”, “महिलाओं का अपमान, कांग्रेस है बेईमान”, “मां की गरिमा रखनी होगी, अपमान करने वालों को सजा देनी होगी” जैसे नारे लिखे थे। इस दौरान पूर्वा व्यास, शीला पटेल, शुभा खोड़े, वीणा जायसवाल, माया खोड़े, रंगा डावर, बेबीबाई मंडलोई, पार्षद संध्या दांगी, मीनाक्षी मुछाल, साधना बड़ोले, सुनीता गंगले, यामिनी सोनी सहित कई मातृशक्ति मौजूद रहीं। जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे ने कांग्रेस और विपक्ष को बिल पारित न होने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का विरोध कर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। ब्राह्मणे ने इस आंदोलन को राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तीकरण से जुड़ा एक व्यापक अभियान बताया। इस अवसर पर जिला संयोजक अनिता बंसल, अमिता मंत्री, ज्योति येवतिकर, जिला उपाध्यक्ष प्रभा राठौर और नपाध्यक्ष छाया जोशी ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में शालिनी रतोरिया और पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन भी मंच पर उपस्थित थे। पूर्व विधायक आत्माराम पटेल, जिला महामंत्री विवेक भटोरे, मंत्री प्रकाश ठाकुर, महामंत्री हरिसिंह चावड़ा, जिला मांगीलाल गाडगे सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
परवल चना दाल सब्जी रेसिपी: घर में बनाएं परवल चना दाल सब्जी, बच्चों की भी बनेगी पसंदीदा; नोट करें सबसे आसान तरीका

आवश्यक सामग्री: 250 ग्राम परवल, ½ कप चना दाल, 1 प्याज, 1 टमाटर, 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट, 1-2 हरी मिर्च, छवि: फ्रीपिक ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच नमक, 2 बड़ा चम्मच नमक, 2 बड़ा चम्मच हरा धनिया पाउडर छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले चना दाल को 2-3 घंटे तक सीमित कर लें। इसे पूरी तरह से गलने न दें, धीरे-धीरे सख्त कर रहे हैं। मसाले में थोड़ा सा तेल गरम करें और इसमें कटे हुए परवल के टुकड़े टुकड़े में मिलाकर भून लें। छवि: फ्रीपिक फिर अलग हटा लें। वही चटनी में तेल डालें, जीरा तड़काएं। फिर क्रोमैटोलैम्बोलैण्ड होना सोलोमन तक। अब अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालें। टमाटर के टुकड़े अच्छे प्रकार के उपकरण। छवि: सोशल मीडिया फिर हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक मसाला तैयार करें। अब इसमें कच्ची हुई चना दाल और फ्राइज़ हुआ परवल डाला गया। छोटा पानी मैनुअल एडकर 8-10 मिनट तक। छवि: सोशल मीडिया अंत में गर्म मसाला डालें और हरा धनिया से गार्निश करें। गरमा-गरम परवल चना दाल सब्जी को रोटी, पराठा या चावल के साथ परोस सकते हैं. इसका स्वाद इतना अच्छा होता है कि बच्चा भी इसे बार-बार मांगेगा। छवि: एआई चना दाल को ज्यादा ख़राब न कहा जा सकता है, बाकी सब्जियों का टेक्सचर हो सकता है। अगर आप कदम रखते हैं तो इसमें थोड़ा सा घी का स्वाद और बढ़ाया जा सकता है। यह आसान और घरेलू रेसिपी आपके घर में सभी को पसंद आएगी। छवि: फ्रीपिक
सनोज मिश्रा पर केरल में पॉक्सो में एफआईआर:कुंभ की वायरल गर्ल के साथ छेड़छाड़ में वीएचपी नेता सहित 4 पर केस दर्ज

प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान अपने एक वीडियो से देशभर में सुर्खियों में आई वायरल गर्ल की शिकायत पर केरल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक वरिष्ठ नेता और फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा सहित चार लोगों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस ने गुरुवार को पुष्टि की कि यह मामला नाबालिग द्वारा लगाए गए उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद सामने आया है। वीएचपी नेता सहित 4 पर केस दर्ज पीटीआई के अनुसार, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की सूची में विहिप नेता और वकील अनिल विलायिल के साथ-साथ फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा का नाम शामिल है। यह मामला तब और अधिक चर्चा में आ गया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ यह दुर्व्यवहार उस समय हुआ जब वह नाबालिग थी। शिकायत के मुताबिक, निर्देशक सनोज मिश्रा ने फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के दौरान कथित तौर पर युवती के साथ दुर्व्यवहार किया था। मुस्लिम दोस्त से शादी के बाद चर्चा में मामला आया कुंभ मेले के वीडियो से वायरल हुई नाबालिग तब विवादों में आई थी, जब उसने केरल के एक मंदिर में अपने एक मुस्लिम दोस्त से शादी कर ली थी। नाबालिग ने आरोप लगाया कि अभिनय के अवसर देने के नाम पर उसका शोषण किया गया। बुधवार को दर्ज की गई एफआईआर के बाद पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना गोपनीय बयान भी दर्ज कराया है। सनोज मिश्रा बोले: ये सोची समझी साजिश दूसरी ओर, फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ झूठे दस्तावेजों के आधार पर मामला दर्ज कराया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और चूंकि कथित घटना स्थल केरल से बाहर का है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब युवती की उम्र और घटना से जुड़े साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
बुरहानपुर में बिना हेलमेट चालकों पर चालान:पुलिस ने जागरूक कर नियमों का पालन कराया, सीट बेल्ट और नशे में ड्राइविंग पर भी चेतावनी

बुरहानपुर पुलिस ने शुक्रवार को बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के चालान काटे और उन्हें हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के प्रति जागरूक किया। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी स्तर पर पुलिस टीमें सक्रिय हैं। ये टीमें आमजन से संवाद स्थापित कर रही हैं, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के बारे में बता रही हैं। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर लगने वाली चोटें सबसे घातक होती हैं और हेलमेट जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी साधन है। शुक्रवार को निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले और उनके स्टाफ ने निंबोला क्षेत्र में अभियान चलाया। इसी तरह, देड़तलाई चौकी प्रभारी शंकर लोने और उनके स्टाफ ने ग्राम देड़तलाई में यातायात विशेष जागरूकता अभियान के तहत लोगों को यातायात नियमों का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा का पालन करना न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। इस दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों के चालान भी काटे गए। अभियान के दौरान वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें नशे की हालत में वाहन चलाने के खतरों, नाबालिगों को वाहन न देने की जिम्मेदारी, राहवीर योजना, हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना और कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
दलाई लामा का आह्वान: '21वीं सदी के बौद्ध' बनें:'बुद्ध पूर्णिमा पर धर्मशाला के कालचक्र मंदिर में दिया संदेश, विश्व शांति के लिए प्रार्थना

धर्मशाला में बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) के पावन अवसर पर शुक्रवार, 1 मई को धर्मशाला के प्रसिद्ध कालचक्र मंदिर में एक भव्य प्रार्थना समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने विश्व शांति, आपसी भाईचारे और समस्त जीव जगत के कल्याण के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। समारोह के दौरान नामग्याल मठ के भिक्षुओं ने तिब्बती परंपरा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूँज के बीच बुद्ध शाक्यमुनि के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और उनके परिनिर्वाण की स्मृति में विशेष प्रार्थनाएँ की गईं। पूरे मंदिर परिसर में इस दौरान गहरी आध्यात्मिक शांति और भक्ति का माहौल बना रहा। बौद्ध की शिक्षाओं का पढ़ना पर्याप्त नहीं, व्यवहार में उतारें वैश्विक बौद्ध समुदाय को संबोधित करते हुए दलाई लामा ने कहा कि 2500 वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध द्वारा फैलाया गया ज्ञान का प्रकाश आज भी दुनिया के लिए उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने अनुयायियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें केवल नाम का बौद्ध नहीं, बल्कि ’21वीं सदी का बौद्ध’ बनना चाहिए। उनके अनुसार केवल शिक्षाओं को सुनना या पढ़ना पर्याप्त नहीं है। बुद्ध के संदेशों पर गहराई से मनन करना और उन्हें अपने व्यवहार में उतारना अनिवार्य है। करुणा और अहिंसा ही एकमात्र मार्ग अपने संबोधन में दलाई लामा ने ‘आश्रित उत्पत्ति’ के सिद्धांत पर जोर दिया और कहा कि किसी भी जीव को हानि न पहुँचाना ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल करुणा और ज्ञान के मार्ग पर चलकर ही संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब लोग बुद्ध की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएंगे, तभी एक सुखी और मानवीय विश्व का निर्माण होगा। समस्त विश्व को दिया आशीर्वाद समारोह के समापन पर दलाई लामा ने सभी बौद्ध अनुयायियों को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई दी। उन्होंने समस्त मानवता के लिए अपनी मंगलकामनाएं प्रेषित कीं और प्रार्थना की कि करुणा का यह मार्ग हर हृदय में शांति लेकर आए।
Jammu Bridge Collapse | 5-7 Labourers Trapped; Rescue Underway

11 मिनट पहले कॉपी लिंक जम्मू के बनतालाब में शुक्रवार को पुल गिरने से 5 से 7 लोग दब गए। पुलिस, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मलबे से अब तक एक मजदूर को बाहर निकाल लिया गया है। भाजपा विधायक शाम लाल शर्मा ने बताया कि अभी 4 मदजूर मलबे में दबे हुए हैं। यहां मरम्मत का काम चल रहा था। भाजपा विधायक ने कहा कि यह पुराना पुल है जिसकी नींव कमजोर हो गई थी। नींव को मजबूत करने के लिए टेंडर जारी कर काम शुरू किया गया था। खुदाई के दौरान ऊपर से गुजरने वाली किसी गाड़ी की वजह से ये पुल गिर गया। अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू का काम पूरा होने के बाद ही हादसे की असली वजह पता चल पाएगी। हादसे की तस्वीरें… हादसे के वक्त पुल के पास 5-7 लोग काम कर रहे थे। सेना और पुलिस लोगों के रेस्क्यू में लगे। एक घायल को पुलिस ने रेस्क्यू किया। 26 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के जोजिला पास में एवलांच: कई गाड़ियां 8 फीट बर्फ में दबीं जम्मू-कश्मीर के जोजिला पास के शैतान नाला क्षेत्र में शनिवार को एवलांच (हिमस्खलन) हुआ। इसकी चपेट में आने से कई वाहन 8 फीट से ज्यादा बर्फ में दब गए। एक टैंकर ड्राइवर एवलांच में फंसा हुआ है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। टीमें बर्फ हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं। पिछले 28 दिनों में जोजिला पास में यह दूसरा एवलांच था। 28 मार्च को हुए एवलांच में 7 लोगों की मौत हो गई थी। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… 28 मार्च: श्रीनगर-लेह हाईवे पर एवलांच में 7 लोगों की मौत जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लेह हाईवे पर शुक्रवार दोपहर 4 बजे एवलांच आया। जोजिला पास के जीरो प्वाइंट के पास इस हादसे में 12 से ज्यादा वाहन 6 फीट से ज्यादा बर्फ में दब गए। हादसे में 7 लोगों की मौके पर मौत हुई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Jammu Bridge Collapse | 5-7 Labourers Trapped; Rescue Underway

48 मिनट पहले कॉपी लिंक जम्मू के बनतालाब में शुक्रवार को पुल गिरने से 5 से 7 लोग दब गए। वहीं, एक की मौत हो गई है। पुलिस, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं। मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मलबे से अब तक 3 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है। भाजपा विधायक शाम लाल शर्मा ने बताया कि अभी 3 मजदूर मलबे में दबे हुए हैं। यहां मरम्मत का काम चल रहा था। भाजपा विधायक ने कहा कि यह पुराना पुल है जिसकी नींव कमजोर हो गई थी। नींव को मजबूत करने के लिए टेंडर जारी कर काम शुरू किया गया था। खुदाई के दौरान ऊपर से गुजरने वाली किसी गाड़ी की वजह से यह पुल गिर गया। अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू का काम पूरा होने के बाद ही हादसे की असली वजह पता चल पाएगी। हादसे की तस्वीरें… हादसे के वक्त पुल के पास 5-7 लोग काम कर रहे थे। सेना और पुलिस लोगों के रेस्क्यू में लगे। एक घायल को पुलिस ने रेस्क्यू किया। 26 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के जोजिला पास में एवलांच: कई गाड़ियां 8 फीट बर्फ में दबीं जम्मू-कश्मीर के जोजिला पास के शैतान नाला क्षेत्र में शनिवार को एवलांच (हिमस्खलन) हुआ। इसकी चपेट में आने से कई वाहन 8 फीट से ज्यादा बर्फ में दब गए। एक टैंकर ड्राइवर एवलांच में फंसा हुआ है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। टीमें बर्फ हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं। पिछले 28 दिनों में जोजिला पास में यह दूसरा एवलांच था। 28 मार्च को हुए एवलांच में 7 लोगों की मौत हो गई थी। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… 28 मार्च: श्रीनगर-लेह हाईवे पर एवलांच में 7 लोगों की मौत जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर-लेह हाईवे पर शुक्रवार दोपहर 4 बजे एवलांच आया। जोजिला पास के जीरो प्वाइंट के पास इस हादसे में 12 से ज्यादा वाहन 6 फीट से ज्यादा बर्फ में दब गए। हादसे में 7 लोगों की मौके पर मौत हुई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
क्या मच्छरों से बचाने वाली क्रीम स्किन के लिए है खतरा, डॉक्टर ने किया साफ, जानिए पूरी बात

Last Updated:May 01, 2026, 18:26 IST Can mosquito creams harmful for skin: इस मौसम में मच्छरों का प्रकोप इतना ज्यादा हो जाता है कि घर में जीना हराम कर देता है. इससे बचने के लिए आजकल स्किन पर मच्छरों को काटने से बचने के लिए क्रीम लगाते हैं. बाजार में कई तरह की क्रीम आती है पर कुछ सोशल मीडिया की खबरों में बताई जाती है कि इस क्रीम को लगाने से स्किन को काफी नुकसान होता है. इस बात में कितनी सच्चाई है, इसके लिए डॉक्टरों की राय जानिए. क्या मच्चर वाली क्रीम नहीं लगानी चाहिए. क्या आपने कभी अपनी स्किन पर मच्छर से बचने के लिए क्रीम लगाई है. शहरों में रहने वाले अधिकांश लोग इस तरह की क्रीम का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जब आप स्किन में इसे लगाते हैं तो क्या इससे स्किन को नुकसान होता है. सोशल मीडिया पर अनाप-शनाप जानकारी के इस दौर में कुछ लोगों का मानना है कि अगर आप स्किन पर मॉस्क्विटो रिपैलेंट क्रीम लगाएंगे तो इससे स्किन को बेहद नुकसान होगा. इससे स्किन में जलन पैदा होता है और कई तरह की अन्य दिक्कतें होती हैं. आखिर इस बात में कितनी सच्चाई है. आइए एक्सपर्ट की राय जानते हैं. क्या क्रीम नुकसान पहुंचाती हैएनडीटीवी ने इस बात को समझने के लिए कुछ डर्मेटोलॉजिस्ट से बात की है. एस्टर व्हाइटफील्ड हॉस्पिटल, बेंगलुरु में डर्मेटोलॉजी डिपार्टमेंट की सीनियर कंस्लटेंट डॉ. प्रियंका कुरी बताती हैं कि बाजार में अधिकांश ब्रांडेंड रिपेलेंट क्रीम से कोई खास नुकसान नहीं होता लेकिन अगर आपका स्किन पर लगाने का तरीका गलत है तो इससे कुछ नुकसान हो सकता है. वैसे दुनिया की कोई ऐसी दवा नहीं जिससे थोड़ा-बहुत साइड इफेक्ट्स नहीं हो. लेकिन किसी भी मेडिसीन को लोगों पर इस्तेमाल से पहले कठिन परीक्षण से गुजरना पड़ता है और जब पूरी तरह से यह साबित हो जाता है कि इससे कोई ज्यादा नुकसान नहीं है या ऐसा नुकसान है जो अपने आप ठीक हो जाता है तभी उसे मंजूरी दी जाती है. इसलिए जो कहा जा रहा है कि इन क्रीम से स्किन को नुकसान है, वह गलत है. अगर आप गलत तरीके से लगाएंगे तो नुकसान हो सकता है. यह अच्छी बात है कि लोगों को अपनी स्किन को लेकर जागरुकता बढ़ी है लेकिन विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि मच्छर जनित बीमारियों से जितना नुकसान उठाना पड़ सकता है उससे कहीं बेहतर यह है कि रेयर स्किन दिक्कतों को सह लिया जाए. क्योंकि जब मच्छर काटते हैं तो इससे डेंगू, मलेरिया जैसी कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं. क्या मच्छर भगाने वाली क्रीम त्वचा के लिए सुरक्षित हैं?डॉ. प्रियंका कुरी बताती हैं कि क्लिनिकल और पब्लिक हेल्थ के नजरिए से देखें तो रिपेलेंट क्रीम नुकसान से कहीं ज्यादा सुरक्षा देती हैं. DEET, पिकारिडिन और IR3535 जैसे तत्वों पर काफी रिसर्च हो चुकी है और लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार अगर इस्तेमाल करें तो ये सुरक्षित माने जाते हैं. डब्ल्यूएचओ भी मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए टॉपिकल (त्वचा पर लगाने वाले) रिपेलेंट्स के उपयोग को सुरक्षित माना है. ये क्रीम कई तरह की होती हैं. इसमें DEET (N,N-Diethyl-meta-toluamide), पिकारिडिन (जिसे इकारिडिन भी कहा जाता है), IR3535 आदि क्रीम पर बहुत ज्यादा परीक्षण हो चुके हैं. अगर इन क्रीम को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इससे नुकसान न के बराबर है. हालांकि ये क्रीम आमतौर पर सुरक्षित होती हैं, लेकिन पूरी तरह साइड इफेक्ट्स से मुक्त नहीं हैं. डॉ. प्रियंका कुरी कहती हैं कि सुरक्षित होने का मतलब यह नहीं कि कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा. कुछ लोगों को ज्यादा या लगातार इस्तेमाल करने पर हल्की जलन, लालिमा या रैशेज हो सकते हैं. किस तरह करें इस्तेमाल डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. साईं लहारी के मुताबिक ज्यादातर लोग बिना किसी समस्या के इन्हें इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन जिनकी त्वचा में पहले से कुछ दिक्कतें हैं, वे अगर लगाएं तो साइड इफेक्ट ज्यादा हो सकता है. मसलन अगर स्किन पहले से कटी है, बहुत ज्यादा सेंसेटिव है, एक्जिमा या खुजली है वाले लोगों में हल्की खुजली और लालिमा हो सकती है. एक्सपर्ट का मानना है कि अक्सर समस्या प्रोडक्ट में नहीं, बल्कि उसके गलत इस्तेमाल में होती है. डॉ. लाहिरी बताती हैं कि ज्यादातर दिक्कतें गलत इस्तेमाल से होती हैं. ज्यादा मात्रा में लगाना या टूटी-फटी त्वचा पर इस्तेमाल करना रिएक्शन का कारण बन सकता है. लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा क्रीम लगा लेते हैं या इसे अन्य क्रीम के साथ मिलाकर लगा लेते हैं. इन सब से परेशानी होती है. बेहतर रिजल्ट के लिए क्या करें आजकल नेचुरल या हर्बल रिपेलेंट्स की मांग बढ़ रही है, लेकिन डॉक्टर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं. डॉ. प्रियंका कुरी का कहना है कि ये क्रीम देखने में भले ही सौम्य लगते हैं, लेकिन इनका असर कम समय तक रहता है और कुछ जोखिम भी हो सकते हैं. ये सब कम समय तक सुरक्षा देती है और बार-बार लगाने की जरूरत होती है. इससे एलर्जी का खतरा है. इसके बेहतर इस्तेमाल के लिए केवल जरूरत के हिसाब से ही क्रीम को लगाएं. सीधे चेहरे पर न लगाकर पहले हाथों में लें और आंखों और मुंह से दूर रखें. घर लौटने के बाद इसे धो लें और अगर आप लगाने से पहले हाथ साफ कर लेते हैं तो यह और बेहतर होगा. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
एकांकीत पोल: बीजेपी बंगाल सरकार को लेकर नारा, सीएम फेस को लेकर आया बड़ा अपडेट

पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद जारी अधिकांश एकल पोल में बीजेपी को बहुमत दिखाया गया है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने शुक्रवार (1 अप्रैल 2026) को दावा किया कि बंगाल में दो तिहाई बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनने वाली है। उन्होंने दावा किया कि जो बंगाल बाहर रहता है उसके खिलाफ वो भी यहां आकर ममता बनर्जी के पक्ष में मतदान कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की बड़ी जीत हो रही है। स्ट्रांग रूम विवाद पर उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी और बिल्डिंग मैन्युफैक्चरर्स आराम से बैठने वाले हैं। विरोधी पक्ष वाला मूड ऑन हो चुका है। ममता बनर्जी मैन ऑफ द वे विरोधी दल का नेतृत्व करने वाली हैं।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिल्डरों के भी आरोप हैं, सभी का चुनाव आयोग ने जवाब दिया है. ममता बनर्जी की सरकार में दस्तावेजों की जांच को लेकर उन्होंने कहा कि ये मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट मंत्री के लोग तय करेंगे कि आगे क्या करना है। उन्होंने कहा कि जहां भी ऐसा कोई सामने आएगा, वहां सरकार सख्त कार्रवाई की बात करेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस्लामिक कट्टरपंथी पंथ को बंद किया जाना चाहिए। इस पर पहले से टिप्पणी करना ठीक नहीं है. हमारी सरकार मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री बनने जा रही है, लेकिन ये तय है कि बंगाल से इस्लामिक कट्टरपंथी पंथ खत्म हो जाएगा। बंगाल में सीएम को लेकर सुकांत मजूमदार ने दिया अपडेट भाजपा चुनाव नतीजों से पहले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा से बचत हो रही है। हालांकि चुनावी प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई बार कहा कि बंगाल की सीएम बंगाल में रहेंगी और बंगाल बोलने वाला होगा। मुख्यमंत्री से जुड़े सवाल को लेकर सुकांत मजूमदार ने भी सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं बताया. उन्होंने कहा कि बंगाल का सीएम कौन होगा ये संसदीय समिति. सीमा पर फेंसिंग को लेकर क्या बोले केंद्रीय मंत्री? उन्होंने कहा कि जो अच्छे लोग अपने धर्म को मानते हैं, उन्हें उसी हिसाब से भुगतान करना चाहिए। कट्टरता स्वीकार नहीं है. सीमा पर फेंसिंग को लेकर उन्होंने कहा, केंद्र सरकार के साथ मिलकर ग्रुप (बीएसएफ) को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जल्द से जल्द फेंसिंग का काम पूरा करेंगे। आने वाले समय में बीजेपी की सरकार डिडक्ट, डिलीट और डिपोर्ट का पालन करेगी।’ बंगाल में हिंसा न हो, इसके लिए उन्होंने कहा, ‘गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि दो महीने तक सेंट्रल सेंचुरी सिस्टम बंगाल में ही रहेगा. ‘भाजपा सरकार लोकतंत्र को पश्चिम बंगाल में ले जाएगी।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजेपी की ही सरकार बनने जा रही है. ये भी पढ़ें: ‘सर्विलेंस पर इला ममता’, स्ट्रॉन्ग रूम में डोर क्या कर रही थी बंगाल के सीएम, शुभेंदु अधिकारी ने जारी की तस्वीरें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुकांत मजूमदार(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)चाणक्य एग्जिट पोल पश्चिम बंगाल 2026(टी)सभी एग्जिट पोल पश्चिम बंगाल 2026(टी)सी वोटर एग्जिट पोल पश्चिम बंगाल 2026(टी)पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026 भविष्यवाणी(टी)एक्सिस माई इंडिया पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026(टी)एग्जिट पोल पश्चिम बंगाल 2026 हिंदी(टी)पश्चिम बंगाल ओपिनियन पोल 2026 नतीजे(टी)चाणक्य एग्जिट पोल 2026(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सीएम(टी)पश्चिम बंगाल में बीजेपी का सीएम कौन होगा(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)सुकांत मजूमदार(टी)पश्चिम बंगाल(टी)शुभेंदु अधिकारी(टी)सुकांत मजूमदार
मंदसौर में शिवना शुद्धिकरण अभियान को एक साल:चार ट्रॉली कचरा निकला; 102वें दिन श्रमदान में जुटे लोग, अब प्रतिदिन चलेगा अभियान

मंदसौर में शिवना नदी शुद्धिकरण अभियान ने एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस अवसर पर शुक्रवार को एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें नदी से चार ट्राली कचरा निकाला गया। विधायक विपिन जैन ने घोषणा की कि यह अभियान अब प्रतिदिन चलाया जाएगा। अभियान के 102वें दिन बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे एकत्र हुए। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे, युवा और ग्रामीण शामिल थे। सभी ने मिलकर लगभग दो घंटे तक श्रमदान किया। इस दौरान नदी से प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य कचरा हटाया गया, साथ ही किनारों पर उगी गाजर घास भी साफ की गई। विधायक विपिन जैन ने कहा कि जनसंकल्प और सामूहिक श्रमदान के कारण नदी के स्वरूप में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। उन्होंने बताया कि जहां पहले गंदगी और प्रदूषण का माहौल था, वहीं अब स्वच्छता और जागरूकता का वातावरण बन रहा है। विधायक ने शहरवासियों से अपील की कि वे प्रतिदिन चलने वाले इस अभियान में शामिल होकर श्रमदान करें, ताकि शिवना नदी को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जा सके। इस शुद्धिकरण अभियान में बड़ी संख्या में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, महिला नेता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और सक्रिय भागीदारी निभाई।









