इंश्योरेंस सेक्टर में 100% FDI को सरकार की मंजूरी:ऑटोमैटिक रूट से विदेशी निवेश का रास्ता साफ; LIC में लिमिट 20% ही रहेगी

केंद्र सरकार ने शनिवार (2 मई) को इंश्योरेंस सेक्टर में 100% फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट यानी FDI को मंजूरी दे दी है। अब विदेशी निवेशक ऑटोमैटिक रूट के जरिए भारतीय इंश्योरेंस कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी ले सकेंगे, हालांकि LIC के लिए निवेश की सीमा 20% पर ही बरकरार रखी गई है। इंश्योरेंस कंपनियों के लिए क्या हैं शर्तें सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश बीमा अधिनियम-1938 के प्रावधानों के अधीन होगा। निवेश प्राप्त करने वाली कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे बीमा और संबंधित गतिविधियों के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) से आवश्यक लाइसेंस या मंजूरी प्राप्त करें। इसके साथ ही नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस भारतीय बीमा कंपनी में विदेशी निवेश होगा, उसके बोर्ड के चेयरपर्सन, मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) या चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) में से कम से कम एक व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए। LIC के लिए अलग नियम और 20% की सीमा इंश्योरेंस इंटरमीडियरीज को भी मिला फायदा दिसंबर में पास हुआ था बिल वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने फरवरी में ही इस संबंध में जानकारी दी थी। इससे पहले दिसंबर 2025 में संसद ने ‘सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक, 2025’ पारित किया था। इस कानून के जरिए बीमा क्षेत्र से जुड़े तीन प्रमुख कानूनों—बीमा अधिनियम 1938, एलआईसी अधिनियम 1956 और IRDAI अधिनियम 1999 में जरूरी बदलाव किए गए हैं। सीमावर्ती देशों के लिए नियमों में ढील सरकार ने मार्च में भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले FDI के नियमों को भी आसान बना दिया है। कैबिनेट ने ‘प्रेस नोट 3’ फ्रेमवर्क में संशोधन किया है। अब सीमावर्ती देशों से 10% तक की नॉन-कंट्रोलिंग हिस्सेदारी (बिना नियंत्रण वाली हिस्सेदारी) के निवेश के लिए सरकार की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी, यह ऑटोमैटिक रूट के तहत आएगा। क्या है ऑटोमैटिक रूट? इसमें विदेशी निवेशकों को निवेश से पहले सरकार या RBI की पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती। क्या है प्रेस नोट 3? यह नियम उन देशों से निवेश को रेगुलेट करता है जिनकी सीमाएं भारत से लगती हैं (जैसे चीन, पाकिस्तान), ताकि निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ये खबर पढ़ें… चीन समेत पड़ोसी देशों के लिए भारत में निवेश आसान: फॉरेन इन्वेस्टमेंट के नियम बदले; 10% से कम हिस्सेदारी पर बिना मंजूरी निवेश कर सकेंगे केंद्र सरकार ने चीन समेत भारत के साथ बॉर्डर शेयर करने वाले यानी पड़ोसी देशों से आने वाले फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में ढील दी है। PM मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
‘200 से ज्यादा वोट जीतेंगे’, ममता बनर्जी ने टीएमसी की जीत का दावा किया, एलॉगिट पोल को बताया गलत

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित ममता बनर्जी ने टीएमसी की जीत का विश्वासपात्र है। एकांकीत पोल को शेयर में बाज़ार में बताया गया। सीएपीएफ पर टीएमसी की ओर से बर्बरता का आरोप। दो खंडों पर फिर से मतदान के बीच बयान। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और थोक व्यापारी कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार (2 मई, 2026) को हाल ही में चुनावी मैदान में उतरीं टीएमसी की जीत का भरोसा कायम है। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनावी मैदान में चुनावी मैदान होगा। चुनाव ख़त्म होने के बाद सोमवार (4 मई, 2026) को होने वाली वोटिंग से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार (2 मई) को पार्टी के मतगणना एजेंटों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल को एकजुट करने के लिए एलेक्टिट पोल के अभिलेखों को खारिज कर दिया और इसे बाजार में साझा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, ‘हम बंगाल चुनाव जीत रहे हैं और 200 से अधिक सीटों के अंतर से जीत रहे हैं।’ ऑनलाइन पोल शेयर बाजार में सिर्फ हिस्सेदारी करने की एक कोशिश है। उन्होंने इससे पहले 2021, 2024 में भी ऐसा किया था और वो अब भी यही कर रहे हैं।’ केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल को लेकर क्या बोलें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी? इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की ओर से बंगाल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सोल ने तीन लोगों को एकजुट किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले कुछ दिनों में कैथोलिक कांग्रेस पार्टी के सभी लोगों ने इस्तीफा दे दिया है, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल सेना की बर्बरता का सामना करने की मांग की गई है। पश्चिम बंगाल की दो विधानसभाओं में फिर से हो रही वोटिंग कांग्रेस कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और सीएम ममता बनर्जी का यह बयान एक बार फिर सामने आया है जब पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के दो जिलों में फिर से वोट बनाया जा रहा है। वहीं, सीएम ममता बनर्जी के बयान से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित इंजील ने आरोप लगाया था कि राज्य में दूसरे चरण के चुनाव के दौरान डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के फाल्टा में कई पोलिंग बूथों पर मतदाताओं ने पार्टी के उम्मीदवारों को समर्थन दिया था। यह भी पढ़ेंः ‘जिस भाव से मुसलमानों को…’, पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम को लेकर कोयला कोयला का बड़ा बयान, जानें क्या कहा (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)अमित मालवीय(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)अमित
ED की 2025-26 में सबसे ज्यादा 2,892 रेड:गिरफ्तारी में 27% की कमी आई, ₹81 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच, ₹32 हजार करोड़ लौटाए

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने साल 2025-26 में इतिहास में सबसे ज्यादा छापेमारी की। एजेंसी ने कुल 2,892 छापे मारे, जो पिछले साल 1,491 के मुकाबले लगभग दोगुने हैं। ED की सालाना रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तारियों में कमी आई। वहीं संपत्ति अटैचमेंट और पीड़ितों को पैसे लौटाने के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। ED ने 712 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर 81,422 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह पिछले साल के 30,036 करोड़ रुपए के मुकाबले 171% ज्यादा है। ये अटैचमेंट PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से पुष्टि के बाद स्थायी होते हैं। ED की गिरफ्तारियों में करीब 27% की कमी आई है। ED ने 156 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछले साल यह संख्या 214 और इससे पहले 272 थी। एजेंसी के मुताबिक अब वह टारगेटेड और सबूत आधारित जांच पर ज्यादा फोकस कर रही है। पीड़ितों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए रिपोर्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि फ्रॉड पीड़ितों को संपत्ति लौटाना रही। FY26 में ED ने 32,678 करोड़ रुपए की संपत्ति निवेशकों, होमबॉयर्स और बैंकों को वापस दिलाई, जो पिछले साल 15,263 करोड़ रुपए थी। इसमें PACL पोंजी स्कैम केस का बड़ा योगदान रहा, जहां अकेले 15,582 करोड़ रुपए लौटाए गए। केस रजिस्ट्रेशन और चार्जशीट में भी रिकॉर्ड केस रजिस्ट्रेशन 39% बढ़कर 1,080 हो गए हैं। वहीं इस साल 812 चार्जशीट दाखिल की गईं जो पिछले साल 457 थीं। एजेंसी का दावा है कि अब केस की जांच अवधि 3-4 साल से घटकर 1-1.5 साल रह गई है। विदेशों से कानूनी सहयोग बढ़ा मनी लॉन्ड्रिंग जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी बढ़ा है। वहीं भारत को विदेशों से 246 रिक्वेस्ट मिले, जिनमें सबसे ज्यादा UK (79) से हैं। 31 मार्च 2026 तक 353 MLAT/LR रिक्वेस्ट लंबित हैं, जिनमें सबसे ज्यादा: प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED को गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और संपत्ति अटैच करने के व्यापक अधिकार हैं। इस कानून के तहत जमानत मिलना भी मुश्किल होता है।
रिपोर्ट- ED ने ₹81 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच की:लोगों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए; गिरफ्तारी में 27% की कमी आई, छापेमारी दोगुनी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सालाना रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तारियों में कमी आई। वहीं छापों, संपत्ति अटैचमेंट और पीड़ितों को पैसे लौटाने के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। ED ने 712 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर 81,422 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह पिछले साल के 30,036 करोड़ रुपए के मुकाबले 171% ज्यादा है। ये अटैचमेंट PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से पुष्टि के बाद स्थायी होते हैं। ED की गिरफ्तारियों में करीब 27% की कमी आई है। ED ने 156 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि FY25 में यह संख्या 214 और FY24 में 272 थी। एजेंसी के मुताबिक अब वह टारगेटेड और सबूत आधारित जांच पर ज्यादा फोकस कर रही है। रेड की संख्या दोगुनी हुई साल 2025-26 में ED ने कुल 2,892 छापे मारे, जो पिछले साल 1,491 के मुकाबले लगभग दोगुने हैं। हालांकि एजेंसी अब सिर्फ फिजिकल रेड पर निर्भर नहीं है, बल्कि डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन ट्रैकिंग और रियल-टाइम फाइनेंशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल कर रही है। पीड़ितों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए रिपोर्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि फ्रॉड पीड़ितों को संपत्ति लौटाना रही। FY26 में ED ने 32,678 करोड़ रुपए की संपत्ति निवेशकों, होमबॉयर्स और बैंकों को वापस दिलाई, जो पिछले साल 15,263 करोड़ रुपए थी। इसमें PACL पोंजी स्कैम केस का बड़ा योगदान रहा, जहां अकेले 15,582 करोड़ रुपए लौटाए गए। केस रजिस्ट्रेशन और चार्जशीट में भी रिकॉर्ड केस रजिस्ट्रेशन 39% बढ़कर 1,080 हो गए हैं। वहीं इस साल 812 चार्जशीट दाखिल की गईं जो पिछले साल 457 थीं। एजेंसी का दावा है कि अब केस की जांच अवधि 3-4 साल से घटकर 1-1.5 साल रह गई है। विदेशों से कानूनी सहयोग बढ़ा मनी लॉन्ड्रिंग जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी बढ़ा है। वहीं भारत को विदेशों से 246 रिक्वेस्ट मिले, जिनमें सबसे ज्यादा UK (79) से हैं। 31 मार्च 2026 तक 353 MLAT/LR रिक्वेस्ट लंबित हैं, जिनमें सबसे ज्यादा: प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED को गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और संपत्ति अटैच करने के व्यापक अधिकार हैं। इस कानून के तहत जमानत मिलना भी मुश्किल होता है।
Anil Kapoor: Rajesh Khanna Flop Film, Fathers Struggle

2 घंटे पहले कॉपी लिंक अनिल कपूर ने हाल ही में अपने पिता और फिल्म प्रोड्यूसर सुरिंदर कपूर के संघर्ष भरे दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि एक फिल्म फ्लॉप होने के बाद इंडस्ट्री ने उनके पिता से दूरी बना ली थी। उस दौर में सुरिंदर कपूर इतने टूट गए थे कि कई बार रो पड़ते थे। अनिल कपूर ने यह बात लिली सिंह के पॉडकास्ट में कही। उन्होंने बताया कि उनके पिता बेहद ईमानदार और सादगी पसंद इंसान थे। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और असफलता जल्दी रिश्ते बदल देती है। उनके मुताबिक, पिता ने सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ एक फिल्म बनाई थी, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। इसके बाद लोगों ने उनसे किनारा करना शुरू कर दिया। अनिल कपूर ने कहा, “मैंने अपने पिता को टूटते हुए देखा है। लोग अचानक उनसे दूर हो गए थे। वह रोते थे और बहुत परेशान रहते थे।” अभिनेता ने बताया कि इस घटना ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया। तभी उन्होंने तय किया कि वह फिल्मों में अपना नाम बनाएंगे और पिता का सपना पूरा करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता ने कभी उन्हें लॉन्च करने की कोशिश नहीं की। सुरिंदर कपूर मानते थे कि अगर अनिल को इंडस्ट्री में टिकना है, तो उन्हें अपने दम पर पहचान बनानी होगी। अनिल ने शुरुआती दिनों में छोटे-मोटे रोल किए, रिजेक्शन झेले और लंबे संघर्ष के बाद खुद को स्थापित किया। अनिल कपूर ने कहा कि उनके पिता की असफलताओं ने उन्हें मेहनत करना सिखाया। उन्होंने महसूस किया कि फिल्म इंडस्ट्री में लोग सिर्फ सफलता के साथ खड़े रहते हैं। यही वजह थी कि वह अपने काम को लेकर गंभीर रहे और हर मौके को पूरी ईमानदारी से निभाया। सुरिंदर कपूर हिंदी सिनेमा के जाने-माने प्रोड्यूसर थे। उन्होंने करियर में कई फिल्में प्रोड्यूस कीं। वहीं अनिल कपूर ने 1980 और 90 के दशक में मिस्टर इंडिया, तेजाब, राम लखन और बेटा जैसी फिल्मों से स्टारडम हासिल किया। आज भी वह इंडस्ट्री के एक्टिव अभिनेताओं में गिने जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Anil Kapoor: Rajesh Khanna Flop Film, Fathers Struggle

10 मिनट पहले कॉपी लिंक अनिल कपूर ने हाल ही में अपने पिता और फिल्म प्रोड्यूसर सुरिंदर कपूर के संघर्ष भरे दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि एक फिल्म फ्लॉप होने के बाद इंडस्ट्री ने उनके पिता से दूरी बना ली थी। उस दौर में सुरिंदर कपूर इतने टूट गए थे कि कई बार रो पड़ते थे। अनिल कपूर ने यह बात लिली सिंह के पॉडकास्ट में कही। उन्होंने बताया कि उनके पिता बेहद ईमानदार और सादगी पसंद इंसान थे। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और असफलता जल्दी रिश्ते बदल देती है। उनके मुताबिक, पिता ने सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ एक फिल्म बनाई थी, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। इसके बाद लोगों ने उनसे किनारा करना शुरू कर दिया। अनिल कपूर ने कहा, “मैंने अपने पिता को टूटते हुए देखा है। लोग अचानक उनसे दूर हो गए थे। वह रोते थे और बहुत परेशान रहते थे।” अभिनेता ने बताया कि इस घटना ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया। तभी उन्होंने तय किया कि वह फिल्मों में अपना नाम बनाएंगे और पिता का सपना पूरा करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता ने कभी उन्हें लॉन्च करने की कोशिश नहीं की। सुरिंदर कपूर मानते थे कि अगर अनिल को इंडस्ट्री में टिकना है, तो उन्हें अपने दम पर पहचान बनानी होगी। अनिल ने शुरुआती दिनों में छोटे-मोटे रोल किए, रिजेक्शन झेले और लंबे संघर्ष के बाद खुद को स्थापित किया। अनिल कपूर ने कहा कि उनके पिता की असफलताओं ने उन्हें मेहनत करना सिखाया। उन्होंने महसूस किया कि फिल्म इंडस्ट्री में लोग सिर्फ सफलता के साथ खड़े रहते हैं। यही वजह थी कि वह अपने काम को लेकर गंभीर रहे और हर मौके को पूरी ईमानदारी से निभाया। सुरिंदर कपूर हिंदी सिनेमा के जाने-माने प्रोड्यूसर थे। उन्होंने करियर में कई फिल्में प्रोड्यूस कीं। वहीं अनिल कपूर ने 1980 और 90 के दशक में मिस्टर इंडिया, तेजाब, राम लखन और बेटा जैसी फिल्मों से स्टारडम हासिल किया। आज भी वह इंडस्ट्री के एक्टिव अभिनेताओं में गिने जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Nashik TCS Case: Nida Khan Denied Bail

Hindi News National Nashik TCS Case: Nida Khan Denied Bail | Serious Charges, Custody Essential नासिक2 घंटे पहले कॉपी लिंक नासिक कोर्ट ने शनिवार को TCS की नासिक यूनिट से जुड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपी निदा खान की एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज कर दी। प्रॉसिक्यूशन ने कोर्ट में कहा कि आरोप गंभीर हैं और उनसे कस्टडी में पूछताछ जरूरी है। निदा अब तक फरार है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसर ने बताया कि निदा खान इस केस की मुख्य आरोपियों में से एक हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। FIR के अनुसार, निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने महिला कर्मचारियों को बुर्का पहनने की सलाह दी थी। यह मामला कंपनी के अंदर कथित धार्मिक दबाव और उत्पीड़न से जुड़ा बताया गया है। इसी मामले में नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जांच कर रही है। टीम ने अब तक 9 FIR दर्ज की हैं, जो महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ी हैं। SIT ने इस मामले में अब तक एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। TCS की नासिक यूनिट से जुड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपी। प्रेग्नेंसी का हवाला दिया इसी बीच, खान ने अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला देते हुए कोर्ट से प्री-अरेस्ट बेल की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में उनकी तलाश जारी है। नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें IT कंपनी की नासिक यूनिट में महिला कर्मचारियों के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट के नौ मामले सामने आए हैं। जांच के तहत SIT अब तक नौ FIR दर्ज कर चुकी है और एक महिला ऑपरेशन मैनेजर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) ने पिछले महीने बयान जारी कर कहा था कि कंपनी किसी भी तरह के हैरेसमेंट और जबरदस्ती के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर काम करती है। चार आरोपियों की कस्टडी 5 मई तक बढ़ाई इस केस के चार अन्य आरोपियों रजा रफीक मेमन (35), तौसीफ बिलाल अत्तर (37), दानिश एजाज शेख (32) और शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी (34) की पुलिस कस्टडी 5 मई तक बढ़ा दी गई है। इन आरोपियों को SIT ने 23 अप्रैल को हिरासत में लिया था और अगले दिन कोर्ट में पेश किया गया था। पहले उन्हें 29 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया था। इसके बाद 29 अप्रैल को फिर पेश किया गया और 2 मई तक रिमांड मिला था। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट से कहा कि मामले में आगे की जांच के लिए इनकी कस्टडी जरूरी है, जिस पर कोर्ट ने अवधि बढ़ा दी। ——————– ये खबर भी पढ़ें: टीसीएस केस-जबरन धर्मांतरण में शामिल थी निदा खान:पुलिस का दावा-दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत मांगी मुंबई के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में यौन उत्पीड़न मामले में कंपनी की प्रोसेस एसोसिएट आरोपी निदा खान अब तक फरार है। पुलिस ने दावा किया है कि वह जबरन धर्मांतरण में शामिल थी। सेशंस कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम सुरक्षा नहीं मिलने के बाद पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। ये खबर भी पढ़ें: दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Nashik TCS Case: Nida Khan Denied Bail

Hindi News National Nashik TCS Case: Nida Khan Denied Bail | Serious Charges, Custody Essential नासिक6 मिनट पहले कॉपी लिंक नासिक कोर्ट ने शनिवार को TCS की नासिक यूनिट से जुड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपी निदा खान की एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज कर दी। प्रॉसिक्यूशन ने कोर्ट में कहा कि आरोप गंभीर हैं और उनसे कस्टडी में पूछताछ जरूरी है। निदा अब तक फरार है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसर ने बताया कि निदा खान इस केस की मुख्य आरोपियों में से एक हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। FIR के अनुसार, निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने महिला कर्मचारियों को बुर्का पहनने की सलाह दी थी। यह मामला कंपनी के अंदर कथित धार्मिक दबाव और उत्पीड़न से जुड़ा बताया गया है। TCS की नासिक यूनिट से जुड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपी। प्रेग्नेंसी का हवाला दिया इसी बीच, खान ने अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला देते हुए कोर्ट से प्री-अरेस्ट बेल की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। पुलिस के मुताबिक, महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में उनकी तलाश जारी है। नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें IT कंपनी की नासिक यूनिट में महिला कर्मचारियों के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट के नौ मामले सामने आए हैं। जांच के तहत SIT अब तक नौ FIR दर्ज कर चुकी है और एक महिला ऑपरेशन मैनेजर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) ने पिछले महीने बयान जारी कर कहा था कि कंपनी किसी भी तरह के हैरेसमेंट और जबरदस्ती के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर काम करती है। ——————– ये खबर भी पढ़ें: टीसीएस केस-जबरन धर्मांतरण में शामिल थी निदा खान:पुलिस का दावा-दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत मांगी मुंबई के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में यौन उत्पीड़न मामले में कंपनी की प्रोसेस एसोसिएट आरोपी निदा खान अब तक फरार है। पुलिस ने दावा किया है कि वह जबरन धर्मांतरण में शामिल थी। सेशंस कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम सुरक्षा नहीं मिलने के बाद पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। ये खबर भी पढ़ें: दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मुंबई महिला लीग ऑक्शन- इरा जाधव सबसे महंगी खिलाड़ी:आकाश टाइगर्स ने 10 लाख में खरीदा, U-19 में तिहरा शतक लगाया

16 साल की इरा जाधव पहली मुंबई महिला लीग नीलामी की सबसे महंगी खिलाड़ी बन गई हैं। उन्हें शनिवार को आकाश टाइगर्स ने 10 लाख रुपए में खरीदा। इरा ने पिछले साल अंडर-19 क्रिकेट में तिहरा शतक लगाया था। उन्हें आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की ऑक्शन में कुल 363 विमेंस प्लेयर्स पर बोली लगी। इनमें से 50 खिलाड़ियों को तीन फ्रेंचाइजी ने अपनी टीम में शामिल किया। फ्रेंचाइजी ने कुल 1.47 करोड़ रुपए खर्च किए। लीग में शामिल होने वाली तीन टीमें- सोबो मुंबई फाल्कन्स, ठाणे स्काई राइजर्स और आकाश टाइगर्स हैं। जगमोहन डालमिया ट्रॉफी जीत चुकी हैं इरा इरा जाधव का हालिया प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्हें ‘नमन अवॉर्ड्स 2026’ में बेस्ट घरेलू क्रिकेटर के लिए जगमोहन डालमिया ट्रॉफी से सम्मानित किया गया था। सिर्फ 14 साल की उम्र में उन्होंने विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। अब वे इस लीग में प्रदर्शन करके WPL के अगले सीजन के लिए दावा मजबूत करना चाहती हैं। सयाली, साइमा और हुमैरा बनीं ‘आइकन प्लेयर’ MCA ने लीग के पहले सीजन के लिए तीन अनुभवी खिलाड़ियों को ‘आइकन प्लेयर’ के तौर पर चुना है। भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकीं सयाली सतघरे ‘सोबो मुंबई फाल्कन्स’ की आइकन होंगी, जबकि साइमा ठाकुर ‘ठाणे स्काई राइजर्स’ और हुमैरा काजी ‘आकाश टाइगर्स’ का प्रतिनिधित्व करेंगी। इन खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय और घरेलू अनुभव लीग के स्तर को और ऊंचा ले जाएगा। नाइक बोले- यह मुंबई क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक शुरुआत MCA अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा कि यह लीग भारत में महिला क्रिकेट के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। नीलामी के लिए कुल 2,411 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से अंतिम छंटनी के बाद पुरुष और महिला खिलाड़ियों की नीलामी एक साथ आयोजित की गई। जल्द ही शुरू होने वाली इस लीग से मुंबई के फैंस को रोमांचक क्रिकेट देखने की उम्मीद है। ——————————————————– महिला क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… विमेंस टी-20 वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया का ऐलान BCCI ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जिताने वालीं कप्तान हरमनप्रीत कौर को ही टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना को ही वाइस कैप्टन बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर
मुंबई महिला लीग ऑक्शन- इरा जाधव की सबसे महंगी खिलाड़ी:आकाश टाइगर्स ने 10 लाख में खरीदा, U-19 में तिहरा शतक लगाया

16 साल की इरा जाधव पहली मुंबई महिला लीग नीलामी की सबसे महंगी खिलाड़ी बन गई हैं। उन्हें शनिवार को आकाश टाइगर्स ने 10 लाख रुपए में खरीदा। इरा ने पिछले साल अंडर-19 क्रिकेट में तिहरा शतक लगाया था। उन्हें आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की ऑक्शन में कुल 363 विमेंस प्लेयर्स पर बोली लगी। इनमें से 50 खिलाड़ियों को तीन फ्रेंचाइजी ने अपनी टीम में शामिल किया। फ्रेंचाइजी ने कुल 1.47 करोड़ रुपए खर्च किए। लीग में शामिल होने वाली तीन टीमें- सोबो मुंबई फाल्कन्स, ठाणे स्काई राइजर्स और आकाश टाइगर्स हैं। जगमोहन डालमिया ट्रॉफी जीत चुकी हैं इरा इरा जाधव का हालिया प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्हें ‘नमन अवॉर्ड्स 2026’ में बेस्ट घरेलू क्रिकेटर के लिए जगमोहन डालमिया ट्रॉफी से सम्मानित किया गया था। सिर्फ 14 साल की उम्र में उन्होंने विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। अब वे इस लीग में प्रदर्शन करके WPL के अगले सीजन के लिए दावा मजबूत करना चाहती हैं। सयाली, साइमा और हुमैरा बनीं ‘आइकन प्लेयर’ MCA ने लीग के पहले सीजन के लिए तीन अनुभवी खिलाड़ियों को ‘आइकन प्लेयर’ के तौर पर चुना है। भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकीं सयाली सतघरे ‘सोबो मुंबई फाल्कन्स’ की आइकन होंगी, जबकि साइमा ठाकुर ‘ठाणे स्काई राइजर्स’ और हुमैरा काजी ‘आकाश टाइगर्स’ का प्रतिनिधित्व करेंगी। इन खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय और घरेलू अनुभव लीग के स्तर को और ऊंचा ले जाएगा। नाइक बोले- यह मुंबई क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक शुरुआत MCA अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा कि यह लीग भारत में महिला क्रिकेट के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। नीलामी के लिए कुल 2,411 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से अंतिम छंटनी के बाद पुरुष और महिला खिलाड़ियों की नीलामी एक साथ आयोजित की गई। जल्द ही शुरू होने वाली इस लीग से मुंबई के फैंस को रोमांचक क्रिकेट देखने की उम्मीद है। ——————————————————– महिला क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… विमेंस टी-20 वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया का ऐलान BCCI ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जिताने वालीं कप्तान हरमनप्रीत कौर को ही टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना को ही वाइस कैप्टन बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर







