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अब असम में खेला जाएगा? कांग्रेस ने डिजिटल पोल को बताया गलत, डेके शिवकुमार ने बीजेपी पर लगाया बड़ा दावा

अब असम में खेला जाएगा? कांग्रेस ने डिजिटल पोल को बताया गलत, डेके शिवकुमार ने बीजेपी पर लगाया बड़ा दावा

असम चुनाव 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सबसे पहले मोटरसाइकिल रैली को तेज किया गया है, जहां कांग्रेस और सहयोगी आश्रम ने दावा किया है कि राज्य में उनकी सरकार बनने जा रही है और पार्टी पोल को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश की जा रही है। शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक डी.के. शिवकुमार, चंबाल बजाजा और संगीतकार सिंह ने गठबंधन के सहयोगियों के साथ बैठक की, जबकि कांग्रेस ने इस चुनाव में राइजोर दल, असम जाति परिषद (एजेपी), सी.के.एल.एच.एल.सी. (एम.), ए.पी.एच.एल.सी. और सी.आर.आई. गौरव गोगोई का दावा- आराम से लेगी सरकार बैठक के बाद असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया कि गठबंधन आराम से सरकार बनाएगा और कहा कि राज्य के लोगों, किसानों, युवाओं और महिलाओं ने बदलाव के लिए वोट दिया है, साथ ही उन्होंने समीक्षित दल की रणनीति पर सहमति जताते हुए कहा कि 4 मई को नतीजे आएंगे और सभी को एक मजबूत कमरे पर नजर रखनी होगी। ‘डर की वजह से लोग फ़्रांसीसी नहीं बोले’ कर्नाटक के स्नातक डी.के. शिवकुमार ने भी एलेक्टिट पोल को खारिज करते हुए कहा कि लाइब्रेरी में डार का मनोबल है, इसलिए लोग फ्रैंक राय अपने पास नहीं रख पाए, उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी से सहमति नहीं बनने वालों को सरकारी मंजूरी का लाभ नहीं मिल रहा है और उनकी टीम मजबूत और एकजुट है। शिवकुमार ने यह भी दावा किया कि बीजेपी के कुछ नेता खतरे की हार के बावजूद कांग्रेस के संपर्क में आने की कोशिश कर रहे हैं और पार्टी को अपने आंतरिक सर्वेक्षण पर पूरा भरोसा है। एक्जालिट पोल में एनडीए को बढ़त बीजेपी के नेतृत्व में एक्सिस माय इंडिया ने जहां एनडीए को 88-100 सीटें, जेवीसी ने 88-101 और मैट्रिज ने 85-95 सीटें दीं, वहीं कांग्रेस गठबंधन को 23 से 36 सीटें मिलीं। असम विधानसभा का चुनाव प्रारंभिक 4 मई को होगा और इस बार कांग्रेस ने छह गठबंधन के साथ गठबंधन बीजेपी के नेतृत्व वाले चेहरे को चुनौती दी है। (टैग्सटूट्रांसलेट)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस का दावा(टी)एग्जिट पोल विवाद(टी)एनडीए लीड(टी)गौरव गोगोई का बयान(टी)डीके शिवकुमार(टी)चुनाव परिणाम 4 मई(टी)असम की राजनीति(टी)गठबंधन सरकार(टी)बीजेपी बनाम कांग्रेस(टी)असम चुनाव 2026(टी)कांग्रेस दावा

नारियल पानी या गन्ने का जूस, गर्मी में क्या है ज्यादा फायदेमंद? डॉक्टर ने दिया सही जवाब

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Last Updated:May 02, 2026, 18:08 IST गर्मी में ठंडक पाने के लिए लोग अक्सर नारियल पानी और गन्ने का जूस दो आसान विकल्पों की ओर बढ़ते हैं. लेकिन हर घूंट का असर एक जैसा नहीं होता. कभी शरीर को तुरंत ताकत की जरूरत होती है, तो कभी सिर्फ पानी की कमी पूरी करनी होती है. ऐसे में चुनाव सोच-समझकर करना जरूरी हो जाता है. सही समय, सही मात्रा और अपनी जरूरत को समझना ही असली समझदारी है. तो आइए जानते है कौन सा ड्रिंक गर्मी के लिए ज्यादा फायदेमंद है. नई दिल्ली: गर्मी के मौसम में ठंडक पाने के लिए लोग अक्सर नारियल पानी और गन्ने के जूस का सहारा लेते हैं, लेकिन दोनों का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. कभी शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है, तो कभी सिर्फ पानी की कमी पूरी करनी होती है. ऐसे में सही विकल्प का चुनाव सोच-समझकर करना जरूरी है. विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय, सही मात्रा और शरीर की जरूरत को समझकर ही इन पेयों का सेवन करना चाहिए. वरना राहत देने वाली चीज कभी-कभी परेशानी भी बढ़ा सकती है. डॉक्टर की रायडॉ. सुनीता चौधरी के अनुसार, नारियल पानी और गन्ने का जूस दोनों ही फायदेमंद हैं, लेकिन इन्हें शरीर की जरूरत के हिसाब से लेना चाहिए. नारियल पानी में पोटैशियम और सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन को जल्दी दूर करते हैं. खासकर लू लगने या बार-बार प्यास लगने की स्थिति में नारियल पानी ज्यादा असरदार होता है. गन्ने के जूस के फायदेगन्ने का जूस शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक शर्करा होती है. अगर किसी को कमजोरी महसूस हो रही हो या शुगर लेवल कम लग रहा हो, तो गन्ने का जूस एक अच्छा विकल्प हो सकता है. हालांकि, इसे पीते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि जूस मशीन या गन्ने की सतह पर गंदगी होने का खतरा रहता है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है. किसे क्या चुनना चाहिएडॉक्टरों के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को गन्ने का जूस पीने से बचना चाहिए और उनके लिए नारियल पानी ज्यादा सुरक्षित विकल्प है. वहीं, जिन लोगों को बार-बार डिहाइड्रेशन की समस्या होती है, उनके लिए भी नारियल पानी बेहतर माना जाता है. सही समय और मात्राडॉ. चौधरी का कहना है कि दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करनी चाहिए. इसके बाद सुबह करीब 11 बजे के आसपास नारियल पानी या गन्ने का जूस लिया जा सकता है. मात्रा की बात करें तो एक बार में लगभग 200 मिली यानी एक गिलास पर्याप्त होता है. ज्यादा मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए, ताकि शरीर पर इसका नकारात्मक असर न पड़े. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

Punjab AAP MP FIR | Diljit Dosanjh Controversy & Businessman Assault

Punjab AAP MP FIR | Diljit Dosanjh Controversy & Businessman Assault

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर AAP छोड़कर BJP जॉइन करने वाले राज्यसभा सांसद संदीप पाठक से जुड़ी रही। पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ गैर जमानती धाराओं में 2 केस दर्ज कर लिए। जब पुलिस उन्हें पकड़ने पहुंची तो केस का पता चलते ही वह घर के साइड वाले दरवाजे से फिल्मी स्टाइल में निकल गए। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. AAP छोड़ BJP जॉइन करने वाले सांसद पर FIR, पुलिस अरेस्ट करने दिल्ली पहुंची AAP छोड़कर BJP में शामिल हुए पंजाब से राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो FIR दर्ज हुईं है। यह केस भ्रष्टाचार और शोषण से जुड़े हुए हैं। दोनों केस अलग-अलग जिलों में दर्ज किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज हुआ है। संदीप पाठक केस दर्ज होने की खबर बाहर आने से पहले दिल्ली स्थित अपने घर से साइड के दरवाजे से निकल गए। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा- मेरे खिलाफ किसी भी FIR की मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने सांसद संदीप पाठक के दिल्ली स्थित घर के बाहर बैरिकेडिंग कर दी है। इससे पंजाब पुलिस की गिरफ्तारी की कोशिश करने पर दिल्ली पुलिस के साथ टकराव की नौबत आ सकती है। AAP छोड़ने के बाद कार्रवाई झेलने वाले वह चौथे सांसद हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 2. कारोबारी ने लेडी जिम ट्रेनर को पीछे से आकर पकड़ा, अश्लील हरकतें कीं जालंधर में एक कारोबारी ने लेडी जिम ट्रेनर के साथ छेड़छाड़ की। उसने कहा कि उस समय जिम में कई लोग थे, इसी दौरान आरोपी अचानक पीछे से आया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसने अश्लील हरकतें कीं। जब उसने इसका तुरंत विरोध किया और शोर मचाया। जिम में मौजूद अन्य लोग भी इस घटना को देखकर दंग रह गए। उसने तुरंत इसकी शिकायत 112 पर कॉल कर दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी करोबारी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की जा रही है। इंस्पेक्टर रजवंत कौर ने बताया कि मामले की अभी जांच की जा रही है। लेडी ट्रेनर को बयान के लिए बुलाया गया है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. छात्र ने सुसाइड किया, कॉन्वेंट स्कूल में प्रिंसिपल ने दी थी सजा होशियारपुर के कॉन्वेंट स्कूल में कैबिन के बाहर खड़ा करने की सजा देने से आहत गुरदासपुर के 11वीं के छात्र ने जहर निगलकर सुसाइड कर लिया। 15 साल के स्टूडेंट की गलती इतनी थी कि वह स्कूल के फर्स्ट फ्लोर पर चला गया। जिस पर उसे एक मैडम ने देख लिया। इसका पता चलने पर प्रिंसिपल ने उसे यह सजा दी। वह करीब 3 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। इसके बाद शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार ने उसके सिर पर सेहरा सजाकर अंतिम विदाई दी। वहीं गुरदासपुर पुलिस ने स्कूल के खिलाफ खुदकुशी को मजबूर करने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. बाइबल की बेअदबी, पति ने पत्नी से छीनकर फाड़ी, बोला- यीशु को बोल, आकर तुझे बचा ले जालंधर के फिल्लौर में एक व्यक्ति ने गुस्से में आकर बाइबल के अंग फाड़ दिए। उसकी पत्नी बाइबल पढ़ रही थी, जिससे गुस्से में आकर उसके पति ने यह हरकत की। महिला के मुताबिक पति ने उसे कहा कि अगर तेरा यीशु तुझे बचाने वाला है, तो उसे बुला ले, वह आकर तुझे बचा ले। बेअदबी का पता चलते ही पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी की खबर फैलते ही स्थानीय समुदाय में भारी नाराजगी है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई में देरी का भी आरोप लगाया। बेअदबी के मामले में अहम बात ये भी है कि इस केस में पंजाब की AAP सरकार के नए कानून के तहत कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि उसमें ईसाईयों के धार्मिक ग्रंथ बाइबल को शामिल नहीं किया गया था। (पढ़ें पूरी खबर) 5. पत्नी का मौत से पहले का वीडियो, बोल रही- पति के लेडी कॉन्स्टेबल से संबंध पठानकोट में सड़क हादसे में हुई महिला की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। महिला के बेटे और बेटी ने पिता पर हत्या करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिता के इशारे पर ही मां का एक्सीडेंट हुआ है। उन्होंने कहा कि पिता के एक अन्य महिला के साथ संबंध थे और वह लंबे समय से हम लोगों को धमकियां भी दे रहे थे। मां को रातभर टॉर्चर करते थे। उन्होंने कहा कि एक बार जब वह स्कूल गए थे, तब उसकी मां को बुरी तरह पीटा गया और उनसे कोरे कागजों पर जबरदस्ती साइन करवाए गए। बाद में पता चला कि वे फर्जी तलाक के कागजात थे। वहीं, महिला की मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कह रही है कि पति के एक लेडी कॉन्स्टेबल के साथ अवैध संबंध हैं। पति तलवारों से डराता है और धमकी देता है कि वह उसे मारकर पंखे से लटका देगा या नहर में फेंक देगा। बच्चों को भी जान से मारने की धमकी देता है। (पढ़ें पूरी खबर) 6. गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के लिए आखिर तक अड़ा रहा गोपी, ₹30 लाख का ऑफर ठुकराया कपूरथला में कत्ल किया गया गैंगस्टर गोपी निज्जर आखिर तक अपने साथी कुख्यात गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के लिए अड़ा रहा। सुक्खा काहलवां की पुलिस कस्टडी में हत्या की गई थी। इस मामले में एक-एक कर सारे गवाह मुकर गए। यहां तक कि कत्ल के वक्त मौजूद पुलिसवाले भी मुकर गए लेकिन गोपी निज्जर अड़ा रहा। उसे एक आरोपी के पिता ने 30 लाख रुपए का ऑफर भी दिया था लेकिन उसने पीछे हटने से इनकार कर दिया। कॉलेज फ्रेंड से सुक्खा काहलवां का राइट हैंड बने गोपी निज्जर की उसी की कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोपी निज्जर की सुक्खा से दोस्ती कैसे हुई, सुक्खा मर्डर के बाद उसने कैसे गैंग संभाली, उसकी कत्ल की

न्यूयॉर्क में सालाना 2 करोड़ या भारत में 60 लाख?:सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस; लोग बोले- जिंदगी को सिर्फ पैसों से नहीं माप सकते

न्यूयॉर्क में सालाना 2 करोड़ या भारत में 60 लाख?:सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस; लोग बोले- जिंदगी को सिर्फ पैसों से नहीं माप सकते

भारतीय युवाओं के बीच विदेश में नौकरी करने का सपना अब सिर्फ बड़ी सैलरी तक सीमित नहीं रह गया है। बेहतर लाइफस्टाइल, ग्लोबल एक्सपोजर और करिअर ग्रोथ के साथ अब लोग यह भी सोचने लगे हैं कि क्या विदेश जाकर वास्तव में जिंदगी बेहतर होती है। इसी सवाल ने सोशल मीडिया पर तब नई बहस छेड़ दी, जब एक भारतीय प्रोफेशनल ने न्यूयॉर्क की हाई-पेइंग जॉब और भारत में आरामदायक जिंदगी के बीच अपनी दुविधा साझा की। रेडिट पर ‘भारत में सालाना 60 लाख बनाम न्यूयॉर्क में 2 करोड़’ शीर्षक से लिखी गई पोस्ट वायरल हो गई। प्रोफेशनल ने बताया कि उन्हें न्यूयॉर्क में 2.2 लाख डॉलर सालाना यानी करीब ₹2 करोड़ का ऑफर मिला है, जो बढ़कर 2.3 लाख डॉलर (2.2 करोड़ रुपए) तक जा सकता है। दूसरी तरफ भारत में रहने पर प्रमोशन के बाद उनकी सालाना सैलरी करीब ₹80 लाख तक पहुंच सकती है। प्रोफेशनल ने बताया कि उनके ऊपर कोई कर्ज नहीं है, अच्छी-खासी बचत है और भारत में हर महीने करीब ₹3.4 लाख की पैसिव इनकम भी आती है, जो विदेश जाने पर भी जारी रह सकती है। यही वजह है कि पहले जो ऑफर ‘ड्रीम मूव’ लग रहा था, अब उसी पर संदेह होने लगा है। इस पर सोशल मीडिया पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी नजर आई। कई यूजर्स ने कहा कि जिंदगी को सिर्फ पैसों से नहीं मापा जा सकता। कुछ लोगों ने लिखा कि ग्लोबल एक्सपोजर, नेटवर्किंग और करिअर के मौके लंबे समय में भारत की आरामदायक नौकरी से ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। हालांकि दूसरी तरफ कई यूजर्स ने न्यूयॉर्क के महंगी जीवनशैली की याद दिलाई। कुछ ने कहा कि 2.3 लाख डॉलर सुनने में बड़ा पैकेज लगता है, लेकिन टैक्स और किराया निकालने के बाद वहां बचत आसान नहीं होती। कई भारतीय न्यू जर्सी में रहकर रोज न्यूयॉर्क आने-जाने को मजबूर होते हैं। इसीलिए यह चर्चा उस नई सोच के केंद्र में आ गई है जिसमें युवा ‘विदेश यानी बेहतर जिंदगी’ के फॉर्मूले पर दोबारा सोचने लगे हैं। करिअर ग्रोथ, बेतहाशा खर्च, वीसा…हर पहलू पर बहस का बाजार गर्म समर्थकों का तर्क – न्यूयॉर्क में काम करने से ग्लोबल एक्सपोजर और करिअर ग्रोथ के बड़े मौके मिलेंगे। विरोध में राय – न्यूयॉर्क दुनिया के सबसे महंगे शहरों में शुमार है। भारी-भरकम टैक्स, ऊंचा घर किराया और रोजाना लंबी दूरी की यात्रा बड़ी चुनौती बन सकते हैं। वीसा को लेकर चिंता – कुछ यूजर्स ने याद दिलाया कि एच1बी या एल1 वीसा पर आय के अतिरिक्त स्रोत चलाना आसान नहीं होता।

Smriti Mandhana; India Women’s T20 World Cup Squad Players Update

Smriti Mandhana; India Women's T20 World Cup Squad Players Update

Hindi News Sports Smriti Mandhana; India Women’s T20 World Cup Squad Players Update | Harmanpreet Kaur स्पोर्ट्स डेस्क15 मिनट पहले कॉपी लिंक BCCI ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। शनिवार को जारी इस टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना वाइस कैप्टन हैं। टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 12 जून से होगी। भारत अपना पहला मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ 14 जून को खेलने उतरेगा। टीम इंडिया के ग्रुप में पाकिस्तान के अलावा ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और नीदरलैंड भी मौजूद हैं। सिलेक्शन कमेटी की बैठक में टी-20 कप्तान हरमनप्रीत कौर, कोच अमोल मजूमदार, चयन समिति की अध्यक्ष अमिता शर्मा और BCCI सचिव देवजीत सैकिया मौजूद रहे।। टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्रेयांका पाटिल और राधा यादव। स्मृति मंधाना को भारतीय महिला टीम का उपकप्तान बनाया गया है। मंधाना-शेफाली ओपनर, नंदनी पहला वर्ल्डकप खेलेंगी भारतीय टीम टॉप ऑर्डर में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा को बतौर ओपनर जगह मिली है। तीसरे नंबर पर जेमिमा रोड्रिंग्स का नाम है। नंदनी शर्मा को पहली बार वर्ल्डकप टीम में जगह मिली है। भारतीय टीम की कप्तान हमरनप्रीत कौर टी-20 वर्ल्ड कप में चौथे नंबर पर अहम भूमिका निभाएंगी। ऋचा घोष को विकेटकीपर चुना गया है। वे मैच के आखिरी ओवरों में बड़े शॉट लगाने में माहिर हैं। यास्तिका भाटिया को बैकअप विकेटकीपर और ओपनर चुना गया है। रेणुका को पेस अटैक की जिम्मेदारी अनुभवी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर को पेस अटैक की जिम्मेदारी दी गई है। क्रांति गौड़ और अरुंधति रेड्डी उनका साथ देंगी। वहीं, स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को स्पिनर डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी मिली है। श्रेयांका पाटिल और एन श्रीचरणी भी अहम भूमिका निभएंगी। दोनों ग्रुप से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी टूर्नामेंट में 12 टीमें हिस्सा लेंगी। ICC ने 12 टीमों को 6-6 टीमों के 2 ग्रुप में बांटा है। इन दोनों ग्रुप की टॉप पर रहने वाली दो-दो टीमें सेमीफाइनल में क्वॉलिफाई करेंगी। ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम रही है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक रिकॉर्ड छह बार खिताब अपने नाम किया है और कई बार फाइनल तक पहुंचकर अपनी बादशाहत साबित की है। इसके अलावा इंग्लैंड ने 2009 में पहला एडिशन जीतकर इतिहास रचा, जबकि वेस्टइंडीज ने 2016 में खिताब जीता था। ———————————————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

AIIMS portable MRI| Brain Imaging technology| मशीन खुद चलकर आएगी मरीज के पास, करेगी MRI, एम्स दिल्ली में शुरू हुई कमाल की सुविधा

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होमताजा खबरDelhi मशीन खुद चलकर आएगी मरीज के पास, करेगी MRI, एम्स में शुरू हुई कमाल की सुव‍िधा Last Updated:May 02, 2026, 17:17 IST AIIMS नई दिल्ली ने देश का पहला पोर्टेबल बेडसाइड MRI शुरू किया है. इससे ICU और इमरजेंसी में बिना मरीज को हिलाए ब्रेन इमेजिंग की जा सकेगी. रेड‍ियोसर्जरी ग्‍लोबल के सहयोग से इसे एम्‍स लाया गया है. एम्‍स नई दि‍ल्‍ली में शुरू हुई बेडसाइड पोर्टेबल एमआरआई की सुव‍िधा. AIIMS Delhi Portable MRI: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) नई दिल्ली ने देश में पहली बार पोर्टेबल बेडसाइड MRI सिस्टम शुरू कर दिया है.यह तकनीक गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए गेम चेंजर साबित होने वाली है. अब ICU, इमरजेंसी और न्यूरोसर्जिकल वार्ड में मरीज को बिस्तर से हिलाए बिना ब्रेन की इमेजिंग की जा सकेगी. देश में पहली बार ऐसी कोई मशीन लाई गई है जो न्‍यरोलॉजी व‍िभाग में क्रांत‍िकारी साब‍ित होने वाली है. परंपरागत MRI से अलगअभी तक एम्‍स में पारंपरिक एमआरआई मशीनों से स्‍कैन क‍िया जाता था. ये एमआरआई मशीनें बड़ी, महंगी और स्थिर होती हैं. इनमें स्‍कैन के ल‍िए मरीज को ICU से MRI रूम तक ले जाना पड़ता है, जो गंभीर मरीजों के लिए जोखिम भरा होता है. नया अल्ट्रा-लो-फील्ड पोर्टेबल एमआरआई छोटा, व्हील वाला और आसानी से मरीज के बेड तक ले जाया जा सकता है. यह सिस्टम न्यूरोलॉजिकल कंडीशंस सेंटर में डॉ. शैलेश गायकवाड़ की टीम के नेतृत्व में उपयोग में लाया जा रहा है. किन मरीजों को फायदा?डॉ. शैलेश गायकवाड़ ने बताया क‍ि यह तकनीक स्ट्रोक, ट्रॉमा, ICU मॉनिटरिंग, बच्चों और पोस्ट-ऑपरेटिव न्यूरोसर्जिकल केस में तेज डायग्नोसिस की सुविधा देगी. इमरजेंसी में जहां समय की कमी होती है और मरीज को शिफ्ट करना खतरनाक है, वहां यह सिस्टम जीवन रक्षक साबित होगा. डॉक्टरों का कहना है कि इससे फैसला लेने की गति बढ़ेगी और मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी. भारत के लिए ऐतिहासिक कदमभारत में इस पोर्टेबल MRI को नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद AIIMS में लगाया गया है. अस्‍पताल को रेड‍ियोसर्जरी ग्‍लोबल के सहयोग से यह उपलब्ध हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पॉइंट-ऑफ-केयर न्यूरो डायग्नोस्टिक्स में नई क्रांति लाएगा. दूरदराज के क्षेत्रों और छोटे अस्पतालों में भी ब्रेन इमेजिंग की पहुंच बढ़ेगी. मरीजों और चिकित्सा क्षेत्र पर प्रभावपोर्टेबल MRI से मरीजों को अनावश्यक ट्रांसफर का खतरा कम होगा, संक्रमण का जोखिम घटेगा और समय की बचत होगी. AIIMS के इस कदम से देशभर के अस्पतालों में ऐसी तकनीक अपनाने की राह खुल सकती है. यह खासकर संसाधन सीमित क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

The World Cup will be held in July, with 2,000 players expected to participate.

The World Cup will be held in July, with 2,000 players expected to participate.

Hindi News Sports The World Cup Will Be Held In July, With 2,000 Players Expected To Participate. चार्ली कैंपबेल. द न्यूयॉर्क टाइम्स13 मिनट पहले कॉपी लिंक रियाद में 6 जुलाई को होने वाले तीसरे ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप में 24 अलग-अलग वीडियो गेम्स में 2000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। सऊदी अरब की राजधानी रियाद 6 जुलाई को दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग मंच में बदलने जा रही है। यहां लगातार तीसरे साल ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप आयोजित होगा, जिसमें करीब 2000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खिलाड़ी 24 अलग-अलग वीडियो गेम्स में मुकाबला करेंगे और 75 मिलियन डॉलर यानी करीब 711 करोड़ रुपए की प्राइज मनी के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। सऊदी पिछले कुछ समय से ई-स्पोर्ट्स को लगातार बढ़ावा दे रहा है और इसमें निवेश कर रहा है। सऊदी अरब के ई-स्पोर्ट्स में निवेश के पीछे तीन मुख्य कारण हैं- 1. पहला कारण युवा आबादी है- सऊदी अरब की करीब दो-तिहाई आबादी 35 साल से कम उम्र की है। यह पीढ़ी डिजिटल दुनिया और गेमिंग से गहराई से जुड़ी हुई है। देश में लगभग 67% लोग गेम खेलते हैं, यानी करीब 2.35 करोड़ लोग। सरकार चाहती है कि इन युवाओं को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि करियर और रोजगार के नए मौके भी मिलें। ई-स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में गेमिंग, स्ट्रीमिंग, कंटेंट क्रिएशन और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्र खुलते हैं। 2. तेल पर निर्भरता कम करना भी इसकी वजह है – सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था अभी भी काफी हद तक तेल और गैस पर टिकी हुई है। लेकिन वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के विकल्प तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सरकार ‘विजन 2030’ के तहत नई इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दे रही है, ताकि भविष्य में अर्थव्यवस्था ज्यादा स्थिर और विविध हो सके। खेल और मनोरंजन, खासकर ई-स्पोर्ट्स, इस बदलाव का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। 3. तीसरा कारण है भविष्य की टेक्नोलॉजी- ई-स्पोर्ट्स केवल गेम खेलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा है। इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग जैसे कई आधुनिक क्षेत्र शामिल हैं। सऊदी अरब इस पूरे इकोसिस्टम में निवेश कर रहा है, ताकि वह टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी मजबूत पकड़ बना सके। हालांकि, ईरान युद्ध के कारण क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और कई खेल आयोजन प्रभावित हुए हैं, फिर भी वर्ल्ड कप को लेकर तैयारियां जारी हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि युद्धविराम के बाद हालात बेहतर होंगे और दर्शकों की भागीदारी भी बढ़ेगी। पिछले साल इस टूर्नामेंट को करीब 30 लाख लोगों ने सीधे देखा था, जबकि 75 करोड़ से ज्यादा दर्शकों ने इसे ऑनलाइन फॉलो किया। इस बार भी इससे बेहतर प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है। डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रहा सऊदी सऊदी अरब अब केवल इवेंट्स आयोजित करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह एक पूरा डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। इसमें गेमिंग सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, स्ट्रीमिंग और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसी दिशा में रियाद में एक बड़ा टेक हब भी विकसित किया जा रहा है, जहां आने वाले समय में ‘मेड इन सऊदी’ डिवाइसेज तैयार किए जाएंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

मलाइका अरोड़ा बोलीं- बेटे अरहान ने शादी से इनकार किया:कहा- ग्रैंडकिड्स भूल जाइए, प्रदूषण और खराब माहौल में बच्चे नहीं चाहता हूं

मलाइका अरोड़ा बोलीं- बेटे अरहान ने शादी से इनकार किया:कहा- ग्रैंडकिड्स भूल जाइए, प्रदूषण और खराब माहौल में बच्चे नहीं चाहता हूं

मलाइका अरोड़ा ने बेटे अरहान खान को लेकर एक बात शेयर की। उन्होंने बताया कि अरहान ने कहा कि वह शादी नहीं करना चाहते और बच्चे भी प्लान नहीं कर रहे हैं। मलाइका के मुताबिक, बेटे ने मजाक में कहा, “ग्रैंडकिड्स की उम्मीद छोड़ दो।” हाल ही में टाइम्स एंटरटेनमेंट को दिए इंटरव्यू में मलाइका रिश्तों और शादी पर बात कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी रिश्तों को अलग नजरिए से देखती है। उनका बेटा कई बार ऐसी बातें बोलता है, जो उन्हें सोचने पर मजबूर करती हैं। मलाइका ने बताया कि अरहान ने उनसे कहा, “मैं शादी नहीं करूंगा, इसलिए ग्रैंडकिड्स के बारे में भूल जाइए।” वजह पूछने पर अरहान ने बढ़ते प्रदूषण और खराब माहौल का जिक्र किया। उसने कहा कि AQI 500-1000 तक पहुंच रहा है, ऐसे माहौल में बच्चों को दुनिया में लाना सही नहीं लगता। मलाइका ने माना कि बेटे की सोच उनसे अलग है। उन्होंने उसे समझाया कि जिंदगी के हर फेज का अलग अनुभव होता है और परिवार बनाना भी उसका हिस्सा है। उन्होंने कहा कि रिश्ते बदलते रहते हैं और जिंदगी में कुछ भी स्थायी नहीं होता। इंसान को परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना पड़ता है। इंटरव्यू में मलाइका ने सेल्फ-लव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह हर दिन खुद से प्यार करने को कहती हैं, क्योंकि अगर इंसान खुद को स्वीकार नहीं करेगा, तो जिंदगी खुलकर नहीं जी पाएगा। मलाइका अरोड़ा की शादी 1998 में अरबाज खान से हुई थी। दोनों का 2017 में तलाक हो गया था। अरहान उन्हीं के बेटे हैं। तलाक के बाद भी दोनों बेटे की को-पैरेंटिंग कर रहे हैं। मलाइका लंबे समय तक अर्जुन कपूर के साथ रिश्ते को लेकर भी चर्चा में रहीं।

Salman Ali Agha Vs Suryakumar Yadav; India Pakistan Handshake Controversy

Salman Ali Agha Vs Suryakumar Yadav; India Pakistan Handshake Controversy

Hindi News Sports Salman Ali Agha Vs Suryakumar Yadav; India Pakistan Handshake Controversy | Asia Cup 2026 स्पोर्ट्स डेस्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान कप्तान सलमान आगा की यह फोटो एशिया कप 2025 की है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने एशिया कप 2025 के दौरान हुए हैंडशेक विवाद को एक बार फिर हवा दे दी है। आगा ने भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से हाथ न मिलाने की घटना पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे रोल मॉडल्स के लिए गलत मिसाल बताया है। उन्होंने इसका जिक्र हाल ही में एक पॉडकास्ट में किया। पहलगाम हमले के विरोध में भारत ने बनाई थी दूरी यह पूरा विवाद पिछले साल के एशिया कप से शुरू हुआ था। पहलगाम आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, के विरोध में भारतीय कप्तान सूर्या ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था। भारत ने यह रुख न केवल टॉस के समय, बल्कि टूर्नामेंट के सभी तीन मैचों (फाइनल में भी) के बाद भी बरकरार रखा था। एशिया कप फाइनल में ट्रॉफी के साथ भारत और पाकिस्तान के कप्तान। प्रेस कॉन्फ्रेंस में तो हाथ मिलाया था सलमान आगा ने खुलासा किया कि टूर्नामेंट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस और ट्रॉफी फोटोशूट के दौरान दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया था। उन्होंने कहा, मैं टॉस के लिए बिल्कुल सामान्य होकर गया था। मुझे अंदाजा था कि हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं, लेकिन यह नहीं सोचा था कि बात हाथ न मिलाने तक पहुंच जाएगी। मैच रेफरी ने पहले ही कर दिया था आगाह पाकिस्तानी कप्तान ने बताया कि उन्हें टॉस से ठीक पहले ही इस बारे में जानकारी दे दी गई थी। आगा के अनुसार, मैच रेफरी ने उन्हें एक तरफ ले जाकर कहा था कि भारतीय टीम हाथ नहीं मिलाएगी। इस पर आगा ने जवाब दिया था कि वे हाथ मिलाने के लिए बेताब (डेस्परेट) नहीं हैं और अगर वे ऐसा करना चाहते हैं तो ठीक है। एशिया कप फाइनल में मोहसिन नकवी की अनदेखी विवाद केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा। एशिया कप फाइनल के बाद भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चीफ और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने में भी इनकार कर दिया था। भारतीय खिलाड़ियों ने नकवी के भारत विरोधी बयानों के कारण उनसे दूरी बनाए रखी, जिसके चलते ट्रॉफी प्रेजेंटेशन की औपचारिकता पूरी नहीं हो सकी और नकवी ट्रॉफी लेकर चले गए। 28 सितंबर को एशिया कप फाइनल की अवॉर्ड सेरेमनी के बाद ट्रॉफी को नकवी के कहने पर ACC के ऑफिस भिजवा दिया गया था। रोल मॉडल होने के नाते गलत संदेश: आगा आगा ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि जब आप देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो बच्चे आपको देखते हैं। यदि कोई खिलाड़ी ऐसा व्यवहार करता है, तो उसका असर क्लब क्रिकेट तक जाता है। उन्होंने जोर दिया कि एक रोल मॉडल होने के नाते सही उदाहरण पेश करना महत्वपूर्ण है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी को दिया झटका, तृतीय वर्ष के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के दस्तावेजों के मामले में प्रवेश की अनुमति दी गई

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी को दिया झटका, तृतीय वर्ष के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के दस्तावेजों के मामले में प्रवेश की अनुमति दी गई

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की शुरुआत से पहले सैद्धांतिक कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। तीसरे में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की अपील को चुनौती देने वाली याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोई आदेश जारी नहीं किया जा सकता। जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस जोयामाल्या बागची की बेंच ने कहा कि चुनाव आयोग का फैसला पूरी तरह से भूमिका में है। शनिवार को विशेष रूप से दोनों जज बैठे थे। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया। लेकिन बेंच ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने साफ किया कि प्राथमिक स्तर के कर्मचारियों के लिए चुनाव आयोग का अधिकार है। बेंच के अध्यक्ष जस्टिस बागची ने कहा, “चुनाव आयोग के केंद्र में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि कर्मचारी केवल केंद्र का ही होगा। लेकिन अगर वह ऐसा भी लिखते हैं, तब भी हम उन्हें गलत नहीं कहते हैं।” न्यायमूर्ति नरसिम्हा ने कहा कि तृतीयक केंद्र में सिटकॉल कैमरा होगा, वहां राजनीतिक वैश्वीकरण के एजेंट होंगे। ऐसे में कलाकार के संकट का कोई आधार नहीं है. चुनाव आयोग के वकील ने क्या कहा इसके बाद चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ वकील डी एस नायडू ने बात शुरू की. नायडू ने कहा कि निराधार खतरों के तहत पूरी याचिका दायर की गई है। चुनाव आयोग के सरकुल में ऐसा कहीं नहीं कहा गया है कि तीसरे चरण में राज्य सरकार के कर्मचारियों की कोई भूमिका ही नहीं होगी। यहां तक ​​कि तीन साल के कर्मचारियों के लिए जो रिटर्निंग ऑफीसर विज़ेट है, वह भी राज्य सरकार का ही अधिकारी होता है। आयोग के वकील ने कहा कि पूरा काम ऐतिहासिक कहा जा रहा है। सरकुल में लिखी गई सभी बातों का पालन करना होगा और उसी आधार पर कर्मचारियों की ड्यूटी निभानी होगी। इसके बाद कोर्ट ने कहा, “इस मामले में किसी भी आदेश का पालन नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने कहा है कि सरकार का पूरी तरह से पालन नहीं किया जाएगा।” उच्च न्यायालय ने भी टीएमसी के दलालों को खारिज कर दिया था इससे पहले, कैथोलिक कांग्रेस ने येली कलकत्ता उच्च न्यायालय में मूर्ति की स्थापना की थी। 30 अप्रैल को उच्च न्यायालय ने चिकन चॉकलेट्स को खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि तीन साल के कर्मचारियों के लिए चुनाव आयोग का पद बनता है। यदि तृतीयक में कोई गड़बड़ी होती है, तो इसके लिए बाद में नामांकन दाखिल किया जा सकता है। केवल खतरों के आधार पर कोई आदेश नहीं दिया जाएगा। यह भी पढ़ें : पश्चिम बंगाल में 15 बूथों पर वोटिंग के दौरान फूट, खुलासा- सामने आए टीएमसी-बीजेपी कार्यकर्ता, वीडियो (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल 2026(टी)पश्चिम बंगाल 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)भारत(टी)ममता बनर्जी(टी)ममता बनर्जी टीएमसी(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी