Saturday, 19 Sep 2026 | 11:14 PM

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Adar Poonawalla Partners Rajasthan Royals; IPL Historys Biggest Deal

Adar Poonawalla Partners Rajasthan Royals; IPL Historys Biggest Deal

जयपुर8 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान रॉयल्स को उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल और आदित्य मित्तल ने खरीद लिया है। अदार पूनावाला के साथ पार्टनरशिप में फ्रेंचाइजी को खरीदने का समझौता किया है। इस डील की अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू करीब 1.65 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 15,660 करोड़ रुपए) बताई जा रही है। जो इसे आईपीएल के इतिहास की सबसे बड़ी निवेश डील्स में शामिल करती है। डील पूरी होने के बाद मित्तल परिवार के पास राजस्थान रॉयल्स की लगभग 75% हिस्सेदारी होगी, जबकि अदार पूनावाला करीब 18% हिस्सेदारी के साथ साझेदार बने रहेंगे। वहीं, बाकी 7% हिस्सेदारी मनोज बडाले और अन्य मौजूदा निवेशकों के पास रहेगी। मनोज बडाले फ्रेंचाइजी से जुड़े रहेंगे और अपने अनुभव के जरिए टीम को मार्गदर्शन देते रहेंगे, जिससे पुराने और नए मैनेजमेंट के बीच संतुलन बना रहेगा। सौदा सितंबर 2026 तक पूरा होगा राजस्थान रॉयल्स अब केवल आईपीएल टीम तक सीमित नहीं रही है, बल्कि एक ग्लोबल क्रिकेट ब्रांड बन चुकी है। इस सौदे में केवल IPL टीम ही नहीं, राजस्थान रॉयल्स के मालिकाना हक वाली दक्षिण अफ्रीका की ‘पार्ल रॉयल्स’ और कैरेबियन लीग की ‘बारबाडोस रॉयल्स’ भी शामिल हैं। हालांकि यह डील अभी नियामक मंजूरियों पर निर्भर है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), आईपीएल गवर्निंग काउंसिल और अन्य संबंधित संस्थाओं की स्वीकृति के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। अनुमान है कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद यह सौदा सितंबर 2026 तक पूरा हो सकता है। नए मालिकाना स्ट्रक्चर में लक्ष्मी एन. मित्तल, आदित्य मित्तल, वनिशा मित्तल-भाटिया, अदार पूनावाला और मनोज बडाले बोर्ड में शामिल होंगे। इससे पहले अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी और उनके कंसोर्टियम ने 1.63 बिलियन डॉलर (करीब 15,289 करोड़ रुपए) की रिकॉर्ड बोली लगाकर फ्रेंचाइजी को खरीदा। उसे एक्सक्लूसिविटी मिल भी गई थी, लेकिन बाद में यह सौदा नहीं हो सका। क्रिकेट के प्रति उनका लगाव बचपन से रहा मित्तल परिवार का राजस्थान से गहरा जुड़ाव भी इस डील को खास बनाता है, क्योंकि लक्ष्मी मित्तल का जन्म चूरू जिले के सादुलपुर गांव में हुआ था। लक्ष्मी मित्तल ने कहा- क्रिकेट के प्रति लगाव बचपन से रहा है और राजस्थान रॉयल्स से जुड़ना गर्व का विषय है। उन्होंने टीम की विरासत को आगे बढ़ाने और फैंस के साथ इस सफर का हिस्सा बनने की बात कही। 2008 में चैंपियन बनी थी राजस्थान शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने IPL का पहला सीजन 2008 में जीता था। लेकिन उसके बाद टीम का प्रदर्शन नीचे जाने लगा। उसके बाद से टीम सिर्फ एक बार 2022 में फाइनल में पहुंची है। तब गुजरात टाइटंस के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उसे हार मिली। दो साल के लिए बैन हुई थी RR राजस्थान रॉयल्स को 2015 में सामने आए स्पॉट-फिक्सिंग मामले की वजह से 2 साल के लिए बैन कर दिया गया था। जांच के बाद लोढ़ा समिति ने टीम के सह-मालिक राज कुंद्रा को सट्टेबाजी का दोषी पाया था। इसके कारण राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स दोनों को 2016 और 2017 के आईपीएल सीजन से बाहर कर दिया गया। बाद में 2018 में राजस्थान रॉयल्स ने फिर से आईपीएल में वापसी की। ये खबर भी पढ़ें राजस्थान रॉयल्स को अमेरिकी बिजनेसमैन ने खरीदा:IPL की सबसे महंगी टीम बनी, 15,289 करोड़ में हुआ सौदा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की पहली चैंपियन टीम राजस्थान रॉयल्स को भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी ने खरीद लिया है। पिछले कुछ महीनों से चल रही प्रक्रिया के बाद टीम की बिक्री फाइनल हो गई। बिजनेसमैन काल सोमानी ने 1.63 बिलियन डॉलर (करीब 15,289 करोड़ रुपए) की रिकॉर्ड बोली लगाकर फ्रेंचाइजी को खरीदा। (पूरी खबर पढे़ं) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

एक्टिंग करियर छोड़, कृष्ण भक्त बनीं एक्ट्रेस एना जयसिंघानी:क्राइम पेट्रोल में काम किया था, प्रेमानंद महाराज के सपने के बाद आ गईं वृंदावन

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टीवी एक्ट्रेस रहीं एना जयसिंघानी ने मुबई एक्टिंग का करियर छोड़कर आध्यात्म का मार्ग चुन लिया है और वह अब वृंदावन में रहकर भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन हैं। ग्वालियर की रहने वाली एना ने हाल ही में एक यूट्यूब चैनल पर बताया कि वह अब वृंदावन में रह रही हैं और अपनी जिंदगी कृष्ण भक्ति को समर्पित कर चुकी हैं। एना जयसिंघानी ने अब अपना नाम बदलकर एना परी हरिवंशी रख लिया है। एना ने बताया कि उन्होंने एक्टिंग और डांस के सपने के साथ मुंबई का रुख किया था। उन्होंने 2011 में फ्रीलांस कोरियोग्राफर के तौर पर काम शुरू किया और इस दौरान कोरियोग्राफर थॉमस पॉलसन के साथ भी काम करने का मौका मिला। पूर्व एक्ट्रेस के अनुसार, कोरियोग्राफी के बाद उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाने के लिए एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस बालाजी टेलीफिल्म्स में एक्टिंग कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने ‘क्राइम पेट्रोल’ और ‘सावधान इंडिया’ जैसे शो में काम किया। फिर उन्हें टीवी शो ‘देखा एक ख्वाब’ से खास पहचान मिली थी। ISKCON से जुड़ने के बाद बदली लाइफस्टाइल एना ने बताया कि मुंबई में कुछ दोस्तों के जरिए वह ISKCON से जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी लाइफस्टाल बदल ली और मांसाहार, शराब, लहसुन-प्याज छोड़ दिया। वो मुंबई में ISKCON जाने लगी. वो धीरे-धीरे यूटूब पर सत्संग सुनने लगी। एना ने कहा कि फिर एक दिन प्रेमानंद महाराज उनके सपने में आए और उनसे मंत्र जाप करने को कहा। इस अनुभव के बाद, वे वृंदावन आईं, दीक्षा ली और अपना जीवन कृष्ण की भक्ति में लगाने का फैसला किया।

द्वारकेश पॉडकास्ट के मुरीद टेक दिग्गज:जकरबर्ग को कह दिया था- दोबारा रिकॉर्ड करना पड़ेगा, हुआंग-नडेला करते हैं घंटों चर्चा

द्वारकेश पॉडकास्ट के मुरीद टेक दिग्गज:जकरबर्ग को कह दिया था- दोबारा रिकॉर्ड करना पड़ेगा, हुआंग-नडेला करते हैं घंटों चर्चा

एआई की जादुई दुनिया में जहां बड़े-बड़े दिग्गज भी तकनीक के शोर में खो जाते हैं, वहीं द्वारकेश पटेल सिलिकॉन वैली के एआई समुदाय की सबसे अहम आवाज बनकर उभरे हैं। 25 वर्षीय भारतीय मूल के द्वारकेश के पॉडकास्ट को प्रति एपिसोड औसतन 20 लाख बार सुना जाता है। मार्क जकरबर्ग, सत्या नडेला और जैंसन हुआंग जैसे दिग्गज सीईओ उनके साथ घंटों तक चर्चाएं करते हैं। लोकप्रियता ऐसी है कि उनके साथ सेल्फी लेने के लिए होड़ लग जाती है। पटेल इंटरव्यू के लिए गहन अध्ययन करते हैं और एआई की जटिल भाषा को नए अंदाज में पेश करते हैं। बोरियत से शुरू हुआ सफर द्वारकेश के पॉडकॉस्ट का सफर 2020 में एक कॉलेज हॉस्टल के कमरे से शुरू हुआ था। कोरोना महामारी के दौरान जब सब कुछ ठप हो गया था, तब यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्सस के छात्र द्वारकेश कुछ अलग करने की तलाश में थे। उन्होंने अपनी जिज्ञासा के दम पर विशेषज्ञों को ईमेल करना शुरू किया। आज ‘द्वारकेश पॉडकास्ट’ की अलग पहचान है। एंथ्रोपिक की मुख्य संचार अधिकारी साशा डी मारिग्नी कहती हैं, ‘लोग उन्हें केवल कमेंटेटर नहीं मानते, वे एआई समुदाय के अभिन्न अंग हैं।’ इंटरव्यू के लिए उन्हीं मेहमानों को चुनते हैं, जिनसे नया सीखने को मिले द्वारकेश एक इंटरव्यू के लिए दो हफ्ते तक रिसर्च करते हैं। फ्लैश कार्ड बनाते हैं। विषयों को समझने के लिए इकोनॉमिक्स, फिजिक्स तक के ट्यूटर हायर करते हैं। साख ऐसी है कि उन्होंने मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग से भी इंटरव्यू को दोबारा रिकॉर्ड करने के लिए कह दिया था। एनवीडिया के सीईओ जैंसन हुआंग और ओपनएआई के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक इल्या सुत्स्केवर जैसे दिग्गजों से तकनीकी बारीकियों पर चर्चा करते हैं। द्वारकेश के पॉडकास्ट में निवेशक करोड़ों रु. लगाने को तैयार हैं, लेकिन वे इसे स्वतंत्र रिसर्च कंपनी या नेटवर्क की तरह नहीं चलाना चाहते। वे अपने कंटेंट की एडिटिंग खुद देखते हैं और उन्हीं मेहमानों को चुनते हैं, जिनसे उन्हें कुछ नया सीखने को मिले। द्वारकेश जटिल तकनीकी शब्दों और मुद्दों पर घंटों बात करते हैं जहां मुख्यधारा का मीडिया अक्सर एआई को लेकर डर या सतही बातें करता है, द्वारकेश ‘क्वाड्रेटिक अटेंशन कॉस्ट’ और ‘केवी वेक्टर्स’ जैसे जटिल तकनीकी शब्दों पर घंटों बात करते हैं। प्रख्यात अर्थशास्त्री टायलर कोवेन उन्हें ‘एआई युग का नंबर-1 इतिहासकार’ बताते हैं। वे एआई के उस भविष्य की बात करते हैं, जहां मशीनें इंसान की तरह लगातार सीख सकेंगी, हालांकि वे इसके बी च आने वाली तकनीकी बाधाओं को लेकर भी सवाल उठाते हैं।

दिल्ली की IAS एकेडमी डायरेक्टर का अपहरण:भोपाल में 4 घंटे बंधक बनाया, पिस्टल सटाकर 2 करोड़ वसूले; विदेश भागने वाला था मास्टरमाइंड

दिल्ली की IAS एकेडमी डायरेक्टर का अपहरण:भोपाल में 4 घंटे बंधक बनाया, पिस्टल सटाकर 2 करोड़ वसूले; विदेश भागने वाला था मास्टरमाइंड

भोपाल में 9 बदमाशों ने बुधवार दोपहर दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर को किडनैप कर लिया। 4 घंटे बंधक बनाकर रखा। कनपटी पर पिस्टल सटाकर करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। वारदात के बाद मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा विदेश भागने की तैयारी में था, लेकिन रविवार को भोपाल एम्स से पकड़ा गया। मास्टरमाइंड के साथ 5 सहयोगी भी पकड़े गए हैं, जबकि 3 आरोपी फरार हैं। भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि उसी संस्थान की फ्रेंचाइजी चलाने वाला युवक है। आरोपी भेल के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा है। वह पहले दिल्ली में रहकर आईएएस कोचिंग के जरिए UPSC की तैयारी कर चुका है। नामी होटल में ठहरी थीं शुभ्रा रंजन डायरेक्टर शुभ्रा रंजन के मुताबिक आरोपी ने भोपाल में कोचिंग की दूसरी ब्रांच खोलने और उस जगह का निरीक्षण कराने के बहाने उन्हें बुलाया। वह दिल्ली से भोपाल आई थीं। वह शहर के एक नामी होटल ताज में ठहरी थीं। बुधवार को आरोपी प्रियंक शर्मा उन्हें होटल से 2-3 बजे के करीब अपने साथ ले गया। इसके बाद बागसेवनिया इलाके के एक फ्लैट में ले जाकर बंधक बना लिया। जान से मारने की धमकी दी। कनपटी पर पिस्टल रखी। जान बख्शने के एवज में अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए। फिरौती वसूलने दतिया से बुलाए बदमाश पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने बताया कि प्रियंक पहले से IAS अकादमी की एक फ्रेंचाइजी चला रहा था। उसे अंदाजा था कि डायरेक्टर के पास पर्याप्त पैसा है, इसलिए उसने साजिश रची। उसने दतिया और कालापीपल में रहने वाले अपने साथियों को बुलाया। शोर दबाने के लिए कराया सुंदरकांड पुलिस कमिश्नर ने बताया- जिस फ्लैट में महिला डायरेक्टर को बंधक बनाया गया था, वहां वारदात वाले दिन सोमवार को सुंदरकांड का पाठ कराया गया। मकसद था कि पीड़िता शोर मचाए तो आवाज बाहर तक न पहुंचे। फ्लैट के एक कमरे में उन्हें 4 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया। पैसे मिलने के बाद बुधवार रात को उनकी रिहाई हुई। पुलिस ने सभी खातों में रकम होल्ड करा दी है, ताकि रकम सुरक्षित रहे। एम्स के आईसीयू से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी प्रियंक वारदात के बाद विदेश भागने की तैयारी में था। इसके लिए वह कई एजेंट्स के संपर्क में था। शिकायत के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। उसके रिश्तेदारों की निगरानी शुरू की। गिरफ्तारी के डर से वह एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो गया। क्राइम ब्रांच को भनक लगते ही टीम ने अस्पताल पहुंचकर आईसीयू से ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसकी मां और पत्नी ने गिरफ्तारी का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई जारी रखते हुए उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य 5 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। जानिए आरोपियों की प्रोफाइल और भूमिका प्रियंक शर्मा: मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा भोपाल के अयोध्या बाइपास का रहने वाला है। पिता विष्णु शर्मा भेल के रिटायर्ड अधिकारी हैं। आरोपी प्रियंक बीए ग्रेजुएट है। कोचिंग सेंटर चलाता है। पहले यूपीएससी की तैयारी कर चुका है। इसी ने पूरी वारदात की साजिश रची। उसे अंजाम तक पहुंचाया। दीपक भगत: ड्राइवर और करीबी सहयोगी दीपक भगत बागसेवनिया, भोपाल का निवासी है। वह आठवीं तक पढ़ा है और प्रियंक की कार चलाने के साथ उसके निजी काम देखता है। पुलिस की गिरफ्त में आते ही उसने मरने की एक्टिंग की, लेकिन ज्यादा देर नहीं चली और वह पकड़ा गया। रोहित: सफाई कर्मचारी से बना आरोपी रोहित, पिता जगन्नाथ, कालापीपल का रहने वाला है। वह आठवीं तक पढ़ा है और प्रियंक के संस्थान में साफ-सफाई का काम करता था। वारदात के दौरान वह अन्य आरोपियों के साथ मास्क और हथियार लेकर फ्लैट में मौजूद था। विकास: साथ-साथ रहा, मुख्य का सहयोगी विकास उर्फ विक्की दाहिया आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। मार्केटिंग का काम करता है। पूरे घटनाक्रम के दौरान वह प्रियंक के साथ सक्रिय रूप से शामिल रहा और वारदात में अहम भूमिका निभाई। कुनाल यादव: मजदूर, लालच में बना आरोपी कुनाल यादव दतिया का निवासी है, आठवीं तक पढ़ा है और मजदूरी करता है। उसे विक्की ने वारदात में शामिल होने के लिए बुलाया था। काम पूरा होने के बाद उसे पांच लाख रुपए देने का लालच दिया गया था। पंकज अहिरवार: पांचवीं तक पढ़ा, साजिश में शामिल पंकज अहिरवार दतिया का रहने वाला है। पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है। इसे भी विक्की ने वारदात में शामिल होने के लिए बुलाया था। फरार आरोपी: रामजी, निहाल और रामेश्वर की तलाश जारी रामजी उर्फ निहाल प्रजापति और रामू उर्फ रामेश्वर उर्फ शिव फिलहाल फरार हैं। इन्हें भी विक्की ने वारदात में शामिल होने के एवज में पांच-पांच लाख रुपए का लालच देकर बुलाया था। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। ……………………………… यह खबर भी पढ़ें भोपाल में लिवइन पार्टनर ने किया प्रेमिका की मासूम बेटी को अगवा भोपाल के बजरिया इलाके में एक महिला के लिव इन पार्टनर ने उसकी छह साल की बेटी का अपहरण कर लिया। पुलिस ने पूरे मामले में पड़ताल की तो पता चला कि वह बच्ची को अगवा कर अपने साथ यूपी के सीतापुर लेकर जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…

अश्विन बोले-बटलर को आउट करना गलत नहीं:बोले-लोग इसे ईमानदारी से जोड़ते हैं,जबकि यह नियम है

अश्विन बोले-बटलर को आउट करना गलत नहीं:बोले-लोग इसे ईमानदारी से जोड़ते हैं,जबकि यह नियम है

टीम इंडिया के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ‘मांकडिंग’ विवाद (नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रन आउट) पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जोस बटलर को उस तरह आउट करने पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है और वे आज भी अपने फैसले पर गर्व करते हैं। अश्विन के मुताबिक, क्रिकेट के नियमों में जो ‘आउट’ है, उसे खेल भावना की आड़ में गलत ठहराना समाज का दबाव है। जियोस्टार के शो ‘द रविचंद्रन अश्विन एक्सपीरियंस’ में उन्होंने एमएस धोनी के साथ तालमेल और पंजाब किंग्स व राजस्थान रॉयल्स के सफर पर बातें साझा कीं। लोग कहते हैं बटलर भागना नहीं चाहते थे, यह मेरी समस्या नहीं’ जोस बटलर को रन आउट करने की घटना पर अश्विन ने कहा,’कई लोग इसे कैरेक्टर और खेल भावना से जोड़कर देखते हैं। लोग कहते हैं कि बटलर भागने की कोशिश नहीं कर रहे थे, लेकिन यह मेरी समस्या नहीं है। लोग कहते हैं कि मैंने जीतने के लिए ऐसा किया। हां, बिल्कुल मैंने जीतने के लिए ही ऐसा किया था। इसमें शर्मिंदा होने वाली क्या बात है? अगर ICC को लगता कि इसमें ईमानदारी की कोई समस्या है, तो वे इसे नियमों में ही नहीं रखते। अश्विन बोले- क्रिकेट में ‘स्पिरिट’ के नाम पर गेंदबाजों पर दबाव है अश्विन ने कहा कि समाज में धारणा बन गई है कि बल्लेबाज को इस तरह आउट करना गलत है। उन्होंने बताया,’यह दबाव तब शुरू होता है जब अंपायर कप्तान से पूछते हैं कि क्या आप अपील वापस लेना चाहते हैं। अगर आप अपील वापस लेते हैं, तो आपको ‘अच्छा’ माना जाता है। यह गलत है क्योंकि आप सबके सामने अपने गेंदबाज को नीचा दिखाते हैं। जैसे एलबीडब्ल्यू आउट है, वैसे ही यह भी आउट है। जिन्होंने सोशल मीडिया पर मेरे कैरेक्टर पर सवाल उठाए, मैं उन पर कोर्ट में केस कर सकता हूं। मैंने कोई चोरी नहीं की, नियमों के अंदर रहकर खेला।’ धोनी के बारे में कहा-वे मेरे फील्ड सेट करने में दखल नहीं देते थे 2011 IPL फाइनल में क्रिस गेल के विकेट को याद करते हुए अश्विन ने एमएस धोनी की तारीफ की। उन्होंने कहा,’लोग धोनी की कप्तानी और खिताबों की बात करते हैं, लेकिन मेरी नजर में उनके जैसा मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज और स्पिनर्स के खिलाफ उनके जैसा कीपर कोई नहीं है। वे मेरे फील्ड सेट करने में दखल नहीं देते थे। वे बस इतना कहते थे-‘ज्यादा मत सोचो, अगर मार पड़ती है तो पड़ने दो, बस अपनी फील्ड के हिसाब से गेंदबाजी करो।’ उन्हें मुझ पर भरोसा था कि मैं अपनी प्लानिंग करके आया हूं।’ पंजाब किंग्स को ‘अपना’ नहीं बना पाने का मलाल अश्विन ने 2018 में पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) की कप्तानी मिलने पर कहा कि वे लीडरशिप के लिए तैयार थे। उन्होंने बताया,’मैंने पंजाब को अपना सब कुछ दिया, लेकिन मलाल है कि मैं टीम को पूरी तरह ‘अपना’ नहीं बना सका। टीम की नीलामी में सहवाग पाजी ने मुझे चुना था, लेकिन टीम मेरे हिसाब से नहीं बन पाई थी। हालांकि, हमने प्रभसिमरन, अर्शदीप सिंह और निकोलस पूरन जैसे खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार किया।’ राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए 3 साल सबसे खास रहे राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ अपने सफर पर अश्विन ने कहा कि वहां उनके साथ जैसा बर्ताव हुआ, वैसा कहीं नहीं हुआ। अश्विन के मुताबिक, ‘आरआर ने मेरा बेहतरीन इस्तेमाल किया। मैंने वहां क्रिकेट का उतना आनंद लिया जितना तमिलनाडु की अंडर-19 टीम में भी नहीं लिया था। मेरा एक छोटा पछतावा है कि मैं राजस्थान को खिताब नहीं दिला सका। हम फाइनल और क्वालीफायर-2 तक पहुंचे, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत पाए।’

अश्विन बोले-बटलर को आउट करना गलत नहीं:बोले-लोग इसे ईमानदारी से जोड़ते हैं,जबकि यह नियम है

अश्विन बोले-बटलर को आउट करना गलत नहीं:बोले-लोग इसे ईमानदारी से जोड़ते हैं,जबकि यह नियम है

टीम इंडिया के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ‘मांकडिंग’ विवाद (नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रन आउट) पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जोस बटलर को उस तरह आउट करने पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है और वे आज भी अपने फैसले पर गर्व करते हैं। अश्विन के मुताबिक, क्रिकेट के नियमों में जो ‘आउट’ है, उसे खेल भावना की आड़ में गलत ठहराना समाज का दबाव है। जियोस्टार के शो ‘द रविचंद्रन अश्विन एक्सपीरियंस’ में उन्होंने एमएस धोनी के साथ तालमेल और पंजाब किंग्स व राजस्थान रॉयल्स के सफर पर बातें साझा कीं। लोग कहते हैं बटलर भागना नहीं चाहते थे, यह मेरी समस्या नहीं’ जोस बटलर को रन आउट करने की घटना पर अश्विन ने कहा,’कई लोग इसे कैरेक्टर और खेल भावना से जोड़कर देखते हैं। लोग कहते हैं कि बटलर भागने की कोशिश नहीं कर रहे थे, लेकिन यह मेरी समस्या नहीं है। लोग कहते हैं कि मैंने जीतने के लिए ऐसा किया। हां, बिल्कुल मैंने जीतने के लिए ही ऐसा किया था। इसमें शर्मिंदा होने वाली क्या बात है? अगर ICC को लगता कि इसमें ईमानदारी की कोई समस्या है, तो वे इसे नियमों में ही नहीं रखते। अश्विन बोले- क्रिकेट में ‘स्पिरिट’ के नाम पर गेंदबाजों पर दबाव है अश्विन ने कहा कि समाज में धारणा बन गई है कि बल्लेबाज को इस तरह आउट करना गलत है। उन्होंने बताया,’यह दबाव तब शुरू होता है जब अंपायर कप्तान से पूछते हैं कि क्या आप अपील वापस लेना चाहते हैं। अगर आप अपील वापस लेते हैं, तो आपको ‘अच्छा’ माना जाता है। यह गलत है क्योंकि आप सबके सामने अपने गेंदबाज को नीचा दिखाते हैं। जैसे एलबीडब्ल्यू आउट है, वैसे ही यह भी आउट है। जिन्होंने सोशल मीडिया पर मेरे कैरेक्टर पर सवाल उठाए, मैं उन पर कोर्ट में केस कर सकता हूं। मैंने कोई चोरी नहीं की, नियमों के अंदर रहकर खेला।’ धोनी के बारे में कहा-वे मेरे फील्ड सेट करने में दखल नहीं देते थे 2011 IPL फाइनल में क्रिस गेल के विकेट को याद करते हुए अश्विन ने एमएस धोनी की तारीफ की। उन्होंने कहा,’लोग धोनी की कप्तानी और खिताबों की बात करते हैं, लेकिन मेरी नजर में उनके जैसा मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज और स्पिनर्स के खिलाफ उनके जैसा कीपर कोई नहीं है। वे मेरे फील्ड सेट करने में दखल नहीं देते थे। वे बस इतना कहते थे-‘ज्यादा मत सोचो, अगर मार पड़ती है तो पड़ने दो, बस अपनी फील्ड के हिसाब से गेंदबाजी करो।’ उन्हें मुझ पर भरोसा था कि मैं अपनी प्लानिंग करके आया हूं।’ पंजाब किंग्स को ‘अपना’ नहीं बना पाने का मलाल अश्विन ने 2018 में पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) की कप्तानी मिलने पर कहा कि वे लीडरशिप के लिए तैयार थे। उन्होंने बताया,’मैंने पंजाब को अपना सब कुछ दिया, लेकिन मलाल है कि मैं टीम को पूरी तरह ‘अपना’ नहीं बना सका। टीम की नीलामी में सहवाग पाजी ने मुझे चुना था, लेकिन टीम मेरे हिसाब से नहीं बन पाई थी। हालांकि, हमने प्रभसिमरन, अर्शदीप सिंह और निकोलस पूरन जैसे खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार किया।’ राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए 3 साल सबसे खास रहे राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ अपने सफर पर अश्विन ने कहा कि वहां उनके साथ जैसा बर्ताव हुआ, वैसा कहीं नहीं हुआ। अश्विन के मुताबिक, ‘आरआर ने मेरा बेहतरीन इस्तेमाल किया। मैंने वहां क्रिकेट का उतना आनंद लिया जितना तमिलनाडु की अंडर-19 टीम में भी नहीं लिया था। मेरा एक छोटा पछतावा है कि मैं राजस्थान को खिताब नहीं दिला सका। हम फाइनल और क्वालीफायर-2 तक पहुंचे, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत पाए।’

चेन्नई में यात्री ने चलती फ्लाइट का इमरजेंसी गेट खोला:विमान रनवे से टर्मिनल की तरफ जा रहा था, पायलट ने तुरंत रोका; आरोपी गिरफ्तार

चेन्नई में यात्री ने चलती फ्लाइट का इमरजेंसी गेट खोला:विमान रनवे से टर्मिनल की तरफ जा रहा था, पायलट ने तुरंत रोका; आरोपी गिरफ्तार

चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार सुबह लैंडिंग के दौरान एयर अरेबिया की चलती फ्लाइट में एक यात्री ने इमरजेंसी गेट खोल दिया। यह फ्लाइट शारजाह से चेन्नई पहुंची थी और इसमें 231 यात्री सवार थे। घटना सुबह करीब 3:23 बजे हुई। एयरबस A320 मॉडल की फ्लाइट G9 471 रनवे से टर्मिनल की ओर बढ़ रही थी। घटना के बाद पायलट ने तुरंत विमान को रोक दिया और एयरपोर्ट अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद CISF, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी यात्री को हिरासत में ले लिया है। आरोपी की पहचान 29 साल के मोहम्मद शरीफ मोहम्मद नजमुद्दीन के रूप में हुई है। वह तमिलनाडु के पुडुकोट्टई का रहने वाला है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। घटना के कारण थोड़ी देर के लिए एयरपोर्ट पर ऑपरेशन भी प्रभावित हुआ। एयरपोर्ट अधिकारियों ने 3:25 बजे मुख्य रनवे (07/25) को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया। इसके कारण कई फ्लाइट्स में देरी हुई और एक उड़ान को डायवर्ट करना पड़ा। एक अधिकारी के मुताबिक, रनवे ऑपरेशन करीब 4:35 बजे फिर से शुरू कर दिए गए।

Passenger Opens Emergency Gate on Air Arabia Flight

Passenger Opens Emergency Gate on Air Arabia Flight

चेन्नई7 मिनट पहले कॉपी लिंक चेन्नई एयरपोर्ट पर घटना रविवार सुबह करीब 3:25 बजे हुई। – फाइल फोटो चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार सुबह लैंडिंग के दौरान एयर अरेबिया की चलती फ्लाइट में एक यात्री ने इमरजेंसी गेट खोल दिया। यह फ्लाइट शारजाह से चेन्नई पहुंची थी और इसमें 231 यात्री सवार थे। घटना सुबह करीब 3:23 बजे हुई। एयरबस A320 मॉडल की फ्लाइट G9 471 रनवे से टर्मिनल की ओर बढ़ रही थी। घटना के बाद पायलट ने तुरंत विमान को रोक दिया और एयरपोर्ट अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद CISF, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी यात्री को हिरासत में ले लिया है। आरोपी की पहचान 29 साल के मोहम्मद शरीफ मोहम्मद नजमुद्दीन के रूप में हुई है। वह तमिलनाडु के पुडुकोट्टई का रहने वाला है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। घटना के कारण थोड़ी देर के लिए एयरपोर्ट पर ऑपरेशन भी प्रभावित हुआ। कई फ्लाइट्स में देरी हुई, एक को डायवर्ट करना पड़ा एक अधिकारी के मुताबिक, घटना के बाद मुख्य रनवे (07/25) को 3:25 बजे सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया। रनवे ऑपरेशन करीब 4:35 बजे फिर से शुरू कर दिए गए। इस दौरान कई फ्लाइट्स में देरी हुई। लंदन से आने वाली ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA0035 को बेंगलुरु डायवर्ट किया गया। मुख्य रनवे बंद होने के दौरान कुछ ऑपरेशन सेकेंडरी रनवे (12/30) से चलाए गए। दावा- आरोपी ने फ्लाइट से छलांग लगा दी थी कुछ मीडिया रिपोर्टस में दावा किया गया कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है और उसने इमरजेंसी गेट खोलने के बाद विमान से छलांग भी लगा दी थी। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। चेन्नई एयरपोर्ट दक्षिण भारत का एक प्रमुख एविएशन हब है। यहां दो क्रॉस रनवे हैं- मुख्य रनवे 07/25 और सेकेंडरी रनवे 12/30। इस एयरपोर्ट से हर साल 2 करोड़ से ज्यादा यात्री आवाजाही करते हैं। यह खाड़ी देशों से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए एक बड़ा गेटवे है। ————————— ये खबरें भी पढ़ें… हैदराबाद-हुबली फ्लाइट 2 घंटे हवा में चक्कर काटती रही, पैसेंजर रोते और प्रार्थना करते नजर आए हैदराबाद से हुबली जा रही Fly-91 एयरलाइन की एक फ्लाइट खराब मौसम के चलते 2 घंटे हवा में ही चक्कर काटती रही। प्लेन में सवार पैसेंजर्स को तेज झटके महसूस हुए, जिससे वे घबरा गए। सोशल मीडिया में वायरल VIDEO में पैसेंजर रोते हुए और हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दिखे। पूरी खबर पढ़ें… दिल्ली-लंदन एअर इंडिया फ्लाइट सऊदी से लौटी: खराबी के बावजूद 7 घंटे हवा में रही दिल्ली से लंदन जा रहा एअर इंडिया का A350-900 (VT-JRF) विमान तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली लौट आया था। यह करीब सात घंटे हवा में रहा। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार विमान ने सुबह करीब 6 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

पश्चिम बंगाल चुनाव: बंगाल में बिधाननगर काउंटींग सेंटर के बाहर तूफान! टीएमसी-बीजेपी में हुई महंगाई, पुलिस ने की लाठियां

पश्चिम बंगाल चुनाव: बंगाल में बिधाननगर काउंटींग सेंटर के बाहर तूफान! टीएमसी-बीजेपी में हुई महंगाई, पुलिस ने की लाठियां

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के विधाननगर में एक तृतीयक केंद्र के बाहर रविवार (3 मई 2026) को त्रिपुरा कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच मामूली बढ़त हुई। पुलिस के अनुसार, शनिवार की रात स्ट्रॉन्ग रूम के सामने दोनों बौद्ध धर्म के सिद्धांतों और अनुयायियों के बीच असंतोष का कारण तनाव पैदा हुआ था। आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान मंजिल और रेस्पॉन्सी मंज़िलें बढ़ीं, जो बाद में कुछ देर में ही बदल गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में बड़ी संख्या में केंद्रीय बल माके लाए गए। पुलिस ने भी आतिशबाजी को तितर-बितर कर दिया। बाद में ऑलोक और बीजेपी एसोसिएट्स को अलग कर दिया गया और उनके बीच बैरिकेड्स नीचे दिए गए थे। भाजपा ने आरोप लगाया कि थोक व्यापारी ने तीन केंद्रों के बाहर अपने खेमे में पार्टी के झंडे लगा दिए, जिससे विवाद शुरू हो गया। वहीं, ओल्डोक ने बीजेपी के खिलाफ आवाज उठाई, जिसमें दावा किया गया कि सेंट्रल फोर्सेज ने उन पर लाठीचार्ज किया। हालांकि, सेंट्रल सेंट्रल और बिधाननगर पुलिस के हस्तक्षेप के बाद की स्थिति और नहीं। मजबूत कमरे के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि अन्य सभी शैक्षणिक अध्ययनों के बारे में भी सावधानी बरती गई है। प्रशासन ने थर्ड पार्टी डेयिलिटी के आउट-ऑफ-बैठक फोडने और विजय यात्रा पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है। #घड़ी | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव | कोलकाता: टीएमसी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कोलकाता में बीजेपी के लोगो वाली एक सफेद कार को बिना जांच किए स्ट्रॉन्ग रूम में घुसने दिया गया. एक टीएमसी कार्यकर्ता का कहना है, “कार अंदर चली गई। यह एक सफेद कार थी, कार के सामने बीजेपी का लोगो और ‘सेना’ लिखा हुआ था…” pic.twitter.com/X7f9Msr84j – एएनआई (@ANI) 3 मई 2026 ये भी पढ़ें: ‘लोगों का वोट छीनने की टीएमसी की है पुरानी आदत’, बंगाल चुनाव के बारे में सबसे पहले बोली बीजेपी पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल में दो चरण के मतदान के तहत 293 विधानसभा चुनावों के लिए सोमवार को 77 परगना जिले के फलता क्षेत्र के सभी बूथों की गिनती की जाएगी। चुनाव आयोग ने शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र के सभी बूथों पर पुनर्भुगतान की घोषणा की, क्योंकि 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान में गंभीर अध्ययन के लिए 293 क्षेत्र के आंकड़े की गणना की जाएगी। शिक्षण आयोग के आसपास सुरक्षा कड़ी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कई कदम उठाए हैं। ममता बनर्जी का बड़ा दावा मुख्यमंत्री और कैथोलिक कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को अपनी पार्टी के शुरुआती सहयोगियों से कहा कि जहां भाजपा 500 से 700 के लक्ष्य से आगे हो, वहां तुरंत पुनर्स्थापना की मांग करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वे रविवार की रात को किसी लॉज या होटल में रुकें, ताकि सोमवार को दोपहर का समय थर्ड सेंटर रीच रूम पर आ जाए। यह निर्देश उन्होंने सभी विधानसभाओं के खण्डों के माध्यम से वर्चुअल बैठक के लिए दिए। ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बंगाल की फाल्टा सीट पर फिर से होगा मतदान, रिजल्ट की तारीख भी बदली, चुनाव आयोग का फैसला

Stanford-MIT expert warns- Gemini, ChatGPT, and the Cloud are providing dangerous information.

Stanford-MIT expert warns- Gemini, ChatGPT, and the Cloud are providing dangerous information.

Hindi News International Stanford MIT Expert Warns Gemini, ChatGPT, And The Cloud Are Providing Dangerous Information. न्यूयॉर्क5 मिनट पहले कॉपी लिंक एआई की खौफनाक हकीकत ने वैज्ञानिकों की रातों की नींद उड़ा दी है। – प्रतीकात्मक फोटो कुछ दिन पहले स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजिस्ट व बायोसिक्युरिटी एक्सपर्ट डॉ. डेविड रलमैन लैपटॉप के सामने बैठे थे, उनके पसीने छूट रहे थे। स्क्रीन पर एआई चैटबॉट विस्तार से बता रहा था कि सामूहिक नरसंहार की योजना कैसे बनाएं… यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि एआई की वह खौफनाक हकीकत थी, जिसने वैज्ञानिकों की रातों की नींद उड़ा दी है। डॉ. रलमैन को एक एआई कंपनी ने उत्पाद की सार्वजनिक रिलीज से पहले उसकी सुरक्षा जांच की जिम्मेदारी दी थी। चैटबॉट ने न ​सिर्फ कुख्यात रोगजनक (पैथोजन) को लैब में मॉडिफाई करने का तरीका बताया ताकि उस पर मौजूदा दवाएं बेअसर हो जाएं बल्कि उसने बड़े सार्वजनिक परिवहन तंत्र की सुरक्षा खामियों की भी पहचान की। चैटबॉट ने बिंदुवार समझाया कि उस ‘सुपरबग’ को कहां और कैसे फैलाया जाए ताकि कम वक्त में ज्यादा लोग मारे जाएं और पकड़े जाने की गुंजाइश न हो। डॉ. रलमैन इस ‘चालाकी और धूर्तता’ से इतने दहल गए कि उन्हें दिमाग शांत करने के लिए टहलने जाना पड़ा। चैटबॉट उन सवालों के जवाब दे रहा था, जो रलमैन ने पूछे तक नहीं थे। एक्सपर्ट द्वारा साझा किए गए संवादों से स्पष्ट हुआ कि जेमिनी, चैटजीपीटी और एंथ्रोपिक के क्लाउड जैसे प्रमुख एआई मॉडल खतरनाक जानकारी देने में सक्षम हैं। मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के वैज्ञानिक केविन एसवेल्ट ने बताया कि चैटजीपीटी ने जैविक हथियारों के छिड़काव की योजना बनाई। गूगल जेमिनी ने ऐसे पैथोजन्स की सूची दी जो मीट उद्योग को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं और सुरक्षा से बचने के तरीकों का उल्लेख किया। एंथ्रोपिक क्लाउड ने नई विषाक्त रेसिपी पेश की। यहां तक कि गूगल के ‘डीप रिसर्च’ से एक वैज्ञानिक ने महामारी फैलाने वाले वायरस का प्रोटोकॉल मांगा, तो बॉट ने 8 हजार शब्दों का विस्तृत निर्देश दिया। यह घटनाएं एआई मॉडलों की सुरक्षा और नैतिकता पर गंभीर सवाल उठा रही हैं। एआई कंपनियां दावा करती हैं कि वे लगातार सुरक्षा घेरे मजबूत कर रही हैं, पर एक्सपर्ट इन्हें ‘कमजोर बाड़’ मानते हैं, जिसे ‘जेल-ब्रेकिंग’ से आसानी से पार किया जा सकता है। इसी तरह के एक मामले में बीते साल गुजरात पुलिस ने एक डॉक्टर को आईएसआईएस से जुड़ी साजिश में गिरफ्तार किया था। वह कथित तौर पर रिसिन (घातक जहर) की तैयारी कर रहा था और इसके लिए एआई टूल्स व गूगल सर्च की मदद ले रहा था। इस तरह की घटना एआई सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। फिलहाल कंपनियों के पास इसका कोई ठोस मैकेनिज्म नहीं है। चैटजीपीटी ने 94% वायरोलॉजिस्ट को हरा दिया रलमैन और एसवेल्ट समेत कई एक्सपर्ट का कहना है कि पहले जो प्रोटोकॉल साइंस मैगजीन तक सीमित थे, अब एआई के जरिए वे इंटरनेट पर बिखरे हुए हैं। आज कच्चा जेनेटिक मटेरियल खरीदना, उसे लैब आउटसोर्स करना व लॉजिस्टिक्स संभालना चैटबॉट की मदद से संभव है। जॉन्स हॉपकिन्स सेंटर के डॉ. मोरित्ज हांके कहते हैं कि चैटबॉट्स द्वारा सुझाए गए तरीके ‘अद्भुत रूप से यथार्थवादी’ हैं। ताजा स्टडी के नतीजे चौंकाने वाले हैं- चैटजीपीटी ने लैब प्रोटोकॉल से जुड़े कठिन सवालों के जवाब देने में 94% वायरोलॉजिस्ट को पछाड़ दिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔