नई स्पोर्ट्स ड्रामा:चार जून को रिलीज होगी राम चरण स्टारर ‘पेड्डी’, दो फिल्मों की मुश्किलें बढ़ीं

राम चरण इन दिनों अपनी फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चर्चा में हैं। अब मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट अनाउंस कर दी। इसके साथ मेकर्स ने फिल्म का नया पोस्टर भी रिलीज किया है। बता दें कि बूची बाबू निर्देशित यह फिल्म पहले 30 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी, लेकिन मेकर्स ने आईपीएल के चलते इसकी रिलीज आगे खिसका दी। अब आईपीएल के खत्म होते ही मेकर्स इसे रिलीज करने की तैयारी में हैं। यह फिल्म 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। बड़ी बात यह है कि ‘पेद्दी’ की इस नई रिलीज डेट ने दो फिल्मों की मुसीबत बढ़ा दी है। एक तरफ 5 जून को बॉबी देओल की फिल्म ‘बंदर’ सिनेमाघरों में रिलीज होनी थी। वहीं दूसरी तरफ इसी दिन वरुण धवन की फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ भी रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म में वरुण धवन के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े भी नजर आएंगी। फिल्म में जाह्नवी कपूर भी लीड रोल में हैं स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘पेड्डी’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है। इस फिल्म में राम के साथ जाह्नवी कपूर भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। वहीं इसमें शिव राजकुमार, दिव्येंदु शर्मा, जगपति बाबू और बोमन ईरानी भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे। इसका म्यूजिक ए आर रहमान ने कंपोज किया है। श्रुति हासन भी इस फिल्म का हिस्सा हो सकती हैं।
राजा शिवाजी ने 2 दिन में कमाए 21 करोड़:अक्षय की 'भूत बंगला' 200 करोड़ पार, धुरंधर 2 से पिछड़ी जुनैद की एक दिन

बॉक्स ऑफिस पर इस समय रितेश देशमुख की ऐतिहासिक फिल्म ‘राजा शिवाजी’ ने मराठी बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ शुरुआत की है। वहीं, अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ ने वर्ल्डवाइड 200 करोड़ का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है। दूसरी तरफ, जुनैद खान और साई पल्लवी की फिल्म ‘एक दिन’ ने बहुत धीमी शुरुआत की है। मराठी सिनेमा में रितेश ने रचा इतिहास रितेश देशमुख ने ‘राजा शिवाजी’ के साथ मराठा योद्धा की वीरता को बड़े पर्दे पर उतारा है। मराठी और हिंदी में रिलीज हुई इस फिल्म ने दो दिनों में ही भारत में 21.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर लिया है। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने अकेले मराठी भाषा में दो दिनों में 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। शुक्रवार को 8 करोड़ की ओपनिंग के साथ यह मराठी सिनेमा की सबसे बड़ी ओपनर फिल्म बन गई थी। शनिवार को फिल्म ने मराठी में 7.15 करोड़ रुपए बटोरे। हिंदी वर्जन को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। पहले दिन हिंदी में फिल्म ने 3.35 करोड़ कमाए थे, वहीं दूसरे दिन यह आंकड़ा 3.40 करोड़ रुपए रहा। फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन अब 26.06 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ‘भूत बंगला’ का 200 करोड़ क्लब में अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ ने अपना दूसरा सप्ताह शानदार तरीके से पूरा किया है। फिल्म ने 16वें दिन 4.35 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका भारत में कुल नेट कलेक्शन 137 करोड़ रुपए हो गया है। वर्ल्डवाइड मार्केट में अक्षय की फिल्म ने 217.73 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। लंबे समय बाद अक्षय कुमार की किसी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इस तरह की मजबूती दिखाई है। फिल्म ‘एक दिन’ की धीमी शुरुरात आमिर खान के बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी की फिल्म ‘एक दिन’ बॉक्स ऑफिस पर सुस्त है। निगेटिव रिव्यूज और ठंडी प्रतिक्रिया के कारण दूसरे दिन फिल्म की कमाई बढ़ने के बजाय गिर गई। शनिवार को फिल्म ने महज 1 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। दो दिनों में फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन सिर्फ 2.82 करोड़ रुपए रहा है। फिल्म को ‘राजा शिवाजी’ और ‘धुरंधर 2’ जैसी फिल्मों से कड़ी टक्कर मिल रही है। 45वें दिन भी ‘धुरंधर 2’ की कमाई बरकरार हैरानी की बात यह है कि 45 दिन पहले रिलीज हुई ‘धुरंधर 2’ अब भी नई फिल्मों को मात दे रही है। शनिवार (45वें दिन) फिल्म ने 2.28 करोड़ की कमाई की। इस फिल्म का अब तक का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1788.32 करोड़ रुपए हो गया है।
गर्मी में डिहाइड्रेशन का हो गए हैं शिकार, ORS समेत इन 5 चीजों का करें सेवन, शरीर में वापस आएगी एनर्जी

Last Updated:May 03, 2026, 15:44 IST Tips To Recover from Dehydration: गर्मी में डिहाइड्रेशन सबसे कॉमन समस्या है और इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है. डॉक्टर्स की मानें तो डिहाइड्रेशन का शिकार होने पर लोगों को ORS, नारियल पानी और नींबू पानी पीना चाहिए. बैलेंस्ड डाइट अपनाकर भी इस समस्या से निजात मिल सकती है. बच्चों के लिए डिहाइड्रेशन ज्यादा खतरनाक है. गर्मी में डिहाइड्रेशन दूर करने के लिए ORS का सेवन करना चाहिए. Dehydration Prevention Tips: देश के कई राज्यों में इस वक्त भीषण गर्मी पड़ रही है. कुछ जगहों पर तापमान 45 के पार हो गया है और तेज धूप से लोगों का बुरा हाल हो गया है. गर्मी का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है और तमाम लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं. जब हमारे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, तब इस कंडीशन को डिहाइड्रेशन कहा जाता है. यह एक कॉमन कंडीशन है, लेकिन वक्त रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो गंभीर समस्या बन सकती है. डिहाइड्रेशन से अत्यधिक थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचना जरूरी है. अगर आप डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाएं, तो वक्त रहते सही कदम उठाएं. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया डिहाइड्रेशन एक गंभीर समस्या है, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती है. सीवियर डिहाइड्रेशन के कारण किडनी फेलियर, ब्रेन डैमेज, हीटस्ट्रोक और बेहोशी जैसी परेशानियां हो सकती हैं. सही समय पर इलाज न मिलने पर यह कंडीशन जानलेवा भी हो सकती है. गर्मियों में डिहाइड्रेशन की चपेट में अधिकतर लोग आ जाते हैं. अगर किसी व्यक्ति को अत्यधिक प्यास लगे, मुंह सूखने लगे, सांस फूलने लगे, दिल की धड़कन तेज हो जाए और 8 घंटे से ज्यादा समय तक पेशाब न आए, तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इलाज कराना चाहिए. ये सभी डिहाइड्रेशन के वॉर्निंग साइन होते हैं. डिहाइड्रेशन का शिकार होने पर क्या करें? डॉक्टर ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को डिहाइड्रेशन के लक्षण महसूस हों, तो सबसे पहले उसे ठंडी जगह पर जाकर आराम करना चाहिए. तुरंत पानी पीना शुरू करें, लेकिन एकदम से बहुत ज्यादा पानी न पिएं, बल्कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार पानी लें. शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन यानी ORS पीना सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है. ORS शरीर में पानी के साथ-साथ जरूरी साल्ट की पूर्ति करता है और जल्दी राहत देता है. बाजार में मिलने वाले WHO रिकमेंडेड फॉर्मूला वाले ORS पैकेट को पानी में घोलकर पीना एक सुरक्षित और आसान तरीका है. ORS के अलावा किन चीजों से दूर होगी समस्या? एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आपके पास ORS न हो, तो प्राकृतिक तरीके से भी इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई की जा सकती है. नारियल पानी गर्मियों में सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक है, क्योंकि इसमें पोटैशियम, सोडियम और अन्य मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. इसके अलावा नींबू पानी, छाछ और ताजा फलों के जूस भी शरीर को तरोताजा रखते हैं और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं. फल और सब्जियां भी डिहाइड्रेशन से बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं. तरबूज, खरबूजा, खीरा, संतरा और पपीता जैसे फलों में पानी की मात्रा अधिक होती है और ये शरीर को हाइड्रेट रखते हैं. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए क्या करें? डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार गर्मियों में डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन इससे बचाव किया जा सकता है. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए धूप में बाहर न निकलें. अगर बाहर जाना पड़े, तो घर से निकलते समय पानी की बोतल अपने साथ रखें. हल्के और ढीले कपड़े पहनें और धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचें. थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे. सही खानपान और सतर्कता के साथ आप गर्मी के मौसम में खुद को स्वस्थ और हाइड्रेटेड रख सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
‘जो समाज में नहीं आता, वो तो आतंकवादी होता है’:कपिल के शो में सुनील पाल का समय रैना पर तंज, समय ने दिया मजेदार जवाब

समय रैना और रणवीर अलाहबादिया वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर द ग्रेट इंडियन कपिल शो के एक स्पेशल एपिसोड में गेस्ट के तौर पर आए, जहां सुनील पाल के समय को ‘कॉमेडी का आतंकवादी’ कहने वाला मुद्दा उठा। शनिवार को टेलीकास्ट हुए इस एपिसोड में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद के बाद समय और रणवीर पहली बार किसी शो में साथ नजर आए। इस शो में बाद में सुनील पाल की भी एंट्री हुई। शो के दौरान कपिल ने कहा कि जब भी सुनील भाई स्टेज पर आते हैं, वो कहते हैं, मैं सुनील पाल, कॉमेडी का लाल और यह समय को कॉमेडी का आतंकवादी कहते हैं। ऐसा कौन सा आपने इनको मुंह से ग्रेनेड फेंकते देखा लिया है? कुछ विचार व्यक्त करें। इस पर सुनील पाल ने कहा, ‘कपिल भाई, अगर ये मुंह से ग्रेनेड मार देते तो अच्छा था, लेकिन जो ये मारते हैं वो सहा नहीं जाता। जो समझ में नहीं आता वो समाज में नहीं आता और जो समाज में नहीं आता, वो तो आतंकवादी ही होता है ना?’ समय ने मजेदार जवाब दिया कुछ देर बाद सुनील पाल को मजेदार जवाब देते हुए समय ने कहा, ‘इनको मुझसे इतनी ही दिक्कत है कि मैं क्या कहूं, मुंह से ग्रेनेड मारता हूं, मैं क्या बोलूं, बताइए जो भी दिक्कत है।’ समय ने आगे कहा, ‘मैं मेले में परफॉर्म नहीं करता हूं, मैं उल्टी-सीधी बातें करता हूं। मुझे आपसे कोई दिक्कत नहीं सर, बस एक ही है, आप ब्रश क्यों नहीं करते हो यार?’ इसके बाद सुनील ने भी उसी लहजे में जवाब देते हुए कहा कि ब्रश करने का जमाना चला गया, मैं पॉलिश करके आया हूं।
गर्मी में थकान से हैं परेशान? किसी भी ड्रिंक में मिलाइए ये पावर बूस्टर जेली, तेज धूप में भी शरीर रहेगा एक्टिव

Last Updated:May 03, 2026, 15:31 IST Health News: गोंद कतीरा एक प्राकृतिक गोंद है जो पेड़ों से प्राप्त होता है और इसे भिगोने के बाद इसका रूप जेली जैसा हो जाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करता है. जब इसे शरबत, दूध या नींबू पानी जैसे ड्रिंक्स में मिलाकर पिया जाता है, तो शरीर के अनेकों फायदे देता है. ऋषिकेश: गर्मी का मौसम आते ही शरीर पर इसका असर साफ दिखाई देने लगता है. तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन की वजह से अक्सर लोग थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस करने लगती है. ऐसे में शरीर को ठंडा और एनर्जेटिक बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है. यही कारण है कि इस मौसम में लोग तरह-तरह के ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं. अगर आप इन ड्रिंक्स के फायदे को और ज्यादा बढ़ाना चाहते हैं, तो एक छोटा सा देसी उपाय आपकी काफी मदद कर सकता है और वो है गोंद कतीरा. सदियों से इस्तेमाल किया जाने वाला यह प्राकृतिक तत्व गर्मी से राहत देने के लिए जाना जाता है और आज भी यह उतना ही असरदार है. शरीर को अंदर से रखता है ठंडालोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ. राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गोंद कतीरा एक प्राकृतिक गोंद है, जो पेड़ों से प्राप्त होता है और इसे भिगोने के बाद इसका रूप जेली जैसा हो जाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करता है. जब इसे शरबत, दूध या नींबू-पानी जैसे ड्रिंक्स में मिलाकर पिया जाता है, तो यह न सिर्फ उस ड्रिंक का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि उसके पोषण गुणों को भी कई गुना बढ़ा देता है. गर्मी में होने वाली थकान का मुख्य कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होना है. गोंद कतीरा इस कमी को पूरा करने में मदद करता है और शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखता है. दिनभर शरीर रहता है एक्टिवइसके अलावा, गोंद कतीरा में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने का काम करते हैं. जो लोग जल्दी थक जाते हैं या जिनमें कमजोरी महसूस होती है, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में स्टैमिना बढ़ता है और दिनभर एक्टिव रहने में मदद मिलती है. खास बात यह है कि यह पूरी तरह से नेचुरल है और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता, बशर्ते इसे सही मात्रा में लिया जाए. पाचन तंत्र के लिए भी गोंद कतीरा काफी फायदेमंद माना जाता है. गर्मियों में अक्सर लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज या अपच की शिकायत हो जाती है. ऐसे में गोंद कतीरा इन समस्याओं को कम करने में मदद करता है और पाचन को बेहतर बनाता है. यह आंतों को शांत करता है और शरीर को अंदर से संतुलित रखने में सहायक होता है. इसके साथ ही यह शरीर की गर्मी को कम करता है, जिससे हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा भी कम हो जाता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
बड़े प्रोजेक्ट्स:‘तुम्बाड 2’ में हुई आलिया की सरप्राइज एंट्री, आखिरी फेज में है स्पाई ड्रामा ‘अल्फा’

आलिया भट्ट इस समय अपने करियर के बेहद व्यस्त और दिलचस्प दौर से गुजर रही हैं। एक के बाद एक बड़े प्रोजेक्ट्स के बीच अब उनके नाम एक और सरप्राइज जुड़ गया है। खबर है कि वह कल्ट क्लासिक फिल्म ‘तुम्बाड’ के सीक्वल ‘तुम्बाड 2’ में खास भूमिका निभाने जा रही हैं। हालांकि यह रोल कैमियो बताया जा रहा है, लेकिन इसकी अहमियत कहानी में काफी बड़ी मानी जा रही है, क्योंकि उनका किरदार फिल्म के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर नजर आएगा। आलिया ने मुंबई के मड आइलैंड में दो दिनों की शूटिंग पूरी कर ली है। फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि मेकर्स को एक ऐसे चेहरे की जरूरत थी, जो कम स्क्रीन टाइम में भी कहानी में गहराई और रहस्य जोड़ सके। आलिया इस भूमिका के लिए एकदम फिट मानी गईं, क्योंकि उनकी स्क्रीन प्रेजेंस मजबूत है और वह छोटे रोल में भी बड़ा प्रभाव छोड़ने की क्षमता रखती हैं। यही वजह है कि उनका यह कैमियो ‘तुम्बाड 2’ के नैरेटिव में खास महत्व रखेगा। ‘लव एंड वॉर’ में आलिया भी सैनिक के रोल में हैं ‘लव एंड वॉर’ में आलिया के साथ रणबीर कपूर और विकी कौशल हैं। सूत्रों के अनुसार, आलिया इस फिल्म में एक जांबाज सैनिक के रूप में नजर आएंगी। उनके करियर में यह पहली बार होगा जब वह युद्ध की पृष्ठभूमि वाली फिल्म में इस तरह का सशक्त किरदार निभाएंगी। फिल्म की शूटिंग फिलहाल मुंबई में चल रही है, जहां भारतीय सेना के विभिन्न विभागों, मेस और कल्चरल एक्टिविटीज को बड़े पैमाने पर फिल्माया गया है। भंसाली इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद संजीदा हैं। उन्होंने एक्टर्स से लंबी डेट्स ली हैं। महू स्थिति आर्मी बेस कैंप में भी होगी ‘लव एंड…’ के कई हिस्सों की शूटिंग बताया जा रहा है कि ‘लव एंड वॉर’ की लंबाई भी लगभग सवा तीन घंटे होने की संभावना है। पहले इस फिल्म के लिए इटली में 45 दिनों का एक भव्य शूटिंग शेड्यूल तय किया गया था, लेकिन बाद में लॉजिस्टिक चुनौतियों के चलते इसे रद्द करना पड़ा। भंसाली ने इसका तोड़ निकालते हुए मुंबई के गोरेगांव स्थित रॉयल पाम्स के पास ही एक विशाल सेट तैयार करवाया है। फिल्म के ‘वॉर’ वाले बैकड्रॉप के लिए मध्य प्रदेश के महू स्थित ब्रिटिश काल के आर्मी बेस कैंप का भी चयन किया गया है। ‘अल्फा’ में है स्पाई अवतार, एक्शन में दिखेगा एक नया अंदाज इसके अलावा आलिया की ‘अल्फा’ भी चर्चा में है, जिसमें वह एक स्पाई के रोल में दिखेंगी। इसके लिए उन्होंने खास ट्रेनिंग ली है और कई एक्शन सीक्वेंस भी शूट किए हैं। फिल्म की शूटिंग अब अंतिम दौर में है और आलिया अपना मुख्य हिस्सा शूट कर चुकी हैं। ‘अल्फा’ के अनुभव ने आलिया को ‘लव एंड वॉर’ में काफी मदद की है।
कानपुर में बढ़ता कैंसर का खतरा, तंबाकू और खराब लाइफस्टाइल बना रहे मुंह और पेट को निशाना, बढ़ रही मरीजों की संख्या

Last Updated:May 03, 2026, 15:03 IST Kanpur News: कानपुर में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉ. चमन कुमार वनवानी के अनुसार, शहर में मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू उत्पाद है. गुटखा, पान मसाला और स्मोकिंग की आदत लोगों को धीरे-धीरे इस गंभीर बीमारी की ओर धकेल रही है. कानपुर: कानपुर में मुंह (Oral) और पेट के कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है. डॉक्टरों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह कैंसर शुरुआती स्टेज में पकड़ में नहीं आता. मरीजों को जब तक गंभीर दिक्कतें शुरू नहीं होतीं, तब तक वे डॉक्टर के पास नहीं जाते. इसी वजह से अधिकतर मामलों में बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है. डॉ. चमन कुमार वनवानी के अनुसार, शहर में मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू उत्पाद है. गुटखा, पान मसाला और स्मोकिंग की आदत लोगों को धीरे-धीरे इस गंभीर बीमारी की ओर धकेल रही है. वहीं पेट के कैंसर के पीछे जंक फूड, तला-भुना खाना, अनियमित खानपान और खराब लाइफस्टाइल बड़ी वजह बन रहे हैं. डॉक्टर बताते हैं कि लगातार रहने वाले मुंह के छाले, सफेद या लाल धब्बे, निगलने में दिक्कत या पेट में लंबे समय तक रहने वाली समस्या को नजर अंदाज करना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और जागरूकता ही बचाव का रास्ताडॉ. सुरेंद्र कुमार दबस का कहना है कि इन कैंसर की सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोग शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते. अगर समय-समय पर हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग कराई जाए तो बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है और इलाज आसान हो जाता है. वहीं डॉ. हिमांशु शुक्ला बताते हैं कि आज के समय में रोबोटिक सर्जरी और नई तकनीकों की मदद से कैंसर का इलाज पहले से ज्यादा सुरक्षित और असरदार हो गया है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि मरीज समय पर डॉक्टर तक पहुंचे. कानपुर में तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और गलत खानपान की आदतें इस खतरे को और बढ़ा रही हैं. खासकर युवा वर्ग में गुटखा और फास्ट फूड का बढ़ता चलन आने वाले समय में और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. मुंह और पेट के कैंसर का बड़ा केंद्र डॉक्टरों का साफ कहना है कि अगर अभी से सावधानी नहीं बरती गई, तो कानपुर मुंह और पेट के कैंसर का बड़ा केंद्र बन सकता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तंबाकू से दूरी बनाना, संतुलित आहार लेना, समय पर खाना और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजर अंदाज न करना ही इस बीमारी से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे: ‘ड्यूटी में लगे कर्मचारी शेयर कर रहे डिटेल’, बंगाल चुनाव की गणना से पहले शुभेंदु अधिकारी का बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल में 4 मई 2026 को होने वाली शब्दावली से पहले कैथोलिक और गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने काउंटी स्टॉक एक्सचेंज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुभेंदु अधिकारी ने सोशल प्लेटफॉर्म मीडिया एक्स पर शेयर कर दावा किया कि काउंटी ड्यूटी में लगे कई अधिकारी अभिलेख अपनी से जुड़ी जानकारी बाहर साझा कर रहे हैं। बीजेपी नेताओं के मुताबिक, ये अधिकारी अपने विभाग के संगठनों या संगठनों को अपनी ड्यूटी की जगह, पद और जिम्मेदारी जैसी जानकारी बता रहे हैं. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ स्पाइडरज़िट और लिस्ट सर्क ग्लोब हो रही हैं, जिसमें अधिकारी खुद या दबाव में ग्यान अपने इलेक्शन ड्यूटी से जुड़ी जानकारी भर रहे हैं। इस जानकारी में बैंकिंग स्टॉकिंग्स में उनका रोल भी शामिल है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि यह नामांकन का गंभीर उल्लंघन है और इससे कई तरह की हानियां पैदा हो सकती हैं। उनका मानना है कि अगर किसी अधिकारी के लेबल की जानकारी जैसे कि संबंधित व्यक्ति, संबंधित राजनीतिक व्यक्ति हो सकती है, तो उस पर दबाव बनाया जा सकता है या उसे प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। यह मेरे संज्ञान में आया है कि मतगणना दिवस की ड्यूटी के लिए नियुक्त कई अधिकारी कथित तौर पर अपने संबंधित विभागीय संगठनों और संघों को अपने विशिष्ट कर्तव्य विवरण, स्थान और पदनाम का खुलासा कर रहे हैं।मुझे जानकारी मिली है कि स्प्रेडशीट और… pic.twitter.com/EAiOz0DKJ3 – सुवेंदु अधिकारी (@SuvenduWB) 3 मई 2026 ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव: बंगाल में बिधाननगर काउंटींग सेंटर के बाहर तूफान! टीएमसी-बीजेपी में हुई महंगाई, पुलिस ने की लाठियां बंगाल के बेरोजगारों की जोड़ी पर असर बंगाल विधानसभा के नेताओं ने यह भी कहा कि गणना प्रक्रिया की कार्मिकता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि अभिलेखों की जानकारी गुप्त रखी जाए। यदि यह ऐतिहासिक टूटती है तो स्टाल की सामग्री पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा उन्होंने जोखिम भरा ढांचा तैयार किया है कि इस तरह की जानकारी इकट्ठा करने के लिए कुछ संगठन समूहों की ओर से दबाव बनाने की कोशिश भी की जा सकती है, ताकि गिनती के दौरान किसी खास पार्टी को फायदा मिल सके। चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करने की मांग इन आरोपों के साथ शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य अधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी अकाउंटिंग ड्यूटी से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी संगठन या एसोसिएशन के साथ साझा न करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि ऐसे भक्तों की जांच की जाए जो इस तरह की शैक्षणिक जानकारी एकत्र कर रहे हैं। ये भी पढ़ें: कहानी की मार! दूध की दुकान में 4 रुपये की बढ़ोतरी, इस राज्य ने लिया बड़ा फैसला
The passion of Spain’s Angel Mateos became an example, Angel Mateos Gonzalez

Hindi News Sports The Passion Of Spain’s Angel Mateos Became An Example, Angel Mateos Gonzalez मैड्रिड17 मिनट पहले कॉपी लिंक एंजेल मातेओस गोंजालेज 27 साल पहले प्रतिस्पर्धी फुटबॉल से संन्यास ले चुके थे, अब एक बार फिर मैदान पर उतरने जा रहे हैं। स्पेन में फुटबॉल के लिए लोगों में अलग ही जुनून देखने को मिलता है और इस जुनून की कोई उम्र नहीं होती। ऐसी ही कहानी है उस खिलाड़ी की, जिसका खेल के प्रति जुनून और समर्पण पूरी दुनिया में मिसाल बन गया है। 70 वर्षीय एंजेल मातेओस गोंजालेज, जो 27 साल पहले प्रतिस्पर्धी फुटबॉल से संन्यास ले चुके थे, अब एक बार फिर मैदान पर उतरने जा रहे हैं। मातेओस रविवार को स्पेनिश फुटबॉल के पांचवें डिवीजन टूर्नामेंट में एस्टूरियन क्लब सीडी कोलुंगा के लिए गोलकीपर के रूप में खेल सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो वह स्पेन में आधिकारिक मैच खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। मातेओस इस सीजन में टीम के गोलकीपर्स की मदद कर रहे थे। हालांकि, मातेओस ने खुद कहा है कि अभी यह तय नहीं है कि वे पूरे 90 मिनट खेलेंगे या सिर्फ पहला हाफ। उन्होंने स्थानीय अखबार ‘एल कोमर्सियो’ से बातचीत में कहा, ‘मैंने इस हफ्ते टीम के साथ अभ्यास किया, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि मैं पूरा मैच खेलूंगा या नहीं।’ क्लब ने साफ किया कि यह कोई दिखावा या प्रचार का तरीका नहीं है। यह एक ऐसे खिलाड़ी को सम्मान देने का प्रयास है, जिसने अपने जीवन में कड़ी मेहनत और खेल के प्रति सच्ची लगन दिखाई है। क्लब के बयान में कहा गया, ‘मातेओस हमारे क्लब के मूल्यों को दर्शाते हैं, जुनून, निरंतरता और खेल के प्रति सम्मान। उम्र मायने नहीं रखती, असली बात है समर्पण और प्रतिबद्धता।’ क्लब का कहना है कि मातेओस सिर्फ 70 साल के होने की वजह से नहीं खेल रहे हैं, बल्कि इसलिए खेल रहे हैं क्योंकि उन्होंने इसे अपनी मेहनत से हासिल किया है। मातेओस ने बताया, ‘जब मैंने खेलना शुरू किया था, तब खेल काफी अलग था। उस समय के मैदान और गेंदें आज से बिल्कुल अलग थीं। मुझे याद है कि बारिश के समय मैदान में पानी भर जाता था, तो मैं गोलपोस्ट के पास एक बाल्टी रखता था ताकि पानी निकाल सकूं।’ सीडी कोलुंगा के अनुसार, यह मैच सिर्फ उम्र का नहीं, बल्कि खेल की असली भावना का जश्न है। यह कहानी दिखाती है कि अगर जुनून और समर्पण हो, तो उम्र सिर्फ एक संख्या बनकर रह जाती है। फिट रहने के लिए रोज खेलें या टहलें: मातेओस एंजेल मातेओस पहले एक खदान में काम करते थे। मातेओस ने कहा, ‘आपको हमेशा सक्रिय रहना चाहिए, चाहे खेल खेलें या रोज टहलें।’ उन्होंने यह भी बताया कि वे बचपन से ही खेल के प्रति समर्पित रहे हैं और आज भी खुद को फिट रखते हैं। मातेओस ने कहा कि उनका वजन अब भी लगभग करीब 68-69 किलो ही है, जितना 18 साल की उम्र में था। वे अब भी प्रतिस्पर्धा में विश्वास रखते हैं और हारना पसंद नहीं करते। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
लौकी की रोटी रेसिपी: भीषण गर्मी में पेट को मिलेगी बर्फ जैसी ठंडक, तीखा करें ये नरम-नरम लौकी की रोटी; नोट करें विधि

3 मई 2026 को 14:37 IST पर अपडेट किया गया लौकी की रोटी रेसिपी: गर्मी के मौसम में पेट को ठंड़ा रखना बेहद खतरनाक होता है। इसके लिए सूची में लॉकी एक उत्कृष्ट पद है। आम तौर पर लोग इसकी सब्जी या फिर कोफ्ता बेचते हैं। लेकिन इससे आप कुछ नया भी कर सकते हैं और वह है लोकी की रोटी। लौकी में पानी की मात्रा काफी होती है, जो शरीर को स्टॉक में रखने में मदद करती है। यह रोटी सिर्फ खाने में ही टेस्टी नहीं लगती बल्कि सेहत के लिए भी बहुत स्वादिष्ट रहती है। अनुसरण करना : लोकी की रोटी बनाने के लिए जिन सामग्री की आवश्यकता होती है, उनसे कद्दू की बनी लोकी है। साथ में एक कटोरी जेनहु का आटा। नमक का स्वाद, थोड़ी सी लाल मिर्च पाउडर की आवश्यकता होती है। छवि: एआई पहले लोकी को अच्छे से छीलकर और कद्दूकस कर लें। अब एक बाउल में आटे के गुटके में लौकी, नमक और काली मिर्च के पाउडर को गुटके से मिला लें। इसके बाद आटे को गूंथ लें, जरूरत पड़े तो थोड़ा पानी भी मिला लें। छवि: एआई अब तवा गर्म करने के लिए गैस पर चढ़े डेक फिर गुंथे हुए दांतों की लोई रोटी बेल लें। अब इसे टेवे पर नॉमिनी दोनों तरफ से अच्छे से सेंक लें जब तक यह हल्की सुनहरी न हो जाए। छवि: एआई बस इस आसान तरीके से तैयार करें आपकी लोकी की रोटी। रोटी पर चित्र सा घी लगा कर इसे गर्मागर्म सब्जी या फिर चिप्स के साथ खा सकते हैं. छवि: एआई लोकी की रोटी में ही टेस्टी नहीं होती है। इसमें मौजूद अनलैस्ट डॉक्स को शामिल किया जाता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इसके साथ ही वेट कंट्रोल भी होता है और शरीर को जरूरी पोषण मिलता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 3 मई 2026 14:37 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)लौकी रोटी रेसिपी(टी)बॉटल लौकी रोटी के फायदे(टी)स्वस्थ ग्रीष्मकालीन आहार भारत(टी)आसान भारतीय रोटी रेसिपी(टी)वजन घटाने के लिए लौकी रेसिपी(टी)उच्च फाइबर भारतीय भोजन(टी)गर्मियों के लिए ठंडे खाद्य पदार्थ(टी)भारतीय स्वस्थ रेसिपी(टी)त्वरित रोटी रेसिपी(टी)पाचन के अनुकूल भोजन








