Sunday, 21 Jun 2026 | 08:07 AM

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सेंसेक्स 600 अंक बढ़कर 77,500 के स्तर पर पहुंचा:निफ्टी में भी 200 अंक की तेजी, यह 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा

सेंसेक्स 600 अंक बढ़कर 77,500 के स्तर पर पहुंचा:निफ्टी में भी 200 अंक की तेजी, यह 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा

देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज (4 मई) भारतीय शेयर बाजार में तेजी है। सेंसेक्स 600 अंक की तेजी के साथ 77,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 200 अंक की तेजी है, यह 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। एशियाई बाजार में आज तेजी रही 1 मई को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही थी गुरुवार को 583 अंक गिरा था भारतीय शेयर बाजार बीते हफ्ते गुरुवार, 30 अप्रैल को सेंसेक्स में 583 अंक (0.75%) की गिरावट रही। ये 76,913 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 180 अंकों (0.74%) की गिरावट रही, ये 23,998 के स्तर पर बंद हुआ था। कारोबार में आईटी में सबसे ज्यादा खरीदारी रही, जबकि मेटल और सरकारी बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली थी।

सूर्य की किरणें त्वचा को क्यों नुकसान पहुंचाती हैं? जानें, सनबर्न कैसे होता है और इससे बचने के उपाय

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सूर्य पृथ्वी पर जीवन के लिए बेहद जरूरी है. यह हमें रोशनी और ऊर्जा प्रदान करता है, साथ ही शरीर में विटामिन D बनाने में भी मदद करता है, जो हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण है. लेकिन, इसकी तेज किरणें हमेशा फायदेमंद नहीं होतीं. अधिक समय तक धूप में रहने से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और सनबर्न जैसी समस्या हो सकती है. जानिए, सूर्य की किरणें स्किन को कैसे पहुंचाती हैं नुकसान और सनबर्न होने पर क्या करें उपाय. सूर्य की किरणों के प्रकार सूर्य से निकलने वाली ऊर्जा मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है: इन्फ्रारेड किरणें- ये गर्मी का एहसास कराती हैं और इनकी ऊर्जा सबसे कम होती है.विजिबल लाइट (Visible Light)– जिसे हम अपनी आंखों से देख सकते हैं.अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणें- ये सबसे ज्यादा ऊर्जा वाली होती हैं और त्वचा के लिए हानिकारक होती हैं. सनबर्न कैसे होता है? अल्ट्रावॉयलेट किरणें त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं. जब त्वचा लंबे समय तक इनके संपर्क में रहती है, तो कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती हैं या मर जाती हैं. इसके जवाब में शरीर प्रतिक्रिया करता है, जिससे त्वचा लाल हो जाती है, सूजन, जलन और दर्द महसूस होता है. इसे ही सनबर्न कहा जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. हर मौसम में खतरा यूवी किरणें सिर्फ तेज धूप में ही नहीं, बल्कि हर जगह प्रभाव डाल सकती हैं. ये पानी, बर्फ, रेत और कंक्रीट जैसी सतहों से टकराकर वापस भी आ सकती हैं. यहां तक कि बादलों के बीच से भी ये गुजर जाती हैं, इसलिए बादल वाले दिन भी सावधानी जरूरी है. सनबर्न से बचने के उपाय सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे के बीच धूप में जाने से बचें.हल्के रंग और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें.टोपी और सनग्लासेस का इस्तेमाल करें.कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन लगाएं और हर 3–4 घंटे में दोबारा लगाएं.पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. सनबर्न होने पर क्या करें? अगर त्वचा जल जाए तो ठंडे पानी से सिकाई करें. मॉइश्चराइजर लगाएं. ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लेंसूर्य हमारे जीवन का आधार है, लेकिन इसके प्रभावों को समझना और संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है. सही सावधानी अपनाकर हम इसके फायदे ले सकते हैं और त्वचा को नुकसान होने से बचा सकते हैं.

हेल्दी गट के लिए मॉर्निंग रूटीन में शामिल करें ये 5 बदलाव; पूरा दिन पेट रहेगा हल्का, शरीर में बनी रहेगी भरपूर एनर्जी!

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Healthy Gut Habits : क्या आप जानते हैं कि आपका पेट केवल खाना पचाने का काम नहीं करता, बल्कि यह आपके मूड, एनर्जी लेवल और इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) का भी आधार है? आजकल ‘गट हेल्थ’ (Gut Health) यानी पेट के सेहत पर काफी चर्चा हो रही है. दरअसल, हमारे पेट में लाखों-करोड़ों छोटे जीव (microorganisms) रहते हैं, जिन्हें ‘गट माइक्रोबायोम’ कहा जाता है. इनमें अच्छे और बुरे दोनों तरह के बैक्टीरिया होते हैं. जब ये अच्छे बैक्टीरिया बैलेंस में होते हैं, तो हमारा पाचन बेहतर होता है, सूजन कम होती है और दिमाग भी बेहतर काम करता है. लेकिन अगर पेट की सेहत बिगड़ जाए, तो इसका असर केवल पेट दर्द तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का कारण भी बन सकता है. अच्छी खबर यह है कि पेट को हेल्‍दी रखना मुश्किल नहीं है. आयोवा क्लिनिक की गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. मेहविश अहमद के अनुसार, आप अपनी जीवनशैली में 5 छोटे बदलाव करके एक स्वस्थ पाचन तंत्र पा सकते हैं. पेट की सेहत बेहतर रखने के लिए अपनाएं ये आदत- आप अपनी जीवनशैली में 5 छोटे बदलाव करके एक स्वस्थ पाचन तंत्र पा सकते हैं. 1. फाइबर को धीरे-धीरे अपनी डाइट में बढ़ाएंफाइबर पेट का सबसे अच्छा दोस्त है. यह न केवल पाचन को सुचारू रखता है, बल्कि पेट के अच्छे बैक्टीरिया का भोजन भी है. फाइबर के लिए आप फल, सब्जियां, साबुत अनाज (ओट्स, ब्राउन राइस), दालें और नट्स का सेवन करें. सलाह: “ज्यादातर लोग पर्याप्त फाइबर नहीं खाते. लेकिन ध्यान रहे, अचानक बहुत सारा फाइबर खाना शुरू न करें, वरना गैस और मरोड़ की समस्या हो सकती है. धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाएं ताकि आपका शरीर तालमेल बिठा सके.” 2. खुद को हाइड्रेटेड रखेंपानी फाइबर को अपना काम करने में मदद करता है. यह आंतों की अंदरूनी परत को हेल्‍दी रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं. अगर आपको सादा पानी पसंद नहीं है, तो खीरा, तरबूज और अजवाइन जैसी पानी से भरपूर चीजों का सेवन करें. कैफीन और शराब से बचें, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं. 3. संतुलित और वेरायटी आहार लेंआपका पेट एक बगीचे की तरह है, जिसमें जितनी ज्यादा वेरायटी होगी, वह उतना ही फलेगा-फूलेगा. इसके लिए ‘भूमध्यसागरीय आहार’ (Mediterranean diet) सबसे अच्छा माना जाता है. क्या खाएं: रंग-बिरंगे फल, सब्जियां, मछली, दालें और बीज.किससे बचें: अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, पैकेट बंद स्नैक्स, ज्यादा चीनी वाले ड्रिंक्स और फास्ट फूड. ये चीजें पेट के बैक्टीरिया का बैलेंस बिगाड़कर सूजन (inflammation) बढ़ाती हैं. 4. तनाव को कम करेंक्या आपने कभी महसूस किया है कि तनाव होने पर पेट में अजीब सी हलचल होती है? ऐसा इसलिए क्योंकि हमारा दिमाग और पेट एक-दूसरे से सीधे जुड़े होते हैं. ज्यादा तनाव लेने से पाचन धीमा हो जाता है और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. तनाव कम करने के लिए ध्यान (Meditation), गहरी सांस लेने के व्यायाम और भरपूर नींद लें. 5. शरीर को एक्टिव रखेंव्यायाम केवल वजन घटाने के लिए नहीं, बल्कि पेट के लिए भी जरूरी है. फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने से खाना पाचन तंत्र में आसानी से आगे बढ़ता है. एक्‍सपर्ट के मुताबिक, “जो मरीज एक्टिव रहते हैं, उन्हें पाचन संबंधी शिकायतें कम होती हैं.” रोजाना सिर्फ 30 मिनट की पैदल सैर भी आपके पेट के लिए जादू जैसा काम कर सकती है. डॉक्टर से कब मिलें?कभी-कभी अच्छी आदतों के बावजूद कुछ लक्षण गंभीर हो सकते हैं. अगर आपको नीचे दी गई समस्याएं महसूस हों, तो विशेषज्ञ (Gastroenterologist) से जरूर मिलें: -लगातार पेट फूलना, गैस या दर्द रहना.-मल त्याग की आदतों में बदलाव (जो हफ्तों तक बना रहे).-मल में खून आना.-बिना कारण वजन कम होना.-लगातार सीने में जलन या एसिड रिफ्लक्स. हेल्‍दी गट आपके खाने और लाइफ स्‍टाइल की आदतों पर निर्भर करता है. आज ही से इन 5 आदतों को अपनाएं और अपने शरीर में आने वाले सकारात्मक बदलावों को महसूस करें. याद रखिए, एक खुशहाल पेट ही एक खुशहाल जीवन की शुरुआत है!

पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे 2026: बंगाल की रिपोर्टिंग पर टीएमसी का पहला रिएक्शन- ‘हम बंदूक लेकर नहीं आए, बिना पूछे हमसे…’

पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे 2026: बंगाल की रिपोर्टिंग पर टीएमसी का पहला रिएक्शन- 'हम बंदूक लेकर नहीं आए, बिना पूछे हमसे...'

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सैद्धांतिक पर सैद्धांतिक कांग्रेस (टीएमसी) की पहली प्रतिक्रिया आई है। उम्मीदवार उम्मीदवार शशि पांजा ने आरोप लगाया है कि उनके काउंटी सेंटर पर कागज-चिकनाकर फेंक दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि हम लोग बंदूक लेकर क्यों आये हैं, हम यहां दंगा करने क्यों आये हैं। पश्चिम बंगाल के 293 जिलों में सोमवार (4 मई, 2026) को शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शुरुआती रुझानों में नजर आ रही है। उधर, मातृभाषा को लेकर दोनों मित्र अत्यंत उत्सुक हैं और काफी सक्रिय दिख रही हैं। श्यामपुकुर विधानसभा सीट से निचले दावेदार शशि पांजा भी तृतीयक केंद्र। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘हम काउंटिंग का रिकॉर्ड रखने के लिए कागज के साथ लाए थे।’ यह चुनाव आयोग का काम है, लेकिन हमें वो कागज-पीनकर फेंकना पड़ा। क्या हम यहां दंगे करने आये हैं? हम क्या गोला-बारूद और परमाणु बम लेकर आए हैं?’ उधर, चुनाव आयोग पर वीवीपैट पेपर के टुकड़े फेंके गए का भी बयान आया है। चुनाव आयोग का कहना है कि जो वीवीपैट पेपर के टुकड़े सामने आए, वो वोटिंग से पहले दिए गए मॉक पोल से संबंधित हैं, न कि वोटिंग के दिन असल चुनाव से। चुनाव आयोग ने कहा कि विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और आवश्यक कार्रवाई के लिए आवेदन याचिका भी दर्ज की गई है। यह भी पढ़ें:- चुनाव परिणाम 2026: बंगाल-असम से लेकर केरल-तमिलनाडु तक, किसकी हो रही जीत? फ़लोदी सट्टा बाज़ार का बाज़ार वाला अनुमान शशि पांजा ने रविवार को भी इंटरमीडिएट इंदौर स्टेडियम स्थित स्ट्रांग रूम का दौरा किया और कई गंभीर सवाल जवाब किये। उन्होंने कहा कि हाल ही में कई असामान्य घटनाएं सामने आई हैं. दक्षिण 24 परगना जिले में सामूहिक मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर अधिकारियों की टेबलें चलीं, जिसमें आपराधिक अधिकारी भी शामिल थे। यह भी पढ़ें:- चुनाव परिणाम 2026 विजेता लाइव: बंगाल से असम तक, कौन जीता कौन हारा, पढ़ें फुल विनर्स लिस्ट उन्होंने कहा कि इसके अलावा, माइक्रो-ऑब्जर्वर्स की भारी मात्रा में स्पार्क्स की गई है, जो आम तौर पर इस स्तर पर देखने को नहीं मिलती है। ऐसे कई कदम पहली बार पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहे हैं। स्ट्रॉन्ग रूम लेकर आए विवाद पर उन्होंने कहा कि दो दिन पहले जब स्ट्रॉन्ग रूम का दरवाजा खुला था, तो अंदर कुछ अज्ञात लोग मौजूद थे। उन्होंने सवाल उठाया कि ये लोग कौन थे, क्योंकि किसी भी राजनीतिक दल को उनकी जानकारी नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वहां पिंक कलर के लिफाफे मौजूद थे, जिसका उपयोग आम तौर पर पोस्टल बैलेट के लिए किया जाता है।

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: 4 मई 2026 की मतगणना के बाद बादल देवी बंगाल की सत्ता?

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: 4 मई 2026 की मतगणना के बाद बादल देवी बंगाल की सत्ता?

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति आज सिर्फ वोटों की गिनती नहीं देख रही, बल्कि उस पल का इंतजार कर रही है जब तस्वीर साफ होगी। 4 मई 2026, काउंटी का दिन—टीवी स्क्रीन पर नंबर बदले जा रहे हैं, अंदर हर पार्टी की नजर तेज है। लेकिन इसी बीच ज्योतिष एक ऐसी परत खोल रहा है जो इस पूरे दिन को अलग नजरिया देता है। यह नजरिया सिर्फ “कौन आगे, कौन पीछे” नहीं बताता है, बल्कि यह बताता है कि कौन सा दिन कैसा रहेगा, किस समय खेल पलटेगा और अंत में पैतृक हाथ में सत्ता टिक सकती है। इस दिन का पंचांग सबसे पहला ध्यान धार्मिक है। चंद्रमा वृश्चिक राशि में है, और यही इस पूरे दिन की कुंजी है। स्कॉर्पियो मून हमेशा सीधी कहानी नहीं लिखता। यह वह स्थिति है जहां प्रारंभ में जो दिखता है, अंत में वही सच नहीं होता। राजनीति में यह स्थिति बार-बार अचानक उलटफेर, छुपे हुए आंकड़े और अंतिम समय के स्थायित्व से जुड़ी होती है। इसलिए यदि सुबह के रुझान को देखकर कोई शीघ्र निष्कर्ष नहीं निकाला जाता है, तो वह सबसे बड़ी गलती कर सकता है। दिन की शुरुआत अनुराधा नक्षत्र से होती है और उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र सक्रिय हो जाते हैं। यह बदलाव बहुत साधारण नहीं है. अनुराधा का स्वाभाविक सहयोग और संतुलन होता है, जबकि ज्येष्ठा सीधे सत्ता और प्रभुत्व का संकेत है। इसका मतलब साफ है- सुबह तक प्रतिस्पर्धा और घटिया दिखाई देंगे, लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता है, एक तरफ की टीमें दिखाई दे सकती हैं। यह वह बिंदु है जिसे बदला जा सकता है। इस दिन परिघ योग भी सक्रिय है, जो आपको अपने में अंर्तविरोध, मराठा और संगीत का संकेत देता है। परामर्श भाषा में इसका अर्थ यह है कि डेटिंग दस्तावेज़ नहीं होगी। कहीं देरी नहीं होगी, कहीं कहीं बहुत कम रहेगी, और कई क्वार्टर पर आखिरी राउंड तक स्थिति साफ नहीं होगी। यही कारण है कि यह दिन सीधा नहीं, बल्कि उत्प्रेरण- प्रस्तुति से भरा रहेगा। लेकिन यह संपूर्ण पंचांग का सबसे पुराना संकेत सर्वार्थ सिद्धि योग देता है। यह योग कहावत है कि अंत में एक ही जीत स्थापित होती है जो मजबूत होती है। यानी जिसने पहले स्थापित किया है, जिसके पास जमीन का आधार है, वही अंतिम दौर में बढ़त ले सकता है। यही वह संकेत है जो पूरे दिन के सस्पेंस के बाद अंतिम परिणामों की दिशा तय करता है। अब अगर इसे 29 अप्रैल 2026 की प्रश्न कुंडली से जोड़ा जाए, तो तस्वीरें और स्पष्ट हो जाती हैं। उस कुंडली में सत्य का स्वामी की ख़राब स्थिति थी और अर्थव्यवस्था का प्रभाव मजबूत दिख रहा था। इसका अर्थ था कि मुकाबला आसान नहीं होगा और सत्ता पक्ष दबाव में रहेगा। लेकिन उसी कुंडली में एक संक्रांति चिन्ह राहु का था, जो छठे भाव में स्थित था। अभिलेखों में यह स्थिति स्मारक पर विजय का प्रतीक है। इसका मतलब यह था कि सत्य ही सत्य द्गमगती हुई दिखाई दे, लेकिन अंत में वह पूरी तरह से संभव नहीं हो सका। इन दोनों संग्रहालयों के साथ रखे तो काउंटींग का पूरा चित्र सामने आता है। सुबह के नामांकन के पक्ष में दिखाई दे सकते हैं. टीवी पर स्क्रीन नंबर बिना रुके, और कई बार ऐसा होता है कि सत्य हाथ से निकल रहा है। दोपहर तक की स्थिति और बहुत अधिक उथल-पुथल हो सकती है, जहां कई बेंचमार्क पर अंतर बेहद कम रहेगा और हर राउंड के साथ ट्रेंड बदलता रहेगा। लेकिन जैसे-जैसे अंतिम चरण का आगमन होता है, एक अस्थायी स्थिरीकरण हो सकता है, और एक पक्ष बढ़त बना सकता है जिसके पास पहले से मजबूत आधार होता है। प्रतिउत्तर प्रश्न आता है—क्या ममता बनर्जी की सरकार फिर जाएगी? इस पूरे ज्योतिषीय विश्लेषण का निष्कर्ष यह बताता है कि उनकी वापसी संभव है, लेकिन यह वापसी पहले जैसी सहज नहीं होगी। यह जीतना आसान नहीं होगा, बल्कि आखिरी समय तक संघर्ष के बाद उपलब्धि हासिल करनी होगी। प्रारंभिक में कमी संभव है, दबाव बढ़ सकता है, और पूरे समय चुनौती बनी रहती है, लेकिन अंत में सत्य पूरी तरह से आसान नहीं दिखता है। इस दिन का सबसे बड़ा वैज्ञानिक सिद्धांत यही है कि जो कहा जाएगा, वही सच होगा। गिनती के शुरुआती घंटों में जो ट्रेंड बनेगा, वह अंतिम परिणाम से अलग हो सकता है। यही कारण है कि इस दिन गंभीरता सबसे बड़ी रणनीति होगी- पार्टियों के लिए भी और दर्शकों के लिए भी। राजनीति में कई बार जीत सिर्फ किसी मुद्दे से नहीं, बल्कि समय के साथ तय होती है, और इस दिन समय का प्रतीक क्या है, यही सबसे बड़ा सवाल है। अगर इस पूरे दिन एक वाक्य में लिखा हो तो यह कहा जा सकता है कि बंगाल में लड़ाई आखिरी दौर तक खुली रहेगी। सस्पेंस बना रहेगा, ट्रेंड चला गया, और अंत में वही पक्ष बाजी मार सकता है जो शुरुआत से जमीन पर खड़ा था। यह चुनाव वह नहीं है जहां कोई साफा लहर नहीं दिखता, बल्कि यह चुनाव वह है जहां हर घंटे की कहानी कमजोर होती है और अंतिम पन्ना सबसे अलग होता है। यह ज्योतिष के पंचांग और प्रश्न कुंडली पर आधारित है। वास्तविक नतीजे कई सामाजिक और राजनीतिक विचारधाराओं पर प्रतिबंध लगाते हैं, लेकिन जब समय खुद पर हस्ताक्षर करने का होता है, तो उन सामानों को भी शामिल करना जरूरी हो जाता है। अस्वीकरण: यहां चार्टर्ड सूचना सिर्फ अभ्यर्थियों और विद्वानों पर आधारित है। यहां यह जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की सहमति, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या सिद्धांत को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

चुनाव परिणाम 2026 विजेता लाइव: ममता बनर्जी, हुमायूँ कबीर समेत अन्य नेताओं का क्या हाल, पढ़ें फुल विनर लिस्ट

चुनाव परिणाम 2026 विजेता लाइव: ममता बनर्जी, हुमायूँ कबीर समेत अन्य नेताओं का क्या हाल, पढ़ें फुल विनर लिस्ट

विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 विजेता लाइव: देश के 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज आ रहे हैं। गिनती की गिनती जारी है. अभी तक बंगाल के रुझानों में बदलाव दिख रहा है। अन्यत्र 100 रेज़्यूमे से नीचे है तो वहीं बीजेपी 150 रेज़्यूमे पर गेन ली है। असम में बीजेपी सरकार का गठन दिख रहा है. वहीं तमिलनाडु में एक्टर्स से लेकर राजनेता बनी विक्ट्री की पार्टी सबसे ज्यादा विजेती दिख रही है। केरल में कांग्रेस की सरकार फॉर्मल दिख रही है। यहां आप फुल विनर लिस्ट पढ़ें –चौथे राउंड के बाद भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी, शुभेंदु अधिकारी से चौथे राउंड के बाद 8 हजार के दावे से आगे चल रही हैं। – यात्रा जहां से विजय की टीवी पार्टी आगे चल रही है: अलंगुलम, अंडीपट्टी, कुडालोर, गुडियाट्टम, मदुरै साउथ, मदुरै उत्तर, कटपडी, कुमारपालयम, नीलक्कोट्टई, पेरम्बुर, अंबासमुद्रम –असम की बिन्नाकंडी सीट से बदरुद्दीन अजमल आगे चल रहे हैं। –ममता बनर्जी भवानीपुर सीट पर 1996 से आगे चल रही हैं। हमारे पीछे शुभेंदु अधिकारी हैं। –बाबरी मस्जिद बनाने का वादा करने वाले हुमायूँ कबीर अपनी सीट पर आगे चल रहे हैं। –पानीहाटी इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ (आरजी कर सुपरस्टार की मां) 2000 में सागर से आगे चल रही हैं। विश्व के तीर्थंकर घोष पीछे चल रहे हैं। -दिलीप घोष अपनी सीट खड़गपुर सीट से आगे चल रहे हैं -सुनेत्रा पावर पहले रौंड के बाद छह हजार से ज्यादा वोटो से आगे -गौरव गोगोई अपनी सीट से पीछे चल रहे हैं -विजय एक सीट पर आगे चल रहे हैं। -शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम से आगे चल रहे हैं

विधानसभा चुनाव परिणाम 2026: बंगाल में बीजेपी-टीएमसी के बीच टक्कर, असम में रुझानों में कौन चल रहा है आगे? जानिए पांच राज्यों के स्टेट्स का पहला अपडेट

विधानसभा चुनाव परिणाम 2026: बंगाल में बीजेपी-टीएमसी के बीच टक्कर, असम में रुझानों में कौन चल रहा है आगे? जानिए पांच राज्यों के स्टेट्स का पहला अपडेट

पश्चिम बंगाल, केरल और असम सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद वोटों की गिनती शुरू हो गई है। बंगाल के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी और तीन कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। 5-5 पार्टियाँ और पार्टियाँ पर आगे हैं। जबकि असम में बीजेपी का आर्टिकल देखने को मिला है. केरल और तमिल के रुझान भी सामने आये हैं। बंगाल की भवानीपुर सीट काफी चर्चा में है। ममता बनर्जी ने इस सीट से चुनाव लड़ा है। वे शुरुआती रुझानों में आगे चल रही हैं। मालदा में बीजेपी का अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है. भाजपा के रुझानों में मालदा की 3 सीटें आगे चल रही हैं। वहीं असम की बात करें तो बीजेपी 3 पर आगे चल रही है. जबकि कांग्रेस एक सीट पर आगे चल रही है। अगर तमिल की बात करें तो डीएमके और उनके सहयोगी 9 पर आगे चल रहे हैं। वहीं एआईएडीएमके 3 पार्टी आगे चल रही है। #ResultsOnABP | पश्चिम बंगाल का पहला रुझान आया सामने#ResultsOnABP #चुनावपरिणाम2026 #विधानसभाचुनाव2026 #पश्चिमबंगाल pic.twitter.com/Qt8JADXEY7 – एबीपी न्यूज़ (@ABPNews) 4 मई 2026 असम विधानसभा चुनाव: पहला रुझान सामने आया #ResultsOnABP #चुनावपरिणाम2026 #विधानसभाचुनाव2026 #असम pic.twitter.com/Vk1upmr0yz – एबीपी न्यूज़ (@ABPNews) 4 मई 2026 पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी का बाज़ार! पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव के बाद वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी 13 क्वार्टर पर आगे चल रही है। जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी 4 पर आगे चल रहे हैं। केरल का भी पहला रुझान सामने आया केरल में भी गणित की गिनती जारी है। राज्य में बाएँ 61 क्वार्टर पर आगे चल रही है। जबकि कांग्रेस 64 पार्टी आगे चल रही है। केरल में कांटेक्ट की टक्कर चल रही है। इसके अलावा 5 गियरबॉक्स पर अन्य सुविधाएं आगे चल रही हैं। यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव परिणाम 2026: बंगाल में किसकी सरकार? पहला रुझान, टीएमसी या बीजेपी कौन, जानिए (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)पश्चिम बंगाल परिणाम(टी)असम चुनाव परिणाम(टी)बंगाल(टी)केरल(टी)असम चुनाव परिणाम(टी)असम परिणाम(टी)असम परिणाम 2026(टी)असम परिणाम(टी)असम परिणाम 2026(टी)परिणाम 2026(टी)परिणाम 2026 लाइव (टी) परिणाम (टी) असम परिणाम (टी) केरल चुनाव (टी) केरल चुनाव 2026 (टी) केरल चुनाव परिणाम (टी) केरल परिणाम (टी) केरल परिणाम 2026 (टी) केरल परिणाम (टी) केरल परिणाम 2026 (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 (टी) बंगाल चुनाव परिणाम(टी)पश्चिम बंगाल परिणाम(टी)पश्चिम बंगाल परिणाम 2026(टी)बंगाल परिणाम(टी)बंगाल परिणाम 2026(टी)परिणाम 2026(टी)परिणाम 2026 लाइव(टी)असम में रुझानों में भाजपा की पार्टी(टी)4 पार्टियों पर चल रही आगे(टी)केरल-तमिलनाडु और बंगाल क्या है?

North Tech Symposium 2026 Inaugurated by Rajnath Singh in Prayagraj; 284 Companies Showcase Defence

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प्रयागराज7 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रयागराज में सोमवार को उत्तर प्रौद्योगिकी संगोष्ठी (नॉर्थ टेक सिम्पोजियम) 2026 की शुरूआत हो रही है। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उन्होंने कहा- डिफेंस कॉरिडोर की तरह नॉलेज कॉरिडोर तैयार करें। उन्होंने कहा-ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया को हमारी ताकत का एहसास हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण हमारे सामने है। इस ऑपरेशन के एक साल पूरे हो चुके हैं। जब भी ऑपरेशन सिंदूर की बात आती है तो मुझे अपनी सेनाओं के शौर्य स्वाभाविक रूप से याद आता है। आतंकियों को और उनके सरपरस्तों को जो मुहंतोड़ जवाब हमारे सैनिकों ने दिया उससे पूरे देश का सिर गौरव के साथ ऊंचा हो गया। ये तो अच्छा हुआ कि हमने धैर्य दिखाते हुए केवल आतंकवादियों का सफाया किया। नहीं तो हमारी सेनाएं क्या कुछ करने में सक्षम नहीं हैं। इसका अंदाजा पूरी दुनिया को अब हो चुका है। नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह। रक्षा मंत्री ने कहा- हमें एक्टिव ही नहीं प्रो-एक्टिव रहना है रक्षा मंत्री ने कहा- साथियों ऑपरेशन सिंदूर अपने आप में टेक्नोलॉजिकल वार फेयर का एक नमूना है। इस ऑपरेशन में आकाश और ब्रह्मोस जैसी मिसाइल के लेटेस्ट सिस्टम को शामिल किया गया। मैंने हमेशा आर्म फोर्सेस और डिफेंस को बराबर एक बात कही है। हमने सिर्फ एक्टिव नहीं बल्कि प्रो एक्टिव भी रहना है। हर प्रकार की स्थिति के लिए तैयार रहना है। क्योंकि आज के समय कब क्या हो जाए कुछ भी संभावित नहीं है। अन्य क्षेत्रों में जैसे चिकित्सा और शिक्षा में अगर कोई नई टेक्नोलॉजी आती है तो उसे एक-दो साल में भी अपना सकते हैं। जो स्वाभाविक रूप से संभल जाती है। लेकिन डिफेंस के क्षेत्र में हम सोचेंगे कि एक साल बाद इस नई चुनौती से निपटने का उपाय सोचेंगे। लेकिन ये सोच हमारे लिए यह घातक होगी। एक साल की देरी का मतलब दुश्मन हमारे ऊपर हावी हो जाए। इसलिए मैंने कहा- हमारा रवैय्या रिएक्टिव नहीं प्रो एक्टिव होना चाहिए। हमें उन चीजों के बारे में सोचना है जो कभी अस्तित्व में भी नहीं है। उन्होंने कहा- जब मैं प्रो-एक्टिव तैयारी की बात कर रहा हूं तो उसका एक और महत्वपूर्ण पहलू भी है। वो है सरप्राइज एलीमेंट। हमें ऐसी क्षमताएं भी विकसित करनी है जो जरूरत पड़ने हम ऐसा प्रहार कर सकें जिससे दुश्मन सरप्राइज हो जाए। मुझे पता है कि हमारी सेना इस ओर काम कर रही हैं। अब हमें प्रो-एक्टिव होकर काम करना है। नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर मौजूद सेना के अधिकारी। आगे बढ़ने का एक ही मंत्र है एडप्टबिलिटी रक्षामंत्री ने कहा- साथियों आज के परिवेश में आगे बढ़ने का एक ही मंत्र है, एडप्टबिलिटी। बदलती परिस्थितियों में खुद का बदलना ही हमारी प्रायोरिटी होनी चाहिए। जो देश तकनीकी क्रांति को तेजी से एडाप्ट करेगा वही फ्यूचर वार फेयर में तेजी से आगे निकलेगा। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी भी रहे। भारतीय सेना की उत्तरी कमान, मध्य कमान और सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित और तीन दिन चलने वाले इस सिम्पोजियम (4-6 मई) में स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन और एकीकरण का प्रमुख मंच बनेगी। 284 कंपनियां करेंगी पार्टिसिपेट सिमपोजियम की थीम ‘रक्षा त्रिवेणी संगम – जहां प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता है’ है, जो चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देगा। भारतीय सेना बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार नवाचार पर जोर दे रही है। ऐसे में 284 कंपनियां, जिसमें MSMEs, निजी रक्षा फर्में, स्टार्टअप्स और सैन्य कर्मी शामिल हैं। अपने नवाचारों को स्टॉलों पर प्रदर्शित करेंगी। आयोजन का मुख्य उद्देश्य फील्ड तैनाती व रखरखाव के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों की पहचान कर खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, ताकि भारतीय सेना में आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली मजबूत हो। आधुनिक रक्षा उपकरणों का होगा प्रदर्शन सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं। कार्यक्रम में ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा। स्वदेशी यानी भारत में तैयार तकनीकों पर ज्यादा जोर रहेगा। उद्योग और सेना के बीच होगा संवाद इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है। यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी। कार्यक्रम के दौरान रक्षा नवाचार, सैन्य निर्माण और नई तकनीकों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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कच्चा आम गर्मियों का माना जाता है सूपरफूड, मोटापा और शुगर हो जाता है गायब, बस जान लें कैसे खाएं

कच्चा आम गर्मियों का माना जाता है सूपरफूड, मोटापा और शुगर हो जाता है गायब, बस जान लें कैसे खाएं

Last Updated:May 04, 2026, 08:03 IST Kaccha Aam khane Ke Fayde: कच्चे आम का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, खासकर गर्मियों में. इसमें विटामिन C, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. यह लू से बचाव करता है और शरीर को ठंडक देता है. साथ ही पाचन तंत्र को सुधारने में भी कच्चा आम उपयोगी होता है. आप इसे कच्चा खा सकते हैं, चटनी, अचार या पना बनाकर भी डाइट में शामिल कर सकते हैं. बता दें कि नियमित सेवन से शरीर हाइड्रेट रहता है और ऊर्जा बनी रहती है, जिससे आप दिनभर तरोताजा महसूस कर सकते हैं. आम गर्मियों का लोकप्रिय मौसमी फल है, जिसे कई तरीकों से डाइट में शामिल किया जाता है. कच्चा आम सेहत के लिए खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है और यह लू से बचाने में मदद करता है. इसे पना, चटनी, अचार और जूस के रूप में खाया जाता है. कच्चे आम में विटामिन A, C, E के साथ कैल्शियम, फॉस्फोरस और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाते हैं. काले नमक के साथ इसका सेवन पाचन को बेहतर करता है. जहां नियमित रूप से कच्चा आम खाने से शरीर ठंडा रहता है और कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. ( एआई फोटो ) कच्चा आम इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होता है, क्योंकि इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है. विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है और संक्रमण से बचाव में सहायक होता है. नियमित रूप से कच्चे आम का सीमित सेवन करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे आप मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं और खुद को अधिक स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करते हैं. ( एआई फोटो ) कच्चा आम वजन घटाने में सहायक माना जाता है. इसमें कम कैलोरी और अधिक फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है और बार-बार खाने की आदत को कम करता है. कच्चे आम में मौजूद पोषक तत्व मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे शरीर अतिरिक्त फैट को तेजी से बर्न कर पाता है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में कच्चा आम खाने से वजन कंट्रोल रखने में सहायता मिल सकती है. ( एआई फोटो ) Add News18 as Preferred Source on Google कच्चा आम पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, कब्ज और एसिडिटी में काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है और आंतों की सफाई को आसान बनाता है. कच्चा आम पाचन रसों के स्राव को बढ़ाता है, जिससे भोजन आसानी से पच जाता है. इसका नियमित सेवन पेट में भारीपन और जलन जैसी समस्याओं को कम कर सकता है. खासकर गर्मियों में कच्चा आम शरीर को ठंडक भी देता है और पाचन को संतुलित रखता है. सीमित मात्रा में सेवन करने से पेट स्वस्थ बना रहता है और आराम मिलता है. ( एआई फोटो ) कच्चा आम गर्मियों में सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है और इसे दिन के समय या दोपहर में खाना बेहतर माना जाता है. इसे आप कच्चा काटकर खा सकते हैं, पना, चटनी या सलाद के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं. काले नमक और भुना जीरा डालकर खाने से इसका स्वाद बढ़ता है और पाचन में भी मदद मिलती है. खाली पेट ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए. सीमित मात्रा में नियमित सेवन से यह सेहत के लिए लाभकारी होता है और शरीर को ठंडक देता है. ( एआई फोटो )