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North Tech Symposium 2026 Inaugurated by Rajnath Singh in Prayagraj; 284 Companies Showcase Defence

North Tech Symposium 2026 Inaugurated by Rajnath Singh in Prayagraj; 284 Companies Showcase Defence

प्रयागराज7 मिनट पहले

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प्रयागराज में सोमवार को उत्तर प्रौद्योगिकी संगोष्ठी (नॉर्थ टेक सिम्पोजियम) 2026 की शुरूआत हो रही है। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उन्होंने कहा- डिफेंस कॉरिडोर की तरह नॉलेज कॉरिडोर तैयार करें। उन्होंने कहा-ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया को हमारी ताकत का एहसास हो गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण हमारे सामने है। इस ऑपरेशन के एक साल पूरे हो चुके हैं। जब भी ऑपरेशन सिंदूर की बात आती है तो मुझे अपनी सेनाओं के शौर्य स्वाभाविक रूप से याद आता है।

आतंकियों को और उनके सरपरस्तों को जो मुहंतोड़ जवाब हमारे सैनिकों ने दिया उससे पूरे देश का सिर गौरव के साथ ऊंचा हो गया। ये तो अच्छा हुआ कि हमने धैर्य दिखाते हुए केवल आतंकवादियों का सफाया किया। नहीं तो हमारी सेनाएं क्या कुछ करने में सक्षम नहीं हैं। इसका अंदाजा पूरी दुनिया को अब हो चुका है।

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।

रक्षा मंत्री ने कहा- हमें एक्टिव ही नहीं प्रो-एक्टिव रहना है

रक्षा मंत्री ने कहा- साथियों ऑपरेशन सिंदूर अपने आप में टेक्नोलॉजिकल वार फेयर का एक नमूना है। इस ऑपरेशन में आकाश और ब्रह्मोस जैसी मिसाइल के लेटेस्ट सिस्टम को शामिल किया गया।

मैंने हमेशा आर्म फोर्सेस और डिफेंस को बराबर एक बात कही है। हमने सिर्फ एक्टिव नहीं बल्कि प्रो एक्टिव भी रहना है। हर प्रकार की स्थिति के लिए तैयार रहना है। क्योंकि आज के समय कब क्या हो जाए कुछ भी संभावित नहीं है। अन्य क्षेत्रों में जैसे चिकित्सा और शिक्षा में अगर कोई नई टेक्नोलॉजी आती है तो उसे एक-दो साल में भी अपना सकते हैं। जो स्वाभाविक रूप से संभल जाती है।

लेकिन डिफेंस के क्षेत्र में हम सोचेंगे कि एक साल बाद इस नई चुनौती से निपटने का उपाय सोचेंगे। लेकिन ये सोच हमारे लिए यह घातक होगी। एक साल की देरी का मतलब दुश्मन हमारे ऊपर हावी हो जाए। इसलिए मैंने कहा- हमारा रवैय्या रिएक्टिव नहीं प्रो एक्टिव होना चाहिए। हमें उन चीजों के बारे में सोचना है जो कभी अस्तित्व में भी नहीं है।

उन्होंने कहा- जब मैं प्रो-एक्टिव तैयारी की बात कर रहा हूं तो उसका एक और महत्वपूर्ण पहलू भी है। वो है सरप्राइज एलीमेंट। हमें ऐसी क्षमताएं भी विकसित करनी है जो जरूरत पड़ने हम ऐसा प्रहार कर सकें जिससे दुश्मन सरप्राइज हो जाए। मुझे पता है कि हमारी सेना इस ओर काम कर रही हैं। अब हमें प्रो-एक्टिव होकर काम करना है।

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर मौजूद सेना के अधिकारी।

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर मौजूद सेना के अधिकारी।

आगे बढ़ने का एक ही मंत्र है एडप्टबिलिटी

रक्षामंत्री ने कहा- साथियों आज के परिवेश में आगे बढ़ने का एक ही मंत्र है, एडप्टबिलिटी। बदलती परिस्थितियों में खुद का बदलना ही हमारी प्रायोरिटी होनी चाहिए। जो देश तकनीकी क्रांति को तेजी से एडाप्ट करेगा वही फ्यूचर वार फेयर में तेजी से आगे निकलेगा।

इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी भी रहे। भारतीय सेना की उत्तरी कमान, मध्य कमान और सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित और तीन दिन चलने वाले इस सिम्पोजियम (4-6 मई) में स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन और एकीकरण का प्रमुख मंच बनेगी।

284 कंपनियां करेंगी पार्टिसिपेट

सिमपोजियम की थीम ‘रक्षा त्रिवेणी संगम – जहां प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता है’ है, जो चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देगा। भारतीय सेना बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार नवाचार पर जोर दे रही है।

ऐसे में 284 कंपनियां, जिसमें MSMEs, निजी रक्षा फर्में, स्टार्टअप्स और सैन्य कर्मी शामिल हैं। अपने नवाचारों को स्टॉलों पर प्रदर्शित करेंगी।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य फील्ड तैनाती व रखरखाव के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों की पहचान कर खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, ताकि भारतीय सेना में आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली मजबूत हो।

आधुनिक रक्षा उपकरणों का होगा प्रदर्शन

सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं।

कार्यक्रम में ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा। स्वदेशी यानी भारत में तैयार तकनीकों पर ज्यादा जोर रहेगा।

उद्योग और सेना के बीच होगा संवाद

इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है। यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी। कार्यक्रम के दौरान रक्षा नवाचार, सैन्य निर्माण और नई तकनीकों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है।

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प्रयागराज7 मिनट पहले

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प्रयागराज में सोमवार को उत्तर प्रौद्योगिकी संगोष्ठी (नॉर्थ टेक सिम्पोजियम) 2026 की शुरूआत हो रही है। इसका उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उन्होंने कहा- डिफेंस कॉरिडोर की तरह नॉलेज कॉरिडोर तैयार करें। उन्होंने कहा-ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया को हमारी ताकत का एहसास हो गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण हमारे सामने है। इस ऑपरेशन के एक साल पूरे हो चुके हैं। जब भी ऑपरेशन सिंदूर की बात आती है तो मुझे अपनी सेनाओं के शौर्य स्वाभाविक रूप से याद आता है।

आतंकियों को और उनके सरपरस्तों को जो मुहंतोड़ जवाब हमारे सैनिकों ने दिया उससे पूरे देश का सिर गौरव के साथ ऊंचा हो गया। ये तो अच्छा हुआ कि हमने धैर्य दिखाते हुए केवल आतंकवादियों का सफाया किया। नहीं तो हमारी सेनाएं क्या कुछ करने में सक्षम नहीं हैं। इसका अंदाजा पूरी दुनिया को अब हो चुका है।

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।

रक्षा मंत्री ने कहा- हमें एक्टिव ही नहीं प्रो-एक्टिव रहना है

रक्षा मंत्री ने कहा- साथियों ऑपरेशन सिंदूर अपने आप में टेक्नोलॉजिकल वार फेयर का एक नमूना है। इस ऑपरेशन में आकाश और ब्रह्मोस जैसी मिसाइल के लेटेस्ट सिस्टम को शामिल किया गया।

मैंने हमेशा आर्म फोर्सेस और डिफेंस को बराबर एक बात कही है। हमने सिर्फ एक्टिव नहीं बल्कि प्रो एक्टिव भी रहना है। हर प्रकार की स्थिति के लिए तैयार रहना है। क्योंकि आज के समय कब क्या हो जाए कुछ भी संभावित नहीं है। अन्य क्षेत्रों में जैसे चिकित्सा और शिक्षा में अगर कोई नई टेक्नोलॉजी आती है तो उसे एक-दो साल में भी अपना सकते हैं। जो स्वाभाविक रूप से संभल जाती है।

लेकिन डिफेंस के क्षेत्र में हम सोचेंगे कि एक साल बाद इस नई चुनौती से निपटने का उपाय सोचेंगे। लेकिन ये सोच हमारे लिए यह घातक होगी। एक साल की देरी का मतलब दुश्मन हमारे ऊपर हावी हो जाए। इसलिए मैंने कहा- हमारा रवैय्या रिएक्टिव नहीं प्रो एक्टिव होना चाहिए। हमें उन चीजों के बारे में सोचना है जो कभी अस्तित्व में भी नहीं है।

उन्होंने कहा- जब मैं प्रो-एक्टिव तैयारी की बात कर रहा हूं तो उसका एक और महत्वपूर्ण पहलू भी है। वो है सरप्राइज एलीमेंट। हमें ऐसी क्षमताएं भी विकसित करनी है जो जरूरत पड़ने हम ऐसा प्रहार कर सकें जिससे दुश्मन सरप्राइज हो जाए। मुझे पता है कि हमारी सेना इस ओर काम कर रही हैं। अब हमें प्रो-एक्टिव होकर काम करना है।

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर मौजूद सेना के अधिकारी।

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के उद्घाटन के मौके पर मौजूद सेना के अधिकारी।

आगे बढ़ने का एक ही मंत्र है एडप्टबिलिटी

रक्षामंत्री ने कहा- साथियों आज के परिवेश में आगे बढ़ने का एक ही मंत्र है, एडप्टबिलिटी। बदलती परिस्थितियों में खुद का बदलना ही हमारी प्रायोरिटी होनी चाहिए। जो देश तकनीकी क्रांति को तेजी से एडाप्ट करेगा वही फ्यूचर वार फेयर में तेजी से आगे निकलेगा।

इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी भी रहे। भारतीय सेना की उत्तरी कमान, मध्य कमान और सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित और तीन दिन चलने वाले इस सिम्पोजियम (4-6 मई) में स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन और एकीकरण का प्रमुख मंच बनेगी।

284 कंपनियां करेंगी पार्टिसिपेट

सिमपोजियम की थीम ‘रक्षा त्रिवेणी संगम – जहां प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता है’ है, जो चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देगा। भारतीय सेना बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार नवाचार पर जोर दे रही है।

ऐसे में 284 कंपनियां, जिसमें MSMEs, निजी रक्षा फर्में, स्टार्टअप्स और सैन्य कर्मी शामिल हैं। अपने नवाचारों को स्टॉलों पर प्रदर्शित करेंगी।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य फील्ड तैनाती व रखरखाव के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों की पहचान कर खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, ताकि भारतीय सेना में आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली मजबूत हो।

आधुनिक रक्षा उपकरणों का होगा प्रदर्शन

सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं।

कार्यक्रम में ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा। स्वदेशी यानी भारत में तैयार तकनीकों पर ज्यादा जोर रहेगा।

उद्योग और सेना के बीच होगा संवाद

इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है। यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी। कार्यक्रम के दौरान रक्षा नवाचार, सैन्य निर्माण और नई तकनीकों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है।

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