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PM Narendra Modi BJP Headquarter LIVE Speech Update; West Bengal Election Result – Assam

PM Narendra Modi BJP Headquarter LIVE Speech Update; West Bengal Election Result - Assam

Hindi News National PM Narendra Modi BJP Headquarter LIVE Speech Update; West Bengal Election Result Assam | TMC Congress नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने 14 नवंबर को बिहार में जीत के बाद दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। भाजपा का 5 राज्यों में से 3 (पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी) में सरकार बनाना तय है। केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में एक्टर विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज शाम 6:30 बजे दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। मोदी ने पिछले साल 14 नवंबर को बिहार में जीत के बाद कहा था कि गंगाजी बिहार से बहते हुए बंगाल जाती है। बिहार ने बंगाल में भाजपा की विजय का रास्ता बना दिया है। BJP कार्यकर्ताओं के जश्न से जुड़ी 4 तस्वीरें… 3 राज्यों के चुनाव में जीत के बाद दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ता पीएम मोदी की फोटो को मिठाई को खिलाते हुए। कोलकाता में जीत के बाद जश्न मनाते भाजपा कार्यकर्ता। कर्नाटक के चिकमंगलूर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े। भाजपा को बहुमत मिलने की खुशी में दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 1. बंगाल में भाजपा सरकार, 159 सीटों पर बढ़त; 6% वोट बढ़ा 2. तमिलनाडु में उलटफेर, TVK नंबर वन पार्टी, DMK तीसरे नंबर पर खिसकी 3. कोलकाता में TMC ऑफिस पर सन्नाटा, भाजपा हेडक्वार्टर में जलेबी बनी पिछले 5 मौके, जब चुनाव में जीत के बाद PM मोदी पार्टी हेडक्वार्टर पहुंचे 14 नवंबर 2025: बिहार चुनाव में बीजेपी की जीत भाजपा ने बिहार में NDA की जीत का दिल्ली हेडक्वार्टर में जश्न मनाया। इस मौके पर पीएम ने 42 मिनट के भाषण में कहा, बिहार के लोगों ने गर्दा उड़ा दिया। अब कट्टा सरकार कभी वापस नहीं आएगी। उन्होंने छठी मईया के जयकारे भी लगाए। उन्होंने कहा कि जो छठ पूजा को ड्रामा कह सकते हैं, वे बिहार की क्या इज्जत करेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 8 फरवरी 2025: दिल्ली चुनाव में बीजेपी की जीत दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पीएम मोदी ने भाजपा हेडक्वॉर्टर में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत यमुना मैया की जय के नारे के साथ की थी। उन्होंने कहा था कि आज दिल्ली में दिल्ली के लोगों में एक उत्साह भी है और सुकून भी है। उत्साह विजय का है, सुकून दिल्ली को आप-दा से मुक्त कराने का है। आपने दिल खोलकर प्यार दिया। मैं दिल्लीवालों को नमन करता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 23 नवंबर 2024: महाराष्ट्र में महायुति की जीत तस्वीर 23 नवंबर की है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत के बाद पीएम मोदी दिल्ली में बीजेपी हेडक्वार्टर पहुंचे थे। महाराष्ट्र चुनाव में महायुति (बीजेपी-शिवसेना-NCP) की जीत के बाद पीएम मोदी पार्टी हेडक्वार्टर पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र ने कुर्सी फर्स्ट वालों को नकारते हुए डंके की चोट पर कहा- एक हैं तो सेफ हैं। अपने 49 मिनट के भाषण की शुरुआत पीएम मोदी ने जय भवानी, जय शिवाजी के नारे के साथ की और समापन भारत माता की जय और वंदेमातरम से किया था। पूरी खबर पढ़ें… 8 अक्टूबर 2024: हरियाणा में बीजेपी की जीत 8 अक्टूबर 2024 को हरियाणा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पीएम मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने 35 मिनट भाषण दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में संबोधित किया था। उन्होंने 35 मिनट भाषण दिया था। पीएम ने कहा- जनता के सामने कांग्रेस की पोल खुल चुकी है। उनका डिब्बा गोल हो गया है। सरकार से बाहर होते ही कांग्रेस जल बिन मछली जैसी हो जाती है। वो समाज में जाति का जहर फैला रही है। पूरी खबर पढ़ें… 4 जून 2024: लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बनी तस्वीर 4 जून 2024 की है। लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में NDA की सरकार बनने पर पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 4 जून की शाम प्रधानमंत्री मोदी पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, लेकिन जबान पर भाजपा कम और NDA का नाम ज्यादा रहा था। 34 मिनट के धन्यवाद भाषण में भाजपा का नाम 8 बार लिया तो NDA (भाजपा के सहयोगी दल) का हवाला 10 बार आया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

BHEL का मुनाफा 156% बढ़कर ₹1,290 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 37% की ग्रोथ, निवेशकों को हर शेयर पर ₹1.40 का डिविडेंड देने का ऐलान

BHEL का मुनाफा 156% बढ़कर ₹1,290 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 37% की ग्रोथ, निवेशकों को हर शेयर पर ₹1.40 का डिविडेंड देने का ऐलान

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 156% बढ़कर 1,290.47 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 504.45 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। BHEL का रेवेन्यू 37% बढ़कर 12,310.37 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 8,993.37 करोड़ रुपए था। शेयरधारकों के लिए ₹1.40 के डिविडेंड का ऐलान भी किया गयाहै। BHEL ने आज 4 मई को जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। पूरे वित्त वर्ष में मुनाफा 200% बढ़कर 1,600 करोड़ पहुंचा महारत्न कंपनी का सालभर का कुल मुनाफा भी 200% बढ़कर 1,600.26 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 533.90 करोड़ रुपए था। वहीं, पूरे वित्त वर्ष में रेवेन्यू 19% बढ़कर 33,782.18 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। FY25 में यह 28339.48 करोड़ रुपए रहा था। FY26 की चौथी तिमाही में BHEL का प्रदर्शन सालाना आधार पर तिमाही आधार पर पूरे साल (FY26) में BHEL का प्रदर्शन नतीजों के बाद शेयर करीब 7% चढ़कर ₹377 पर पहुंचा BHEL का शेयर नतीजों के बाद 52 हफ्ते के उच्च स्तर 399 रुपए पर पहुंच गया था। हालांकि अभी ये थोड़ा नीचे आया है और ये 7% चढ़कर ₹377 पर कारोबार कर रहा है। बीते एक साल में शेयर में 65% की तेजी आई थी। वहीं 6 महीने में शेयर 41% चढ़ा है। नॉलेज पार्ट: क्या होती है ‘महारत्न’ कंपनी? भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को उनकी परफॉर्मेंस और टर्नओवर के आधार पर महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा देती है। ‘महारत्न’ का दर्जा उन कंपनियों को मिलता है जिनका पिछले 3 साल का औसत सालाना नेट प्रॉफिट 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो या औसत सालाना टर्नओवर 25,000 करोड़ रुपए से अधिक हो।

BHEL का मुनाफा 156% बढ़कर ₹1,290 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 37% की ग्रोथ, निवेशकों को हर शेयर पर ₹1.40 का डिविडेंड देने का ऐलान

BHEL का मुनाफा 156% बढ़कर ₹1,290 करोड़ हुआ:रेवेन्यू में 37% की ग्रोथ, निवेशकों को हर शेयर पर ₹1.40 का डिविडेंड देने का ऐलान

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 156% बढ़कर 1,290.47 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 504.45 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। BHEL का रेवेन्यू 37% बढ़कर 12,310.37 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 8,993.37 करोड़ रुपए था। शेयरधारकों के लिए ₹1.40 के डिविडेंड का ऐलान भी किया गयाहै। BHEL ने आज 4 मई को जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। पूरे वित्त वर्ष में मुनाफा 200% बढ़कर 1,600 करोड़ पहुंचा महारत्न कंपनी का सालभर का कुल मुनाफा भी 200% बढ़कर 1,600.26 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 533.90 करोड़ रुपए था। वहीं, पूरे वित्त वर्ष में रेवेन्यू 19% बढ़कर 33,782.18 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। FY25 में यह 28339.48 करोड़ रुपए रहा था। FY26 की चौथी तिमाही में BHEL का प्रदर्शन सालाना आधार पर तिमाही आधार पर पूरे साल (FY26) में BHEL का प्रदर्शन नतीजों के बाद शेयर करीब 7% चढ़कर ₹377 पर पहुंचा BHEL का शेयर नतीजों के बाद 52 हफ्ते के उच्च स्तर 399 रुपए पर पहुंच गया था। हालांकि अभी ये थोड़ा नीचे आया है और ये 7% चढ़कर ₹377 पर कारोबार कर रहा है। बीते एक साल में शेयर में 65% की तेजी आई थी। वहीं 6 महीने में शेयर 41% चढ़ा है। नॉलेज पार्ट: क्या होती है ‘महारत्न’ कंपनी? भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को उनकी परफॉर्मेंस और टर्नओवर के आधार पर महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा देती है। ‘महारत्न’ का दर्जा उन कंपनियों को मिलता है जिनका पिछले 3 साल का औसत सालाना नेट प्रॉफिट 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो या औसत सालाना टर्नओवर 25,000 करोड़ रुपए से अधिक हो।

विरुगमबक्कम के नेतृत्व में मंच पर वायरल आंसू: विजय के ड्राइवर का बेटा भावनात्मक चुनावी पटकथा लिख ​​रहा है | भारत समाचार

Palakkad reported a voter turnout of 79.22% this assembly elections.

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 15:31 IST 30 वर्षीय सबरीनाथन, विजय के लंबे समय के ड्राइवर और निजी सहायक राजेंद्रन के बेटे हैं, जो अभिनेता की पहली फिल्म नालया थीरपु के बाद से उनके साथ हैं। वायरल क्लिप, जब विजय ने मार्च के अंत में पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा की, तब शूट किया गया, जिसमें सबरीनाथन को मंच पर रोते हुए दिखाया गया है, अभिनेता अपने आँसू पोंछ रहे हैं और उन्हें गले लगा रहे हैं। अभिनेता-राजनेता विजय के पूर्व ड्राइवर के बेटे आर सबरीनाथन तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे चर्चित चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं, जब उनका नाम तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के उम्मीदवारों में सामने आया और मंच पर रोते हुए उनका एक भावनात्मक वीडियो वायरल हो गया। अब, रुझानों से पता चलता है कि वह न केवल चुनाव लड़ रहे हैं बल्कि चेन्नई के विरुगमबक्कम में डीएमके प्रतिद्वंद्वी का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसने एक मार्मिक पारिवारिक क्षण को एक शक्तिशाली राजनीतिक कथा में बदल दिया है। आर सबरीनाथन कौन हैं और अब उनकी हालत कैसी है? 30 वर्षीय सबरीनाथन, विजय के लंबे समय के ड्राइवर और निजी सहायक राजेंद्रन के बेटे हैं, जो अभिनेता की पहली फिल्म नालया थीरपु के बाद से उनके साथ हैं। वह टीवीके के टिकट पर विरुगमबक्कम से चुनाव लड़ रहे हैं और रुझानों के अनुसार, उस क्षेत्र में डीएमके उम्मीदवार से आगे हैं, जिससे टीवीके को एक प्रमुख शहरी सीट पर प्रतीकात्मक जीत मिली है। वह पुराना “रोता हुआ” वीडियो फिर से सुर्खियों में क्यों है? वायरल क्लिप, जब विजय ने मार्च के अंत में पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा की, तब शूट किया गया, जिसमें सबरीनाथन को मंच पर रोते हुए दिखाया गया है, अभिनेता अपने आँसू पोंछ रहे हैं और उन्हें गले लगा रहे हैं। यह फुटेज सोशल मीडिया पर फिर से सामने आ गया है, प्रशंसकों और राजनीतिक दर्शकों ने फिर से उस भावनात्मक क्षण का विश्लेषण किया है, जो विजय की “अपनी कोर टीम के प्रति वफादारी” और “ड्राइवर के बेटे” की कहानी का संक्षिप्त रूप बन गया है। सबरीनाथन की मंच के पीछे की कहानी क्या है? एक व्यक्तित्व-आधारित आलेख में, समाचार एजेंसी पीटीआई पता लगाया कि कैसे सबरीनाथन के पिता शुरू में चाहते थे कि वह राजनीति में प्रवेश करने के बजाय एक इंजीनियर बनें, जो एक क्लासिक भारतीय मध्यवर्गीय आकांक्षा संघर्ष को दर्शाता है। सबरीनाथन ने एजेंसी को बताया कि उन्होंने अपने पिता की बात मानने की कोशिश की, लेकिन अंततः “पीठ के पीछे” जाकर विजय से सीधे बात की और उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए मना लिया, जिसके बाद विजय ने राजेंद्रन को अपने बेटे की राजनीतिक शुरुआत की अनुमति देने के लिए राजी किया। आख़िरकार वह टीवीके से कैसे जुड़े और विरुगमबक्कम क्यों? एक अंतराल के बाद, सबरीनाथन कथित तौर पर 2024 में औपचारिक रूप से टीवीके में शामिल होने के लिए चेन्नई लौट आए, और खुद को एक पैदल सैनिक के रूप में स्थापित किया, जो पार्टी की जमीनी संरचनाओं के माध्यम से आगे बढ़े। टीवीके ने उन्हें राजेंद्रन की दशकों की वफादारी का सम्मान करने के एक प्रतीकात्मक संकेत के रूप में विरुगमबक्कम से मैदान में उतारा, लेकिन साथ ही पार्टी को विजय के लंबे समय के सहयोगियों के परिवारों के लिए “दूसरी पीढ़ी” के घर के रूप में पेश करने के एक सुविचारित प्रयास के रूप में भी। यह विजय की छवि-निर्माण के बारे में क्या कहता है? एक ड्राइवर के बेटे को एमएलए का टिकट देकर, विजय “रिक्शा से राजभवन तक” शैली की सामाजिक गतिशीलता की कहानी को मजबूत कर रहे हैं, जो उनके प्रशंसक-राजनीतिक आधार के बीच लोकप्रिय है। आंसू भरा वीडियो, जिसे अब चुनाव कवरेज के दौरान व्यापक रूप से दोहराया जाता है, वफादारी, भावना और अस्पष्टता से बाल-बाल बचने के लिए एक दृश्य रूपक के रूप में काम करता है – सामग्री विजय की मशीनरी बड़े टीवीके ब्रांड के हिस्से के रूप में पैकेजिंग कर रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विरुगमबक्कम के नेतृत्व में मंच पर वायरल आँसू: विजय के ड्राइवर का बेटा भावनात्मक चुनावी पटकथा लिख ​​रहा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आर सबरीनाथन(टी)विजय थलापति(टी)तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026(टी)टीवीके

Bael Fruit Benefits: ना दवा, ना टेंशन! बेल का ये देसी नुस्खा रखेगा आपको हेल्दी, मिलेंगे जबरदस्त फायदे

बेल का फल

Last Updated:May 04, 2026, 15:31 IST गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने के लिए बेल का फल एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय माना जाता है. आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है, जो पाचन सुधारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और लू से बचाने में मदद करता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं. गोंडा: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक देने वाले फलों की जरूरत बढ़ जाती है. ऐसे में बेल का फल एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि के रूप में सामने आता है. यह न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है, बल्कि कई बीमारियों से बचाने और उन्हें ठीक करने में भी मदद करता है. आयुर्वेद में बेल को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, जहां इसके फल, पत्ते और जड़ तक का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है. पेट की समस्याओं में बेहद फायदेमंद: बेल का फल पेट के लिए लाभकारी माना जाता है और आयुर्वेद में इसे खास महत्व दिया गया है. कब्ज, गैस, अपच और दस्त जैसी समस्याओं में इसका सेवन राहत देता है. बेल का शरबत पीने से पेट को ठंडक मिलती है और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. इसमें मौजूद फाइबर आंतों को मजबूत बनाता है और भोजन पचाने में मदद करता है. खासकर डायरिया या लूज मोशन में बेल का गूदा असरदार होता है, जिससे जल्दी आराम मिलता है और शरीर की कमजोरी भी कम होती है. कैसे करें बेल का सेवन: बेल का सबसे आसान तरीका है इसका शरबत बनाकर पीना. इसके अलावा इसके गूदे को सीधे भी खाया जा सकता है. कुछ लोग बेल का मुरब्बा या पाउडर बनाकर भी उपयोग करते हैं. हालांकि, इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा लेने से कब्ज की समस्या हो सकती है. किसी भी बीमारी में इसे औषधि के रूप में लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. Add News18 as Preferred Source on Google लू और गर्मी से बचाव: गर्मी के मौसम में लू लगना एक आम समस्या है, जिससे शरीर में कमजोरी, चक्कर और थकान महसूस होती है. ऐसे में बेल का शरबत एक प्राकृतिक उपाय के रूप में फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है और तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है. बेल में मौजूद पोषक तत्व शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाने में सहायक होते हैं. नियमित सेवन से गर्मी का असर कम हो सकता है और शरीर तरोताजा बना रहता है, जिससे लू लगने का खतरा भी घटता है. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक: बेल का फल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. नियमित सेवन से शरीर बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहता है, खासकर मौसम बदलने के समय जब सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. यह शरीर को ऊर्जा देता है, कमजोरी दूर करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर स्वस्थ और फिट बनाए रखने में मदद करता है. डायबिटीज में भी फायदेमंद: बेल के पत्ते और फल डायबिटीज के मरीजों के लिए उपयोगी माने जाते हैं. इनमें मौजूद प्राकृतिक गुण ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं. नियमित और सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से इंसुलिन की क्रिया बेहतर हो सकती है. खासकर बेल के पत्तों का रस पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है. हालांकि, हर व्यक्ति की सेहत अलग होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. दिल को रखता है स्वस्थ: बेल का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा घट सकता है. नियमित सेवन से रक्त संचार बेहतर होता है और धमनियों को स्वस्थ रखने में सहायता मिलती है. इसके साथ ही यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी मदद करता है, जिससे दिल को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग मिलता है. त्वचा के लिए भी लाभकारी: बेल का फल त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे त्वचा साफ, मुलायम और चमकदार बनती है. नियमित सेवन से पिंपल्स, दाग-धब्बे और अन्य त्वचा समस्याओं में कमी आ सकती है. यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक होता है, जिससे त्वचा पर प्राकृतिक निखार आता है. गर्मियों में इसका सेवन त्वचा को ठंडक देता है और उसे स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. मुंह के छालों में राहत: अगर मुंह में छाले हो जाते हैं और जलन या दर्द महसूस होता है, तो बेल का सेवन राहत दे सकता है. बेल का गूदा स्वभाव से ठंडा होता है, जो मुंह की जलन को शांत करता है और छालों को जल्दी ठीक होने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से मुंह की अंदरूनी गर्मी कम हो सकती है, जो छालों का एक बड़ा कारण मानी जाती है. गर्मियों में इसका सेवन न सिर्फ छालों में आराम देता है, बल्कि मुंह को ताजा और स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक होता है.

7.50% से कम ब्याज पर मिल रहा होम लोन:बैंक ऑफ इंडिया 7.10% इंटरेस्ट रेट पर कर्ज दे रहा, देखें 5 बैंकों की ब्याज दरें

7.50% से कम ब्याज पर मिल रहा होम लोन:बैंक ऑफ इंडिया 7.10% इंटरेस्ट रेट पर कर्ज दे रहा, देखें 5 बैंकों की ब्याज दरें

इन दिनों अगर आप घर खरीदने के लिए होम लोन लेने को प्लान बना रहे हैं, तो आपको देश के प्रमुख बैंकों की ब्याज दरों के बारे में पता होना चाहिए। बैंक ऑफ इंडिया में होम लोन की ब्याज दर 7.80% से शुरू हो रही है। वहीं SBI की ब्याज दर 7.25% से शुरू है। ऐसे में लोन अप्लाई करना चाहते हैं तो इससे पहले आपका ये जानना बहुत जरूरी है कि किस बैंक से लोन लेना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। होम लोन लेते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान 1. प्री-पेमेंट पेनल्टी की जानकारी जरूर लें कई बैंक समय से पहले लोन अदा करने पर पेनल्टी लगाते हैं। ऐसे में बैंकों से इस बारे में पूरी डिटेल ले लें, क्योंकि समय से पहले लोन अदा करने पर बैंकों को उम्मीद के मुताबिक कम ब्याज मिलता है। ऐसे में उनकी ओर से कुछ टर्म एडं कंडीशन लगाए जाते हैं। इसलिए होम लोन लेते वक्त इस बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें। 2. अपने सिबिल स्कोर का ध्यान रखें आपको होम लोन किस ब्याज दर सिबिल स्कोर पर भी निर्भर करती है। सिबिल स्कोर से व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री का पता चलता है। सिबिल स्कोर कई खास क्रेडिट प्रोफाइलिंग कंपनियों की तरफ से तय किया जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि आपने पहले लोन लिया है या क्रेडिट कार्ड आदि का इस्‍तेमाल किस प्रकार किया है। किसी भी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर रीपेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट इस्तेमाल का अनुपात, मौजूदा लोन और बिलों के समय पर पेमेंट से पता चलता है।यह स्कोर 300-900 की रेंज में होता है, लेकिन 700 या उससे ज्यादा के स्कोर को कर्जदाता अच्छा मानते हैं। 3. ऑफर्स का रखें ध्यान बैंक समय- समय पर लोन लेने वालों को बेहतर ऑफर्स उपलब्ध कराते रहते हैं। ऐसे में आप लोन लेने से पहले सभी बैंकों के ऑफर्स के बारे में पता कर लें। क्योंकि जल्दबाजी में लोन लेना आपके लिए गलत साबित हो सकता है। लोन लेने से पहले सही से छानबीन कर लें। 4. लंबी अवधि का लोन ईएमआई तो कम करेगा, पर जेब पर पड़ेगा भारी लोन लेते समय लोग अक्सर ईएमआई कम रखने के लिए लंबी अवधि (टेन्योर) चुनते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि जितना लंबा समय होगा, आपको कुल ब्याज उतना ही ज्यादा चुकाना पड़ेगा। अपनी वित्तीय स्थिति और हर महीने की बचत को देखते हुए एक बैलेंस समय चुनें, ताकि आप पर कर्ज का बोझ ज्यादा समय तक न रहे।

पिता-बेटे के शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर का इनकार:जबलपुर एयरपोर्ट पर कहा- बदबू आ रही; अधिकारियों ने मनाया-स्प्रे छिड़का, तब भरी उड़ान

पिता-बेटे के शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर का इनकार:जबलपुर एयरपोर्ट पर कहा- बदबू आ रही; अधिकारियों ने मनाया-स्प्रे छिड़का, तब भरी उड़ान

जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में सिस्टम की लापरवाही से 13 जानें चली गईं। प्राथमिक जांच में खराब मौसम के अलर्ट की अनदेखी को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। हद तो ये है कि मृतकों के शव की भी दुर्दशा की जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले आर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर और उनके 5 साल के बेटे श्रीतमिल का शव ले जाने से फ्लाइट ऑपरेटर ने मना कर दिया। तर्क दिया कि बॉडी डी-कंपोज हो रही हैं। बदबू आ रही है। ऐसे में वह इन्हें नहीं ले जा सकता है। इसका पता लगते ही प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हुए और ऑपरेटर को समझाकर शव फ्लाइट में रखवाए। इसकी वजह से फ्लाइट ने अपने निर्धारित समय से एक घंटे देरी से उड़ान भरी। पहले जानिए, हादसा कैसे हुआ… मौसम खराब होने के कारण रविवार को नहीं भरी उड़ान जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का क्रूज डूबा था। इसमें सवार 13 टूरिस्ट की मौत हो गई। उसी दिन 30 अप्रैल को 4 शव, एक मई को 5, दो मई को 2 और तीन मई को दो शव तैरते मिले। मृतकों में 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं। 28 लोगों को बचा लिया गया था। श्रीतमिल का शव दो मई को मिला था जबकि कामराज की लाश 3 मई की सुबह मिली। रविवार शाम को ही कामराज और श्रीतमिल का शव लेकर खमरिया अस्पताल से एम्बुलेंस डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई। रांझी पहुंचने पर जानकारी मिली कि त्रिची का मौसम खराब है, विमान लैंड नहीं कर पाएगा। इस पर एम्बुलेंस वापस अस्पताल आ गई और दोनों शव मरचुरी में रखवा दिए गए। ऑपरेटर ने कहा- बदबू आ रही है, बॉडी नहीं ले जा सकता आर्डनेंस फैक्ट्री में कामराज के सहकर्मी सुरेश कन्ना ने दैनिक भास्कर को बताया- सोमवार सुबह 6 बजे तय समय पर एम्बुलेंस से शव लेकर डुमना एयरपोर्ट पहुंच गए थे। साढ़े 7 बजे जेट सर्व एविएशियन कंपनी का चार्टेड प्लेन आया। इसे मध्य प्रदेश सरकार ने हायर किया था। जैसे ही बॉडी उसमें रखी गईं, फ्लाइट ऑपरेटर ने कहा कि शवों से बदबू आ रही है, ऐसे में उनको नहीं ले जाया जा सकता। मामले की जानकारी कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को लगी तो उन्होंने रांझी एसडीएम मोनिका वाघमारे और तहसीलदार आदर्श जैन को एयरपोर्ट भेजा। उन्होंने स्प्रे की व्यवस्था की। दोनों शवों की दोबारा कॉफिन में टेपिंग की गई। इसके बाद करीब 9 बजे फ्लाइट त्रिची के लिए रवाना हो सकी। परिवार के 3 सदस्यों की मौत, केवल बड़ा बेटा ही बचा कामराज मूलत: तमिलनाडु में त्रिची के रहने वाले थे। 2010 में आर्डनेंस फैक्ट्री में उनकी जॉब लगी। परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे थे। क्रूज हादसे में कामराज का सिर्फ बड़ा बेटी पूवीथरन ही बचा है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… क्रूज हादसे के को-पायलट का खुलासा-एक इंजन स्लो था जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूबने से 13 लोगों की जान चली गई। क्रूज के को-पायलट महेश पटेल थे। उनका कहना है कि क्रूज का एक इंजन स्लो था। इसने काम करना बंद कर दिया। फिर क्रूज एक तरफ झुकते हुए पानी में डूब गया। पढ़ें पूरी खबर…

सौंफ vs सत्तू शरबत: 45 डिग्री में शरीर को कौन देगा ठंडक और किससे मिलेगी ताकत?

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Fennel Vs Sattu Sharbat: गर्मी जैसे ही अपने तेवर दिखाने लगती है, सबसे पहला सवाल यही होता है-ऐसा क्या पिएं जो शरीर को ठंडक भी दे और थकान भी दूर करे? सड़क किनारे ठेले से लेकर घर की रसोई तक, दो नाम बार-बार सुनाई देते हैं-सौंफ शरबत और सत्तू शरबत. दोनों ही देसी, सस्ते और सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन जब बात आती है तेज़ गर्मी में तुरंत राहत और लंबे समय तक एनर्जी की, तो लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं. क्या सौंफ का ठंडा असर ज्यादा काम का है या सत्तू का दमदार पोषण? इसी सवाल का जवाब जानने के लिए हमने इन दोनों देसी ड्रिंक्स को करीब से समझा, ताकि आप अपने दिन और जरूरत के हिसाब से सही चुनाव कर सकें. सौंफ शरबत: तुरंत ठंडक का देसी तरीका-पाचन से लेकर ठंडक तक का फायदा सौंफ शरबत का नाम सुनते ही ठंडक का एहसास होने लगता है. इसमें मौजूद नैचुरल कूलिंग प्रॉपर्टीज शरीर के तापमान को जल्दी कम करने में मदद करती हैं. कई घरों में खाना खाने के बाद सौंफ चबाने की आदत होती है, क्योंकि यह पाचन को आसान बनाती है. यही फायदा शरबत के रूप में भी मिलता है. -गर्म दोपहर में अगर सिर भारी लग रहा हो या हल्की जलन महसूस हो रही हो, तो सौंफ शरबत तुरंत राहत देता है. खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें एसिडिटी या पेट से जुड़ी दिक्कत रहती है, यह काफी सुकून देने वाला ऑप्शन है. हल्का और रिफ्रेशिंग ड्रिंकसौंफ शरबत बहुत हल्का होता है. इसे पीने के बाद पेट भरा-भरा नहीं लगता, बल्कि फ्रेशनेस महसूस होती है. यही वजह है कि ऑफिस या घर में काम के बीच इसे पीना आसान रहता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. सत्तू शरबत: ताकत और हाइड्रेशन का पावर पैक-लंबे समय तक एनर्जी का साथ सत्तू शरबत बिहार और आसपास के इलाकों में सालों से गर्मी का भरोसेमंद साथी रहा है. भुने हुए चने से बनने वाला सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है. यह सिर्फ प्यास नहीं बुझाता, बल्कि शरीर को ताकत भी देता है. -अगर आप दिनभर फील्ड में काम करते हैं, ज्यादा यात्रा करते हैं या धूप में रहना पड़ता है, तो सत्तू शरबत आपको लंबे समय तक एनर्जी देता है. यह धीरे-धीरे डाइजेस्ट होता है, जिससे बार-बार भूख भी नहीं लगती. बेहतर हाइड्रेशन और कम थकानसत्तू में नमक, नींबू और पानी मिलाकर पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहता है. यही वजह है कि इसे पीने के बाद थकान जल्दी नहीं होती और शरीर ज्यादा देर तक हाइड्रेटेड रहता है. सौंफ vs सत्तू: किसका असर ज्यादा?तुरंत राहत या लंबी ताकत?-अगर आपका मकसद तेज गर्मी से तुरंत राहत पाना है, तो सौंफ शरबत ज्यादा असरदार है. यह शरीर को जल्दी ठंडा करता है और हल्का होने की वजह से तुरंत असर दिखाता है. -लेकिन अगर आपको दिनभर काम करना है और बार-बार थकान महसूस होती है, तो सत्तू शरबत बेहतर विकल्प है. यह शरीर को धीरे-धीरे एनर्जी देता है और लंबे समय तक हाइड्रेशन बनाए रखता है. रोजमर्रा की लाइफ से उदाहरणमान लीजिए आप घर पर हैं, कूलर चल रहा है और बस हल्की ठंडक चाहिए-यहां सौंफ शरबत सही रहेगा. वहीं अगर आप बाहर बाजार जा रहे हैं या धूप में सफर करना है, तो सत्तू शरबत ज्यादा काम आएगा. कौन सा शरबत चुनें?सच कहें तो यह पूरी तरह आपकी जरूरत पर निर्भर करता है. सौंफ शरबत उन पलों के लिए बेहतर है जब आपको तुरंत ठंडक और पेट को राहत चाहिए. दूसरी तरफ, सत्तू शरबत उन दिनों के लिए परफेक्ट है जब शरीर को ज्यादा ताकत और लंबी हाइड्रेशन चाहिए. दोनों ही पेय अपने-अपने तरीके से फायदेमंद हैं और अगर सही मात्रा में पिए जाएं, तो गर्मी में आपकी सेहत को संतुलित रख सकते हैं. हां, अगर आपको कोई खास हेल्थ कंडीशन है, तो इन्हें रोजाना डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना समझदारी होगी.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सुनामी ने ममता बनर्जी को डुबोया: 15 साल में टीएमसी की बड़ी हार के 5 कारण | भारत समाचार

Palakkad reported a voter turnout of 79.22% this assembly elections.

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 15:06 IST भाजपा वर्तमान में 194 सीटों पर आगे चल रही है, जो बहुमत के 148 के आंकड़े से काफी आगे है, जबकि टीएमसी 92 सीटों पर सिमट गई है। पिछले चुनाव के विपरीत, भाजपा ने स्थानीय शासन और भाषाई पहचान पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ममता बनर्जी पर सीधे, आक्रामक हमलों की जगह अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया। (पीटीआई फ़ाइल) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: भाजपा पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खिलाफ बढ़त के साथ उतरी थी, लेकिन उसने इतिहास रचा और ममता बनर्जी सरकार को उखाड़ फेंका, जिसने पिछले 15 वर्षों से राज्य पर शासन किया था। चुनाव आयोग के नवीनतम रुझानों के अनुसार, भाजपा वर्तमान में 194 सीटों पर आगे चल रही है, जो बहुमत के 148 के आंकड़े से काफी आगे है, जबकि टीएमसी 92 सीटों पर सिमट गई है – जो कि 2021 में 215 सीटों की भारी गिरावट से काफी कम है। 2026 के चुनावों में टीएमसी की हार के पांच प्रमुख कारण यहां दिए गए हैं: 1. वोट शेयर का नुकसान इस चुनाव का सबसे बड़ा आँकड़ा टीएमसी का गिरता वोट शेयर है। 2021 में लगभग 48% के शिखर पर पहुंचने के बाद, पार्टी इस चुनाव में 41% पर फिसल गई है। ऐसे राज्य में जहां चुनावों का फैसला अक्सर बेहद कम अंतर से होता है, वहां यह 7% का उतार-चढ़ाव घातक साबित हुआ। 2021 में टीएमसी ने 16 सीटें जीतीं, जहां जीत का अंतर 2% से कम था। इस बार, भाजपा ने स्क्रिप्ट पलट दी है और ऐसी 28 “फोटो-फिनिश” सीटों में से 25 पर आगे चल रही है। 2. दक्षिणी गढ़ का उल्लंघन एक दशक से अधिक समय तक, दक्षिण बंगाल टीएमसी की अभेद्य ढाल था। जबकि उत्तरी बंगाल पारंपरिक रूप से भाजपा की ओर झुका हुआ था, “प्रेसीडेंसी” और “मेदिनीपुर” क्षेत्र हमेशा ममता के साथ खड़े रहे। 2026 में, भाजपा ने हावड़ा, हुगली और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में गहरी पैठ बनाते हुए, दक्षिणी हृदय क्षेत्र में सफलतापूर्वक सेंध लगाई। इन गढ़ों की हार ने एक प्रतिस्पर्धी दौड़ को पराजय में बदल दिया। 3. 15 साल की सत्ता विरोधी लहर और बेरोजगारी लगातार तीन कार्यकाल के बाद, टीएमसी को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा। लगातार आरोपों के कारण पार्टी की “गरीब-समर्थक” छवि ख़राब हो गई। भर्ती और स्थानीय शासन में बार-बार होने वाले घोटालों ने मध्यम वर्ग के विश्वास को खत्म कर दिया। राजनीतिक हिंसा और “सिंडिकेट संस्कृति” से जुड़े मुद्दे केंद्रीय अभियान विषय बन गए जिन्हें बेअसर करने के लिए टीएमसी को संघर्ष करना पड़ा। जैसा कि भाजपा ने आरोप लगाया है, पश्चिम बंगाल में उद्योगों की कमी अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर प्रवास के कारणों में से एक है। यह मुद्दा भाजपा के चुनाव अभियान के केंद्र में था, लेकिन इसने उद्योगों और नौकरियों को लाने का भी वादा किया था। अपनी रैलियों में केंद्रीय गृह मंत्री ने वादा किया कि बीजेपी हर साल युवाओं को 1 लाख नौकरियां देगी. अपने घोषणापत्र में, भाजपा ने पश्चिम बंगाल के लिए एक औद्योगिक और रोजगार रणनीति की रूपरेखा तैयार की, जिसमें 25,000 करोड़ रुपये के “सोनारबांग्ला” फंड पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसका उद्देश्य 10 लाख स्थानीय उद्यमियों को ब्याज मुक्त बीज पूंजी प्रदान करना है। पार्टी ने उत्तर बंगाल में चाय एसईजेड, हल्दिया में ग्रीन हाइड्रोजन हब और आसनसोल-दुर्गापुर बेल्ट में ईवी विनिर्माण क्लस्टर स्थापित करके उद्योग को विकेंद्रीकृत करने का वादा किया। 4. तुष्टीकरण टैग चुनाव अत्यधिक ध्रुवीकृत माहौल में लड़ा गया। भाजपा ने सफलतापूर्वक टीएमसी के शासन को “तुष्टिकरण की राजनीति” के रूप में पेश किया, जिसमें मुख्यमंत्री पर दूसरों की कीमत पर एक विशिष्ट वोट बैंक को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया गया। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) – जिसमें लगभग 89 लाख नाम (मतदाताओं का लगभग 11.6%) हटा दिए गए – एक केंद्र बिंदु बन गया। जबकि टीएमसी ने इसे अपने मतदाताओं, विशेष रूप से मुसलमानों को मताधिकार से वंचित करने के लिए एक “साजिश” करार दिया, भाजपा ने “स्वच्छ और पारदर्शी” नागरिकता प्रक्रिया का वादा करते हुए, अपने आधार को मजबूत करने के लिए “एसआईआर विरोधी” कथा का इस्तेमाल किया। 5. बीजेपी की रणनीति में बदलाव पिछले चुनाव के विपरीत, भाजपा ने स्थानीय शासन और भाषाई पहचान पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ममता बनर्जी पर सीधे, आक्रामक हमलों की जगह अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया। केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों-जिनमें हिमंत बिस्वा सरमा और योगी आदित्यनाथ शामिल हैं-को न केवल रैलियों के लिए बल्कि बूथ-स्तरीय सूक्ष्म-प्रबंधन के लिए बड़े पैमाने पर तैनात किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि इन नेताओं ने अपने भाषणों को व्यक्तिगत हमलों के बजाय केंद्रीय कल्याण लाभों और सुरक्षा मुद्दों पर केंद्रित किया, और कथा को “वितरण बनाम व्यवधान” पर केंद्रित रखा। भाजपा की गति का मुकाबला करने के लिए, टीएमसी ने भी अपने INDI गठबंधन सहयोगियों पर भरोसा किया। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव बड़े पैमाने पर रोड शो करते हुए प्रचार अभियान में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे। उनकी उपस्थिति गैर-बंगाली और अल्पसंख्यक वोटों को टीएमसी के पक्ष में एकजुट करने का एक लक्षित प्रयास था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सुनामी ने ममता बनर्जी को डुबोया: 15 साल में टीएमसी की बड़ी हार के 5 कारण अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी की जीत पश्चिम 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झाल मुरी रेसिपी: घर पर कैसे बनी खरी-खरी झालमुड़ी? बंगाल चुनाव में खूब हुई चर्चा, जानें आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

झालमुड़ी बंगाल का फेवरेट स्ट्रीट फूड है, जो मुरमुरे, मिनिस्ट्री और ताजी ट्रॉली के साथ तैयार किया जाता है। इसका तीखा और कट्टा स्वाद लोगों को काफी पसंद आता है। इसे बनाना काफी आसान तरीका है। छवि: फ्रीपिक झालमुड़ी बनाने के लिए जिन सामग्रियों की आवश्यकता होती है, उनमें मुरमुरे, नींबू कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, मसाले वाले आलू, धनिया पत्ती, मसाले का तेल, नींबू का रस, नमक और चाट मसाला शामिल होना चाहिए। छवि: फ्रीपिक झालमुड़ी का असली स्वाद इसके पाउडर में छिपा होता है। सरसों का तेल और चाट मसाला इसे खलस बैला फ्लेवर देते हैं, जो इसे बाकी हिस्सों से अलग और टेस्टी बना देते हैं। छवि: फ्रीपिक झालमुड़ी बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में मुरमुरे लें। मसाले, टमाटर, सब्जी आलू और हरी मिर्च डालें। अब इसमें नमक, चाट मसाला, सरसों का तेल और नींबू का रस स्टाक अच्छी तरह से मिला हुआ है। छवि: फ्रीपिक अगर आप इसे और अधिक तीखा बनाना चाहते हैं, तो इसमें लाल मिर्च पाउडर या हरी मिर्च दाल ले सकते हैं। ऊपर से धनिया पत्ती का स्वाद और बढ़ जाता है। छवि: फ्रीपिक झालमुड़ी को आप शाम के समय या फिर लंबी भूख लीव पर खा सकते हैं। यह झटपट बनने वाला ताकत और टेस्टी बास्ट है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट) झाल मुरी रेसिपी(टी)बंगाली स्ट्रीट फूड(टी)मसालेदार स्नैक रेसिपी(टी)आसान भारतीय स्नैक्स(टी)मुरमुरा रेसिपी(टी)कोलकाता स्ट्रीट फूड(टी)त्वरित स्नैक विचार(टी)घर का बना स्ट्रीट फूड(टी)भारतीय चाट रेसिपी