Sunday, 20 Sep 2026 | 05:27 AM

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सेंसेक्स 500 अंक चढ़कर 77,600 के स्तर पर:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा

सेंसेक्स 500 अंक चढ़कर 77,600 के स्तर पर:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा

भारतीय शेयर बाजार में आज यानी बुधवार, 6 मई को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 500 अंक की तेजी के साथ 77,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 200 अंकों से ज्यादा की तेजी है, ये 24,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी 50 के टॉप 5 गेनर्स निफ्टी 50 के टॉप 5 लूजर्स एशियाई बाजार में भी आज तेजी 5 मई को अमेरिकी बाजार में तेजी रही थी 7 दिन में FII ने 8,834 करोड़ रुपए के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। मंगलवार को सेंसेक्स 251 अंक गिरकर बंद हुआ था सेंसेक्स मंगलवार, 5 मई को 251 अंक (0.33%) की गिरावट के साथ 77,017 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 86 अंकों (0.36%) की गिरावट रही, ये 24,032 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में ऑटो और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी रही, जबकि रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही।

Apple vs Banana: सेहत की जंग में कौन है ज्यादा ताकतवर? सेब या केले, यहां जानें सही जवाब

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Apple vs Banana: स्वस्थ रहने के लिए हम अक्सर अपने आहार में फलों को शामिल करते हैं. लेकिन जब तुलना करने की बात आती है, तो यह सवाल उठता है. आखिर में ज़्यादा फ़ायदेमंद कौन सा है सेब या केला? दोनों ही फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, फिर भी उनके फ़ायदे अलग-अलग होते हैं. आइए जानते हैं कि अलग-अलग मामले में कौन सा फल बेहतर साबित होता है… सेबहेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक सेब में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और वज़न को नियंत्रित रखने में मदद करता है. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक होते हैं और दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. यही वजह है कि यह कहावत “रोज़ एक सेब खाओ, डॉक्टर को दूर भगाओ” इतनी मशहूर है. केला केले तुरंत ऊर्जा पाने का सबसे अच्छा स्रोत हैं. इनमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन B6 भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों को मज़बूत बनाने और शरीर में ऊर्जा का स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं. यही कारण है कि एथलीट और जिम जाने वाले लोग केले खाना पसंद करते हैं। वज़न घटाने के लिए फायदेमंदजब वज़न घटाने की बात आती है, तो सेब को एक बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि उनमें कैलोरी कम और फ़ाइबर ज़्यादा होता है. दूसरी ओर, अगर आपको तुरंत एनर्जी चाहिए या आप कमज़ोरी महसूस कर रहे हैं, तो केले ज़्यादा असरदार साबित होते हैं. पाचन के लिए के लिए फायदेमंदपाचन के लिए इन दोनों के अपने-अपने अलग फ़ायदे हैं. सेब आंतों को साफ़ रखने में मदद करते हैं, जबकि केले कब्ज़ और एसिडिटी से राहत दिलाते हैं. इसके अलावा, केले पेट को ठंडक देते हैं और लंबे समय तक भूख को दूर रखने में मदद करते हैं. दिल के लिए फायदेमंदजब दिल की सेहत की बात आती है, तो ये दोनों ही फ़ायदेमंद हैं सेब अपने एंटीऑक्सीडेंट्स की वजह से, और केले अपने पोटैशियम की वजह से. इसलिए, यह कहना सही नहीं होगा कि इनमें से कोई एक दूसरे से पूरी तरह बेहतर है. कौन है सबसे फायदेमंदजब दिल की सेहत की बात आती है, तो ये दोनों ही फ़ायदेमंद हैं. सेब अपने एंटीऑक्सीडेंट्स की वजह से, और केले अपने पोटैशियम की वजह से. इसलिए, यह कहना सही नहीं होगा कि इनमें से कोई एक दूसरे से पूरी तरह बेहतर है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. ( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा

‘ममता बनर्जी ने एक छोटी बच्ची के साथ ऐसा व्यवहार किया’, पूर्व गवर्नर और गैट रॉय ने कहा, न दी गई जिद

'ममता बनर्जी ने एक छोटी बच्ची के साथ ऐसा व्यवहार किया', पूर्व गवर्नर और गैट रॉय ने कहा, न दी गई जिद

त्रिपुरा के पूर्व गवर्नर तथागत रॉय ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अड़ियल धागे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बंगाल में भाजपा के लंबे संघर्ष को याद किया और कहा कि उम्मीदों की नई सरकार राज्य को आगे लेकर आएगी। पूर्व गवर्नर तथागत रॉय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में हिंसा-मुक्त चुनाव, भारतीय दूरसंचार आयोग पर नामांकन के आरोप और हार के बाद सोनिया गांधी की सदस्यता सहित कई विषयों पर अपने उत्तर दिए। सवालः बीजेपी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रही है। आप इस राजनीतिक बदलाव को कैसे देखते हैं?उत्तर उत्तर: बीजेपी के संघर्ष की शुरुआत बहुत दिन पहले हुई थी. भारतीय जनसंघ 1951 में बनाया गया और उनके संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे। इसका मतलब साफ है कि भारतीय जनसंघ से अलग भाजपा पश्चिम बंगाल की ही पार्टी है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बाद ऐसा कोई नहीं मिला, जो भारतीय जनसंघ का समर्थन कर सका। यह आपकी ही पार्टी बहुत छोटी हुई. एक समय भाजपा की स्थिति वर्तमान कांग्रेस और सीपीएम जैसी थी। राम मंदिर आंदोलन के बाद भाजपा का उदय हुआ। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गरीबी बिल्कुल बदल गई। 2016 में बंगाल में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया और फिर राज्य में लगातार पार्टियों का दबदबा बढ़ता गया. मित्रता रही कि 2021 में भाजपा बंगाल में चुनाव नहीं जीत पाई। हालाँकि, इसके बाद भाजपा ने अपना प्रयास तेज कर दिया। केंद्र के नेताओं ने राज्य इकाई को मजबूत बनाने का काम किया। 2026 की एक ही जीत का परिणाम है। यह भी पढ़ें:- राहुल गांधी का ‘हाथ’ विजय के साथ, कांग्रेस पार्टी टीवीके का समर्थन प्रश्न: राज्य में नई सरकार से आपके क्या विवरण हैं?उत्तर उत्तर: पिछले वेस्ट बंगाल में पीछे की ओर बाज़ारने का काम किया गया। यह काम पहले सी.पी.एम. ने किया और उसके बाद ओल्ड कांग्रेस ने राज्य को पीछे छोड़ दिया। आशा है कि नई भाजपा सरकार पश्चिम बंगाल को उसके आदर्शों से ऊपर उठाकर समर्थन देगी। वर्तमान राज्य की कानून व्यवस्था बहुत खराब है। भाजपा सरकार ने सबसे पहले राज्य की कानून व्यवस्था में सुधार किया। इसके अलावा, हथियार और मोटरसाइकिल के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रश्न: स्वतंत्र, राजनीतिक और हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने में चुनाव आयोग की भूमिका का आकलन आप कैसे करते हैं?उत्तर उत्तर: निश्चित रूप से निर्वाचन आयोग ने अच्छे से चुनावी ऑटोमोबाइल्स बनाए हैं। पश्चिम बंगाल में 1960 से 1960 के बीच कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से हिंसक संघर्ष शुरू हुआ। हर चुनाव के समय हिंसा हो रही है. 1988 के चुनाव में कांग्रेस को वोट देते समय कई लोगों के हाथ का पंजा ही काट दिया गया था. इसके खिलाफ कांग्रेस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की. लोकतंत्र के समय में सिर्फ चुनाव के वक्त नहीं, बल्कि किसी भी समय हिंसा हुई थी। हालाँकि, भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग ने इस बार चुनाव के समय इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह भी पढ़ें:- बंगाल में पहली बार बीजेपी की जीत अमेरिका से आई, जानिए पीएम मोदी से क्या कहा सवाल: ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे चुनाव हारे नहीं हैं, बल्कि उन्हें हराया है। आप इन सुझावों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं?उत्तर उत्तर: ममता बनर्जी ने एक छोटी बच्ची के साथ ऐसा व्यवहार किया। उन्हें अपना आरोप साबित करना चाहिए। प्रश्न: ममता बनर्जी ने कहा है कि उन्होंने पद छोड़ा नहीं है और जोर देकर कहा है कि वह हारी नहीं हैं। आप इस रुख की क्या व्याख्या करते हैं?उत्तर उत्तर: संविधान के संकाय सदस्यों को ममता बनर्जी अकेली नहीं रह सकतीं। 8 तारीख को वर्तमान विधानसभा का पद ही समाप्त हो जायेगा। नियमों के अनुसार, उनके बाद मुख्यमंत्री को पदस्थापित किया जाता है। विधान सभा का पद स्वयं समाप्त होता है: राष्ट्रपति शासन लगता है। इसके बाद गवर्नर चुनाव में सबसे बड़े दल को बुलाया जाएगा और फिर नई सरकार का गठन होगा। प्रश्न: आपको क्या लगता है कि ममता बनर्जी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड नामांकन के व्यवहार की घोषणा कर रही हैं, एक वामपंथी वामपंथी नेता को खारिज कर दिया गया था?उत्तर उत्तर: मुझे लगता है कि ममता बनर्जी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. एक बात स्पष्ट है कि अमेरिका और भारत का संविधान काफी फ़र्क है। ममता बनर्जी चुनाव हार गईं, और उन्हें पद पर ही बिठाया। सवाल: राहुल गांधी ने बंगाल में चुनावी नतीजों पर आरोप लगाया है और कहा है कि ममता बनर्जी की हार का जश्न नहीं मनाना चाहिए। यह ममता बनर्जी की हार नहीं, ‘इंडिया’ गठबंधन की हार है। आपकी क्या प्रतिक्रिया है?उत्तर उत्तर: राहुल गांधी की बातों का कोई मतलब नहीं है. उनकी साक्षात्कार देखने के बाद हंसी आती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ममता बनर्जी(टी)बंगाल सीएम(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)टीएमसी

Rajasthan Officials Attend Meeting; Focus Shifts to Religious Foundation

Rajasthan Officials Attend Meeting; Focus Shifts to Religious Foundation

जयपुर3 मिनट पहले कॉपी लिंक फूड एवं सप्लाई डिपार्टमेंट के सचिव अम्बरीश कुमार ने ‘ईशा फाउंडेशन’ और ‘लैंडमार्क फोरम’ जैसे प्राइवेट संस्थाओं से जुड़ने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। राजस्थान में फूड एवं सप्लाई डिपार्टमेंट के सचिव अम्बरीश कुमार (IAS) ने विभागीय मुद्दों पर चर्चा के नाम पर कराई गई कार्यशाला (वर्कशॉप) में ‘ईशा फाउंडेशन’ और ‘लैंडमार्क फोरम’ से जुड़ने का फरमान सुना दिया। साथ ही इन संस्थाओं से जुड़ने के फायदे गिनाए। 4 हजार से 26 हजार का कोर्स सेशन जॉइन करने के भी निर्देश दिए। इस सरकारी कार्यशाला के दौरान इन संस्थाओं से जुड़े मोटिवेशनल स्पीकर्स के सेशन भी करवा दिए। कार्यशाला 5 मई की शाम को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र के ऑडिटोरियम में हुई थी। इसमें प्रदेशभर के 300 से ज्यादा अधिकारी शामिल हुए। उधर, अम्बरीश कुमार ने कहा कि विभाग के सभी अधिकारियों की इंटरनल बैठक हुई थी। इसमें किन मुद्दों पर चर्चा हुई यह हम मीडिया के साथ शेयर नहीं कर सकते। वर्कशॉप में मोटिवेशनल स्पीकर्स को भी बुलाया गया। इस दौरान विभागीय मुद्दों पर कम बल्कि प्राइवेट संस्थाओं का प्रमोशन ज्यादा किया गया। 3 मई को कार्यशाला का ऑर्डर जारी खाद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के उपायुक्त सुनील पूनिया की ओर से 3 मई को इस कार्यशाला का ऑर्डर (सर्कुलर) जारी किया गया था। उसमें बस इतना ही लिखा गया कि विभागीय मुद्दों पर चर्चा के लिए एक दिवसीय कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन 5 मई को जयपुर के कृषि अनुसंधान केन्द्र दुर्गापुरा में होगा। कार्यशाला में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसका कोई एजेंडा तय नहीं किया। जब वर्कशॉप शुरू हुई और कुछ ही देर बाद दोनों प्राइवेट संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सेशन शुरू हुआ तो अधिकांश अधिकारी चौंक गए। बताया जा रहा है कि इसके लिए बकायदा एक सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाया और उस पर फाउंडेशन से जुड़ने का मैसेज भी शेयर किया गया। जयपुर के दुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र के ऑडिटोरियम में हुई कार्यशाला में फूड एवं सप्लाई डिपार्टमेंट के सचिव अम्बरीश कुमार सहित पूरे प्रदेश से आए अधिकारी शामिल हुए। प्रदेश भर से अधिकारी शामिल हुए कार्यशाला में फूड सेक्रेट्री अम्बरीश कुमार सहित प्रदेश भर से जिला रसद अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारी, प्रवर्तन निरीक्षक समेत तमाम अधिकारी शामिल हुए। इसमें पहले थोड़ी देर विभागीय मुद्दों पर थोड़ी देर चर्चा हुई। बाद में मोटिवेशनल स्पीकर्स के जरिए इन प्राइवेट संस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और कोर्स के बारे में बताया गया। यह भी बताया गया कि किस तरीके से चार दिवसीय इस कोर्स से आपको जुड़ना है और इस पेड कोर्स के फायदे क्या-क्या हैं। इसको लेकर प्रेजेंटेशन भी दिया गया। यह भी बताया कि आपको इसका रजिस्ट्रेशन किस तरह से और कितने अमाउंट देकर करना है। 2020 में प्रोजेक्ट डायरेक्टर रह चुके हैं अम्बरीश 2004 बैच के आईएएस अधिकारी अम्बरीश कुमार स्वयं ईशा फाउंडेशन में साल 2020 में प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर रह चुके हैं। —– ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में देर रात 22 IAS-58 IPS के ट्रांसफर:अजयपाल लांबा बने जयपुर रेंज के IG; ​​​​​​​6​ जिलों में कलेक्टर, 19 एसपी बदले राज्य सरकार ने रविवार (22 सितंबर) 58 IPS अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए। तबादला सूची में सरकार ने 6 जिलों के कलेक्टर और 19 पुलिस जिलों में एसपी बदल दिए। 8 IAS और 4 IPS अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। (पूरी खबर पढ़ें) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Randeep Hoodas Desi Style | Gaon Ki Hawa, Gaon Ke Maje Viral Video

Randeep Hoodas Desi Style | Gaon Ki Hawa, Gaon Ke Maje Viral Video

देसी अंदाज को लेकर चर्चा में बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा। बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा एक बार फिर अपने देसी अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह गांव की छत पर चढ़कर ठेठ हरियाणवी अंदाज में कहते नजर आ रहे हैं गाम की हवा, गाम के मजे। उनका यह अंदाज फैंस क . बताया जा रहा है कि यह वीडियो बहादुरगढ़ के कसार गांव का है। हालांकि सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे जसिया गांव का भी बता रहे हैं, लेकिन चर्चा है कि इन दिनों रणदीप हुड्डा रोहतक लोकसभा क्षेत्र के गांव में अपनी आगामी फिल्म ‘लाल रंग-2’ की शूटिंग कर रहे हैं। सोसल मीडिया पर वायरल रणदीप हुड्डा की वीडियो विभिन्न गांवों में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त पिछले करीब एक महीने से रणदीप हुड्डा रोहतक, झज्जर और बहादुरगढ़ के विभिन्न गांवों में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। शूटिंग के दौरान उनके कई देसी अंदाज वाले वीडियो सामने आ चुके हैं, जिनमें वह पूरी तरह ग्रामीण परिवेश में घुले-मिले नजर आ रहे हैं। गांव की पारंपरिक जीवनशैली का जिक्र वायरल वीडियो में रणदीप हुड्डा गांव के एक मकान की छत पर चढ़कर सेल्फी लेते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान वह गांव के खुले वातावरण, ताजी हवा और ग्रामीण जीवन की सादगी की तारीफ करते नजर आते हैं। वीडियो में छत पर रखे उपले भी दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें दिखाते हुए वह गांव की पारंपरिक जीवनशैली का जिक्र करते हैं। गौरतलब है कि रणदीप हुड्डा अपनी सादगी और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि उनका यह देसी अवतार एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

‘3 महीने से सीएम के रूप में काम नहीं कर रहा’: ममता के इस्तीफा न देने पर कल्याण बनर्जी का विचित्र स्पष्टीकरण | राजनीति समाचार

Tamil Nadu Government Formation: TVK’s Vijay likely to take oath as Tamil Nadu’s chief minister on May 7.

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 08:59 IST भाजपा की भारी जीत के बाद पश्चिम बंगाल में संवैधानिक संकट पैदा हो गया क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया। कल्याण बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देने के ममता बनर्जी के फैसले का समर्थन किया है। राज्य में आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए, टीएमसी सांसद ने कहा कि ममता सीएम के रूप में काम नहीं कर रही हैं और पूछा, “इस्तीफे का सवाल क्या है?” श्रीरामपुर से लोकसभा सांसद ने कहा, “पिछले 3 महीनों से आदर्श आचार संहिता लागू है। सरकार कौन चला रहा है? मुख्य सचिव। इसलिए, पिछले 3 महीनों से वह सीएम के रूप में काम नहीं कर रही हैं।” कल्याण बनर्जी ने “वोट चोरी” के आरोप दोहराए और कहा कि टीएमसी उम्मीदवारों पर बेरहमी से हमला किया गया। उन्होंने कहा, “इस बार काउंटिंग में ‘चोरी’ हुई। वह फाइनल है। सभी उम्मीदवारों पर बेरहमी से हमला किया गया। सीआईएसएफ और सीआरपीएफ ने सभी काउंटिंग एजेंटों पर बेरहमी से हमला किया और उन्हें बाहर निकाल दिया…यह लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है…काउंटिंग में कोई पारदर्शिता नहीं है…यह लोकतंत्र पर क्रूर हमला है। उन्होंने काउंटिंग में सब कुछ लूट लिया।” #घड़ी | कोलकाता, पश्चिम बंगाल: सीएम ममता बनर्जी के “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं” बयान पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी कहते हैं, “पिछले 3 महीनों से आदर्श आचार संहिता लागू है। सरकार कौन चला रहा है? मुख्य सचिव। इसलिए, पिछले 3 महीनों से, वह काम नहीं कर रही थीं… pic.twitter.com/4EijnQkaAE– एएनआई (@ANI) 5 मई 2026 यह भी पढ़ें | क्या कोई मुख्यमंत्री चुनाव हारने के बाद इस्तीफा देने से इनकार कर सकता है? नियमों की व्याख्या, जैसा कि ममता कहती हैं कि वह नहीं छोड़ेंगी भाजपा की भारी जीत के बाद पश्चिम बंगाल में संवैधानिक संकट पैदा हो गया क्योंकि निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने चुनाव आयोग (ईसी) और भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ”लूटने” का आरोप लगाया है। संख्या के बावजूद, उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी नैतिक विजेता बनी रहेगी। ममता बनर्जी ने कहा, “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। मैं हारी नहीं। मैं राजभवन नहीं जाऊंगी… सवाल ही नहीं उठता। हम चुनाव नहीं हारे। वे हमें चुनाव आयोग के जरिए आधिकारिक तौर पर हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक तौर पर हम चुनाव जीत गए।” टीएमसी प्रमुख ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनाव का “खलनायक” करार दिया, दावा किया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़ की गई थी और 80-90% बैटरी चार्ज होने का संदेह था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार राजनीति ‘3 महीने से सीएम के रूप में काम नहीं कर रहा’: ममता के इस्तीफा न देने पर कल्याण बनर्जी का विचित्र स्पष्टीकरण अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी का इस्तीफा(टी)पश्चिम बंगाल संवैधानिक संकट(टी)टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी(टी)आदर्श आचार संहिता(टी)भाजपा की भारी जीत(टी)चुनाव धांधली के आरोप(टी)वोट चोरी विवाद(टी)ईवीएम छेड़छाड़ के दावे

‘बैकस्टैबर्स’: डीएमके ने सरकार बनाने के लिए विजय की टीवीके से हाथ मिलाया | राजनीति समाचार

Tamil Nadu Government Formation: TVK’s Vijay likely to take oath as Tamil Nadu’s chief minister on May 7.

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 08:35 IST डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि उनका समर्थन टीवीके को समर्थन देने के कांग्रेस के “एकतरफा” फैसले का समर्थन नहीं करता है। पीटीआई फ़ाइल विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) के साथ सरकार बनाने के लिए एमके स्टालिन के साथ गठबंधन से बाहर निकलने के बाद डीएमके ने कांग्रेस को “पीठ में छुरा घोंपने वाला” कहा है। डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि उनका समर्थन टीवीके को समर्थन देने के कांग्रेस के “एकतरफा” फैसले का समर्थन नहीं करता है। नहीं, डीएमके टीवीके को कांग्रेस के समर्थन का समर्थन नहीं करता है। यह उनका एकतरफा निर्णय था। द बैकस्टैबर्स। https://t.co/DPPW3caNio- सरवनन अन्नादुराई (@saravofcl) 6 मई 2026 कांग्रेस, जिसके तमिलनाडु में पांच विधायक हैं, ने राज्य इकाई को विजय को समर्थन देने पर निर्णय लेने का निर्देश दिया। बाद में, तमिलनाडु कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने मंगलवार देर रात बैठक में विजय का समर्थन करने का फैसला किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार राजनीति ‘पीठ में छुरा घोंपने वाले’: कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए विजय की टीवीके से हाथ मिलाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)डीएमके कांग्रेस गठबंधन का नतीजा(टी)डीएमके ने कांग्रेस को पीठ में छुरा घोंपने वाला बताया(टी)कांग्रेस टीवीके गठबंधन(टी)विजय तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)तमिलनाडु की राजनीति(टी)एमके स्टालिन गठबंधन(टी)सरवनन अन्नादुरई का बयान(टी)तमिलनाडु कांग्रेस पीएसी

Health Tips: भीषण गर्मी में हेल्थ बूस्टर है नींबू, यहां जानिए इसके जबरदस्त फायदे और इस्तेमाल का तरीका

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Last Updated:May 06, 2026, 08:32 IST बढ़ती गर्मी और उमस के बीच नींबू का सेवन किसी अमृत से कम नहीं है. शरीर को हाइड्रेट रखने से लेकर वजन घटाने तक, विटामिन-सी से भरपूर नींबू आपकी सेहत के लिए कितना जरूरी है, जानें विस्तार से… जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, शरीर को शीतलता और ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ती जा रही है, ऐसे में प्रकृति का उपहार ‘नींबू’ सेहत के लिए किसी अमृत से कम साबित नहीं हो रहा है. खट्टे-रसीले नींबू का इस्तेमाल हर घर की रसोई में आम है, लेकिन भीषण गर्मी में इसके औषधीय गुण शरीर को नई स्फूर्ति प्रदान करते हैं. डॉक्टर रिद्धि पांडे ने लोकल 18 से बताया कि रोजाना नींबू का सही तरीके से सेवन करने पर गर्मियों में होने वाली कई आम और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है. नींबू विटामिन-सी, पोटैशियम, महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है. गर्मी के मौसम में अधिक पसीना आने की वजह से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे डिहाइड्रेशन और थकान महसूस होती है, ऐसे में नींबू पानी का सेवन न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि पूरे दिन इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखते हुए शरीर में ताजगी और स्फूर्ति का संचार करता है. Add News18 as Preferred Source on Google नींबू में मौजूद विटामिन-सी आपकी इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है. यह गर्मियों में होने वाले वायरल संक्रमण, सर्दी, खांसी और मौसमी बुखार से शरीर की रक्षा करता है. इसके अतिरिक्त, गर्मी के कारण अक्सर लोगों को भूख कम लगने और अपच की समस्या होती है. यदि आप वजन कम करना चाहते हैं या स्वाद बढ़ाना चाहते हैं, तो चीनी के स्थान पर शहद का उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी होता है. यह प्राकृतिक पेय आपको बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा के हानिकारक प्रभावों से भी बचाता है. स्वास्थ्य के साथ-साथ नींबू सौंदर्य के लिए भी वरदान है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त को साफ करते हैं, जिससे त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और मुंहासों व दाग-धब्बों की समस्या कम होती है. वजन कम करने की चाहत रखने वालों के लिए भी नींबू एक रामबाण उपाय है. यह शरीर के विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने में मदद करता है और फैट बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है. नींबू का अधिकतम लाभ उठाने के लिए सुबह उठकर एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीना चाहिए. दिनभर में 2 से 3 बार साधारण पानी या नमक के साथ नींबू पानी लिया जा सकता है. नींबू पेट के एसिड लेवल को संतुलित करता है और कब्ज जैसी परेशानियों को दूर कर भोजन के पाचन में सहायता करता है. डॉक्टर पांडे ने बताया कि सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू डालकर पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और पाचन तंत्र सुचारू रूप से कार्य करता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

भास्कर अपडेट्स:नासिक के स्टार मॉल में आग, बगल के अस्पताल से मरीजों को निकाला गया

भास्कर अपडेट्स:नासिक के स्टार मॉल में आग, बगल के अस्पताल से मरीजों को निकाला गया

महाराष्ट्र के नासिक स्थित स्टार मॉल में भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। एहतियात के तौर पर पास के एक अस्पताल से मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मामले में अधिक जानकारी का इंतजार है।

भास्कर अपडेट्स:नासिक के स्टार मॉल में आग, बगल के अस्पताल से मरीजों को निकाला गया

भास्कर अपडेट्स:नासिक के स्टार मॉल में आग, बगल के अस्पताल से मरीजों को निकाला गया

महाराष्ट्र के नासिक स्थित स्टार मॉल में भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। एहतियात के तौर पर पास के एक अस्पताल से मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मामले में अधिक जानकारी का इंतजार है।