Wednesday, 24 Jun 2026 | 10:28 PM

Trending :

EXCLUSIVE

IPL 2026 Playoff Scenarios Update; RCB vs LSG MI RCB SRH PBKS

IPL 2026 Playoff Scenarios Update; RCB vs LSG MI RCB SRH PBKS

Hindi News Sports Cricket IPL 2026 Playoff Scenarios Update; RCB Vs LSG MI RCB SRH PBKS | MI CSK GT Points Table Standing स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL पॉइंट्स टेबल में 10वें नंबर की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुरुवार को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को टेबल टॉपर बनने से रोक दिया। बेंगलुरु की टीम अब भी तीसरे स्थान पर है। इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लखनऊ ने बेंगलुरु को 9 रन के मामूली अंतर से हराया। इस मैच के बाद सीजन की पॉइंट्स टेबल में कोई बदलाव नहीं हुआ। आज केएल राहुल के पास ऑरेंज कैप हासिल करने का मौका है। पॉइंट्स टेबल की मौजूदा सिचुएशन IPL के मौजूदा सीजन में शानदार शुरुआत करने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु लगातार दूसरा मैच हारी है। जबकि लखनऊ को सीजन में तीसरी जीत मिली है। बेंगलुरु की टीम के पास 10 मैचों में 12 अंक हैं। टीम ने 6 जीत हासिल की है, जबकि 4 मैच गंवाए हैं। अभी बेंगलुरु को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अगले 4 में कम से कम 2 मैच जीतने होंगे। दूसरी ओर लखनऊ ने 10 में से महज 3 मैच जीत पाए हैं। टीम के पास 6 अंक हैं। लखनऊ फिलहाल पॉइंट्स टेबल में सबसे जीते 10वें नंबर पर है। टीम अगले 4 मैच जीतकर 14 अंक तक ही पहुंच सकती है। आज के मैच का हाल दिल्ली के लिए हर मैच करो या मरो दिल्ली कैपिटल्स के इस सीजन में अब सिर्फ 4 लीग मैच बाकी हैं। प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए टीम को लगभग हर मुकाबला जीतना होगा। टीम के 10 मैचों के बाद 8 अंक हैं। आने वाले मैच आसान नहीं हैं, क्योंकि दो मुकाबले कोलकाता के खिलाफ हैं। धर्मशाला में पंजाब किंग्स को हराना भी चुनौतीपूर्ण रहेगा। आज कोलकाता के खिलाफ घरेलू मैदान पर जीत टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रख सकती है, लेकिन हार स्थिति मुश्किल कर देगी। कोलकाता के लिए आखिरी 5 मैच अहम कोलकाता नाइट राइडर्स ने अब तक 9 मैच खेले हैं और 5 बाकी हैं। टीम के 9 मैचों में 7 पॉइंट्स हैं। आने वाले मैचों में टीम को दिल्ली, बेंगलुरु, गुजरात और मुंबई जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन जरूरी होगा। कोलकाता के लिए अच्छी बात यह है कि आखिरी 3 मुकाबले घरेलू मैदान पर होंगे, जहां टीम को परिस्थितियों का फायदा मिल सकता है। टूर्नामेंट के टॉप प्लेयर्स ऑरेंज कैप लीडर बोर्ड में क्लासन टॉप पर बरकरार ऑरेंज कैप की रेस में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है। हेनरिक क्लासन टॉप पर बने हुए हैं। हैदराबाद के इस बल्लेबाज ने 11 मैचों में 5 अर्धशतकों की मदद से 494 रन बनाए हैं। क्लासन ने अपनी ही टीम के अभिषेक शर्मा (475 रन) और दिल्ली के केएल राहुल (445 रन) को पीछे छोड़ रखा है। प्रिंस यादव पर्पल कैप की रेस में तीसरे नंबर पर आए पर्पल कैप लीडरबोर्ड में भुवनेश्वर कुमार टॉप पर बने हुए हैं। बेंगलुरु के इस तेज गेंदबाज ने 10 मैचों में 17 विकेट लिए हैं। वहीं, अंशुल कंबोज 17 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। लखनऊ के युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव भी शानदार फॉर्म में हैं और 10 मैचों में 16 विकेट लेकर तीसरे नंबर पर आ गए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कनाडा में परमानेंट-रेजिडेंस के फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा:नया नियम 15 जुलाई से लागू, हजारों भारतीयों को राहत; एजेंटों पर 9 करोड़ जुर्माना

कनाडा में परमानेंट-रेजिडेंस के फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा:नया नियम 15 जुलाई से लागू, हजारों भारतीयों को राहत; एजेंटों पर 9 करोड़ जुर्माना

कनाडा सरकार ने परमानेंट रेजिडेंस (PR) और स्टूडेंट वीजा के नाम पर होने वाली ठगी रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब अगर कोई लाइसेंसधारी इमिग्रेशन कंसलटेंट किसी छात्र या वर्कर के साथ धोखाधड़ी करता है, तो पीड़ित को सरकारी मुआवजा मिल सकेगा। यह नया नियम 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। नए नियमों के तहत फर्जीवाड़ा करने वाले एजेंटों पर 9 करोड़ रुपए तक जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पंजाब और गुजरात के उन हजारों भारतीय परिवारों पर पड़ेगा, जो कनाडा जाने के लिए लाखों रुपए खर्च करते हैं। साल 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने लगभग 10 हजार फर्जी एडमिशन लेटर पकड़े थे। इनमें से करीब 80 फीसद मामले अकेले पंजाब और गुजरात से जुड़े थे। वहीं पंजाबी-गुजराती स्टूडेंट्स को कनाडाई सरकार ने एक झटका भी दिया है। कनाडा के कई स्टेट ऐसे हैं जिन्होंने फूड सेक्टर व सर्विस सेक्टर को अपनी प्रायोरिटी लिस्ट से हटा दिया। इससे कनाडा में फूड सेक्टर के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स व स्टूडेंट्स को PR स्टेटस (स्थायी नागरिकता जैसा दर्जा) मिलने पर संकट गहराता जा रहा है। पहले पढ़ें इमिग्रेशन कंसलटेंट्स पर क्या फैसला… PR नियम बदलने से किन वर्कर्स-स्टूडेंट्स की बढ़ी परेशानी, जानिए.. कौन-कौन प्रभावित होंगे? सबसे ज्यादा पंजाबी स्टूडेंट्स को नुकसान कनाडा सरकार की इस पॉलिसी का सबसे ज्यादा नुकसान पंजाबी स्टूडेंट्स व वर्कर्स को झेलना पड़ेगा क्योंकि कनाडा में फूड व सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा पंजाबी काम करते हैं। कनाडा के अलग-अलग राज्यों ने स्टूडेंट्स व वर्कर्स की PR फाइल्स रिजेक्ट करना शुरू कर दिया। कनाडा के नोवा स्कोटिया के हैलिफैक्स स्थित गुरुद्वारा साहिब में कुछ स्टूडेंट्स व वर्कर्स पीआर फाइल्स रिजेक्ट होने के कारण धरने पर बैठे हैं। दरअसल उनका वीजा समाप्त होने वाला है और उन्होंने सरकार के पास पीआर की फाइल लगाई थी जिन्हें सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। स्टूडेंट्स की डिमांड है कि उन्होंने पीआर की फाइल्स तब लगाई थी जब सरकार ने फूड व सर्विस सेक्टर को प्रायोरिटी लिस्ट से बाहर नहीं किया था। उनकी कनाडा व स्टेट सरकार से डिमांड है कि उनकी पीआर फाइल को पुराने नियमों के हिसाब से अप्रूव करें। कनाडा जाने वालों में 70 फीसदी पंजाबी कनाडा जाने वाले भारतीयों में पंजाबियों की संख्या सबसे अधिक है। हालिया आंकड़ों के अनुसार फर्जी ऑफर लेटर और जाली दस्तावेजों के कारण जिन हजारों छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है, उनमें से करीब 60 से 70 प्रतिशत युवा अकेले पंजाब के जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरों से हैं। ये परिवार अक्सर अपनी जमीन बेचकर या भारी कर्ज लेकर 15 से 25 लाख रुपए तक इन कंसलटेंट्स को दे देते हैं, जिनका कोई कानूनी रिकॉर्ड नहीं होता। यही कारण है कि 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाले नए नियम और मुआवजा फंड पंजाब के परिवारों के लिए संजीवनी साबित होंगे। पीड़ित को शिकायत और जांच के बाद फंड से भुगतान किया जाएगा। भारत और कनाडा में फर्क क्या? भारत में भी इमीग्रेशन को लेकर नियम सख्त है अगर कोई विजा कंसलटेंट या एजेंट फेक लेटर देता है या फेक वीजा लगवाता है तो उसका लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। भारत में हर राज्य के जिले में डीसी के पास किसी भी कंसलटेंट एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने की पावर है। डिप्टी कमिश्नर की किसी भी कंसलटेंट को लाइसेंस प्रदान करता है और वही उसे रद्द कर सकता है। हालांकि, अगर कोई कंसलटेंट किसी के साथ ठगी करता है तो भारत सरकार की ओर से मुआवजा दिलाने का कोई प्रावधान नहीं है।

IPL में आज दिल्ली vs कोलकाता:प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कैपिटल्स को जीत जरूरी, नाइटराइडर्स ने पिछले तीनों मैच जीते

IPL में आज दिल्ली vs कोलकाता:प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कैपिटल्स को जीत जरूरी, नाइटराइडर्स ने पिछले तीनों मैच जीते

IPL में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स से होगा। मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। दिल्ली के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है। टीम 10 मैचों में 8 पॉइंट्स के साथ सातवें नंबर पर है। प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए रखने के लिए उसे बाकी चारों मैच जीतने होंगे। वहीं, आठवें नंबर पर मौजूद KKR को अगले दौर में पहुंचने के लिए अपने सभी पांच मैच जीतने होंगे। दोनों टीमें 35वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 34 मैच खेले गए हैं। DC ने 14 और KKR ने 19 मैच जीते हैं। एक मैच टाई रहा, जिसे DC ने जीता। पिछले सीजन में दोनों के बीच खेले गए मुकाबले में कोलकाता जीता था। स्पिनर्स के सामने संघर्ष कर रहे बल्लेबाज दिल्ली का मैनेजमेंट अपनी बल्लेबाजी को लेकर चिंतित है। पिछले मैचों में जब भी पिच से गेंदबाजों को मदद मिली, दिल्ली का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ टीम एक समय 9 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। गुजरात टाइटंस के राशिद खान और चेन्नई के स्पिनर्स के सामने भी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए थे। ऐसे में टीम को लगता है कि सपाट पिच पर ही बल्लेबाज खुलकर रन बना पाएंगे। दिल्ली के लिए केएल राहुल ने इस सीजन में 445 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 180 के करीब रहा है। वे टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। कुलदीप यादव का खराब सीजन, पेसर्स भी लुटा रहे रन दिल्ली की गेंदबाजी इस सीजन में सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई है। मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव अपने करियर के खराब दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने 10 मैचों में सिर्फ 7 विकेट लिए हैं और 10 से ज्यादा की इकॉनमी से रन दिए हैं। तेज गेंदबाज मुकेश कुमार, टी नटराजन और आकिब नबी डार का इकॉनमी रेट 11 से 13 के बीच है। कप्तान अक्षर पटेल (9 विकेट) को छोड़कर कोई भी गेंदबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका है। अक्षर टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। KKR की ताकत स्पिन, लेकिन टॉप ऑर्डर सिरदर्द कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए अच्छी बात यह है कि उनके स्पिनर्स लगातार विकेट निकाल रहे हैं। वरुण के नाम 10 और नरेन के नाम 9 विकेट हैं। हालांकि, कप्तान अजिंक्य रहाणे और अंगक्रिश रघुवंशी की ओपनिंग जोड़ी टीम को उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं दे पा रही है। रिंकू सिंह को छोड़कर मिडिल ऑर्डर में भी निरंतरता की कमी रही है। KKR को मैच जीतने के लिए बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी। अरुण जेटली स्टेडियम पिच रिपोर्ट अरुण जेटली स्टेडियम की पिच IPL में बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है। सपाट पिच और छोटी बाउंड्री (60-66 मीटर) के कारण यहां हाई-स्कोरिंग मैच होते हैं। हालांकि, पिछले दो मैचों के नतीजे अलग रहे हैं। इस पिच पर IPL के 101 मैच खेले गए हैं। इनमें 48 बार पहले बल्लेबाजी और 52 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच रद्द हुआ। बारिश की संभावना नहीं शुक्रवार को दिल्ली में मैच के दौरान तापमान लगभग 28 डिग्री से 32 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। वहीं बारिश संभावना नहीं है। दोनों टीमों की प्लेइंग-XI दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पथुम निसांका, करुण नायर, ट्रिस्टन स्टब्स, नीतीश राणा, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, मिचेल स्टार्क, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, टी नटराजन और समीर रिजवी। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा और फिन एलन।

IPL में आज दिल्ली vs कोलकाता:प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कैपिटल्स को जीत जरूरी, नाइटराइडर्स ने पिछले तीनों मैच जीते

IPL में आज दिल्ली vs कोलकाता:प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कैपिटल्स को जीत जरूरी, नाइटराइडर्स ने पिछले तीनों मैच जीते

IPL में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स से होगा। मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। दिल्ली के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है। टीम 10 मैचों में 8 पॉइंट्स के साथ सातवें नंबर पर है। प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए रखने के लिए उसे बाकी चारों मैच जीतने होंगे। वहीं, आठवें नंबर पर मौजूद KKR को अगले दौर में पहुंचने के लिए अपने सभी पांच मैच जीतने होंगे। दोनों टीमें 35वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 34 मैच खेले गए हैं। DC ने 14 और KKR ने 19 मैच जीते हैं। एक मैच टाई रहा, जिसे DC ने जीता। पिछले सीजन में दोनों के बीच खेले गए मुकाबले में कोलकाता जीता था। स्पिनर्स के सामने संघर्ष कर रहे बल्लेबाज दिल्ली का मैनेजमेंट अपनी बल्लेबाजी को लेकर चिंतित है। पिछले मैचों में जब भी पिच से गेंदबाजों को मदद मिली, दिल्ली का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ टीम एक समय 9 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। गुजरात टाइटंस के राशिद खान और चेन्नई के स्पिनर्स के सामने भी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए थे। ऐसे में टीम को लगता है कि सपाट पिच पर ही बल्लेबाज खुलकर रन बना पाएंगे। दिल्ली के लिए केएल राहुल ने इस सीजन में 445 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 180 के करीब रहा है। वे टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। कुलदीप यादव का खराब सीजन, पेसर्स भी लुटा रहे रन दिल्ली की गेंदबाजी इस सीजन में सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई है। मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव अपने करियर के खराब दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने 10 मैचों में सिर्फ 7 विकेट लिए हैं और 10 से ज्यादा की इकॉनमी से रन दिए हैं। तेज गेंदबाज मुकेश कुमार, टी नटराजन और आकिब नबी डार का इकॉनमी रेट 11 से 13 के बीच है। कप्तान अक्षर पटेल (9 विकेट) को छोड़कर कोई भी गेंदबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका है। अक्षर टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। KKR की ताकत स्पिन, लेकिन टॉप ऑर्डर सिरदर्द कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए अच्छी बात यह है कि उनके स्पिनर्स लगातार विकेट निकाल रहे हैं। वरुण के नाम 10 और नरेन के नाम 9 विकेट हैं। हालांकि, कप्तान अजिंक्य रहाणे और अंगक्रिश रघुवंशी की ओपनिंग जोड़ी टीम को उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं दे पा रही है। रिंकू सिंह को छोड़कर मिडिल ऑर्डर में भी निरंतरता की कमी रही है। KKR को मैच जीतने के लिए बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी। अरुण जेटली स्टेडियम पिच रिपोर्ट अरुण जेटली स्टेडियम की पिच IPL में बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है। सपाट पिच और छोटी बाउंड्री (60-66 मीटर) के कारण यहां हाई-स्कोरिंग मैच होते हैं। हालांकि, पिछले दो मैचों के नतीजे अलग रहे हैं। इस पिच पर IPL के 101 मैच खेले गए हैं। इनमें 48 बार पहले बल्लेबाजी और 52 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच रद्द हुआ। बारिश की संभावना नहीं शुक्रवार को दिल्ली में मैच के दौरान तापमान लगभग 28 डिग्री से 32 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। वहीं बारिश संभावना नहीं है। दोनों टीमों की प्लेइंग-XI दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पथुम निसांका, करुण नायर, ट्रिस्टन स्टब्स, नीतीश राणा, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, मिचेल स्टार्क, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, टी नटराजन और समीर रिजवी। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा और फिन एलन।

श्मशान के मुर्दों से उतारे कपड़े बाजार में बिक रहे:शादियों और पूजा-पाठ में लोग पहन रहे 'कफन' की साड़ियां; अहमदाबाद तक फैला नेटवर्क

श्मशान के मुर्दों से उतारे कपड़े बाजार में बिक रहे:शादियों और पूजा-पाठ में लोग पहन रहे 'कफन' की साड़ियां; अहमदाबाद तक फैला नेटवर्क

नए कपड़ों से घी और सेंट की खुशबू न आए तो कोई पहचान ही नहीं सकता कि वे श्मशान के हैं। लोग इन्हें पूजा-पाठ और शादियों में पहनते हैं। लेन-देन में दिए जाने वाले कपड़े भी यही होते हैं। इंदौर के एक श्मशान घाट का एजेंट दिलीप माने यह बात बेशर्मी से कहता है। वह उस संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो श्मशान घाट से लेकर अहमदाबाद तक फैला है। यह गिरोह, अंतिम संस्कार के लिए आए शवों से उतारे गए कपड़े, साड़ियां, शॉल, पेंट-शर्ट और तौलिए धोकर, प्रेस कर बाजार में नए बताकर बेच देता है। हर महीने लाखों रुपए का यह काला कारोबार इतनी सफाई से चलता है कि न शिकायत होती है, न कोई पकड़ा जाता है। भास्कर रिपोर्टर ने राजस्थान का कारोबारी बनकर इंदौर के 6 श्मशान घाटों पर गिरोह के एजेंटों से संपर्क किया। पूरी चेन समझी और मुर्दों के कपड़े खरीदने की डील की। टीम उस व्यापारी तक पहुंची, जो श्मशान घाटों से कपड़े सीधे अहमदाबाद भेजता है। पढ़िए, श्मशान से बाजार तक यह घिनौना कारोबार कैसे चलता है… ऐसे चलता है यह पूरा खेल इस पूरे खेल की शुरुआत श्मशान घाट से होती है। मुखाग्नि से पहले शवों से उतारे गए या श्मशान में फेंके गए कपड़ों को वहां के एजेंट और कर्मचारी इकट्ठा करते हैं। इसके बाद कपड़े छोटे दलालों, फिर बड़े व्यापारियों और आखिर में गुजरात के अहमदाबाद जैसे बड़े केंद्रों तक पहुंचते हैं। वहां कपड़ों की ‘मरम्मत’ कर उन्हें चमकाया जाता है और आकर्षक पैकिंग में बाजार भेज दिया जाता है। भास्कर ने इस खेल का पर्दाफाश करने के लिए सबसे पहले मुक्तिधाम के एजेंट से संपर्क किया, जहां एजेंटों ने खुद इस धंधे की परतें खोलीं। खेमा पहलवान ने दूसरे एजेंट के पास भेजा पड़ताल की शुरुआत पंचकुईया मुक्तिधाम से हुई। यहां खेमा पहलवान ने बताया कि माल बिक चुका है, लेकिन अगला सौदा रामबाग के दिलीप माने से हो सकता है। दिलीप माने रिपोर्टर को मालवा मिल मुक्तिधाम ले गया, जहां उसकी सास विमला बाई एजेंट के रूप में काम करती है। विमला बोली- साड़ियों का रेट 70-80 रुपए मालवा मिल मुक्तिधाम के गोदाम में साड़ियों और कपड़ों का ढेर लगा था। विमला बाई ने बताया, ‘इंदौर के राजवाड़ा से कुछ लोग आए थे। बोले- धोकर, प्रेस करके पन्नी में पैक करके देते हैं। बस किसी मुसलमान को मत बेचना।’ यहां शॉल 20-40 रुपए, कुर्ता-पायजामा 45 रुपए और साड़ियां 70-80 रुपए में बेची जा रही हैं। एजेंट दिलीप ने हंसते हुए कहा, ‘घी और मुर्दे की सेंट की खुशबू जब तक न आए, तब तक किसी को क्या पता चलेगा? सब कलाकार हैं, सब धो लेते हैं।’ बाणगंगा मुक्तिधाम के तीन गोदाम सयाजी मुक्तिधाम के एजेंटों ने बंडल खोलकर साड़ियां दिखाईं और दावा किया कि यह ‘बेहतर माल’ है, जिसे पहनने पर कोई पहचान नहीं पाएगा। वहीं, बाणगंगा मुक्तिधाम के संजय यादव ने तीन गोदाम बना रखे हैं। एक गोदाम मुक्तिधाम के सुविधाघर में है, जबकि दूसरा 2 किमी दूर एक घर में है। यहां लाखों का माल डंप पड़ा है। ‘जितना माल होगा, सब खरीद लेंगे’ पड़ताल में पता चला कि शहर के लगभग सभी मुक्तिधामों का एक बड़ा खरीदार मोनू भाईजान है। उसने सभी एजेंटों को हिदायत दे रखी है कि माल सिर्फ उसे ही दिया जाए। भास्कर रिपोर्टर जब मोनू भाईजान के पास विक्रेता बनकर पहुंचा, तो उसने चंदन नगर बुलाकर बड़े व्यापारी सलमान से मिलवाया। मोनू ने बताया, “हम कुछ माल खुद फेरी लगाकर बेचते हैं और बाकी सलमान भाई को दे देते हैं। यहां से पूरा माल ट्रक भरकर अहमदाबाद जाता है।” व्यापारी सलमान ने कहा, “आप तो गाड़ी भरकर लाओ, जितना भी माल हो, मैं खरीद लूंगा। यहां से माल गुजरात जाता है।” शुभ कार्यों में पहने जा रहे ‘मुर्दों के कपड़े’ इस इन्वेस्टिगेशन का सबसे डरावना पहलू यह है कि ये कपड़े उन्हीं लोगों तक पहुंच रहे हैं, जो इन्हें पवित्र मानकर शुभ कार्यों में पहनते हैं। हिंदू परंपरा में अंतिम संस्कार से पहले मृतक के कपड़े उतारे जाते हैं। यह धार्मिक क्रिया है, जिसमें शरीर को शुद्ध वस्त्र पहनाकर मुखाग्नि दी जाती है। उस वक्त परिजन पूरी तरह शोक में डूबे होते हैं। ऐसे में उतारे गए कपड़ों का क्या होता है, यह उन्हें पता नहीं चल पाता। एजेंटों के मुताबिक, साड़ियां बाजार में 150 से 250 रुपए तक में बिक जाती हैं। कई बार नई दुल्हनों की पूजा की साड़ियां भी इसी ‘सप्लाई चेन’ का हिस्सा होती हैं। श्मशान के बर्तनों और लोटों का भी यही हाल है। दिलीप माने के मुताबिक, उसके पास 700-800 किलो बर्तनों का स्टॉक है, जो ‘फ्रेश’ है और जला हुआ नहीं है। महामंडलेश्वर बोले- आस्था के साथ खिलवाड़ अखिल भारतीय संत समिति के कार्यकारी अध्यक्ष और महामंडलेश्वर स्वामी अनिलानंद महाराज ने कहा- मुर्दों के कपड़ों का दोबारा इस्तेमाल हिंदू धर्म में अशुभ माना जाता है। जो लोग अनजाने में ऐसे कपड़े पहनते हैं, उन्हें अशुभ फल मिल सकता है। वैज्ञानिक कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में शव को चार घंटे भी घर में नहीं रखा जाता। अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने के बाद घर में गंगाजल और गोमूत्र छिड़ककर पवित्र किया जाता है। शव के कपड़ों को अग्नि के हवाले करना जरूरी माना गया है। ये खबर भी पढ़ें… मुर्दे जिंदा किए…बीमा के लिए फिर मार दिया मौत परिवार के लिए मातम लाती है, लेकिन उज्जैन में जालसाजों ने इसे ‘कमाई का जरिया’ बना लिया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने ऐसा घोटाला उजागर किया, जिसमें मुर्दों के नाम पर बीमा पॉलिसी लेकर करोड़ों के क्लेम हड़पने की कोशिश की गई। इस ‘डेथ स्कैम’ में एजेंट, सरपंच, सचिव और सरकारी कर्मचारी शामिल थे। पढ़ें पूरी खबर…

यूपी-बिहार में बारिश, राजस्थान में ओले गिरे:एमपी में आंधी, हिमाचल में बर्फबारी का अलर्ट; गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म

यूपी-बिहार में बारिश, राजस्थान में ओले गिरे:एमपी में आंधी, हिमाचल में बर्फबारी का अलर्ट; गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म

उत्तर और मध्य भारत में गर्मी के बीच बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में गुरुवार को बारिश हुई। वहीं बिहार और हिमाचल प्रदेश में ओले भी गिरे। बिहार के जमुई समेत 5 जिलों में तेज बारिश हुई। राजस्थान के अलवर, टोंक और कोटपूतली-बहरोड़ जिले में गुरुवार दोपहर बाद मौसम बदला और बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान ओले भी गिरे। प्रदेश का तापमान 2°C से 3°C बढ़ सकता है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, जुब्बरहट्टी, सुंदरनगर और कांगड़ा में बारिश हुई। कई जगहों पर बिजली भी गिरी। पिछले 24 घंटों में सिरमौर के सराहन में सबसे ज्यादा 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। आज राज्य के ऊपरी जिलों किन्नौर और मंडी में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। 11 से 13 मई तक राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यूपी में गुरुवार को बांदा, बिजनौर, शाहजहांपुर, कानपुर देहात और महोबा में तेज बारिश हुई। बिजनौर में सड़क पर CCTV के लिए लगाया गया टावर गिर गया, जिससे बिजली गुल हो गई। बाराबंकी में हाईवे पर फिसलन की वजह से दो डबल डेकर बसें, एक डीसीएम और कई अन्य गाड़ियां टकरा गईं। बस सवार बस्ती निवासी एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म रहा, यहाँ का तापमान 42.9°C दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर है। आज भी ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में बारिश और आंधी हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी रहेगा। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। केदारनाथ में गुरुवार को ताजा बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ में 18 मिमी और बागेश्वर के सोंग में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। देशभर से मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अगले दिन के मौसम का हाल 9 मई: 10 मई

बंगाल में आज सीएम का ऐलान हो सकता है:शाह पर्यवेक्षक बने, दोपहर में BJP विधायक दल की बैठक; 9 मई को शपथ ग्रहण

बंगाल में आज सीएम का ऐलान हो सकता है:शाह पर्यवेक्षक बने, दोपहर में BJP विधायक दल की बैठक; 9 मई को शपथ ग्रहण

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे आने के 4 दिन बाद शुक्रवार को नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। बीजेपी ने गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। दोनों नेता दोपहर 2 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। मीटिंग में सीएम का ऐलान किया जा सकता है। नए सीएम का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के परेड ग्राउंड में होगा। सीएम बनने की रेस में सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे हैं। सुवेंदु ने ममता बनर्जी को भवानीपुर से हराया है। इसके अलावा वे नंदीग्राम से भी चुनाव लड़े थे। वहां भी उनको जीत मिली। बंगाल में पिछले 4 दिनों का घटनाक्रम… 4 मई: बंगाल चुनाव के नतीजे आए, भाजपा पहली बार सरकार बनाने जा रही 4 मई को बंगाल की 293 सीटों के नतीजे आए। बीजेपी को 206 सीटें मिलीं। वहीं ममता की पार्टी TMC सिर्फ 81 पर सिमट गई। भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया। सुवेंदु के खिलाफ यह उनकी लगातार दूसरी हार है। 2021 विधानसभा चुनाव में सुवेंदु नंदीग्राम से ममता के खिलाफ जीते थे। बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीट हैं, एक सीट फालता पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा। रिजल्ट 24 मई को आएगा। 5 मई: ममता बोलीं- मैं आजाद पंछी, शेर की तरह लड़ूंगी; इस्तीफा नहीं दूंगी ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी। ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं, सड़कों पर रहूंगी। 6 मई: सुवेंदु के पीए की गोली मारकर हत्या, टीएमसी पर आरोप सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे कोलकाता से मध्यमग्राम अपने घर लौट रहे थे। कोलकाता से करीब 20 km दूर डोलतला में एक कार रथ की स्कॉर्पियो के सामने खड़ी हो गई। इसी बीच बाइक पर आए हमलावरों ने 6 से 10 राउंड फायरिंग की। दो गोलियां चंद्रनाथ के सीने से आर-पार हो गईं। एक गोली पेट में लगी। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। 7 मई: सुवेंदु बोले- मैंने ममता को हराया, इसलिए पीए की हत्या भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि उनके पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने ममता को हराया है। सुवेंदु ने कहा- इस हत्या को जिस तरह से अंजाम दिया गया, उसकी जितनी भी निंदा करें वह कम है। हत्या की वजह भवानीपुर से ममता की हार हो सकती है।

प्रिंस ने कोहली को जीरो पर बोल्ड किया:पंत के हाथ से बल्ला छूटा, मार्श ने लखनऊ के लिए सबसे तेज शतक जड़ा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

प्रिंस ने कोहली को जीरो पर बोल्ड किया:पंत के हाथ से बल्ला छूटा, मार्श ने लखनऊ के लिए सबसे तेज शतक जड़ा; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

IPL में गुरुवार को खेले गए मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 9 रन से हरा दिया। इकाना स्टेडियम में मिचेल मार्श ने लखनऊ के लिए सबसे तेज शतक जड़कर इतिहास रचा। वहीं, युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने विराट कोहली को शून्य पर बोल्ड कर बड़ा झटका दिया। मैच के दौरान ऋषभ पंत के हाथ से बल्ला छूटने वाला मजेदार पल भी देखने को मिला। आइए जानते हैं मैच के खास मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स। लखनऊ-बेंगलुरु मैच के टॉप मोमेंट्स 1. मार्श के छक्के से कैमरामैन के सिर पर लगी बॉल लखनऊ की पारी के दूसरे ओवर में मिचेल मार्श ने जोश हेजलवुड की बॉल पर दो छक्के लगाए। उनका दूसरा छक्का बाउंड्री पर मौजूद कैमरामैन के सिर पर जा लगा। हालांकि, चोट ज्यादा नहीं लगी। 2. बारिश के कारण मैच तीन बार रुका 3. पंत के हाथ से बल्ला छूटा, चौका भी मिला 17वें ओवर की तीसरी बॉल पर ऋषभ पंत के हाथ से बल्ला छूट गया। हालांकि, इस बॉल पर उन्हें चौका मिल गया। हेजलवुड की यॉर्कर ऑफ स्टंप के बाहर थी, जिस पर पंत ने जोरदार शॉट खेला। गेंद पॉइंट की ओर चौके के लिए गई, लेकिन शॉट के दौरान उनका बल्ला हाथ से छूटकर लेग साइड में जा गिरा। 4. पंत को जीवनदान, कैच छूटा, बेथेल की उंगली में चोट लगी 17वें ओवर की 5वीं बॉल पर ऋषभ पंत को जीवनदान मिला। जोश हेजलवुड की लो फुल टॉस गेंद पर पंत ने शॉट खेला और गेंद डीप मिडविकेट की ओर गई। बाउंड्री से दौड़ते हुए बेथेल ने कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन कैच छूट गया। इस दौरान उनकी उंगली चोटिल हो गई और खून निकलने लगा। चोट के बाद उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। 5. कोहली को प्रिंस यादव ने बोल्ड किया दूसरी पारी के दौरान बेंगलुरु ने दूसरे ओवर में दूसरा विकेट गंवाया। विराट कोहली जीरो पर आउट हुए। उन्हें प्रिंस यादव ने बोल्ड किया। करीब 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की गेंद गुड लेंथ पर ऑफ स्टंप के बाहर पिच हुई। कोहली आगे बढ़कर खेलने गए, लेकिन गेंद अंदर आई और सीधे ऑफ स्टंप से टकराकर स्टंप उखाड़ गई। 6. पाटीदार की छक्के से फिफ्टी 10वें ओवर में कप्तान रजत पाटीदार ने छक्के से फिफ्टी पूरी की। उन्होंने मयंक यादव की दूसरी बॉल पर डीप बैकवर्ड स्क्वैयर लेग के ऊपर छक्का लगाया। अगली बॉल पर उन्होंने 101 मीटर का छक्का जड़ा। यहां से टॉप रिकॉर्ड्स पढ़िए 1. मार्श ने लखनऊ के लिए सबसे तेज शतक लगाया लखनऊ के बल्लेबाज मिचेल मार्श ने बेंगलुरु के खिलाफ मैच में टीम के लिए सबसे तेज शतक लगाया। उन्होंने गुरुवार को इकाना स्टेडियम में सिर्फ 49 गेंदों में सेंचुरी पूरी की। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम था। उन्होंने पिछले साल 54 गेंदों में शतक लगाया था। 2. भुवनेश्वर 200 IPL मैच खेलने वाले पहले पेसर बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार 200 IPL मैच खेलने वाले पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। भुवनेश्वर 200 मैच खेलने वाले कुल 12वें खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले 5 अप्रैल को वे युजवेंद्र चहल के बाद IPL में 200 विकेट लेने वाले दूसरे और पहले तेज गेंदबाज बने थे।

National Current Affairs | Govt Job Prep 2026 Updates

National Current Affairs | Govt Job Prep 2026 Updates

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. बिहार कैबिनेट में 22 मंत्रियों ने शपथ ली 7 मई को बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के कैबिनेट का विस्तार हुआ। मेगा इवेंट में नीतीश के बेटे निशांत कुमार समेत 32 मंत्री सम्राट कैबिनेट में शामिल हुए। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15, जेडीयू से 13, LJP(R)-2, HAM और RLM से एक-एक मंत्री हैं। पहली बार में निशांत कुमार, श्रवण कुमार, विजय सिन्हा, लेसी सिंह, और दिलीप जायसवाल ने शपथ ली। निशांत कुमार पहली बार मंत्री बने हैं। समारोह में PM मोदी भी शामिल हुए। सम्राट कैबिनेट में बीजेपी कोटे से 15 मंत्रियों ने शपथ ली है। इनमें 5 नए चेहरे हैं, वहीं तीन पुराने लोगों को इस बार मौका नहीं मिला। मंगल पांडे को मंत्री पद नहीं देने के बाद भाजपा संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। इनमें बीजेपी के सीनियर लीडर मंगल पांडेय, बेगूसराय के बछवाड़ा से विधायक सुरेंद्र मेहता और प. चंपारण से नारायण प्रसाद को पद से हटाया गया है। सम्राट कैबिनेट में 5 महिला मंत्री, इनमें सबसे ज्यादा जदयू से 3 मंत्री हैं। 2. शशि शेखर वेम्पति CBFC के चेयरमैन बने 6 मई को प्रसार भारती के पूर्व CEO शशि शेखर वेम्पति को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का चेयरमैन अपॉइंट किया गया। शेखर ने प्रसून जोशी की जगह ली है, जो हाल ही में प्रसार भारती के अध्यक्ष बनाए गए हैं। वेम्पति 2017 से 2019 में राज्यसभा टीवी के CEO रहे। वेम्पति 2017 से 2022 तक प्रसार भारती के CEO थे, जिसके बाद वो यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) टेलीविजन रेटिंग एजेंसी BARC और साइंस एनफ टेक्नोलॉजी में कई पदों पर काम किया है। वेम्पति AI4India के को-फाउंडर हैं, जो डॉमेस्टिक AI इकोसिस्टम बढ़ावा देने के लिए काम करता है। वेम्पति IIT बॉम्बे-इनक्यूबेटेड पहल भारतजेन के बोर्ड में भी हैं, जो इंडिक लैंग्वेज बेस्ड AI मॉडल पर काम कर रहा है। वेम्पति को मीडिया, टेक्नोलॉजी और पब्लिक सर्विस में योगदान के लिए 2026 में सरकार ने पद्मश्री मिला। वेम्पति ने 15 साल तक इंफोसिस में काम किया। 3. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जॉइंट डिफेंस सम्मेलन में हिस्सा लिया 7 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान जयपुर में जॉइंट कमांडर्स समिट में शामिल हुए। ये दो दिनों की समिट ‘नए डोमेन में सैन्य क्षमता’ विषय पर होगी। 7 मई को ऑपरेशन सिन्दूर को भी एक साल पूरा हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये समिट सायबर, स्पेस और युद्ध से जुड़ी समझ के उभरते क्षेत्रों में चुनौतियों का मूल्यांकन करने और निर्णायक समझ को बढ़ाने के लिए है। इस समिट में युद्ध से जुड़ी जानकारी और AI-बेस्ड मिलिट्री सिस्टम पर बातचीत होगी। इस समिट का उद्देश्य भविष्य में मानवरहित सिस्टम और युद्ध के लिए टेक्नोलॉजी डेवलप करना है। समिट में डिफेंस प्रोडक्शन को स्वदेशी और आत्मनिर्भर बनाने पर बात होगी। सिविल मिलिट्री फ्यूजन और इनोवेशन इकोसिस्टम को डेवलप करने से जुड़े मुद्दों पर बात होगी। भविष्य में देश में बनने वाले डिफेंस एप्लीकेशन को समिट में प्रदर्शित किया जाएगा। इस समिट में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वरिष्ठ कमांडर शामिल हुए। निधन (DEATH) 4. CNN के फाउंडर टेड टर्नर का निधन 7 मई को CNN यानी केबल न्यूज नेटवर्क के फाउंडर टेड टर्नर का निधन हो गया। वे 87 साल के थे। 1980 में केबल न्यूज नेटवर्क (CNN) शुरू हुआ। ये दुनिया का पहला 24 घंटे चलने वाला न्यूज चैनल है। टेड ने केबल टेलीविजन को बदला और ग्लोबल मीडिया में सबसे ज्यादा प्रभावी शख्सियतों में शामिल रहे। टर्नर ने CNN के साथ ही कार्टून नेटवर्क, टर्नर क्लासिक मूवीज (TNC) भी लॉन्च किया। साल 1990-91 के खाड़ी युद्ध के लाइव कवरेज से CNN को दुनियाभर में पहचान मिली। टर्नर कई बड़े कारोबार और प्रोफेशल स्पोर्ट्स टीमों के मालिक भी रहे हैं। टर्नर ने ब्राउन यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया लेकिन ग्रेजुएशन पूरा नहीं किया था। मिसलिनीयस (MISCELLANEOUS) 5. मंत्री जितेंद्र सिंह ने जापान के साइंस मिनिस्टर से मुलाकात की 6 मई को राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में जापान की साइंस और टेक्नोलॉजी मिनिस्टर की शपथ ली। इस मुलाकात में कई सेक्टर्स जैसे हेल्थ और मेडिकल डिवाइस पर चर्चा की। इस बैठक में क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर-फिजिकल सिस्टम, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, क्लीन एनर्जी और बेहतर कंप्यूटिंग में भारत के नेशनल मिशन को मजबूत करेंगे। इससे जॉइंट रिसर्च, को-डेवलपमेंट और इंडस्ट्रियल पार्ट्नर्शिप बढ़ेगी। भारत और जापान का लक्ष्य दवाओं पर ग्लोबल इंडिपेंडिसी कम करना और मेडिकल और फार्मास्यूटिकल्स स्थिर पहुंच बनाना है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बैठक में हेल्थ और मेडिकल डिवाइसेस के क्षेत्र में MoU साइन किया गया है। इसके साथ ही क्वांटम साइंस और टेक्नोलॉजी में आपसी सहयोग पर सहमति जताई गई। भारत और जापान साइंस और टेक्नोलॉजी मे मिलकर साथ काम करते हैं। 6. भारत और अल्जीरिया की जॉइंट कमीशन बैठक हुई 6 मई को भारत और अल्जीरिया के बीच जॉइंट कमीशन की पहली बैठक हुई। इसकी सह-अध्यक्षता जॉइंट सेक्रेटरी अमिताभ प्रसाद और नौसेना प्रमुख मेजर जनरल कैद नूर एडिन ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में तीनों सेनाओं के अधिकारी इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ, डिफेंस प्रोडक्शन डिपार्टमेंट, DRDO, आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान दोनों प्रमुखों ने ट्रेनिंग, मिलिट्री एक्सरसाइज, मेडिकल को-ऑपरेशन और डिफेंस इंडस्ट्री पर बात की भारत और अल्जीरिया डिफेंस पार्टनरशिप के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों ने भारत-अल्जीरिया रक्षा सहयोग के लिए साइन किए। दोनों देश जॉइंट कमीशन की बैठकों के लिए गाइडिंग फ्रेमवर्क के तौर पर काम भी करेंगे। भारत ने 2024 में डिफेंस डील साइन की थी, इसके बाद भारत और अल्जीरिया के बीच संबंध और बेहतर हुए हैं। 7. वंदे मातरम गीत के लिए प्रोटोकॉल जारी 6 मई को केंद्र सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने का फैसला किया है। साथ ही सरकार ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन के लिए आधिकारिक प्रोटोकॉल के लिए गाइडलाइन भी जारी की। नई गाइडलाइन के मुताबिक, वंदे मातरम का पूरा वर्जन, राजकीय समारोहों के दौरान बजाया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा

Riteish Deshmukh Raja Shivaji: Salman, Abhishek Worked For Free

Riteish Deshmukh Raja Shivaji: Salman, Abhishek Worked For Free

51 मिनट पहले कॉपी लिंक रितेश देशमुख इन दिनों अपनी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज की शौर्य गाथा है, जिसे रितेश ने बतौर एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर पर्दे पर उतारा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में रितेश ने फिल्म से जुड़े कई इमोशनल किस्से शेयर किए और एक पिता, एक बेटे व एक फिल्ममेकर के तौर पर अपनी भावनाएं सामने रखीं। उन्होंने सबसे बड़ा खुलासा कास्ट की फीस को लेकर किया। रितेश ने बताया कि सलमान खान, अभिषेक बच्चन और विद्या बालन जैसे बड़े सितारों ने इस ऐतिहासिक फिल्म के लिए एक भी रुपया नहीं लिया। अभिषेक ने तो फीस की जगह रितेश की मां के हाथ का बना ‘ठेचा’ (महाराष्ट्रीयन डिश) मांगा। रितेश ने अपने 10 साल के संघर्ष, पिता विलासराव देशमुख की दी गई सीख और खुद पर लगे कॉमेडी एक्टर का टैग तोड़ने पर भी खुलकर बात की। राजा शिवाजी फिल्म के प्रोड्यूसर्स जियो स्टूडियो और मुंबई फिल्म कंपनी हैं। सवाल: सलमान खान, अभिषेक बच्चन और विद्या बालन जैसे एक्टर्स ने फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली? जवाब: हां, यह बिल्कुल सच है। हम एक मराठी फिल्म को बड़े स्तर पर बनाने की कोशिश कर रहे थे। जब मैंने अभिषेक बच्चन को कहानी सुनाई और बताया कि मैं इसे डायरेक्ट कर रहा हूं और यह छत्रपति शिवाजी महाराज पर है, तो उन्होंने कहा- “मुझे पैसे नहीं चाहिए, मुझे बस तुम्हारी मां के हाथ का बना ठेचा चाहिए।” विद्या बालन, बोमन ईरानी, फरदीन खान किसी ने भी पैसे नहीं लिए। यहां तक कि जेनेलिया और मैंने भी एक्टिंग, डायरेक्शन या प्रोडक्शन की कोई फीस चार्ज नहीं की। सबने यह फिल्म महाराज छत्रपति शिवाजी के प्रति सम्मान और आस्था के चलते की है। सवाल: सलमान खान का ‘जीवा महाले’ वाले कैमियो के लिए कैसे राजी किया? जवाब: सलमान भाऊ ने तो खुद मुझसे कहा था कि- “तुम फिल्म बना रहे हो, तो मेरे लिए भी एक रोल लिखना। मेरे बिना तुम फिल्म नहीं बनाओगे।” उनका प्यार ही ऐसा है। मैंने सोचा कि अगर वो आ रहे हैं, तो उनके फैंस को स्क्रीन पर उन्हें देखकर मजा आना चाहिए। जब मैंने उन्हें जीवा महाले के किरदार में स्क्रीन पर उतारा और अब लोगों के जो रिएक्शन आ रहे हैं, उनके फोटोज वायरल हो रहे हैं, उसे देखकर मुझे बतौर डायरेक्टर बहुत खुशी हो रही है। मुझे लगता है मैं उनकी पर्सनैलिटी के साथ न्याय कर पाया। सवाल: ‘राजा शिवाजी’ आपके लिए सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसे बनाने में 10 साल कैसे लगे? जवाब:10 साल पहले हमने छत्रपति शिवाजी महाराज पर फिल्म बनाने का सोचा था। कई बार कोशिश की, लेकिन सितारे जैसे एक साथ नहीं आ पा रहे थे। 2016 से 2019 तक कोशिश की, फिर कोविड आ गया। आखिरकार 2023 में काम शुरू हुआ और अब 26 में यह रिलीज हुई है। महाराज हमारे लिए पहले सुपरहीरो हैं, हमारा गौरव हैं। ऐसे में उनके रचे इतिहास को सही तरीके से पर्दे पर लाना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, क्योंकि लोगों की आस्था उनसे जुड़ी है। सवाल: ट्रेलर लॉन्च पर आप बहुत इमोशनल हो गए थे, जेनेलिया की आंखों में भी आंसू थे। उस वक्त क्या महसूस हो रहा था? जवाब: जब आप किसी प्रोजेक्ट पर सालों काम करते हैं और देखते हैं कि संजय दत्त, अभिषेक बच्चन जैसे लोग बिना किसी स्वार्थ के आपकी मदद करने चले आते हैं, तो आप भावुक हो जाते हैं। मुझे लगा कि जिंदगी में मैंने जो भी रिश्ते कमाए हैं, आज वो सब महाराज जी के प्रति अपने कर्तव्य के रूप में मेरे साथ खड़े हैं। ये उसी का इमोशन था। सवाल: तीन घंटे की फिल्म में महाराज के इतने बड़े जीवन को समेटना कितना मुश्किल था? जवाब: उनका जीवन और कीर्ति इतनी विशाल है कि एक फिल्म में सब कुछ नहीं बांधा जा सकता। इसलिए हमने एक हिस्सा चुना। हमने सोचा कि यह दिखाएं कि उनका जन्म उसी वक्त और उसी हालात में क्यों हुआ? जैसे श्रीकृष्ण का जन्म उसी कारागृह में होना तय था, वैसे ही उस वक्त के अंधकार को मिटाने के लिए महाराज का जन्म हुआ। यह कहानी जितनी उनकी है, उतनी ही उनके परिवार की भी है कि उनके माता-पिता और भाई किस दौर से गुजरे। सवाल: ऐतिहासिक सच्चाई और सिनेमैटिक लिबर्टी के बीच बैलेंस कैसे बनाया? जवाब: इतिहास में तारीखें और घटनाएं दर्ज होती हैं, लेकिन उनके बीच के धागे और इमोशंस नहीं। महाराज और उनके बड़े भाई शंभूराजे के बीच क्या बातें होती थीं, माता जीजाबाई के साथ उनका कैसा रिश्ता था… ये सब साहित्य में नहीं मिलता। ऐसे में हमें मान-मर्यादा को सामने रखकर वो रिश्ते गढ़ने पड़े, ताकि इतिहास से कोई छेड़छाड़ न हो और दर्शकों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सवाल: महाराज का किरदार निभाते वक्त आपके अंदर कैसा इमोशनल ट्रांसफॉर्मेशन चल रहा था? जवाब: लिखते वक्त ही मुझे समझ आ गया था कि महाराज सिर्फ बैटलफील्ड में एग्रेसिव नहीं थे, बल्कि बहुत संवेदनशील भी थे। वो दूर की सोचते थे। गनीमी कावा (गोरिल्ला वारफेयर) सिर्फ हथियारों की लड़ाई नहीं, बल्कि माइंड गेम भी था। अगर आपको बड़ी छलांग लगानी है तो दो कदम पीछे लेने ही पड़ते हैं। मैंने पर्दे पर उनके उसी शांत और रणनीतिक विजन को जीने की कोशिश की है। सवाल: फिल्म को लेकर अब तक का सबसे प्यारा फीडबैक किससे मिला? जवाब: सबसे सुकून देने वाला फीडबैक छत्रपति संभाजी राजे के परिवार से मिला। उन्होंने फिल्म देखी और हमारी तारीफ की। जब उनके परिवार ने कहा कि उन्हें हमारा काम पसंद आया, तो मेरे सीने से एक बहुत बड़ा बोझ उतर गया। ऐसा लगा कि हमने अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा ली। सवाल: ‘एक विलेन’ और ‘रेड 2’ जैसी फिल्मों से आपने खुद पर लगे ‘कॉमेडी एक्टर’ के टैग को कैसे तोड़ा? जवाब: कॉमेडी जॉनर ने मुझे इंडस्ट्री में टिके रहने में बहुत मदद की। एक वक्त था जब मेरी कॉमेडी फिल्में लगातार हिट हो रही थीं। लेकिन सिनेमा वक्त के साथ बदलता है। अगर आप एक ही फ्रेम में अटके रहेंगे, तो आउटडेटेड हो जाएंगे। खुद को अपग्रेड करना जरूरी था, इसलिए मैंने सीरियस और निगेटिव रोल्स किए।