जम्मू-कश्मीर में जैश को पनाह देने वाला शिक्षक गिरफ्तार:एक साथी भी पकड़ाया; पुंछ में घुसपैठ की कोशिश में एक आतंकी ढेर, एक घायल

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने सरकारी स्कूल के एक शिक्षक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को पनाह, खाना और दूसरी मदद देने का आरोप है। गिरफ्तार शिक्षक की पहचान मशकूर अहमद के रूप में हुई है। वह इंदरवाल के एक सरकारी स्कूल में तैनात है। उसके खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, वह चटरू इलाके में आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। यह मामला 4 फरवरी 2026 को डिच्छर-चटरू में हुए एनकाउंटर से जुड़ा है, जिसमें आतंकी आदिल मारा गया था। इधर, पुंछ के मेंढर स्थित कृष्णा घाटी सेक्टर में LoC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई। अधिकारियों ने एक आतंकी के मारे जाने का दावा किया है, जबकि एक के घायल होने की आशंका है। जैश कमांडर सैफुल्लाह के संपर्क में था जांच एजेंसियों के मुताबिक, मशकूर अहमद जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह के संपर्क में था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के घर से सैफुल्लाह की एक तस्वीर मिली, जिसमें उसे नोटों की माला पहनाई गई थी। जांच एजेंसियां इसे आतंकी संगठन से करीबी संबंध के तौर पर देख रही हैं। जैश कमांडर सैफुल्लाह 22 फरवरी 2026 को चटरू में सुरक्षा बलों के ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ में दो विदेशी आतंकियों के साथ मारा गया था। कौन था जैश का कमांडर सैफुल्लाह कहा जाता है कि सैफुल्लाह ने लगभग पांच साल पहले जम्मू और कश्मीर में घुसपैठ की थी। वह सिक्योरिटी फोर्सेस पर कई जानलेवा हमलों का मास्टरमाइंड था, जिसमें जुलाई 2024 का हमला भी शामिल है, जिसमें चार सैनिक मारे गए थे। किश्तवाड़ में सेना के ऑपरेशन में 7 आतंकी मारे गए थे भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने 25 फरवरी को X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा था- 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है। इन आतंकियों में जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया है। व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि किश्तवाड़ में उनके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस और CRPF समेत सेना की इंटेलीजेंस एजेंसी भी शामिल रहीं। 2026 में सेना के 2 ऑपरेशन ऑपरेशन त्राशी-1: यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था। पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई थी। चतरू में 3 आतंकियों के खात्मे के साथ यह खत्म हो गया है। ऑपरेशन ‘किया: व्हाइट नाइट कोर ने 4 फरवरी को CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ बसंतगढ़ के जोफर फॉरेस्ट एरिया में जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। सुरक्षा बलों ने आतंकियों पर UBGLs (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का इस्तेमाल किया। जिससे गुफा के एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए। ————— ये खबर भी पढ़ें… जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में जैश के 3 आतंकी ढेर:सुरक्षाबलों ने आतंकियों के ठिकाने को ब्लास्ट किया; 4 फरवरी को भी 3 आतंकी मारे थे जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चतरू इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। आधिकारियों ने 3 आतंकियों के ढेर होने की पुष्टि की है। सुरक्षाबलों ने उस ठिकाने को ही ब्लास्ट कर दिया, जहां आतंकी छिपे हुए थे। एनकाउंटर अभी भी जारी है। पूरी खबर पढ़ें…
CM थलापति विजय ने तृषा के लिए बदले नियम:एक्ट्रेस की फिल्म करप्पू के मॉर्निंग शो रखने की स्पेशल परमिशन दी, 3 सालों से था प्रतिंबध

तमिलनाडू के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद थलापति विजय ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा के लिए फिल्म इंडस्ट्री के एक बड़े नियम में बदलाव किया है। विजय ने तृषा कृष्णन की फिल्म करप्पू के लिए सुबह 9 बजे की स्क्रीनिंग रखने की स्पेशल परमिशन दी है, जबकि अब तक साउथ में इस पर प्रतिबंध था। फिल्म करप्पू के प्रोडक्शन हाउस ड्रीम वॉरियर पिक्चर ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी देते हुए थलापति विजय का शुक्रिया अदा किया है। पोस्ट में लिखा गया है, स्पेशल थैंक्स हमारे आदरणीय मुख्यमंत्री थिरु जोसेफ विजय, करप्पू को सुबह 9 बजे की स्पेशल परमिशन देने के लिए। फिल्म करप्पू 14 मई को रिलीज हो रही है। पहले दिन से ही इसके सुबह 9 बजे के शो शुरू हो जाएंगे। फिल्म में तृषा कृष्ण और सूर्या लीड रोल में हैं। 2023 से तमिलनाडू में था मॉर्निंग शो पर प्रतिबंध साल 2023 में फिल्म थुनिवू रिलीज हुई थी। इस फिल्म के सुबह साढ़े 4 बजे के मॉर्निंग शो में भगदड़ मच गई थी, जिसमें एक फैन का निधन हो गया था। इसके बाद से ही एहतियातन तमिलनाडू सरकार ने सुरक्षा कारणों से सुबह के शोज पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें कि थलापति विजय का ये फैसला देना इसलिए भी सबका ध्यान खींच रहा है क्योंकि उनका नाम लंबे समय से तृषा कृष्णन से जुड़ रहा है। दोनों ने रिश्ते पर आधिकारिक तौर पर मुहर नहीं लगाई है, लेकिन तलाक की प्रोसेस के साथ लगातार तृषा के साथ स्पॉट होकर दोनों ने रिश्ते पर हिंट दे दिया है।
Prateek Yadav Story Explained; BJP Aparna Yadav | Pulmonary Embolism

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। महज 38 साल की उम्र में उनकी मौत की खबर से लोग हैरान हैं। प्रतीक की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है। यादव परिवार से होने के बावजूद प्रतीक को राजनीति पसंद नहीं थी। वह कभी सार्वजनि . प्रतीक जब 3 साल के थे, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया। फिर मां साधना ने मुलायम सिंह यादव से शादी की। मुलायम ने प्रतीक को बेटे का हक दिया। प्रतीक ने 15 साल पहले अपर्णा बिष्ट से लव मैरिज की। इसके बाद प्रतीक कभी पत्नी से विवाद, तो कभी प्रॉपर्टी विवाद को लेकर ही चर्चा में आए। करीबी बताते हैं कि प्रतीक ने धीरे-धीरे दोस्तों से भी दूरी बना ली थी। कहा जा रहा है कि प्रतीक पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लेकिन इसकी जानकारी सिर्फ परिवार तक ही सीमित थी। 13 दिन पहले यानी 30 अप्रैल को भी प्रतीक की तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 3 दिन बाद आराम मिल गया था। इसके बाद वे बिना डॉक्टर की परमिशन लिए घर चले गए थे। लग्जरी कारों और बॉडी बिल्डिंग के शौकीन प्रतीक यादव की कहानी… प्रतीक की 4 तस्वीरें… प्रतीक को लग्जरी गाड़ियों का शौक था। उनके पास लैंबोर्गिनी और पोर्शे जैसी गाड़ियां थीं। प्रतीक यादव फिटनेस को लेकर काफी सजग थे। वे न सिर्फ खुद बॉडी बिल्डर थे, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करते थे। प्रतीक और अपर्णा की 2 बेटियां है। हाल ही में उन्होंने बेटी का जन्मदिन मनाया था। प्रतीक ने सोशल मीडिया पर आखिरी पोस्ट 3 अप्रैल को किया था। उन्होंने लिखा था- ‘इंजन दहाड़ उठा, आसमान ने रास्ता दिया और मैंने पूरी तरह कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। बचपन में पिता ने छोड़ा, फिर मां ने मुलायम से शादी की 7 जुलाई 1987। फर्रुखाबाद के व्यवसायी चंद्रप्रकाश गुप्ता के घर प्रतीक का जन्म हुआ। मां साधना नर्स थीं। लेकिन एक साल बाद ही पिता चंद्रप्रकाश गुप्ता ने उनकी मां को छोड़ दिया। तीन साल बाद यानी 1990 में दोनों का तलाक हो गया। बहुत कम उम्र में प्रतीक की दुनिया सिर्फ मां तक सिमट गई। उस वक्त साधना सैफई मेडिकल कॉलेज में तैनात थीं। एक बार मुलायम की मां मूर्ति देवी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। मेडिकल कॉलेज में एक नर्स मूर्ति देवी को गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी। उस समय साधना वहां मौजूद थीं और उन्होंने नर्स को ऐसा करने से रोक दिया। साधना की वजह से ही मूर्ति देवी की जान बची थी। मुलायम इससे काफी प्रभावित हुए और दोनों के बीच रिश्ता शुरू हो गया। 2007 में साधना ने मुलायम सिंह यादव से शादी कर ली। इसके बाद प्रतीक को मुलायम ने अपना लिया। 2007 में मुलायम ने अपने खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक शपथपत्र दिया। इसमें लिखा था- मैं स्वीकार करता हूं कि साधना गुप्ता मेरी पत्नी हैं और प्रतीक मेरा बेटा है। चार साल पहले साधना गुप्ता का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। ये तस्वीर मई 2019 की है। तब मुलायम अपने नए घर में शिफ्ट होने वाले थे। ये उसी घर के पूजा के वक्त तस्वीर है। तस्वीर में साधना और अपर्णा दोनों हैं। ब्रिटेन से MBA, राजनीति नहीं कारोबार चुना प्रतीक यादव की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम किया। फिर ब्रिटेन चले गए और यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एमबीए किया। पढ़ाई पूरी कर जब वे भारत लौटे, तो पिता मुलायम चाहते थे कि वह राजनीति में कदम रखें। लेकिन प्रतीक ने राजनीति की राह नहीं चुनी और रियल एस्टेट में अपनी किस्मत आजमाने लगे। तस्वीर पिछले साल नंवबर की है। जब प्रतीक, पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ सैफई (इटावा) में एक शादी में हिस्सा लेने पहुंचे थे। अपर्णा से बर्थडे पार्टी में मिले, लव-मैरिज की प्रतीक और अपर्णा यादव की लव स्टोरी काफी चर्चित रही। दोनों स्कूल के दिनों से दोस्त थे। एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में दोनों की मुलाकात हुई, जहां ई-मेल आईडी एक्सचेंज होने से दोस्ती की शुरुआत हुई। यह दोस्ती कब 8-10 साल की रिलेशनशिप में बदल गई, पता ही नहीं चला। 2011 में दोनों की सैफई में शाही अंदाज में शादी हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन जैसे बड़े मेहमान शामिल हुए। प्रतीक और अपर्णा की दो बेटियां हैं। शादी की 3 तस्वीरें देखिए- पिता ने चैलेंज दिया, तो जिम का शौक चढ़ा एक बार प्रतीक यादव का वजन 103 किलो हो गया था। पिता मुलायम सिंह ने उन्हें देखा तो कहा- वजन कम करो, तो तुम्हें बड़ा इनाम देंगे। प्रतीक ने पिता का चैलेंज स्वीकार किया और वजन घटाने के लिए जिम जाना शुरू किया। उन्होंने अपना वजन 36 किलो तक घटा लिया। यहीं से उन्हें जिम का शौक चढ़ गया। इसके बाद उन्होंने लखनऊ के गोमतीनगर में जिम भी खोल लिया और बॉडी बिल्डिंग करने लगे। रियल एस्टेट बिजनेस और जिम से पैसा आने पर उन्हें लग्जरी कारों का भी शौक हो गया। उन्होंने लैंबोर्गिनी और पोर्शे जैसी गाड़ियां खरीदीं। वे ‘जीव आश्रय फाउंडेशन’ नाम की एक एनजीओ भी चलाते थे, जो पशु कल्याण और बेघर लोगों की मदद जैसे सामाजिक कार्यों पर फोकस करती थी। प्रतीक पशु प्रेमी थी। वे ‘जीव आश्रय फाउंडेशन’ नाम की एक एनजीओ भी चलाते थे। पत्नी और कारोबार की वजह से सुर्खियों में रहे… तलाक का ऐलान किया, 9 दिन बाद सुलह हुई: प्रतीक यादव ने 19 जनवरी को अचानक पत्नी अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था- अपर्णा ने मेरी जिंदगी नरक बना दी। हालांकि, 9 दिन बाद दोनों के बीच सुलह हो गई। इंस्टाग्राम पर प्रतीक ने अपर्णा के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- “All is good यानी सब अच्छा है। चैंपियन वो होते हैं, जो अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल समस्याओं को खत्म कर देते हैं। हम चैंपियंस का परिवार हैं।” कारोबारी पर 5 करोड़ की रंगदारी मांगने की FIR कराई: प्रतीक रियल एस्टेट
NEET Paper Leak; NEET UG 2026 Cancelled Controversy LIVE Update

Hindi News National NEET Paper Leak; NEET UG 2026 Cancelled Controversy LIVE Update | NTA CBI Probe नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक नासिक पुलिस और जांच एजेंसियों ने एकआरोपी शुभम खैरनार को 12 मई को गिरफ्तार किया। NEET UG 2026 परीक्षा रद्द मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें न्यायिक निगरानी में दोबारा होने वाली परीक्षा कराने की मांग की गई। FAIMA ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली से अब भरोसा उठ चुका है। इसलिए मौजूदा गर्वनिंग बॉडी का पुर्नगठण किया जाना चाहिए। FAIMA ने कल कहा था कि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक को आयोजित करने वाले सिस्टम में गंभीर खामियां हैं। मामले की समय पर जांच हो और जिम्मेदारी तय की जाए। दरअसल, पेपर लीक के बाद एक दिन पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द की। एग्जाम 3 मई को हुई था। जिसमें 22.79 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। 12 मई: NTA डीजी अभिषेक सिंह ने गड़बड़ी मानी NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा कि इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा। उधर, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंपी। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से दिल्ली में इस मामले में मीडिया ने सवाल पूछा तो वह बिना कुछ बोले निकल गए थे। केरलम से सीकर पहुंचा क्वेश्चन बैंक, टाइमलाइन से समझें NEET का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। जांच एजेंसी पता लगा रही हैं कि आखिर यह पेपर लीक कहां से हुआ। हालांकि, इसका खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ। 1 मई: केरलम से राजस्थान भेजा क्वेश्चन बैंक केरलम के कॉलेज में MBBS कर रहे चूरू के एक लड़के ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा। 2 मई: राजस्थान में पेपर शेयर हुआ दोस्त ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को दिया। उसने पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स को ‘क्वेश्चन बैंक’ शेयर कर दिया। इसी तरह दूसरे स्टूडेंट्स और करियर काउंसलर्स तक पहुंचा। इसी तरह बंटता चला गया। 3 मई: पीजी संचालक ने पुलिस में शिकायत की परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है। 6-7 मई: पेपर से जुड़ी ऑनलाइन चैट वायरल आंसर-की और परीक्षा से जुड़ी चर्चाएं ऑनलाइन सामने आने के बाद छात्रों और कोचिंग सेंटर्स में एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो कथित तौर पर असली परीक्षा से काफी मिलता-जुलता था। 7 मई: NTA ने गड़बड़ी की बात कही NTA ने पुष्टि की कि उसे परीक्षा के 4 दिन बाद, यानी 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने बताया कि यह मामला राजस्थान और उत्तराखंड से सामने आया। 8 मई: NTA ने जांच केंदिय एजेंसियों को सौंपी। 10 मई: 13 लोग अरेस्ट राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कहा कि उसने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 मई तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को अरेस्ट किया। एक ही हैंडराइटिंग में लिखे 300+ सवाल, 150 परीक्षा में आए ‘क्वेश्चन बैंक’ हाथ से लिखे गए हैं और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही है। ‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET के पेपर में आए। पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं और प्रत्येक सवाल 4 अंक का होता है। यानी 720 में से 600 नंबर के सवाल सीधे ‘क्वेश्चन बैंक’ से आए। एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष क्वेश्चन बैंक से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती। कितने छात्रों को ‘क्वेश्चन बैंक’ मिला यह तय नहीं अब तक यह आंकड़ा तो सामने नहीं आया है कि कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ कितने छात्रों तक पहुंचा, लेकिन यह संख्या बड़ी होने की आशंका है। दरअसल, जिन लोगों को ये वॉट्सएप पर यह मिला, उसमें मैसेज के साथ ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ लिखा आ रहा है। अब इसके तार केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र तक जुड़ रहे हैं। नासिक पुलिस ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले में यहां युवक को हिरासत में लिया गया है। राजस्थान पुलिस की एक टीम यहां पहुंचने वाली है। इस बीच, सूत्रों ने दावा किया है कि आरोपी फिलहाल BAMS की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा, पता चला है कि वह एक मेडिकल काउंसलिंग एजेंसी भी चलाता है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने 8 मई को सीकर में कंसल्टेंसी सेंटर चलाने वाले राकेश मंडवरिया सहित 3 को अरेस्ट किया था। NTA डीजी बोले- 7 मई को एग्जाम में गड़बड़ी की जानकारी मिली 7 मई की रात हमें एक व्हिसलब्लोअर के जरिए जानकारी मिली थी कि परीक्षा होने से पहले किसी व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर कुछ सवाल भेजे गए थे, जो परीक्षा के सवालों से मेल खा रहे थे। हमारी जिम्मेदारी थी कि इन आरोपों की जांच करें और यह पता लगाएं कि क्या ये PDF 3 मई यानी परीक्षा के दिन से पहले किसी के पास मौजूद थीं। जांच में पाया गया कि कुछ सवाल हमारे प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। यह भी सामने आया कि 1 और 2 मई को यह PDF कुछ लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद थी। मामले पर किसने क्या कहा… राहुल बोले- पीएम का अमृतकाल, विषकाल बन गया राहुल ने अपने एक और X पोस्ट में लिखा- देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूं। एक काम कीजिए खुद गूगल कीजिए और देखिए की NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां
‘विज्ञान पर ध्यान दें’: निजी ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त किए जाने के बाद वीसीके, डीएमडीके ने सीएम विजय पर निशाना साधा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 11:08 IST तमिलनाडु के सीएम विजय ने अपने निजी ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। विजय ने अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित को सीएम का ओएसडी नियुक्त किया। मुख्यमंत्री विजय द्वारा अपने निजी ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्त करने के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। नियुक्ति ने विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) और मनिथानेया जनानायगा काची (एमजेके) सहित कई राजनीतिक दलों की आलोचना शुरू कर दी है। तमिलनाडु विधानसभा में चल रहे विश्वास मत की कार्यवाही के दौरान इस मुद्दे ने राजनीतिक ध्यान आकर्षित किया, जहां वीसीके नेताओं ने नियुक्ति को लेकर सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) सरकार पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया। वीसीके ने ‘वैज्ञानिक सोच’ पर दिया जोर वीसीके के नेताओं ने एक ज्योतिषी को प्रमुख प्रशासनिक भूमिका में नियुक्त करके सरकार द्वारा भेजे जा रहे संदेश पर सवाल उठाया। वीसीके के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सरकार को ज्योतिष के बजाय विज्ञान पर अधिक भरोसा करना चाहिए। पार्टी ने यह भी टिप्पणी की कि शासन में वैज्ञानिक सोच को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। नेता ने नियुक्ति का जिक्र करते हुए सवाल किया, ”ज्योतिष को नहीं विज्ञान को प्राथमिकता देनी चाहिए। आप क्या संदेश दे रहे हैं।” इस कदम की आलोचना के बावजूद, वीसीके ने विधानसभा में विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार को समर्थन देना जारी रखा है। डीएमडीके भी सवाल उठाती है डीएमडीके ने विजय के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लिए गए फैसले पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने ज्योतिषी की भूमिका और साख पर स्पष्टता की मांग की, जिन्हें अब मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। पार्टी ने कहा, ”ज्योतिषी की नियुक्ति से युवाओं में गलत संदेश जाता है।” विवाद इसलिए गहरा गया क्योंकि ज्योतिषी ने पहले टीवीके के लिए चुनावी जीत की भविष्यवाणी की थी। एक आधिकारिक सरकारी पद पर उनकी नियुक्ति ने अब राजनीति और प्रशासन में ज्योतिष के बढ़ते प्रभाव के बारे में एक व्यापक राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। मद्रास उच्च न्यायालय ने ज्योतिषी नियुक्ति में तात्कालिकता के मुद्दे को उठाया मुख्यमंत्री विजय के ज्योतिषी की विशेष कर्तव्य अधिकारी के रूप में नियुक्ति का बुधवार को मद्रास उच्च न्यायालय के समक्ष तत्काल उल्लेख किया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की तात्कालिकता पर सवाल उठाया, जबकि वकील ने दलील दी कि नियुक्ति कानून के खिलाफ है. इसके बाद अदालत ने वकील से इस मुद्दे पर औपचारिक याचिका दायर करने को कहा। फ्लोर टेस्ट के दौरान बहस तमिलनाडु विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान राजनीतिक विवाद सामने आया। विपक्षी नेताओं ने इस अवसर का उपयोग नियुक्ति को लेकर सरकार पर निशाना साधने और आधिकारिक शासन के साथ ज्योतिष के मिश्रण पर चिंता जताने के लिए किया। यह मुद्दा अब तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मुद्दा बन गया है, पार्टियों ने सवाल उठाया है कि क्या ऐसी नियुक्तियाँ पारंपरिक रूप से राज्य की राजनीतिक संस्कृति से जुड़े वैज्ञानिक स्वभाव और तर्कसंगत सोच के मूल्यों को दर्शाती हैं। जबकि आलोचना जारी है, विजय सरकार ने नियुक्ति पर विपक्षी दलों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘विज्ञान पर ध्यान दें’: निजी ज्योतिषी को ओएसडी नियुक्त किए जाने के बाद वीसीके, डीएमडीके ने सीएम विजय पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)विजय ने ज्योतिषी की नियुक्ति की(टी)विजय ज्योतिषी(टी)तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु के ज्योतिषी की नियुक्ति(टी)विजय मुख्यमंत्री विवाद(टी)विशेष कर्तव्य अधिकारी ज्योतिषी(टी)तमिलनाडु राजनीतिक विवाद(टी)शासन में ज्योतिष(टी)वीसीके आलोचना विज्ञान(टी)डीएमडीके नियुक्ति पर सवाल(टी)टीवीके सरकार विश्वास मत
तलाक की धमकी, हटाए गए पोस्ट, अचानक मौत: अपर्णा और प्रतीक यादव की शादी पर स्पॉटलाइट | लखनऊ-न्यूज़ न्यूज़

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 11:04 IST प्रतीक यादव की मृत्यु: व्यक्तिगत दुःख के समय, अपर्णा यादव को अपनी परेशान शादी और भविष्य के बारे में सार्वजनिक जांच का सामना करना पड़ रहा है 2011 में, अपर्णा ने प्रतीक यादव से शादी की और यादव परिवार की छोटी बहू बन गईं, जिसे लंबे समय तक उत्तर प्रदेश का सबसे शक्तिशाली राजनीतिक राजवंश माना जाता था। (पीटीआई/फ़ाइल) अपर्णा यादव एक और निजी विवाद के केंद्र में हैं। उनके पति प्रतीक यादव, दिवंगत समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे, का बुधवार को 38 साल की उम्र में अचानक निधन हो गया, ऐसी परिस्थितियों में जिनकी अभी तक व्याख्या नहीं की जा सकी है। कुछ महीने पहले, उसने सार्वजनिक रूप से उस पर अपने परिवार को नष्ट करने का आरोप लगाया था और तलाक की धमकी दी थी। अब 37 साल की विधवा अपर्णा की 15 साल की शादी, उनका राजनीतिक भविष्य और यादव वंश में उनका स्थान सभी सार्वजनिक जांच के दायरे में हैं। अपर्णा बिष्ट से लेकर अपर्णा यादव तक अपर्णा बिष्ट का जन्म 1 जनवरी 1990 को, जो अब उत्तराखंड है, एक ठाकुर-बिष्ट परिवार में हुआ था। उन्होंने लखनऊ के सिटी मोंटेसरी स्कूल में पढ़ाई की, उसी स्कूल में उनके दिवंगत पति ने पढ़ाई की थी, और ब्रिटेन के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और राजनीति में मास्टर डिग्री हासिल की। वह एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका भी हैं। 2011 में, उन्होंने प्रतीक यादव से शादी की और यादव परिवार की छोटी बहू बन गईं, जिसे लंबे समय तक उत्तर प्रदेश का सबसे शक्तिशाली राजनीतिक राजवंश माना जाता है, जिसने दो मुख्यमंत्री बनाए हैं। अपनी शादी के बाद कई वर्षों तक, वह राजनीतिक सुर्खियों से दूर रहीं, इसके बजाय उन्होंने पशु कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया, यह रुचि उन्होंने अपने पति के साथ साझा की थी। राजनीतिक प्रवेश और सपा से अलगाव यह 2017 में बदल गया, जब अपर्णा ने अपने पति के शांत जीवन को तोड़ दिया और परिवार द्वारा संचालित समाजवादी पार्टी में शामिल होकर राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने उस साल लखनऊ कैंटोनमेंट सीट से यूपी विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। राजनीति में उनका प्रवेश यादवों के लिए एक उथल-पुथल भरा क्षण था। परिवार एक कड़वे आंतरिक लेकिन सार्वजनिक झगड़े के बीच में था, और अपर्णा और उनकी सास साधना यादव, जो कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव की सौतेली माँ हैं, दोनों पर व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ के लिए दरार को गहरा करने का आरोप लगाया गया था। जनवरी 2022 में अपर्णा ने एक बड़ा कदम उठाया और सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने इसकी वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला केंद्रित नीतियों को बताया। तब से, वह अपनी पूर्व पार्टी की मुखर आलोचक रही हैं। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, यह पद उन्होंने सितंबर 2024 में संभाला था। ‘परिवार विनाशक’ इस साल जनवरी में, प्रतीक यादव ने अपने सत्यापित इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की एक श्रृंखला शुरू की जो अपनी प्रत्यक्षता में चौंकाने वाली थी। उन्होंने अपर्णा को “परिवार को नष्ट करने वाली” कहा और उन पर पूरी तरह से प्रसिद्धि और प्रभाव की भूख से प्रेरित होने का आरोप लगाया। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, “मैं जल्द से जल्द इस स्वार्थी महिला को तलाक देने जा रहा हूं। उसने मेरे पारिवारिक संबंधों को बर्बाद कर दिया… वह केवल प्रसिद्ध और प्रभावशाली बनना चाहती है।” उन्होंने अपने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भी बात करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि वह किस दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने लिखा, “फिलहाल मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है और उसे कोई चिंता नहीं है। क्योंकि वह केवल अपनी ही चिंता करती है। मैंने इतनी बुरी आत्मा कभी नहीं देखी।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने उन सभी लोगों से अपने संबंध तोड़ लिए हैं जिनके वह करीबी थे। उन्होंने लिखा, “मेरी मां के साथ मेरा रिश्ता तोड़ दिया, मेरे पिता के साथ मेरा रिश्ता तोड़ दिया, मेरे भाई के साथ मेरा रिश्ता तोड़ दिया। केवल प्रसिद्ध होना चाहता है,” उन्होंने उसे “सबसे बड़ा झूठा” और “सबसे स्वार्थी व्यक्ति” भी कहा, जिसे वह कभी जानता था। पोस्ट किस कारण से शुरू हुईं, यह कभी स्थापित नहीं हुआ। उस समय न तो सपा और न ही भाजपा ने इस मामले पर कोई टिप्पणी की। लेकिन तूफान टलता नजर आया। इसके बाद के महीनों में, जोड़े को सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में एक साथ देखा गया – मुस्कुराते हुए, जाहिर तौर पर सहजता से। पहले वाले पोस्ट चुपचाप डिलीट कर दिए गए. अपर्णा यादव का भविष्य अब अपर्णा यादव को एक और तूफान का सामना करना पड़ रहा है और गहन व्यक्तिगत दुःख के समय सार्वजनिक जांच में वृद्धि हुई है। प्रतीक यादव की अचानक मौत जवाब से ज्यादा सवाल पीछे छोड़ गई है – क्या हुआ, उस शादी के बारे में जो सुधरती दिख रही थी, और भारत के सबसे झगड़ालू राजनीतिक परिवारों में से एक में अपर्णा के भविष्य के बारे में। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार शहर लखनऊ-समाचार तलाक की धमकी, हटाए गए पोस्ट, अचानक मौत: अपर्णा और प्रतीक यादव की शादी पर स्पॉटलाइट अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अपर्णा यादव(टी)प्रतीक यादव की मृत्यु(टी)मुलायम सिंह यादव परिवार(टी)समाजवादी पार्टी विवाद(टी)अपर्णा यादव बीजेपी(टी)उत्तर प्रदेश की राजनीति(टी)यादव राजनीतिक वंशवाद(टी)प्रतीक इंस्टाग्राम आरोप
Kamal haasan lashed out after NEET exam got cancell due to paper leak

9 मिनट पहले कॉपी लिंक 3 मई को होने वाली नीज की परीक्षा रद्द कर दी गई है। इससे देश भर में आक्रोश है। ये फैसला पेपर लीक होने के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने लिया है। फैसला आने के बाद एक्टर कमल हासन भड़क गए। उनका मानना है कि इस फैसले से 22 लाख छात्रों की मेहनत बर्बाद हुई है। कमल हासन ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘NEET प्रवेश परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत और सपने देखने वाले 22 लाख छात्रों की उम्मीदें आपराधिक साजिशों ने तोड़ दी हैं। इस मानसिक पीड़ा की जिम्मेदारी कौन लेगा?’ आगे उन्होंने लिखा है, ‘आज तक मुझे याद नहीं कि NEET की एक भी परीक्षा बिना गड़बड़ी और धांधली के आरोपों के हुई हो। यही वजह है कि हम शिक्षा को फिर से राज्य सूची में लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भारतीय छात्रों को इस अन्यायपूर्ण NEET परीक्षा और इसके पीछे काम कर रहे माफिया से बचाया जाना चाहिए।’ पेपर लीक होने के मामले की जांच अब सीबीआई को सौंपी गई है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने भी कड़ी जांच की मांग की है। वहीं दिल्ली में भी कई छात्र पेपर रद्द होने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। नीट की ये परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशो 14 शहरों में होने वाली थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Kamal haasan lashed out after NEET exam got cancell due to paper leak

11 मिनट पहले कॉपी लिंक 3 मई को होने वाली नीज की परीक्षा रद्द कर दी गई है। इससे देश भर में आक्रोश है। ये फैसला पेपर लीक होने के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने लिया है। फैसला आने के बाद एक्टर कमल हासन भड़क गए। उनका मानना है कि इस फैसले से 22 लाख छात्रों की मेहनत बर्बाद हुई है। कमल हासन ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘NEET प्रवेश परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत और सपने देखने वाले 22 लाख छात्रों की उम्मीदें आपराधिक साजिशों ने तोड़ दी हैं। इस मानसिक पीड़ा की जिम्मेदारी कौन लेगा?’ आगे उन्होंने लिखा है, ‘आज तक मुझे याद नहीं कि NEET की एक भी परीक्षा बिना गड़बड़ी और धांधली के आरोपों के हुई हो। यही वजह है कि हम शिक्षा को फिर से राज्य सूची में लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भारतीय छात्रों को इस अन्यायपूर्ण NEET परीक्षा और इसके पीछे काम कर रहे माफिया से बचाया जाना चाहिए।’ पेपर लीक होने के मामले की जांच अब सीबीआई को सौंपी गई है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने भी कड़ी जांच की मांग की है। वहीं दिल्ली में भी कई छात्र पेपर रद्द होने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। नीट की ये परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशो 14 शहरों में होने वाली थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
रियल बेटिस 20 साल बाद चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई:स्पेनिश लीग ला लीगा में एल्चे को 2-1 से हराया, पेत्रोत को रेड कार्ड

स्पेनिश क्लब रियल बेटिस ने 20 साल बाद फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता UEFA चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई कर इतिहास रच दिया है। मंगलवार को स्पेनिश लीग ला लीगा में बेटिस ने एल्चे को 2-1 से हराकर 5वां स्थान और चैंपियंस लीग का अंतिम स्पॉट पक्का कर लिया। एल्चे रेलीगेशन के करीब है। रियल बेटिस ने आखिरी बार 2005-06 सीजन में चैंपियंस लीग खेली थी। मैनुअल पेलेग्रिनी की टीम ने जीत के साथ छठे स्थान पर मौजूद सेल्टा विगो पर 7 अंकों की बढ़त बना ली है। लीग में अब केवल दो दौर के मैच बाकी हैं। बेटिस के प्रशंसकों के लिए यह इमोशनल पल है, क्योंकि 2 दशक बाद उनकी टीम यूरोप के सबसे बड़े मंच पर खेलेगी। बेटिस ने इस पोस्ट के जरिए फैंस को जानकारी दी फोटो में सेलिब्रेशन देखिए… पेत्रोत को रेड कार्ड, एल्चे को 10 प्लेयर्स से खेलना पड़ा बेटिस के लिए कुचो हर्नांडेज ने 9वें मिनट में गोल कर बढ़त दिलाई थी। हाफ-टाइम से पहले एल्चे के हेक्टर फोर्ट ने स्कोर बराबर कर दिया। 49वें मिनट में एल्चे के लियो पेत्रोत को रेड कार्ड मिला। इसके बाद 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही एल्चे के खिलाफ पाब्लो फोर्नाल्स ने 68वें मिनट में विनिंग गोल दागकर बेटिस की जीत और चैंपियंस लीग का टिकट तय कर दिया। एटलेटिको मैड्रिड की भी जीत एक अन्य मुकाबले में चौथे स्थान पर काबिज एटलेटिको मैड्रिड ने ओसासुना को 2-1 से हराया। एटलेटिको के लिए एडेमोला लुकमैन और अलेक्जेंडर सोरलॉथ ने गोल किए। 79वें मिनट में मार्कोस लोरेंटे को रेड कार्ड मिलने के बाद टीम को अंत में 10 खिलाड़ियों के साथ संघर्ष करना पड़ा। ला लीगा की ताजा स्थिति बार्सिलोना ने मैड्रिड को हराकर जीता टाइटल ला लिगा के मौजूदा सीजन का खिताब बार्सिलोना ने जीता। उसने पॉइंट टेबल में 14 अंकों के भारी अंतर के साथ ला लिगा का खिताब अपने नाम किया। बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड को 2-0 से हराया। 97 साल बाद ‘एल क्लासिको’ से लीग का विजेता तय हुआ। —————————————————–
राजस्थान के CM के काफिले में कम हुईं गाड़ियां:PM की अपील का असर, 5 कारों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे; मंत्री-अधिकारियों को भी निर्देश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। बुधवार (आज) सुबह दिल्ली जाने के लिए सांगानेर एयरपोर्ट जाते समय उनके कारकेड (कॉन्वॉय) में गाड़ियों की संख्या 5 रह गई थी। प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बाद भजनलाल शर्मा ने मिसल पेश की है। पहले सीएम के काफिले में 10 से 12 गाड़ियां रहती थीं। अब गाड़ियों की संख्या आधी कर दी गई है। इससे पहले देर रात सीएम भजनलाल शर्मा ने सभी मंत्रियों, जनप्रतिनिधि और अधिकारियों को भी काफिले में कम वाहनों के इस्तेमाल करने और वाहनों के अनवाश्यक प्रयोग से बचने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा- राज्य के सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी अपने वाहनों का इस्तेमाल काफी सोच-विचार कर करें। अनावश्यक गाड़ियों को साथ लेकर न चलें। PM ने की थी 7 अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद (तेलंगाना) और वडोदरा (गुजरात) में जनसभाओं को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत रखने के लिए जनता से 7 अपील की थी। इसमें पेट्रोल-डीजल बचाना भी शामिल था। ईंधन की बचत- पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें। इसके लिए अधिक से अधिक मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक (ईवी) वाहनों का उपयोग करें। वर्क फ्रॉम होम- कोरोना काल की तरह कंपनियां और कर्मचारी जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग्स को प्राथमिकता दें। ताकि यात्रा और ईंधन का खर्च घटे। सोना खरीदने से बचें- मुद्रा नुकसान को रोकने के लिए आगामी एक साल तक अनावश्यक सोना न खरीदें। विदेश यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग टालें- मध्यम वर्ग से अपील की गई है कि वे कम से कम एक साल तक विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग की योजनाओं को टालें और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दें। खाने के तेल की खपत कम करें- खाने के तेल के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाने और स्वास्थ्य के लिहाज से इसका सीमित उपयोग करें। स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता- ‘वोकल फॉर लोकल’ आंदोलन को मजबूत करने के लिए विदेशी ब्रांड्स के बजाय ‘मेड इन इंडिया’ सामान खरीदें। प्राकृतिक खेती अपनाएं- किसानों से रासायनिक उर्वरकों (केमिकल फर्टिलाइजर) पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती (नेचुरल फार्मिंग) अपनाने का आग्रह किया गया है।








