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दूध के बढ़ते दाम से हैं परेशान, मिल्क की कमी ये 5 चीजें कर सकती हैं पूरी, कीमत भी ज्यादा नहीं !

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Last Updated:May 13, 2026, 20:26 IST Healthy Alternatives to Milk: दूध की बढ़ती कीमतों के बीच दही, चना, सोया, मूंगफली, तिल और रागी जैसी चीजें शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकती हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार संतुलित आहार अपनाकर कम बजट में भी कैल्शियम और प्रोटीन की जरूरत काफी हद तक पूरी की जा सकती है. दूध की जगह आप हरी सब्जियां और चना खा सकते हैं. Best Milk Substitutes for Health: दूध को पुराने समय से कैल्शियम, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा सोर्स माना जाता है. पहले के जमाने में अधिकतर लोग गाय-भैंस रखते हैं और दूध की किल्लत नहीं होती थी. आजकल शहरों में दूध सिर्फ पैकेट्स में मिलता है. बुधवार को मदर डेयरी और अमूल ने दूध की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. पिछले कुछ समय में दूध की बढ़ती कीमतों ने कई परिवारों का बजट प्रभावित किया है. ऐसे में लोग ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं, जो सस्ते भी हों और शरीर को जरूरी पोषण भी दे सकें. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सेहत के लिए दूध जरूरी होता है, लेकिन कुछ अन्य चीजें भी कैल्शियम और प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकती हैं. दूध की कमी ये चीजें कर सकती हैं पूरी दही : दही को दूध का सबसे आसान और किफायती विकल्प माना जाता है. इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो पाचन के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. कई बार दही की कीमत दूध के मुकाबले कम पड़ सकती है और इसे रोजाना खाने में आसानी से शामिल किया जा सकता है. सोया और चना : हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार सोया उत्पाद और चना प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं. सोया चंक्स, भुना चना या अंकुरित चना शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकते हैं. खासकर शाकाहारी लोगों के लिए ये अच्छे विकल्प माने जाते हैं. मूंगफली : मूंगफली को गरीबों का बादाम भी कहा जाता है. इसमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं. कम कीमत में मिलने वाली मूंगफली स्नैक के तौर पर या चटनी और सलाद में इस्तेमाल की जा सकती है. यह शरीर को ऊर्जा देने में भी मदद कर सकती है. तिल और रागी : कैल्शियम की बात करें तो तिल और रागी को भी काफी फायदेमंद माना जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रागी में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है और इसे रोटी, दलिया या ड्रिंक के रूप में लिया जा सकता है. वहीं तिल को लड्डू, चटनी या सलाद में शामिल किया जा सकता है. हरी पत्तेदार सब्जियां : पालक, मेथी और सरसों जैसी हरी सब्जियों में भी कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. हालांकि इनमें दूध जितना कैल्शियम नहीं होता, लेकिन संतुलित डाइट में इन्हें शामिल करना शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है. अगर कोई व्यक्ति दूध कम पी रहा है, तो उसे अपनी डाइट में अलग-अलग पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

Supreme Court accidents lack of lane driving on roads vehicle location tracking devices

Supreme Court accidents lack of lane driving on roads vehicle location tracking devices

Hindi News National Supreme Court Accidents Lack Of Lane Driving On Roads Vehicle Location Tracking Devices 14 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देश में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर कहा कि भारत में लेन ड्राइविंग का कोई कॉन्सेप्ट ही नहीं है। यही दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहा है। कोर्ट ने सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्देश भी जारी किए। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट गाड़ियों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस (VLTD) और इमरजेंसी पैनिक बटन अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। कोर्ट ने कहा कि ये उपकरण खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। केंद्र सरकार ने 2018 में ही यह नियम लागू किया था, लेकिन अब तक केवल करीब 1% वाहनों में ही ये उपकरण लगाए गए हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने 2012 में दायर सर्जन एस. राजशेखरन की जनहित याचिका पर सुनवाई की। याचिका में देशभर में सड़क सुरक्षा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई थी। बिना उपकरण के नहीं मिलेगा फिटनेस सर्टिफिकेट सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि अब कोई भी सार्वजनिक परिवहन वाहन तब तक फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट नहीं पाएगा, जब तक उसमें VLTD और पैनिक बटन नहीं लगे होंगे। कोर्ट ने केंद्र सरकार को वाहन निर्माताओं के साथ बातचीत करने का निर्देश भी दिया, ताकि निर्माण के समय ही ये उपकरण लगाए जाएं। वाहनों की जानकारी वाहन (Vahan) पोर्टल से होगी लिंक बेंच ने कहा कि ट्रैकिंग डिवाइस और उनकी कार्यक्षमता को वाहन (Vahan) डेटाबेस से जोड़ा जाए, ताकि रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सके। पुराने वाहनों में भी यह सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। स्पीड कंट्रोल डिवाइस पर भी कोर्ट सख्त सुप्रीम कोर्ट ने स्पीड लिमिटिंग डिवाइस (SLD) को लेकर राज्यों की ढिलाई पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में स्पीड गवर्नर होना जरूरी है। कोर्ट ने राज्यों को अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। इसमें Vahan/Parivahan पोर्टल के आंकड़ों के साथ यह बताना होगा कि कितने वाहनों में स्पीड कंट्रोल डिवाइस लगाए गए हैं। रोड सेफ्टी बोर्ड नहीं बनने पर नाराजगी कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले के आदेशों के बावजूद अब तक रोड सेफ्टी बोर्ड का गठन नहीं किया गया है। इस पर नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार को अंतिम मौका दिया गया और कहा गया कि तीन महीने के भीतर बोर्ड का गठन किया जाए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Supreme Court accidents lack of lane driving on roads vehicle location tracking devices

Supreme Court accidents lack of lane driving on roads vehicle location tracking devices

Hindi News National Supreme Court Accidents Lack Of Lane Driving On Roads Vehicle Location Tracking Devices 7 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देश में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर कहा कि भारत में लेन ड्राइविंग का कोई कॉन्सेप्ट ही नहीं है। यही दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहा है। कोर्ट ने सड़क सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्देश भी जारी किए। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट गाड़ियों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस (VLTD) और इमरजेंसी पैनिक बटन अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। कोर्ट ने कहा कि ये उपकरण खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। केंद्र सरकार ने 2018 में ही यह नियम लागू किया था, लेकिन अब तक केवल करीब 1% वाहनों में ही ये उपकरण लगाए गए हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने 2012 में दायर सर्जन एस. राजशेखरन की जनहित याचिका पर सुनवाई की। याचिका में देशभर में सड़क सुरक्षा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई थी। बिना डिवाइस फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब कोई भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट गाड़ी तब तक फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट नहीं पाएगा, जब तक उसमें VLTD और पैनिक बटन नहीं लगे होंगे। कोर्ट ने केंद्र सरकार को गाड़ी निर्माताओं के साथ बातचीत करने का निर्देश भी दिया, ताकि प्रोडक्शन के समय ही ये डिवाइस लगाए जाएं। बेंच ने कहा कि ट्रैकिंग डिवाइस और उनकी कार्यक्षमता को वाहन (Vahan) डेटाबेस से जोड़ा जाए, ताकि रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सके। पुराने वाहनों में भी यह सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। स्पीड कंट्रोल डिवाइस भी जरूरी सुप्रीम कोर्ट ने स्पीड लिमिटिंग डिवाइस (SLD) को लेकर राज्यों की ढिलाई पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों में स्पीड गवर्नर होना जरूरी है। कोर्ट ने राज्यों को अगली सुनवाई तक डिटेल रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। इसमें Vahan/Parivahan पोर्टल के आंकड़ों के साथ यह बताना होगा कि कितने वाहनों में स्पीड कंट्रोल डिवाइस लगाए गए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले के आदेशों के बावजूद अब तक रोड सेफ्टी बोर्ड का गठन नहीं किया गया है। इस पर नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार को अंतिम मौका दिया गया और कहा गया कि तीन महीने के भीतर बोर्ड का गठन किया जाए। लेन ड्राइविंग के बारे में जानें… सड़क पर बनी सफेद या पीली लाइनों के बीच गाड़ी चलाना ही लेन ड्राइविंग है। हर वाहन को अपनी तय लेन में चलना चाहिए। बिना जरूरत लेन बदलना खतरनाक माना जाता है। लेन ड्राइविंग में गाड़ी चलाने का फायदा… अचानक कट मारने की घटनाएं कम होती हैं। ओवरटेक सुरक्षित तरीके से होता है। ट्रैफिक जाम कम लगता है। हाईवे पर गाड़ी पर कंट्रोल बेहतर रहता है। सड़क हादसों का खतरा कम होता है। सड़क पर लेन पहचानें… सफेद टूटी लाइन → लेन बदल सकते हैं। लगातार सफेद लाइन → लेन बदलना मना। पीली लाइन → दो तरफ के ट्रैफिक को अलग करती है। जेब्रा क्रॉसिंग → पैदल यात्रियों के लिए रास्ता। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एक्सप्रेसवे खतरे का गलियारा नहीं बनने चाहिए, इन सड़कों पर भारी वाहन पार्किंग न हो सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए पूरे देश में कई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों एक्सप्रेसवे जैसी सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक भी शामिल है। कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक सुस्ती या इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों के कारण एक्सप्रेसवे खतरे का गलियारा नहीं बनने चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Airforce Common Admission Test 2026 Notification Out

Airforce Common Admission Test 2026 Notification Out

Hindi News Career Airforce Common Admission Test 2026 Notification Out | Govt Jobs 16 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट 2026 का नोटिफिकेशन जारी होने की। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 20 मई से होगी। यूपी में गन्ना पर्यवेक्षक की 1182 वैकेंसी। साथ में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में 205 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. AFCAT 2026 का नोटिफिकेशन जारी; 20 मई से शुरू आवेदन भारतीय वायुसेना ने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 20 मई से होगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट afcat.cdac.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्राउंड ड्यूटी टेक्निकल ब्रांच : 60% अंकों के साथ एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स) की डिग्री। फ्लाइंग ब्रांच : 50% अंकों के साथ 12वीं पास (मैथमेटिक्स और फिजिक्स) या 60% अंकों के साथ तीन वर्षीय ग्रेजुएशन की डिग्री या 60% अंकों के साथ बीई, बीटेक की डिग्री एज लिमिट : आयु की गणना 01 जुलाई, 2027 के आधार पर की जाएगी। ग्राउंड ड्यूटी टेक्निकल, नॉन-टेक्निकल ब्रांच : न्यूनतम : 20 साल अधिकतम : 26 साल फीस : जो उम्मीदवार एनसीसी स्पेशल एंट्री और गेट परीक्षा के जरिये आवेदन कर रहे हैं, उनसे फीस नहीं ली जाएगी। अन्य : 550 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम एसएसबी इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम सैलरी : रैंक पे स्केल फ्लाइंग ऑफिसर 56,100 – 1,77,500 रुपए प्रतिमाह फ्लाइट लेफ्टिनेंट 6,13,00-1,93,900 रुपए प्रतिमाह विंग कमांडर 1,21,200 – 2,12400 रुपए प्रतिमाह ग्रुप कैप्टन 1,30,600-2, 15,900 रुपए प्रतिमाह एयर कमोडोर 1,39,600-2,17,600 रुपए प्रतिमाह एयर वाइस मार्शल . 1,44,200-2,18,200 रुपए प्रतिमाह एयर मार्शल HAG स्केल 1, 82, 200-2,24,100 रुपए प्रतिमाह HAG + स्केल 2,05,400 – 2,24,400 रुपए प्रतिमाह VACS/एयरफोर्स कैडर/ एयर मार्शल (NFSG) 2,25,000 रुपए प्रतिमाह CAS 2,50,000 रुपए प्रतिमाह स्क्वाड्रन लीडर 6,94,00 – 2,07,200 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : एग्जाम का नाम निगेटिव मार्किंग सब्जेक्ट मार्क्स टाइम लिमिट AFCAT 2 Exam 2026 1 अंक काटा जाएगा। जनरल अवेयरनेस वर्बल एबिलिटी इन इंग्लिश न्यूमेरिकल एबिलिटी रीजनिंग एवं मिलिट्री एप्टीट्यूड टेस्ट अधिकतम अंक : 300 ड्यूरेशन : 2 घंटे सिलेबस : इंग्लिश : comprehension cloze test synonyms and antonyms idioms and phrases Error spotting जनरल नॉलेज : इंडियन हिस्ट्री पॉलिटी इकोनॉमिक्स जियोग्राफी फिजिक्स केमेस्ट्री बायोलॉजी करेंट अफेयर्स रीजनिंग : सीरिज वेन डायग्राम सिलॉजिस्म ब्लड रिलेशन नॉन वर्बल क्वेश्चन वर्बल रीजनिंग मिलिट्री एप्टीट्यूड क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड : नंबर सिस्टम एचसीएफ एलसीएम टाइम डिस्टेंस एंड स्पीड टाइम एंड वर्क रेशो एंड प्रपॉर्शन पर्सेंटेज एवरेज सिंपल इनटरेस्ट एंड कंपाउंड इनटरेस्ट पाइप्स एंड सिस्टर्न ऐसे करें आवेदन : AFCAT की वेबसाइट afcat.cdac.in पर जाएं। होम पेज पर दिख रहे IAF AFCAT 2 2024 लिंक पर क्लिक करें। फॉर्म में मांगी गई जानकारियां भरें। सभी डॉक्यूमेंट्स स्कैन करके अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट कर दें। फॉर्म का प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. यूपी में गन्ना पर्यवेक्षक के 1182 पदों पर भर्ती, फीस 25 रुपए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊ ने गन्ना पर्यवेक्षक भर्ती 2026 का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में करेक्शन 4 अगस्त 2026 तक किए जा सकेंगे। वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी पदों की संख्या जनरल सिलेक्शन 1000 स्पेशल सिलेक्शन 182 कुल पदों की संख्या 1182 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : यूपी पीईटी 2025 परीक्षा पास होना चाहिए। एग्रीकल्चर साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री। DOEACC/NIELIT द्वारा जारी सीसीसी प्रमाणपत्र जरूरी है। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 40 साल आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : पीईटी 2025 स्कोर बेस्ड शॉर्टलिस्टिंग मेन्स रिटन एग्जाम फाइनल मेरिट लिस्ट सैलरी : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। एग्जाम पैटर्न : पार्ट सब्जेक्ट टोटल क्वेश्चन मार्क्स ड्यूरेशन पार्ट – ए क्रॉप साइंस 25 25 टोटल 2 घंटे बायोटेक्नोलॉजी, प्लांट ब्रीडिंग एंड क्रॉप फिजियोलॉजी 10 10 सॉइल एंड वाटर मैनेजमेंट 15 15 एनिमल हसबैंडरी एंड डेयरी साइंस 5 5 एग्रीकल्चर एक्सटेंशन 5 5 एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स एंड प्लानिंग 5 5 पार्ट – बी जनरल इंफॉर्मेशन रिलेटेड टू उत्तरप्रदेश 20 20 पार्ट – सी कॉन्सेप्ट ऑफ कंप्यूटर एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी 15 15 टोटल 100 100 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं। होम पेज पर दिए गए वन टाइम रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करें। पीईटी – 2025 रजिस्ट्रेशन नंबर और ओटीपी का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन करें। मांगे गए डाक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट कर दें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 3. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स में 205 भर्ती, 28 मई से शुरू इंटरव्यू हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की ओर से ट्रेड अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती निकली है। यह भर्ती बालानगर, हैदराबाद स्थित एवियोनिक्स डिवीजन में की जाएगी। इसमें चयन वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए होगा। वॉक-इन इंटरव्यू 28 मई 2026 (गुरुवार) से शुरू होगा। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट hal-india.co.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों की योग्यता सूची 26 जून 2026 को HAL की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को 17 जुलाई 2026 को रिपोर्ट करने या ज्वाइन करने के लिए बुलाया जाएगा। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या फिटर 60 इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक 60 इलेक्ट्रीशियन 10 मशीनिस्ट 6 टर्नर 6 वेल्डर 3 रेफ्रिजरेशन एंड एसी 2 COPA 40 प्लंबर 2 पेंटर 6 डीजल मैकेनिक 1 मोटर व्हीकल मैकेनिक 1 ड्राफ्ट्समैन (सिविल, मैकेनिक) 4 इलेक्ट्रो प्लेटर 4 इंटरव्यू शेड्यूल : तारीख ट्रेड का नाम रिपोर्टिंग समय 28 मई 2026 इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, डीजल मैकेनिक सुबह 9:00 बजे 28 मई 2026 फिटर, प्लंबर, पेंटर दोपहर 1:00 बजे 29 मई 2026 सीओपीए (COPA), मोटर वाहन मैकेनिक सुबह 9:00 बजे 29 मई 2026 इलेक्ट्रीशियन, ड्राफ्ट्समैन – मैकेनिकल दोपहर 1:00 बजे 29 मई 2026 मशीनिस्ट, रेफ्रिजरेशन, एसी, टर्नर सुबह 9:00 बजे 1 जून 2026 ड्राफ्ट्समैन – सिविल, वेल्डर, इलेक्ट्रोप्लेटर दोपहर 1:00 बजे एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : NCVT द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से आईटीआई की डिग्री। एज लिमिट : जारी नहीं सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट बेसिस पर स्टाइपेंड : अप्रेंटिसशिप नियमों के अनुसार

गर्मी में बार-बार गला सूखना, नॉर्मल या किस बीमारी का संकेत? ENT एक्सपर्ट ने दी ये चेतावनी

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Last Updated:May 13, 2026, 19:30 IST Frequent Dry Throats Causes: अगर गला सूखने की समस्या बार-बार हो रही है और लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए. ये सिर्फ गर्मी का साइड इफेक्ट नहीं होता है, बल्कि गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है. ख़बरें फटाफट गर्मी के मौसम में ज्यादा प्यास लगना और गला सूखना आम बात होती है. दरअसल, ऐसा तेज धूप और गर्म हवाओं के प्रभाव से होता है, जिसमें से शरीर जल्दी पानी खोने लगता है. लेकिन अगर आपका गला बार-बार सूख रहा है और पानी पीने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर में कंसल्टेंट, डॉक्टर राजेश भारद्वाज बताते हैं कि गला सूखना कई बार सिर्फ गर्मी का असर होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह शरीर में चल रही किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. इसलिए लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है. बार-बार गला सूखने का कारण गर्मी का साइड इफेक्टगर्मियों में शरीर से बहुत ज्यादा पसीना निकलता है. पसीने के साथ शरीर का पानी और जरूरी मिनरल्स भी कम होने लगते हैं. जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. इसका सबसे आम संकेत गला और मुंह सूखना होता है. इसके अलावा व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द और थकान जैसी परेशानियां भी महसूस हो सकती हैं. कई लोगों को बार-बार पानी पीने की इच्छा होती है, लेकिन फिर भी राहत नहीं मिलती. ऐसी स्थिति में शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी होता है. इसके लिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना चाहिए। साथ ही नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, जूस और दूसरे तरल पदार्थ भी लेने चाहिए. डायबिटीज का संकेतबार-बार गला सूखना डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी का संकेत भी हो सकता है. जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो व्यक्ति को ज्यादा प्यास लगने लगती ह. इसके साथ बार-बार पेशाब आना, जल्दी थक जाना और अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. अगर किसी व्यक्ति को ये समस्याएं लगातार महसूस हो रही हैं, तो उसे डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए. समय रहते शुगर की पहचान होने से बीमारी को कंट्रोल करना आसान हो जाता है. थायराइड बढ़ने का असर थायरॉइड की बीमारी होने पर भी कई लोगों को यह परेशानी होती है. थायरॉइड लार ग्रंथियों के कामकाज को प्रभावित करता है, जो लार उत्पादन को कंट्रोल करती हैं. जब ये ग्रंथियां खराब हो जाती हैं, तो वे पर्याप्त लार नहीं बना पातीं, जिससे सूखे और फटे होंठ, बोलने और निगलने में कठिनाई जैसी समस्याएं होने लगती है. ये भी हैं कारणकुछ लोगों का गला इसलिए भी सूखता है क्योंकि वे मुंह से सांस लेते हैं. यह समस्या खासकर उन लोगों में ज्यादा होती है जिन्हें खर्राटे आते हैं या नाक बंद रहने की परेशानी रहती है. रात में एसी में सोने से भी कई बार सुबह उठने पर गला सूखा महसूस होता है. इसके अलावा एलर्जी, ज्यादा कैफीन का सेवन, धूम्रपान और स्ट्रेस के कारण भी ऐसा हो सकता है. अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो ईएनटी यानी कान, नाक और गला विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

जैसे ही कांग्रेस ने केरल में मुख्यमंत्री का चेहरा तय किया, सतीसन, चेन्निथला के घरों के बाहर समर्थक जमा हो गए भारत समाचार

Trump received a red carpet welcome by China at Beijing airport.

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 19:17 IST दोनों नेता शीर्ष पद के लिए दावा करने वालों में सबसे आगे हैं, जिससे पार्टी के भीतर आंतरिक प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के आवास पर जुटे समर्थक। (स्क्रीन हड़पना) बुधवार को परवूर में वीडी सतीसन के कार्यालय के बाहर समर्थक बड़ी संख्या में एकत्र हुए, जबकि तिरुवनंतपुरम में रमेश चेन्निथला के आवास के बाहर भी इसी तरह के दृश्य सामने आए, क्योंकि कांग्रेस अपने केरल के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने के करीब पहुंच गई थी। दोनों नेता शीर्ष पद के लिए दावा करने वालों में सबसे आगे हैं, जिससे पार्टी के भीतर आंतरिक प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। वीडियो | तिरुवनंतपुरम, केरल: समर्थक कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के आवास पर एकत्र हुए क्योंकि पार्टी आलाकमान केरल के मुख्यमंत्री पर अपने फैसले की घोषणा करने की तैयारी कर रहा है। pic.twitter.com/0sJJQlSLlz– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 13 मई 2026 कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं के आवास के बाहर एकत्र हुए लोगों में कई समर्थक विधायक भी शामिल थे। स्थानों के दृश्यों में दोनों नेताओं के समर्थन में बड़ी भीड़ जमा होती दिख रही है। #घड़ी | कोच्चि, केरलम | परवूर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विजेता उम्मीदवार वीडी सतीसन के समर्थक कोच्चि में उनके आवास पर इकट्ठा हुए हैं क्योंकि केरल के सीएम चेहरे का फैसला करने के लिए दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान की बैठकें चल रही हैं। pic.twitter.com/a2RdR28ebL– एएनआई (@ANI) 13 मई 2026 केरल विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की निर्णायक जीत के 10 दिन बाद भी कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के चयन पर जारी अनिश्चितता के बीच समर्थन का यह प्रदर्शन सामने आया है। कई दौर की मंत्रणा के बावजूद नेतृत्व अब तक किसी नाम को अंतिम रूप देने में विफल रहा है। इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ अंतिम दौर की चर्चा की, यह बैठक लगभग 40 मिनट तक चली। बातचीत के बाद कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया कि बुधवार रात तक कोई फैसला हो सकता है. दौड़ कई प्रमुख दावेदारों तक सीमित हो गई है, जिनमें निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता सतीसन, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल शामिल हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्हें विधायकों के एक वर्ग से महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त है। पार्टी कार्यकर्ताओं के जमीनी स्तर के दबाव ने भी निर्णय में देरी करने में भूमिका निभाई है, विभिन्न नेताओं के समर्थक खुले तौर पर पूरे केरल में उनके पक्ष में लामबंद हो रहे हैं। यूडीएफ के भीतर सहयोगी कथित तौर पर सतीसन का समर्थन कर रहे हैं, जिन्हें जमीन पर कैडरों के बीच भी मजबूत समर्थन प्राप्त है। नई सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर अंतिम निर्णय लेने से पहले राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के लिए कांग्रेस आलाकमान राज्य के नेताओं और पूर्व राज्य इकाई प्रमुखों के साथ लगातार परामर्श कर रहा है। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया जैसे ही कांग्रेस ने केरल में मुख्यमंत्री का चेहरा तय किया, सतीसन, चेन्निथला के घरों के बाहर समर्थक जमा हो गए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार(टी)वीडी सतीसन(टी)रमेश चेन्निथला(टी)केरल कांग्रेस नेतृत्व(टी)कांग्रेस की आंतरिक प्रतिस्पर्धा(टी)केरल की राजनीति(टी)मुख्यमंत्री पद की दौड़(टी)परवूर समर्थक

RPSC Assistant Professor Recruitment Hike

RPSC Assistant Professor Recruitment Hike

सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग) भर्ती- 2025 अंतर्गत पूर्व में विज्ञापित पदों की संख्या में बढोतरी कर दी गई है। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से विभाग द्वारा वृद्धि किए जाने के बाद संशोधन किया है। . पूर्व में 30 विभिन्न विषयों में सहायक आचार्य के कुल 574 पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। अब ये भर्ती 922 पदों पर होगी। इन पदों का संशोधित वर्गवार वर्गीकरण शुद्धि पत्र जारी कर दिया गया है। पदों की डिटेल जानकारी के लिए करें यहां क्लिक ………. पढें ये खबर भी… एसआई भर्ती-2021, आरोपी कैंडिडेट्स नहीं कर सकेंगे एप्लीकेशन अपडेट:RPSC करेगी हर प्रकरण पर निर्णय; परीक्षा से पहले अलग से दी जाएगी सूचना राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 20 सिंतबर 2026 को आयोजित होने वाली एसआई भर्ती परीक्षा -2021 में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट और अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़ गए कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन अपडेट करने का अवसर नहीं दिया जाएगा। पूरी खबर पढें

अमूल दूध 2 रुपए महंगा हुआ:अब ताजा ₹57, गोल्ड ₹70 प्रति लीटर मिलेगा, नई कीमतें कल से लागू होंगी

अमूल दूध 2 रुपए महंगा हुआ:अब ताजा ₹57, गोल्ड ₹70 प्रति लीटर मिलेगा, नई कीमतें कल से लागू होंगी

अमूल ने बुधवार को दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर दी है। नए दाम गुरुवार (14 मई) से लागू होंगे। गुजरात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मुताबिक, अमूल दूध के प्रमुख वेरिएंट और पैक पर कीमतें बढ़ाई गई हैं। कंपनी का कहना है कि यह बढ़ोतरी 2.5% से 3.5% के बीच है। मई 2025 के बाद पहली बार दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। पशु आहार, पैकेजिंग और ईंधन की लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया। को-ऑपरेटिव के मुताबिक, दूध के उत्पादन और ऑपरेशनल खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पशु चारे की बढ़ती कीमत और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने की वजह से समय-समय पर दूध की कीमतों में बदलाव करना पड़ता है। पिछले कुछ सालों में डेयरी इंडस्ट्री पर इनपुट कॉस्ट का दबाव काफी बढ़ गया है। मई 2025 में 2 रुपए प्रति लीटर बढ़े थे दाम इससे पहले 1 मई 2025 को गुजरात और अन्य राज्यों में सभी प्रकार के अमूल दूध की कीमत में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं इससे पहले 4 जून 2024 को भी सभी वेरिएंट के दाम बढ़ाए गए थे, तब भी दाम में 2 रुपए प्रति लीटर तक की ही बढ़ोतरी की गई थी। अमूल का मॉडल तीन लेवल पर काम करता है: 1. डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी 2. डिस्ट्रिक्ट मिल्क यूनियन 3. स्टेट मिल्क फेडरेशन लाखों लीटर दूध कैसे इकट्ठा होता है? अमूल से जुड़े अन्य तथ्य

अमूल दूध 2 रुपए महंगा हुआ:गोल्ड 70 रुपए और फ्रेश 57 रुपए प्रति लीटर मिलेगा, नई कीमतें कल से लागू होंगी

अमूल दूध 2 रुपए महंगा हुआ:गोल्ड 70 रुपए और फ्रेश 57 रुपए प्रति लीटर मिलेगा, नई कीमतें कल से लागू होंगी

अमूल दूध के दाम 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ा दिए गए हैं। गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने कहा है कि अमूल गोल्ड, अमूल शक्ति और अमूल फ्रेश यानी ताजा की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। दूध की नई कीमतें कल (गुरुवार) सुबह से लागू होंगी। दूध के किस पैकेट की कितनी कीमत बढ़ी

कटहल आम का मिक्स अचार रेसिपी: गरमा गरम किचन में देखने पर क्या आता है आलस? घर में कटहल-आम का मिक्स अचार, सब्जी खाना जायेंगे भूल

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 250 कच्ची ग्राम कटहल, 2 बड़ी काली मिर्च, 1 बड़ा काली मिर्च पाउडर, 1 छोटी काली मिर्च पाउडर, 2 बड़ी काली मिर्च पाउडर, 1 बड़ी काली मिर्च पाउडर, 1 छोटी चम्मच मेथी दाना, 1 छोटी काली मिर्च कलौंजी छवि: फ्रीपिक 1 छोटा चम्मच तेल, आधा छोटा चम्मच तेल, 1 कप छोटा चम्मच तेल। बता दें कि यह अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता और दाल-चावल, पराठे या साधारण रोटी के साथ भी खाने का मजा डबल कर देता है। छवि: फ्रीपिक अचार बनाने की आसान विधि: सबसे पहले कटहल को छोटी-छोटी कसरत में काट लें। अब कच्चे आम को भी ढोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। ध्यान रखें कि दोनों में पानी बिल्कुल न रहे, बाकी अचार जल्दी खराब हो सकते हैं। छवि: एआई अब कटहल में एक बड़ा पोज़िशन और आम मिलाप। नमक और हल्दी करीब 2 से 3 घंटे के लिए रखें। इससे कटहल लिटिल नर हो जाएगा और आम का पानी भी निकल जाएगा। छवि: फ्रीपिक इसके बाद एक पैन में सौंफ, मेथी, राई और को एक पैन सा भून लें। ठंडा होने पर उदाहरण दारारा पीस लें। अब कटहल और आम में लाल मिर्च, भुने हुए टुकड़े और हिंग मॉड्यूल अच्छी तरह से मिक्स करें। छवि: एआई ऊपर से जैतून का तेल गर्म करके ठंडा करें और अचार में मिलायें। अब इस आचार्य को साफ और आकर्षक कांच के जार में भर दें। 3 से 4 दिन तक धूप। बीच-बीच में मछली से शौकीन रहना। छवि: एआई कुछ ही दिनों में स्वादिष्ट कटहल-आम का मिक्स अचार तैयार हो जाएगा। अचार में बिल्कुल भी पानी नहीं डालना चाहिए। हमेशा मछली और सासा का उपयोग करें। छवि: एआई सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म करके ठंडा करने के बाद ही डालें। धूप से अचार का स्वाद और भी बढ़ जाता है। छवि: फ्रीपिक कटहल-आम का यह मिक्स अचार इतना टेस्टी लगता है कि लोग बार-बार मांगकर खाएंगे। अगर गर्म में रोज-रोज सब्जी बनाने का मन नहीं है, तो यह अचार आपकी थाली का स्वाद आसानी से बढ़ा सकता है. छवि: एआई